हॉट सीट बनी केदारनाथ विधानसभा में महिला प्रत्याशी की जीत का मिथक भाजपा दोहराएगी या फिर कांग्रेस इसे फिर तोड़ने में कामयाब रहेगी। पिछले करीब तीन महीने से उपचुनाव की तैयारी में जुटे सियासी दलों की तैयारियों और प्रत्याशियों और उनके समर्थकों के लगातार 17 दिन तक किए धुआंधार प्रचार का फल किस दल की झोली में जाएगा, इसका खुलासा 23 नवंबर को मतगणना के बाद हो जाएगा। बहरहाल उपचुनाव में ताल ठोंक रहे छह प्रत्याशियों ने अपने पक्ष में हवा बनाने के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है। हालांकि, मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच में ही माना जा रहा है।
लंबे राजनीतिक अनुभव का मिला लाभ-
रविवार को दिल्ली में केंद्रीय नेतृत्व ने सभी समीकरणों पर विमर्श के साथ ही प्रांतीय नेतृत्व से बातचीत के बाद केदारनाथ सीट से पूर्व विधायक आशा नौटियाल को प्रत्याशी बनाने पर मुहर लगाई। यद्यपि, दिवंगत विधायक शैलारानी रावत की पुत्री ऐश्वर्य रावत के अलावा वर्ष 2017 व 2022 में निर्दलीय चुनाव लड़ चुके कुलदीप सिंह रावत भी दौड़ में थे, लेकिन पार्टी ने पूर्व विधायक आशा नौटियाल के लंबे राजनीतिक अनुभव, क्षेत्र में मजबूत पकड़ के अलावा चार बार कराए सर्वे रिपोर्ट को देखते हुए उन पर भरोसा जताया।
ये रहा है राजनीतिक जीवन-
- भाजपा प्रत्याशी आशा नौटियाल ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत वर्ष 1990 में भाजपा की सदस्यता लेकर की।
- वह वर्ष 1996 में रुद्रप्रयाग जिला पंचायत की सदस्य चुनी गईं।
- उन्होंने भाजपा व महिला मोर्चा में विभिन्न पदों पर कार्य किया।
- वर्ष 2002 में राज्य के पहले विधानसभा चुनाव में वह केदारनाथ सीट से विजयी रहीं और विधानसभा पहुंची।
- वर्ष 2007 में दोबारा विधायक चुनीं गई, लेकिन वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में वह मात्र 1900 मतों से हार गईं।
- वर्ष 2017 में पार्टी टिकट कटने से नाराज होकर उन्होंने केदारनाथ सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ा, लेकिन सफल नहीं हो पाईं।
- यद्यपि, भाजपा के संपर्क में वह बराबर बनी रहीं। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले उनकी भाजपा में घर वापसी हुई।
केदारनाथ उपचुनाव की रणनीति और प्रत्याशी को लेकर कांग्रेस की 24 अक्तूबर को दिल्ली में बैठक होगी। मंगलवार को प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा ने वर्चुअल बैठक में प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं से चुनावी तैयारियों पर चर्चा कर सुझाव भी लिए।
मनोहर लाल के है करीबी-
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 13 अक्टूबर को उत्तराखंड के दौरे पर आ रहे हैं। उनका प्रस्तावित कार्यक्रम शासन को मिल गया है। इसे देखते हुए तैयारियां भी प्रारंभ कर दी गई हैं।
तमाम विभाग भी कसरत में जुटे-
माना जा रहा है कि वह देहरादून में पुलिस में लागू तीन नए कानूनों व साइबर अपराधों की चुनौतियों पर चर्चा के अलावा अन्य विभागों के साथ भी बैठक कर सकते हैं। इसे देखते हुए तमाम विभाग भी कसरत में जुटे हैं। गृह मंत्री शाह 13 अक्टूबर को सुबह जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचेंगे और फिर उत्तरकाशी जिले के हर्षिल के लिए रवाना होंगे।
अर्द्ध सैनिक बलों के जवानों के बीच भी बिता सकते हैं समय-
वह हर्षिल में वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत संचालित योजनाओं की जानकारी लेंगे। साथ ही अर्द्ध सैनिक बलों के जवानों के बीच भी कुछ समय बिता सकते हैं। इसके बाद वह देहरादून में एफआरआइ में तीन नए कानून और साइबर अपराध की चुनौतियों पर अधिकारियों के साथ विमर्श करेंगे।
