Category Archive : राजनीति

Liquor Scam: शराब घोटाले में कैसे शुरू हुई जांच और कितने लोग हुए अब तक गिरफ्तार? जानिये क्या है पूरा मामला।

264 Minutes Read -

Delhi: केजरीवाल की याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई, कोर्ट ने ईडी से मांगा जवाब, समन के खिलाफ दी थी अर्जी।

242 Minutes Read -

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ईडी द्वारा भेजे के समन को हाईकोर्ट में चुनौती दी। सीएम अरविंद केजरीवाल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। केजरीवाल की याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई हो रही है। उन्होंने ईडी के समन को गैरकानूनी बताया है।

दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा एजेंसी द्वारा उन्हें जारी किए गए कई समन को चुनौती देने वाली याचिका पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से जवाब मांगा है। कोर्ट ने सुनवाई की तारीख 22 अप्रैल 2024 तय की है।

मंगलवार को याचिका में केजरीवाल ने तर्क रखा कि सभी समन गैरकानूनी है और निचली अदालत की ओर से उनके खिलाफ नोटिस जारी किए जाने के बावजूद ईडी व सीबीआई बार-बार समन जारी कर रही है। यह मात्र राजनीतिक रूप से जारी किए गए है।

ईडी ने निचली अदालत में कहा था कि केजरीवाल को आठ बार समन जारी किया गया, लेकिन वे इसका अनुपालन नहीं करते हुए एक बार भी पेश नहीं हुए हैं। इसको लेकर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। उस मामले में केजरीवाल अदालत में पेश होकर जमानत ले चुके हैं। केजरीवाल के खिलाफ नौवां समन हाल ही में जारी किया गया है। मजिस्ट्रेट की अदालत ने ईडी की दो शिकायतों पर समन जारी किया था। पहली शिकायत पर सुनवाई के दौरान अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट दिव्या मल्होत्रा ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि केजरीवाल ईडी के समन का सम्मान करने के लिए बाध्य हैं।

धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत समन जारी होने के बावजूद जांच में शामिल होने में बार-बार विफल रहने के बाद ईडी ने केजरीवाल के खिलाफ अदालत से शिकायत की है।

Lok Sabha Election: BJP से टिकट कटा तो क्या इस पार्टी से चुनाव लड़ेंगे वरुण गांधी?

140 Minutes Read -

भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में अभी तक 51 प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। सोमवार को दिल्ली में भाजपा कोर कमेटी की बैठक में यूपी की 25 सीटों पर उम्मीदवारों के चयन पर मंथन किया गया। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में हुई बैठक में भाजपा के साथ ही सहयोगियों की दी जाने वाली सीटों पर भी चर्चा की गई।

दरअसल, बरेली मंडल की तीन लोकसभा सीटों बरेली, बदायूं और पीलीभीत से भाजपा के दावेदारों को टिकट का इंतजार है। उम्मीद थी कि पार्टी की दूसरी सूची में इन सीटों पर प्रत्याशी तय हो जाएंगे, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। बुधवार को दूसरी सूची जारी होने के बाद तीनों लोकसभा क्षेत्रों में बदलाव के कयास और तेज हो गए।

इधर, पीलीभीत से पिछला चुनाव भाजपा से वरुण गांधी जीते थे। लेकिन, कुछ ही दिनों बाद से उनके तेवर बदल गए। वह कई बार अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़े करते और उससे सवाल करते नजर आए। अभी तक इस सीट पर भाजपा ने पत्ते नहीं खोले हैं। सपा और बसपा भी अभी चुप्पी साधे हुए है।

हालांकि टिकट के लिए बढ़ते इंतजार के बीच वरुण के बोल बदले हैं। पिछले दिनों पीलीभीत को मिली सौगातों पर उन्होंने वर्चुअल कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार भी जताया था। हालांकि वरुण गांधी की ओर टिकट कटने या मिलने पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन कयास लगाए जा रहे हैं कि टिकट कटने पर वो किसी दूसरे दल से मैदान में उतर सकते हैं।

सपा से चुनाव लड़ सकते हैं वरुण गांधी-


उधर, अखिलेश यादव ने वरुण गांधी को भी टिकट देने को लेकर संकेत दिया है। उन्होंने इस पर विचार करने की बात कही है। दरअसल, लखनऊ में भाजपा सांसद वरुण गांधी को टिकट देने से संबंधित सवाल पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि इस बारे में हमारा संगठन निर्णय लेगा। प्रदेश सपा मुख्यालय पर आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में अखिलेश यादव ने यह बातें कहीं।

