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Uniform Civil Code: इंतजार हुआ खत्म… उत्तराखंड में इस दिन लागू होगा UCC, सीएम धामी करेंगे पोर्टल की लॉन्चिंग.

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उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) 27 जनवरी को लागू होगी। सीएम के सचिव शैलेश बगोली ने सभी विभागों को पत्र भेजा है। वहीं, इसी दिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी यूसीसी के पोर्टल की लॉन्चिंग भी करेंगे। 27 जनवरी से ही नए कानून की अधिसूचना जारी हो जाएगी। इसके साथ ही उत्तराखंड समान नागरिक संहिता लागू करने वाला देश का पहला प्रदेश बन जाएगा।

घोषणा से कानून बनने तक का सफर

  • 12 फरवरी 2022 को विस चुनाव के दौरान सीएम धामी ने यूसीसी की घोषणा की।
  • मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली कैबिनेट बैठक में यूसीसी लाए जाने पर फैसला।
  • मई 2022 में सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में विशेषज्ञ समिति बनी।
  • समिति ने 20 लाख सुझाव ऑफलाइन और ऑनलाइन प्राप्त किए।
  • 2.50 लाख लोगों से समिति ने सीधा संवाद किया।
  • 02 फरवरी 2024 को विशेषज्ञ समिति ने ड्राफ्ट रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपी।
  • 06 फरवरी को विधानसभा में यूसीसी विधेयक पेश हुआ।
  • 07 फरवरी को विधेयक विधानसभा से पारित हुआ।
  • राजभवन ने विधेयक को मंजूरी के लिए राष्ट्रपति को भेजा।
  • 11 मार्च को राष्ट्रपति ने यूसीसी विधेयक को अपनी मंजूरी दी।
  • यूसीसी कानून के नियम बनाने के लिए एक समिति का गठन।
  • नियमावली एवं क्रियान्वयन समिति ने हिंदी और अंग्रेजी दोनों संस्करणों में आज 18 अक्तूबर 2024 को राज्य सरकार को नियमावली साैंपी।
  • 20 जनवरी 2025 को नियमावली को कैबिनेट की मंजूरी मिली।

 

यूसीसी लागू होगा तो यह आएंगे बदलाव-

  • सभी धर्म-समुदायों में विवाह, तलाक, गुजारा भत्ता और विरासत के लिए एक ही कानून।
  • 26 मार्च 2010 के बाद से हर दंपती के लिए तलाक व शादी का पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।
  • ग्राम पंचायत, नगर पंचायत, नगर पालिका, नगर निगम, महानगर पालिका स्तर पर पंजीकरण की सुविधा।
  • पंजीकरण न कराने पर अधिकतम 25,000 रुपये का जुर्माना।
  • पंजीकरण नहीं कराने वाले सरकारी सुविधाओं के लाभ से भी वंचित रहेंगे।
  • विवाह के लिए लड़के की न्यूनतम आयु 21 और लड़की की 18 वर्ष होगी।
  • महिलाएं भी पुरुषों के समान कारणों और अधिकारों को तलाक का आधार बना सकती हैं।
  • हलाला और इद्दत जैसी प्रथा खत्म होगी। महिला का दोबारा विवाह करने की किसी भी तरह की शर्तों पर रोक होगी।
  • कोई बिना सहमति के धर्म परिवर्तन करता है तो दूसरे व्यक्ति को उस व्यक्ति से तलाक लेने व गुजारा भत्ता लेने का अधिकार होगा।
  • एक पति और पत्नी के जीवित होने पर दूसरा विवाह करना पूरी तरह से प्रतिबंधित होगा।
  • पति-पत्नी के तलाक या घरेलू झगड़े के समय पांच वर्ष तक के बच्चे की कस्टडी उसकी माता के पास रहेगी।
  • संपत्ति में बेटा और बेटी को बराबर अधिकार होंगे।
  • जायज और नाजायज बच्चों में कोई भेद नहीं होगा।
  • नाजायज बच्चों को भी उस दंपती की जैविक संतान माना जाएगा।
  • गोद लिए, सरगोसी से असिस्टेड री प्रोडेक्टिव टेक्नोलॉजी से जन्मे बच्चे जैविक संतान होंगे।
  • किसी महिला के गर्भ में पल रहे बच्चे के संपत्ति में अधिकार संरक्षित रहेंगे।
  • कोई व्यक्ति किसी भी व्यक्ति को वसीयत से अपनी संपत्ति दे सकता है।
  • लिव इन में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति के लिए वेब पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य होगा।
  • युगल पंजीकरण रसीद से ही किराया पर घर, हॉस्टल या पीजी ले सकेंगे।
  • लिव इन में पैदा होने वाले बच्चों को जायज संतान माना जाएगा और जैविक संतान के सभी अधिकार मिलेंगे।
  • लिव इन में रहने वालों के लिए संबंध विच्छेद का भी पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।
  • अनिवार्य पंजीकरण न कराने पर छह माह के कारावास या 25 हजार जुर्माना या दोनों का प्रावधान होंगे।

Uniform Civil Code: UCC के वेबपोर्टल की हुई दूसरी मॉक ड्रिल, तकनीकी बाधाएं हुईं दूर, अब जल्द लागू करने की तैयारी.

