Category Archive : धर्म संस्कृति

Uttarakhand News: चारधाम के प्रवेश द्वार में श्रद्धालुओं को मिलेगी अब सभी सुविधाएं, जानिए क्या है खास तैयारी.

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चारधाम यात्रा का प्रवेश द्वार कहे जाने वाले हरिद्वार में ही यात्रियों की सुविधाओं के लिए वृहद प्लान तैयार किया जा रहा है। इसके लिए ऋषिकेश ट्रांजिट कैंप की तर्ज पर एक ही परिसर में तीर्थ यात्रियों को सारी सुविधाएं मिल सकेंगी। वहीं, उनके ठहरने और यात्रा पड़ाव के तौर पर अन्य सुविधाओं को विकसित करने की योजना भी बन रही है। फिलहाल अभी शासन ने नगर निगम प्रशासन को स्थल चिह्नित करने के निर्देश दिए हैं।

 

शासन की मंशा के अनुरूप पर्यटन विभाग नगर निगम से जमीन लेगा। वहीं, प्रवर्तन और पुलिस विभाग इस प्रस्ताव की रूपरेखा में अहम कड़ी के रूप में कार्य करेंगे। यह उसी तरह से व्यवस्था देने के लिए बनाया जाएगा जैसे ऋषिकेश स्थित पंजीकरण कार्यालय एवं ट्रांज़िट कैंप में तीर्थयात्रियों के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। एक ही छत के नीचे सभी सुविधाएं देने का प्रयास किया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि यात्रा सुविधाओं के क्रम में एक ही स्थान पर यात्री को अलग-अलग काउंटर पर पूरी जानकारी दी जा सके इसकी भी व्यवस्था की जानी है। एक विशाल क्षेत्र को चिन्हित करने के निर्देश भी शासन स्तर से मिले हैं। इसके क्रम में नगर निगम प्रशासन के साथ अन्य सहयोगी विभागों ने स्थल चिन्हित करने का कार्य शुरू भी कर दिया है।

हरिद्वार स्नान के बाद चारधाम यात्रा शुरू करने की है परंपरा-

 

यात्रा सीजन में श्रद्धालु मान्यता के अनुसार पहले हरिद्वार में हरकी पैड़ी पर स्नान के बाद यात्रा की शुरुआत करते हैं। इस दृष्टिकोण से हरिद्वार को ही मुख्यत: चारधाम यात्रा का प्रवेश द्वार माना जाता है। ऐसेे मेंं यात्रियों को पंजीकरण कराने की अनिवार्यता से परेशानी होती ही है। आगे की यात्रा के लिए ऋषिकेश जाना पड़ता है। यहां से बस या अन्य संसाधन की सुविधा मिलती है। इस समस्या के निस्तारण के लिए ही हरिद्वार में यात्री सुविधाओं को विकसित करने की योजना बनी है। एक ही परिसर में पंजीकरण और वहीं से यात्रा की शुरुआत हो सकेगी। यात्रियों को निर्धारित शुल्क पर ही यात्रा की सुविधा मिलेगी। कई बार यात्रा सीजन में प्राइवेट टैक्सी चालक ऋषिकेश तक पहुंचाने में यात्रियों से मनचाहा रुपया वसूल करते हैं। इन समस्याओं से भी उन्हें राहत मिल सकेगी। यात्रा की संपूर्ण गतिविधियों पर आरटीओ प्रशासन और पर्यटन विभाग भी निगरानी कर सकेगा।

कुछ इस तरह से मिलेंगी सुविधाएं-

 

– ऑफलाइन पंजीकरण व टोकन सुविधा होगी।

– स्वास्थ्य जांच व अस्पताल, निशुल्क दवाएं मिल सकेंगी।

– बैठने के लिए वातानुकूलित हॉल, कूलर पंखों की सुविधा मिलेगी।

– मनोरंजन के लिए टीवी की सुविधा और समाचार पत्र पत्रिकाओं का स्टॉल होगा।

– यात्रियों के आराम करने के लिए डोरमेट्री की सुविधा होगी।

– स्नानघर व शौचालयों की सुविधा मिलेगी।

– कैंटीन की सुविधा होगी जिसमें शुद्ध सात्विक भोजन मिलेगा।

 

स्थल चिह्नित करने के निर्देश मिले हैं। विभिन्न विभागों के सहयोेग से शहर के राष्ट्रीय राजमार्ग के आसपास उपलब्ध भूमि का चयन किया जा रहा है। इसकी पूरी रिपोर्ट शासन को प्रेषित की जाएगी। अग्रिम कार्रवाई शासन से मिले निर्देश के आधार पर किया जाएगा। फिलहाल भूपतवाला में एक पार्किंग और उसी से जुड़े खसरा नंबर को अभी देखा गया है। जैसे ही इसकी अगली प्रक्रिया को लेकर निर्देश मिलता है तो गति दी जाएगी। -वरुण चौधरी, मुख्य नगर आयुक्त, नगर निगम हरिद्वार

