Author: Manisha Rana

Uttarakhand: राफ्टिंग गाइडों के लिए प्राथमिक चिकित्सा का प्रशिक्षण अनिवार्य, आयु सीमा बढ़ाने पर भी सहमति.

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जनवरी से शुरू होगा राफ्टिंग गाइडों का विशेष प्रशिक्षण-

 

Dehradun: राज्य में राफ्टिंग की संभावनाओं को सुदृढ़, सुरक्षित एवं व्यवस्थित करने के उद्देश्य से 22 दिसंबर 2025 को पर्यटन सचिव एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी धीराज सिंह गब्र्याल की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में राफ्टिंग एसोसिएशन, राफ्टिंग गाइड एसोसिएशन, राफ्टिंग तकनीकी एवं विनियामक समिति, गंगा नदी राफ्टिंग समिति सहित संबंधित हितधारकों ने प्रतिभाग किया।

बैठक में वर्तमान में कार्यरत राफ्टिंग गाइडों की फर्स्ट एड एवं सीपीआर से संबंधित तकनीकी दक्षता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। इस क्रम में मोंटाना (यूएसए) से संबद्ध संस्था Hanifl Centre, जो पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार के साथ कार्यरत है, के माध्यम से प्रथम चरण में तीन दिवसीय Wilderness First Aid (WFA) प्रशिक्षण आयोजित करने का निर्णय लिया गया। यह प्रशिक्षण जनवरी 2026 के प्रथम सप्ताह से प्रारंभ होगा। इसके माध्यम से जनवरी–फरवरी 2026 के दौरान राफ्टिंग व्यवसाय से जुड़े लगभग 900 गाइडों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

 

बैठक के दौरान राफ्टिंग एसोसिएशन द्वारा उठाए गए प्रमुख मुद्दों—नदी तटों पर राफ्टिंग कैंपों की पुनः स्थापना, गंगा नदी की वहन क्षमता का पुनः आकलन, मुख्य मार्ग से राफ्टिंग पिकअप प्वाइंट में सुधार तथा राफ्टिंग पर्यटकों की सुरक्षा के लिए एम्बुलेंस व्यवस्था—पर पर्यटन सचिव द्वारा शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया गया।

इसके साथ ही राफ्टिंग गाइड एसोसिएशन के प्रस्ताव पर राफ्टिंग गाइडों की अधिकतम आयु सीमा 50 वर्ष से बढ़ाकर 60 वर्ष किए जाने पर सहमति व्यक्त की गई। गंगा नदी राफ्टिंग समिति द्वारा लिए जाने वाले शुल्क में वृद्धि पर भी राफ्टिंग एवं गाइड एसोसिएशन की सहमति बनी।

अंत में पर्यटन सचिव एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने गंगा नदी राफ्टिंग समिति के सचिव, संबंधित अधिकारियों एवं हितधारकों को प्रशिक्षण कार्यक्रम शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए तथा उत्तराखंड के राफ्टिंग व्यवसाय को राष्ट्रीय स्तर पर सशक्त पहचान दिलाने के लिए ठोस प्रयास करने का आह्वान किया।

बैठक में उप निदेशक पर्यटन अमित लोहनी, वरिष्ठ साहसिक खेल अधिकारी एवं सचिव गंगा नदी राफ्टिंग समिति जसपाल सिंह चौहान, साहसिक खेल अधिकारी सीमा नौटियाल, थल क्रीड़ा विशेषज्ञ भूपेन्द्र सिंह, राफ्टिंग समिति अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह नेगी, उपाध्यक्ष रामपाल सिंह, तकनीकी समिति सदस्य अरविन्द भारद्वाज, विनियामक समिति सदस्य मंजूल रावत, ध्रुवनाथ राणा सहित अन्य अधिकारी एवं हितधारक उपस्थित रहे।

Uttarakhand: देश में सबसे पहले उत्तराखंड में प्रयोग होगी यह तकनीक, 100 KM से तेज हवाओं के बीच केदारनाथ में चलेगा रोपवे.