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समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के वेबपोर्टल पर शुक्रवार को प्रदेशभर में जन सेवा केंद्रों पर अभ्यास (मॉकड्रिल) किया गया। वेबपोर्टल पर राज्य में दूसरी बार मॉकड्रिल हुई, जिसमें कुछ जगहों से लॉगइन संबंधी रुकावट रिपोर्ट हुई। संबंधित अधिकारियों ने बताया कि दोनों मॉकड्रिल में जो भी तकनीकी बाधा आई, उन्हें समय रहते दूर कर लिया गया।

इस संबंध में समय-समय पर सॉफ्टवेयर अपडेट करने होते हैं, जो एक सतत प्रक्रिया है। अधिकारियों ने कहा कि दो मॉकड्रिल के बाद उत्तराखंड यूसीसी को शीघ्र लागू करने की तैयारी में है, हालांकि प्रशिक्षण कार्यक्रम आगे भी जारी रहेगा।

शुक्रवार को मॉक ड्रिल के चलते जन सेवा केंद्रों के जरिये 2464 डमी आवेदन पंजीकृत हुए, इनमें 847 दाखिल किए गए। कुल 540 स्वीकृत हुए, 125 रद्द किए गए, 182 आवेदन लंबित रहे। इस बार भी जन सेवा केंद्रों के माध्यम से डमी आवेदनों पर कार्यवाही की समय-सीमा परखी गई। वहीं, प्रशिक्षण से जुड़े अधिकारियों ने कहा कि दूसरा अभ्यास भी सफल रहा है।

पिछली मॉकड्रिल में आई खामियों को दूर किया-
इससे पहले निबंधक और उप निबंधक स्तर पर अभ्यास कार्यक्रम के चलते आधार से ओटीपी न आने की समस्या हुई थी, जिससे संबंधित सॉफ्टवेयर को अपडेट करके दुरुस्त कर लिया गया। पिछली बार केवाईसी के सेक्शन में बड़ी वीडियो अपलोड नहीं हो पा रही थी, इस समस्या को भी दूर कर लिया गया है।यूसीसी पोर्टल की दूसरी मॉक ड्रिल भी सफल रही है। अभ्यास आगे भी कराया जा सकता है। यूसीसी लागू होने के बाद भी समय समय पर आवश्यकतानुसार प्रशिक्षण कार्यक्रम होंगे।
– शैलेश बगोली, गृह सचिव

 

National Games: उत्तराखंड में हरित पहल, राष्ट्रीय खेलों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के नाम पर लगेगा पौधा.

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38वें राष्ट्रीय खेलों की यादों को संजोकर रखने और पदक विजेताओं के लिए वन पार्क विकसित किया जाएगा। जिसमें राष्ट्रीय खेलों में पदक जीतने वाले हर खिलाड़ी के नाम पर एक पौधा लगाया जाएगा। वन पार्क में 10 हजार से ज्यादा पौधे लगाने की योजना है।

खेलमंत्री रेखा आर्या ने बताया कि राष्ट्रीय खेलों को ग्रीन गेम्स के तौर पर ऐतिहासिक बनाने के लिए कई नई पहल की गई है। सभी खेल स्पर्धा में कुल मिलाकर लगभग 4,350 मेडल दिए जाने हैं इसलिए यह योजना बनाई गई है कि जितने पदक विजेता होंगे, उतने ही पौधे उन खिलाड़ियों के नाम से लगाए जाएंगे।

ताकि वे उन यादों को बढ़ता देखने के लिए आगे भी उत्तराखंड आते रहें। इसके अलावा खेलों में आने वाले अन्य मेहमान के नाम पर भी पौधे लगाएंगे, इस तरह से लगभग 10 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है।

इस तरह पर्यावरण फ्रैंडली होंगे गेम्स-

खेल मंत्री ने बताया कि खेलों के दौरान पटाखों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए केवल प्रमाणित ग्रीन पटाखों का उपयोग किया जाएगा। इवेंट की सजावट के लिए लगी कलाकृतियों और सेल्फी प्वाइंट को ई-वेस्ट और खेल उपकरणों के वेस्ट से बनाया जा रहा है। खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि ज्यादातर खेल स्थलों पर सौर ऊर्जा से संचालित हीटिंग संरचनाओं का उपयोग किया जाएगा, जिससे गैर-नवीकरणीय ऊर्जा पर निर्भरता कम होगी।

खिलाड़ियों को दिए जाने वाले मेडल और प्रमाणपत्र भी पर्यावरण अनुकूल और बायोडिग्रेडेबल पदार्थ से बनाए गए हैं। ट्रॉफियों के निर्माण में ई-वेस्ट और वुडवेस्ट का उपयोग किया गया है। खेलों की ब्रांडिंग में प्लास्टिक की जगह कपड़े का उपयोग होगा, जिससे प्लास्टिक कचरे को कम किया जा सके।खेल स्थलों पर खिलाड़ियों और अधिकारियों के परिवहन के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल होगा। राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में दो मेगावॉट क्षमता वाले सोलर रूफ टॉप्स भी बनाए गए हैं जो खेल स्थल को ऊर्जा प्रदान करेंगे।

यह आयोजन केवल खेल प्रतिभा का उत्सव नहीं होगा, बल्कि पर्यावरणीय जिम्मेदारी और स्थिरता का भी प्रतीक बनेगा। उत्तराखंड ”संकल्प से शिखर तक” के अपने संदेश के साथ दुनिया को यह दिखाने के लिए तैयार है कि खेलों के माध्यम से सस्टेनेबल भविष्य की ओर बढ़ा जा सकता है।
– रेखा आर्या, खेल मंत्री, उत्तराखंड सरकार

National Games: स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करेंगी 141 टीमें.. एंबुलेंस से लेकर हेली एंबुलेंस तक की रहेगी व्यवस्था, जानिए क्या है खास तैयारी.

