Category Archive : राजनीति

Nikay Chunav: सीएम धामी ने ज्योतिर्मठ में किया चुनाव प्रचार, गिनाईं सरकार की कई उपलब्धियां.

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सीएम पुष्कर सिंह धामी ने चमोली के गोपेश्वर में नगर निकाय चुनाव में  भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में आयोजित जनसभा को संबोधित किया।

 

उन्होंने कहा कि बिजली उत्पादन को लेकर रिसर्च चल रही थी। अब जल्द ही यहां काम शुरू होने वाला है। इससे कई लोगों को रोजगार मिलने का अवसर मिलेगा। यह क्षेत्र प्रगति करेगा, विकसित होगा और आगे बढ़ेगा। यहां बहुमंजिला पार्किंग क्षेत्र बनाया जा रहा है।

 

 

ज्योतिर्मठ के पुनर्विकास के लिए मैं प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को धन्यवाद देना चाहता हूं कि उन्होंने हमारे लिए 1,700 करोड़ रुपये की पुनर्निर्माण योजना को मंजूरी दी है। हमारी सरकार पलायन जैसी बड़ी समस्या के समाधान के लिए दृढ़ संकल्प के साथ काम कर रही है।

Nikay Chunav: उत्तराखंड BJP ने जारी किया संकल्प पत्र, सीएम धामी बोले- जनता जरूर बनाएगी ट्रिपल इंजन की सरकार.

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Uttarakhand Nikay Chunav: सीएम धामी ने संकल्प पत्र जारी करते हुए कहा कि उत्तरायण हो गया है। ऐसे में शुभ काम होने शुरू हो गए हैं। सबसे पहले हम यूसीसी लागू करने जा रहे हैं।

 

उत्तराखंड में नगर निकाय चुनाव में 11 नगर निगमों के लिए आज भाजपा ने अपना संकल्प पत्र जारी कर दिया है। देहरादून में सीएम पुष्कर सिंह धामी पार्टी मुख्यालय में संकल्पपत्र को सार्वजनिक किया। उन्होंने कहा कि उत्तरायण हो गया है। ऐसे में शुभ काम होने शुरू हो गए हैं। सबसे पहले हम यूसीसी लागू करने जा रहे हैं।

28 जनवरी को पीएम मोदी राष्ट्रीय खेलों का शुभारंभ करेंगे। वहीं, 23 जनवरी को नगर निगम के चुनाव होंगे। हमें पूरा विश्वास है कि प्रदेश की जनता डबल इंजन की सरकार को ट्रिपल इंजन की सरकार बनाएगी। बता दें कि संकल्पपत्र में एक प्रदेश स्तर का संकल्पपत्र है। वहीं, 11 निगमों के लिए अलग-अलग संकल्पपत्र हैं।

 

Uttarakhand: देहरादून में बोले CM धामी- ट्रिपल इंजन की सरकार बनने से विकास को मिलेगी रफ्तार, BJP प्रत्‍याशी के ल‍िए मांगे वोट.

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ट्रिपल इंजन की सरकार बनने से प्रदेश में विकास को रफ्तार मिलेगी। निकायों में भाजपा प्रत्याशियों के जीतने से राज्य सरकार और निकायों में बेहतर तालमेल होगा। देहरादून शहर को ग्रीन सिटी बनाने, अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करने और अनेक योजनाओं को धरातल पर उतारने का काम भाजपा करेगी।

 

यह बात सीएम पुष्कर सिंह धामी ने अग्रवैश्य संस्थाओं की ओर से आयोजित एक शाम मुख्यमंत्री के नाम कार्यक्रम में कही। कार्यक्रम में सीएम धामी ने वैश्य समाज के सदस्यों से भाजपा के महापौर पद के प्रत्याशी सुमित थपलियाल के लिए वोट की अपील की।

 

