Category Archive : राष्ट्रीय खबर

Uttarakhand: पीएम आवास 2.0 से बदलेगी अब मलिन बस्तियों की सूरत, विस्थापन और पुनर्वास को लेकर किए खास प्रावधान.

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प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 से मलिन बस्तियों की सूरत बदल सकती है। इस बार योजना में मलिन बस्तियों के पुनर्वास और विस्थापन को लेकर भी खास प्रावधान किए गए हैं। राज्य में 582 मलिन बस्तियां पुनर्वास के इंतजार में हैं। पीएम आवास योजना 2.0 लॉन्च हो चुकी है।

उत्तराखंड ने इसके लिए केंद्र से करार भी कर लिया है। मलिन बस्तियों के पुनर्वास, विस्थापन को लेकर दो श्रेणियों में सरकार सहायता करेगी। पहली श्रेणी बीएलसी यानी लाभार्थी आधारित है।इसमें अपनी जमीन पर मकान बनाने के लिए केंद्र सरकार 2.25 लाख रुपये और राज्य सरकार 50 हजार रुपये की मदद देगी।
जमीन की कागजी प्रक्रिया भी निशुल्क होगी। मलिन बस्तियों के अपग्रेडेशन और इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत बनाने के लिए भी इस योजना में पैसा मिलेगा।दूसरी श्रेणी एफॉर्डेबल हाउसिंग इन पार्टनरशिप यानी एएचपी है। इसमें निजी विकासकर्ता की मदद से मलिन बस्तियों का पुनर्वास किया जा सकता है।
मलिन बस्ती की लोकेशन सही न होने पर अन्य किसी क्षेत्र में विकसित की जा सकती है। इसमें भी सरकार अलग से मदद करेगी। राज्य सरकार कई साल से मलिन बस्तियों के पुनर्वास और विस्थापन को लेकर प्रयास कर रही है। पीएमएवाई 2.0 से इसमें तेजी आने की संभावना है।

Maharashtra: महाराष्ट्र के अगले CM के नाम पर सस्पेंस बरकरार, एकनाथ शिंदे ने दिया मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा।

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महाराष्ट्र में अगले सीएम को लेकर सस्पेंस बरकार है। अभी तक किसी नेता के नाम पर मुहर नहीं लगी है। इस बीच मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मुंबई के राजभवन में राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा सौंप दिया। इस दौरान उपमुख्यमंत्री अजित पवार और देवेंद्र फडणवीस उनके साथ मौजूद रहे। हालांकि, अगले सीएम के चुनाव तक एकनाथ शिंदे बतौर कार्यवाहक सीएम पद की जिम्मेदारियां संभालेंगे। दरअसल, महाराष्ट्र विधानसभा का कार्यकाल आज समाप्त हो रहा है।

 

देवेंद्र फडणवीस को मिल सकती है जिम्मेदारी-
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, महायुति में भाजपा को सीएम पद देने पर सहमति बन गई है और भाजपा की तरफ से देवेंद्र फडणवीस को यह जिम्मेदारी मिल सकती है। साथ ही शिवसेना और राकांपा गुट से भी एक-एक डिप्टी सीएम होगा। विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत के बाद भाजपा और शिवसेना के बीच सीएम पद को लेकर खींचतान चल रही है। दरअसल शिवसेना एकनाथ शिंदे को ही सीएम बनाने की मांग कर रही है। शिवसेना महाराष्ट्र में भी बिहार फार्मूला लागू करने की मांग कर रही है, जहां भाजपा ने ज्यादा सीटें जीतने के बावजूद नीतीश कुमार को सीएम बनाया है। शिवसेना के सात सांसद भी प्रधानमंत्री से मुलाकात कर सकते हैं। इसे शिवसेना द्वारा दबाव की राजनीति करने के तौर पर भी देखा जा रहा है।
सीएम के नाम का एलान 30 नवंबर को हो सकता है-
वहीं शिवसेना विधायक और पार्टी प्रवक्ता संजय पांडुरंग शिरसाट ने मीडिया से बात करते हुए दावा किया है कि राज्य के नए सीएम का एलान 30 नवंबर यानी शनिवार को किया जाएगा। पहले ऐसी खबरें आ रहीं थी कि मंगलवार शाम तक ही सीएम के नाम का एलान हो सकता है, लेकिन अब शिवसेना विधायक के बयान से साफ है कि महायुति में सीएम पद पर दावे को लेकर खींचतान जारी है। वहीं मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एकनाथ शिंदे अगर सीएम नहीं बनते हैं तो वे डिप्टी सीएम का पद भी नहीं लेंगे और अपनी जगह पार्टी के ही किसी नेता को डिप्टी सीएम बना सकते हैं। महाराष्ट्र में नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह कब होगा, ये अभी तय नहीं है।
ऐसे रहे परिणाम-
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाली महायुति गठबंधन ने शानदार जीत हासिल करते हुए राज्य की 288 सीटों में से 234 सीटों पर कब्जा कर लिया। इनमें से भाजपा ने सबसे ज्यादा 132, शिवसेना ने 57 और एनसीपी ने 41 सीटों पर जीत दर्ज की है।