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राष्ट्रीय खेलः

स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करेंगी 141 टीमें

जरूरत पड़ने पर एंबुलेंस से लेकर हेली एंबुलेंस तक की व्यवस्था रहेगी उपलब्ध

स्वास्थ्य विभाग ने नामित किए नोडल अफसर, बांट दी जिम्मेदारी

दून व हल्द्वानी के स्टेडियम में खिलाड़ियों के लिए विशेष व्यवस्था

 

38 वें राष्ट्रीय खेल के दौरान खिलाड़ियों और मेहमानों को स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने के लिए 141 टीमों का गठन किया गया है। 28 जनवरी से लेकर 14 फरवरी तक यह टीमें अलर्ट मोड में रहेंगी। इस दौरान जरूरत पड़ने पर एंबुलेंस से लेकर हेली एंबुलेंस तक की सुविधा तुरंत उपलब्ध कराई जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग ने बडे़ स्तर पर राष्ट्रीय खेलों की तैयारियां की हैं। स्वास्थ्य सचिव डाॅ आर राजेश कुमार के अनुसार-राज्य स्तर पर राज्य नोडल अधिकारी, उप नोडल अधिकारी व सह नोडल अधिकारी तैनात किए गए हैं। जनपद स्तर पर जिला नोडल अधिकारी मुख्य चिकित्साधिकारी और सह नोडल अधिकारी अपर मुख्य चिकित्साधिकारी बनाए गए हैं। एंबुलेंस हेतु जिला स्तरीय नोडल अधिकारी नामित किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि महाराणा प्रताप स्टेडियम, रायपुर, देहरादून के धनवन्तरी ब्लॉक में 10 बैडेड अस्पताल खिलाड़ियों हेतु संचालित किया जाएगा। इसी तरह, आईजीआईसीएस स्टेडियम, गोला पार हल्द्वानी में दो बैडेट अस्पताल संचालित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि खिलाड़ियों के लिए पर्याप्त मात्रा में औषधियां, उपकरण क्रय किए जा रहे हैं।

 

डाॅ टम्टा कुमाऊं और डाॅ नेगी गढ़वाल के नोडल अफसर-

-स्वास्थ्य सचिव डाॅ आर राजेश कुमार के अनुसार-डॉ० तरूण टम्टा, प्रमुख अधीक्षक, जिला चिकित्सालय, नैनीताल को कुमाऊं मंडल का नोडल अधिकारी नामित किया गया है। डाॅ टम्टा ने स्पोर्ट्स मेडिसन में शिक्षा प्राप्त की है। निदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, गढ़वाल मंडल पौड़ी गढ़वाल के स्तर पर डाॅ केएस नेगी को गढ़वाल मंडल का नोडल अधिकारी नामित किया गया है। नोडल अफसरों को स्थलीय निरीक्षण करने के लिए कहा गया है।

 

इस तरह की हैं विभाग की तैयारियां-

1-प्राइमरी हैल्थ केयर, सेकेंड्री हैल्थ केयर व टर्रसियरी हैल्थ केयर के नोडल अधिकारी और सह नोडल अधिकारी बनाए गए हैं। सेकेंड्री हैल्थ केयर, जो जिला चिकित्सालय है, उनमें चिकित्सा विशेषज्ञ जैसे-न्यूरो, कार्डिक, हैड इंजरी एवं स्पाइन इंजरी को उक्त अवधियों में ऑन-कॉल (24*7) रखे गए हैं।
2-प्रत्येक जिला चिकित्सालय में 03 ऑन कॉल (24*7) एंबुलेंस मय आवश्यक औषधि सहित तैनात है। खेल स्पर्धा में भाग लेने वाले खिलाड़ियों के रहने के स्थान के निकटतम चिकित्सा ईकाईयों में ऑन-कॉल (24*7) टीमें तैनात की गई हैं। प्रत्येक जनपद में सूचीबद्ध चिकित्सालयों की व्यवस्था की गई है।
3-प्रत्येक खेल व शिफ्ट में एक टीम बनाई गई है, जिसमें डॉक्टर-01, नर्सिंग स्टॉफ-02, फिजियोथेरेपिस्ट-02(महिला/पुरुष) व वार्ड ब्वाय-01 को टीम में रखा गया है और 01 टीम को स्टैंड बाय रखा गया है।
4-सभी खेल स्थलों में 01-एएलएस एंड 01-बीएलएस एंबुलेंस की तैनाती चिकित्सकीय दल के साथ की गई है। 01 बीएलएस एंबुलेंस को स्टैंड बाय रखा गया है।
5-प्रत्येक जिला चिकित्सालय में 03 ऑन-कॉल (24*7) एंबुलेंस मय आवश्यक औषधि सहित तैनात है। खेल स्पर्धा में भाग लेने वाले खिलाड़ियों के रहने के स्थान के निकटतम चिकित्सा इकाईयों में ऑन-कॉल (24*7) टीमें तैनात की गई है।

 

तैयारियों का ये भी लेखा-जोखा-

150 डाॅक्टर, 300 नर्सिंग स्टॉफ, 25 फिजियोथेरेपिस्ट, 30 फार्मासिस्ट व 50 वार्ड ब्वाय तैनात किए गए हैं।

115 एंबुलेंस राष्ट्रीय खेलों के दौरान तैनात रहेंगी। ये एंबुलेंस विभागीय और 108 सेवा की हैं।

