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Uttrakahand : भाजपा संगठन में बड़े बदलाव की आहट, चुनाव के दौरान विवादित चेहरे फ्रंट में नहीं चाहती पार्टी

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प्रदेश भाजपा संगठन में बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। राष्ट्रीय स्तर पर नए कार्यकारी अध्यक्ष की ताजपोशी के बाद अब राज्य स्तर पर परिवर्तन की आहट तेज हो गई है। माना जा रहा है कि पार्टी ऐसे चेहरों से परहेज करेगी, जिन्हें लेकर आमजन में धारणा ठीक नहीं है।

 

संगठन चाहेगा कि चुनाव के दौरान विवादित चेहरे फ्रंट में न दिखें। इनके बजाए बेदाग, साफ-सुथरी छवि और लोकप्रिय चेहरों को संगठन आगे बढ़ाएगा। उत्तराखंड में नौ साल से सत्ता पर काबिज भारतीय जनता पार्टी लगातार तीसरी जीत का ताना-बाना बुनने में जुट गई है। सभी सात मोर्चों के अध्यक्ष के साथ ही उनकी टीमें घोषित करने के बाद संगठन खुद को किसी भी मोर्चे पर कमजोर नहीं दिखाना चाहता।

ऐसे चेहरों को संगठन अब बदलने की कवायद में लग गया है, जो नेता हाल फिलहाल या पहले विवादों में रहे हैं। राष्ट्रीय नेतृत्व नहीं चाहता कि चुनाव के दौरान विवादित चेहरे फ्रंट पर दिखें। इसी कड़ी में बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। इस फेरबदल में राष्ट्रीय नेतृत्व की भांति राज्य में भी युवाओं को तवज्जो दी जाएगी।

हाल फिलहाल में संगठन ने जो भी नए बदलाव लागू किए हैं, उनमें युवाओं को प्रमुखता दी है। ऐसे में एकबार फिर दूसरी पांत के नेताओं को आगे बढ़ाकर संगठन जहां युवाओं और नव मतदाताओं को जोड़ने पर फोकस करेगा, वहीं भविष्य की एक लाइन भी तैयार होगी।

बीएलए नियुक्ति में भाजपा-कांग्रेस ने शुरू की कसरत, सभी दलों ने अब तक तैनात किए हैं 8700

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प्रदेश में हर बूथ पर एक बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) नियुक्त करने के मामले में मुख्य राजनीतिक दलों भाजपा-कांग्रेस ने कसरत तो शुरू की है लेकिन अभी और उत्साह दिखाने की दरकार है। अब तक 11,700 बूथों के सापेक्ष केवल 8700 बीएलए बन पाए हैं।प्रदेश में जल्द ही चुनाव आयोग का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) शुरू हो सकता है। इससे पहले आयोग ने सभी राजनीतिक दलों को बीएलए-1 और बीएलए-2 की तैनाती को कहा था। हर विधानसभा में एक बीएलए के हिसाब से सभी राजनीतिक दलों ने अपने बीएलए-1 तो नियुक्त कर दिए थे लेकिन हर मतदान केंद्र के एक बीएलए की नियुक्ति प्रक्रिया में कामकाज थोड़ा ढीला है।

 

राजनीतिक दलों से लगातार पूरे बीएलए तैनात करने की अपील की जा रही
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक, हर राजनीतिक दल को 11,700 बूथों के हिसाब से 11,700 बीएलए-2 तैनात करने हैं। इसके सापेक्ष भाजपा ने अब तक 5300 और कांग्रेस ने 3200 बीएलए-2 नियुक्त किए हैं। 200 बीएलए बाकी चार पंजीकृत राजनीतिक दलों ने तैनात किए हैं। कुल छह पंजीकृत दलों के हिसाब से कुल बीएलए-2 की संख्या 70,200 होनी चाहिए, जिसके सापेक्ष कुल 8,700 बीएलए ही नियुक्त किए जा सके हैं।

 

सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने कहा कि भविष्य में होने वाले एसआईआर में ये बीएलए अहम भूमिका निभा सकेंगे। अपने पोलिंग स्टेशन के मतदाताओं का एसआईआर में शामिल होना सुनिश्चित कर सकेंगे। कहा कि जो बीएलए अभी नियुक्त हो जाएंगे, उनके नाम बाद में बदले भी जा सकते हैं। राजनीतिक दलों से लगातार पूरे बीएलए तैनात करने की अपील की जा रही है।

हमने 5300 बीएलए तैनात कर दिए हैं। बाकी का चिह्निकरण पूरा होने के बाद बीएलए फॉर्म भरा जा रहा है। जल्द ही हम सभी 11,700 मतदान केंद्रों के लिए अपने बीएलए की तैनाती कर देंगे। -कुंदन सिंह परिहार, प्रदेश महामंत्री, भाजपा