Maharashtra Election Result: महाराष्ट्र में किसके सिर सजेगा ताज ? क्या फडणवीस बनेंगे अगले CM या फिर शिंदे के सिर ही रहेगा ताज?

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Maharashtra Election Result 2024 महाराष्ट्र के चुनावी दंगल में भाजपा नीत महायुति गठबंधन की बंपर जीत होती दिख रही है। महायुति महाराष्ट्र विधानसभा की कुल 288 सीटों में से 223 पर आगे चल रही है। वहीं, एमवीए को बड़ी हार मिलती दिख रही है।
इस बीच चुनावी नतीजों के बाद सबसे बड़ा सवाल अब ये है कि महाराष्ट्र की सत्ता कौन संभालेगा। क्या एकनाथ शिंदे ही सीएम बनेंगे या देवेंद्र फडणवीस के सिर ये ताज सजेगा।

फडणवीस का पलड़ा भारी

सीएम की रेस में देवेंद्र फडणवीस का पलड़ा भारी दिख रहा है। दरअसल, महाराष्ट्र में भाजपा 145 सीटों पर चुनाव लड़ी थी और वो 127 सीटों पर आगे चल रही है। भाजपा का जीत का स्ट्राइक रेट सबसे ज्यादा है। वहीं, एकनाथ शिंदे की शिवसेना 81 सीटों पर लड़कर 53 सीटों पर आगे चल रही है।

जीत के अंतर को देखते हुए फडणवीस का पलड़ा भारी दिख रहा है, क्योंकि वो भाजपा के सबसे बड़े चेहरे हैं।

शिंदे को भी मिल सकता है इनाम-

भाजपा ने पिछली बार फडणवीस को डिप्टी सीएम बनाकर चौंकाया था, हालांकि देवेंद्र खुद सरकार में शामिल नहीं होना चाहते थे, लेकिन आलाकमान के दबाव के बाद उन्होंने अपना फैसला पलटा था।

वहीं, एकनाथ शिंदे को भी सीएम बनने की रेस में पीछे नहीं माना जा सकता है। दरअसल, शिंदे ने ऐसे समय में भाजपा का साथ दिया था, जब उन्हें सबसे ज्यादा जरूरत थी। शिंदे ने शिवसेना को तोड़कर उद्धव ठाकरे को सबसे बड़ा झटका दिया था। इसी कारण भाजपा उन्हें इनाम दे सकती है।

वहीं, महायुति की एकता को बनाए रखने के लिए भी भाजपा शिंदे को ही दौबारा सीएम बना सकती है। भाजपा नहीं चाहती कि कोई बगावत करे।

CM पद पर फडणवीस का बयान, बोले- उम्मीद से बड़ी जीत

महाराष्ट्र में बड़ी जीत की ओर बढ़ रही महायुति को लेकर फडणवीस का बयान भी सामने आया है। उन्होंने कहा कि ये उम्मीद से बड़ी जीत है। हम अब मिलकर अगले सीएम का फैसला करेंगे। वहीं, देवेंद्र फडणवीस के करीबी नेता प्रवीन दरेकर ने कहा है कि अगले मुख्यमंत्री ही देवेंद्र फडणवीस हो सकते हैं।

Maharashtra Result: महाराष्ट्र में लाडकी बहीण योजना ने कैसे बदला खेल, जानिए लोकसभा के बाद महायुति ने कैसे पलटी बाजी?

