Category Archive : राजनीति

फरवरी के दूसरे पखवाड़े में बजट पेश कर सकती है धामी सरकार, सत्र की तैयारियां तेज

188 Minutes Read -

प्रदेश सरकार फरवरी के दूसरे पखवाड़े में बजट लाने की तैयारी कर रही है। पहली फरवरी को केंद्र सरकार का बजट पेश होने के बाद राज्य सरकार अपने बजट को अंतिम रूप दे देगी। सचिव वित्त दिलीप जावलकर के मुताबिक, आगामी वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए सभी विभागों से प्रस्ताव प्राप्त हो गए हैं और इन पर विचार विमर्श हो रहा है।

 

मौजूदा बजट की प्रगति के संबंध में सचिव वित्त ने मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा, बजट के सापेक्ष अभी तक 40 हजार करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। इसमें 6,000 करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय है। अंतिम तिमाही चल रही है जिसमें खर्च बढ़ता है। पिछले वर्ष की तुलना में अभी तक की खर्च की दर आठ फीसदी अधिक है।इसमें और अधिक वृद्धि होने की संभावना है।

 

केंद्र सरकार से हो रही स्वीकृतियों का प्रवाह ठीक है। बजट की तैयारी पर कहा, केंद्र सरकार एक फरवरी को बजट पेश करेगी। इससे हमें अंदाजा हो जाएगा कि कौन सी नई योजनाएं आ रही हैं और कहां से हमें मदद मिल सकती है।

इसके हिसाब से हम अपनी तैयारी करेंगे।कहा, संसाधनों की कोई दिक्कत नहीं है। जीएसटी, वैट में खनन में अच्छा प्रदर्शन रहा है। वन विभाग, यूपीसीएल और अन्य कारपोरेशन में लक्ष्य के अनुरूप धनराशि नहीं मिल रही है।

आज चुनावी प्रचार के मैदान में उतरेंगे सीएम, कर्णप्रयाग में रेल लाइन कार्यों का निरीक्षण भी करेंगे

165 Minutes Read -

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी गढ़वाल में निकाय चुनाव प्रचार का आगाज  कर्णप्रयाग से करेंगे। सीएम जहां कर्णप्रयाग में गौचर और कर्णप्रयाग नगर पालिका के प्रत्याशियों के प्रचार में जनसभा को संबोधित करेंगे वहीं सिवाई में रेल लाइन निर्माण के कार्यों का निरीक्षण भी करेंगे।

 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शनिवार को दोपहर दो बजकर बीस मिनट पर कर्णप्रयाग-ऋषिकेश रेल लाइन के सिवाई स्टेशन के नजदीकी खेल मैदान में हेली सेवा से पहुंचेंगे। रेल लाइन के कार्याें के निरीक्षण के बाद सीएम अपराह्न तीन बजे कर्णप्रयाग पहुंचेंगे।

 

यहां सीएम प्रदेश में हो रहे निकाय चुनावों के तहत गढ़वाल में प्रचार का आगाज करेंगे। भाजपा जिलाध्यक्ष रमेश मैखुरी ने बताया कि सीएम कर्णप्रयाग में गौचर और कर्णप्रयाग के नगर पालिका अध्यक्ष और सभासद के प्रत्याशियों के लिए चुनावी जनसभा को संबोधित करेंगे।

उत्तराखंड कांग्रेस में एक नया भुचाल वरिष्ठ उपाध्यक्ष मथुरा दत्त जोशी ने छोड़ा कांग्रेस का साथ

180 Minutes Read -

उत्तराखण्ड कांग्रेस से जुड़ी खबर से, निकाय चुनाव के बीच कांग्रेस को एक बड़ा झटका लगा है। उत्तराखंड कांग्रेस के संगठन उपाध्यक्ष मथुरा दत्त जोशी ने पार्टी के सभी पदों से त्यागपत्र दे दिया है। बताया जा रहा है कि मथुरा दत्त जोशी पत्नी को पिथौरागढ़ सीट से मेयर का टिकट ना मिलने से नाराज़ चल रहे थे और पिछले दिनों उन्होंने खुलकर अपनी नाराजगी भी जाहिर की थी। उन्होंने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को पत्र लिखा है। इस बीच चर्चा है कि कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद मथुरा दत्त जोशी और पूर्व राज्यमंत्री बिट्टू कर्नाटक आज भाजपा का दामन थाम सकते हैं। हांलाकि इसको लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