 

बीएलए तैनाती की प्रक्रिया चल रही है। हमने 3200 से ज्यादा नियुक्त किए हैं लेकिन फॉर्म भरने की प्रक्रिया के कारण डाटा अपडेट नहीं है। मैंने संबंधित जिम्मेदारों को इस संबंध में तेजी से कार्रवाई को कहा है। -गणेश गोदियाल, प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस

मुख्यमंत्री ने अंकिता भंडारी हत्या की सीबीआई जांच की संस्तुति की

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वर्गीय अंकिता भंडारी के माता–पिता की अनुरोध व उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए अंकिता भंडारी प्रकरण की CBI जांच कराए जाने की संस्तुति प्रदान की है ।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य शुरू से अंत तक निष्पक्ष, पारदर्शी और संवेदनशील तरीके से न्याय सुनिश्चित करना रहा है और आगे भी रहेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय बहन अंकिता भंडारी के साथ हुई इस अत्यंत दुखद एवं हृदयविदारक घटना की जानकारी मिलते ही राज्य सरकार ने बिना किसी विलंब के पूर्ण संवेदनशीलता और निष्पक्षता के साथ कार्रवाई की। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एक महिला आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रकरण से जुड़े सभी अभियुक्तों को शीघ्र गिरफ्तार किया गया तथा राज्य सरकार की ओर से प्रभावी एवं सशक्त पैरवी सुनिश्चित की गई, जिसका परिणाम यह रहा कि विवेचना और ट्रायल के दौरान किसी भी अभियुक्त को जमानत नहीं मिल सकी। SIT द्वारा गहन विवेचना के पश्चात अभियुक्तों के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल की गई और निचली अदालत द्वारा सुनवाई पूर्ण होने पर अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह पूरे प्रकरण में इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि राज्य सरकार ने आरंभ से लेकर अंत तक निष्पक्षता, पारदर्शिता और दृढ़ता के साथ न्याय सुनिश्चित किया है। साथ ही, हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही कुछ ऑडियो क्लिप्स के संबंध में भी अलग–अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं, जिन पर जांच की प्रक्रिया निरंतर जारी है।

मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि सरकार की मंशा पूरी तरह स्पष्ट है और किसी भी तथ्य या साक्ष्य की अनदेखी नहीं की जाएगी। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि अंकिता केवल एक पीड़िता नहीं थी, बल्कि वह हमारी भी बहन और बेटी थी।

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि हाल ही में उन्होंने स्वयं स्वर्गीय अंकिता भंडारी के माता–पिता से मुलाकात की, जिसमें बातचीत के दौरान उन्होंने मामले की CBI जांच कराए जाने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय अंकिता के माता–पिता के इस अनुरोध और उनकी भावनाओं का पूर्ण सम्मान करते हुए राज्य सरकार ने इस प्रकरण की CBI से जांच कराने का निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुनः दोहराया कि राज्य सरकार पहले भी न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध रही है और आगे भी पूरी दृढ़ता एवं संवेदनशीलता के साथ स्वर्गीय बहन अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए संकल्पबद्ध रहेगी।

Uttarakhand: अंकिता भंडारी के माता-पिता से जल्द मुलाकात करेंगे सीएम धामी, जांच को लेकर करेंगे बात.

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सीएम पुष्कर सिंह धामी जल्द अंकिता के माता-पिता से मिलेंगे। सीएम उनसे बात कर जांच की दिशा किस तरह की रखी जाए और वह सरकार से क्या चाहते हैं, के बारे में उनके विचार जानेंगे। सूत्रों के मुताबिक यह मुलाकात दून में जल्द होगी। इसके लिए प्रशासनिक अधिकारी सक्रिय कर दिए गए हैं।

सीएम ने कहा कि इस संबंध में अंकिता के माता-पिता से मैं स्वयं बात करूंगा, वह न्याय के लिए जो चाहते हैं, सरकार उनकी भावनाओं के आधार पर आगामी निर्णय लेगी। उन्होंने कहा कि एक ऑडियो से प्रदेश में जिस तरह का माहौल बनाया जा रहा है, उससे सबसे ज्यादा अंकिता का परिवार प्रभावित हुआ है। सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो की सत्यता जानने के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। सबूत होने पर कोई भी दोषी कार्रवाई से बच नहीं पाएगा।