गणतंत्र दिवस परेड में उत्तराखंड की झांकी को मिला तीसरा स्थान, दिल्ली में किया गया पुरस्कृत

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नई दिल्ली कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस समारोह में राज्य की ओर से सांस्कृतिक विरासत एवं साहसिक खेल थीम पर उत्तराखंड की झांकी को पीपुल्स चॉइस अवॉर्ड श्रेणी में तृतीय स्थान प्राप्त करने के लिये पुरस्कृत किया गया।नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय रंगशाला शिविर में बृहस्पतिवार को केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने सूचना एवं लोक संपर्क विभाग के महानिदेशक बंशीधर तिवारी और झांकी के टीम लीडर/संयुक्त निदेशक के.एस चौहान ने संयुक्त रूप से प्राप्त किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर “सांस्कृतिक विरासत एवं साहसिक खेल” थीम पर यह झांकी तैयार की गई थी।

Uttarakhand tableau got third place in India on Republic Day 2025 parade, was awarded in Delhi

झांकी को पुरस्कार के लिए चुने जाने पर मुख्यमंत्री धामी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि देश-विदेश के लोग “सांस्कृतिक विरासत एवं साहसिक खेल” के साथ ही उत्तराखंड की लोक संस्कृति से भी परिचित हुए हैं। कहा कि उत्तराखंड की झांकी ने कर्तव्य पथ पर सभी का ध्यान आकर्षित किया और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत व साहसिक खेलों को बखूबी रूप से प्रस्तुत भी किया।

झांकी के थीम सांग में इनका रहा योगदान
झांकी का थीम सांग “झुमैलो“ था। “झुमैलो“ गीत को जितेंद्र पंवार ने लिखा और गायक अभिनव चौहान ने स्वर दिया है। इसे अमित वी. कपूर ने संगीत देकर तैयार किया। झांकी के अग्र भाग में जो ऐपण कला प्रदर्शित की गई उसे चंपावत जिले के हस्त कलाकार निकिता, अंजलि, सुरेश राजन और योगेश कालोनी ने बनाया। झांकी का निर्माण स्मार्ट ग्राफ आर्ट एडवर्टाइजिंग प्रा.लि.के निदेशक सिद्धेश्वर ने किया गया। लीडर केएस चौहान के साथ चंपावत जिले 15 कलाकारों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

राज्य को तीन पुरस्कार मिल चुके
नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय रंगशाला शिविर में सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रतियोगिता में राज्य के कलाकारों ने प्रसिद्ध जागर गायन एवं लोकनृत्य छपेली प्रतियोगिता की प्रस्तुत दी गई। जिसको गठित समिति ने पुरस्कार के लिए चयनित किया। राज्य गठन के बाद से गणतंत्र दिवस समारोह में अब तक राज्य को तीन पुरस्कार मिले हैं जिनमें वर्ष 2021 में केदारखंड झांकी को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। वर्ष-2023 में मानसखंड झांकी को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ और वर्ष 2025 में सांस्कृतिक विरासत एवं साहसिक खेल झांकी को पीपुल्स चॉइस अवॉर्ड श्रेणी में तृतीय स्थान प्राप्त हुआ है।

Uttarakhand: पीएम मोदी ने की उत्तराखंड सरकार की सराहना, कहा- बनना चाहते हैं शीतकालीन यात्रा का हिस्सा.

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उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शीतकालीन यात्रा की ब्रांडिंग कर गए। 38वें राष्ट्रीय खेलों के शुभारंभ पर प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड मेरा दूसरा घर है। मेरी इच्छा है कि मैं शीतकालीन यात्रा का हिस्सा बनूं। उन्होंने युवाओं और एथलीट खिलाड़ियों से आह्वान किया कि एडवेंचर गतिविधियों के लिए सर्दियों में उत्तराखंड जरूर आएं।

धामी सरकार चारधाम यात्रा की तर्ज पर शीतकालीन यात्रा को बढ़ावा दे रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आठ दिसंबर 2024 को बाबा केदार के शीतकालीन प्रवास स्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ से शीतकालीन यात्रा का शुभारंभ किया। जिससे प्रदेश में पूरे साल भी देश-दुनिया के तीर्थयात्री उत्तराखंड आ सकें। राष्ट्रीय खेलों के शुभारंभ पर प्रधानमंत्री मोदी ने भी शीतकालीन यात्रा की ब्रांडिंग की है। उत्तराखंड को अपने विकास के लिए और भी नए रास्ते बनाने होंगे। उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था सिर्फ चारधाम यात्रा पर निर्भर नहीं रह सकती। सरकार सुविधाएं बढ़ाकर चारधाम यात्रा का आकर्षण लगातार बढ़ा रही। हर सीजन में श्रद्धालुओं की संख्या भी नए रिकॉर्ड बना रही है लेकिन इतना काफी नहीं है। उत्तराखंड में शीतकालीन यात्राओं को प्रोत्साहित करना जरूरी है।

