उत्तराखंड कांग्रेस के दिग्गज नेता हरक सिंह रावत की पुत्रवधु अनुकृति गुसाईं ने आज भाजपा का दामन थाम लिया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई। अनुकृति के साथ उनके कई समर्थकों ने भी भाजपा ज्वाइन की।
बता दें कि उन्होंने लोकसभा चुनाव से पहले ही कांग्रेस से इस्तीफा दिया था। चुनाव प्रचार के दाैरान अनुकृति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों का समर्थन किया था। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा था कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ही देश विश्व की तीसरी महाशक्ति बन सकता है। मैंने हमेशा उत्तराखंड को विकसित राज्य बनने का सपना देखा। ये सपना मोदीजी के नेतृत्व में साकार हो सकता है। तब से कयास लगाए जा रहे थे कि वह जल्द ही भाजपा में शामि हो सकती हैं। वहीं, आज उन्होंने देहरादून में भाजपा प्रदेश कार्यालय में पार्टी की सदस्यता ली।
हल्द्वानी में गर्मी बढ़ने और गौला का जलस्तर कम होने का असर अब शहर में भी दिखने लगा है। गौला की पेयजल लाइन वाले कई इलाकों में पानी का संकट गहरा गया है। बारिश नहीं होने से गौला का जलस्तर 99 क्यूसेक पहुंच गया है, जबकि मार्च में बारिश होने के बाद जलस्तर 200 क्यूसेक पहुंच गया था। लगातार जलस्तर घटने से अब नहरों और फिल्टर प्लांट को पर्याप्त पानी नहीं मिल सकेगा।
प्रदेश में मतदान के दिन दिव्यांग और वृद्ध मतदाताओं की पोलिंग बूथों पर 14,032 स्वयंसेवक सहायता करेंगे। राज्य नोडल अधिकारी दिव्यांगजन गीताराम नौटियाल के मुताबिक, दिव्यांग और वृद्ध मतदाताओं की सहायता के उद्देश्य से राज्य में पहली बार बड़े स्तर पर बूथ वार संसाधनों की मैपिंग की गई है।
बताया, 80,335 दिव्यांग और 85 से अधिक आयु के 65,150 वृद्ध मतदाताओं को चिह्नित किया गया है। राज्य नोडल अधिकारी ने बताया, मतदान के दिन मतदाताओं को अधिक से अधिक सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से 1,344 व्हील चेयर, 1,623 डोलियां, 95 ब्लाइंड स्टिक का बूथवार मैप किया गया है। आवागमन के लिए 208 वाहन राज्यभर में तैनात किए जाएंगे।
बताया, राज्य में 51,100 दिव्यांगजनों ने सक्षम एप को अपने मोबाइल पर डाउनलोड किया है। उन्होंने यह भी बताया, राज्य की हर विधानसभा में एक-एक दिव्यांग बूथ तैयार करने के साथ ही हर जिले में एक आदर्श दिव्यांग बूथ तैयार किया जा रहा है। जहां हेल्प डेस्क, रैंप, व्हील चेयर और सुविधा डेस्क बनाई जाएगी। इन बूथों को मतदाताओं के लिए आकर्षक बनाने का काम किया जा रहा है।
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि, प्रदेश में मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए होटल एसोसिएशन ने 20 अप्रैल को होटल और रेस्टोरेंट में आने वाले ग्राहकों को 20 प्रतिशत छूट देने का प्रस्ताव दिया है। जल्द ही एसोसिएशन के साथ वार्ता करने के बाद मानकों के अनुसार इसकी जानकारी जारी की जाएगी।
उन्होंने कहा, इस प्रस्ताव पर एसोसिएशन के साथ वार्ता होगी। मानकों के अनुरूप इस पर निर्णय लिया जाएगा। बताया, चुनाव ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों को आपातकालीन स्थिति में मेडिकल इमरजेंसी के लिए राज्य में दो हेलीकॉप्टर तैनात किए जाएंगे। मतदान दलों के प्रस्थान से लेकर मतदान दलों की वापसी तक ये हेलिकॉप्टर उपलब्ध रहेंगे। किसी भी आपातकालीन स्थिति में इनका प्रयोग किया जा सकता है।