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रोपवे परियोजना से सुरक्षित और सहज होने जा रही पवित्र धाम केदारनाथ व हेमकुंड साहिब यात्रा में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। इन परियोजनाओं में देश में पहली बार सबसे सुरक्षित व उन्नत ट्राई-केबल डिटैचेबल गोंडोला रोपवे तकनीक (3एस) का प्रयोग होगा।

अभी इस तकनीक का प्रयोग विश्व के चुनिंदा देशों में ही किया जा रहा है। इस तकनीक में सौ किलोमीटर प्रति घंटे की गति से भी तेज हवा में रोपवे का सुरक्षित संचालन किया जा सकेगा।

इस तकनीक में दो स्थिर ट्रैक रोप पर गोंडोला केबिन पूरी तरह संतुलित रहते हैं। इससे केबिन के हवा में डगमगाने की संभावना नहीं रहती।

उत्तराखंड में महत्वाकांक्षी सोनप्रयाग-केदारनाथ व गोविंदघाट-हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजनाओं में सबसे पहले प्रयोग होने जा रही ट्राई-केबल डिटैचेबल गोंडोला रोपवे तकनीक (3एस) तकनीक की सबसे बड़ी खासियत तेज हवा व विषम मौसम में गोंडोला केबिन की स्थिरता है।

इस तकनीक में रोपवे संचालन के लिए तीन अलग-अलग स्टील के तारों का उपयोग किया जाता है। इनमें से दो स्थिर केबल (ट्रैक रोप) केबिन के पूरे भार को संभालते हैं, जबकि एक चलायमान केबल (हाल रोप) केबिन को आगे-पीछे खींचता है।

यह तकनीक सामान्य रोपवे प्रणालियों से अलग है। सामान्य रोपवे में एक या दो केबल पर ही पूरा भार और गति निर्भर होती है, 3-एस सिस्टम में भार और गति अलग-अलग केबलों पर होने से सुरक्षा कई गुना बढ़ जाती है।

यह विश्वस्तरीय तकनीक अभी तक स्विट्जरलैंड, आस्ट्रिया, फ्रांस, जर्मनी, कनाडा और चीन में उपयोग में लाई जा रही है।

एआइ बताएगा कहां खराब केबल-ब्रेक-

3-एस तकनीक में एआइ आधारित स्मार्ट तकनीक काम करती है। सेंसर और कैमरों से मिलने वाले रीयल-टाइम डेटा का एआइ विश्लेषण कर केबल, ब्रेक और ड्राइव सिस्टम में संभावित खराबी का पूर्वानुमान लगा लेता है। इससे दुर्घटनाओं की आशंका कम होती है।

3-एस रोपवे की प्रमुख विशेषताएं-

  • प्रत्येक केबिन बंद, वातानुकूलित व मौसम-रोधी होगा, इससे हर मौसम में सुरक्षित व आरामदायक यात्रा संभव होगी।
  • वजन संतुलन के लिए सेंसर और मल्टी-लेयर ब्रेक सिस्टम से रोपवे का संचालन और अधिक सुरक्षित रहेगा।
  • इस प्रणाली में कम टावर प्रयोग होंगे, एक टावर से दूसरे टावर के बीच लंबी दूरी होगी, जिससे निर्माण कम होगा और पर्यावरण को न्यूनतम नुकसान पहुंचेगा।
  • डिटैचेबल ग्रिप सिस्टम से स्टेशन पर गति कम और लाइन पर तेज रहेगी, इससे यात्रा समय में कमी आएगी।
  • आधुनिक केबिन डिजाइन में 16 से 20 या उससे अधिक यात्रियों का एक साथ सुरक्षित परिवहन संभव होगा।
  • एंटी-आइसिंग तकनीक से बर्फबारी में भी निर्बाध और शोर-कंपन रहित आरामदायक सफर सुनिश्चित होगा।

Uttarakhand: सीएम धामी का बड़ा एलान: नैनीताल को मिली112 करोड़ की सौगात, 17 योजनाओं का किया लोकार्पण और शिलान्यास

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शुक्रवार को धारी ब्लॉक स्थित हिमगिरी स्टेडियम लेटीबुंगा में पहुंचे। जहां सीएम ने जिले की 112.34 करोड़ की 17 योजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास किया।