05 बैड एम्स ऋषिकेश के ट्रामा विभाग में दिनांक 28 जनवरी 2025 से दिनांक 14 फरवरी 2025 तक) रिजर्व रहेंगे। आवश्यकता पड़ने पर एयरलिफ्ट की सुविधा हेली एंबुलेंस के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी।

50 चिकित्साधिकारियों को एम्स ऋषिकेश में कैपिसिटी बिल्डिंग हेतु प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। यह चिकित्साधिकारी समस्त जनपद के हैं।

“राष्ट्रीय खेल हमारे राज्य के लिए गौरव का क्षण है। खिलाड़ियों और मेहमानों को उच्चतम स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करना हमारी प्राथमिकता है। हर छोटी-बड़ी जरूरत का ध्यान रखा गया है।
पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

Uniform Civil Code: अब घर बैठे करा सकेंगे Live In Relationship रजिस्ट्रेशन, पढ़ें पूरा प्रोसेस.

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 उत्तराखंड स्वतंत्रता के बाद देश में समान नागरिक संहिता लागू करने वाला पहला राज्य बनने जा रहा है। कानून बनने के 10 माह 22 दिन की मशक्कत के बाद नियमावली को कैबिनेट में प्रस्तुत किया गया, जहां इसे स्वीकृति दी गई। राज्य में संहिता के 26 जनवरी को लागू होने की संभावना है।

 

प्रदेश सरकार ने सभी नागरिकों को समान अधिकार देने के उद्देश्य से समान नागरिक संहिता कानून बनाया। आठ मार्च 2024 को सदन से इसे पारित किया गया। 12 मार्च को इसे राष्ट्रपति से मंजूरी प्राप्त हुई। 14 मार्च को सरकार ने इसकी नियमावली बनाने के लिए समिति का गठन किया।

न्याय और विधायी विभाग से कई दौर के मंथन के बाद अब यह नियमावली अंतिम रूप ले चुकी है। 92 पन्नों की इस नियमावली में प्रदेश के सभी नागरिकों के विवाह, विवाह विच्छेद, उत्तराधिकार के अधिकार, लिव इन रिलेशनशिप व लिव इन रिलेशनशिप की समाप्ति का पंजीकरण करने की व्यवस्था बताई गई है। आवेदक ucc.uk.gov.in पर पंजीकरण कर सकेंगे।

लिव इन पर सहमति से समाप्त हो सकेगा पंजीकरण-

लिव इन में साथ रहने वाले जोड़े आपसी सहमति से पंजीकरण निरस्त कर सकते हैं। यद्यपि इसमें एक साथी द्वारा समाप्ति के आवेदन पर दूसरे साथी की पुष्टि करना अनिवार्य किया गया है।

तीन स्तर पर बनेगी पंजीकरण की व्यवस्था-

नियमावली में पंजीकरण के लिए तीन स्तर पर रजिस्ट्रार और सब रजिस्ट्रार की व्यवस्था की गई है। ग्राम पंचायत स्तर पर ग्राम पंचायत विकास अधिकारी उप रजिस्ट्रार और एसडीएम स्तर के अधिकारी रजिस्ट्रार होंगे। नगर पालिका व पंचायतों में अधिशासी अधिकारी रजिस्ट्रार तो एसडीएम स्तर के अधिकारी रजिस्ट्रार होंगे। वहीं नगर निगमों में कर अधीक्षक सब रजिस्ट्रार और नगर आयुक्त रजिस्ट्रार की भूमिका में रहेंगे। यह व्यवस्था इसलिए बनाई गई है ताकि आमजन स्थानीय स्तर पर ही पंजीकरण करा सकें।

 

अपील सुनने के लिए बनाए जाएंगे रजिस्ट्रार जनरल-

इन सभी पंजीकरण संबंधी विषयों पर किसी भी प्रकार की शिकायत सुनने के लिए रजिस्ट्रार जनरल भी नियुक्त किए जाएंगे। इनके पास आमजन अपने विषयों की अपील कर सकेंगे। ये एक तय समय के भीतर अपील का निस्तारण करेंगे।

 

जल्द ही पंजीकरण शुल्क होगा तय-

समान नागरिक संहिता में उल्लिखित विभिन्न कार्यों के पंजीकरण के लिए सरकार शुल्क भी तय कर रही है। इसकी दरों का निर्धारण किया जा रहा है। संहिता के लागू होने पर शुल्क की जानकारी सार्वजनिक की जाएगी। सूत्रों की मानें तो यह शुल्क 50 रुपये से लेकर 500 रुपये तक होगा।

 

घर बैठे भी करा सकेंगे पंजीकरण-

नागरिक घर बैठे अपने मोबाइल अथवा कंप्यूटर से भी इस सुविधा का लाभ ले सकते हैं। इसके लिए उन्हें ucc.uk.gov.in पोर्टल पर जाकर पंजीकरण कराना होगा। इसके लिए वह आधार नंबर के आधार पर पंजीकरण करा सकते हैं।

 

सीएचसी से कराने पर 50 रुपये शुल्क-

सरकार ने कामन सर्विस सेंटर (सीएचसी) के माध्यम से भी आमजन को यह सुविधा देने का निर्णय लिया है। सीएचसी के माध्यम से पंजीकरण कराने के आवेदक को 50 रुपये शुल्क देना होगा। पंजीकरण शुल्क अलग रहेगा। पर्वतीय व दूर दराज के क्षेत्रों में सीएचसी के एजेंट घर-घर जाकर नागरिकों को यह सुविधा उपलब्ध कराएंगे।

