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हल्द्वानी मामला: जिस धार्मिक स्थल को तोड़ने को लेकर हुआ था बवाल, अब उसे नगर निगम ने पूरी तरह किया ध्वस्त; जानिए नया अपडेट।

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नगर निगम ने शुक्रवार को आधे टूटे धर्मस्थल को पूरी तरह तोड़कर मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया है। बीती आठ फरवरी को बनभूलपुरा के मलिक का बगीचा क्षेत्र में अवैध रूप से बनाए गए मदरसे और मस्जिद को ढहाने के दौरान पथराव, आगजनी और हिंसा हुई थी। पथराव होने के कारण तब नगर निगम की टीम मदरसे और नमाज स्थल को आधा तोड़कर ही बाहर निकल भागी थी। इस हिंसा में छह लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई जवान और नगर निगम कर्मचारी घायल भी हुए थे। हिंसा के बाद क्षेत्र में कर्फ्यू लगा दिया गया था। 14 फरवरी को हाईकोर्ट में इस मामले में सुनवाई भी हुई थी। वहीं अब कर्फ्यू के बीच ही नगर निगम ने आधे टूटे अवैध धर्मस्थल को भी ढहा दिया है।

शुक्रवार सुबह नगर निगम से टीम बनभूलपुरा के लिए रवाना हुई थी। सहायक नगर आयुक्त गणेश भट्ट ने बताया कि शेष अवैध मदरसा, मस्जिद तोड़ दिया गया है। मलबा भी यहां से सामान हटाया जा रहा है।

कांग्रेस के खातों पर लगे प्रतिबंध के खिलाफ IT ट्रिब्यूनल पहुंची कांग्रेस, मिली राहत; आयकर विभाग ने किए थे फ्रीज.

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कांग्रेस को आयकर विभाग की तरफ से खातों पर लगाए प्रतिबंधों के मामले में ट्रिब्यूनल की तरफ से बड़ी राहत मिली है। पार्टी के नेता विवेक तन्खा ने बताया है कि इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल ने कांग्रेस को अंतरिम राहत देते हुए उसे खातों को चलाने की छूट दी है। ट्रिब्यूनल इस मामले में अंतरिम राहत के लिए बुधवार को सुनवाई करेगा।

गौरतलब है कि इससे पहले पार्टी के प्रवक्ता अजय माकन ने शुक्रवार को ही प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि आयकर विभाग ने 2018-19 के आयकर रिटर्न के आधार पर कांग्रेस और यूथ कांग्रेस के खातों को फ्रीज कर दिया है। उन्होंने कहा कि आयकर विभाग ने इन दोनों खातों से 210 करोड़ रुपये की रिकवरी का भी आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि हमारे अकाउंट में जो भी क्राउडफंडिंग से जुटाई गई राशि है, उसे हमारी पहुंच से दूर कर दिया गया है
माकन ने कहा कि चुनाव के एलान से महज दो हफ्ते पहले ही विपक्षी पार्टी का अकाउंट फ्रीज कर दिया गया। यह लोकतंत्र को फ्रीज करने जैसा है। माकन ने बताया कि इस खाते में एक महीने की सैलरी भी दी है। हमने आयकर विभाग को उन दानकर्ताओं के नाम भी दिए हैं।

माकन ने कहा, “हमें एक दिन पहले ही जानकारी मिली थी कि बैंकों को हम जो चेक भेज रहे थे, उनका निपटारा नहीं हो पा रहा था। जांच पर पता चला कि यूथ कांग्रेस का बैंक अकाउंट फ्रीज कर दिया गया है। इसके साथ ही कांग्रेस पार्टी के खाते भी बंद होने की बात सामने आई। कुल चार अकाउंट फ्रीज किए गए हैं। आयकर विभाग की तरफ से बैंकों को यह निर्देश दिया गया है कि हमारे कोई भी चेक स्वीकार न करें और हमारे खातों में जो भी राशि है उसे रिकवरी के लिए रखा जाए।”

भाजपा पर लगाए आरोप-
माकन ने कहा कि कांग्रेस ने इस मामले को लेकर आयकर अपीलीय अधिकरण का रुख किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि न्यायपालिका लोकतंत्र की रक्षा करेगी। कांग्रेस नेता ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि क्या वे यही चाहते हैं कि देश में सिर्फ एक ही पार्टी रहे। उन्होंने कहा कि अगर किसी के खाते सील होने चाहिए तो भारतीय जनता पार्टी के होने चाहिए क्योंकि उन्होंने ‘असंवैधानिक’ चुनावी बॉन्ड के जरिए कॉर्पोरेट जगत से पैसे लिए हैं।