प्रधानमंत्री ने कहा, राष्ट्रीय खेलों में भाग ले रहे सभी एथलीट भी खेलों के समापन के बाद एडवेंचर के बारे में पता करें और उसका आनंद उठाएं। बता दें कि प्रधानमंत्री फरवरी माह में शीतकालीन यात्रा पर आ सकते हैं। उनके उत्तरकाशी जिले के मां गंगोत्री के शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा जाने की प्रबल संभावनाएं हैं।
पीएम मोदी के जाने से आदि कैलाश यात्रा को मिला बढ़ावा-

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 अक्तूबर 2024 को पिथौरागढ़ में पार्वती कुंड में भी पूजा अर्चना आदि कैलाश के दर्शन किए। पहली बार प्रधानमंत्री के यहां आने से आदि कैलाश यात्रा को बढ़ावा मिला।

 

ग्रीन गेम्स में की प्लास्टिक मुक्ति की अपील-

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जहां नेशनल गेम्स को ग्रीन गेम्स की संज्ञा दी तो वहीं युवा खिलाड़ियों से उत्तराखंड के प्लास्टिक मुक्त अभियान में सहयोग की अपील भी की। पीएम मोदी ने अपने अभिभाषण की शुरुआत में कहा कि इस बार के नेशनल गेम्स एक प्रकार से ग्रीन गेम्स भी हैं। इसमें एनवायरमेंट फ्रेंडली चीजों का काफी इस्तेमाल हो रहा है। नेशनल गेम्स में मिलने वाले सभी मेडल व ट्रॉफी ई-वेस्ट से बने हैं। मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों के नाम पर यहां एक पौधा भी लगाया जाएगा। ये बहुत ही अच्छी पहल है। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को बेहतरीन प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सभी युवाओं, खिलाड़ियों से स्वच्छता को लेकर भी आग्रह किया। पीएम मोदी ने कहा कि देवभूमि के निवासियों के प्रयासों से उत्तराखंड प्लास्टिक मुक्त बनने की दिशा में काफी मेहनत कर रहा है। आगे बढ़ने का प्रयास कर रहा है। यह संकल्प आपके सहयोग के बिना पूरा नहीं हो सकता। इस अभियान को सफल बनाने में जरूर अपना योगदान दें।

खिलाड़ी मुझे प्राइम मिनिस्टर नहीं परम मित्र मानते हैं-

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय खेलों के शुभारंभ पर उत्साहित नजर आए। उन्होंने बताया कि किस तरह से खिलाड़ी उन्हें उत्साह देते हैं। आज सरकार के प्रयासों का ही असर है कि हॉकी में पुराने गौरवशाली दिन लौट रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते दिनों के किस्से से अपने उत्साह को बयां किया। उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले दिल्ली में जब ओलंपिक टीम से मुलाकात की थी तो एक खिलाड़ी ने मुझे पीएम की नई परिभाषा बताई। खिलाड़ी ने बताया कि पूरे देश के खिलाड़ी आपको पीएम यानी प्राइम मिनिस्टर नहीं बल्कि परम मित्र मानते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि आपका ये विश्वास मुझे नई ऊर्जा देता है। मेरा आप सभी की सामर्थ्य पर पूरा भरोसा है। हमारी पूरी कोशिश है कि आपका सामर्थ्य और बढ़े। आपके खेल में और निखार आए। बीते दस सालों में आपके टेलेंट को सपोर्ट करने पर हमने निरंतर फोकस किया है। 10 साल पहले खेलों का जो बजट था, वह आज 20 गुना से ज्यादा हो चुका है। खेल योजना के तहत देश के दर्जनों खिलाड़ियों पर करोड़ों का निवेश किया जा रहा है। खेलो इंडिया के लिए देश में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर बनाया जा रहा है। देश की पहली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी मणिपुर में बन रही है। सरकार के इन प्रयासों का नतीजा हम ग्राउंड पर देख रहे हैं। मेडल टेली में दिखाई दे रहा है। आज हर इंटरनेशनल इवेंट में खिलाड़ी अपना परचम लहरा रहे हैं। ओलंपिक व पैरालंपिक में हमारे खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन किया है। उत्तराखंड से भी कितने ही खिलाड़ियों ने मेडल जीते हैं।

 

समान नागरिक संहिता भी खेल भावना की तरह, सब बराबर-

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड में लागू समान नागरिक संहिता को खेल भावना की तरह बताया। उन्होंने कहा कि यहां किसी तरह का कोई भेदभाव नहीं, सब बराबर हैं। उन्होंने यूसीसी लागू करने पर धामी सरकार की पीठ थपथपाई।