मेरे संपर्क में नहीं ब्रज भूषण-


इससे पहले, अखिलेश ने कैसरगंज से भाजपा सांसद बृजभूषण सिंह को टिकट देने पर भी बयान दिया था। कैसरगंज से भाजपा सांसद बृजभूषण सिंह को सपा से टिकट देने के सवाल पर अखिलेश ने कहा कि आप लोग (संवाददाता) कह रहे हो तो टिकट दे देंगे। फिर यह पूछे जाने पर कि ब्रजभूषण आपके संपर्क में हैं, उन्होंने कहा कि ब्रजभूषण सिंह मेरे संपर्क में नहीं हैं।

Lok Sabha Election 2024: चुनाव के लिए आज होगी अधिसूचना जारी, रोजाना सुबह 11 से 3 बजे तक होंगे नामांकन।

227 Minutes Read -

Uttarakhand: अब चुनाव नतीजों तक नहीं बनेगा कोई भी नया मतदाता, वोट बनाने की मुराद नहीं होगी पूरी, जानिए वजह.

231 Minutes Read -

अब चुनाव नतीजों तक कोई भी नया मतदाता नहीं बनेगा। अगर आप आगामी लोकसभा चुनाव के लिए अपना वोट बनवाना चाह रहे हैं, तो ये मुराद पूरी नहीं हो पाएगी। नामांकन की अंतिम तिथि से 10 दिन पहले तक जिन्होंने वोट बनवाने या मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए आवेदन किया होगा और वह निर्वाचन कार्यालय के सॉफ्टवेयर में आ गया होगा, केवल वही लोकसभा चुनाव में मतदान कर सकेंगे।

दरअसल, नियमानुसार नामांकन की अंतिम तिथि से 10 दिन पहले तक मतदाता बनने का अवसर दिया जाता है। चूंकि, राज्य में 27 को नामांकन की अंतिम तिथि है, इसलिए 17 मार्च तक ही ये मौका था। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक, अब जो भी नया मतदाता बनने के लिए आवेदन करेंगे, उनकी प्रक्रिया सॉफ्टवेयर में आगे नहीं बढ़ पाएगी।

7  जून को आचार संहिता खत्म होने के बाद ही उनका वोट बन सकेगा। हां, 17 से पहले जिनके आवेदन प्रोसेस में आ चुके हैं, उनका वोट बनेगा और वह इस लोकसभा चुनाव में मतदान भी कर सकेंगे।

दिव्यांग, 85 से अधिक आयु के मतदाताओं को फार्म 12-डी-

प्रदेश के 79,965 दिव्यांग और 85 वर्ष से अधिक आयु के 65,177 मतदाताओं को उनके बीएलओ घर पर ही फार्म 12-डी मुहैया करा रहे हैं। आप भी अपने बीएलओ से संपर्क कर सकते हैं। इस फार्म को भरकर बीएलओ को ही देना है। इसके बाद चुनाव आयोग की टीम आपके घर पर ही मतदान की सुविधा देगी। पांच अप्रैल को घर से वोट करने वाले मतदाताओं की संख्या स्पष्ट हो जाएगी।

Uttarkashi: मानदेय बढ़ोतरी की मांग को लेकर निकाला जुलूस, विरोध प्रदर्शन के दौरान बेहोश हुई आंगनबाड़ी कार्यकर्ता।

252 Minutes Read -

राजकीय कर्मचारी घोषित करने और मानदेय बढ़ोतरी की मांग पूरी नहीं होने से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं में भारी रोष है। शुक्रवार को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जुलूस निकाला। इस दौरान एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता संगीता सेमवाल बेहोश हो गई।

जुलूस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य के पुतलों के साथ निकाला गया। शहर के मुख्य मार्गों से होता हुआ जुलूस बस अड्डे तक पहुंचा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सेविका व मिनी आंगनबाड़ी कर्मचारी संगठन के बैनर तले जनपद भर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता प्रदर्शन में शामिल हुईं।

कार्यकर्ताओं ने पुतला फूंककर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बता दें कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता 19 फरवरी से कलेक्ट्रेट परिसर में अनिश्चितकालीन धरने पर हैं। जिनके धरने को आज 25 दिन पूरे हो चुके हैं। अब लोकसभा चुनाव के लिए कभी भी आचार संहिता लगने और मांगे पूरी न होने पर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

Pithoragarh: सन 2000 के बाद आए व्यापारियों की दुकानों में लगेंगे ताले, किराए पर दिए मकान कराए खाली, जानिए पूरी वजह.