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महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजे आज आ रहे हैं। शुरुआती दौर में भाजपा के नेतृत्व वाली महायुति नतीजों में बहुत आगे दिख रही है तो महाविकस अघाड़ी काफी पीछे है। एमवीए में कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी) और एनसीपी (शपा) जैसे दल शामिल हैं। चुनाव से पहले महायुति सरकार ने महिलाओं के लिए शुरू की गई मुख्यमंत्री- माझी लाडकी बहीण योजना को ‘गेमचेंजर’ बताया था और इसे पूरे प्रचार में एक अहम मुद्दा बनाया था। यह योजना महायुति और एमवीए के लिए इस लिहाज से भी अहम रही कि दोनों ने इस योजना को अपने चुनावी घोषणापत्र में शामिल किया। सत्ताधारी पार्टी के नेताओं ने महाराष्ट्र के नतीजों के पीछे लाडकी बहीण योजना को बताया है।

क्या है माझी लाडकी बहीण योजना जो बनी ‘गेमचेंजर’?
महाराष्ट्र सरकार ने 28 जून 2024 को ‘मुख्यमंत्री माझी लड़की बहीण’ योजना शुरू करने को मंजूरी दी थी। इस योजना के जरिए महाराष्ट्र में 21 से 65 साल की पात्र महिलाओं को 1,500 रुपये की आर्थिक मदद दी जा रही है। इस योजना का लाभ सीधे डीबीटी द्वारा महिलाओं को उनके खाते में दिया जा रहा है। सरकार का कहना है कि राज्य में महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता, उनके स्वास्थ्य और पोषण में सुधार और परिवार में उनकी अहम भूमिका को मजबूत करने के लिए यह योजना शुरू की गई थी।
किन महिलाओं को योजना का लाभ मिला?
1. लाभार्थी महाराष्ट्र राज्य का निवासी होना चाहिए।
2. राज्य में विवाहित, विधवा, तलाकशुदा, परित्यक्ता एवं निराश्रित महिलाएं और परिवार में केवल एक अविवाहित महिला।
3. न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु 65 वर्ष पूरी होने तक।
4. लाभार्थी के पास आधार लिंक के साथ अपना बैंक खाता होना चाहिए।
5. लाभार्थी परिवार की वार्षिक आय रु. 2.50 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए।

इस योजना की कितनी महिलाएं लाभार्थी बनीं?
माझी लाडकी बहीण योजना के पोर्टल पर मौजूद जानकारी के अनुसार इस योजना के लिए कुल 1.12 करोड़ प्राप्त आवेदन मिले थे। वहीं पोर्टल पर स्वीकृत आवेदनों की कुल संख्या 1.06 करोड़ है। वहीं, महाराष्ट्र की महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने बताया कि मुख्यमंत्री माझी लड़की बहीण योजना का उद्देश्य 2.34 करोड़ पात्र महिलाओं को आर्थिक लाभ देना है।

रक्षा बंधन पर शुरू की गई इस योजना को सरकार द्वारा महाराष्ट्र के अनुपूरक बजट में शामिल किया गया है। इस योजना के लिए राज्य के खजाने से सालाना 46,000 करोड़ रुपये के आवंटन की आवश्यकता होगी। महाराष्ट्र सरकार ने योजना के तहत दिवाली बोनस 2024 की घोषणा भी की थी। पात्र महिलाओं को लाडकी बहीण योजना दिवाली बोनस 2024 पहल के जरिए चौथी और पांचवीं किस्त के भुगतान में 3,000 रुपये सीधे उनके बैंक खातों में जमा किए गए थे।