 

पोर्टल के माध्यम से भी दर्ज कर सकेंगे शिकायत-

नियमावली में पोर्टल के माध्यम से शिकायतों का पंजीकरण करने की भी व्यवस्था की गई है। आमजन अपने पंजीकरण के आवेदन व शिकायतों को को ई-मेल व एसएमएस के माध्यम से भी ट्रेक कर सकते हैं।

 

आज होगी वेब पोर्टल की जांच को माक ड्रिल-

समान नागरिक संहिता के लिए बनाए गए वेब पोर्टल की जांच के लिए मंगलवार को प्रदेश स्तर पर माकड्रिल का आयोजन किया जाएगा। इसमें रजिस्ट्रार व सब रजिस्ट्रार पोर्टल के माध्यम से अपने कार्यों की जांच करेंगे। सीएचसी के माध्यम से पंजीकरण के लिए आवेदन किए जाएंगे, जिन्हें सब रजिस्टार व रजिस्ट्रार स्तर से अनुमोदन दिया जाएगा। यह देखा जाएगा कि कहीं इसमें कोई दिक्कत तो नहीं आ रही है।

 

उत्तराधिकार पर चाहिए होंगे नाम, पता और गवाह-

उत्तराधिकार के विषय पर पंजीकरण के लिए व्यवस्था सब रजिस्ट्रार कार्यालय के जरिये ही होगी। समान नागरिक संहिता का पोर्टल इसके पंजीकरण का जरिया होगा। इसमें सभी के नाम व पते के साथ ही गवाह का होना भी जरूरी होगा। पोर्टल में वसीयत को अपलोड कर आनलाइन पंजीकरण, संशोधन व रद करने की सुविधा भी दी गई है।

 

पंजीकरण के आंकड़े होंगे सार्वजनिक-

समान नागरिक संहिता के तहत होने वाले सभी प्रकार के पंजीकरण के आंकड़े सार्वजनिक किए जाएंगे। इसमें कोई निजी जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाएगी। इसके लिए पहले संबंधित व्यक्ति की अनुमति जरूरी होगी।

 

तलाक के लिए कोर्ट का आदेश जरूरी-

तलाक के मामलों का पंजीकरण भी अनिवार्य किया गया है। यद्यपि व्यवस्था यह की गई है कि बिना कोर्ट के आदेश के तलाक का पंजीकरण नहीं किया जाएगा।

 

पोर्टल को बनाया गया है सुरक्षित-

प्रदेश में हुए साइबर हमले के बाद समान नागरिक संहिता के लिए बनाए गए पोर्टल को भी सुरक्षित बनाया गया है। यह पोर्टल क्लाउड बेस्ड है और इसमें डिजास्टर रिकवरी की भी व्यवस्था की गई है।

National Games: राष्ट्रीय खेलों के शुभारंभ के साथ उत्तराखंड को कई सौगातें भी देंगे पीएम मोदी, तैयारियां हुई तेज.

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38वें राष्ट्रीय खेलों के शुभारंभ पर 28 जनवरी को उत्तराखंड आ रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई नई योजनाओं की भी सौगात देंगे। पीएम राज्य के पहले खेल विश्वविद्यालय और महिला स्पोर्ट्स कॉलेज का शिलान्यास करेंगे।

 

प्रदेश सरकार और खेल विभाग राष्ट्रीय खेलों व पीएम आगमन की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा हुआ है। खेल विभाग के अधिकारियों का कहना है कि हालांकि अभी प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय से मिनट टू मिनट जारी नहीं हुआ, लेकिन इस दिन प्रधानमंत्री करीब चार से पांच घंटे देहरादून में रहेंगे। पीएम लोहाघाट, चंपावत में बनने जा रहे पहले महिला स्पोर्ट्स कॉलेज एवं गोलापार हल्द्वानी नैनीताल में बनने वाले पहले खेल विश्वविद्यालय का शिलान्यास करेंगे।

 

इसके अलावा पीएम केंद्र के सहयोग से चल रहे कुछ बड़े प्रोजेक्ट ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन, केदारनाथ-बदरीनाथ निर्माण कार्य और देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेस वे आदि कार्यों की भी अधिकारियों के साथ समीक्षा करेंगे।
प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में अधूरे काम को तेजी से पूरा किया जा रहा है। 10 से 12 बैठकें हो चुकी हैं। वहीं, अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाया गया है।
– अमित सिन्हा, विशेष प्रमुख सचिव खेल
पीएम के आगमन को लेकर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। प्रयास किया जा रहा है कि प्रधानमंत्री के हाथों से खेल विश्वविद्यालय और महिला स्पोर्ट्स कॉलेज का शिलान्यास भी कराया जाए।
– रेखा आर्या, खेल मंत्री

Uttarakhand: कैबिनेट ने यूसीसी की नियमावली को दी मंजूरी, सीएम धामी ने कहा-प्रदेश में जल्द किया जाएगा UCC लागू.