 

मथुरादत्त जोशी लगातार कांग्रेस हाई कमान से नाराज नजर आ रहे थे। उन्होंने अपनी पत्नी के लिए मेयर पद पर टिकट मांगा था। लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिलने के बाद मथुरादत्त जोशी पार्टी नेतृत्व से बहुत नाराज हो गए थे। उन्होंने कई बड़ी बताया कि किस तरह से उन्होंने लगभग 50 सालों तक पार्टी की सेवा की है, बावजूद पार्टी ने उन्हें इस योग्य नहीं समझा।

वहीं कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा का बयान भी सामने आया था जिसमें उन्होंने कहा कि मथुरा दत्त जोशी को पार्टी ने हर वह पद दिया है जो एक बड़े नेता को किसी भी पार्टी में मिलना चाहिए।

मथुरादत्त जोशी की छवि एक शांत नेता की मानी जाती है। वहीं जब भी कांग्रेस पार्टी को जरूरत पड़ी है जोशी लगातार सामने आकर कांग्रेस पार्टी के लिए खड़े रहे हैं। जब कांग्रेस पार्टी को सबसे ज्यादा जरूरत बड़े नेताओं की थी और एक के बाद एक कई बड़े नेता कांग्रेस पार्टी को छोड़ रहे थे खासकर मथुरादत्त जोशी के कई करीबी नेता पार्टी को छोड़कर भाजपा में जा रहे थे, तब भी अकेले मथुरादत्त जोशी डटकर कांग्रेस के साथ खड़े नजर आए। बावजूद अब जाकर मथुरादत्त जोशी ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता के साथ-साथ सभी पदों से इस्तीफा दे दिया।

किस मुंह से चलाएंगे महेंद्र भट्ट बागियों पर अनुशासन का डंडा- Congress

176 Minutes Read -

उत्तराखंड कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसोनी ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के उस बयान को हास्यास्पद बताया है जिसमें उन्होंने बागीयों से नामांकन वापस लेने की बात कही है और नामांकन ना वापस लेने की सूरत में उन्हें पार्टी से निकाल बाहर करने की धमकी दी है। गरिमा ने कहा कि आखिर किस मुंह से महेंद्र भट्ट कार्यकर्ताओं पर कार्यवाही की बात कर रहे हैं?दसौनी ने भट्ट पर सवाल दागते हुए कहा कि पार्टी का अनुशासन तब कहां गया था जब मंत्री गणेश जोशी पर आय से अधिक संपत्ति होने का गंभीर आरोप लगा था? यह अनुशासन तब कहां गया था जब सीबीआई जांच में उद्यान विभाग में करोड़ों का घोटाला होने की पुष्टि हुई थी? यह अनुशासन की धमकी तब कहां थी जब रानीखेत के विधायक प्रमोद नैनवाल के भाई सतीश नैनवाल न सिर्फ भारत नेपाल बॉर्डर पर 40 जिंदा कारतूसों के संग पकड़े गए थे और तो और उद्यान घोटाले में पौध वितरण में भी उनका नाम आया था? और यह अनुशासन का डंडा लैंसडाउन विधायक महंत दिलीप रावत पर क्यों नहीं चला जिन्होंने सार्वजनिक सभा में अपने भाषण में पार्टी टिकट ना मिलने की स्थिति में कार्यकर्ताओं से निर्दलीय मैदान में कूदने का निर्देश दिया था, आरक्षण की अनंततिम सूची का विरोध करने वाले विकास नगर से विधायक मुन्ना सिंह चौहान के लिए यह अनुशासन का डंडा कहां चला गया था? भट्ट की यह धमकी मंत्री अरविंद पांडे के लिए क्यों नहीं चली? दसौनी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता इस बात को समझ चुका है कि पार्टी की कथनी और करनी में जमीन आसमान का फर्क है। अनुशासन और राजनीतिक सुचिता का खौफ सिर्फ गरीब और छोटे कार्यकर्ताओं को दिखाया जाता है रसूखदार मंत्री और विधायकों के लिए दूसरा कानून और कार्यकर्ताओं के लिए पार्टी के अंदर दूसरे नियम हैं ,गरिमा ने कहा शायद यही कारण है कि भाजपा में कार्यकर्ता अब ना डरता है और ना ही घबराता है और खुलकर पार्टी के फैसलों का विरोध करता है क्योंकि जब बड़े नेताओं पर ही अनुशासनात्मक कार्यवाही नहीं हो रही है तो फिर छोटे कार्यकर्ताओं पर क्यों? गरिमा ने चुटकी लेते हुए कहा की कहीं महेंद्र भट्ट अनुशासन का डंडा चलाने में ढीले इसलिए तो नहीं पड़ रहे हैं क्योंकि वह अध्यक्ष पद से हटने वाले हैं और बड़े नेताओं से अपने संबंध बिगाड़ना नहीं चाहते?