पूरी गंभीरता, संवेदनशीलता व पारदर्शिता के साथ कार्य किया: सीएम धामी

अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में पहली बार मुख्यमंत्री धामी ने प्रेसवार्ता में सरकार की मंशा को स्पष्ट किया। कहा कि उत्तराखंड की बेटी अंकिता को न्याय दिलाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। इस दिशा में सरकार ने पूरी गंभीरता, संवेदनशीलता व पारदर्शिता के साथ कार्य किया है। सरकार की सशक्त और प्रभावी पैरवी के कारण ही तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा, इस जघन्य अपराध की निष्पक्ष व गहन जांच के लिए महिला आईपीएस अधिकारी रेणुका देवी की अध्यक्षता में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया था, जिसने मामले के सभी पहलुओं की गहराई से जांच की। एसआईटी की ओर से जांच के दौरान लोगों से साक्ष्य मांगे गए थे। इसके बाद सरकार ने न्यायालय में भी मामले की सशक्त व प्रभावी पैरवी की। एसआईटी की जांच पर निचली अदालत व उच्च न्यायालय, सर्वोच्च न्यायालय ने भी संतोष व्यक्त किया है, जो जांच की निष्पक्षता और मजबूती को दर्शाता है।

अंकिता हत्याकांड की जरूरत पड़ी तो सीबीआई जांच कराई जाएगी : गणेश जोशी

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड की जरूरत पड़ी तो सीबीआई से जांच कराई जाएगी। मंत्री सुबोध उनियाल और सांसद नरेश बंसल ने भी यह बात कही है। उन्होंने कहा कि जब एसआईटी जांच हुई थी तो सभी आरोपियों को पकड़ा गया था, उनको सजा भी हुई। अब जब एसआईटी जांच में ऐसा कुछ नहीं मिला कि घटना में कोई और शामिल है तो माहौल को क्यों गर्म किया जा रहा है। यदि कोई सबूत प्रस्तुत करने की बात सामने आई हो तो जरूरत पड़ी तो सीबीआई जांच भी कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि घटना में कोई भी दोषी होगा तो उसको बख्शा नहीं जाएगा। प्रदेश में चल रहे आंदोलन पर कहा कि लोकतंत्र में बोलने की आजादी है। सरकार लगातार जनहित के कार्य कर रही है लेकिन विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है।

 

मुझे उम्मीद है जनभावना को ध्यान में रखकर सीबीआई जांच का फैसला लेंगे धामी : सौरभ बहुुगुणा 

पशुपालन मंत्री सौरभ बहुुगुणा ने कहा, भाजपा सरकार ने हमेशा जनभावना का सम्मान किया है। मुझे उम्मीद है अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में भी जनभावना को ध्यान में रखकर मुख्यमंत्री धामी सीबीआई जांच का फैसला लेंगे। विधानसभा स्थित सभागार में मीडिया से वार्ता में उन्होंने कहा, अंकिता हम सबकी बेटी और बहन थी, उसके साथ जो हुआ गलत हुआ। न्यायालय से दोषियों को आजीवन कारावास की सजा हो चुकी है। दोषियों को सजा दिलाने में सरकार ने भी मदद की। अब इस प्रकरण में नए तथ्य आए हैं, सरकार ने हमेशा जनभावना को ध्यान रखा। उम्मीद है कि सीएम धामी जो भी फैसला लेंगे, जनभावना का सम्मान करते हुए लेंगे। हाल ही में पेपर लीक मामले को देखें तो जनता का आंदोलन हुआ, सरकार से सीबीआई जांच की मांग की गई। युवाओं का दर्द व जनता की भावना थी प्रकरण की सीबीआई जांच हो। जिस पर सीएम धामी ने बड़ा दिल दिखाया और जनता की मांग को स्वीकार किया। विभागीय मंत्री ने कहा, भाजपा सरकार मातृशक्ति, युवाओं और बुजुर्गों के आशीर्वाद से बनी है। अगर उत्तराखंड की जनता की भावना है अंकिता प्रकरण की सीबीआई जांच हो तो मुझे लगता है सीएम धामी इसकी सीबीआई जांच कराएंगे।

उर्मिला सनावर के मामलों की जांच के लिए एसआईटी गठित,जनता आगे आये- उर्मिला

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उर्मिला सनावर के खिलाफ जनपद के विभिन्न थानों में दर्ज मुकदमों की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने एसआईटी गठन का निर्णय लिया है।
एसएसपी के आदेश पर सभी मामलों की जांच के लिए विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया है।

उधर, उर्मिला सनावर ने वीडियो बयान जारी कर कहा कि वपुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए छापे मार रही है। जबकि वो सबूत दे चुकी है। उर्मिला ने प्रदेश की जनता से अंकिता को न्याय दिलवाने के लिए आगे आने को कहा है।इस बीच, पुलिस प्रशासन का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य जांच प्रक्रिया को प्रभावी बनाते हुए किसी भी प्रकार के संदेह या पक्षपात की संभावना को समाप्त करना है। एसएसपी ने स्पष्ट किया है कि सभी मामलों की गहन जांच साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी और कानून के दायरे में रहकर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि मामलों का जल्द एवं न्यायसंगत निस्तारण हो सके।