‘हमारे पास बिजली का बिल भरने के पैसे भी नहीं’-
कांग्रेस के ट्रेजरर माकन ने कहा कि अभी कांग्रेस के पास खर्च करने के लिए पैसे तक नहीं हैं। उन्होंने कहा कि हमारे पास बिजली के बिल देने के लिए, अपने कर्मचारियों को सैलरी देने के लिए तक राशि नहीं बची है। उन्होंने कहा कि इससे हर चीज पर प्रभाव पड़ेगा। न सिर्फ न्याय यात्रा, बल्कि सभी तरह की राजनीतिक गतिविधियां प्रभावित होंगी।

Haldwani Violence: बनभूलपुरा मामले में घायल एक और व्यक्ति की मौत, सिर के आर-पार हो गई थी गोली, 2 की हालत गंभीर।

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हल्द्वानी के बनभूलपुरा में गुरुवार शाम को अतिक्रमण हटाने को लेकर हुए बवाल के बाद प्रशासन ने उपद्रवियों के पैर में गोली मारने के आदेश जारी किए थे। हल्द्वानी हिंसा में पांच लोगों की गोली लगने से मौत हो गई थी, जबकि तीन लोगों का एसटीएच में इलाज चल रहा है। इनमें दो की हालत गंभीर बनी हुई है। आज एक की मौत हो गई है। इशरार के सिर में गोली लगी थी जो आर-पार हो गई थी। वहीं एसएसपी ने कहा कि मास्टरमाइंड अब्दुल मलिक को जल्द अरेस्ट किया जाएगा।

मिली जानकारी के अनुसार, आठ फरवरी को हिंसा के दौरान घायल हुए बनभूलपुरा निवासी अलबसर, इसरार और शाहनवाज को इलाज के लिए अस्पताल लाया गया था। तीनों की हालत गंभीर थी। इसरार के सिर में गोली लगी थी जो आर-पार हो गई थी और इलाज के दौरान आज उसकी मौत हो गई है।

एसएसपी प्रहलाद नारायण मीणा ने कहा कि बनभूलपुरा दंगे में अब तक कुल छह लोगों की मौत हुई है। वहीं, कर्फ्यू क्षेत्र में आवश्यक सेवाएं सुचारू की गई है। आगजनी करने वालों को चिन्हित किया जा रहा। पुलिस दंगाइयों को पकड़ने का काम कर रही है।

Farmers Protest: शंभू बॉर्डर पर बवाल, दागे गए आंसू गैस के गोले; जानिये नेताओं की प्रतिक्रियाएं.

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शंभू बॉर्डर पर हो रहे किसानों के प्रदर्शन को लेकर तमाम तरह की राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आने लगी है। पुलिस लगातार किसानों को रोकने का प्रयास कर रही है। किसान प्रदर्शनकारियों ने पुल पर लगे सभी बैरिकेड को तोड़ दिया। किसानों का प्रदर्शन लगातार बढ़ता जा रहा है। किसानों पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे । पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी इसको लेकर निंदा की है।

किसानों पर हो रहा है अत्याचार- ममता बनर्जी 

ममता बनर्जी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट पर साझा करते हुए कहा कि हमारा देश कैसे प्रगति कर सकता है, जब बुनियादी अधिकारों के लिए लड़ने वाले किसानों पर आंसू गैस के गोलों से हमला किया जाता है। मैं इस तरह के कृत्य को लेकर भाजपा की कड़ी निंदा करती हूं। उन्होंने कहा कि किसानों के विरोध को दबाने के बजाए, भाजपा को अपने बढ़े हुए अहंकार, सत्ता की भूखी महत्वाकांक्षाओं और अपर्याप्त शासन को कम करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

गौरतलब है कि हरियाणा पुलिस ने किसान प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले दागे। अंबाला के पास शंभू में पंजाब के साथ राज्य की सीमा पर लगाए गए बैरिकेड्स को तोड़ने की कोशिश की गयी। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानून की मांग कर रहे किसानों ने दिल्ली की ओर मार्च किया। संयुक्त किसान मोर्चा और किसान मजदूर मोर्चा ने घोषणा की थी कि किसान फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी (एमएसपी) की गारंटी के लिए कानून बनाने समेत अपनी मांगों पर जोर देने के लिए मंगलवार को दिल्ली जाएंगे।