चुनाव में लाडकी बहीण योजना कैसे मुद्दा बनी?
सत्ताधारी महायुति ने अपने पूरे प्रचार के दौरान लाडकी बहीण योजना को चुनावी मुद्दा बनाकर इसका प्रचार किया। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने चुनावी अभियान में कहा कि यह योजना चुनाव में सरकार के लिए गेमचेंजर साबित होगी। वहीं विधानसभा चुनाव के लिए जारी घोषणा पत्र में महायुति ने लाडकी बहना योजना के तहत महिलाओं को हर माह 2,100 रुपये देने का वादे किया था। वहीं महाविकास अघाड़ी (एमवीए) ने भी अपने चुनावी घोषणा पत्र ‘महाराष्ट्रनामा’ में मुख्यत: पांच गारंटियों पर केंद्रित किया था। इस घोषणा पत्र में महिलाओं को हर माह 3,000 रुपये देने का वादा किया गया था।

महाराष्ट्र में बुधवार को विधानसभा चुनाव 2024 के लिए मतदान कराया गया था। राज्य के 36 जिलों की सभी 288 सीटों पर वोटिंग हुई जहां कई जिलों के मतदाताओं में जबरदस्त रुझान दिखा। आंकड़े के अनुसार राज्य में कुल 66.05% मतदान दर्ज किया गया। महाराष्ट्र के इस चुनाव में 9.70 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए पात्र थे। इनमें से 5.00 करोड़ पुरुष, 4.69 करोड़ महिलाएं और 6,101 थर्ड जेंडर मतदाता थे। 2019 में महाराष्ट्र में कुल 61.44% वोटिंग दर्ज की गई थी। इस तरह से राज्य में पिछले विधानसभा चुनाव में मुकाबले 4.61% ज्यादा वोटिंग हुई।

महाराष्ट्र में इस विधानसभा चुनाव में कुल मतदान में लगभग 4.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, लेकिन इस वृद्धि में महिलाओं का योगदान अहम है। 2019 के चुनावों में महिला मतदाताओं का मतदान प्रतिशत 59.26 प्रतिशत से बढ़कर इस साल 65.21 प्रतिशत हो गया है। यानी 5.95 प्रतिशत अंकों की वृद्धि हुई है। मुंबई, इसके उपनगरों और इसके आस-पास के जिलों में भी महिला मतदाताओं की संख्या में काफी वृद्धि देखी गई। इसमें ठाणे जिले में 11 प्रतिशत अंकों की वृद्धि देखी गई, इसके बाद आदिवासी जिले पालघर में नौ प्रतिशत अंकों की वृद्धि हुई और मुंबई महानगर क्षेत्र में 2019 के चुनावों की तुलना में कम से कम सात प्रतिशत अंकों की वृद्धि हुई।

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने विधानसभा चुनावों के दौरान मतदान में हुई वृद्धि का श्रेय ‘सत्ता समर्थक भावना’ को दिया। उन्होंने दावा किया, ‘प्रारंभिक फीडबैक से पता चलता है कि मतदाताओं, विशेषकर महिलाओं के बीच मतदान प्रतिशत में वृद्धि हुई है। हमें जानकारी मिली है कि लाडकी बहीण योजना के कारण हमारे लिए वोट करने वाली महिलाओं का प्रतिशत बढ़ा है।’

Uttarakhand: शीतकाल में गद्दीस्थलों पर होंगे अब चारधामों के दर्शन, जानिए श्रद्धालु कहां कर सकेंगे पूजा-अर्चना.

