Category Archive : राजनीति

महाकुंभ की तरह सबके लिए समान भाव रखता है यूसीसी’

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देश में सबसे पहले उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू करने के बाद महाकुंभ पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यूसीसी भी महाकुंभ की तरह ही लोगों में समान भाव रखता है। कोई भेदभाव नहीं है। अब जहां लोगों को शादी का रजिस्ट्रेशन कराना होगा, वहीं तलाक भी कोर्ट के आदेश पर ही हो सकेगा। महिलाओं को भी समान अधिकार दिए गए हैं,उत्तराखंड देवभूमि है। यहां हर साल करोड़ों श्रद्धालु चारधाम, हरिद्वार, नीम करौली समेत विभिन्न जगहों पर धार्मिक आयोजनों में हिस्सा लेने आते हैं। ऐसे में यह आवश्यक हो जाता है कि यहां की सामाजिक संरचना में कोई भेदभाव या असमानता न हो। यूसीसी लागू करने का कदम समाज में समान अधिकार और कर्तव्यों की भावना को सुदृढ़ करेगा।

 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि महाकुंभ केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है। यह भारतीय संस्कृति, एकता और समरसता का प्रतीक है। करोड़ों लोगों के इस आयोजन में भाग लेने से यह स्पष्ट होता है कि हमारी संस्कृति विविधता में एकता को मान्यता देती है। यूसीसी इस भावना को और मजबूत करेगा। जब एक समान कानून होगा, तो हर व्यक्ति यह महसूस करेगा कि वह इस देश का अभिन्न हिस्सा है और यही भावना महाकुंभ की आत्मा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यूसीसी का उद्देश्य किसी समुदाय की परंपराओं या धर्म में हस्तक्षेप करना नहीं है। बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि सभी नागरिक समान अधिकारों और कर्तव्यों के साथ एक समाज में रहें। महाकुंभ जैसे आयोजन में सभी लोग बिना भेदभाव के एकत्रित हो सकते हैं, तो समाज में भी यह भावना यूसीसी के माध्यम से स्थापित हो सकती है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यूसीसी का उद्देश्य धार्मिक स्वतंत्रता को सीमित करना नहीं, इसे और सुदृढ़ करना है। यह सुनिश्चित करेगा कि हर व्यक्ति को बिना भेदभाव के अधिकार मिले। महाकुंभ की तरह, जहां लोग अपने तरीके से पूजा-अर्चना करता है, यूसीसी भी व्यक्तिगत स्वतंत्रता को बनाए रखते हुए समानता की भावना को बढ़ावा देगा।उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू (यूसीसी) करने पर सीएम पुष्कर सिंह धामी को प्रयागराज के संत समागम में सम्मानित किया गया। धामी ने कहा, संतों की ओर से मेरा सम्मान उत्तराखंड के हर नागरिक का सम्मान है। देवभूमि में किसी भी धर्म या जाति के लिए अब समान कानून हैं। समागम में आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज, स्वामी चिदानंद मुनि महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी बालकानंद गिरी समेत कई संत मौजूद रहे।

अनुशासनहीनों को भाजपा नहीं देगी संगठन में कोई भी पद

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भाजपा संगठनात्मक चुनाव को लेकर प्रदेश स्तरीय कार्यशाला में 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए संगठन को मजबूत करने का संकल्प लिया गया। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा, अनुशासनहीन व पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल व्यक्ति को संगठन में कोई पद दिया जाएगा और न ही ऐसे व्यक्ति को पार्टी में लिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्दलीयों को पार्टी में शामिल नहीं किया जाएगा।

प्रदेश स्तरीय कार्यशाला में भाजपा अध्यक्ष भट्ट ने कहा, मंडल व जिला स्तर संगठनात्मक चुनाव में सक्षम, समर्थ और समर्पित कार्यकर्ताओं की टीम चयन का समय आ गया है। उन्हीं के दम पर हमें 2027 में तीसरी बार भाजपा सरकार उत्तराखंड में बनानी है।

लिहाजा हमें सभी सामाजिक, क्षेत्रीय और वर्गों को ध्यान में रखते हुए मजबूत संगठन खड़ा करना है। हम सबका प्रयास होना चाहिए कि फरवरी तक जिला अध्यक्षों के चुनाव हो जाए और मार्च में होने वाले राष्ट्रीय अध्यक्षों के निर्वाचन में राज्य की भागीदारी भी सुनिश्चित हो सके। 

भट्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी कीमत पर अनुशासनहीनता करने वाले को पद न दिया जाए। इसमें प्रदेश नेतृत्व ही नहीं पर्यवेक्षकों और कार्यकर्ताओं को में सक्रिय भूमिका निभानी है। सबकी प्राथमिकता सर्वसम्मति से चुनाव कराने की होनी चाहिए।

धामी सरकार के ऐतिहासिक कार्यों की देशभर में हो रही चर्चा : चाहर

कार्यशाला में केंद्रीय पर्यवेक्षक व किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सांसद राजकुमार चाहर ने संगठन चुनाव को लेकर शीर्ष नेतृत्व के दिशा-निर्देशों की जानकारी साझा की। कहा, भाजपा के पास राष्ट्र और समाज के लिए कार्य करने वाले कार्यकर्ताओं की पूरी फौज है, जो अन्य दलों की भांति कभी थकती नहीं है। राज्य में सदस्यता अभियान की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा, 15 लाख लक्ष्य के सापेक्ष 21 लाख प्राथमिक सदस्य बनाए हैं। उन्होंने कहा, आने वाले समय में राजनीति में मातृशक्ति की भागीदारी बनी है। लिहाजा, उसके लिए अभी से संगठन को भी तैयार होना चाहिए। 20 फरवरी तक मंडल और 28 फरवरी तक सभी जिलों में अध्यक्ष के चयन किया जाना है। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की तारीफ करते हुए कहा, देशभर में उत्तराखंड सरकार के ऐतिहासिक और साहसिक कार्यों की चर्चा हो रही है।