अन्य विभागों के साथ भी कर सकते हैं बैठकें-
माना जा रहा है कि अमित शाह अन्य विभागों के साथ भी बैठकें कर सकते हैं। इसे देखते हुए विभाग अपनी-अपनी तैयारियों में जुटे हैं। गृह मंत्री इसी दिन शाम को दिल्ली रवाना होंगे।
अभिनेता परेश रावल से महानिदेशक सूचना ने की मुलाकात-
प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता परेश रावल इन दिनों अपनी नई फिल्म पास्ट टेंस की शूटिंग के लिए देहरादून आए हुए हैं। इस फिल्म का निर्देश अनंत नारायण महादेवन कर रहे हैं। महानिदेशक सूचना और उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बंशीधर तिवारी ने उनसे मुलाकात की। इस दौरान अभिनेता परेश रावल ने उत्तराखंड में लागू हुई नई फिल्म नीति की सराहना की।
देहरादून-मसूरी रोड पर फिल्म के सेट पर हुई मुलाकात के दौरान अभिनेता परेश रावल ने महानिदेशक सूचना को बताया कि उन्होंने अपनी दो बालीवुड फिल्मों की शूटिंग कुछ समय पहले ही उत्तराखंड में पूरी की है। इनके पोस्ट प्रोडक्शन का कार्य चल रह है। ये जल्द रिलीज होने वाली हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में सभी फिल्मों की शूटिंग की अनुमति की प्रक्रिया सरल होने के कारण उत्तराखंड बालीवुड और देश के अन्य राज्यों के लिए संपूर्ण फिल्म फ्रेंडली डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है।
महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी ने बताया कि सरकार ने नई नीति में फिल्मों के लिए पहले से अधिक अनुदान राशि को शामिल किया है। ओटीटी प्लेटफार्म पर रिलीज होने वाली फिल्मों और वेब सीरीज को भी अनुदान के लिए शामिल किया गया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार सरकार फिल्म निर्माण से जुड़े प्रत्येक क्षेत्र में रोजगार की गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ ही पर्यटन को भी प्रोत्साहित कर रही है। फिल्म के बारे में बताया गया कि इस फिल्म में आदित्य रावल, आदिल हुसैन, शरीब हाशमी, तनिष्ठा चटर्जी, गगन देव, स्मिता तांबे, सतीश शर्मा व श्रद्धा भट्ट प्रमुख भूमिका में हैं। इस दौरान संयुक्त निदेशक सूचना डा नितिन उपाध्याय भी उपस्थित थे।
दिल्ली की भावी मुख्यमंत्री आतिशी और उनका मंत्रिमंडल 21 सितंबर को शपथ लेंगे। आतिशी मार्लेना अरविंद केजरीवाल की जगह लेंगी। कहा जा रहा है कि आतिशी के साथ 5 मंत्री शपथ ले सकते हैं।
कैबिनेट में शामिल होने वाले संभावित मंत्रियों के नामों पर चर्चा जोरों पर है। इन नामों में गोपाल राय (Gopal Rai), कैलाश गहलोत (Kailash Gehlot), सौरभ भारद्वाज (Saurabh Bhardwaj), इमरान हुसैन और मुकेश अहलावत (Mukesh Ahlawat) शपथ ले सकते हैं।
फिर से मुख्यमंत्री बनेंगे केजरीवाल- आतिशी
दिल्ली (Delhi News) के अगले मुख्यमंत्री बनने का दावा पेश करने वाली आम आदमी पार्टी (AAP) की नेता आतिशी ने इससे पहले मंगलवार को कहा था कि वह निवर्तमान सीएम अरविंद केजरीवाल द्वारा उन पर जताए गए भरोसे से खुश हैं, लेकिन इस बात से भी दुखी हैं कि भ्रष्टाचार के झूठे आरोपों के चलते उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था। आगामी विधानसभा चुनाव में जनता फिर से केजरीवाल को सीएम चुनेगी।
दिल्ली की तीसरी महिला मुख्यमंत्री होंगी आतिशी-
43 साल की आतिशी दिल्ली की तीसरी महिला मुख्यमंत्री होंगी। इससे पहले सुषमा स्वराज और शीला दीक्षित दिल्ली की सीएम रह चुकी हैं। आतिशी, मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) के शिक्षा मंत्री रहते हुए उनकी सलाहकार के रूप में काम कर चुकी हैं।