संकट के समय हमेशा साथ खड़ा रहा है वैश्‍य समाज-

इस दौरान सीएम ने कहा कि वैश्य समाज ने कोरोना, केदारनाथ आपदा समेत हर संकट के समय देश और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी पूरे समर्पण के साथ निभाई है। वैश्य समाज ने जहां कम वहां हम की संकल्पना को साकार करने का काम किया है।

देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेस वे का निर्माण होगा पूरा-

सीएम पुष्‍कर स‍िंह धामी ने कहा कि देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेस वे का निर्माण पूरा होने से देहरादून से दिल्ली की दूरी मात्र ढ़ाई घंटे में तय हो जाएगी। इससे देहरादून में पर्यटकों की आमद डबल हो जाएगी, जिससे होटल व पर्यटन कारोबार, व्यापार, पार्किंग, टैक्सियों से लेकर हर क्षेत्र में लोगों को आय बढ़ेगी।

 

ट्रैफिक को लेकर भी सरकार संवेदनशील-

उन्होंने कहा कि शहर में बढ़ते ट्रैफिक को लेकर भी सरकार संवेदनशील है। रिंग रोड, बाईपास, एलीवेटेड रोड़ बनाकर इस समस्या को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं भाजपा प्रत्याशी सुमित थपलियाल ने मेयर बनने पर वैश्य समाज के सदस्यों की समस्याओं को दूर करने की बात कही और मतदान की अपील की।

 

Uttarakhand: प्रदेश को 2025 तक ड्रग्स मुक्त करने का संकल्प, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया ये मास्टर प्लान.

 

कार्यक्रम में ये लोग रहे मौजूद-

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद्र अग्रवाल, गणेश जोशी, विनय गोयल, अनिल गोयल, पुनीत मित्तल, सिद्धार्थ अग्रवाल, श्याम अग्रवाल समेत कई लोग मौजूद रहे।

 

बीजेपी ने न‍िकाली चुनावी रैली-

भारतीय जनता पार्टी के महापौर के प्रत्याशी सौरभ थपलियाल ने रविवार को रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ के नेतृत्व में 14 वार्डों में जनसंपर्क व रैली की। रायपुर विधानसभा क्षेत्र के वार्डों में पार्षद प्रत्याशी के लिए भी जनता से वोट की अपील की गई।

रविवार को विभिन्न वार्डों में जनसभा के दौरान महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ उमेश अग्रवाल ने कहा कि रायपुर विधानसभा भारतीय जनता पार्टी की विधानसभा है। यह विधानसभा हमेशा अधिकतम वोटों से भाजपा को जीत मिली है।

उत्तराखंड में बागी उम्मीदवारों पर कांग्रेस की सख्ती, पार्टी से छह साल के लिए किया निष्कासित

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उत्तराखंड में निकाय चुनाव को लेकर बागी नेताओं पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने सख्ती बरती है। कमेटी ने नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत क्षेत्रों में पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ बागी उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने वाले कांग्रेसजनों व पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त पार्टी नेताओं को तत्काल प्रभाव से पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया है।

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प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा के सोशल मीडिया सलाहकार अमरजीत सिंह ने बताया कि रुड़की में मेयर पद के खिलाफ अपनी पत्नी को बागी के रूप में चुनाव लड़ा रहे पूर्व मेयर यशपाल राणा, रुद्रप्रयाग से बागी उम्मीदवार संतोष रावत, ऊखीमठ से बागी उम्मीदवार कुब्जा धर्मवाण, नगर पालिका बागेश्वर से बागी कवि जोशी, कोटद्वार में बागी उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे कांग्रेस पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ के उपाध्यक्ष महेन्द्र पाल सिंह रावत, ऋषिकेश नगर निगम में बागी उम्मीदवार दिनेशचन्द मास्टर और महेन्द्र सिंह, चमोली जनपद के गौचर से बागी उम्मीदवार सुनील पंवार, कर्णप्रयाग से गजपाल लाल सैनी, अनिल कुमार व अनीता देवी, गैरसैंण से पुष्कर सिंह रावत, पीपलकोटी से आरती नवानी, टिहरी के नगर पालिका चंबा से बागी प्रीति पंवार, घनसाली से विनोद लाल शाह और नगर पालिका टिहरी से भगत सिह नेगी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। सभी को पार्टी से छह साल के लिए निष्कसित किया है।