कार्यशाला में ये रहे मौजूद

कार्यशाला में राष्ट्रीय सह कोषाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं प्रदेश सह प्रभारी रेखा वर्मा, प्रदेश महामंत्री संगठन अजेय कुमार, प्रदेश चुनाव अधिकारी खजान दास, प्रदेश महामंत्री आदित्य कोठारी, खेलेंद्र चौधरी, राजेंद्र बिष्ट, प्रदेश उपाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद कल्पना सैनी, मुकेश कोली, प्रदेश मंत्री आदित्य चौहान, मीरा रतूड़ी, प्रदेश कार्यालय सचिव कस्तूभानंद जोशी, प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान, दीप्ति रावत, नगर निगम मेयर सौरभ थपलियाल मौजूद रहे।

त्रिवेणी संगम पर सीएम धामी ने मां को लगवाई डुबकी, इच्छा पूरी कर हुए भावुक

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने त्रिवेणी संगम में मां को स्नान कराकर उनकी इच्छा पूरी की। सीएम धामी और उनकी पत्नी गीता धामी दोनों ने मिलकर मां को स्नान कराया। गंगा में डुबकी लगाने के बाद उन्होंने कहा कि यह मेरे जीवन के उन अमूल्य और भावुक क्षणों में से एक है, जिन्हें शब्दों में पिरोना संभव नहीं।

सोमवार को सीएम धामी परिवार के साथ प्रयागराज महाकुंभ पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि त्रिवेणी संगम के पुण्य सलिल में मां को स्नान कराने का सौभाग्य मिला। वेदों, शास्त्रों और पुराणों में उल्लेखित है कि कोई भी जीव माता के ऋण से कभी उऋण नहीं हो सकता क्योंकि माता ही वह प्रथम स्रोत हैं, जिनसे हमारा अस्तित्व जुड़ा हुआ है।

CM Dhami took a dip at Triveni Sangam in Prayagraj Maha Kumbh made his mother take a bath Watch Photos

माता का स्नेह अनंत, उनकी ममता अपरिमेय और उनका आशीर्वाद अक्षुण्ण होता है। इस दिव्य क्षण में अनुभव हुआ कि माँ केवल जन्मदात्री ही नहीं बल्कि सजीव तीर्थ हैं, जिनकी सेवा और सम्मान से जीवन के समस्त पुण्य फलीभूत होते हैं। यह भावपूर्ण क्षण मेरे लिए सनातन संस्कृति, परंपरा और मातृभक्ति का सजीव स्वरूप बनकर हृदयपटल पर सदैव अंकित रहेगा।इससे पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रयागराज में रविवार को आचार्य शिविर में आयोजित समानता के साथ समरसता कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

CM Dhami took a dip at Triveni Sangam in Prayagraj Maha Kumbh made his mother take a bath Watch Photos

 

इस अवसर पर सभी संतों ने उत्तराखंड राज्य में सर्वप्रथम समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने पर मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया। संतो द्वारा पुष्पमाला के साथ मुख्यमंत्री को सम्मानित किया गया।इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी संतों को धन्यवाद अर्पित करते हुए कहा कि त्रिवेणी की पवित्र भूमि और महाकुंभ के शुभ अवसर पर पूज्य संतों का आशीर्वाद मिलना सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विकसित भारत की कल्पना में पूज्य संतों का आशीर्वाद सबसे जरूरी है।न्होंने कहा समान नागरिक संहिता लागू करना, विकसित भारत की ओर कदम बढ़ाना है। मेरा जो सम्मान संतों ने किया है, वो उत्तराखंड के प्रत्येक नागरिक का सम्मान है।

बांग्लादेशी-घुसपैठियों का समर्थन और प्रोटेक्शन करती है दिल्ली की ‘आप’ सरकार, CM धामी का हमला.

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Dehradun: दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर चुनावी शोर थम चुका है.  इस बार दिल्ली चुनाव में बीजेपी ने तमाम दिग्गजों को चुनाव प्रचार में उतारा, जिसमें सीएम पुष्कर धामी भी शामिल रहे. उन्होंने चुनाव प्रचार को धार दी. वहीं, दिल्ली में चुनावी प्रचार प्रसार कर देहरादून लौटे सीएम धामी ने बड़ा बयान दिया है. सीएम धामी ने आरोप लगाते हुए कहा कि दिल्ली की आप सरकार एक ओर घुसपैठियों-बांग्लादेशियों का समर्थन और प्रोटेक्शन करती है तो वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश, बिहार और उत्तराखंड के लोगों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है.

 

सीएम धामी ने बांग्लादेशी घुसपैठिए के मामले में आप सरकार को घेरा-

 

 उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिल्ली में प्रचार प्रसार के दौरान बांग्लादेशी घुसपैठियों के मामले को लेकर आप सरकार पर जमकर निशाना साधा था. सीएम धामी ने आरोप लगाते हुए कहा कि जब घुसपैठियों और बांग्लादेशियों की बात आती है तो आम आदमी पार्टी वाले उनका समर्थन करते हैं. साथ ही उनको प्रोटेक्शन करते हैं. जबकि, उत्तर प्रदेश, बिहार और उत्तराखंड के रहने वाले लोगों को अपना नहीं समझते हैं, बल्कि उनको बाहरी समझते हैं. साथ ही इन लोगों के साथ दोगलापन जैसा व्यवहार करते हैं.