 

एसपी सिटी को सौंपी गई एसआईटी की कमान

गठित एसआईटी की जिम्मेदारी पुलिस अधीक्षक नगर (एसपी सिटी) अभय कुमार सिंह को सौंपी गई है। टीम को निर्देश दिए हैं कि उर्मिला सनावर से जुड़े सभी प्रकरणों की बारीकी से जांच की जाए और प्रत्येक बिंदु पर निष्पक्ष आकलन के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाए। एसएसपी ने यह भी कहा है कि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

चार थानों में दर्ज हैं कुल चार मुकदमे

जानकारी के अनुसार उर्मिला सनावर के खिलाफ कोतवाली ज्वालापुर, कोतवाली रानीपुर, थाना बहादराबाद और थाना झबरेड़ा में कुल चार मुकदमे दर्ज हैं। अब इन सभी मामलों की जांच एक ही विशेष जांच टीम द्वारा की जाएगी। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि एकीकृत जांच से मामलों में पारदर्शिता बनी रहेगी और जांच की दिशा स्पष्ट रहेगी, जिससे भ्रम या विरोधाभास की स्थिति उत्पन्न नहीं होगी।

एसआईटी में शामिल अधिकारी
गठित विशेष जांच टीम में कुल सात सदस्य शामिल किए गए हैं। टीम में निरीक्षक शांति कुमार गंगवार (प्रभारी कोतवाली रानीपुर), निरीक्षक कुंदन सिंह राणा (प्रभारी कोतवाली ज्वालापुर), उप निरीक्षक अंकुर शर्मा (प्रभारी थाना बहादराबाद), उप निरीक्षक रविन्द्र सिंह (थाना झबरेड़ा), अपर उप निरीक्षक रणजीत सिंह बिष्ट (कार्यालय पुलिस अधीक्षक नगर), कांस्टेबल विनय (कार्यालय पुलिस अधीक्षक नगर) और कांस्टेबल वसीम (सीआईयू हरिद्वार) शामिल हैं।

 

कई स्थानों पर प्रदर्शन

वीआईपी के मुद्दे पर प्रदेश के हल्द्वानी में ज्योति अधिकारी के समर्थन में विरोध-प्रदर्शन जारी है।
देहरादून में महिला कांग्रेस ने स्पीकर के आवास का घेराव कर आंदोलन को धार दी।

प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी सीबीआई जॉच व वीआईपी के खुलासे को लेकर भाजपा के विरोध में आंदोलन जोर पकड़ता जा रहा है।

प्रदेश भाजपा संगठन के लचर व आत्मघाती बयानों से स्थिति और भी बिगड़ गयी है। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के जातिगत बयान का आम जनता ने भारी विरोध कर दिया है।

अंकिता मर्डर केस में पहली बार बोले दो भाजपा नेता,  कहा, सीबीआई जांच जरूरी,

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र्मिला-सुरेश-आरती के अंदरूनी विवाद से जनित कथित वीआईपी विवाद में पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत और पूर्व विधायक विजया बड़थ्वाल ने भी चुप्पी तोड़ दी है।इन दोनों भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के बयान के बाद इस मुद्दे पर पार्टी के मतभेद भी सामने आ गए हैं। उधर, वीआईपी कांड को लेकर भाजपा हाईकमान में भी गम्भीर हलचल देखी जा रही है। निकट भविष्य में प्रदेश संगठन में बड़े बदलाव की उम्मीद भी बनने लगी है।

 

क्या कहा पूर्व सीएम त्रिवेंद्र ने

विजया बड़थ्वाल के बाद पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पत्रकारों से बातचीत में मामले को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि यह महिलाओं से जुड़ा हुआ विषय है, जो समाज के 50 प्रतिशत हिस्से का प्रतिनिधित्व करती हैं। त्रिवेंद्र रावत ने कहा कि यह मामला इस समय न्यायालय के विचाराधीन है । इसलिए सरकार कोई निर्णय नहीं ले सकती ।साथ ही यह भी जोड़ा कि इसकी गहराई से जांच की आवश्यकता है। पूर्व सीएम ने कहा कि इस तरह के गलत काम करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाना चाहिए। चाहे वह उनका अपना बच्चा हो या भाई, कानून सभी के लिए समान होना चाहिए और दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं समाज की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं और समाज पर धब्बा लगाने का काम करती हैं। त्रिवेंद्र सिंह रावत ने यह भी कहा कि जब यह घटना हुई थी, तब उन्हें व्यक्तिगत रूप से भी गहरा दुख और तकलीफ हुई.