सीएम धामी ने 70.73 करोड़ की लागत से 8 विकास योजनाओं का लोकार्पण किया। इसमें 4.53 करोड़ से सेनिटोरियम से अल्मोडा मार्ग तक भवाली बाईपास भाग-1 का डामरीकरण, 11.62 करोड़ से भवाली-सेनिटोरियम से नैनीबैंड तक भवाली बाईपास पार्ट-2 सुधारीकरण, 7.95 करोड़ से भीमताल बाईपास मोटर मार्ग का सुधारीकरण, 16.62 करोड़ भीमताल-खुटानी -चांफी-परमपुरी-धानाचुली पंचेश्चर मोटरमार्ग सुधारीकरण का निर्माण कार्य, 19.48 करोड़ से 50 बैड क्रिटिकल केयर यूनिट का निर्माण, 8.43 करोड़ से लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय हल्दूचौड में पुस्तकालय, बहुउददेशीय हॉल का निर्माण, 1.46 करोड़ से निराश्रित गौवंश के लिए ग्राम पुछडी में गौशाला निर्माण, 61.38 लाख से रा.उ.मा.वि. जाडापानी भीमताल में पुस्तकालय कक्ष, कम्प्यूटर कक्ष एवं विज्ञान प्रयोगशाला कक्ष का लोकापर्ण किया।

साथ ही मुख्यमंत्री ने 41.60 करोड़ से 9 विकास योजनाओं का शिलान्यास किया। सीएम ने 5.35 करोड़ से लालकुआ में राजकीय महाविद्यालय में परीक्षा भवन निर्माण, 97.72 लाख से  लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय में चाहरदीवारी निर्माण, 1.5 करोड़ की लागत से इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम गौलापार में स्वीमिंग पुल पर टेंसाईल शेड एवं पूल कवरिंग कार्य, 46.54 लाख से रा.उ.मा.वि. झडगांव में भवन निर्माण कार्य, 75 लाख की लागत से ओखलकांडा में सभागार कक्ष, 45 लाख की लागत से रामनगर में टाईप-4 आवासीय भवन निर्माण, 9.81 करोड़ से बेतालघाट में दूनीखाल से रातीघाट तक मोटर मार्ग का निर्माण, 8.19 करोड़ से पंगोट दैचोरी मार्ग का नवनिर्माण, इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम गौलापार में सुरक्षा के लिए बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य की योजनाओं का शिलान्यास किया।

SIR: 22 साल में दोगुने हुए मतदाता… छंटनी के लिए प्री एसआईआर, यहां बढ़े सबसे ज्यादा मतदाता; देखें आंकड़े.

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पिछले 22 साल में मतदाताओं की संख्या देहरादून जिले में आठ लाख से लगभग 16 लाख हो गई है। इसमें सबसे ज्यादा मतदाता नगर निगम देहरादून में बढ़े हैं। इन बढ़े मतदाताओं की कुंडली खंगालने की तैयारी शुरू हो गई है।

फिलहाल बीएलओ ने प्री एसआईआर शुरू कर दिया है। 2003 की मतदाता सूची को इसका आधार बनाया जा रहा है। इसी महीने के अंत तक प्री एसआईआर पूरा करना है ताकि मुख्य एसआईआर के आदेश आएं और उस काम को पूरी गुणवत्ता और समयसीमा में पूरा किया जा सके।

विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) देश के 12 राज्यों में चल रहा है और जल्द ही उत्तराखंड में भी शुरू होने वाला है। इसी कड़ी में प्रशासन ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं।

रोजाना 30 मतदाताओं का मिलान-
बीएलओ प्री एसआईआर के तहत घर-घर जाकर रोजाना 30 मतदाताओं का मिलान कर रहे हैं। मुख्य एसआईआर में राजनीतिक दलों के एजेंटों को भरोसे में लेने के साथ ही उनकी मदद ली जाएगी ताकि एसआईआर निष्पक्ष हो और किसी प्रकार के आरोप न लगें।
वर्तमान मतदाता सूची के साथ होगा मिलान-
सुपरवाइजर से लेकर बीएलओ कार्य में जुट गए हैं। बीएलओ की ओर से 2003 और 2005 की मतदाता सूची के बीच नामों में अंतर को खोजा जाएगा और उसके कारण की समीक्षा की जाएगी। वर्तमान मतदाता सूची के साथ मिलान भी किया जाएगा।
दून में बढ़े सबसे ज्यादा मतदाता-
जिले में सबसे ज्यादा विस्तार देहरादून नगर निगम का हुआ। 2003 में यहां मात्र 45 वार्ड थे। अनुमानित मतदाताओं की संख्या उस समय करीब दो-ढाई लाख रही। उसके बाद शहर का तेजी से विकास हुआ। 45 वार्ड से आज नगर निगम 100 वार्ड तक पहुंच गया।
पूरे जिले में आज करीब 15.56 लाख के करीब मतदाता हैं। इनमें पुरुष मतदाता 8.9 लाख और महिला मतदाता 7.47 लाख के करीब हैं। अकेले देहरादून शहर में मतदाताओं की संख्या 7.71 लाख से ज्यादा है।
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2018 नगर निगम के चुनाव के बाद से ही कुल मतदाताओं में देहरादून शहर में 22 प्रतिशत से ज्यादा वृद्धि हुई। ऐसे में 2003 के सापेक्ष मतदाताओं की संख्या यहां तीन गुना से ज्यादा बढ़ी।