मोदी सरकार की विफलता का है यह प्रमाण-असदुद्दीन ओवैसी


किसानों के ‘दिल्ली चलो’ मार्च पर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है।  उन्होंने कहा कि यह मोदी सरकार की विफलता है। उन्हें एमएसपी के लिए कानूनी गारंटी की किसानों की मांग पूरी करनी चाहिए थी। दूसरी मांग स्वामीनाथन समिति के फॉर्मूले को लागू करना है। मुझे तो समझ ही नहीं आ रहा कि आखिर सरकार समय क्यों बर्बाद कर रही है। आप उन्हें ऐसे रोक रहे हैं जैसे किसी पड़ोसी देश की सेना आ रही हो। उनकी मांगों को देश के प्रधानमंत्री को तुरंत स्वीकार करना चाहिए।

 

 

Farmers Protest: किसानों के आंदोलन से सब्जियों की कीमतों में आ सकता है भारी उछाल, आम लोगों पर पड़ सकती है महंगाई की मार.

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न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी को लेकर कानून बनाने समेत विभिन्न मांगों के लिए पंजाब-हरियाणा और उत्तर प्रदेश के किसानों ने राष्ट्रव्यापी विरोध-प्रदर्शन की पूरी तैयारी कर ली है। किसान संगठन दिल्ली की सीमाओं पर दिखना शुरू हो गए हैं। वे अपनी मांगों के लिए केंद्र पर दबाव बनाने के लिए सड़कों पर उतर रहे हैं।

किसान आंदोलन (Farmers Protest) के कारण सब्जियों की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हो सकती है। किसानों को दिल्ली में प्रवेश करने से रोकने के लिए यूपी गेट सहित सभी मुख्य मार्गों पर बाड़ेबंदी कर दी गई है, जिससे दिल्ली आने-जाने में परेशानी हो गई है। इसका सीधा असर सब्जियों की सप्लाई और इसकी कीमतों पर पड़ सकता है। पिछली बार भी किसान आंदोलन के कारण सब्जियों की कीमतों में बढ़ोतरी हुई थी।

सब्जी विक्रेता विनोद कुमार ने अमर उजाला को बताया कि वे गाजीपुर सब्जी मंडी से सब्जियां लेकर पूर्वी दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में बेचते हैं। अब तक गाजीपुर से बाजार तक सब्जी ले जाने के लिए दो सौ से तीन सौ रुपये के बीच ऑटो मिल जाते थे, लेकिन आज की स्थिति देखते हुए उन्हें पांच सौ रुपये देने पड़ रहे हैं। पहले तो ऑटो आने के लिए तैयार नहीं हो रहे हैं क्योंकि उन्हें मंडी में आने के लिए और वापसी के समय लंबा इंतजार करना पड़ रहा है, इसलिए वे ज्यादा किराया मांग रहे हैं।

गाजीपुर सब्जी मंडी में मेरठ, मुजफ्फरनगर, हापुड़, गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा से भी सब्जियां बिकने के लिए आती हैं। लेकिन आने-जाने की इस परेशानी के कारण अब उनका किराया भी बढ़ जाएगा। इसका सीधा असर सब्जियों की कीमतों पर पड़ सकता है। इसी तरह हरियाणा से सिंधु बॉर्डर के जरिए सब्जियों की आवक पर असर पड़ सकता है। यहां से गोभी, मिर्च, पालक जैसी हरी सब्जियां दिल्ली में पहुंचती हैं। इसका सीधा असर कीमतों के रूप में देखने को मिल सकता है।

यमुना एक्सप्रेसवे, कालिंदी कुंज बॉर्डर के रास्ते से भी दिल्ली-एनसीआर के आसपास के इलाकों से सब्जियां दिल्ली के आजादपुर सब्जी मंडी, केशोपुर सब्जी मंडी और गाजीपुर सब्जी मंडी में सब्जियां पहुंचती हैं। किसानों के प्रतिबंध का असर इन पर पड़ना तय माना जा रहा है। इसकी असली कीमत आम उपभोक्ताओं को चुकानी पड़ सकती है।