 

इधऱ, यमकेश्वर से पूर्व विधायक विजया बड़थ्वाल ने तो तीखा लिखित बयान जारी कर कांग्रेस की तर्ज पर सीबीआई जांच की मांग कर डाली। यही नहीं, उन्होंने यह भी कह दिया कि न्याय होना ही पर्याप्त नहीं है। न्याय दिखना भी चाहिए।
उन्होंने कहा कि हम किसी भी पार्टी के हो सकते हैं, परंतु हमारी बेटियों की प्रतिष्ठा, सम्मान और अस्मिता की रक्षा हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। महादेव की इस पवित्र भूमि पर यदि हमारी बेटियाँ सुरक्षित नहीं हैं, तो इस राज्य को संभालने का क्या अर्थ बचता है?

हम अपनी बेटियों की सुरक्षा के लिए किसी भी समझौते को स्वीकार नहीं कर सकते। यह सिर्फ एक मामला नहीं, बल्कि हमारी सामाजिक ज़िम्मेदारियों और नैतिक मूल्यों का प्रश्न है। गौरतलब है कि जिस वनन्तरा रिसॉर्ट में अंकिता  नौकरी करती थी। वह यमकेश्वर विधानसभा में आता है। और यहां से मौजूदा भाजपा विधायक रेनू बिष्ट और उमरेला कि पूर्व जिला पंचायत सदस्य आरती गौड़ पर वनन्तरा रिसॉर्ट में बुलडोजर चलाने का आरोप सुर्खियों में है। इस बीच, सालों से मौन साधे रही पूर्व विधायक विजया बड़थ्वाल के झकझोरने वाले बयान के बाद भाजपा की चिंता की लकीरें बढ़ गयी है।

विजया बड़थ्वाल व त्रिवेंद्र के बयान के बाद भाजपा के अंदर राजनीतिक हलचल तेज हो गयी है। प्रदेश भाजपाध्यक्ष महेंद्र भट्ट उर्मिला सनावर पर दिए गए बयान के बाद स्वंय घिर गए है।

 

उर्मिला मेरी पत्नी नहीं

इस मुद्दे पर भाजपा से निष्कासित सुरेश राठौर ने एक बार फिर प्रेस कांफ्रेंस कर उर्मिला सनावर की नीयत पर सवाल उठाए। कहा कि वो मेरे परिवार को बर्बाद कर रही है। चारित्रिक हनन कर रही है। मैंने फैक्ट्री बेच उर्मिला को 50 लाख रुपए दिए । वह ब्लैकमेल कर रही है। मुझे पति भी कहती है और कालनेमि भी।
राठौर यह कहने से भी नहीं चूके कि उन्होंने भाजपा को खून पसीने से सींचा।
राठौर ने कहा कि उर्मिला मेरी पत्नी नहीं है। सोशल मीडिया में कहने के बजाय उर्मिला को फैमिली कोर्ट जाना चाहिए।

उर्मिला -सुरेश

इस मामले में उक्रांद, महिला मंच, मूल निवास भू कानून समिति समेत अन्य संगठनों ने भी मोर्चा खोल दिया है। हरिद्वार जिले में ही भाजपा से जुड़े मोर्चा के नेता अंकित बहुखंडी के नेतृत्व में वीआईपी का पुतला दहन भी किया गया। बहुखंडी ने कहा कि अंकिता हत्याकांड के दोषियों को सजा मिलनी चाहिए। इससे पूर्व,मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस प्रदेशव्यापी प्रदर्शन के तहत पुतला दहन कर चुकी है। सोशल मीडिया में कई आम लोग भी बयान जारी कर सुरेश-उर्मिला-आरती के ऑडियो की जांच की मांग कर रहे हैं।

 

Uttarakhand Cabinet: कैशलैस इलाज के लिए बढ़ेगा अशंदान, कैबिनेट में आए 11 प्रस्ताव, इन पर लगी मुहर.

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उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक आज संपन्न हुई। इस दौरान बैठक में 11 प्रस्ताव पर मुहर लगी। वहीं, उपनल कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन का मामला मंत्रिमंडल उपसमिति को सौंपा गया है।

ये फैसले हुए-

वित्त: नेचुरल गैस पर वैट की दर 20 से घटाकर 5% करने पर के प्रस्ताव पर मुहर।

कृषि:धराली व आसपास के आपदाग्रस्त क्षेत्र में रॉयल डिलिशियस सेब का 51रुपये, दूसरे रेड डेलिशियस सेब का 45 रुपये प्रति किलो मुल्य।

संस्कृति:  कलाकार व लेखकों को मासिक पेंशन 3000 से बढ़ाकर 6000 रुपये करने का निर्णय लिया गया।

आवास: इज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत केंद्र के निर्देश के तहत निम्न जोखिम वाले भवन या छोटे व्यावसायिक भवन को एम्पनल्ड आर्किटेक्ट द्वारा नक्शा पास करा सकते हैं। पहले ये विचलन से आया था, आज कैबिनेट ने मुहर लगाई है।

