Category Archive : राज्य

Uttarakhand Weather: उत्तराखंड में झमाझम बारिश, शहर में जलभराव, पहाड़ में उफान पर नदी नाले।

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उत्तराखंड में झमाझम बारिश राहत के साथ ही आफत भी लाई है। शहर में जहां बारिश से जगह-जगह जलभराव हो गया। वहीं पहाड़ों पर नदी नाले उफान पर आ गए हैं। भारी बारिश को देखते हुए नैनीताल, बागेश्वर, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और चंपावत जिलों में पहली से 12वीं तक के स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों में मंगलवार को अवकाश घोषित किया गया है।

मौसम विभाग की ओर से आज उत्तराखंड में भारी बारिश के आसार बताए गए थे।  नैनीताल, बागेश्वर, चम्पावत, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और ऊधमसिंह नगर जिले के कुछ इलाकों में भारी से भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। जबकि, देहरादून, पौड़ी, टिहरी और हरिद्वार जिले के कुछ हिस्सों में तेज बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया था।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है रेड अलर्ट वाले इलाकों में तेज गर्जन के साथ कई दौर की तेज बारिश है।हिदायत देते हुए कहा, भूस्खलन की आशंका वाले संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।

साथ ही चारधाम यात्रा कर रहे तीर्थयात्रियों को विशेष हिदायत देते हुए कहा कि यात्रा करते हुए खड़ी ढलानों पर नजर रखें।

Chardham Yatra 2024: इस बार 50 दिन में 30 लाख तीर्थयात्रियों ने किए धाम में दर्शन, नया रिकॉर्ड बनाने की तरफ है यात्रा।

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चारधाम यात्रा में इस बार भी तीर्थयात्रियों की संख्या नया रिकॉर्ड बनाने की तरफ आगे बढ़ रही है। इस बार 50 दिन में 30 लाख तीर्थयात्री चारधामों व हेमकुंड साहिब में दर्शन कर चुके हैं। जबकि पिछले साल 68 दिन में इतने यात्रियों ने दर्शन किए थे। केदारनाथ धाम में दर्शन करने वालों का आंकड़ा 10 लाख पार हो चुका है।

10 मई से शुरू हुई चारधाम यात्रा में आस्था का सैलाब उमड़ रहा है। पर्यटन विभाग के आंकड़ों के अनुसार अब तक 30 लाख श्रद्धालु चारधामों में दर्शन कर चुके हैं। पिछले साल 22 अप्रैल से यात्रा शुरू हुई थी। 30 जून तक यानी 68 दिनों में 30 लाख यात्रियों ने दर्शन किए थे। इस बार 18 दिन पहले 30 लाख ने दर्शन किए।

Uttarakhand: पीएम किसान सम्मान निधि- ई-केवाईसी न होने से एक लाख किसानों के खातों में नहीं आई रकम।

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प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत ई-केवाईसी न करने और आधार नंबर, बैंक खाता और जमीन के रिकॉर्ड में जानकारी समान होने के कारण प्रदेश के एक लाख से अधिक किसानों को सम्मान निधि नहीं मिल रही है। वर्तमान में प्रदेश के 771567 किसान ही योजना में मिलने वाली रकम पा रहे हैं। अब किसानों को जागरूक करने के लिए प्रदेश भर में शिविर लगाए जाएंगे।

किसानों की जरूरतों को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार ने दिसंबर 2018 में पीएम किसान सम्मान निधि योजना शुरू की थी। इस योजना में प्रदेश के नौ लाख पंजीकृत हैं। योजना के शुरूआत में सभी किसानों को बैंक खातों में सम्मान निधि के रूप में दो हजार रुपये की राशि आई। लेकिन कई अपात्र किसान भी योजना का लाभ रहे थे।

इस पर केंद्र सरकार ने दस्तावेजों का सत्यापन के लिए ई-केवाईसी शुरू किया। जिसमें किसान का आधार नंबर, बैंक खाता संख्या, जमीन से संबंधित खाता खतौनी व खसरा नंबर का सत्यापन किया। लेकिन प्रदेश में एक लाख से अधिक किसान ऐसे हैं। जिनकी ई-केवाईसी नहीं हो पाई या उनके दस्तावेजों में भिन्नता है। जिस कारण उन्हें योजना में मिलने वाली सम्मान निधि नहीं मिल रही है।

कृषि एवं उद्यान मंत्री गणेश जोशी ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी पात्र किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ मिले। जिन किसानों की ई-केवाईसी नहीं हो पाई है। इसके लिए प्रदेश भर में जागरूकता शिविर लगाए जाएं।