 

सीएम धामी- 

 

सीएम धामी ने कहा कि जब बांग्लादेश में नरसंहार हो रहा था. हिंदुओं के साथ अत्याचार और अमानवीय व्यवहार हो रहा था. माताओं-बहनों के साथ हर तरह से अन्याय हो रहा था, उस दौरान इन लोगों ने एक भी आवाज नहीं उठाई. जबकि, ये लोग छोटी-छोटी बातों पर जंतर मंतर में धरना करते हैं. कभी कैंडल मार्च निकालते हैं, लेकिन बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के मामले पर विपक्ष को सांप सूंघ गया था. यही वजह है कि दिल्ली की जनता अब इनसे सवाल कर रही है कि उस दौरान इन्होंने सवाल क्यों नहीं उठाया?

 

जेएनयू की रिपोर्ट से खलबली-

 

 दरअसल, दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के बीच बांग्लादेशी घुसपैठियों का मामला काफी चर्चाओं में रहा. हाल ही में जेएनयू (जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय) ने एक रिपोर्ट भी जारी की है. जिसके अनुसार दिल्ली के 20 इलाकों में बांग्लादेशी घुसपैठियों की आबादी काफी ज्यादा है. अनुमान लगाया जा रहा है कि दिल्ली में करीब बांग्लादेशी घुसपैठियों की आबादी 20 लाख है. यही वजह है कि बीजेपी लगातार इस पूरे मामले पर सवाल उठा रही है. विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी इस मामले को भुनाने की कवायद में भी जुटी हुई है.

 

गणतंत्र दिवस परेड में उत्तराखंड की झांकी को मिला तीसरा स्थान, दिल्ली में किया गया पुरस्कृत

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नई दिल्ली कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस समारोह में राज्य की ओर से सांस्कृतिक विरासत एवं साहसिक खेल थीम पर उत्तराखंड की झांकी को पीपुल्स चॉइस अवॉर्ड श्रेणी में तृतीय स्थान प्राप्त करने के लिये पुरस्कृत किया गया।नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय रंगशाला शिविर में बृहस्पतिवार को केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने सूचना एवं लोक संपर्क विभाग के महानिदेशक बंशीधर तिवारी और झांकी के टीम लीडर/संयुक्त निदेशक के.एस चौहान ने संयुक्त रूप से प्राप्त किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर “सांस्कृतिक विरासत एवं साहसिक खेल” थीम पर यह झांकी तैयार की गई थी।

Uttarakhand tableau got third place in India on Republic Day 2025 parade, was awarded in Delhi

झांकी को पुरस्कार के लिए चुने जाने पर मुख्यमंत्री धामी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि देश-विदेश के लोग “सांस्कृतिक विरासत एवं साहसिक खेल” के साथ ही उत्तराखंड की लोक संस्कृति से भी परिचित हुए हैं। कहा कि उत्तराखंड की झांकी ने कर्तव्य पथ पर सभी का ध्यान आकर्षित किया और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत व साहसिक खेलों को बखूबी रूप से प्रस्तुत भी किया।

झांकी के थीम सांग में इनका रहा योगदान
झांकी का थीम सांग “झुमैलो“ था। “झुमैलो“ गीत को जितेंद्र पंवार ने लिखा और गायक अभिनव चौहान ने स्वर दिया है। इसे अमित वी. कपूर ने संगीत देकर तैयार किया। झांकी के अग्र भाग में जो ऐपण कला प्रदर्शित की गई उसे चंपावत जिले के हस्त कलाकार निकिता, अंजलि, सुरेश राजन और योगेश कालोनी ने बनाया। झांकी का निर्माण स्मार्ट ग्राफ आर्ट एडवर्टाइजिंग प्रा.लि.के निदेशक सिद्धेश्वर ने किया गया। लीडर केएस चौहान के साथ चंपावत जिले 15 कलाकारों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

राज्य को तीन पुरस्कार मिल चुके
नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय रंगशाला शिविर में सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रतियोगिता में राज्य के कलाकारों ने प्रसिद्ध जागर गायन एवं लोकनृत्य छपेली प्रतियोगिता की प्रस्तुत दी गई। जिसको गठित समिति ने पुरस्कार के लिए चयनित किया। राज्य गठन के बाद से गणतंत्र दिवस समारोह में अब तक राज्य को तीन पुरस्कार मिले हैं जिनमें वर्ष 2021 में केदारखंड झांकी को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। वर्ष-2023 में मानसखंड झांकी को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ और वर्ष 2025 में सांस्कृतिक विरासत एवं साहसिक खेल झांकी को पीपुल्स चॉइस अवॉर्ड श्रेणी में तृतीय स्थान प्राप्त हुआ है।

हरिद्वार जा रहे खानपुर विधायक उमेश कुमार को लच्छीवाला में पुलिस ने रोका, कोतवाली लाया गया

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हरिद्वार जा रहे खानपुर विधायक उमेश कुमार को पुलिस ने डोईवाला के पास रोक लिया। उमेश कुमार को पुलिस ने टोल टैक्स लच्छीवाला पर रोक कोतवाली लेकर आ गए।इस दौरान भारी पुलिस फोर्स मौजूद रहा। विधायक उमेश कुमार की पत्नी ने बताया कि वह शांतिपूर्वक बैठक में भाग लेने जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। बता दें, बीते रविवार को चैंपियन और उनके समर्थक बड़ी संख्या में उमेश कुमार के कार्यालय पर पहुंचे और जमकर तोड़फोड़ करते हुए समर्थकों से मारपीट कर दी थी। इस दौरान ताबड़तोड़ फायरिंग भी की गई है।

कुछ देर बाद विधायक उमेश कुमार भी वहां पहुंच गए। वह भी बंदूक लेकर भागे और हंगामा कर दिया। जिसके बाद समर्थकों ने उन्हें संभाला। सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और घटना की जानकारी ली।वहीं, देर शाम देहरादून में नेहरू कालोनी थाना पुलिस ने पूर्व विधायक कुंवर प्रवण सिंह चैंपियन को मामले में हिरासत में ले लिया। हरिद्वार पुलिस की ओर से पूर्व विधायक चैंपियन और वर्तमान विधायक खानपुर उमेश कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इसके अलावा उनके समर्थकों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है।