औद्योगिक विकास: ग्राउंड कवरेज एमएसएमई यूनिट और इंडस्ट्री यूनिट का बढ़ाया गया। बांस एवं रेशा विकास परिषद के ढांचे में परिवर्तन किया गया है। तकनीकी प्रकृति के स्टाफ को उपनल के बजाय आउटसोर्सिंग से रखने की व्यवस्था। 13 पदों को कॉन्ट्रैक्ट या आउटसोर्सिंग से होंगे।

  • आयुष्मान और अटल आयुष्मान 100% इन्श्योरेंस मोड में संचालित होगा। गोल्डन कार्ड हाइब्रिड मोङ में चलेगा। पांच लाख से कम के क्लेम इन्श्योरेंस से भुगतान होगा। पांच लाख से यूजर वाले क्लेम ट्रस्ट मोड से मिलेंगे। महंगाई दर के हिसाब से कर्मचारियों से लिये जाने वाला अंशदान करीब 250 रुपये से 450 रुपये तक बढ़ेगा।
  • सिंचाई व लोक निर्माण विभाग के वर्क चार्ज एम्प्लाइज को पेंशन मिलेगी।
  • उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा सेवा संशोधन नियमावली को मंजूरी। प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर की उम्र 50 से बढ़ाकर 62 वर्ष, सुपर स्पेशलिटी सर्विसेज के लिए भी विभाग बनाये गए हैं। स्वामी राम कैंसर इंस्टीट्यूट हल्द्वानी के लिए 4 पदों के सृजन को मंजूरी।
  • श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में समान कार्य, समान वेतन मामला…277 कर्मचारियों को मिलना है लाभ। कैबिनेट उपसमिति को भेजा गया।
  •  दुर्गम व अति दुर्गम इलाकों में काम करने वाले विशेषज्ञ डॉक्टरों को 50% अतिरिक्त भत्ता मिलेगा। करीब 300 डॉक्टरों को मिलेगा लाभ।

वीडियो-ऑडियो विस्फोट से खुलने लगे हैं अंकिता मर्डर फ़ाइल के नाज़ुक पन्ने,पूर्व भाजपा विधायक के ऑडियो से बड़ा भाजपा नेता कठघरे में !

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अंकिता भंडारी हत्याकांड के बाद वीआईपी को लेकर जारी चर्चाओं ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है।
इस बीच, भाजपा से निष्कासित पूर्व विधायक सुरेश राठौर व उर्मिला सनावर की एक ऑडियो क्लिप ने भी तहलका मचा दिया है।

इस ऑडियो क्लिप में कथित तौर पर सुरेश राठौर और उर्मिला के बीच बातचीत में एक बड़े भाजपा नेता और महिला का नाम भी सामने आया है। इसमें राठौर कह रहे हैं कि उक्त भाजपा नेता में हरिद्वार की डाम कोठी में महिला को बुलाया था।

उर्मिला ने पूछा कि क्या वो महिला भाजपा नेता से मिलने गयी थी। इस पर पूर्व विधायक ने कहा कि वो गयी या नहीं। उसे पता नहीं। लेकिन उक्त महिला ने मुझे (राठौर)बताया था कि भाजपा नेता के वीडियो व ऑडियो क्लिप उसके पास हैं।

एक मिनट 31 सेकेंड के इस ऑडियो में भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर कहते हैं कि उक्त महिला ने ही वनन्तरा रिसॉर्ट में बुलडोजर चलवाया था। इस रिसॉर्ट इन अंकिता हत्याकांड हुआ था। साफ है कि उक्त महिला ने कथित भाजपा नेता के इशारे पर ही सबूत मिटाने के लिए वनन्तरा रिसॉर्ट में बुलडोजर चलवाया होगा।

इस ऑडियो क्लिप के वॉयरल होने से सुरेश राठौर, गट्टू और एक अन्य महिला के अन्तर्सम्बन्धों के भी राज खुल रहे हैं। यह भी साफ हो रहा है कि ‘गट्टू’ से नजदीकी सम्बंध रखने वाली उक्त महिला वनन्तरा रिसॉर्ट से जुड़े क्षेत्र की राजनीति में सक्रिय रही है। और इस महिला के भाजपा के पूर्व विधायक राठौर से भी नजदीकी सम्बंध रहे हैं।

ऑडियो में राठौर यह भी खुलासा करते हैं कि उक्त महिला के तो अन्य छह सात लोगों से भी सम्बंध हैं। और एक बच्चा भी है।

बहरहाल, भाजपा के बड़े नेता से जुड़े ऑडियो-वीडियो के खेल ने राजनीति में खलबली मचा दी है।
हालांकि, कोटद्वार कोर्ट इसी साल अंकिता मर्डर केस के आरोपी पुलकित आर्य व अन्य दो को सजा सुना चुकी है। तीनों ही जेल में है। लेकिन जांच में वीआईपी के नाम का कोई खुलासा नहीं होने के बाद अब कई महीने बाद कहीं “गट्टू ” और कहीं सीधे नाम का उल्लेख भाजपा के लिए चिंता का सबब बन गया है।