उत्तराखंड के किसानों से राज्य सरकार ने इस साल 3100 मीट्रिक टन मंडुआ खरीदा

139 Minutes Read -

राज्य भर में 270 केंद्रों के जरिए हुई मंडुआ की खरीद

सरकार ने किसानों से 4200 प्रति कुंतल के मूल्य पर की खरीद

 

कुछ समय पहले तक उपेक्षित रहने वाला मंडुआ अब हाथों हाथ बिक रहा है। राज्य सरकार ने ही इस साल विभिन्न सहकारी और किसान संघों के जरिए उत्तराखंड के किसानों से 3100 मीट्रिक टन से अधिक मंडुआ खरीदा है। सरकार ने इस साल किसानों को मंडुआ पर 4200 प्रति कुंतल का समर्थन मूल्य भी दिया है।

उत्तराखंड के सीढ़ीदार खेतों में परंपरागत रूप से मंडुआ की खेती होती रही है। लेकिन कुछ साल पहले तक मंडुआ फसल उपेक्षा का शिकार रहती थी, जिस कारण किसानों का भी मंडुआ उत्पादन के प्रति मोह भंग होने लगा था। लेकिन केंद्र और उत्तराखंड सरकार द्वारा अब मिलेट्स फसलों को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिस कारण उत्तराखंड में मंडुआ उत्पादक क्षेत्र के साथ ही उत्पादन भी बढ़ रहा है। मौजूदा सरकार ने मंडुआ उत्पादक किसानों को प्रोत्साहन देने के लिए सबसे पहले 2022 इसे राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत के तहत, न्यूनतम समर्थन मूल्य पर किसानों से खरीदना शुरू किया। साथ ही उपभोक्ताओं तक मिलेट्स उत्पाद पहुंचाने के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली से लेकर मिड डे मील और आंगनबाड़ी केंद्रों के पोषण कार्यक्रम में इसे शामिल किया गया। इसी तरह सरकार ने स्टेट मिलेट मिशन शुरू करते हुए, उत्पादन बढ़ाने के साथ ही, मिलेट्स उत्पादों को अपनाने के लिए व्यापक प्रचार प्रसार, किसानों से खरीद से लेकर भंडारण तक की मजबूत व्यवस्था तैयार की। वहीं किसानों को बीज, खाद पर अस्सी प्रतिशत तक सब्सिडी दी गई।

 

 

270 केद्रों के जरिए खरीद

सरकार ने दूर दराज के किसानों से मंडुआ खरीदने के लिए बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों और किसान उत्पादक संगठनों के सहयोग से जगह – जगह संग्रह केंद्र स्थापित किए। इस प्रयोग की सफलता की कहानी यूं कही जा सकती है कि 2020-21 में जहां इन केंद्रों की कुल संख्या 23 थी जो 2024-25 में बढ़कर 270 हो गई है। इन केद्रों के जरिए इस साल उत्तराखंड के किसानों से 3100.17 मीट्रिक टन, मंडुआ की खरीद की गई, इसके लिए किसानों को 42.46 प्रति किलो की दर से समर्थन मूल्य दिया गया। सरकार ने मंडुआ खरीद में सहयोग देने के लिए किसान संघों को 150 रुपए प्रति कुंतल और बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों को प्रति केंद्र 50 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान की। साथ ही सुनिश्चित किया गया कि केंद्रों का भुगतान 72 घंटे में कर दिया जाए।