Haldwani Violence: बनभूलपुरा में 127 शस्त्र लाइसेंस निलंबित, पुलिस ने चलाया सर्च ऑपरेशन, 27 लोग हिरासत में।

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हल्द्वानी हिंसा मामले में प्रशासन ने बनभूलपुरा क्षेत्र के 120 लोगों के 127 शस्त्र लाइसेंस को निरस्त कर दिया है। पुलिस को 24 घंटे के अंदर संबंधित शस्त्रों को कब्जे में लेने के निर्देश दिए हैं। पुलिस ने इलाके में फिर सर्च ऑपरेशन चलाया। इसमें 27 लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। सोमवार को बनभूलपुरा थाना क्षेत्र को छोड़कर नगर के अन्य क्षेत्रों से पूरी तरह कर्फ्यू हटाने के साथ इंटरनेट सेवा को बहाल कर दिया। इससे जनजीवन सामान्य होने लगा है।

एडीएम फिंचाराम चौहान की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि आठ फरवरी को उपद्रवियों की ओर से की गई हिंसा में पुलिस, प्रशासन के अधिकारी और कर्मचारी घायल हो गए हैं। मामले में मुकदमा भी दर्ज किया गया है। स्थानीय निवासियों ने अपने लाइसेंसी शस्त्रों की शर्तों का उल्लंघन किया है। भविष्य में इसी प्रकार सार्वजनिक संपत्तियों से अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाने की दशा में उनके लाइसेंसी शस्त्रों के दुरुपयोग करने की संभावना है, ऐसे में जिला मजिस्ट्रेट ने 120 लोगों के 127 शस्त्र लाइसेंस को अग्रिम आदेशों तक निलंबित कर दिया है।

एसएसपी को निलंबित किए गए शस्त्रों एवं शस्त्र लाइसेंस को 24 घंटे में कब्जे में लेने के लिए कहा गया है। पुलिस ने सोमवार को बनभूलपुरा क्षेत्र में फिर सर्च ऑपरेशन चलाकर 27 संदिग्ध लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। 11 फरवरी को गिरफ्तार 25 आरोपियों का मेडिकल कराने के बाद जेल भेज दिया गया। वहीं, नगर निगम सभागार में अमन कमेटी की बैठक में हुई है, इसमें पुलिस-प्रशासन के अधिकारी के साथ बनभूलपुरा के संभ्रांत लोग शामिल हुए। लोगों ने कर्फ्यू में ढील देने की मांग की है। प्रभावित क्षेत्र में जाने के लिए पास जारी करने की मांग की गई है।

आज बाजार खुलने के बाद बना असमंजस-

जिला प्रशासन ने बनभूलपुरा थाना क्षेत्र को छोड़कर अन्य जगहों से कर्फ्यू हटा लिया गया था लेकिन संबंधित क्षेत्र से सटे बाजार क्षेत्र में असमंजस की स्थिति बनी रही। सुबह जब दुकान खोलने के लिए व्यापारी पहुंचे तो पुलिस ने मना कर दिया। बाद में दुकानें खुली लेकिन ग्राहकों की संख्या कम रही। अस्पताल में भी अन्य दिनों की अपेक्षा ज्यादा रोगी पहुंचे।

बीवी के नाम पर लिया लोन, फिर देखा ‘CID’ और दोस्त के साथ मिलकर किया मर्डर, जानिए पूरी घटना.

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पुलिस ने 7 फरवरी को महिला की गंग नहर में धक्का देकर हत्या के मामले में आरोपी पति और उसके दोस्त को गिरफ्तार कर राजफाश कर दिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने पत्नी के नाम पर लिए ऋण को जमा करने से बचने के लिए हत्या की घटना को अंजाम दिया। पुलिस के मुताबिक, हत्या में प्रयुक्त कार और बाइक समेत अन्य सामान बरामद कर दोनों को जेल भेज दिया गया।

वार को एसएसपी प्रमेंद्र डोभाल ने सिविल लाइंस कोतवाली में पत्रकारों को बताया, सात फरवरी की रात मंगलौर कोतवाली पुलिस को सूचना मिली थी कि नसीरपुर गंगनहर पटरी पर महिला डूबकर लापता हो गई, जबकि युवक डूबने से बच गया। मामले में महिला के पिता मुजफ्फरनगर के के रामराजपुर थाना क्षेत्र जलालपुर गांव निवासी सुशील कुमार ने शक जताते हुए दामाद और उसके दोस्त पर हत्या का आरोप लगाया था।