देहरादून में प्री एसआईआर चल रहा है। अभी मुख्य एसआईआर शुरू नहीं हुआ और न ही इसकी तिथि आई है। प्री एसआईआर के तहत प्रति बीएलओ को रोजाना 30 मतदाताओं के घर जाना है। दिसंबर के अंत तक इसके पूरा होने की उम्मीद है। – अभिनव शाह, सीडीओ

Dehradun: बेरोजगार नर्सिंग का प्रदर्शन, सचिवालय कूच करने पहुंचे, समर्थन में पहुंचे कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत

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नर्सिंग एकता मंच के नेतृत्व में सैकड़ों बेराजगार मुख्यमंत्री आवास कूच करने पहुंचे। प्रदर्शन कर रहे बेराजगारों को समर्थन देने कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत भी पहुंचे। कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत ने कहा कि आप प्रदर्शन कर रहे थे उस दिन भी आपको गिरफ्तार किया गया। आप अपनी उम्मीद अपनी मांग को लेकर जिस तरह संघर्ष कर रहे है। लोकतंत्र में जब-जब संघर्ष होता है और एकता होती है उसका नतीजा हमेशा सकारात्मक होता है।

हरक सिंह रावत ने कहा कि आवास घेराव करने से पहले मैंने स्वास्थ्य मंत्री को फ़ोन किया तो उन्होंने अपने पश्चिम बंगाल में होने की जानकारी दी। मंच के प्रदेश अध्यक्ष नवल पुंडीर ने कहा कि संगठन पिछले कई दिनों से वर्षवार भर्ती निकालने और आयु सीमा में छूट देने समेत कई मांगों को लेकर धरना दे रहा है। सोमवार को संगठन के सभी बेरोजगारों ने मुख्यमंत्री आवास कूच किया।

इससे पहले भी सैकड़ों बेराजगारों ने मुख्यमंत्री आवास कूच किया। इस दौरान हाथीबड़कला में बेरोजगारों और पुलिस के बीच करीब दो घंटे तक झड़प हुई। एक महिला पुलिसकर्मी पर कूच में शामिल एक महिला के साथ मारपीट करने का भी आरोप लगा है। सोशल मीडिया पर इसका एक वीडियो भी वायरल हो रहा है। बेरोजगारों के इस व्यहार पर प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की।

Uttarakhand: सीएम घामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक, छोटे अपराधों में सजा को लेकर बदलाव, जेल की जगह जुर्माना.

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक हुई, जिसमें कुल 19 प्रस्ताव आए। बिजली लाइन का मुआवजा बढ़ाया गया। केंद्र के नए निर्देश को अडॉप्ट किया गया। टावर और उसके एक मीटर परिधि के एरिया का 200% सर्किल रेट का कर दिया है। सर्किल रेट और मार्किट रेट में अंतर पर एक समिति बनाई जाएगी, जो प्रभावित भूमि मालिकों के लिए काम करेगी।

सात एक्ट के बजाय जन विश्वास एक्ट लाया जाएगा। 52 एक्ट चिन्हित किए गए हैं। छोटे अपराधों में सजा को लेकर बदलाव किए गए हैं। छोटे अपराध में जेल नहीं बल्कि जुर्माना होगा। जैसे किसी जैविक कृषि में अधिसूचित क्षेत्र में कोई पेस्टिसाइड का इस्तेमाल करेगा तो वहां एक लाख जुर्माना और एक साल जेल सजा थी, सजा हटाकर जुर्माना पांच लाख कर दिया गया।