 

समर्थन मूल्य में 68 प्रतिशत का उछाल

प्रदेश में 2021-22 में मंडुआ समर्थन मूल्य कुल 2500 प्रति कुंतल था, जो 2024-25 में 4200 प्रति कुंतल हो गया है। इस तरह दो साल के अंतराल में ही समर्थन मूल्य 68 प्रतिशत बढ़ गया है। किसानों तक इसका लाभ पहुंचने से मंडुआ उत्पादन क्षेत्र भी बढ़ रहा है। इसके साथ ही सरकार ओपर मार्केट और हाउस ऑफ हिमालय के जरिए भी मंडुआ उत्पादों को प्रोत्साहन दे रही है।

उत्तराखंड में मंडुआ परंपरागत तौर पर उगाया जाता है। यह पौष्टिक होने के साथ ही आर्गेनिक भी होता है। इधर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मिलेट्स उत्पादों को बढ़ावा दिए जाने के बाद भी मंडुआ की मांग बढ़ी है। इसलिए राज्य सरकार सीधे किसानों से मंडुआ खरीद करते हुए, उत्पादन बढ़ाने पर जोर दे रही है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं- पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री 

Uttarakhand Nikay Chunav: प्रचार की रणनीति पर हुई चर्चा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने ली प्रत्याशियों की बैठक.

205 Minutes Read -

Dehradun: प्रदेश कांग्रेस ने निकाय चुनावों में प्रचार के मोर्चों पर रणनीति बनाने का काम शुरु कर दिया है.  इस कड़ी में कांग्रेस मुख्यालय में आज नगर निगम के चुनावी प्रचार की शुरुआत करते हुए पूर्व प्रदेश अध्यक्ष  प्रीतम सिंह, जिला प्रभारी प्रकाश जोशी एवं प्रतापनगर विधायक विक्रम सिंह नेगी की उपस्थिति में मेयर प्रत्याशी एवं पार्षद प्रत्याशियों की बैठक प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक में चुनाव प्रचार की रणनीति पर चर्चा हुई।

 

उपरोक्त जानकारी देते हुए प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता प्रतिमा सिंह ने बताया कि नगर निकाय चुनाव के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष श्री प्रीतम सिंह एवं पूर्व एआईसीसी सचिव व जिला प्रभारी श्री प्रकाश जोशी ने सभी पार्षद प्रत्याशियों से चुनाव प्रचार की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की और सभी को साथ लेकर चलने का सुझाव दिया।

 

उन्होंने कहा कि उन कार्यकर्ताओं जो टिकट के दावेदार थे परन्तु किन्हीं कारणवश प्रत्याशी नहीं बनाया जा सका उन कार्यकर्ताओं को भी साथ लेकर चलना है। कहा भाजपा के शासन में हुई देहरादून की दुर्दशा औऱ भाजपा के झूठ को घर-घर पहुंचाकर पर्दाफाश करना है। कांग्रेस पार्टी ने वरिष्ठ आन्दोलनकारी को अपना प्रत्याशी बनाया है जिसका लाभ निश्चित रूप से हमें चुनाव में मिलेगा तथा कांग्रेस प्रत्याशी भारी बहुमत से चुनाव में विजयी होंगे।

 

ये भी पढ़ें.. Uttarakhand: कूड़ा उठाने वाले वाहनों और मोबाइल रिंग टोन में बजेगा 38वें नेशनल गेम्स का एंथम, जानिए क्या है धामी सरकार का प्लान…

 