 

कांग्रेस की उम्मीदवार को हरी झंडी: हरबर्टपुर नगर पालिका से चुनाव लड़ सकेंगी कांग्रेसी प्रत्याशी यामिनी

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हरबर्टपुर नगर पालिका के अध्यक्ष पद की कांग्रेस उम्मीदवार यामिनी रोहिल्ला चुनाव में प्रतिभाग कर सकेंगी। मुख्य न्यायाधीश जी. नरेंद्र एवं न्यायमूर्ति आशीष नैथानी की खंडपीठ ने नामांकन रद्द करने ठहरा चुनाव लड़ने के निर्देश दिए हैं। हालांकि उनके चुनाव परिणाम को याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन रखा है।

 

फरवरी के दूसरे पखवाड़े में बजट पेश कर सकती है धामी सरकार, सत्र की तैयारियां तेज

 

रोहिल्ला ने अपील दायर कर कहा था कि रिटर्निंग आफिसर ने उनके नामांकन को रद्द करने का जो आधार बताया वह गलत है। विकासनगर के तहसीलदार ने अपने कार्यालय से जारी जाति प्रमाण पत्र को ही विवादित ठहरा दिया। इसके बाद आरओ ने उनका नामांकन रद्द कर दिया। कोर्ट ने उन्हें चुनाव लड़ने के निर्देश दे दिए।

फरवरी के दूसरे पखवाड़े में बजट पेश कर सकती है धामी सरकार, सत्र की तैयारियां तेज

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प्रदेश सरकार फरवरी के दूसरे पखवाड़े में बजट लाने की तैयारी कर रही है। पहली फरवरी को केंद्र सरकार का बजट पेश होने के बाद राज्य सरकार अपने बजट को अंतिम रूप दे देगी। सचिव वित्त दिलीप जावलकर के मुताबिक, आगामी वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए सभी विभागों से प्रस्ताव प्राप्त हो गए हैं और इन पर विचार विमर्श हो रहा है।

 

मौजूदा बजट की प्रगति के संबंध में सचिव वित्त ने मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा, बजट के सापेक्ष अभी तक 40 हजार करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। इसमें 6,000 करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय है। अंतिम तिमाही चल रही है जिसमें खर्च बढ़ता है। पिछले वर्ष की तुलना में अभी तक की खर्च की दर आठ फीसदी अधिक है।इसमें और अधिक वृद्धि होने की संभावना है।

 

केंद्र सरकार से हो रही स्वीकृतियों का प्रवाह ठीक है। बजट की तैयारी पर कहा, केंद्र सरकार एक फरवरी को बजट पेश करेगी। इससे हमें अंदाजा हो जाएगा कि कौन सी नई योजनाएं आ रही हैं और कहां से हमें मदद मिल सकती है।

इसके हिसाब से हम अपनी तैयारी करेंगे।कहा, संसाधनों की कोई दिक्कत नहीं है। जीएसटी, वैट में खनन में अच्छा प्रदर्शन रहा है। वन विभाग, यूपीसीएल और अन्य कारपोरेशन में लक्ष्य के अनुरूप धनराशि नहीं मिल रही है।

आज चुनावी प्रचार के मैदान में उतरेंगे सीएम, कर्णप्रयाग में रेल लाइन कार्यों का निरीक्षण भी करेंगे