163 Minutes Read -

सन 2000 के बाद धारचूला नगर में व्यापार कर रहे बाहर के सभी व्यापारियों कि घर वापसी तय हो गई है। शुक्रवार को पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस धारचूला में व्यापार संघ अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह थापा की अध्यक्षता में कोर कमेटी की बैठक हुई। जिसमें चिन्हित व्यापारियों के द्वारा दिए गए दस्तावेजों की जांच के बाद 91 व्यापारियों का पंजीकरण सर्वसम्मति से निरस्त कर दिया गया। सभी व्यापारियों को शनिवार से अपने दुकान बंद रखने के लिए बताया गया है।

व्यापार संघ के महासचिव महेश गर्ब्याल ने बताया कि व्यापार सिंह की कोर कमेटी ने सर्व समिति से 91 व्यापारियों के पंजीकरण को निरस्त कर दिया है। पंजीकरण निरस्त होने के बाद सभी को अपने प्रतिष्ठान बंद रखने के लिए भी बता दिया गया है। व्यापार संघ अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह थापा ने बताया कि चिन्हित 175 व्यापारियों को सन 2000 से पूर्व व्यापार करने का प्रमाण देने के लिए समय दिया गया था। इसके बाद सर्वसम्मति से निर्णय ले लिया गया है।

महेंद्र सिंह बुदियाल ने कहा कि बाहर के 91 व्यापारियों के जाने से स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा। क्षेत्र में अराजकता की संभावनाएं भी कम हो जाएगी। बता दें कि व्यापार मंडल और स्थानीय लोगों के विरोध के बाद कई भवन स्वामियों ने बाहरी लोगों को दुकान और भवन खाली करने को बोल दिया है।

बता दें कि, धारचूला में पिछले दिनों बरेली के मुस्लिम युवक द्वारा दो नाबालिग युवतियों को भगाकर ले जाने के बाद लोगों में काफी आक्रोश था। तब से लोकल लोग बाहरी लोगों को धारचूला छोड़ने की चेतावनी देते आ रहे है।

बैठक में संरक्षक कमल कौशल, अध्यक्ष भूपेंद्र थापा उपाध्यक्ष प्रकाश गुंज्याल, महासचिव महेश गर्ब्याल, सचिव अश्विनी नपलच्याल, कोषाध्यक्ष खड़क सिंह दानू, नवीन खर्कवाल, राजेंद्र नबियाल, गजेंद्र गुंज्याल आदि मौजूद रहे।

Haryana: कौन हैं हरियाणा के नए मुख्यमंत्री नायब सैनी? जो है मनोहर लाल खट्टर के बेहद करीबी; पढ़ें राजनीतिक सफर.

436 Minutes Read -

नायब सिंह सैनी हरियाणा के नए सीएम होंगे। नायब सैनी 25 जनवरी 1970 को अंबाला के गांव मिर्जापुर माजरा में सैनी परिवार में जन्मे थे। वे बीए और एलएलबी हैं। सैनी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े हैं। सैनी ओबीसी समुदाय से आते हैं। उन्हें संगठन में काम करने का लंबा अनुभव है।

वे साल 2002 में युवा मोर्चा बीजेपी अंबाला से जिला महामंत्री बने। इसके बाद साल 2005 में युवा मोर्चा भाजपा अंबाला में जिला अध्यक्ष रहे। सैनी 2009 में किसान मोर्चा भाजपा हरियाणा के प्रदेश महामंत्री भी रहे। 2012 में वे अंबाला भाजपा के जिला अध्यक्ष बने। आरएसएस के समय से सैनी को मनोहर लाल का करीबी माना जाता है। सूत्र बताते हैं कि सीएम ने ही उन्हें कुरुक्षेत्र से टिकट देने की पैरवी की थी।

2014 में सैनी ने नारायणगढ़ विधानसभा से चुनाव जीता। साल 2016 में वे हरियाणा सरकार में मंत्री पद पर रहे। पिछले लोकसभा चुनाव में वे कुरुक्षेत्र से सांसद चुने गए। कुछ समय पहले ही उन्हें भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई थी।

Uttarakhand Cabinet: धामी मंत्रिमंडल की बैठक में लोकसभा चुनाव से पहले कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर लगी मुहर, पढ़िए ये सभी प्रस्ताव।

188 Minutes Read -

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सोमवार को मंत्रिमंडल की बैठक हुई। लोकसभा चुनाव से पहले हुई इस कैबिनेट बैठक कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी। सचिवालय स्थित विश्वकर्मा भवन के सभागार में कैबिनेट बैठक शुरू होगी, जिसमें कई विभागों से संबंधित प्रस्ताव पर चर्चा की जाएगी।