आवास विभाग के चार प्रस्ताव कैबिनेट में आए-
1- ग्रीन बिल्डिंग निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए अतिरिक्त एफएआर जैसे प्लेटिनम ग्रेड को 5%, गोल्ड को 3%, सिल्वर को 2% एक्स्ट्रा मिलेगा।
2- कॉमर्शियल एरिया में ग्राउंड कवरेज का प्रतिबंध से राहत। सभी के लिए सैट बैक वाला रेगुलेशन लागू होगा। इको रिजॉर्ट के साथ अब नार्मल रिजॉर्ट बना सकेंगे। भू उपयोग परिवर्तन की जरूरत नहीं होगी। नक्शा पास करने की बाध्यता में लैंड यूज की शर्त नहीं। सड़क चौड़ाई पहाड़ में 6 मीटर, मैदान में 9 मीटर होगी।

3-बहु मंजिला भवन में सड़क लेवल की पार्किंग की हाइट इमारत की ऊंचाई में शामिल न होगी। मोटल श्रेणी को हटा दिया गया है।
4- लैंड पुलिंग स्कीम, टाउन प्लानिंग स्कीम मंजूर। अन्य राज्यों में है योजनाएं लागू हैं। अनिवार्य नहीं है। जहां हम टाउनशिप बनाएंगे, उसके बदले जमीन मिलेगी वो भी कॉमर्शियल। अमरावती में भी ये मॉडल सफल रहे हैं। पहले केवल पालिसी थी, अब स्कीम के रूप में लाया गया है।

वित्त-
उत्तराखंड माल एवं सेवा कर संशोधन अध्यादेश को मंजूरी।
तकनीकी शिक्षा-.तकनीकी विवि में फैकल्टी की भर्ती लोक सेवा आयोग नहीं विवि स्तर से ही होगी
लोनिवि-.कनिष्ठ अभियंता के 5% पद समूह-ग के कर्मचारियों से पदोन्नति से होती थी, लोग नहीं मिल पाते थे। अब 10 साल की सेवा पूरी करने पर सीधे जेई बनेंगे

नागरिक उड्डयन-

नैनी सैणी एयरपोर्ट…को एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया संचालित करेगा।
सितारगंज के कल्याणपुर में जिन्हें पट्टे पर जमीन दी हुई थी, उनके नियमितीकरण को लेकर सर्किल रेट 2004 के लिए जाएंगे।

डेरी विकास, व सहकारिता विभाग-

मुख्यमंत्री घसियारी कल्याण और साइलेज योजना…75% देते थे, तय हुआ कि सब्सिडी 75  के बजाय 60% मिलेगी।

लोनिवि- देहरादून में रिस्पना बिंदाल एलिवेटेड के लिए जीएसटी में छूट मिलेगी। रॉयल्टी और जीएसटी विभाग जमा करेगा, जिसका रिम्बर्स किया जाएगा।

सगंध पौधा के केंद्र का नाम इंस्टीट्यूट ऑफ परफ्यूम होगा। जो वाहन 15 साल से पुराने हैं, उन्हें स्क्रैप करने और नया वाहन खरीदने पर टैक्स में छूट मंजूर।
मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना मंजूर… यूपीएससी, नेट, गेट आदि की तैयारी के लिए ऑनलाइन कोचिंग। लाइव क्लासेज, डाउट क्लियर करने की सुविधा होगी।

-भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत अभियोजन निदेशालय देहरादून में मुख्यालय होगा। उसमें एक निदेशक होंगे। 15 वर्ष तक अधिवक्ता को बना सकेंगे। जिले में भी जिला स्तर का अभियोजन निदेशालय बनाया जाएगा। 7 वर्ष से कम कारावास की धाराओं में अपील का फैसला जिला स्तर, इससे ऊपर पर राज्य स्तर पर निर्णय होगा।

Uttarakhand: प्रदेश में पहली बार जनजातीय स्कूल के छात्र पढ़ेंगे गीता का पाठ, पाठ्यक्रम में किया गया शामिल.