अपने भाषण में पीएम मोदी ने कहा कि 21वीं सदी भारत की सदी है। यहां बाबा केदार के दर्शन के बाद मेरे मुंह से, मेरे दिल से अचानक ही निकला था कि ये उत्तराखंड का दशक है। मुझे खुशी है कि उत्तराखंड तेजी से प्रगति कर रहा है। कल ही उत्तराखंड देश का ऐसा राज्य बना है, जिसने यूनिफार्म सिविल कोड यानि समान नागरिक संहिता लागू की। पीएम मोदी ने कहा कि मैं कभी-कभी इसे सेक्युलर सिविल कोड भी कहता हूं। समान नागरिक संहिता हमारी बेटियों, माताओं-बहनों के गरिमापूर्ण जीवन का आधार है।

इससे लोकतंत्र की नींव को मजबूती मिलेगी। संविधान की भावना मजबूत होगी। पीएम मोदी ने सभी खिलाड़ियों से यूसीसी को जोड़ने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी भी हमें भेदभाव की भावना से दूर करता है। सबका प्रयास ही यहां सफलता का मूलमंत्र होता है। खेल से हमें टीम भावना के साथ खेलने की प्रेरणा मिलती है। यही भावना यूनिफार्म सिविल कोड की भी है। किसी से भेदभाव नहीं। हर कोई बराबर। उन्होंने उत्तराखंड की भाजपा सरकार को इस ऐतिहासिक कदम के लिए बधाई दी।

Mahakumbh Stampede: उत्तराखंड के श्रद्धालुओं के लिए धामी सरकार ने जारी किया टोल फ्री नंबर, यहां ऐसे करें संपर्क.

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प्रयागराज में महाकुंभ के दूसरे अमृत स्नान पर्व मौनी अमावस्या पर संगम में आज भगदड़ मच गई। जिसके बाद वहां विभिन्न प्रदेशों से आए श्रद्धालु फंस गए। धामी सरकार ने प्रयागराज गए उत्तराखंड के श्रद्धालुओं की सहायता के लिए टोल फ्री नंबर जारी किया है।

यहां कर सकते हैं संपर्क-

प्रदेश से महाकुंभ में गए लोग टाेल फ्री नंबर-1070,  8218867005, 90584 41404 पर कॉल कर किसी भी प्रकार की सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

 

हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर को लेकर बड़ा अपडेट, जानिए पुराने भवनों के ध्वस्तीकरण पर क्या बोले सीएम धामी?

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हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर के क्षेत्र में प्रस्तावित कार्यों को लेकर उठ रहे प्रश्नों के बीच शासन ने स्थिति स्पष्ट की है। सचिव नियोजन आर मीनाक्षी सुंदरम ने कहा कि गंगा कॉरिडोर क्षेत्र में बिना ध्वस्तीकरण के सुंदरीकरण के कार्य किए जाएंगे। साथ ही हरिद्वार और ऋषिकेश में खुला स्थान विकसित किया जाएगा, ताकि स्नान और पर्वों पर भीड़ का दबाव कम किया जा सके।

 

गंगा नदी के तट पर स्थित हरिद्वार व ऋषिकेश शहरों में गंगा कॉरिडोर के अंतर्गत सुंदरीकरण समेत अन्य कई कार्य प्रस्तावित किए गए हैं। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि यह कॉरिडोर विकसित करने के लिए पुराने भवनों को ध्वस्त किया जा सकता है।

25 सालों को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा विकसित-

कुछ समय पहले जनप्रतिनिधियों और संबंधित शहरों के निवासियों की ओर से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात में क्षेत्रवासियों की इस आशंका की तरफ ध्यान आकृष्ट कराया था। साथ ही इस बात पर जोर दिया था कि इस कॉरिडोर को अगले 25 साल की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकसित किया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट किया था कि गंगा कॉरिडोर को विकसित करने के लिए जनप्रतिनिधियों के सुझावों पर अमल किया जाएगा। साथ ही कोई भवन तोड़ा नहीं जाएगा। अब सचिव नियोजन आर मीनाक्षी सुंदरम ने भी साफ किया कि गंगा कॉरिडोर में अभी जो कार्य प्रस्तावित किए जा रहे हैं, उनके लिए कॉरिडोर क्षेत्र में आने वाले किसी भी भवन को ध्वस्त नहीं किया जाएगा। भवन ध्वस्त किए बिना ही सुंदरीकरण के कार्य होंगे। पौराणिक स्थलों के स्वरूप को भी यथावत रखा जाएगा।

 

हनोल से ठडियार तक बनेगी सड़क : महाराज

जनजातीय जौनसार बावर क्षेत्र में प्रसिद्ध हनोल महासू देवता मंदिर से ठडियार तक नई सड़क बनेगी। इसके साथ ही हनोल और ठडियार स्थित टौंस नदी के दोनों ओर घाटों का निर्माण कराया जाएगा। लोनिवि एवं पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने सोमवार को गढ़ी कैंट स्थित पर्यटन विकास परिषद के सभागार में हनोल मंदिर के मास्टर प्लान की समीक्षा के दौरान इस संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए।