 

President: राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा’हालिया पेपर लीक की सरकार कराएगी जांच, दोषियों को दी जाएगी सजा’।

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद की संयुक्त बैठक में अपने संबोधन में कहा कि सरकार पेपर लीक की हालिया घटनाओं की जांच करने और यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है कि दोषियों को सजा मिले।

18वीं लोकसभा को पहली बार संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि उनकी सरकार देश के युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें हासिल करने में सक्षम बनाने के लिए एक माहौल बनाने के लिए काम कर रही है।

जैसे ही उन्होंने शिक्षा के मोर्चे पर सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का उल्लेख किया, कुछ विपक्षी सदस्यों को “एनईईटी” चिल्लाते हुए सुना गया।

उन्होंने कहा, “अगर किसी कारण से परीक्षाओं में बाधा आती है तो यह उचित नहीं है। सरकारी भर्तियों और परीक्षाओं में शुचिता, पारदर्शिता बहुत जरूरी है।”

उन्होंने कहा, “सरकार पेपर लीक की हालिया घटनाओं में निष्पक्ष जांच करने और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।”

राष्ट्रपति ने कहा कि पहले भी कुछ राज्यों में पेपर लीक की घटनाएं हुई थीं, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि दलगत राजनीति से ऊपर उठने और राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत कदम उठाने की जरूरत है।

राष्ट्रपति ने कहा कि संसद ने पेपर लीक के खिलाफ भी एक मजबूत कानून बनाया है।

उन्होंने कहा कि सरकार परीक्षा प्रक्रिया में सुधार लाने के लिए काम कर रही है।

 

Uttarakhand: अगले एक हफ्ते तक प्रदेश में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी।

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मौसम विभाग ने अगले एक सप्ताह का पूर्वानुमान जारी कर विभिन्न जिलों में 27 से 29 जून और दो व तीन जुलाई को भारी से भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। जबकि बृहस्पतिवार को चंपावत और नैनीताल जिले में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश ऑरेंज और देहरादून, पौड़ी, बागेश्वर और ऊधमसिंहनगर में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।

गुरुवार सुबह से ही नई टिहरी समेत आसपास के क्षेत्र में बादल छाए हुए है। यहां बारिश होने की संभावना है। यमुनोत्री धाम में रातभर बारिश के बाद अभी बारिश थमी हुई है, जबकि बड़कोट तहसील क्षेत्र में बादल छाए हुए हैं। इससे उमस भरी गर्मी हो रही है। इसके अलावा उत्तरकाशी जिला मुख्यालय में सुबह से ही रुक-रुककर बारिश का सिलसिला जारी है। बारिश से तापमान दो डिग्री गिरने से गर्मी से राहत मिली है। न्यूनतम तापमान 21 और अधिकतम 26 डिग्री सेल्सियस है। जबकि बुधवार को न्यूनतम तापमान 24 व अधिकतम 28 डिग्री सेल्सियस था।

मसूरी शहर गुरुवार सुबह से ही हल्के बादल और कोहरे के बीच हल्की धूप निकली हुई है। पर्यटन नगरी कैंपटी में भी हल्के बादल छाए हुए है। कभी भी बारिश हो सकती है। वहीं, बुधवार से ही थराली के पिंडर घाटी में मानसून की बारिश शुरू हो गई है। गुरुवार सुबह आठ बजे से तेज बारिश शुरू हो गई है। बारिश से किसानों ने राहत की सांस ली।

यात्रा मार्ग पर एहतियात बरतें-
मौसम विभाग ने 27 जून से 3 जुलाई तक का पूर्वानुमान जारी किया है। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह की ओर से जारी सूचना के अनुसार राज्य के विभिन्न जिलों में 27 से 29 जून एवं दो और तीन जुलाई को भारी से भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। जबकि 30 जून और एक जुलाई को भारी बारिश चेतावनी जारी की गई है।

इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका है। इस दौरान बारिश से भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में मलबा और पत्थरों के गिरने की आशंका बनी रहेगी। इसलिए भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में यात्रा आदि न करने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही प्रशासन को चारधाम यात्रा मार्ग पर अतिरिक्त एहतियात बरतने की सलाह दी गई है।

 

Uttarakhand: उत्तराखंड के 6422 गांवों का होगा डिजिटलाइजेशन, भारत नेट परियोजना के तहत कनेक्टिविटी से जुड़ेंगे ये गांव।