सीएम धामी के कंधे पर जुड़ा चुनावी सफलता का एक और सितारा

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निकाय चुनाव की शुरुआत में 11 नगर निगम की मेयर सीट पर भाजपा व कांग्रेस के बीच कड़े मुकाबले की उम्मीद लग रही थी। कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दल सत्ता विरोधी रुझान को कैश कर भारी उलटफेर करने की रणनीति पर काम भी कर रहे थे।

दून, ऋषिकेश,हल्द्वानी ,श्रीनगर, कोटद्वार व पिथौरागढ़ समेत अन्य निगमों में कांग्रेस ने आक्रामक प्रचार कर कुछ सीटों की उम्मीद भी जगा कर रखी। कांग्रेस ने नगर निकाय के ज्वलन्त मुद्दे भी उठाए।

कई निकायों से जुड़े भाजपा के चर्चित मंत्री व विधायकों के खिलाफ कांग्रेस ने जोरदार हमला बोल कर चुनावी माहौल गरमाया।

लेकिन जैसे जैसे मतदान की तारीख करीब आयी ,भाजपा अपनी रणनीति को बखूबी अमलीजामा पहनाती दिखी।

सीएम धामी के 13 जिलों में ताबड़तोड़ जनसभाएं व रोड शो में मतदाता से विकास के वादे के साथ ट्रिपल इंजन की सरकार बनाने की बात कही।
सीएम धामी ने साफ तौर पर केंद्र, राज्य के साथ अब निकाय में जीत की अपील की। कहा कि, उम्मीदवार को जिताने की बारी आपकी और फिर विकास की गारंटी मेरी।

चुनाव से कुछ दिन पूर्व कुमाऊं के उत्तरायणी मेले में रोटी पर थूक लगाने का वीडियो वायरल होते ही धामी सरकार तुरन्त एक्शन में आ गयी। और दोषियों को गिरफ्तार करते ही सीएम धामी ने थूक जिहाद के खिलाफ जमकर बोला।

 

किसी मेले में रोटी पर थूक लगाने की घटना ने चुनाव के मुद्दों में प्रमुख जगह बनाई। इसी दौरान सीएम धामी ने कैबिनेट से यूसीसी को पास करवा अपनी उपलब्धि को नये सिरे से मतदाताओं के सामने रखा।

सीएम धामी ने अपने चुनाव प्रचार में यह भी कहा कि प्रदेश में फतवे की राजनीति करने वालों को जनता नकारेगी।

बीच चुनाव प्रचार के दौरान धामी सरकार ने काशीपुर में अतिक्रमण किये हुए दो अवैध धार्मिक स्थल तुड़वा दिए।

हाथ से निकल चुकी ऋषिकेश नगर निगम सीट पर सीएम धामी के आखिरी क्षण में कई गयी जनसभा का असर चुनावी नतीजों में झलका।
पहाड़ी बनाम बाहरी के चुनाव में सीएम धामी ने क्षेत्रवाद व जातिवाद से ऊपर उठकर मतदान की अपील की। यहां भाजपा के शम्भू पासवान जीत गए।

रुड़की नगर निगम की सीट पर भी मुकाबला कड़ा हो गया था। चुनाव प्रचार के दौरान इमरान मसूद की ‘बयानबाजी’ को भाजपा ने लपका। और यहां हिन्दू मतों के ध्रुवीकरण का असर भी देखने को मिला।

इस निकाय चुनाव में भाजपा के कई मंत्री व विधायकों के खिलाफ मतदाता नाराज दिखा। कई निकाय में कांग्रेस व निर्दलीय बाजी मार गए। इन सीटों के परिणाम पर कांग्रेस सन्तोष जता सकती है।

लेकिन निगम की मेयर सीट पर भाजपा का कब्जा कांग्रेस की चुनावी रणनीति को फेल कर गया। देहरादून मेयर के कांटे के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी सौरभ थपलियाल एक लाख से अधिक मतों के अंतर से जीत गए। सौरभ ने जीत का श्रेय मतदाताओं व सीएम धामी के विकास आधारित चुनावी प्रचार को दिया।

श्रीनगर नगर निगम सीट को छोड़कर शेष 10 सीटों पर भाजपा का कब्जा सीएम धामी को प्रदेश की राजनीति में एक नया तमगा भी दे गया।

निकाय चुनाव में मंत्री-विधायकों के ‘दमखम’ पर टिका कैबिनेट फेरबदल

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प्रदेश के 11 नगर निगमों में  मेयर के 10 पद जीतने वाली भाजपा के कई मंत्रियों व विधायकों के क्षेत्र में कमजोर प्रदर्शन से कैबिनेट फेरबदल की सुगबुगाहट एक बार फिर तेज हो गयी है।

क्षेत्र में जनता की नाराजगी और 2027 के विधानसभा चुनाव में पड़ने वाले असर को देखते हुए भाजपा में नये चेहरों को कैबिनेट में शुमार किये जाने की संभावना बनती नजर आ रही है।

नगर निकाय में निर्दलीयों व बागियों की जोरदार जीत से भाजपा के साथ कांग्रेस के टिकट वितरण फार्मूले को कई निकाय में गहरा धक्का लगा है।

निकाय चुनाव परिणाम में गढ़वाल क्षेत्र के मंत्री धन सिंह रावत,सतपाल महाराज व सुबोध उनियाल के इलाके में भाजपा उम्मीदवार कांग्रेस व निर्दलीय उम्मीदवार से हार गए।

हालांकि, विवादों व चर्चाओं में रहे मंत्री गणेश जोशी मसूरी व प्रेम अग्रवाल ऋषिकेश सीट पर भाजपा जीत गयी। बेहद कम अंतर से जीत के बाद ऋषिकेश और पिथौरागढ़ नगर निगम सीट पर 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को एक दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है।