पुलिस ने मनीषा के पति जितेंद्र और उसके दोस्त अजय प्रकाश उर्फ रवि निवासी गांव झडका, थाना हस्तिनापुर जिला मेरठ के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। पूछताछ में जितेंद्र ने बताया, उसने हरिद्वार में आटा चक्की लगाने के लिए पत्नी मनीषा के नाम से 44 लाख रुपये का ऋण बैंक से लिया था। इस बीच उसके हरिद्वार में एक बैंक महिला कर्मचारी से अवैध संबंध हो गए थे।

महिला के शव की गंग नहर में की जा रही तलाश-

मनीषा को इस बारे में पता चल गया था। बैंक कर्मी प्रेमिका ने बताया था कि अगर उसकी पत्नी की मौत हो जाए, तो ऋण नहीं चुकाना होगा। इस पर उसने अपने दोस्त रवि के साथ मिलकर मनीषा की हत्या की योजना बनाई। इसके बाद सात फरवरी को दोनों मनीषा को कार से गंग नहर किनारे लाए और उसे जबरन शराब पिलाई। इसके बाद नशे की हालत में उसे गंगनहर में धक्का देकर हत्या कर दी।
एसएसपी ने बताया, हत्या को हादसा दिखाने के लिए आरोपी का दोस्त रवि बाइक से आया था। आरोपी ने रवि को हत्या में शामिल होने के लिए पांच लाख रुपये देने का वादा किया था। इसके बाद दोनों हरिद्वार चले गए थे। बताया, आरोपियों की निशानदेही पर मनीषा की कैप, बैग, घटना में प्रयुक्त कार और बाइक बरामद की गई है। महिला के शव की गंग नहर में तलाश की जा रही है।

सीआईडी धारावाहिक देख बनाई योजना-

एसएसपी ने बताया, आरोपी जितेंद्र ने हत्या की योजना बनाने से पहले सीआईडी धारावाहिक देखा था। इसके बाद उसने दोस्त के साथ मिलकर पत्नी की हत्या कर दी।
एक साल से बना रहा था योजना-
एसएसपी प्रमेंद्र डोभाल ने बताया, आरोपी जितेंद्र एक साल से पत्नी की हत्या की योजना बना रहा था। इसके लिए वह पत्नी को कोल्ड ड्रिंक में शराब मिलाकर पिलाता था। इसके बाद पत्नी नशे की आदी हो गई थी। हत्या वाले दिन भी आरोपी ने पत्नी को शराब पिलाई थी।

हल्द्वानी हिंसा और कर्फ्यू से पर्यटन पर बड़ा असर, होटलों में 50 प्रतिशत बुकिंग हुई रद्द, जानिए क्या हैं हालात।

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हल्द्वानी में हुई हिंसा और कर्फ्यू का असर नैनीताल के पर्यटन पर पड़ा है। होटल और रिजॉर्ट में सप्ताहांत और वैलेंटाइन वीक के लिए जिन सैलानियों ने एडवांस बुकिंग कराई थी वे उसे कैंसिल करने लगे हैं। होटल संचालकों के अनुसार करीब 50 फीसदी एडवांस बुकिंग कैंसिल हो गई है।

उत्तराखंड से बाहर के सैलानी होटल कारोबारियों से हिंसा और कर्फ्यू का अपटेड भी ले रहे हैं। शुक्रवार को शहर और यहां के पिकनिक स्पॉटों में सैलानियों की आवाजाही कम रही। ऐसे में इस सप्ताहांत (शनिवार व रविवार) के साथ-साथ वैलेंटाइन वीक का पर्यटक सीजन प्रभावित होने के आसार हैं। पर्यटन कारोबारियों का कहना है कि अब नहीं लगता कि सप्ताहांत और वैलेंटाइन के मौके पर सैलानी नैनीताल पहुंचेंगे।