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उत्तराखंड कैबिनेट ने आज समान नागरिक संहिता( यूसीसी) की नियमावली को मंजूरी दे दी है। अब इसे जल्द ही प्रदेश में लागू किया जा सकेगा।

सीएम धामी की अध्यक्षता में आज प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक हुई। इसमें यूसीसी का प्रस्ताव लाया गया। इस दौरान कैबिनेट ने नियमावली के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी। सीएम धामी ने कहा कि 2022 में हमारी सरकार ने यूसीसी बिल लाकर जनता से किया वादा पूरा किया था। तब से हम इसकी सारी प्रक्रियाएं पूरी कर इसे जल्द से जल्द लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।यह उत्तराखंड के लिए गौरव की बात है कि हमारा प्रदेश सबसे पहले यूसीसी लागू करेगा। सब तैयारियां पूरी हो गई हैं। जल्द हम इसे लागू करेंगे।

21 जनवरी को वेबपोर्टल पर पूरे प्रदेश में होगी मॉक ड्रिल-

समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का वेबपोर्टल 21 जनवरी को पहली बार प्रदेशभर में एक साथ उपयोग में आएगा। फिलहाल यह कवायद सरकार के अभ्यास (मॉक ड्रिल) का हिस्सा होगी। इसके बाद यूसीसी को लागू किया जा सकता है। मॉक ड्रिल में यूसीसी का प्रशिक्षण ले रहे रजिस्ट्रार, सब रजिस्ट्रार और अन्य अधिकारी अपने-अपने कार्यालयों में यूसीसी पोर्टल पर लॉगइन करेंगे। उसके जरिये विवाह, तलाक, लिव इन रिलेशन, वसीयत आदि सेवाओं के पंजीकरण का अभ्यास करेंगे। सुनिश्चित करेंगे कि यूसीसी लागू होने के बाद आम लोगों को उससे संबंधित सेवाएं मिलने में कोई तकनीकी बाधा तो नहीं आएगी। मॉक ड्रिल से सरकार, विशेष समिति और प्रशिक्षण टीम अपनी-अपनी तैयारियों को परख सकेंगी।

घोषणा से कानून बनने तक का सफर-

  • 12 फरवरी 2022 को विस चुनाव के दौरान सीएम धामी ने यूसीसी की घोषणा की।
  • मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली कैबिनेट बैठक में यूसीसी लाए जाने पर फैसला।
  • मई 2022 में सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में विशेषज्ञ समिति बनी।
  • समिति ने 20 लाख सुझाव ऑफलाइन और ऑनलाइन प्राप्त किए।
  • 2.50 लाख लोगों से समिति ने सीधा संवाद किया।
  • 02 फरवरी 2024 को विशेषज्ञ समिति ने ड्राफ्ट रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपी।
  • 06 फरवरी को विधानसभा में यूसीसी विधेयक पेश हुआ।
  • 07 फरवरी को विधेयक विधानसभा से पारित हुआ।
  • राजभवन ने विधेयक को मंजूरी के लिए राष्ट्रपति को भेजा।
  • 11 मार्च को राष्ट्रपति ने यूसीसी विधेयक को अपनी मंजूरी दी।
  • यूसीसी कानून के नियम बनाने के लिए एक समिति का गठन।
  • नियमावली एवं क्रियान्वयन समिति ने हिंदी और अंग्रेजी दोनों संस्करणों में आज 18 अक्तूबर 2024 को राज्य सरकार को नियमावली साैंपी।
  • 20 जनवरी 2025 को नियमावली को कैबिनेट की मंजूरी मिली।

यूसीसी लागू होगा तो यह होंगे बदलाव-

  • सभी धर्म-समुदायों में विवाह, तलाक, गुजारा भत्ता और विरासत के लिए एक ही कानून।
  • 26 मार्च 2010 के बाद से हर दंपती के लिए तलाक व शादी का पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।
  • ग्राम पंचायत, नगर पंचायत, नगर पालिका, नगर निगम, महानगर पालिका स्तर पर पंजीकरण की सुविधा।
  • पंजीकरण न कराने पर अधिकतम 25,000 रुपये का जुर्माना।
  • पंजीकरण नहीं कराने वाले सरकारी सुविधाओं के लाभ से भी वंचित रहेंगे।
  • विवाह के लिए लड़के की न्यूनतम आयु 21 और लड़की की 18 वर्ष होगी।
  • महिलाएं भी पुरुषों के समान कारणों और अधिकारों को तलाक का आधार बना सकती हैं।
  • हलाला और इद्दत जैसी प्रथा खत्म होगी। महिला का दोबारा विवाह करने की किसी भी तरह की शर्तों पर रोक होगी।
  • कोई बिना सहमति के धर्म परिवर्तन करता है तो दूसरे व्यक्ति को उस व्यक्ति से तलाक लेने व गुजारा भत्ता लेने का अधिकार होगा।
  • एक पति और पत्नी के जीवित होने पर दूसरा विवाह करना पूरी तरह से प्रतिबंधित होगा।
  • पति-पत्नी के तलाक या घरेलू झगड़े के समय पांच वर्ष तक के बच्चे की कस्टडी उसकी माता के पास रहेगी।
  • संपत्ति में बेटा और बेटी को बराबर अधिकार होंगे।
  • जायज और नाजायज बच्चों में कोई भेद नहीं होगा।
  • नाजायज बच्चों को भी उस दंपती की जैविक संतान माना जाएगा।
  • गोद लिए, सरगोसी से असिस्टेड री प्रोडेक्टिव टेक्नोलॉजी से जन्मे बच्चे जैविक संतान होंगे।
  • किसी महिला के गर्भ में पल रहे बच्चे के संपत्ति में अधिकार संरक्षित रहेंगे।
  • कोई व्यक्ति किसी भी व्यक्ति को वसीयत से अपनी संपत्ति दे सकता है।
  • लिव इन में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति के लिए वेब पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य होगा।
  • युगल पंजीकरण रसीद से ही किराया पर घर, हॉस्टल या पीजी ले सकेंगे।
  • लिव इन में पैदा होने वाले बच्चों को जायज संतान माना जाएगा और जैविक संतान के सभी अधिकार मिलेंगे।
  • लिव इन में रहने वालों के लिए संबंध विच्छेद का भी पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।
  • अनिवार्य पंजीकरण न कराने पर छह माह के कारावास या 25 हजार जुर्माना या दोनों का प्रावधान होंगे।

Uttarakhand: अब IMA के बारे में पढ़ेंगे सरकारी स्कूलों के छात्र, पाठ्यचर्या रूपरेखा के ड्राफ्ट में की गई सिफारिश.

