आगामी केदारनाथ यात्रा को लेकर प्रशासन इस बार नई गाइडलाइन लाने की कवायद में जुटा है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत केदारनाथ धाम के मंदिर परिसर में मोबाइल पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जा सकता है, वहीं नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भी भारी जुर्माना लगाए जाने की संभावना है।
सीएम पुष्कर सिंह धामी जल्द अंकिता के माता-पिता से मिलेंगे। सीएम उनसे बात कर जांच की दिशा किस तरह की रखी जाए और वह सरकार से क्या चाहते हैं, के बारे में उनके विचार जानेंगे। सूत्रों के मुताबिक यह मुलाकात दून में जल्द होगी। इसके लिए प्रशासनिक अधिकारी सक्रिय कर दिए गए हैं।
सीएम ने कहा कि इस संबंध में अंकिता के माता-पिता से मैं स्वयं बात करूंगा, वह न्याय के लिए जो चाहते हैं, सरकार उनकी भावनाओं के आधार पर आगामी निर्णय लेगी। उन्होंने कहा कि एक ऑडियो से प्रदेश में जिस तरह का माहौल बनाया जा रहा है, उससे सबसे ज्यादा अंकिता का परिवार प्रभावित हुआ है। सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो की सत्यता जानने के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। सबूत होने पर कोई भी दोषी कार्रवाई से बच नहीं पाएगा।
उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक आज संपन्न हुई। इस दौरान बैठक में 11 प्रस्ताव पर मुहर लगी। वहीं, उपनल कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन का मामला मंत्रिमंडल उपसमिति को सौंपा गया है।
जनवरी से शुरू होगा राफ्टिंग गाइडों का विशेष प्रशिक्षण-
Dehradun: राज्य में राफ्टिंग की संभावनाओं को सुदृढ़, सुरक्षित एवं व्यवस्थित करने के उद्देश्य से 22 दिसंबर 2025 को पर्यटन सचिव एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी धीराज सिंह गब्र्याल की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में राफ्टिंग एसोसिएशन, राफ्टिंग गाइड एसोसिएशन, राफ्टिंग तकनीकी एवं विनियामक समिति, गंगा नदी राफ्टिंग समिति सहित संबंधित हितधारकों ने प्रतिभाग किया।
बैठक में वर्तमान में कार्यरत राफ्टिंग गाइडों की फर्स्ट एड एवं सीपीआर से संबंधित तकनीकी दक्षता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। इस क्रम में मोंटाना (यूएसए) से संबद्ध संस्था Hanifl Centre, जो पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार के साथ कार्यरत है, के माध्यम से प्रथम चरण में तीन दिवसीय Wilderness First Aid (WFA) प्रशिक्षण आयोजित करने का निर्णय लिया गया। यह प्रशिक्षण जनवरी 2026 के प्रथम सप्ताह से प्रारंभ होगा। इसके माध्यम से जनवरी–फरवरी 2026 के दौरान राफ्टिंग व्यवसाय से जुड़े लगभग 900 गाइडों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
बैठक के दौरान राफ्टिंग एसोसिएशन द्वारा उठाए गए प्रमुख मुद्दों—नदी तटों पर राफ्टिंग कैंपों की पुनः स्थापना, गंगा नदी की वहन क्षमता का पुनः आकलन, मुख्य मार्ग से राफ्टिंग पिकअप प्वाइंट में सुधार तथा राफ्टिंग पर्यटकों की सुरक्षा के लिए एम्बुलेंस व्यवस्था—पर पर्यटन सचिव द्वारा शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया गया।
इसके साथ ही राफ्टिंग गाइड एसोसिएशन के प्रस्ताव पर राफ्टिंग गाइडों की अधिकतम आयु सीमा 50 वर्ष से बढ़ाकर 60 वर्ष किए जाने पर सहमति व्यक्त की गई। गंगा नदी राफ्टिंग समिति द्वारा लिए जाने वाले शुल्क में वृद्धि पर भी राफ्टिंग एवं गाइड एसोसिएशन की सहमति बनी।
अंत में पर्यटन सचिव एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने गंगा नदी राफ्टिंग समिति के सचिव, संबंधित अधिकारियों एवं हितधारकों को प्रशिक्षण कार्यक्रम शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए तथा उत्तराखंड के राफ्टिंग व्यवसाय को राष्ट्रीय स्तर पर सशक्त पहचान दिलाने के लिए ठोस प्रयास करने का आह्वान किया।
बैठक में उप निदेशक पर्यटन अमित लोहनी, वरिष्ठ साहसिक खेल अधिकारी एवं सचिव गंगा नदी राफ्टिंग समिति जसपाल सिंह चौहान, साहसिक खेल अधिकारी सीमा नौटियाल, थल क्रीड़ा विशेषज्ञ भूपेन्द्र सिंह, राफ्टिंग समिति अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह नेगी, उपाध्यक्ष रामपाल सिंह, तकनीकी समिति सदस्य अरविन्द भारद्वाज, विनियामक समिति सदस्य मंजूल रावत, ध्रुवनाथ राणा सहित अन्य अधिकारी एवं हितधारक उपस्थित रहे।