बाहरी इलाकों से कर्फ्यू हटाया गया-

उत्तराखंड के हल्द्वानी के बनभूलपुरा इलाके में कर्फ्यू जारी है। हालांकि बाहरी इलाकों से कर्फ्यू हटा दिया गया है। बनभूलपुरा में ही धार्मिक स्थल तोड़ने पर भीड़ ने गुरुवार को आगजनी और तोड़फोड़ की थी। हल्द्वानी के बनभूलपुरा हिंसा मामले में पुलिस ने एसओ मुखानी, सहायक नगर आयुक्त और एसओ बनभूलपुरा की तहरीर पर 18 नामजद समेत पांच हजार उपद्रवियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। घटनास्थल और आसपास के इलाके से पांच शव बरामद कर लिए गए हैं। पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लेकर सीसीटीवी फुटेज और वीडियो रिकॉर्डिंग कब्जे में ले ली है।

हल्द्वानी हिंसा के बाद कम आए सैलानी
हल्द्वानी में हुई हिंसा की खबर सुर्खियों में रही है। जिसका असर यह हुआ कि वीकेंड पर नैनीताल आने वाले सैलानी इस बार नहीं आए। बृहस्पतिवार को चुंगी से दो से ढाई सौ गाड़ियां पास हुई थी जबकि शुक्रवार को यह संख्या बमुश्किल सौ का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाई। 

कैंसिल हो रही है बुकिंग-
हल्द्वानी की हिंसा ने वीकेंड और वैलेंटाइन वीक का पर्यटन कारोबार ठप कर दिया है। चौबीस घंटे में नैनीताल के होटलों में 50 फीसदी एडवांस बुकिंग कैंसिल हो चुकी है। 

कुछ दिनों से पर्यटन कारोबार मंदा चल रहा था लेकिन बीते एक दो दिन से सैलानियों की आवाजाही बढ़ने लगी थी। हिंसा और कर्फ्यू की खबर मिलने के बाद जो सैलानी नैनीताल पहुंचे भी थे वे शुक्रवार की सुबह से ही लौटने लगे हैं। कई सैलानियों ने होटलों में एडवांस बुकिंग भी कैंसिल करा दी है। 

भारी हिंसा के बाद शुक्रवार को शांत रहा शहर-

बृहस्पतिवार को हल्द्वानी के बनभूलपुरा इलाके में हुई भारी हिंसा के बाद शुक्रवार को शहर शांत रहा। कर्फ्यू का संबंधित क्षेत्र में सख्ती से पालन कराया गया जबकि शेष शहर में वाहनों की आवाजाही होती रही और दुकानें बंद रहीं। दोपहर करीब 12 बजे मुख्य सचिव राधा रतूड़ी और डीजीपी अभिनव कुमार बनभूलपुरा पहुंचे और थाने का जायजा लिया।

 

हल्द्वानी हिंसा का आज तीसरा दिन: 8 फरवरी से इंटरनेट सेवाएं बंद, कर्फ्यू जारी, 5 हजार लोगों पर केस दर्ज

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हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में हुए बवाल के बाद सुरक्षा के दृष्टिगत शहर में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई। इससे लोगों का आमजीवन  काफी प्रभावित रहा। कर्फ्यू लगने से घरों में कैद लोग बिना इंटरनेट के काफी परेशान रहे। बता दें कि, बनभूलपुरा हिंसा मामले में पुलिस ने 18 नामजद समेत पांच हजार उपद्रवियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।

शहर में बृहस्पतिवार रात करीब दस बजे से इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई थी। बीएसएनएल, वोडाफोन, एयरटेल, जियो समेत अन्य नेटवर्क पर इंटरनेट सेवा संचालित नहीं हो पाई। ऐसे में सैकड़ों यूजर्स सूचना न मिल पाने के कारण परेशान रहे। इंटरनेट सेवा बंद होने से वर्क फ्राॅम होम से जुड़े लोगों का काम प्रभावित रहा वहीं परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को भी खासी दिक्कत हुई।

बीएसएनएल के डीजीएम भीम बहादुर ने बताया कि पुलिस प्रशासन की ओर से जब तक अनुमति नहीं दी जाएगी तब तक संचार सेवा सुचारु नहीं होगी। बताया कि शहर के बाहरी क्षेत्र में भी इंटरनेट को बंद किया जा रहा है, जिस कारण सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से शहर में अराजकता का माहौल न बने।

बता दें कि, बनभूलपुरा हिंसा मामले में पुलिस ने 18 नामजद समेत पांच हजार उपद्रवियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। घटनास्थल और आसपास के इलाके से पांच शव बरामद कर लिए गए हैं। एक व्यक्ति की मौत बरेली ले जाते समय हो गई, हालांकि प्रशासन ने इसकी पुष्टि नहीं की है। पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लेकर सीसीटीवी फुटेज और वीडियो रिकॉर्डिंग कब्जे में ले ली है। पुलिस ने कई डीबीआर की हार्ड डिस्क कब्जे में ली है।

Haldwani: स्थानीय महिलाओं के सलवार सूट पहनकर बचाई पुलिस ने अपनी जान, पीड़ितों से मिले CM धामी, कहा- किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा.