उत्तराखंड में कांग्रेस को एक और बड़ा झटका लगा है। रुदपुर में जिला पंचायत अध्यक्ष रेनू गंगवार और उनके पति ओबीसी विंग के राष्ट्रीय सह समन्वयक सुरेश गंगवार ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने पार्टी पर उपेक्षा का आरोप लगाया है।
लोकसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस समेत सभी राजनीतिक पार्टियां महिलाओं के अधिक से अधिक वोट लेने को जितने बेताब दिख रहे हैं, उनकी वैसी इच्छा या बेताबी उन्हें टिकट देने में नहीं दिखाई देती है। उत्तराखंड राज्य में कुल मतदाताओं में 48 फीसदी महिला वोटर्स हैं, जो किसी को भी हराने या जिताने का पूरा दमखम रखती हैं, लेकिन राज्य की सभी पांच लोकसभा सीटों पर 55 प्रत्याशियों में से केवल चार ही महिलाएं हैं।
सामाजिक और पर्यावरणीय सरोकारों से जुड़े आंदोलनों में उनकी सक्रिय भागीदारी रही। इस कारण वे राजनीतिक मुद्दों की भी समझ रखती हैं। राज्य की 50 फीसदी पंचायतों का प्रतिनिधित्व महिलाओं के हाथों में है और वे कुशलतापूर्वक अपने दायित्व का निर्वहन कर रहीं हैं। लेकिन विधायिका के मोर्चे पर अपनी क्षमताओं और योग्यता के मामले में अभी वे राजनीतिक दलों में भरोसा नहीं बना पाई हैं। यही कारण है कि महिलाओं को बराबरी का हक देने का नारा बुलंद करने वाले राजनीतिक दल भी उन्हें प्रत्याशी बनाने से हिचक रहे हैं। इसकी तस्दीक लोकसभा सीटों पर उतरे प्रत्याशियों से हो रही है।
लोकसभा चुनाव आते ही सभी पार्टियों ने लोगों से वादों की झड़ी लगानी शुरू कर दी है। कांग्रेस ने भी चुनावी रैलियों में लोगों से कई तरह के वादे किए हैं। इस बीच कांग्रेस ने आज अपना घोषणापत्र भी जारी कर दिया है। कांग्रेस ने इस घोषणा पत्र को न्याय पत्र नाम दिया गया है।
10 न्याय और 25 गारंटियों का किया वादा-
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पार्टी नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने आज घोषणा पत्र जारी किया। घोषणापत्र में पार्टी ने 10 न्याय और 25 गारंटियों का वादा किया है।
गरीब लड़कियों को 1 लाख की मदद, आरक्षण पर भी गारंटी-
- कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में गरीब लड़कियों को 1 लाख रुपये सालाना मदद देने की घोषणा की है।
- इसके साथ ही देश में आरक्षण की सीमा 50 फीसद से बढ़ाने का वादा किया गया है।
- घोषणा पत्र में कहा गया है कि केंद्र की सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए 50 फीसद तक आरक्षण की व्यवस्था की जाएगी।
- युवाओं के लिए पहली नौकरी पक्की देने का वादा किया गया है।
10 न्याय का वादा-
कांग्रेस ने 10 न्याय का वादा किया है। इसमें हिस्सेदारी न्याय, युवा न्याय, नारी न्याय, किसान न्याय, श्रमिक न्याय, संवैधानिक न्याय, आर्थिक न्याय, राज्य न्याय, रक्षा न्याय, पर्यावरण न्याय शामिल है।
चिदंबरम बोले- हमारा नौकरियों पर ही ध्यान-
कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने घोषणा पत्र जारी किए जाने के बाद भाजपा पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश में महंगाई बढ़ रही है और नौकरियों में इजाफा नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि हम वादा करते हैं कि देश में रोजगार के अवसर बढ़ाने में कदम उठाएंगे।
चंपावत में हादसा: 14 मकान और 3 जानवर जले, 2 मकानों में सो रहे थे चार लोग; 4 सिलिंडर फटने से बढ़ी आग.