पार्टी सूत्रों के मुताबिक भाजपा हाईकमान कुछ समय बाद धामी मन्त्रिमण्डल के विस्तार को हरी झंडी दे सकता है। मंत्रियों और विधायकों की चुनावी परफार्मेंस की इस नये विस्तार में अहम भूमिका रहेगी।

सूत्रों का कहना है कि 2027 के विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कुछ नये चेहरे मंत्रिमंडल का हिस्सा बनेंगे। बीते कुछ सालों में विभिन्न कारणों से जिन मंत्रियों की साख कम हुई या जनता जिन प्रतिनिधियों को लेकर खासी मुखर रही हो। ऐसे मंत्रियों को किनारे बैठाया जाएगा। कुछ नये व कुछ अनुभवी चेहरों को भी जगह मिलेगी।

देखें निकाय चुनाव में दलीय प्रदर्शन

हालिया सम्पन्न निकाय चुनावों में निर्दलीय व बागियों ने बेहतर प्रदर्शन किया है।

यही कारण रहा कि सात निगमों में सत्तारूढ़ भाजपा को सभासद वार्ड में बहुमत नहीं मिला। राज्य निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध विवरण के अनुसार नगर प्रमुख/अध्यक्ष के कुल 100 पदों में से भाजपा 42, निर्दलीय 29, कांग्रेस 27 व बहुजन समाज पार्टी 2 सीट जीतने में सफल रही। इनमें से नगर निगम के नगर प्रमुखों (मेयर) के 11 पदों में से 10 पर भाजपा को जीत मिली हैं जबकि श्रीनगर की सीट निर्दलीय द्वारा जीती गयी है।

नगर पालिका अध्यक्ष के 43 पदों में से भाजपा केवल 17, निर्दलीय 13, कांग्रेस 12 व 1 सीट बहुजन समाज पार्टी ने जीती।

नगर पंचायत अध्यक्ष की 46 सीट पर भाजपा, कांग्रेस व निर्दलीय क्रमशः 15-15-15 सीट जीती। जबकि 1 पर बहुजन सामज पार्टी को जीत मिली है।

11 में से 7 निगमों में भाजपा के पार्षदों का बहुमत न होने के चलते वहां वह अपने तरीके से नगर की सरकार नहीं चला सकेगी। 11 में से केवल 4 नगर निगमों में ही भाजपा को पार्षदों की आधे से अधिक सीटें मिली हैं। जिसमें रूद्रपुर में 40 में से 21, रूड़की में 24, देहरादून में 100 में से 63 तथा हरिद्वार में 60 में से 40 पार्षद शामिल हैं।

अन्य 40 पार्षदों वाले निगमों में काशीपुर में 19, अल्मोड़ा में 15, ऋषिकेश में 18, श्रीनगर में 16 तथा कोटद्वार में 18 पार्षद ही भाजपा के जीते हैं जबकि 60 पार्षदों वाले हल्द्वानी में भाजपा के एक तिहाई 20 पार्षद ही जीत सके हैं।

सभासद/सदस्यों के कुल 1282 पदों में से 1280 में चुनाव हुआ हैं जिसमें से आधे से कम 445 में ही भाजपा को जीत मिली हैं जबकि कांग्रेस को 169, निर्दलीय को 651, बसपा व अन्य को 2-2 तथा उक्रांद को 1 सीट पर जीत मिली है। नगर पालिका परिषद के 444 सदस्यों में से 129 पर ही भाजपा जीत सकी हैं, जबकि 269 पर निर्दलीय तथा 46 पर कांग्रेस जीती।

नगर पंचायत सदस्यों के 297 पदों में से 67 पर ही भाजपा को जीत मिली । 37 पर कांग्रेस तथा 190 पर निर्दलीय 2 पर आप तथा 1 पर बसपा को जीत मिली है।जिलावार प्रदर्शन में भी अधिकतर जिलों में भाजपा या किसी भी राजनैतिक दल का प्रदर्शन बहुत अच्छा नहीं कहा जा सकता है। अल्मोड़ा जिले में नगर प्रमुख/अध्यक्ष के 5 पदों में से 3 पर कांग्रेस तथा 2 पर भाजपा ने जीत हासिल कर है। सभासद/सदस्यों में 58 में से 18 पर भाजपा जीती जबकि 40 पर निर्दलीय जीते हैं।

बागेश्वर जिले में अध्यक्ष के 3 पदों में से 2 पर भाजपा 1 पर कांग्रेस जीती जबकि सभासद/सदस्यों के 25 में से 14 पर भाजपा 6 पर कांग्रेस तथा 1 पर निर्दलीय जीते हैं।

चमोली जिले में 10 अध्यक्षों में से 2 पर भाजपा, 6 पर कांग्रेस तथा 5 पर निर्दलीय जीते हैं। 63 सभासदों/सदस्यों में 24 भाजपा, 21 कांग्रेस तथा 18 पर निर्दलीयों को मिले हैं।

चम्पावत के 4 अध्यक्षों में सभी में भाजपा को जीत मिली है जबकि 34 सदस्यों में से 10 पर भाजपा 23 पर निर्दलीय जीते हैं।देहरादून जिले में 7 नगर प्रमुख/अध्यक्ष के पदों में से 5 भाजपा 1-1 कांग्रेस व निर्दलीय जीते हैं। सदस्य/सभासदों के 202 पदों में से 108 भाजपा 40 कांग्रेस तथा 54 निर्दलीय जीते हैं।

हरिद्वार जिले में 14 नगर प्रमुख/अध्यक्ष के पदों में 3 भाजपा 4 कांग्रेस 5 निर्दलीय 2 बसपा ने जीते हैं। जबकि 231 सभासद/सदस्यों के पदों में से 87 भाजपा 27 कांग्रेस 113 निर्दलीय 2 बसपा तथा 2 आप ने जीते हैं।