कैबिनेट मंत्री महाराज ने हनोल मंदिर के मास्टर प्लान के क्रियान्वयन के लिए लोनिवि, पर्यटन व सिंचाई विभाग के मध्य बेहतर सामंजस्य पर जोर दिया। बैठक के बाद उन्होंने कहा कि लोनिवि द्वारा हनोल से ठडियार तक लगभग डेढ़ किलोमीटर सड़क और ठडियार में पुल का निर्माण कराने के साथ ही मार्ग का सुंदरीकरण भी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि लोनिवि द्वारा गढ़वाल मंडल विकास निगम के गेस्ट हाउस से खट्टल तक संपर्क मार्ग निर्माण की स्वीकृति पहले ही दी जा चुकी है।

 

 

उन्होंने सड़कों के किनारों को चौड़ा करने, जगह-जगह साइन बोर्ड लगाने और यात्रा मार्ग पर शौचालयों का निर्माण कराने के निर्देश भी दिए। महाराज के अनुसार हनोल महासू देवता मंदिर से लेकर ठडियार झूलापुल तक भूकटाव रोकने के कदम उठाने के निर्देश सिंचाई विभाग के अधिकारियों को दिए गए हैं। बैठक में पर्यटन विकास परिषद के एसीईओ अभिषेक रोहिला, वित्त नियंत्रक जगत सिंह चौहान, लोनिवि के प्रमुख अभियंता राजेश शर्मा समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

Uttarakhand: शीतकाल में श्रद्धालुओं के लिए खुले आदिबदरी मंदिर के कपाट,दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालु.

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मकर सक्रांति के पावन पर्व पर आज चमोली में स्थित आदिबदरी मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खुल गए हैं. बता दें यह प्राचीन मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है.

मकर संक्रांति पर आज भगवान आदिबदरी मंदिर के कपाट ब्रह्ममुहूर्त में सुबह चार बजे खोल दिए गए हैं. पौराणिक परंपराओं के अनुसार यह मंदिर सालभर में सिर्फ पौष माह में बंद रहता है. एक माह बंद रहने के बाद आज मकर संक्रांति के पावन पर्व पर आदिबदरी मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं. इसके साथ ही मंदिर में शीतकालीन दर्शन शुरू हो गए हैं। इस अवसर पर आदिबदरी मंदिर परिसर के साथ ही नगर के सभी मंदिरों और बाजार को भव्य रूप से फूलों से सजाया गया है।

मंदिर के मुख्य पुजारी चक्रधर थपलियाल ने बताया कि कपाट ब्रह्ममुहूर्त में सुबह चार बजे खोले गए। जबकि श्रद्धालुओं को सुबह छह बजे से दर्शन शुरू किए। साथ ही मंदिर में वेद ऋचाओं के स्वरों के साथ कड़कड़ाती ठंड में भी माहौल भक्तिमय हो गया।

भगवान विष्णु को समर्पित है आदिबदरी मंदिर-

आदिबदरी मंदिर में कपाट खुलने के बाद शीतकालीन दर्शन शुरू हो गए हैं. सुबह छह बजे के बाद से श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला जारी हो गया है. बता दें मंदिर परिसर को फूलों से सजाया गया है. आदिबदरी का यह प्राचीन मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है.

बता दें कि कपाट उदघाटन की शुभ बेला पर और भगवान आदिबदरी के माघ मास के पहले श्रृंगार के दर्शन करने के लिए भारी संख्या में लोग आदिबदरी मंदिर पहुचंते है।

Uttarakhand: प्रवास के दौरान PM मोदी करेंगे बदरी-केदार में पुनर्निर्माण कार्यों की समीक्षा. जा सकते हैं मुखबा, CM धामी ने दी जानकारी.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तराखंड के एक दिवसीय प्रवास के दौरान बदरीनाथ-केदारनाथ में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों की समीक्षा करेंगे और शीतकालीन यात्रा का संदेश देने के लिए इस बार गंगोत्री के शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा या यमुनोत्री के खरशाली जा सकते हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि दिल्ली प्रवास के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री से राष्ट्रीय खेलों का उद्घाटन और शीतकालीन यात्रा पर आने का अनुरोध किया था। प्रधानमंत्री ने इसके के लिए अनुमति दे दी है। बता दें कि अब राज्य सरकार की योजना बदरी-केदार की तर्ज पर केंद्र सरकार की मदद से सीमांत जिले उत्तरकाशी के गंगोत्री और यमुनोत्री धामों का सुनियोजित विकास कराने की है।

इसलिए मुख्यमंत्री ने मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री से इस बार गंगोत्री के शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा या यमुनोत्री के खरशाली आने का अनुरोध किया। सीएम ने कहा, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय खेलों का उद्घाटन करने जब उत्तराखंड आएंगे तो वह केदारनाथ में चल रहे दूसरे चरण के पुनर्निर्माण कार्यों की समीक्षा करेंगे।

वह बदरीनाथ धाम में मास्टर प्लान के तहत चल रहे कार्यों की प्रगति जानेंगे। सरकार की ओर से दोनों ही प्रोजेक्टों का प्रस्तुतीकरण दिया जाएगा। बताया जा रहा कि पीएम करीब साढ़े पांच घंटे उत्तराखंड में रहेंगे। पीएम के दौरे को लेकर कार्यक्रम तय किए जा रहे हैं। साथ ही उनके दौरे को लेकर तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं।