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी गढ़वाल में निकाय चुनाव प्रचार का आगाज  कर्णप्रयाग से करेंगे। सीएम जहां कर्णप्रयाग में गौचर और कर्णप्रयाग नगर पालिका के प्रत्याशियों के प्रचार में जनसभा को संबोधित करेंगे वहीं सिवाई में रेल लाइन निर्माण के कार्यों का निरीक्षण भी करेंगे।

 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शनिवार को दोपहर दो बजकर बीस मिनट पर कर्णप्रयाग-ऋषिकेश रेल लाइन के सिवाई स्टेशन के नजदीकी खेल मैदान में हेली सेवा से पहुंचेंगे। रेल लाइन के कार्याें के निरीक्षण के बाद सीएम अपराह्न तीन बजे कर्णप्रयाग पहुंचेंगे।

 

यहां सीएम प्रदेश में हो रहे निकाय चुनावों के तहत गढ़वाल में प्रचार का आगाज करेंगे। भाजपा जिलाध्यक्ष रमेश मैखुरी ने बताया कि सीएम कर्णप्रयाग में गौचर और कर्णप्रयाग के नगर पालिका अध्यक्ष और सभासद के प्रत्याशियों के लिए चुनावी जनसभा को संबोधित करेंगे।

उत्तराखंड कांग्रेस में एक नया भुचाल वरिष्ठ उपाध्यक्ष मथुरा दत्त जोशी ने छोड़ा कांग्रेस का साथ

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उत्तराखण्ड कांग्रेस से जुड़ी खबर से, निकाय चुनाव के बीच कांग्रेस को एक बड़ा झटका लगा है। उत्तराखंड कांग्रेस के संगठन उपाध्यक्ष मथुरा दत्त जोशी ने पार्टी के सभी पदों से त्यागपत्र दे दिया है। बताया जा रहा है कि मथुरा दत्त जोशी पत्नी को पिथौरागढ़ सीट से मेयर का टिकट ना मिलने से नाराज़ चल रहे थे और पिछले दिनों उन्होंने खुलकर अपनी नाराजगी भी जाहिर की थी। उन्होंने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को पत्र लिखा है। इस बीच चर्चा है कि कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद मथुरा दत्त जोशी और पूर्व राज्यमंत्री बिट्टू कर्नाटक आज भाजपा का दामन थाम सकते हैं। हांलाकि इसको लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

 

मथुरादत्त जोशी लगातार कांग्रेस हाई कमान से नाराज नजर आ रहे थे। उन्होंने अपनी पत्नी के लिए मेयर पद पर टिकट मांगा था। लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिलने के बाद मथुरादत्त जोशी पार्टी नेतृत्व से बहुत नाराज हो गए थे। उन्होंने कई बड़ी बताया कि किस तरह से उन्होंने लगभग 50 सालों तक पार्टी की सेवा की है, बावजूद पार्टी ने उन्हें इस योग्य नहीं समझा।

वहीं कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा का बयान भी सामने आया था जिसमें उन्होंने कहा कि मथुरा दत्त जोशी को पार्टी ने हर वह पद दिया है जो एक बड़े नेता को किसी भी पार्टी में मिलना चाहिए।

मथुरादत्त जोशी की छवि एक शांत नेता की मानी जाती है। वहीं जब भी कांग्रेस पार्टी को जरूरत पड़ी है जोशी लगातार सामने आकर कांग्रेस पार्टी के लिए खड़े रहे हैं। जब कांग्रेस पार्टी को सबसे ज्यादा जरूरत बड़े नेताओं की थी और एक के बाद एक कई बड़े नेता कांग्रेस पार्टी को छोड़ रहे थे खासकर मथुरादत्त जोशी के कई करीबी नेता पार्टी को छोड़कर भाजपा में जा रहे थे, तब भी अकेले मथुरादत्त जोशी डटकर कांग्रेस के साथ खड़े नजर आए। बावजूद अब जाकर मथुरादत्त जोशी ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता के साथ-साथ सभी पदों से इस्तीफा दे दिया।