नैनीताल जिले मंे नगर प्रमुख/अध्यक्ष के 7 पदों में से भाजपा 1, कांग्रेस व निर्दलीय 3-3 पदों पर जीते हैं जबकि सदस्य/सभासद के 125 पदों में से 27 पर भाजपा 3 पर कांग्रेस 94 पर निर्दलीय तथा 1 उक्रंाद ने जीते हैं।

पौड़ी गढ़वाल के 7 प्रमुख/अध्यक्ष में से 1 भाजपा, 3-3 निर्दलीय व कांग्रेस को जीत मिली। जबकि 107 सदस्यों में से 43 भाजपा, 22 कांग्रेस तथा 42 निर्दलीय को मिले है। पिथौरागढ़ जिले के 6 अध्यक्षों मे से 2 भाजपा 3 कांग्रूेस तथा 1 पर निर्दलीय की जीत हुई। जबकि सभासद/सदस्यों के 75 में से 11 भाजपा 3 कांग्रेस 61 निर्दलीय जीतेे है।

रुद्रप्रयाग जिले के अध्यक्षों के 5 पदों में से 2 भाजपा 1 कांग्रेस तथा 2 निर्दलीयों को मिले हैं। जबकि 26 सदस्यों में से 3 भाजपा 1 कांग्रेस 22 निर्दलीय को मिले हैं। टिहरी गढ़वाल के 10 अध्यक्षों में 7 भाजपा, 3 कांग्रेस को मिले है। सदस्यों के 65 पदों में से 25 भाजपा 11 कांग्रेस 29 निर्दलीय जीते हैं।

उधमसिंह नगर के 17 नगर प्रमुख/अध्यक्ष के पदों में से 10 भाजपा 1 कांग्रेस 6 निर्दलीय जीते हैं जबकि 230 सदस्य/सभासदों में से केवल 75 भाजपा 35 कांग्रेस तथा 120 निर्दलीय जीते हैं।

स्वतंत्र भारत के इतिहास में उत्तराखण्ड UCC लागू करने वाला बना देश का पहला राज्य, CM ने किया UCC की अधिसूचना का अनावरण।

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मुख्य बिंदु- 

स्वतंत्र भारत के इतिहास में उत्तराखण्ड UCC लागू करने वाला बना देश का पहला राज्य।

CM ने किया UCC की अधिसूचना का अनावरण।

मुख्यमंत्री ने किया समान नागरिक संहिता की अधिसूचना का अनावरण।

यूसीसी पोर्टल ucc.uk.gov.in का भी किया शुभारंभ।

यूसीसी पोर्टल पर सबसे पहले मुख्यमंत्री ने कराया अपने विवाह का पहला पंजीकरण ।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू होने की अधिकारिक घोषणा करते हुए कहा है कि आज का दिन सिर्फ उत्तराखंड के लिए ही नहीं बल्कि पूरे भारत वर्ष के लिए ऐतिहासिक है। आज से उत्तराखंड में समाज में समानता स्थापित करने के लिए, समान नागरिक संहिता लागू हो गई है।

सोमवार को सीएम आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने विधिवत तौर पर समान नागरिक संहिता की अधिसूचना का अनावरण, यूसीसी पोर्टल ucc.uk.gov.in का भी शुभारंभ और यूसीसी नियमावली बुकलेट का विमोचन किया। यूसीसी पोर्टल पर मुख्यमंत्री ने सबसे पहले अपने विवाह का पहला पंजीकरण कराया, जिसका प्रमाणपत्र मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने मुख्यमंत्री को सौंपा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने यूसीसी के तहत सर्वप्रथम पंजीकरण कराने वाले पांच आवेदकों को भी प्रमाणपत्र प्रदान किए।

 

 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता का ड्राफ्ट तय करने के लिए विशेषज्ञ कमेटी ने 2.35 लाख लोगों से सम्पर्क साधा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू करके राज्य सरकार संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ बी.आर. अंबेडकर सहित संविधान सभा के सभी सदस्यों को सच्ची भावांजलि दे रही है।

 

भावुक होकर की घोषणा-

मुख्यमंत्री ने कहा कि वे बेहद भावुक होकर सवा करोड़ उत्तराखंडवासियों के सामने समान नागरिक संहिता पूर्ण रूप से लागू करने की घोषणा कर रहे हैं। इसके लिए उन्हें हर्ष के साथ ही गर्व की भी अनुभूति हो रही है। इसके साथ राज्य में प्रत्येक नागरिक के संवैधानिक और नागरिक अधिकार एक समान हो गए हैं। साथ ही सभी धर्म की महिलाओं को भी समान अधिकार मिल गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में उत्तराखंड में यूसीसी लागू हो पाई है, इसके लिए उन्होंने पूरे उत्तराखंडवासियों की ओर से प्रधानमंत्री और गृहमंत्री का आभार व्यक्त किया।

 

पूरा हुआ संकल्प-

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में विधानसभा चुनावों के दौरान 12 फरवरी 2022 को उन्होंने उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू करने का संकल्प लिया था। तब उन्हें नया-नया दायित्व मिला था, इसके सात महीने बाद ही विधानसभा चुनाव में जाना पड़ा। इसलिए कई लोग तब इस पर विश्वास नहीं कर पा रहे थे। लेकिन उन्हें पूरा भरोसा था कि उत्तराखंड की देवतुल्य जनता इस काम में उनका साथ देगी। उत्तराखंड के इतिहास में पहली बार दुबारा भाजपा की सरकार बनी। सरकार बनने के बाद पहला निर्णय उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू करने को लेकर लिया गया।

 

 