पाटी के रौलामेल ग्राम पंचायत के लड़ा गांव में आग लगने से दो मंजिला बाखली जलकर नष्ट हो गई। 14 मकानों की बाखली में लगी आग से लाखों का नुकसान हो गया। स्थानीय लोगों, पुलिस और राजस्व विभाग की टीम ने मकान के भीतर सो रहे चार लोगों और एक मवेशी को किसी तरह सुरक्षित बाहर निकाला जबकि तीन मवेशियों की झुलसकर मौत हो गई। फिलहाल आग के कारणों का पता नहीं चल पाया है।
जानकारी के अनुसार पाटी के रौलमेल ग्राम पंचायत के लड़ा गांव में बुधवार रात करीब 10:25 में अचानक आग लग गई। हवा चलने के कारण और मकान में लगी आग अगल-बगल सटे 14 और मकानों तक पहुंच गई। गांव के चंदन सिंह और भैरव दत्त ने आग की विकरालता को देखकर सूचना पुलिस और राजस्व विभाग की टीम को दी। मौके पर पहुंचे राजस्व विभाग, पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने बचाव कार्य शुरू किया।
किसी तरह मकान के अंदर सो रहीं हीरा देवी, राधिका देवी, प्रीति और भुवन चंद्र को हो हल्ला कर सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके बाद आग बुझाने का कार्य शुरू किया। पीड़ित परिवारों के कपड़े, बिस्तर, खाद्य सामग्री और कई जरूरी सामान जलकर नष्ट हो गया। राजस्व उपनिरीक्षक जगदीश कुमार ने बताया कि आग लगने से सभी घरों में रखे सोने-चांदी के जेवरों और नकदी सहित 10 लाख से अधिक का नुकसान हो गया है। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। आगे बुझाने में तहसीलदार बलवंत सिंह खड़ायत, भीमा सिंह, एसआई देवेंद्र बिष्ट, हेड कांस्टेबल दीपक कुमार, प्रमोद भट्ट, मोहित मिश्रा, राजू कार्की आदि शामिल रहे। पीड़ित परिवारों ने गांव के अन्य घरों में शरण ले रखी है।
सिलिंडर फटने के बाद आग ने लिया भीषण रूप-
घटना के दौरान मकानों में रखे चार रसोई गैस सिलिंडर फटने के बाद आग ने भीषण रूप ले लिया। बद्रीदत्त के घर में एक और भुवन चंद्र के घर रखे दो सिलिंडरों जब फटे तो आग बुझा रहे लोग कुछ देर के लिए घटना स्थल से दूर भाग गए। गनीमत रही कि किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। गांव में बद्रीदत्त और भुवन चंद्र का परिवार रहता है। घटना के समय बद्रीदत्त के घर में उनकी बहू प्रीति और गांव की हीरा देवी सो रही थीं। बद्रीदत काम से खटीमा गए हुए थे जबकि भुवन चंद्र के मकान में उनकी मां राधिका देवी और वह खुद सोए हुए थे।
एक मकान की आग बुझाने के लिए भी नहीं था पानी-
स्थानीय लोगों का कहना है कि दमकल वाहन में एक मकान की आग बुझाने के लिए भी पानी नहीं था। फायर ब्रिगेड का पानी जल्द खत्म हो गया। आसपास कोई स्रोत भी नहीं था कि जहां से पानी लाया जा सके। किसी तरह कड़ी मशक्कत के बाद आग को बुझाया गया। इस कारण सुबह होने तक आग पर काबू पाया जा सका। हालांकि बृहस्पतिवार को भी मकानों से धुआं निकलने में था। फायर ब्रिगेड को घटनास्थल तक पहुंचने में भी काफी समय लगा।
आम आदमी पार्टी (आप) के नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह को आखिरकार दिल्ली के कथित शराब घोटाले से जुड़े धन शोधन मामले में जमानत मिल गई। वह करीब पिछले छह महीनों से जेल में बंद थे। संजय सिंह को जमानत मिलने के बाद उनकी पत्नी अनीता सिंह का बयान चर्चा में है। उन्होंने कहा है कि हम सभी अभी खुशी नहीं मनाएंगे। आइए जानते हैं उन्होंने ऐसा क्यों कहा है।
अनीता सिंह से जब संजय सिंह के जेल से बाहर आने के बाद पूछा गया कि कितनी खुशी है तो उन्होंने कहा कि अभी खुशी हमारी अधूरी है। अभी हमारी लड़ाई बहुत लंबी है, क्योंकि हमारे तीन बड़े भाई, अरविंद केजरीवाल, सत्येंद्र जैन और मनीष सिसोदिया अभी जेल में हैं। जब तक हमारे तीनों भाई जेल से बाहर नहीं आएंगे तब तक हमारी खुशी अधूरी है। साथ ही तब तक कोई जश्न नहीं मनाएंगे। हमें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। देश की जनता सब कुछ देख रही है।