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प्रदेश में पहली बार जनजातीय स्कूल के छात्र गीता का पाठ पढ़ेंगे। झाझरा स्थित जनजातीय स्कूल में श्रीमद्भागवत गीता के पाठ्यक्रम को शामिल किया गया है। यह प्रदेश का पहला विद्यालय बना है जिसमें यह पाठ्यक्रम का हिस्सा बना है।

झाझरा स्थित जनजातीय विद्यालय दून संस्कृति स्कूल में गणित, हिंदी, अंग्रेजी के साथ अब गीता के पाठ्यक्रम को भी पढ़ाया जाएगा। इसके लिए पौंधा गुरुकुल के आचार्य अंकित आर्य की नियुक्ति की गई है। पूर्व सांसद तरुण विजय ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान और रूस के राष्ट्रपति पुतिन को गीता भेंट करने से प्रेरित होकर विद्यालय ने गीता के पाठ को अनिवार्य करने का निर्णय लिया है।

अब श्रीमद्भागवत गीता को दैनिक पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया गया है। कक्षा चार से 10 तक के विद्यार्थियों के लिए इस पाठ्यक्रम को अनिवार्य किया गया है। पूर्व सांसद तरुण विजय ने इसे राष्ट्रव्यापी आंदोलन बनाने के साथ ही सभी विद्यालयों में नियमित रूप से इसे पढ़ाने की अपील की है। इसमें आर्य समाज मंदिर धामावाला के प्रधान सुधीर गुलाटी का सहयोग रहा।

गणित, हिंदी की तरह लगेगी गीता की क्लास-

जनजातीय स्कूल में अब हिंदी, गणित की तरह गीता के पाठ की भी क्लास लगेगी। हर दिन गीता के पाठ का लेक्चर चलेगा। शनिवार से इस पाठ्यक्रम की शुरुआत हो गई। इस विद्यालय में नागालैंड, मणिपुर समेत उत्तर पूर्वांचल के छात्र-छात्राएं भी पढ़ाई करते हैं।

 

Dehradun: भोजन भत्ता बढ़ा…महिला होमगार्ड को मातृत्व अवकाश, होमगार्ड स्थापना दिवस पर सीएम धामी ने की घोषणाएं.

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होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वार्षिक कैलेंडर का विमोचन किया। इसके साथ मुख्यमंत्री धामी ने अहम घोषणाएं भी की। होमगार्ड जवानों को साल में 12 आकस्मिक अवकाश मिलेंगे। महिला होमगार्ड को मातृत्व अवकाश मिलेगा।

सीएम धामी ने घोषणा की कि 9000 फीट से ऊपर तैनाती पर 200 प्रोत्साहन राशि  पुलिस-एसडीआरएफ की तर्ज पर दिया जाएगा। एसडीआरएफ ट्रेनिंग प्राप्त होमगार्ड को 100 रुपये अतिरिक्त भत्ता दिया जाएगा। इसके अलावा वर्दी भत्ता भी दोबारा शुरू, किया गया  है। भोजन भत्ते में भी 50 फीसदी की बढ़ोतरी होगी। ट्रेनिंग भत्ता 50 रुपये से बढ़ाकर 140 रुपये किया गया।

प्रथम सीडीएस को दी श्रद्धांजलि-
वहीं सीएम धामी ने कनक चौक स्थित पार्क में भारत के प्रथम चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ स्व. जनरल बिपिन रावत की चतुर्थ पुण्यतिथि पर उनकी प्रतिमा पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने जनरल रावत के अदम्य साहस, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र के प्रति उनके सर्वोच्च समर्पण को स्मरण करते हुए उन्हें उत्तराखंड एवं देश का गौरव बताया। उन्होंने कहा कि जनरल बिपिन रावत का जीवन देशभक्ति, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणादायक मिसाल है, जो आने वाली पीढ़ियों को सदैव राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा।

मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों, सैनिकों एवं नागरिकों के साथ दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शहीदों के सम्मान में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

Uttarakhand: वीरान गांवों में फिर आई बहार, 25 से 35 आयु वर्ग के 43% युवाओं ने किया रिवर्स पलायन.

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उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों से हो रहे पलायन के बीच प्रवासियों के गांव व घर वापसी करने में सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। रिवर्स पलायन करने वालों में 25 से 35 आयु वर्ग के 43 प्रतिशत युवा प्रवासी वापस अपने गांव लौटे हैं।

अब कृषि, पशुपालन, पर्यटन, स्वरोजगार अपनाकर गांव की मिट्टी में जड़ें जमा रहे हैं। पलायन निवारण आयोग की रिवर्स पलायन की सर्वे रिपोर्ट के अनुसार गांव से पलायन करने वाले कुल 6282 प्रवासी अपने गांव लौटे हैं। इसमें सबसे अधिक 43% 25 से 35 आयु वर्ग के प्रवासी है।