Uttarakhand: सीएम धामी ने किया माँ सुरकण्डा मन्दिर के दर्शन, पूजा अर्चना कर की प्रदेश की खुशहाली की कामना की।

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Uttarakhand: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सिद्धपीठ माँ सुरकण्डा मन्दिर, पूजा अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली और समृद्धि की कामना की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी गुरुवार को प्रसिद्ध सिद्धपीठ सुरकंडा देवी मंदिर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने मां सुरकंडा देवी के दर्शन कर विधिवत पूजा अर्चना कर देश प्रदेश की सुख समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की तथा मंदिर की परिक्रमा भी की।

मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं के साथ बातचीत कर उनसे यात्रा के संबंध में जानकारी ली। श्रद्धालु अपने बीच मुख्यमंत्री को देखकर काफी खुश नजर आए तथा उन्होंने मुख्यमंत्री के साथ सेल्फी भी ली। मुख्यमंत्री ने स्थानीय दुकानदारों से वार्ता कर उनका हाल चाल जाना। मुख्यमंत्री ने स्थानीय स्वयं सहायता महिला समूहों की महिलाओं द्वारा उत्पादित स्थानीय सामग्री की खरीददारी भी की।

मुख्यमंत्री ने सभी को नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उत्तराखण्ड में शीतकालीन यात्रा प्रारंभ की गई है। जिसमें श्रद्धालु काफी संख्या में आ रहे हैं। उत्तराखण्ड देवभूमि है। राज्य के हर मन्दिर का अपना अलग महत्व है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी प्रमुख मंदिरों को शीतकालीन यात्रा हेतु तैयार किया जा रहा है और अधिकांश स्थलों पर तैयारियां पूर्ण कर ली गई है, जिनका असर आज इस श्रद्धालुओं की संख्या को देखकर लगाया जा सकता है।

इस दौरान एसएसपी आयुष अग्रवाल, एडीएम ए.के. पाण्डेय, एएसपी जे. आर. जोशी सहित अन्य गणमान्य एवं श्रद्धालु मौजूद रहे।

Jyotish Maha Kumbh: ज्योतिष महाकुंभ का सीएम धामी ने किया समापन, युवा ज्योतिषियों को किया सम्मानित.

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हमारे ऋषि-मुनि अपने समय के वैज्ञानिक थे। उन्होंने प्राचीनकाल में जो भविष्यवाणियां की थीं, वे आज भी प्रासंगिक और स्थापित हैं। सौर मंडल हो या ज्वार भाटा, पंचांग आज भी सटीक भविष्यवाणी करता है।

सातवें अमर उजाला-ग्राफिक एरा ज्योतिष महाकुंभ के समापन समारोह में पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, तीनों काल भूत, भविष्य व वर्तमान को देखने वाला नेत्र ज्योतिष है। धामी ने ज्योतिषियों को सम्मानित करने के बाद कहा, आज नासा भी हमारे ज्योतिष और पुरातन वैदिक ज्ञान का लोहा मानता है। सनातन परंपरा में ज्योतिष शास्त्र का महत्वपूर्ण स्थान है।

कहा, उत्तराखंड में ज्योतिष शास्त्र की लंबी परंपरा और गौरवशाली इतिहास रहा है। यह भूमि प्राचीन काल से ऋषि-मुनियों और ज्योतिषाचार्यों की तपस्थली एवं साधना का केंद्र रही है। हमारी महान सनातन संस्कृति में प्राचीन काल से ज्ञान, कर्म, उपासना के साथ अलौकिक विद्याओं के रहस्यों को उजागर किया जाता रहा है।

ज्योतिष शास्त्र का महत्वपूर्ण स्थान-

कहा, वेद, पुराण, उपनिषद जैसे ग्रंथ प्रदान करने वाले भी ऋषि-मुनि ही थे। कहा, ऋषियों ने मानव की भलाई के लिए कई वैज्ञानिक ग्रंथों और मान्यताओं की रचना की। ज्योतिष भी उन्हीं ऋषियों की ओर से दी हुई महान वैज्ञानिक दृष्टि है। प्राचीन काल से भारतीय सनातन परंपरा में ज्योतिष शास्त्र का महत्वपूर्ण स्थान रहा है।

कहा, महर्षि पराशर, आर्यभट्ट जैसे अनेकों विद्वानों के सैकड़ों वर्षों के शोध एवं गणितीय विश्लेषण के बाद तैयार किया विज्ञान आज के कंप्यूटर युग में भी प्रासंगिक है। इस मौके पर स्वामी चिदानंद सरस्वती, ग्राफिक एरा ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. कमल घनशाला, ज्योतिषाचार्य केए दुबे पद्मेश, अजय भांबी, पंडित लेखराज शर्मा, आचार्य चंद्रशेखर शास्त्री, संजीव श्रीवास्तव, लक्ष्मीकांत त्रिपाठी, प्रियंका भारद्वाज, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी आदि मौजूद रहे।