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बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के कपाट विधि विधान से बंद होने के साथ ही छह माह के लिए चारधाम यात्रा का पूर्ण रूप समापन हो गया है, लेकिन श्रद्धालुओं को शीतकाल में गद्दीस्थलों पर चारधामों के दर्शन व पूजा अर्चना की सुविधा होगी।

साथ ही जो श्रद्धालु यात्रा के दौरान उच्च हिमालयी क्षेत्रों में स्थित धामों में जाने में असमर्थ हैं, वह गद्दीस्थलों पर दर्शन कर सकते हैं। प्रदेश सरकार भी शीतकालीन यात्रा को बढ़ावा दे रही, जिससे राज्य में पूरे साल पर्यटन गतिविधियां चलती रहे। केदारनाथ धाम के कपाट 10 मई को खुले और तीन नवंबर को बंद हुए।
ओंकारेश्वर मंदिर में विराजे बाबा केदार
बाबा केदार की पंचमुखी डोली ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में विराजमान है। अगले साल अप्रैल-मई में कपाट खुलने से पहले पंचमुखी डोली ऊखीमठ से केदारनाथ धाम के लिए प्रस्थान करेगी। शीतकाल में बाबा केदार की पूजा अर्चना ऊखीमठ में होती है। यहां पर श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन व पूजा अर्चना कर सकते हैं।
पांडुकेश्वर में विराजमान हुई उद्धव व कुबेर की डोली
बदरीनाथ धाम के कपाट 12 मई को खुले थे और 17 नवंबर को बंद हो गए। धाम से उद्धव व कुबेर की डोली पांडुकेश्वर योग बदरी में विराजमान हो गईं हैं, जबकि 19 नवंबर को आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी जोशीमठ स्थित नृसिंह मंदिर में पहुंचेगी। पांडुकेश्वर व जोशीमठ में शीतकाल में श्रद्धालु भगवान बदरी विशाल की पूजा अर्चना व दर्शन कर सकेंगे। 

मां यमुना की डोली खरशाली में विराजमान
यमुनोत्री धाम के कपाट हर साल अक्षय तृतीय पर खुलते हैं। इस साल 10 मई को कपाट खुलने के साथ चारधाम यात्रा शुरू हुई। तीन नवंबर को मंदिर के कपाट बंद हुए। अगले साल कपाट खुलने तक मां यमुना डोली खरशाली स्थित यमुना मंदिर में विराजमान है। जहां पर नियमित पूजा अर्चना की जाती है।

मुखवा में गंगोत्री धाम के दर्शन
गंगोत्री धाम के कपाट 10 मई को खुले थे। दो नवंबर को विधि विधान से बंद किए गए। शीतकाल में मां गंगोत्री मुखवा में विराजमान होती है। जहां पर श्रद्धालु अगले साल कपाट खुलने तक पूजा अर्चना व दर्शन कर सकते हैं।

इस बार चारधाम में इतने यात्री पहुंचे

धाम             तीर्थयात्रियों की संख्या
केदारनाथ         16,52,070
बदरीनाथ          14,35,401
गंगोत्री               8,18,273
यमुनोत्री             7,14,779
हेमकुंड साहिब   1,83,692

केदारनाथ व बदरीनाथ धाम के शीतकाल गद्दी स्थलों पर श्रद्धालुओं को दर्शन करने के साथ पूजा अर्चना की सुविधा है। बीकेटीसी शीतकालीन यात्रा को बढ़ावा देने के लिए गद्दी स्थलों पर बुनियादी सुविधाओं व अवस्थापना विकास के कार्य कर रही है।
– अजेंद्र अजय, अध्यक्ष, बदरी-केदार मंदिर समिति

Kedarnath By-Election 2024- किसे मिलेगी केदारनाथ की कमान ?

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Kedarnath By-Election: प्रत्याशियों को लेकर 24 तारीख को कांग्रेस की दिल्ली में होगी बैठक, चुनावी रणनीति पर भी चर्चा संभव।

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केदारनाथ उपचुनाव की रणनीति और प्रत्याशी को लेकर कांग्रेस की 24 अक्तूबर को दिल्ली में बैठक होगी। मंगलवार को प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा ने वर्चुअल बैठक में प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं से चुनावी तैयारियों पर चर्चा कर सुझाव भी लिए।