इधऱ, राठौर की दूसरी पत्नी उर्मिला ताजातरीन वीडियो में साफ कह रही है कि अंकिता ने गट्टू के पास जाने से मना कर दिया था। इसलिए उसकी हत्या कर दी गयी।

इसके अलावा वॉयरल ऑडियो से यह भी साफ हो रहा है कि राठौर ने बेहतर रिश्ते के समय उर्मिला सनावर को यह गुप्त बातें बता दी थी। और अब रिश्ते खराब होने पर उर्मिला अपने वॉयरल वीडियो में अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े अनसुलझे तथ्य सामने रख रही है।

अंकिता हत्याकांड को लेकर एक बार फिर सोशल मीडिया में बहस छिड़ गयी है। लोगों का कहना है कि कोर्ट और जांच एजेंसी को वीडियो और ऑडियो क्लिप की जांच कर राठौर, उर्मिला और उक्त महिला से भी पूछताछ करनी चाहिए।

अगर ऐसा हुआ तो लम्बे समय से वीआईपी के चेहरे पर पड़े नकाब के बेनकाब होने की पूरी उम्मीद है।

बहरहाल, इन नये खुलासे के बाद एक बार फिर कोर्ट के  स्वंय संज्ञान लेने और पुलिस की नयी जांच को लेकर भी बहस शुरू हो गयी है। अगर परिजनों की मांग पर या किसी ब्यक्ति की ओर से दायर याचिका पर कोर्ट या पुलिस संज्ञान लेती है तो वीआईपी की अनसुलझी गुत्थी से पर्दा उठने की संभावना जताई जा रही है,,,हलांकि dsruncut इन किसी भी आरोपों की सत्यता की पुष्टि नहीं करता, ये सब जांच का विषय है,,,,बरहाल इस पुरे मामले में भाजपा की तरफ से चुप्पी है,,,बरहाल अंकिता का vip कौन इस मुद्दे ने एक बार फिर चर्चा पकड़ ली है,,,

 

अंकिता भंडारी हत्याकांड- वायरल वीडियो के बाद कांग्रेस का हमला

उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और प्रवक्ता धीरेंद्र प्रताप ने कहा है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को इस बात का खुलासा करना चाहिए की अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े मामले में जिस गटू का जिक्र एक महिला के वायरल हुए वीडियो में किया है वह गट्टू कौन है??

धीरेंद्र प्रताप ने कहा है कि इस महिला के वायरल हुए वीडियो में यह बात भी सामने आई है कि हरिद्वार के पूर्व विधायक सुरेश राठौर का इस गट्टू से कोई संबंध है ।

धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड ने पूरे उत्तराखंड की जनता को झकझोर कर रखा हुआ है । ऐसी स्थिति में इस गट्टू नाम का अचानक सतह पर आना चिंता का विषय है । मुख्यमंत्री को चाहिए कि इस गट्टू का जल्दी पता लगाए और विधायक सुरेश राठौर की गतिविधियों के बारे में भी बताएं कि वह आखिर क्यों इस महिला के निशाने पर बने हुए हैं।

Uttarakhand: राफ्टिंग गाइडों के लिए प्राथमिक चिकित्सा का प्रशिक्षण अनिवार्य, आयु सीमा बढ़ाने पर भी सहमति.

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जनवरी से शुरू होगा राफ्टिंग गाइडों का विशेष प्रशिक्षण-

 

Dehradun: राज्य में राफ्टिंग की संभावनाओं को सुदृढ़, सुरक्षित एवं व्यवस्थित करने के उद्देश्य से 22 दिसंबर 2025 को पर्यटन सचिव एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी धीराज सिंह गब्र्याल की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में राफ्टिंग एसोसिएशन, राफ्टिंग गाइड एसोसिएशन, राफ्टिंग तकनीकी एवं विनियामक समिति, गंगा नदी राफ्टिंग समिति सहित संबंधित हितधारकों ने प्रतिभाग किया।

बैठक में वर्तमान में कार्यरत राफ्टिंग गाइडों की फर्स्ट एड एवं सीपीआर से संबंधित तकनीकी दक्षता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। इस क्रम में मोंटाना (यूएसए) से संबद्ध संस्था Hanifl Centre, जो पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार के साथ कार्यरत है, के माध्यम से प्रथम चरण में तीन दिवसीय Wilderness First Aid (WFA) प्रशिक्षण आयोजित करने का निर्णय लिया गया। यह प्रशिक्षण जनवरी 2026 के प्रथम सप्ताह से प्रारंभ होगा। इसके माध्यम से जनवरी–फरवरी 2026 के दौरान राफ्टिंग व्यवसाय से जुड़े लगभग 900 गाइडों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