ज्योतिष को बढ़ावा देने के लिए बनाई परिष

सीएम ने कहा, राज्य सरकार ने ज्योतिष को बढ़ावा देने के लिए उत्तराखंड ज्योतिष परिषद का गठन किया है, जिससे युवा पीढ़ी को प्राचीन भारतीय ज्ञान और विज्ञान को समझने में सहायता मिल रही है। कहा, ज्योतिष अतीत की विरासत संग भविष्य की चाबी भी है। ज्योतिष शास्त्र भौतिक, आध्यात्मिक और दैविक विचारों का समन्वय है। कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विकास और विरासत को साथ में आगे बढ़ाने की बात करते हैं। हमें अपनी महान मान्यताओं और उपलब्धियों पर गर्व करना सीखना है। आधुनिक विज्ञान के साथ ही एंसेंट इंडियन नॉलेज सिस्टम को भी समझना होगा।

आचार्य सेमवाल को ज्योतिष रत्

अमर उजाला ज्योतिष महाकुंभ में इस बार उत्तराखंड ज्योतिष रत्न सम्मान की शुरुआत की गई। सीएम धामी ने प्रथम ज्योतिष रत्न सम्मान आचार्य रमेश सेमवाल को दिया। वहीं, पंडित पुरुषोत्तम गौड़ को जन ज्योतिष सम्मान से नवाजा गया।पांच युवा ज्योतिषियों को भी सम्मान-

ज्योतिष महाकुंभ में पहली बार पांच युवा ज्योतिषियों को भी अमर उजाला ने सम्मानित किया। ज्योतिषी विभा शर्मा, डॉ. संतोष खंडूड़ी, लीजा गुप्ता, आचार्य विकास जोशी और पंडित सार्थक राज को सीएम ने युवा ज्योतिषी सम्मान से नवाजा। 

जब यूसीसी पर खड़े होकर सीएम का अभिवादन किया-

समापन समारोह में ग्राफिक एरा विवि के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. कमल घनशाला ने सीएम पुष्कर सिंह धामी के नए साल में समान नागरिक संहिता लागू करने के फैसले को जैसे ही ऐतिहासिक बताया तो पूरे ऑडिटोरियम में बैठे लोगों ने खड़े होकर तालियां बजाकर उनका अभिवादन किया। स्वामी चिदानंद मुनि ने भी सीएम धामी के यूसीसी लागू करने के फैसले को ऐतिहासिक करार दिया। 

Uttarakhand: CM धामी ने किया “पर्वतीय सांस्कृतिक संस्था” द्वारा आयोजित 5 दिवसीय महाकौथिक में प्रतिभाग.

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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने  सेक्टर 21 नोएड़ा स्टेडियम गौतमबुद्ध नगर में “पर्वतीय सांस्कृतिक संस्था” द्वारा आयोजित पांच दिवसीय महाकौथिक पारंपरिक लोक कला, संस्कृति एवं हस्तशिल्प मेले में प्रतिभाग किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आयोजकों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि संस्था के सदस्य अपने राज्य से दूर रहकर भी उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को न केवल संजोए हुए हैं, बल्कि इसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने और आगे बढ़ाने का प्रशंसनीय कार्य भी कर रहे हैं जिसमें विभिन्न स्टॉलों के माध्यम से हमारे पारंपरिक हस्तशिल्प, जैविक उत्पाद और उत्तराखंडी व्यंजनों को प्रदर्शित किया गया है। यहाँ आने वाले लोग न केवल इन उत्पादों की खरीदारी कर सकते हैं, बल्कि हमारे पहाड़ी व्यंजनों के विविध और अद्भुत स्वाद का भी आनंद ले सकते हैं।

उत्तराखंड की लोक संस्कृति अपने आप में गौरवशाली है- CM

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति अपने आप में अद्वितीय और गौरवशाली है। हमारे राज्य के प्रत्येक क्षेत्र की अपनी विशिष्ट पहचान है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों में हमें अपनी लोक कलाओं, पारंपरिक वेशभूषा, हस्तशिल्प और कारीगरी का अनूठा संगम देखने को मिलता है। हमारी संस्कृति ही हमारी मूल पहचान है, चाहे हम जीवन में किसी भी स्तर पर पहुँचें या दुनिया के किसी भी कोने में जाएं, हमारी पहली पहचान ये है कि हम उत्तराखंड वासी हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक ओर हमारी सांस्कृतिक विरासत को पुनर्जीवित किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर “लोकल फॉर वोकल’’, और “मेक इन इंडिया’’ जैसी पहलों के माध्यम से हमारी स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसी दिशा में हमारी सरकार ने भी प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन में राज्य में कई महत्वपूर्ण योजनाओं और नीतियों को सफलतापूर्वक लागू किया है, जिससे राज्य का चहुंमुखी विकास सुनिश्चित हो रहा है। आज राज्य में रोड – रेल कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने के साथ ही हम पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहे हैं।