मेयर पद के कांग्रेस प्रत्याशी वीरेंद्र पोखरियाल ने कहा कि सभी कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर चुनावी मैदान में उतरना है। सभी का साथ मिलेगा तभी विजय मिलेगी.. बैठक में सभी पार्षद प्रत्याशियों के साथ साक्षात्कार कराया गया।
इस अवसर पर मेयर प्रत्याशी वीरेंद्र पोखरियाल, सहित कांग्रेस पार्टी के सभी 100 वार्ड के प्रत्याशी तथा वरिष्ठ नेतागण उपस्थित थे।

 

डॉ0 प्रतिमा सिंह ने यह भी बताया कि कांग्रेस प्रत्याशी वीरेन्द्र पोखरियाल पटेलनगर संजय कॉलोनी में सफाई कर्मियों के मुद्दे पर सुझाव हेतु बैठक करेंगे।

 

ये वीडियो भी देखें..

Uttarakhand Nikay Chunav: नाम वापसी पूरी, सभी निकायों की अंतिम सूची हुई जारी, आज मिलेंगे चुनाव चिह्न.

178 Minutes Read -

प्रदेश में नामांकन वापसी पूरी होने के बाद बृहस्पतिवार को सभी निकायों के प्रत्याशियों की अंतिम सूची जारी कर दी गई। अब शुक्रवार को प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न आवंटित किए जाएंगे।

राज्य निर्वाचन आयोग के चुनाव कार्यक्रम के तहत बृहस्पतिवार को सुबह 10 बजे से निकायों में नामांकन वापसी की प्रक्रिया शुरू हो गई थी। शाम चार बजे तक सभी निकायों में नाम वापसी का मौका दिया गया। इसके बाद शाम को ही चुनावी मैदान में अंतिम प्रत्याशियों के नामों पर मुहर लग गई।

ये भी पढ़ें.. Uttarakhand: सीएम ने 17वें कृषि विज्ञान सम्मेलन का पोस्टर किया जारी, 50 से अधिक देशों के प्रतिनिधि करेंगे शिरकत।

पार्टियों के टिकट से चुनाव लड़ रहे जो प्रत्याशियों को पार्टी का ही चिह्न मिलेगा। निर्दलीय या गैर मान्य पंजीकृत दलों के प्रत्याशियों को राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से तय चुनाव चिह्न शुक्रवार को आवंटित किए जाएंगे। आयोग ने इन प्रत्याशियों के लिए 47 चुनाव चिह्न निर्धारित किए हैं।

Uttarakhand: भाजपा ने निकाय चुनाव के लिए बनाई प्रबंधन समिति, प्रचार की रणनीति पर मंथन.

199 Minutes Read -

निकाय चुनाव के प्रचार को धार देने के लिए भाजपा ने प्रदेश चुनाव प्रबंधन समिति का गठन कर दिया है। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के संयोजन में गठित यह समिति सभी निकायों की संचालन समिति से समन्वय बनाएगी।

समिति में सह संयोजक प्रदेश महामंत्री आदित्य कोठारी, खिलेंद्र चौधरी और राजेंद्र बिष्ट शामिल हैं। समिति की पहली बैठक में प्रदेश महामंत्री संगठन अजेय कुमार ने सभी सदस्यों की भूमिका एवं जिम्मेदारी को लेकर आवश्यक निर्देश दिए।

कहा, हमें केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों को जन-जन के बीच पहुंचाना है। कहा, हमारे पास पीएम के अतिरिक्त प्रदेश में मुख्यमंत्री धामी का लोकप्रिय चेहरा है, जिस पर सवा करोड़ देवभूमिवासी भरोसा करते हैं। बैठक का संचालन प्रदेश महामंत्री आदित्य कोठारी ने किया।

 

ये भी पढ़ें..Uttarakhand: नए साल में लोगों को मिलेंगी ये बड़ी सौगातें, पढ़ें पूरी खबर इस रिपोर्ट में.