कैबिनेट में प्रदेश की पहली सेवा क्षेत्र नीति के साथ ही बेसिक शिक्षकों की सेवा नियमावली में संशोधन और निजी भूमि पर पेड़ काटने की अनुमति के प्रस्ताव को मंजूरी मिली। इसके अलावा विभागों की सेवा नियमावली और शिक्षा, स्वास्थ्य, शहरी विकास, आवास, पर्यटन, कृषि से संबंधित प्रस्ताव भी चर्चा हुई।


ये फैसले हुए-

स्वास्थ्य – अटल आयुष्मान योजना के तहत सरकारी अस्पतालों में डायलसिस सेंटर पर 100% प्रतिपूर्ति सरकार देगी

कौशल विकास – वर्ल्ड बैंक के सहयोग से 630 करोड़ का होगा वर्कफोर्स डिवेलपमेंट प्रोजेक्ट। कैबिनेट की मंजूरी। पहले 450 करोड़ था।

  • आईटीआई समेत तमाम काम होने से लखवाड़ परियोजना के तहत विस्थापन नीति को मंजूरी।
  • उत्तराखंड सेवा क्षेत्र नीति के प्रख्यापन को मंजूरी। यू्आईडीबी संचालित करेगा। 2030 तक कि नीति है। निवेश की न्यूनतम सीमा अलग अलग रखी गई है। सब्सिडी की सीमा कुल निवेश का 25% या 100 करोड़ होगी।
  • राजकीय होटल मैनेजमेंट संस्थान देहरादून और अल्मोड़ा की सेवा नियमावली को मंजूरी।
  • गढ़ी नेगी क्षेत्र काशीपुर को नगर पंचायत बनाया।
  • 100 छात्रों को 5000 प्रति माह, जो पीएचडी कर रहे हों, कहीं और से कोई स्कॉलरशिप न मिल रही हो।
  • सुप्रीम के आदेश के तहत प्राथमिक शिक्षक भर्ती में बीएड की अनिवार्यता खत्म।
  • पिथौरागढ़ के आदि कैलाश, ओम पर्वत का 5 दिवसीय हेली दर्शन होगा। छह माह के लिए ट्रायल होगा। पैकेज टूर होगा। पर्यटन विभाग के इस प्रस्ताव पर मुहर
  • कैंसर हॉस्पिटल हर्रावाला और मातृ हॉस्पिटल पीपीपी मोड में चलेगा।
  • शिक्षक भर्ती के लिए बीएड की डिग्री मान्य नहीं होगी।
  • हेली दर्शन कार्यक्रम शुरू होगा। कैलाश ओम पर्वत के लिए शुरू होगी योजना। चार रात पांच दिन का पैकेज छह महीने के लिए।
  • इन्वेस्टर समिट के तहत हर्रावाला और हरिद्वार में अस्पताल बनेंगे पीपीपी मोड पर।

Uttarakhand: लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को लगा बड़ा झटका, मनीष खंडूडी ने कांग्रेस से दिया इस्तीफा।

1,089 Minutes Read -

लोकसभा चुनाव से ठीक पहले उत्तराखंड कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। पौड़ी लोकसभा सीट से प्रबल दावेदार माने जा रहे कांग्रेस सीट के दिग्गज नेता मनीष खंडूरी ने कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया। 

मनीष खंडूरी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए ये बात शेयर की सोशल मीडिया पर जारी पोस्ट में उन्होंने बताया कि मैं भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से तत्काल प्रभाव से त्यागपत्र दे रहा हूं। मेरा यह निर्णय बिना किसी व्यक्तिगत हित अथवा अपेक्षा से लिया गया है।

कांग्रेस के गढ़वाल लोकसभा प्रत्याशी मनीष खंडूरी का जन्म पूर्व मुख्यमंत्री व गढ़वाल सांसद मेजर जनरल बीसी खंडूड़ी के घर 16 अक्टूबर 1968 को हुआ। शिक्षा में बचपन से ही अव्वल मनीष ने नेताजी सुभाष चंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से बीए की परीक्षा उत्तीर्ण की है।
उत्तराखंड में गढ़वाल लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी मनीष खंडूरी को इंजीनियरिंग और मीडिया के क्षेत्र में महारत हासिल है। चुनाव से ठीक पहले पार्टी से इस्तीफा देने के अब कई राजनीतिक मायने सामने आ रहे हैं।