 

 

राज्य में इकॉनमी के साथ समग्र विकास की दिशा में बढ़ाये जा रहे हैं कदम- CM

उन्होंने कहा कि हम इकॉनमी और इकोलॉजी के समन्वय के साथ राज्य के समग्र विकास की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं। इसी का परिणाम है कि आज नीति आयोग द्वारा जारी एस.डी.जी. इंडेक्स रिपोर्ट में सतत विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने में उत्तराखण्ड देश में प्रथम पायदान पर हैं। साथ ही, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में राज्य को एचीवर्स तथा स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर्स की श्रेणी भी प्राप्त हुई है। यही नहीं आज हमारा राज्य युवाओं को रोजगार देने में भी अग्रणी राज्य बनकर उभरा है, हमने एक वर्ष में बेरोजारी दर में 4.4 प्रतिशत की कमी लाकर राष्ट्रीय औसत को भी पीछे छोड़ दिया है।

उन्होंने कहा कि राज्य में ‘एक जनपद, दो उत्पाद’ योजना के माध्यम से स्थानीय आजीविका के अवसरों को बढ़ावा दिया जा रहा है, वहीं, हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड के माध्यम से हमारे स्थानीय उत्पादों को व्यापक पहचान दिलाने का काम भी किया जा रहा है। स्टेट मिलेट मिशन, फार्म मशीनरी बैंक, एप्पल मिशन, नई पर्यटन नीति, नई फिल्म नीति, होम स्टे मॉडल, वेड इन उत्तराखंड जैसी योजनाओं के माध्यम से राज्य की स्थानीय अर्थव्यवस्था को निरंतर सुदृढ़ करने का प्रयास किये जा रहे हैं।

राज्य में पर्यटन और कृषि क्षेत्रों में भी नई संभावनाओं के द्वार खुल रहे हैं- CM

मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न रोजगार परक योजनाओं से राज्य में न केवल रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं, बल्कि पर्यटन और कृषि क्षेत्रों में भी नई संभावनाओं के द्वार खुल रहे हैं। इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार द्वारा प्रदेश हित में कई ऐतिहासिक निर्णय भी लिए हैं, जिन्हें पूर्व की सरकारों ने अपने राजनीतिक स्वार्थों के चलते ठंडे बस्ते में डाल दिया था।

 

उत्तराखण्ड में जनवरी 2025 से लागू होगा यू.सी.सी- CM

उत्तराखण्ड समान नागरिक संहिता कानून अर्थात यू.सी.सी. को लागू करने की दिशा में कदम उठाने वाला देश का पहला राज्य बन गया है, जनवरी 2025 में हम राज्य में यू.सी.सी. को लागू भी करने जा रहे हैं। समान नागरिक संहिता की गंगा उत्तराखण्ड से निकलकर पूरे देश को लाभान्वित करने का कार्य करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के युवाओं के व्यापक हित में प्रदेश में देश का सबसे प्रभावी नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। जिसके परिणाम स्वरुप उत्तराखंड में पिछले 3 वर्ष में लगभग 19 हजार युवाओं ने सरकारी नौकरियां पाने में सफलता प्राप्त की है। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के सांस्कृतिक मूल्यों और डेमोग्राफी को संरक्षित रखने हेतु लव जिहाद, लैंड जिहाद और थूक जिहाद जैसी घृणित मानसिकता के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के साथ ही प्रदेश में धर्मांतरण विरोधी और दंगा विरोधी क़ानून भी लागू किए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में भूमि ख़रीदने वाले बाहरी लोगों की गहनता से जाँच की जा रही है, अगर कोई भी व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करता हुआ पाया जाता है तो उसके भूखंड को सरकारी संपत्ति में निहित किये जाने की व्यवस्था की जा रही है। शीघ्र ही सख्त भू-कानून लागू कर राज्य के मूल स्वरूप के साथ खिलवाड़ करने वालों के ख़िलाफ़ भी कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

 

उत्तराखंड की संस्कृति और विरासत हमारी आत्मा का हिस्सा हैं- CM

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की संस्कृति, परंपराएं और विरासत हमारी आत्मा का हिस्सा हैं और इन्हें जीवंत रखने तथा आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के हमारी सरकार के विकल्प रहित संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने सभी प्रवासी उत्तराखण्ड वासियों का राज्य के विकास में सहयोगी बनने का भी आवाहन किया।

इस अवसर पर पर्वतीय सांस्कृतिक संस्था की संस्थापिका कल्पना चौहान, संयोजक राजेन्द्र चौहान, वरिष्ठ उपाध्यक्ष हरीश असवाल, व्यवस्थापक हरेन्द्र शर्मा, इंदिरा चौहान, लक्ष्मण रावत, सुबोध थपलियाल सहित बड़ी संख्या में प्रवासी उत्तराखण्डवासी उपस्थित थे।