पहले छह महीने में नहीं लगेगा शुल्क-

मुख्यमंत्री ने कहा कि यूसीसी जाति धर्म लिंग के आधार पर कानूनी भेदभाव समाप्त करने का संवैधानिक उपाय है, इसके जरिए सभी नागरिकों को समान अधिकार देने का प्रयास किया गया है। इसके जरिए महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण सुनिचित हो सकेगा। साथ ही हलाला, तीन तकाल, इद्दत जैसी कुप्रथाओं पर रोक लगेगी। साथ ही संविधान के अनुच्छेद 342 के तहत वर्णित अनुसूचित जनजातियों को इसके दायरे से बाहर रखा गया है। इससे उनके रीति रिवाजों का संरक्षण हो सकेगा। जिन पंजीकृत व्यक्तियों का विवाह यूसीसी के लागू होने से पूर्व पंजीकृत हुआ हो या तलाक की डिक्री घोषित हुई हो या विवाह निरस्त हुआ हो, उनसे पहले छह महीने में किसी भी तरह का रजिस्ट्रेशन शुल्क नहीं लिया जायेगा।

 

किसी भी धर्म या पंथ के खिलाफ नही-

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यूसीसी किसी भी धर्म या पंथ के खिलाफ नहीं है। यह समाज की कुप्रथाओं को मिटाकर, समानता से समरता कायम करने का कानूनी प्रयास है। इसमें किसी की भी मूल मान्यताओं और प्रथाओं को नहीं बदला गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व के प्रमुख मुस्लिम और विकसित देशों में पहले से ही यूसीसी लागू है। इस कानून द्वारा सभी लोगों के लिए विवाह, विवाह विच्छेद, उत्तराधिकार के नियमों को समान किया गया है। सभी धर्म के लोग अपने अपने रीति रिवाजों से विवाह कर सकते हैं। लेकिन अब सभी धर्मों में लड़कों के लिए विवाह की न्यूनतम उम्र 21 और लड़कियों के लिए 18 कर दी गई है। साथ ही पति या पत्नी के रहते दूसरे विवाह को प्रतिबंध किया गया है। समान नागरिक संहिता में बाल अधिकारों को संरक्षित किया गया है, साथ ही बेटियों को सम्पति में समान अधिकार दिए गए हैं। परिवार के सदस्यों के बीच मतभेद न हो इसके लिए मृतक की सम्पत्ति में पत्नी, बच्चे और माता-पिता को समान अधिकार दिए गए हैं।

 

यूसीसी के तहत की गई है, ऑनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था-

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय को देखते हुए, लिव इन के लिए पंजीकरण अनिवार्य किया गया है, युगल की सूचना रजिस्ट्रार माता-पिता या अभिभावक को देगा। यह जानकारी पूरी तरह गोपनीय रहेगी। लिव इन से पैदा बच्चों को भी समान अधिकार दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूसीसी को लागू करने के लिए सरलीकरण के मूल मंत्र पर चलते हुए, ऑनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था की गई है, साथ ही स्पष्ट नियमावली भी लागू कर दी गई है। पूरा ध्यान रखा गया है कि इसके लिए किसी भी नागरिक को दिक्कत का सामना न करना पडे।

 

 

27 जनवरी को मनाया जायेगा यूसीसी दिवस-

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की है कि अब प्रदेश में प्रति वर्ष 27 जनवरी को समान नागरिक संहिता दिवस के रूप में मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि धारा 370, तीन तलाक, राम मंदिर को लेकर जितने भी संकल्प लिये गये थे, वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरे किये गये हैं।
इस अवसर पर यूसीसी नियमावली समिति के अध्यक्ष श्री शत्रुघ्न सिंह ने यूसीसी नियमावली के बारे में विस्तार से जानकारी दी जबकि सचिव शैलेश बगोली ने धन्यवाद ज्ञापन दिया।

इस मौके पर कैबिनेट मंत्री श्री प्रेमचंद अग्रवाल, श्री गणेश जोशी, श्री सुबोध उनियाल, श्रीमती रेखा आर्य, श्री सौरभ बहुगुणा, राज्यसभा सांसद और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री महेंद्र भट्ट, राज्यसभा सांसद श्री नरेश बंसल, विधायकगण, मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, यूसीसी नियमावली समिति के सदस्य श्री शत्रुघ्न सिंह, प्रो. सुरेखा डंगवाल, श्री मनू गौड़, श्री अजय मिश्रा, शासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

Uttarakhand Nikay Chunav: श्रीनगर नगर निगम में बागी आरती भंडारी आगे.. मंत्री धन सिंह रावत को लग सकता है बड़ा झटका.

247 Minutes Read -

कई नगर पालिका व नगर पंचायत में मंत्री व विधायकों का जनाधार खिसका

अधिकतर निगमों में भाजपा बढ़त पर,देर रात तक घोषित होंगे चुनाव परिणाम

 

देहरादून। प्रदेश के सौ निकायों की मतगणना में कई नगर पालिका व नगर पंचायत में निर्दलीयों ने अपनी ताकत दिखाई। मंत्रियों और भाजपा विधायक के गढ़ में उलटफेर के समाचार मिल रहे हैं। कई निकाय व पंचायतों में कांग्रेस व निर्दलीयों ने बेहतर प्रदर्शन किया है।

अल्मोड़ा नगर निगम में भाजपा जीत की दहलीज पर खड़ी नजर आ रही है। हालांकि, दूसरे राउंड की गणना तक दून, रुद्रपुर,हरिद्वार,ऋषिकेश,रुड़की,हल्द्वानी,काशीपुर,अल्मोड़ा व काशीपुर में भाजपा व कांग्रेस के बीच मुकाबला जारी है।

मंत्री धन सिंह की प्रतिष्ठा से जुड़ी श्रीनगर नगर निगम में निर्दलीय आरती भंडारी आगे चल रही है। पिथौरागढ़ में निर्दलीय ने बढ़त बनाई हुई है।