प्रदेश प्रभारी ने कहा, केदारनाथ उपचुनाव में सभी नेताओं को एकजुट होकर काम करना है। इसके लिए बूथ स्तर पर चुनाव की रणनीति बना कर चलना है। बैठक में प्रदेश सहप्रभारी परगट सिंह, सुरेंद्र शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा, पूर्व सीएम हरीश रावत, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व मंत्री नवप्रभात, विधायक प्रीतम सिंह, भुवन कापड़ी, वीरेंद्र जाती, लखपत बुटोला, प्रदेश उपाध्यक्ष संगठन मथुरादत्त जोशी शामिल हुए।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने कहा, 24 अक्तूबर को दिल्ली में प्रदेश प्रभारी ने बैठक रखी है, जिसमें नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, विधायक प्रीतम सिंह के अलावा चारों पर्यवेक्षक भी मौजूद रहेंगे। बैठक में चुनावी रणनीति के साथ प्रत्याशी को लेकर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

उत्तराखंड में जल्द लागू होगा यूनिफार्म सिविल कोड, समिति ने CM धामी को सौंपा नियमावली का फाइनल ड्राफ्ट।

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उत्तराखंड में अब जल्द ही  समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू होने जा रहा है। आज शुक्रवार(18 अक्तूबर) को विशेषज्ञ समिति ने यूसीसी नियमावली का ड्राफ्ट मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सौंप दिया है। सीएम धामी ने कहा कि सभी को समान न्याय और  समान अवसर मिले इसके लिए यूसीसी लागू किया जा रहा है।

9 नवंबर को यूसीसी लागू करने की तैयारी-

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में घोषणा की थी कि सरकार नौ नवंबर को उत्तराखंड स्थापना दिवस पर यूसीसी लागू करना चाहती है। ऐसे में अब समीति के फाइनल नियमावली का ड्राफ्ट साैंपने के बाद पूरी उम्मीद जताई जा रही है कि यूसीसी उत्तराखंड में 9 नवंबर को लागू हो जाएगा।

 

यूसीसी में ये है खास-

नियमावली में मुख्य रूप से चार भाग हैं। जिसमें विवाह एवं विवाह-विच्छेद लिव-इन रिलेशनशिप, जन्म एवं मृत्य पंजीकरण तथा उत्तराधिकार संबंधी नियमों के पंजीकरण संबंधी प्रक्रियाएं हैं।

ऑनलाइन मिल सकेगी सारी जानकारी-

जन सामान्य की सुलभता को देखते हुए यूसीसी के लिए एक पोर्टल और मोबाइल एप भी तैयार की गई है, इसमें पंजीकरण और अपील आदि की समस्त सुविधाएं जन सामान्य को ऑनलाईन माध्यम से सुलभ हो सके।