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उत्तराखंड के 6422 गांवों का डिजिटलाइजेशन करने के लिए जल्द ही इन्हें भारत नेट परियोजना के तहत ऑप्टिकल फाइबर आधारित कनेक्टिविटी से जोड़ा जाएगा। इसके लिए भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) भारत नेट उद्यमी (बीएनयू) के साथ मिलकर ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट उपलब्ध कराएगा।

योजना के तहत देशभर के ग्रामीण इलाकों में स्थानीय उद्यमियों की मदद से ऑप्टिकल फाइबर को घर-घर तक पहुंचाया जाएगा। इस संबंध में उत्तराखंड में बीएसएनएल के नवनियुक्त मुख्य महाप्रबंधक पीडी चिरानिया ने सोमवार को अधिकारियों के साथ बैठक की। दर्शनलाल चौक स्थित बीएसनएल के कार्यालय में आयोजित बैठक में उन्होंने बताया, योजना के लिए बीएसएनएल सिंगल प्रोजेक्ट मैनेजमेंट एजेंसी के तौर पर काम करेगा।

लोगों को उद्यमी बनने का भी मौका मिलेगा-

इसके लिए यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन फंड (यूएसओ) की ओर से आर्थिक मदद की जाएगी। कहा, योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में सस्ती कीमतों पर गुणवत्तापूर्ण मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट उपलब्ध कराना है। इसके अलावा इस योजना से ग्रामीण इलाकों के लोगों को उद्यमी बनने का भी मौका मिलेगा। इससे प्राप्त होने वाले राजस्व का 50 फीसदी हिस्सा उद्यमी को दिया जाएगा। कहा, योजना भारत सरकार का बड़ा कार्यक्रम हैं, यह उत्तराखंड के गांवों का डिजिटलाइजेशन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी

626 इलाकों में लगेंगे 4 जी टावर-

बीएसएनएल राज्य सरकार के साथ मिलकर उत्तराखंड के उन 626 इलाकों में 4-जी के टावर लगाएगा जहां किसी भी कंपनी का कोई नेटवर्क नहीं है। मुख्य महाप्रबंधक पीडी चिरानिया ने कहा, इसका सीधा लाभ हमारे सुरक्षा जवानों को मिलेगा। कहा, उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थिति के चलते इन इलाकों में किसी भी कंपनी का नेटवर्क काम नहीं करता। जिसके चलते देश की रक्षा कर रहे जवानों के अलावा वहां के स्थानीय लोगों से भी संपर्क करना किसी बड़ी चुनौती से भी कम नहीं है। इससे निपटने के लिए के लिए सरकार के साथ मिलकर 4-जी टावर लगाए जाएंगे।

Cabinet Meeting: चुनाव के बाद धामी मंत्रिमंडल की आज पहली बैठक, जानिए किन 12 प्रस्तावों को मिली मंजूरी।

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चुनाव के बाद धामी सरकार की पहली कैबिनेट बैठक आज हुई। बैठक में शहरी विकास, आवास, वित्त, राजस्व, कार्मिक, नियोजन, उच्च शिक्षा समेत कई अन्य विभागों से संबंधित प्रस्तावों पर चर्चा हुई। कुल 12 प्रस्ताव बैठक में आए।

बैठक में उत्तराखंड एकीकृत महानगर परिवहन प्राधिकरण विधेयक 2024 को कैबिनेट को मंजूरी मिली। स्टेट के शहरी क्षेत्रों में परिवहन व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए विधेयक। शहरी क्षेत्रों में बिजली, पानी की योजनाओं को इससे मंजूरी जरूरी होगी।

ये प्रस्ताव आए
-आवास विभाग के विभिन्न प्राधिकरण में मिनिस्टीरियल कार्मिक की नियमावली को मंजूरी।

-वित्त- कर्मियों की ट्रेनिंग अलग-अलग चरणों मे होगी। प्रोमोशन के बाद भी ट्रेनिंग। इसी तरह की लगातार ट्रेनिंग सचिवालय सेवा और पीसीएस अफसरों के लिए भी करने के लिए सीएम धामी ने निर्देश दिए।

-वित्त- कर्मियों के वेतन खातों का किसी न किसी बैंक में खाता होता है। बैंक सुविधा देते हैं, लेकिन कर्मियों को लाभ नहीं मिल रहा था। स्टेट बैंक, बड़ोदा, यूनियन और केनरा बैंक में जिनके भी खाते होंगे, उनके कर्मचारियों को एक्सीडेंटल बीमे 30 लाख से करोड़ तक मिलेगा। अपंगता में भी मिलेगा। बच्चों को शिक्षा आदि भी मिलेगी। अलग से कोई प्रीमियम नहीं देना होगा। राज्य सरकार ने इन चार बैंकों से एमओयू के लिए डायरेक्टर ट्रेजरी को अधिकृत किया गया है।