किस मुंह से चलाएंगे महेंद्र भट्ट बागियों पर अनुशासन का डंडा- Congress

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उत्तराखंड कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसोनी ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के उस बयान को हास्यास्पद बताया है जिसमें उन्होंने बागीयों से नामांकन वापस लेने की बात कही है और नामांकन ना वापस लेने की सूरत में उन्हें पार्टी से निकाल बाहर करने की धमकी दी है। गरिमा ने कहा कि आखिर किस मुंह से महेंद्र भट्ट कार्यकर्ताओं पर कार्यवाही की बात कर रहे हैं?दसौनी ने भट्ट पर सवाल दागते हुए कहा कि पार्टी का अनुशासन तब कहां गया था जब मंत्री गणेश जोशी पर आय से अधिक संपत्ति होने का गंभीर आरोप लगा था? यह अनुशासन तब कहां गया था जब सीबीआई जांच में उद्यान विभाग में करोड़ों का घोटाला होने की पुष्टि हुई थी? यह अनुशासन की धमकी तब कहां थी जब रानीखेत के विधायक प्रमोद नैनवाल के भाई सतीश नैनवाल न सिर्फ भारत नेपाल बॉर्डर पर 40 जिंदा कारतूसों के संग पकड़े गए थे और तो और उद्यान घोटाले में पौध वितरण में भी उनका नाम आया था? और यह अनुशासन का डंडा लैंसडाउन विधायक महंत दिलीप रावत पर क्यों नहीं चला जिन्होंने सार्वजनिक सभा में अपने भाषण में पार्टी टिकट ना मिलने की स्थिति में कार्यकर्ताओं से निर्दलीय मैदान में कूदने का निर्देश दिया था, आरक्षण की अनंततिम सूची का विरोध करने वाले विकास नगर से विधायक मुन्ना सिंह चौहान के लिए यह अनुशासन का डंडा कहां चला गया था? भट्ट की यह धमकी मंत्री अरविंद पांडे के लिए क्यों नहीं चली? दसौनी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता इस बात को समझ चुका है कि पार्टी की कथनी और करनी में जमीन आसमान का फर्क है। अनुशासन और राजनीतिक सुचिता का खौफ सिर्फ गरीब और छोटे कार्यकर्ताओं को दिखाया जाता है रसूखदार मंत्री और विधायकों के लिए दूसरा कानून और कार्यकर्ताओं के लिए पार्टी के अंदर दूसरे नियम हैं ,गरिमा ने कहा शायद यही कारण है कि भाजपा में कार्यकर्ता अब ना डरता है और ना ही घबराता है और खुलकर पार्टी के फैसलों का विरोध करता है क्योंकि जब बड़े नेताओं पर ही अनुशासनात्मक कार्यवाही नहीं हो रही है तो फिर छोटे कार्यकर्ताओं पर क्यों? गरिमा ने चुटकी लेते हुए कहा की कहीं महेंद्र भट्ट अनुशासन का डंडा चलाने में ढीले इसलिए तो नहीं पड़ रहे हैं क्योंकि वह अध्यक्ष पद से हटने वाले हैं और बड़े नेताओं से अपने संबंध बिगाड़ना नहीं चाहते?

उत्तराखंड के किसानों से राज्य सरकार ने इस साल 3100 मीट्रिक टन मंडुआ खरीदा

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राज्य भर में 270 केंद्रों के जरिए हुई मंडुआ की खरीद

सरकार ने किसानों से 4200 प्रति कुंतल के मूल्य पर की खरीद

 

कुछ समय पहले तक उपेक्षित रहने वाला मंडुआ अब हाथों हाथ बिक रहा है। राज्य सरकार ने ही इस साल विभिन्न सहकारी और किसान संघों के जरिए उत्तराखंड के किसानों से 3100 मीट्रिक टन से अधिक मंडुआ खरीदा है। सरकार ने इस साल किसानों को मंडुआ पर 4200 प्रति कुंतल का समर्थन मूल्य भी दिया है।