यूसीसी लागू होगा तो यह आएंगे बदलाव-

  • सभी धर्म-समुदायों में विवाह, तलाक, गुजारा भत्ता और विरासत के लिए एक ही कानून।
  • 26 मार्च 2010 के बाद से हर दंपती के लिए तलाक व शादी का पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।
  • ग्राम पंचायत, नगर पंचायत, नगर पालिका, नगर निगम, महानगर पालिका स्तर पर पंजीकरण की सुविधा।
  • पंजीकरण न कराने पर अधिकतम 25,000 रुपये का जुर्माना।
  • पंजीकरण नहीं कराने वाले सरकारी सुविधाओं के लाभ से भी वंचित रहेंगे।
  • विवाह के लिए लड़के की न्यूनतम आयु 21 और लड़की की 18 वर्ष होगी।
  • महिलाएं भी पुरुषों के समान कारणों और अधिकारों को तलाक का आधार बना सकती हैं।
  • हलाला और इद्दत जैसी प्रथा खत्म होगी। महिला का दोबारा विवाह करने की किसी भी तरह की शर्तों पर रोक होगी।
  • कोई बिना सहमति के धर्म परिवर्तन करता है तो दूसरे व्यक्ति को उस व्यक्ति से तलाक लेने व गुजारा भत्ता लेने का अधिकार होगा।
  • एक पति और पत्नी के जीवित होने पर दूसरा विवाह करना पूरी तरह से प्रतिबंधित होगा।
  • पति-पत्नी के तलाक या घरेलू झगड़े के समय पांच वर्ष तक के बच्चे की कस्टडी उसकी माता के पास रहेगी।
  • संपत्ति में बेटा और बेटी को बराबर अधिकार होंगे।
  • जायज और नाजायज बच्चों में कोई भेद नहीं होगा।
  • नाजायज बच्चों को भी उस दंपती की जैविक संतान माना जाएगा।
  • गोद लिए, सरगोसी से असिस्टेड री प्रोडेक्टिव टेक्नोलॉजी से जन्मे बच्चे जैविक संतान होंगे।
  • किसी महिला के गर्भ में पल रहे बच्चे के संपत्ति में अधिकार संरक्षित रहेंगे।
  • कोई व्यक्ति किसी भी व्यक्ति को वसीयत से अपनी संपत्ति दे सकता है।
  • लिव इन में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति के लिए वेब पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य होगा।
  • युगल पंजीकरण रसीद से ही किराया पर घर, हॉस्टल या पीजी ले सकेंगे।
  • लिव इन में पैदा होने वाले बच्चों को जायज संतान माना जाएगा और जैविक संतान के सभी अधिकार मिलेंगे।
  • लिव इन में रहने वालों के लिए संबंध विच्छेद का भी पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।
  • अनिवार्य पंजीकरण न कराने पर छह माह के कारावास या 25 हजार जुर्माना या दोनों का प्रावधान होंगे।

Haryana New Government: हरियाणा में अब नायब सरकार, भाजपा विधायक दल की बैठक में लगी सैनी के नाम पर मुहर।

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Haryana New CM Biography: नायब सिंह सैनी हरियाणा के नए सीएम होंगे। प्रदेश के इतिहास में पहली बार भाजपा ने हैट्रिक लगाकर जीत हासिल की है। इस नायाब जीत के नायक बने नायब सिंह सैनी अब सीएम की कुर्सी संभालेंगे।

नायब सैनी लोकसभा चुनाव से पहले सीएम की कुर्सी पर बैठाए गए थे। पार्टी ने नायब सैनी को सीएम प्रोजेक्ट कर चुनाव लड़ा था।

आरएसएस से जुड़े हैं सैनी-

नायब सैनी 25 जनवरी 1970 को अंबाला के गांव मिर्जापुर माजरा में सैनी परिवार में जन्मे थे। वे बीए और एलएलबी हैं। सैनी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े हैं। सैनी ओबीसी समुदाय से आते हैं। उन्हें संगठन में काम करने का लंबा अनुभव है।

मनोहर लाल के है करीबी-

वे साल 2002 में युवा मोर्चा बीजेपी अंबाला से जिला महामंत्री बने। इसके बाद साल 2005 में युवा मोर्चा भाजपा अंबाला में जिला अध्यक्ष रहे। सैनी 2009 में किसान मोर्चा भाजपा हरियाणा के प्रदेश महामंत्री भी रहे। 2012 में वे अंबाला भाजपा के जिला अध्यक्ष बने। आरएसएस के समय से सैनी को मनोहर लाल का करीबी माना जाता है। सूत्र बताते हैं कि सीएम ने ही उन्हें कुरुक्षेत्र से टिकट देने की पैरवी की थी।

नारायणगढ़ से हारे थे चुनाव-

नायब सिंह ने 2009 में अंबाला के नारायणगढ़ निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ा था, लेकिन कुल 1,16,039 वोटों में से 3,028 वोट हासिल कर रामकिशन गुर्जर से हार गए थे। 2014 में उन्होंने 24,361 वोटों से इसी क्षेत्र से चुनाव जीता था, जिसके बाद वे प्रदेश सरकार में 24 जुलाई 2015 से तीन जून 2019 तक राज्यमंत्री भी रहे। उन्होंने प्रदेश में श्रम एवं रोजगार मंत्री स्वतंत्र प्रभार के अलावा खान एवं भू विज्ञान मंत्री व नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री के तौर पर भी कार्यभार संभाला।

