प्रदेश सरकार ने दीपावली से पहले 2.50 लाख से अधिक कर्मचारियों को 58 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता जारी करने के आदेश जारी कर दिए। कर्मचारियों को एक जुलाई से 31 अक्तूबर तक डीए का नकद भुगतान किया जाएगा।
अब तक 370 से अधिक सैंपल जांच के दायरे में
Dehradun- राज्यभर में औषधि विभाग द्वारा प्रतिबंधित कफ सिरप और निम्न गुणवत्ता की औषधियों के विरुद्ध सघन औचक निरीक्षण अभियान संचालित किया जा रहा है अभियान का नेतृत्व अपर आयुक्त (एफडीए) एवं ड्रग कंट्रोलर ताजबर सिंह जग्गी कर रहे हैं। उनके निर्देशन में सभी जिलों में औषधि निरीक्षकों की टीमें लगातार फील्ड पर सक्रिय हैं। अब तक 370 से अधिक सैंपल जांच हेतु संकलित किए जा चुके हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रामनगर, देहरादून और रुड़की में छापेमारी-
जनपद नैनीताल में 14 अक्टूबर 2025 को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने रामनगर के खताड़ी क्षेत्र में औचक निरीक्षण किया।
बच्चों की सुरक्षा और कफ सिरप की गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए की गई इस कार्रवाई में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर एक मेडिकल स्टोर को तत्काल प्रभाव से बंद कराया गया, जबकि दो स्टोरों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए और दो स्टोर मौके पर बंद मिले।
संयुक्त टीम ने एक क्लीनिक का भी निरीक्षण किया, जहां से पांच औषधीय नमूने जांच हेतु संकलित किए गए।
इस निरीक्षण में वरिष्ठ औषधि निरीक्षक मीनाक्षी बिष्ट, नीरज कुमार, औषधि निरीक्षक अर्चना, निधि शर्मा और शुभम कोटनाला शामिल रहे।
सेलाकुई की औषधि इकाइयों का निरीक्षण-
देहरादून में औषधि निरीक्षक मानेंद्र सिंह राणा के नेतृत्व में टीम ने दून मेडिकल कॉलेज के समीप स्थित मेडिकल स्टोर्स और थोक विक्रेता फर्मों का औचक निरीक्षण किया। जांच में बच्चों के लिए प्रयुक्त खांसी और सर्दी-जुकाम की दवाएं अलग कर रखी मिलीं, जिनके विक्रय पर रोक थी। टीम ने इन दवाओं को सील कर अग्रिम आदेशों तक विक्रय न करने के निर्देश दिए। साथ ही, सेलाकुई स्थित औषधि विनिर्माण इकाइयों से चार नमूने गुणवत्ता जांच हेतु संकलित किए गए।
रुड़की में सरकारी दवाओं का अवैध भंडारण पकड़ा गया-
जनपद हरिद्वार के रुड़की क्षेत्र में औषधि निरीक्षक हरीश सिंह और मेघा ने गुप्त सूचना पर ग्राम सलीयर स्थित एक प्रतिष्ठान पर छापेमारी की। यहां बिना लाइसेंस के सरकारी दवाओं का अवैध भंडारण और बिक्री करते हुए पाया गया। टीम ने मौके से 12 प्रकार की एलोपैथिक दवाएं जब्त कीं, जिनमें राजस्थान और मध्यप्रदेश सरकार की सप्लाई की गई औषधियां भी शामिल थीं। सभी दवाएं सील कर जांच हेतु भेजी गईं। आगे की कार्रवाई Drugs and Cosmetics Act, 1940 के अंतर्गत की जाएगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि बच्चों की सुरक्षा और जनस्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि दो वर्ष से कम आयु के बच्चों को किसी भी स्थिति में प्रतिबंधित सिरप न दिए जाएं।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि विभाग की कार्रवाई सतत और प्रभावी रहेगी। बच्चों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि औषधि निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य और जनसुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। अनधिकृत बिक्री, भंडारण या मिलावट में लिप्त पाए जाने वालों पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी ताकि नागरिकों को केवल सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण औषधियां ही मिल सकें।
यूकेएसएसएससी अपनी आगामी भर्ती परीक्षाओं में अब किसी स्तर पर कोई कमी नहीं चाहता। लिहाजा, जो मास्टर प्लान तैयार किया गया है, उसमें परीक्षा केंद्र से लेकर आयोग तक के हर पहलू को शामिल किया गया है। इसी कड़ी में जैमर की कमियों को लेकर अहम बैठक इसी महीने होगी।