देहरादून नगर निगम में भाजपा के सौरभ थपलियाल कांग्रेस के वीरेंद्र पोखरियाल से आगे चल रहे हैं। बहुचर्चित ऋषिकेश नगर निगम के शुरुआती रुझान में निर्दलीय मास्टर जी की बढ़त नजर आयी लेकिन बाद में भाजपा के प्रत्याशी आगे हो गए। यहां दिलचस्प मुकाबला चल रहा है। तीसरे राउंड तक भाजपा प्रत्याशी शम्भू 3438 के अंतर से आगे चल रहे हैं।

कोटद्वार में भाजपा के शैलेन्द्र कांग्रेस की रंजना रावत से आगे चल रहे हैं।

अब तक आये चुनाव परिणाम में भाजपा के मंत्रियों व विधायकों को मतदाताओं ने आईना भी दिखाया।  सीएम धामी की विधानसभा चंपावत के चारों नगर निकाय भाजपा ने जीत हासिल कर अपनी साख बचाई।

समाचार लिखे जाने तक पौड़ी नगर पालिका में निर्दलीय व भाजपा की बागी हिमानी नेगी ने भाजपा व कांग्रेस की प्रत्याशियों को हराया।
गौरतलब है कि पत्नी को बागी लड़ाने पर भाजपा केशर सिंह नेगी को पार्टी से निष्कासित कर चुकी है।

इसके अलावा सतपुली नगर पंचायत में कांग्रेस के जितेंद्र चौहान ने जीत का परचम लहराते हुए मंत्री सतपाल महाराज की बेचैनी बढ़ाई।
पौड़ी में बागी की जीत ने स्थानीय भाजपा विधायक के खिलाफ जनता की नाराजगी भी जाहिर कर दी।

विकासनगर में भाजपा के विधायक मुन्ना सिंह चौहान को झटका लगा है। यहां से कांग्रेस के उम्मीदवार बॉबी नौटियाल चुनाव जीते।

रुद्रप्रयाग में निर्दलीय व अगस्त्यमुनि में कांग्रेस की जीत स्थानीय विधायक भरत चौधरी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। गैरसैंण में कांग्रेस की जीत हुई।

इधर, मुनिकीरेती में निर्दलीय नीलम बिजल्वाण की जीत ने वन मंत्री सुबोध उनियाल के लिए बड़ी चुनौती पेश कर दी है।
थराली में कांग्रेस की जीत स्थानीय भाजपा विधायक भोपाल राम टम्टा को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है।

बड़कोट में निर्दलीय विनोद डोभाल की जीत भी भाजपा के लिए खतरे की घण्टी माना जा रहा है।

 

देखें, अभी तक विजयी प्रत्याशियों की सूची-

पौड़ी में भाजपा की बागी हिमानी नेगी विजयी

सतपुली नगर पंचायत में कांग्रेस के जितेंद्र चौहान चुनाव जीते

दुगड्डा नगर पालिका में निर्दलीय शांति बिष्ट चुनाव जीत

गैरसैंण से कांग्रेस के मोहन भंडारी जीते

तिलवाड़ा से बीजेपी उम्मीदवार की जीत

रुद्रप्रयाग की अगस्त्यमुनि नगर पंचायत पर कांग्रेस के गोस्वामी चुनाव जीते

नगर पंचायत नंदा नगर घाट से कांग्रेस प्रत्याशी बीना रौतेला 187 मतों से विजय

रुद्रप्रयाग नगर पालिका परिषद में अध्यक्ष पद पर निर्दलीय संतोष रावत विजयी

तिलवाड़ा नगर पंचायत अध्यक्ष की सीट भाजपा ने जीती

ऊखीमठ में कांग्रेस की बागी प्रत्याशी श्रीमती कुब्जा धर्मवान विजयी

गुप्तकाशी नगर पंचायत अध्यक्ष पद पर भाजपा की विशेश्वरी देवी विजयी

थराली,चमोली से कांग्रेस प्रत्याशी सुनीता रावत विजयी

गोपेश्वर में भाजपा प्रत्याशी संदीप रावत विजयी

पीपलकोटी से निर्दलीय प्रत्याशी आरती नवानी जीती

कर्णप्रयाग से भाजपा प्रत्याशी गणेश शाह

बड़कोट नगर निकाय में निर्दलीय विनोद डोभाल विजयी

मुनिकीरेती में निर्दलीय नीलम बिजल्वाण की जीत

लम्बगांव नगर पंचायत से भाजपा के रोशन रांगड़ विजयी

टिहरी नगर पालिका से निर्दलीय मोहन रावत जीते

विकासनगर से कांग्रेस के उम्मीदवार बॉबी नौटियाल की जीत

 

कुमाऊ में विजयी प्रत्याशीयों की सूची- 

मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की विधानसभा चम्पावत में चारों नगर निकाय क्षेत्रों में भाजपा प्रत्याशी की जीत।

चंपावत भाजपा की प्रेमा पाण्डे, लोहाघाट से गोविंद वर्मा, टनकपुर से विपिन वर्मा एवं बनबसा से रेखा देवी विजयी

बेरीनाग में कांग्रेस की प्रत्याशी हेमा पंत विजय

भवाली नगर पालिका से कांग्रेस प्रत्याशी पंकज आर्य ने भाजपा के प्रकाश आर्य को तीन वोटों से हराया

लालकुँआ में निर्दलीय कवीन्द्र लोटनी विजयी

चिलियानौला में कांग्रेस जीती, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के भतीजे अरुण रावत बने पालिकाध्यक्ष

भिकियासैंण निकाय में कांग्रेस की गंगा बिष्ट की जीत

डीडीहाट में पहली बार कांग्रेस जीती
भाजपा तीसरे नंबर पर

द्वाराहाट नगर पंचायत से कांग्रेस की सरिता आर्या विजय

नगर पालिका नैनीताल से कांग्रेस की सरस्वती खेतवाल विजयी

नगर पालिका भीमताल में कांग्रेस की सीमा टम्टा जीतीं