Amit Shah: उत्‍तराखंड दौरे पर आने वाले हैं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, तैयारियों में जुटे सभी विभाग।

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केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 13 अक्टूबर को उत्तराखंड के दौरे पर आ रहे हैं। उनका प्रस्तावित कार्यक्रम शासन को मिल गया है। इसे देखते हुए तैयारियां भी प्रारंभ कर दी गई हैं।

तमाम विभाग भी कसरत में जुटे-

माना जा रहा है कि वह देहरादून में पुलिस में लागू तीन नए कानूनों व साइबर अपराधों की चुनौतियों पर चर्चा के अलावा अन्य विभागों के साथ भी बैठक कर सकते हैं। इसे देखते हुए तमाम विभाग भी कसरत में जुटे हैं।   गृह मंत्री शाह 13 अक्टूबर को सुबह जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचेंगे और फिर उत्तरकाशी जिले के हर्षिल के लिए रवाना होंगे।

 

अर्द्ध सैनिक बलों के जवानों के बीच भी बिता सकते हैं समय-

वह हर्षिल में वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत संचालित योजनाओं की जानकारी लेंगे। साथ ही अर्द्ध सैनिक बलों के जवानों के बीच भी कुछ समय बिता सकते हैं। इसके बाद वह देहरादून में एफआरआइ में तीन नए कानून और साइबर अपराध की चुनौतियों पर अधिकारियों के साथ विमर्श करेंगे।

अन्य विभागों के साथ भी कर सकते हैं बैठकें-

माना जा रहा है कि अमित शाह अन्य विभागों के साथ भी बैठकें कर सकते हैं। इसे देखते हुए विभाग अपनी-अपनी तैयारियों में जुटे हैं। गृह मंत्री इसी दिन शाम को दिल्ली रवाना होंगे।

अभिनेता परेश रावल से महानिदेशक सूचना ने की मुलाकात-

प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता परेश रावल इन दिनों अपनी नई फिल्म पास्ट टेंस की शूटिंग के लिए देहरादून आए हुए हैं। इस फिल्म का निर्देश अनंत नारायण महादेवन कर रहे हैं। महानिदेशक सूचना और उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बंशीधर तिवारी ने उनसे मुलाकात की। इस दौरान अभिनेता परेश रावल ने उत्तराखंड में लागू हुई नई फिल्म नीति की सराहना की।

देहरादून-मसूरी रोड पर फिल्म के सेट पर हुई मुलाकात के दौरान अभिनेता परेश रावल ने महानिदेशक सूचना को बताया कि उन्होंने अपनी दो बालीवुड फिल्मों की शूटिंग कुछ समय पहले ही उत्तराखंड में पूरी की है। इनके पोस्ट प्रोडक्शन का कार्य चल रह है। ये जल्द रिलीज होने वाली हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में सभी फिल्मों की शूटिंग की अनुमति की प्रक्रिया सरल होने के कारण उत्तराखंड बालीवुड और देश के अन्य राज्यों के लिए संपूर्ण फिल्म फ्रेंडली डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है।

महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी ने बताया कि सरकार ने नई नीति में फिल्मों के लिए पहले से अधिक अनुदान राशि को शामिल किया है। ओटीटी प्लेटफार्म पर रिलीज होने वाली फिल्मों और वेब सीरीज को भी अनुदान के लिए शामिल किया गया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार सरकार फिल्म निर्माण से जुड़े प्रत्येक क्षेत्र में रोजगार की गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ ही पर्यटन को भी प्रोत्साहित कर रही है। फिल्म के बारे में बताया गया कि इस फिल्म में आदित्य रावल, आदिल हुसैन, शरीब हाशमी, तनिष्ठा चटर्जी, गगन देव, स्मिता तांबे, सतीश शर्मा व श्रद्धा भट्ट प्रमुख भूमिका में हैं। इस दौरान संयुक्त निदेशक सूचना डा नितिन उपाध्याय भी उपस्थित थे।