25 साल से कम आयु वर्ग में 28.66% और 35 साल से अधिक आयु वर्ग में 29.09% प्रवासियों ने गांव वापसी की है। रिवर्स पलायन में पौड़ी जिला पहले स्थान पर है। जबकि दूसरे पर अल्मोड़ा व तीसरे स्थान पर टिहरी जिला है।
गांव लौटे 39% ने कृषि को बनाया व्यवसाय-
रिवर्स पलायन कर प्रवासियों ने गांव में कृषि, पर्यटन, पशुपालन को मुख्य व्यवसाय के रूप में अपनाया। 39 प्रतिशत ने कृषि क्षेत्र में खेती, बागवानी, सब्जी उत्पादन, मसाले की खेती, औषधीय व सगंध फसलों की खेती, मधुमक्खी पालन, पुष्प उत्पादन, जैविक खेती, मशरूम उत्पादन शुरू किया। जबकि 21.5 प्रतिशत ने पर्यटन क्षेत्र में होमस्टे, होटल, रेस्टोरेंट, कैटरिंग व यात्रा सेवा में व्यवसाय शुरू किया। लगभग 18 प्रतिशत ने पशुपालन क्षेत्र में डेयरी, बकरी पालन, भेड़ पालन, पोल्ट्री पालन, मत्स्य पालन का का काम शुरू किया।
जिला लौटे जिला लौटे
पौड़ी 1213 रुद्रप्रयाग 342
अल्मोड़ा 976 चंपावत 324
टिहरी 827 नैनीताल 300
चमोली 760 देहरादून 201
उत्तरकाशी 448 हरिद्वार 141
बागेश्वर 368 यूएसनगर 38
पिथौरागढ़ 344 कुल  6282

कोविड महामारी के बाद रिवर्स पलायन में तेजी आई है। विदेशों, दूसरे राज्यों व प्रदेश के अंदर दूसरे जिलों में पलायन करने वाले लोगों में गांव लौटने की प्रवृत्ति बढ़ रही है। आयोग की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि प्रवासी लौटे 169 हैं विदेशों से विदेशों में अगस्त रह रहे 169 प्रवासी अपने गांव लौटे हैं। इसमें सबसे अधिक टिहरी जिला में 66 प्रवासी शामिल हैं। इसके अलावा देश के अन्य राज्यों में 4769 प्रवासी ने गांव लौटे। राज्य में अंदर ही दूसरे जिलों में पलायन करने वाले 1127 लौटे ने गांव की वापसी की है।

चौखुटिया स्वास्थ्य आंदोलन- कांग्रेस ने पुलिस दमन का किया विरोध. नेता विपक्ष आर्य और विधायक मदन बिष्ट पहुंचे धरना स्थल.

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विकासखण्ड चौखुटिया से स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के विरोध में देहरादून पहुंचे आंदोलनकारियों के साथ पुलिस द्वारा किए गए दमन को हम कड़ा नकारते हैं।

धरना स्थल पर पहुंचे नेता विपक्ष यशपाल आर्य व विधायक मदन बिष्ट ने कहा कि यह कार्रवाई न केवल अत्यंत निंदनीय है, बल्कि लोकतान्त्रिक मूल्यों के सीधा अपमान भी है।

स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधा माँगना कोई अपराध नहीं हो सकता। आंदोलनकारियों को रोकने, डराने और दबाने का प्रयास लोकतंत्र की आत्मा पर चोट है। जनता की आवाज़ को घेराबंदी कर दबाना सरकार के असंवेदनशील और अहंकारी रवैये को दर्शाता है — जो किसी भी नागरिक जगत के लिए स्वीकार्य नहीं।

आज आवश्यकता पुलिस बल की नहीं, योजनाओं, संसाधनों और संवेदनशीलता की है। स्वास्थ्य सुविधाएँ सभी नागरिकों का मूल अधिकार हैं, और इस अधिकार के समर्थन में जनता अकेली नहीं है — हम उनकी आवाज़ सदन से सड़क तक मजबूती से उठाते रहेंगे।

यह सरकार जितना दबाएगी, जनता की आवाज़ उतनी ही ऊँची और सशक्त होकर उठेगी। जनहित के मुद्दों पर समझौता नहीं होगा — यह लड़ाई जनता के हक़ की है और पूरी ताकत से जारी रहेगी।

जनता की आवाज़ को रोका नहीं जा सकता, जनता के अधिकारों को दबाया नहीं जा सकता।