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हल्द्वानी शहर में जब अचानक पत्थर बरसने लगे और महिला पुलिसकर्मी शहर की गलियों में फंस गईं। आस- पास के घरों की छत से बरसते पत्थरों की बारिश से किसी तरह महिला पुलिसकर्मी बचती रहीं लेकिन जब फोर्स तितर-बितर हुई तो स्थानीय लोगों ने 4 महिला पुलिसकर्मियों को घर के अंदर रुकने के लिए जगह दी। इससे उन सभी महिला पुलिसकर्मियों की जान बच सकी जिन पर पथराव हो रहा था। रात में पुलिस फोर्स पहुंचने पर उन महिला पुलिसकर्मियों के कपड़े बदलवाकर तब उन्हें घर से भेजा गया।

बनभूलपुरा में अतिक्रमण हटाने गई पुलिस टीम के साथ पुलिस फोर्स में महिला जवान भी शामिल थीं। विरोध कर रही महिलाओं को रोकने के लिए महिला पुलिस जवान भी मोर्चे पर डटी रही। तभी उपद्रवियों ने पथराव करना शुरू कर दिया। इसमें कई महिला पुलिसकर्मी भी घायल हो गईं। वहीं 5 महिला पुलिसकर्मी सहित करीब 30 से ज्यादा पुलिसकर्मी गलियों में फंस गईं।

उन महिला पुलिसकर्मियों को किसी तरह इलाके की महिलाओं ने अपने घरों में छिपाया। इस दौरान पथराव और उपद्रव करने वाले लोग क्षेत्र में फंसे पुलिसकर्मियों को ढूंढते रहे। इसके साथ ही उपद्रवियों ने कई घरों के दरवाजे भी खटखटाए। इस बीच फंसी महिला पुलिसकर्मियों को बचाने के लिए एक परिवार की महिलाओं ने उनका पूरा हुलिया बदलवा दिया।

 

 

एक घर में 3 और एक घर में 1 महिला पुलिसकर्मी को सहारा दिया गया। कर्फ्यू लगने के बाद अपने जवानों को खोजते हुए पहुंची पुलिस फोर्स के जवानों को देखकर उन परिवारों ने पुलिसकर्मियों को सुरक्षित उन्हें सौंपा।

पथराव के दौरान नई बस्ती में एक परिवार को भी उपद्रवियों ने अपना निशाना बनाया। दरअसल परिवार ने पथराव में फंसी एक महिला और एक पुरुष पुलिसकर्मी को उस परिवार के लोगों ने अपने घर में रहने के लिए शरण दी थी। इसकी जानकारी मिलते ही उपद्रवी उस घर के पास पहुंच गए और उन्होंने घर पर पथराव कर दिया। इसके बाद उन्होंने घर में आग लगा दी।

वहीँ हिंसा की घटना के बाद  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हल्द्वानी पहुंचे और यहां घायलों व पीड़ितों से उनके हालातों के बारे में जानकारी ली। साथ ही सभी पुलिस अधिकारियों से इस मामले की जानकारी भी ली। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण हटाने का काम कोर्ट के आदेश पर पहले से हो रहा था। लेकिन ये हमला सुनियोजित था। जिस तरह से हमारी पुलिस पर हमला हुआ है। यह बहुत ही दुख की बात है।

यह देवभूमि है। इन लोगों ने कानून तोड़ा है और देवभूमि की छवि को खराब करने का काम किया है। कई पत्रकारों को भी बुरी तरह से पीटा गया है। जिस तरह से उनकी हत्या का प्रयास हुआ है। जिन लोगों ने संपत्ति जलाई है। वीडियो फुटेज के आधार पर उनकी पहचान हो रही है। उन पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। वहां जो भी सामान एकत्रित किया गया था उस पर कार्रवाई होगी।