रोपवे परियोजना से सुरक्षित और सहज होने जा रही पवित्र धाम केदारनाथ व हेमकुंड साहिब यात्रा में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। इन परियोजनाओं में देश में पहली बार सबसे सुरक्षित व उन्नत ट्राई-केबल डिटैचेबल गोंडोला रोपवे तकनीक (3एस) का प्रयोग होगा।
अभी इस तकनीक का प्रयोग विश्व के चुनिंदा देशों में ही किया जा रहा है। इस तकनीक में सौ किलोमीटर प्रति घंटे की गति से भी तेज हवा में रोपवे का सुरक्षित संचालन किया जा सकेगा।
इस तकनीक में दो स्थिर ट्रैक रोप पर गोंडोला केबिन पूरी तरह संतुलित रहते हैं। इससे केबिन के हवा में डगमगाने की संभावना नहीं रहती।
उत्तराखंड में महत्वाकांक्षी सोनप्रयाग-केदारनाथ व गोविंदघाट-हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजनाओं में सबसे पहले प्रयोग होने जा रही ट्राई-केबल डिटैचेबल गोंडोला रोपवे तकनीक (3एस) तकनीक की सबसे बड़ी खासियत तेज हवा व विषम मौसम में गोंडोला केबिन की स्थिरता है।
इस तकनीक में रोपवे संचालन के लिए तीन अलग-अलग स्टील के तारों का उपयोग किया जाता है। इनमें से दो स्थिर केबल (ट्रैक रोप) केबिन के पूरे भार को संभालते हैं, जबकि एक चलायमान केबल (हाल रोप) केबिन को आगे-पीछे खींचता है।
यह तकनीक सामान्य रोपवे प्रणालियों से अलग है। सामान्य रोपवे में एक या दो केबल पर ही पूरा भार और गति निर्भर होती है, 3-एस सिस्टम में भार और गति अलग-अलग केबलों पर होने से सुरक्षा कई गुना बढ़ जाती है।
यह विश्वस्तरीय तकनीक अभी तक स्विट्जरलैंड, आस्ट्रिया, फ्रांस, जर्मनी, कनाडा और चीन में उपयोग में लाई जा रही है।
एआइ बताएगा कहां खराब केबल-ब्रेक-
3-एस तकनीक में एआइ आधारित स्मार्ट तकनीक काम करती है। सेंसर और कैमरों से मिलने वाले रीयल-टाइम डेटा का एआइ विश्लेषण कर केबल, ब्रेक और ड्राइव सिस्टम में संभावित खराबी का पूर्वानुमान लगा लेता है। इससे दुर्घटनाओं की आशंका कम होती है।
3-एस रोपवे की प्रमुख विशेषताएं-
- प्रत्येक केबिन बंद, वातानुकूलित व मौसम-रोधी होगा, इससे हर मौसम में सुरक्षित व आरामदायक यात्रा संभव होगी।
- वजन संतुलन के लिए सेंसर और मल्टी-लेयर ब्रेक सिस्टम से रोपवे का संचालन और अधिक सुरक्षित रहेगा।
- इस प्रणाली में कम टावर प्रयोग होंगे, एक टावर से दूसरे टावर के बीच लंबी दूरी होगी, जिससे निर्माण कम होगा और पर्यावरण को न्यूनतम नुकसान पहुंचेगा।
- डिटैचेबल ग्रिप सिस्टम से स्टेशन पर गति कम और लाइन पर तेज रहेगी, इससे यात्रा समय में कमी आएगी।
- आधुनिक केबिन डिजाइन में 16 से 20 या उससे अधिक यात्रियों का एक साथ सुरक्षित परिवहन संभव होगा।
- एंटी-आइसिंग तकनीक से बर्फबारी में भी निर्बाध और शोर-कंपन रहित आरामदायक सफर सुनिश्चित होगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शुक्रवार को धारी ब्लॉक स्थित हिमगिरी स्टेडियम लेटीबुंगा में पहुंचे। जहां सीएम ने जिले की 112.34 करोड़ की 17 योजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास किया।
पिछले 22 साल में मतदाताओं की संख्या देहरादून जिले में आठ लाख से लगभग 16 लाख हो गई है। इसमें सबसे ज्यादा मतदाता नगर निगम देहरादून में बढ़े हैं। इन बढ़े मतदाताओं की कुंडली खंगालने की तैयारी शुरू हो गई है।
नर्सिंग एकता मंच के नेतृत्व में सैकड़ों बेराजगार मुख्यमंत्री आवास कूच करने पहुंचे। प्रदर्शन कर रहे बेराजगारों को समर्थन देने कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत भी पहुंचे। कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत ने कहा कि आप प्रदर्शन कर रहे थे उस दिन भी आपको गिरफ्तार किया गया। आप अपनी उम्मीद अपनी मांग को लेकर जिस तरह संघर्ष कर रहे है। लोकतंत्र में जब-जब संघर्ष होता है और एकता होती है उसका नतीजा हमेशा सकारात्मक होता है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक हुई, जिसमें कुल 19 प्रस्ताव आए। बिजली लाइन का मुआवजा बढ़ाया गया। केंद्र के नए निर्देश को अडॉप्ट किया गया। टावर और उसके एक मीटर परिधि के एरिया का 200% सर्किल रेट का कर दिया है। सर्किल रेट और मार्किट रेट में अंतर पर एक समिति बनाई जाएगी, जो प्रभावित भूमि मालिकों के लिए काम करेगी।