Pantnagar- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पंतनगर विश्वविद्यालय में आयोजित 118वें अखिल भारतीय किसान मेले एवं कृषि उद्योग प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने विश्वविद्यालय की नवीन दलहनी प्रजातियों का लोकार्पण और “पंतनगर प्रवाह” पुस्तक का विमोचन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष के किसान मेले में देशभर से 400 से अधिक स्टॉल और 200 से ज्यादा स्टार्टअप्स व उद्योगों की सहभागिता रही है। यह मेला किसानों, वैज्ञानिकों और उद्यमियों के बीच ज्ञान, अनुभव और नवाचार के आदान-प्रदान का सशक्त माध्यम है।
उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक विधियों से खेती को अधिक उत्पादक, टिकाऊ और लाभकारी बनाया जा सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार किसानों को तीन लाख रुपये तक ब्याजमुक्त ऋण, कृषि उपकरणों पर 80 प्रतिशत तक सब्सिडी, तथा नहरों से मुफ्त सिंचाई जैसी सुविधाएँ प्रदान कर रही है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए 200 करोड़ रुपये के पॉलीहाउस निर्माण, गेहूं पर 20 रुपये प्रति क्विंटल बोनस और गन्ने के मूल्य में 20 रुपये की वृद्धि की गई है।
उन्होंने कहा कि राज्य में 1000 करोड़ रुपये की लागत से “उत्तराखंड क्लाइमेट रिस्पॉन्सिव रेन-फेड फार्मिंग प्रोजेक्ट” स्वीकृत किया गया है। साथ ही सेब, कीवी, मिलेट और ड्रैगन फ्रूट नीति से बागवानी को नई दिशा दी जा रही है, जिसके तहत किसानों को 80 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट को 5 लाख रुपये तक बढ़ाया है। उन्होंने कृषि वैज्ञानिकों से पारंपरिक खेती पर अनुसंधान कर आधुनिक तकनीक को किसानों तक शीघ्र पहुँचाने का आह्वान किया।
![]()
कार्यक्रम में कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि इस वर्ष मेले में 507 स्टॉल लगाए गए हैं और 20 हजार से अधिक किसानों ने प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम में विधायक शिव अरोरा, त्रिलोक सिंह चीमा, सुरेश गाड़िया, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
बाघों के आकलन को लेकर तैयारी शुरू हो गई। राजाजी टाइगर रिजर्व में कई राज्यों के वन कर्मियों को बाघ आकलन के संबंध में जानकारी दी जाएगी। बाघों के आकलन का काम व्यापक और कई स्तर पर होता है।
चारधाम यात्रा में इस बार श्रद्धालुओं की संख्या ने नया रिकॉर्ड बना लिया है। इस बार 12 अक्तूबर को बीते वर्ष पूरे यात्रा काल में दर्शन करने वाले 48.04 लाख श्रद्धालुओं का आंकड़ा पार हो गया है। जबकि यात्रा अभी जारी है। 25 नवंबर को बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने के साथ ही यात्रा अगले साल तक के लिए बंद हो जाएगी।
Nainital- हाई कोर्ट ने प्रदेश में विज्ञापित 1544 सहायक अध्यापक एलटी में चयनित करीब 1300 अभ्यर्थियों को विवादित चार मामलों को छोड़कर, अन्य अभ्यर्थियों को विभागीय नियुक्ति पत्र देने पर लगी रोक हटा दी है।
पेपर लीक मामले में मुख्य आरोपी खालिद मलिक और उसकी बहन साबिया की मंगलवार को न्यायिक हिरासत बढ़ा दी गई। दोनों को जिला अदालत में पेश किया गया, जिसके बाद 14 दिन की न्यायिक हिरासत और बढ़ा दी गई।
हैरत की बात यह है कि वह बिना पढ़े साल 2024 से 2025 के बीच नौ प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए आवेदन कर चुका था। उनमें से पांच परीक्षाओं में शामिल भी नहीं हुआ। जिन परीक्षाओं में शामिल हुआ, उनमें उसके नंबर बहुत कम आए। ये सभी तथ्य जाहिर कर रहे हैं कि खालिद बहुत समय से नकल या सांठगांठ के भरोसे प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल होने की साजिश कर रहा था। उसने नकल के लिए कब-कब और क्या प्रयास किए, एसआईटी इसी कोण पर जांच को आगे बढ़ाएगी। उसे पूछताछ के लिए कस्टडी रिमांड पर भी लिया जा सकता है।
बिना योग्यता आवेदन करना और भी अजीब-
एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि खालिद के घर की तलाशी में महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। सबसे अजीब बात यह है कि खालिद ने कुछ ऐसी परीक्षाओं के लिए भी आवेदन किया जिनकी शैक्षणिक योग्यता वह पूरी नहीं करता था। एसआईटी अब इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि जब खालिद किसी परीक्षा की तैयारी ही नहीं कर रहा था और न ही उसके पास अपेक्षित योग्यता थी, तो नौ परीक्षाओं के लिए आवेदन करने के पीछे उसकी क्या मंशा थी। इन तथ्यों के सामने आने से एसआईटी अपनी जांच का दायरा और बढ़ाएगी। पिछले दो वर्ष में उसके संपर्क खंगाले जाएंगे।