 

बैठक के दौरान राफ्टिंग एसोसिएशन द्वारा उठाए गए प्रमुख मुद्दों—नदी तटों पर राफ्टिंग कैंपों की पुनः स्थापना, गंगा नदी की वहन क्षमता का पुनः आकलन, मुख्य मार्ग से राफ्टिंग पिकअप प्वाइंट में सुधार तथा राफ्टिंग पर्यटकों की सुरक्षा के लिए एम्बुलेंस व्यवस्था—पर पर्यटन सचिव द्वारा शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया गया।

इसके साथ ही राफ्टिंग गाइड एसोसिएशन के प्रस्ताव पर राफ्टिंग गाइडों की अधिकतम आयु सीमा 50 वर्ष से बढ़ाकर 60 वर्ष किए जाने पर सहमति व्यक्त की गई। गंगा नदी राफ्टिंग समिति द्वारा लिए जाने वाले शुल्क में वृद्धि पर भी राफ्टिंग एवं गाइड एसोसिएशन की सहमति बनी।

अंत में पर्यटन सचिव एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने गंगा नदी राफ्टिंग समिति के सचिव, संबंधित अधिकारियों एवं हितधारकों को प्रशिक्षण कार्यक्रम शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए तथा उत्तराखंड के राफ्टिंग व्यवसाय को राष्ट्रीय स्तर पर सशक्त पहचान दिलाने के लिए ठोस प्रयास करने का आह्वान किया।

बैठक में उप निदेशक पर्यटन अमित लोहनी, वरिष्ठ साहसिक खेल अधिकारी एवं सचिव गंगा नदी राफ्टिंग समिति जसपाल सिंह चौहान, साहसिक खेल अधिकारी सीमा नौटियाल, थल क्रीड़ा विशेषज्ञ भूपेन्द्र सिंह, राफ्टिंग समिति अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह नेगी, उपाध्यक्ष रामपाल सिंह, तकनीकी समिति सदस्य अरविन्द भारद्वाज, विनियामक समिति सदस्य मंजूल रावत, ध्रुवनाथ राणा सहित अन्य अधिकारी एवं हितधारक उपस्थित रहे।

Uttarakhand: मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना.. CM धामी ने 3848 लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजे 33.22 करोड़ रुपये.

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सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत 3848 लाभार्थियों के बैंक खातों में 33.22 करोड़ रुपये की धनराशि का ऑनलाइन माध्यम से वितरण किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि उत्तराखंड का युवा नौकरी ढूंढने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बने। कहा कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना राज्य की उन प्रमुख योजनाओं में से एक है, जिसने वास्तविक रूप से पलायन को रोकने, रिवर्स माइग्रेशन को बढ़ावा देने और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 के दौरान लौटे प्रवासी, युवा उद्यमी, कारीगर, हस्तशिल्पी एवं शिक्षित बेरोजगार इस योजना के प्रमुख लाभार्थी हैं। योजना के अंतर्गत राज्य के मूल और स्थायी निवासियों को विनिर्माण, सेवा एवं व्यापार क्षेत्र में राष्ट्रीयकृत, सहकारी एवं क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के माध्यम से ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। विनिर्माण इकाइयों के लिए 25 लाख तक और सेवा एवं व्यापार इकाइयों के लिए 10 लाख तक की परियोजना लागत अनुमन्य है। योजना के अंतर्गत परियोजना लागत का 15 से 25 प्रतिशत तक सब्सिडी के रूप में प्रदान किया जा रहा है। योजना के अंतर्गत लगभग 32 हजार लाभार्थियों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया था, इस योजना से अब तक 35 हजार से अधिक लाभार्थी लाभान्वित हो चुके हैं। योजना के तहत अब तक 1,389 करोड़ से अधिक का ऋण वितरण किया गया है, जिससे लगभग 64,966 नए रोजगार सृजित हुए हैं।  कहा कि यह प्रमाण है कि योजना केवल कागज़ों में नहीं, बल्कि धरातल पर सशक्त रूप से कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लाभार्थियों को सब्सिडी ऑनलाइन माध्यम से सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर की गई है। यह सरकार की पारदर्शिता, टेक्नोलॉजी-आधारित और भ्रष्टाचार-मुक्त कार्यप्रणाली का प्रमाण है। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना केवल एक योजना नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर उत्तराखंड की मजबूत नींव है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि हर जिले में स्थानीय उद्यम, हर गांव में रोजगार और हर युवा के हाथ में काम हो। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करते हुए डबल इंजन सरकार उत्तराखंड के युवाओं को स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य कर रही है।