समिति में ये बनाए गए प्रमुख व सह प्रमुख-

समिति में प्रचार एवं सभाओं के प्रमुख आदित्य कोठारी, सह प्रमुख सीताराम भट्ट, हिमांशु संगतानी, प्रचार सामग्री व साहित्य वितरण प्रमुख कौस्तुभानंद जोशी, सह प्रमुख राजेंद्र ढिल्लो, जगमोहन चंद, मीडिया विभाग प्रमुख मनवीर सिंह चौहान, सह प्रमुख राजेंद्र नेगी, मानिक निधि शर्मा, कुंवर जपेंद्र, प्रचार सामग्री व साहित्य निर्माण प्रमुख डॉ. देवेंद्र भसीन, सह प्रमुख अभिमन्यु कुमार, ओपी कुलश्रेष्ठ, मीरा रतूड़ी, चुनाव कार्यालय प्रमुख मुकेश कोली, हरीश डोरा, लच्छू गुप्ता, आशीष रावत, विपुल मेंदोली, संवाद केंद्र प्रमुख प्रवीण लेखवार, सत्यवीर चौहान, सोशल मीडिया प्रमुख नवीन ठाकुर सह प्रमुख गंधार अग्रवाल, कुलदीप रावत, करुण दत्ता, युवा प्रमुख शशांक रावत, महिला सम्पर्क प्रमुख आशा नौटियाल, सह प्रमुख गीता रावत व भावना मेहरा, वार्ड व बूथ स्तर के कार्य प्रमुख राजेंद्र बिष्ट, सह प्रमुख मधु भट्ट, यशपाल नेगी, विशाल गुप्ता, एससी संपर्क प्रमुख समीर आर्य, दर्पण कुमार, ऋषिपाल, हिसाब किताब प्रमुख पुनीत मित्तल, सह प्रमुख साकेत अग्रवाल, प्रशासनिक कार्य व चुनाव आयोग से संपर्क प्रमुख राजीव शर्मा बंटू, सह प्रमुख पुरुषोत्तम कंडवाल, प्रभात बिष्ट को प्रमुख रूप से जिम्मेदारी दी गई है।

 

ये भी देखें..

 

धामी, भट्ट, गौतम, रेखा वर्मा व पूर्व सीएम करेंगे प्रचार-

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के अलावा भाजपा सरकारों के सभी पूर्व मुख्यमंत्री, प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम एवं सह प्रभारी रेखा वर्मा पार्टी प्रत्याशियों की पक्ष में चुनाव प्रचार करेंगे। सभी सांसद अपने-अपने क्षेत्र में आने वाले निगमों, निकायों एवं नगर पंचायतों के चुनाव अभियान में शामिल होंगे। विधायक एवं अन्य जनप्रतिनिधि काम करेंगे। नाम वापसी तक सभी नेताओं की सभाओं एवं कार्यक्रमों को लेकर रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा।

Uttarakhand Nikay Chunav: नामांकन का आज आखिरी दिन, निकाय चुनाव के प्रत्याशियों के लिए राहत, बैंक खाते में दी राहत.

224 Minutes Read -

नगर निकाय चुनाव के नामांकन का आज आखिरी दिन है। इससे पूर्व निर्वाचन आयोग ने प्रत्याशियों के नामांकन को लेकर नियम आसान कर दिया। प्रत्याशियों को बिना खाता खोले भी नामांकन जमा कराने का मौका मिलेगा, बशर्ते उन्हें नामांकन के अंतिम समय तक बैंक की जानकारी देनी होगी।

प्रत्याशियों को नामांकन के लिए अलग से बैंक खाता खोलने का प्रावधान है। राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रत्याशियों की सुविधा के लिए शनिवार और रविवार को एसबीआई की विभिन्न शाखाएं, कोषागार, उप कोषागार खुलवाए। इसके बावजूद बैंक खाता खोलने में परेशानी आ रही थी।

आयोग के सचिव राहुल कुमार गोयल ने रविवार को सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को बैंक संबंधी पत्र भेजा। इसमें कहा गया कि प्रत्याशियों को बैंक खाता खुलने में देरी होने के मद्देनजर ये तय किया गया कि अधिकारी उनका नामांकन बिना बैंक जानकारी भी जमा करा लें।

उन्हें नामांकन के आखिरी तिथि को आखिरी समय तक खाते की जानकारी देनी होगी। आयोग ने ये भी स्पष्ट किया कि प्रत्याशी केवल एसबीआई ही नहीं, किसी भी बैंक में अपना खाता खुलवा सकते हैं। नामांकन का सोमवार को आखिरी दिन है। तीन दिन में बड़ी संख्या में नामांकन हुए हैं।

ये भी देखें..