मोबाइल से मिल सकते हैं बड़े सुराग-
खालिद का एक मोबाइल अभी तक पुलिस को नहीं मिला है, जो वह परीक्षा केंद्र में लेकर गया था। पुलिस से भागने के दौरान उस मोबाइल को फॉर्मेट करके ट्रेन के कूड़ेदान में छोड़ दिया था। उसका दूूसरा मोबाइल पुलिस ने जब्त किया है, जिस पर उसने परीक्षा केंद्र से बहन साबिया को प्रश्न पत्र के तीन पन्नों के फोटो भेजे थे, लेकिन उसे भी फॉर्मेट कर दिया था। पुलिस विशेषज्ञों के जरिये जब्त मोबाइल का डाटा रिकवर करने की कोशिश कर रही है। यह डाटा मिल गया तो खालिद के दो वर्ष के संपर्क भी सामने आ जाएंगे और जांच को दिशा मिल सकेगी।
सत्यापन प्रकिया के लिए सीएम धामी ने गृह विभाग को दिए एप बनाने के निर्देश
Dehradun: उत्तराखंड में डेमोग्राफी चेंज विषयों पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने गंभीर रुख अपनाते हुए गृह विभाग की पुलिस की सत्यापन प्रकिया को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए. बाहरी राज्यों से आए लोग यहां सत्यापन प्रकिया में कोताही बरतते रहे है और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर आधार कार्ड, वोटर आई डी, राशन कार्ड बनाने में कामयाब हो रहे है जिससे उत्तराखंड की डेमोग्राफी पर असर पड़ रहा है।
गृह सचिव शैलेश बगौली को दिए दिशा निर्देशों में सीएम धामी ने कहा कि यहां आकर काम करने वाले लिए सत्यापन की प्रकिया को कड़ा किया जाए और स्थानीय पुलिस को इसके लिए आसान बनाया जाए।
मैदानी जिलों में पुलिस की व्यस्तताएं अधिक होने की वजह से सत्यापन का काम केवल अभियान तक सीमित रहा है। जब अभियान चलता है तो बहुत से लोग पकड़ में आते है। पिछले दिनों देहरादून हरिद्वार में चलाए गए अभियान में बंग्लादेशी घुसपैठियों की मौजूदगी हैरान करने वाली थी।
सरस आजीविका मेले में 1.20 करोड़ की आर्थिक गतिविधियों का लोकार्पण.
Rishikesh: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत सी.एल.एफ. हेतु 1.20 करोड़ रुपये की 12 आर्थिक गतिविधियों का लोकार्पण किया। इसके साथ ही 10 अन्य सी.एल.एफ. के लिए 1 करोड़ रुपये की प्रस्तावित आर्थिक गतिविधियों का शिलान्यास भी किया गया। मुख्यमंत्री ने मेले में ‘Rising Tehri – Physics Wala Online Coaching Class’ का शुभारंभ किया, जिससे ग्रामीण युवा अपने गांव में रहकर जेईई और नीट जैसी प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने ग्राम्य विकास विभाग और जिला प्रशासन द्वारा ‘ग्रामोत्थान परियोजना’ के तहत की गई पहलों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह मेला ग्रामीण संस्कृति, कौशल और उद्यमिता को प्रदर्शित करने का अनूठा मंच है। मेले के माध्यम से स्थानीय उत्पादों और ग्रामीण कारीगरों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने सभी से अपील की कि मेले में लगे स्टॉल से स्वदेशी उत्पाद खरीद कर ‘स्वदेशी अपनाओ’ अभियान को मजबूत करें और महिला उद्यमियों के सपनों में निवेश करें।

महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता के नए आयाम-
मुख्यमंत्री ने लखपति दीदी योजना के तहत अब तक 1.65 लाख महिलाओं को लखपति बनने का गौरव प्राप्त होने की जानकारी दी। ‘मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना’ के माध्यम से महिलाओं द्वारा 2000 से अधिक स्टॉल लगाकर 5.5 करोड़ रुपये का विपणन किया गया। ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड से स्वदेशी उत्पादों की वैश्विक पहुंच बनी।

राज्य में 68 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों में 5 लाख से अधिक महिलाएं जुड़ी हैं। महिला किसान सशक्तिकरण योजना और फार्म लाइवलीहुड के माध्यम से 3 लाख से अधिक महिला किसानों की क्षमता विकसित की गई है। 2.5 लाख किचन गार्डन स्थापित किए गए और लगभग 500 फार्म मशीनरी बैंक उपलब्ध कराए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सभी पहलों से महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और मातृशक्ति आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रही है।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, सुबोध उनियाल, स्वयं सहायता समूह के सदस्य, ग्रामीण उद्यमी और स्थानीय लोग उपस्थित रहे।