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प्रदेश के सरकारी स्कूलों के छात्र देश की सबसे पुरानी सैन्य अकादमियों में से एक भारतीय सैन्य अकादमी देहरादून के बारे में पढ़ेंगे। राज्य पाठ्यचर्या रूपरेखा के ड्राफ्ट में इसकी सिफारिश की गई है।एससीईआरटी की ओर से तैयार ड्राफ्ट में कहा गया कि छात्र-छात्राओं में देश की सैन्य परंपरा के प्रति सम्मान विकसित करने के लिए देश के प्रतिष्ठित सैन्य संस्थान भारतीय सैन्य संस्थान देहरादून की जानकारी विषय वस्तु के रूप में शामिल की जानी चाहिए।

एससीईआरटी की ओर से तैयार ड्राफ्ट में यह भी कहा गया कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारतीय वैज्ञानिकों के योगदान के साथ-साथ उत्तराखंड के प्रसिद्ध वैज्ञानिकों के प्रकाशित शोध एवं सर्वेक्षण एवं उनकी प्रेरणा का लाभ भी छात्र-छात्राओं को दिया जाना चाहिए।

प्रदेश के प्रतिष्ठित वैज्ञानिक शोध संस्थानों जैसे खगोल विज्ञान के क्षेत्र में प्रतिष्ठित आर्य भट्ट प्रेक्षण शोध संस्थान नैनीताल, भारतीय वन्य जीव संस्थान देहरादून, भारतीय पेट्रोलियम शोध संस्थान देहरादून, जड़ी-बूटी शोध संस्थान मंडल गोपेश्वर, वाडिया हिमालय भू-विज्ञान संस्थान, भारतीय वन अनुसंधान संस्थान, भारतीय पशु चिकित्सा एवं अनुसंधान संस्थान मुक्तेश्वर नैनीताल, आईआईटी रुड़की सहित कई संस्थानों हैं, जो भ्रमण कार्यक्रम के लिए अहम स्थान हैं।

राज्य में 17 स्थानीय लोक भाषाएं हैं बोलचाल में
एससीईआरटी की ओर से तैयार किए गए एससीएफ में कहा गया कि राज्य में लगभग 17 स्थानीय लोक भाषाएं आम बोलचाल में प्रयोग की जाती है, जिनमें अपार स्थानीय पारंपरिक ज्ञान के संदेश और उदाहरण हैं। जिनकी शब्द संपदा बहुत ही समृद्ध है। ध्वनि, अनुभूति, स्वाद व स्पर्श आदि के लिए उनके भाव के अनुसार अलग-अलग शब्द हैं, जो किसी अन्य भाषा में देखने को नहीं मिलते।

Uttarakhand: भू-तापीय ऊर्जा से बिजली बनाने का आइसलैंड के साथ MOU, सीएम धामी और आइसलैंड के राजदूत की उपस्थिति में हुआ समझौता ज्ञापन.

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उत्तराखंड सरकार और आइसलैंड की कंपनी VERKIS के मध्य संपादित हुआ भूतापीय ऊर्जा के अन्वेषण और इसके विकास से संबंधित MoU

मुख्यमंत्री धामी और आइसलैंड के राजदूत बेनेडिक्ट हॉस्कुल्सन की उपस्थिति में हुआ समझौता ज्ञापन

 

उत्तराखंड सरकार और आइसलैंड की कंपनी वर्किस कंसलटिंग इंजिनियर्स के मध्य सचिवालय में मुख्यमंत्री धामी और आइसलैंड के राजदूत डॉ. बेनेडिक्ट हॉस्कुलसन की गरिमामय उपस्थिति में उत्तराखंड में भूतापीय ऊर्जा के अन्वेषण और विकास के संबंध में समझौता संपन्न हुआ।

 

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की उपस्थिति में एमओयू पर उत्तराखंड सरकार की ओर से सचिव ऊर्जा आर मीनाक्षी सुंदरम और आइसलैंड के राजदूत डॉ. बेनेडिक्ट हॉस्कुलसन ने हस्ताक्षर किए। वर्चुअल माध्यम से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस समझौता ज्ञापन को उत्तराखंड के साथ देश की ऊर्जा सुरक्षा और सतत विकास के क्षेत्र में एक माइलस्टोन बताया। उन्होंने कहा कि भू-तापीय ऊर्जा के इस एमओयू के माध्यम से न केवल स्वच्छ और नवीनीकरण ऊर्जा का लक्ष्य प्राप्त होगा बल्कि पर्यावरणीय सुरक्षा सुनिश्चित रहते हुए समावेशी विकास का मार्ग भी प्रशस्त होगा।