गदरपुर विधायक अरविन्द पांडे का बड़ा बयान,,कौन रच रहा ये साजिश !

247 Minutes Read -
मैं संघ का स्वयंसेवक हूं। पार्टी का सच्चा सिपाही हूं। वर्तमान में कुछ लोग प्रदेश के भाग्य विधाता बने हुए हैं, जो मेरे राजनीतिक जीवन को खत्म करने की साजिश रच रहे हैं। यह दर्द किसी आम कार्यकर्ता का नहीं बल्कि सूबे में पूर्व कैबिनेट मंत्री रह चुके और वर्तमान में गदरपुर विधायक अरविंद पांडेय का है। पार्टी और सत्ता में लगातार हो रही उपेक्षा पर बृहस्पतिवार को उनका सब्र जवाब दे ही गया। उन्होंने अपने आवास पर जुटे कार्यकर्ताओं से उनके साथ हो रही साजिश को समझने की बात कही। उन्होंने पार्टी के भीतर चल रही गुटबाजी पर खुलकर बोलते हुए बेबाकी से कहा कि गुटबाजी के चलते ही पार्टी के कुछ लोग उनके साथ साजिश कर रहे हैं। कहा कि कांग्रेस के लोग उनके के खिलाफ साजिश करते तो समझ में आता। लेकिन पार्टी के वे लोग साजिश रच रहे हैं, जिनका पार्टी को खड़ा करने में कोई योगदान नहीं रहा।
 
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वर्तमान सत्ता में धंधेबाजी का ग्रुप चल रहा है। कुछ लोग भाग्य और धंधेबाजी की बदौलत भाजपा पर कब्जा कर चुके हैं। उनके विधानसभा क्षेत्र में गुटबाजी कराने की कोशिश की जा रही है। कहा जनता उनकी असली ताकत है।
मंत्री पद से हटा दिया, अब तो चैन से रहने दो
विधायक के भाषण में हाल में क्षेत्र में खेल छात्रावास के उद्घाटन में न बुलाने की टीस भी दिखाई दी। पार्टी के एक गुट की ओर इशारा करते हुए कहा कि मंत्री पद से तो हटा दिया, अब तो चैन से रहने दो। कहा कि मैंने भाजपा को खड़ा करने के लिए पसीना बहाया है। पार्टी को यूं ही बर्बाद नहीं होने देंगे। कहा कि भाजपा बचनी चाहिए। गाड़ी के चार पहियों में से एक पहिया बनकर पार्टी को सही दिशा में ले जाया जाएगा। वर्तमान की पार्टी की स्थिति केंद्रीय नेतृत्व तक पहुंचनी चाहिए। बहुत हो गया, अब व्यवस्थाओं को बदलना होगा।
नशे के सौदागरों के लिए आरक्षित करा दी सीट
विधायक पांडेय ने कहा कि दिनेशपुर बंगाली बाहुल्य क्षेत्र होने के बाद भी वहां के लोगों की भावनाओं को दरकिनार करते हुए नशे के सौदागरों के लिए निकाय की सीट आरक्षित करा दी गई। वहीं गूलरभोज में भी ऐसे कार्यकर्ता के सिर पर हाथ रखा जा रहा है, जिससे उनको कमजोर किया जा सके।

विधायक के समक्ष शक्ति प्रदर्शन में जुटे दावेदार
भाजपा की ओर से चेयरमैन के दावेदार विधायक के आवास और उनके कार्यक्रम स्थलों पर शक्ति प्रदर्शन करने में जुट गए हैं। बृहस्पतिबार को एक दावेदार सतीश चुघ अपने समर्थकों के साथ विधायक अरविंद पांडेय से मिले और आशीर्वाद मांगा। वही दूसरे दावेदार संजीव भटेजा भी समर्थकों के विधायक के कार्यक्रम स्थल डल बाबा मंदिर पर समर्थकों के साथ पहुंचे। विधायक ने निकाय चुनाव के दावेदारों से गुटबाजी से दूर रहने की अपील भी की।