उत्तराखंड के सीढ़ीदार खेतों में परंपरागत रूप से मंडुआ की खेती होती रही है। लेकिन कुछ साल पहले तक मंडुआ फसल उपेक्षा का शिकार रहती थी, जिस कारण किसानों का भी मंडुआ उत्पादन के प्रति मोह भंग होने लगा था। लेकिन केंद्र और उत्तराखंड सरकार द्वारा अब मिलेट्स फसलों को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिस कारण उत्तराखंड में मंडुआ उत्पादक क्षेत्र के साथ ही उत्पादन भी बढ़ रहा है। मौजूदा सरकार ने मंडुआ उत्पादक किसानों को प्रोत्साहन देने के लिए सबसे पहले 2022 इसे राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत के तहत, न्यूनतम समर्थन मूल्य पर किसानों से खरीदना शुरू किया। साथ ही उपभोक्ताओं तक मिलेट्स उत्पाद पहुंचाने के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली से लेकर मिड डे मील और आंगनबाड़ी केंद्रों के पोषण कार्यक्रम में इसे शामिल किया गया। इसी तरह सरकार ने स्टेट मिलेट मिशन शुरू करते हुए, उत्पादन बढ़ाने के साथ ही, मिलेट्स उत्पादों को अपनाने के लिए व्यापक प्रचार प्रसार, किसानों से खरीद से लेकर भंडारण तक की मजबूत व्यवस्था तैयार की। वहीं किसानों को बीज, खाद पर अस्सी प्रतिशत तक सब्सिडी दी गई।

 

 

270 केद्रों के जरिए खरीद

सरकार ने दूर दराज के किसानों से मंडुआ खरीदने के लिए बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों और किसान उत्पादक संगठनों के सहयोग से जगह – जगह संग्रह केंद्र स्थापित किए। इस प्रयोग की सफलता की कहानी यूं कही जा सकती है कि 2020-21 में जहां इन केंद्रों की कुल संख्या 23 थी जो 2024-25 में बढ़कर 270 हो गई है। इन केद्रों के जरिए इस साल उत्तराखंड के किसानों से 3100.17 मीट्रिक टन, मंडुआ की खरीद की गई, इसके लिए किसानों को 42.46 प्रति किलो की दर से समर्थन मूल्य दिया गया। सरकार ने मंडुआ खरीद में सहयोग देने के लिए किसान संघों को 150 रुपए प्रति कुंतल और बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों को प्रति केंद्र 50 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान की। साथ ही सुनिश्चित किया गया कि केंद्रों का भुगतान 72 घंटे में कर दिया जाए।

 

समर्थन मूल्य में 68 प्रतिशत का उछाल

प्रदेश में 2021-22 में मंडुआ समर्थन मूल्य कुल 2500 प्रति कुंतल था, जो 2024-25 में 4200 प्रति कुंतल हो गया है। इस तरह दो साल के अंतराल में ही समर्थन मूल्य 68 प्रतिशत बढ़ गया है। किसानों तक इसका लाभ पहुंचने से मंडुआ उत्पादन क्षेत्र भी बढ़ रहा है। इसके साथ ही सरकार ओपर मार्केट और हाउस ऑफ हिमालय के जरिए भी मंडुआ उत्पादों को प्रोत्साहन दे रही है।

उत्तराखंड में मंडुआ परंपरागत तौर पर उगाया जाता है। यह पौष्टिक होने के साथ ही आर्गेनिक भी होता है। इधर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मिलेट्स उत्पादों को बढ़ावा दिए जाने के बाद भी मंडुआ की मांग बढ़ी है। इसलिए राज्य सरकार सीधे किसानों से मंडुआ खरीद करते हुए, उत्पादन बढ़ाने पर जोर दे रही है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं- पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री