सुप्रीम कोर्ट से आबकारी नीति घोटाले मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को जमानत मिल गई है। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को दो याचिकाओं पर फैसला सुनाया। न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने आबकारी नीति भ्रष्टाचार मामले में मुख्यमंत्री केजरीवाल को नियमित जमानत देने का फैसला सुनाया। इस संबंध में न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां ने उनके फैसले पर सहमति जताई। कोर्ट ने केजरीवाल को 10 लाख रुपये के मुचलके और दो जमानत राशियों पर जमानत दी। सीबीआई की गिरफ्तारी से जुड़ी याचिका पर जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि अपीलकर्ता की गिरफ्तारी अवैध नहीं थी।
कांग्रेस की केदारनाथ प्रतिष्ठा यात्रा का दूसरा चरण आज से शुरू हो गया है। यात्रा केदारनाथ धाम तक जाएगी। वहां पूजा अर्चना के साथ भैरव मंदिर में यात्रा का समापन किया जाएगा। बुधवार को रुद्रप्रयाग की ओर जाते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा का कीर्तिनगर पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। यहां उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक ली।
बैठक के दौरान माहरा ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से दूसरे चरण की केदारनाथ प्रतिष्ठा यात्रा में अधिक से अधिक संख्या में जुड़ने की अपील की। कहा कि हमारे मठ-मंदिरों को भाजपा साजिश के तहत अन्यत्र शिफ्ट करना चाहती है, जिसे कांग्रेस पार्टी द्वारा बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कहा कि बृहस्पतिवार को सीतापुर में सुबह साढ़े सात बजे सेवादल कार्यकर्ताओं द्वारा ध्वजारोहण के बाद सीतापुर से केदारनाथ के लिए यात्रा प्रारंभ होगी।

कृषि मंत्री गणेश जोशी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मुकदमा दर्ज होगा या नहीं इसका फैसला कोर्ट कैबिनेट के निर्णय के बाद लेगा। कोर्ट द्वारा इसके लिए इसके लिए 19 अक्टूबर की तिथि नियत की गई है।

आठ जुलाई 2024 का यह पत्र कार्मिक एवं सतर्कता विभाग की ओर से विजिलेंस को भेजा गया है। इस पत्र में सचिव मंत्री परिषद (गोपन विभाग) को शिकायत का अपने स्तर से परीक्षण कर यथोचित कार्रवाई करने को कहा गया है।
कोर्ट में कहा गया कि भारतीय संविधान के अनुसार मंत्री परिषद कार्यपालिका की निर्णय लेने के लिए सर्वोच्च संस्था है। इस पत्र से साफ होता है कि यह मामला पहले ही मंत्री परिषद को भेजा जा चुका है। कोर्ट में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के नियमानुसार ऐसे मामलों में मुकदमा दर्ज करने के आदेश से पहले कैबिनेट के फैसले का तीन महीने तक इंतजार किया जाता है।
उत्तराखंड में विधानसभा के मानसून सत्र का आज तीसरा दिन हंगामे के साथ शुरू हुआ. तीसरे दिन सदन में सत्र की कार्यवाही के दौरान विपक्ष के विधायकों ने आपदा प्रबंबधं का मुद्दा उठाया. आपदा के मुद्दे पर चर्चा के दौरान विपक्ष के विधायकों ने सदन से वाकआउट कर लिया.
विपक्ष के विधायकों ने किया सदन से वाकआउट-
कार्यवाही शुरू होने के बाद विधायकों ने नियम 310 के तहत आपदा के मुद्दे पर चर्चा की मांग की. आपदा के मामले पर चर्चा के दौरान सदन में जमकर हंगामा हुआ. जिसके बाद विपक्ष ने सदन से वाकआउट कर लिया. आपदा के मुद्दे पर सीएम धामी ने कहा कि राज्य सरकार आपदा ग्रस्त क्षेत्रों में पूरी गंभीरता से काम कर रही है। वह खुद आपदा ग्रस्त क्षेत्र में लगातार दौरे कर रहे हैं.
सीएम धामी ने कसा तंज-
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहां कि सरकारी मशीनरी भी आपदा को लेकर गंभीर है. मुख्यमंत्री धामी ने कहा कांग्रेस को 2013 की आपदा भी देखनी चाहिए जब आपदा पीड़ितों को राहत देने के बजाय कांग्रेस राजनीति करने के लिए दिल्ली में मौजूद थी.