 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आइसलैंड भूतापीय ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी देश है और इनके तकनीकी सहयोग और अनुभव से उत्तराखंड भूतापीय ऊर्जा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण राज्य बनकर उभरेगा. कहा कि भारत सरकार के तीन महत्वपूर्ण मंत्रालयों पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, नवीन एवं नवीनीकरण ऊर्जा मंत्रालय और विदेश मंत्रालय से इसकी अनापत्ति भी प्राप्त हो चुकी है। कहा कि राज्य में भूतापीय ऊर्जा के व्यवहारिकता के अध्ययन का व्यय भार का वहन आइसलैंड सरकार द्वारा किया जाएगा।

मालूम हो कि भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण एवं वाडिया हिमालय भू-विज्ञान संस्थान देहरादून के आकलन के अनुसार उत्तराखंड राज्य में लगभग 40 भू-तापीय स्थल चिह्नित किए गए हैं, जिनमें भू-तापीय ऊर्जा का दोहन किया जा सकता है। इस समझौते के दौरान दिलीप जावलकर, दीपेंद्र चौधरी, रेजिडेंट कमिश्नर अजय मिश्रा, अपर सचिव रंजना राजगुरु, वर्किस कंपनी से हैंकर हैरोल्डसन, रंजीत कुंना व आइसलैंड एंबेसी से राहुल चांगथम उपस्थित रहे।

अध्ययन का व्यय भार आइसलैंड सरकार उठाएगी-

मुख्यमंत्री ने कहा कि आइसलैंड भू-तापीय ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी देश है। इसके तकनीकी सहयोग और अनुभव से उत्तराखंड भू-तापीय ऊर्जा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण राज्य बनकर उभरेगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के तीन महत्वपूर्ण मंत्रालयों पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, नवीन एवं नवीनीकरण ऊर्जा मंत्रालय और विदेश मंत्रालय से इसकी अनापत्ति भी प्राप्त हो चुकी है। कहा कि राज्य में भू-तापीय ऊर्जा के व्यवहारिकता के अध्ययन का व्यय भार का वहन आइसलैंड सरकार की ओर से किया जाएगा।

 

MoU में क्या-क्या है खास-

उत्तराखंड में भूतापीय ऊर्जा के अन्वेषण और विकास में जुड़ेगा नया आयाम.

आइसलैंड की कंपनी वर्किस की विशेषज्ञता का लाभ.

उत्तराखंड के साथ-साथ देश की ऊर्जा सुरक्षा और सतत विकास में माइलस्टोन होगा साबित.

उत्तराखंड में भू तापीय ऊर्जा के दोहन योग्य 40 भूतापीय स्थल चिन्हित.

भारत के 2070 के कार्बन न्यूट्रल बनने के संकल्प में होगा सहायक.

 

इस दौरान मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, दिलीप जावलकर व दीपेंद्र चौधरी, विशेष सचिव /रेजिडेंट कमिश्नर अजय मिश्रा, अपर सचिव रंजना राजगुरु, प्रबंध निदेशक यू.जे.वी.एन. लिमिटेड संदीप सिंहल, प्रबंध निदेशक पिटकुल पी.सी. ध्यानी सहित वर्किस कंपनी से हैंकर हैरोल्डसन, रंजीत कुंना व आइसलैंड एंबेसी से राहुल चांगथम उपस्थित थे।

Uttarakahnd: दिल्ली चुनाव प्रचार के लिए बीजेपी ने CM धामी को दी बड़ी जिम्मेदारी.. निभाएंगे ये बड़ी भूमिका, पढ़ें पूरी खबर.

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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा का स्टार प्रचारक नियुक्त किया गया है। धामी ने उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू करने भर्ती परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए सख्त कानून बनाने और लव जिहाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। इन निर्णयों से उनका कद बढ़ा है और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है।

 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लोकसभा चुनाव और फिर विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा के स्टार प्रचारक के रूप में जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने लोकसभा चुनाव के लिए उत्तर प्रदेश समेत विभिन्न राज्यों के लिए तय किए गए स्टार प्रचारकों की सूची में मुख्यमंत्री धामी को प्रमुखता से शामिल किया था।

उत्तराखंड में लागू हुआ यूसीसी-

भाजपा ने मुख्यमंत्री धामी को स्टार प्रचारक बनाया है तो इसके पीछे उनकी सरकार के महत्वपूर्ण निर्णय को माना जाता है। उत्तराखंड देश का ऐसा पहला राज्य है, जिसने समान नागरिक संहिता विधेयक विधानसभा से पारित कराया और राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद उसे यह अधिनियम मिल गया है, जो इसी माह क्रियान्वित किया जाएगा।

 

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इस पहल के लिए मुख्यमंत्री धामी देशभर में चर्चा के केंद्र में रहे हैं। इसके साथ ही भर्ती परीक्षाओं में नकल रोकने को सख्त कानून, लव जिहाद के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई, दंगारोधी कानून को लेकर भी उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर सराहना बटोरी।
इन निर्णयों से मुख्यमंत्री धामी का कद बढ़ा है। उनकी सरकार के बड़े निणयों को देश में व्यापक फलक पर देखा जा रहा है। माना जा रहा कि इस सबके दृष्टिगत ही पार्टी ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में उन्हें स्टार प्रचारकों की सूची में स्थान दिया है।

 

सीएम योगी, फडणवीस और एमपी सीएम के नाम भी प्रचारक की लिस्ट में-

धामी को इस सूची में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, नितिन गडकरी, पीयूष गोयल, शिवराज सिंह चौहान, मनोहरलाल खट्टर, धर्मेंद्र प्रधान, सरदार हरदीप पुरी, गिरिराज सिंह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ स्थान मिला है। इस सूची में कुल 40 स्टार प्रचारक हैं।