-स्टेट बैंक में ही 62 हजार, पीएनबी में 24 हजार हैं।
-पर्यटन नीति 2018 में आई थी, जिसमें जिलों के हिसाब से कैपिटल सब्सिडी मिलती थी। ये तय कर दिया है कि इसके तहत एसजीएसटी रिम्बर्समेंट के तौर पर अगले पांच साल तक और मिलेगा। पहले अवधि तय नहीं थी। कुल 10 साल तक लाभ।

-महासू देवता मंदिर का मास्टर प्लान बन रहा है। उसमें प्रभावित होने वालों के विस्थापन की नीति लाई गई है। जिनके पास अपनी जमीन है, उन्हें उस पर मकान बनाने को 10 लाख मिलेंगे। जिनके पास अपनी जमीन नहीं, उन्हें सरकारी जमीन पर बसाया जाएगा।

-सहकारी समितियों में 33% पद महिलाओं के लिए सभापति और सदस्यों के लिए आरक्षित करने को मंजूरी।

-6 व 7 अप्रैल 2024 को परिवार न्यायालय का क्षेत्रीय सम्मेलन हुआ था, जिसमें 1 करोड़ खर्च को मंजूरी।

-खाद्य विश्लेषण शाखा में 13 पद सृजन को मंजूरी।

-चिकित्सा विभाग के तहत एफडीआई में 8 पद आउटसोर्सिंग से भरने को मंजूरी।

 

Uttarakhand: विधानसभा सचिवालय भर्ती मामले में हाईकोर्ट सख्त, सरकार से मांगा जवाब, 16 जुलाई को होगी अगली सुनवाई।

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नैनीताल हाईकोर्ट ने विधानसभा सचिवालय में हुई नियुक्तियों के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद राज्य सरकार और विधानसभा सचिवालय से पूछा है कि पूर्व के आदेश पर क्या कार्यवाही हुई है। मुख्य न्यायाधीश रितु बाहरी एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ ने जवाब पेश करने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया है। मामले की अगली सुनवाई 16 जुलाई को होगी।

हाईकोर्ट ने पूर्व में हुई सुनवाई में राज्य सरकार, विधानसभा सचिवालय को निर्देश दिए थे कि इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कार्यवाही कर शपथपत्र के माध्यम से रिपोर्ट पेश करें लेकिन इसे तय समय में पेश नहीं किया गया है। इस पर राज्य सरकार और सचिवालय ने रिपोर्ट पेश करने के लिए पुनः तीन हफ्ते का समय मांगा।

 
 
यह है मामला 
देहरादून निवासी अभिनव थापर ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर विधानसभा सचिवालय में हुई बैकडोर भर्ती, भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को चुनौती दी गई थी। इसमें कहा गया था कि विधानसभा ने एक जांच समिति बनाकर 2016 के बाद की विधान सभा सचिवालय में हुई भर्तियों को निरस्त कर दिया जबकि उससे पहले की नियुक्तियों को नहीं।

सचिवालय में यह खेल 2000 में राज्य बनने से अब तक होता रहा है। याचिका में कोर्ट से प्रार्थना की गई कि विधानसभा भर्ती में भ्रष्टाचार से नौकरियों को लगाने वाले ताकतवर लोगों के खिलाफ जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में कराई जाए। इन लोगों से सरकारी धन की वसूली कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।

सरकार ने 6 फरवरी 2003 का शासनादेश जिसमें तदर्थ नियुक्ति पर रोक, संविधान का अनुच्छेद 14, 16 व 187 का उल्लंघन है। इसमें हर नागरिक को सरकारी नौकरियों में समान अधिकार व नियमानुसार भर्ती होने का प्रावधान है और उत्तर प्रदेश विधानसभा की 1974 की सेवा नियमावली तथा उत्तराखंड विधानसभा की 2011 नियमावली का उल्लंघन किया है।

पूरे भारत में प्रचंड गर्मी का कहर, अब तक 40 हजार हीट स्ट्रोक के मामले सामने आए; सैकड़ों मौतें हुई दर्ज।

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जलवायु परिवर्तन का असर पूरी दुनिया पर पड़ता दिखाई दे रहा है। कहीं गर्मी तो कहीं बारिश का तांडव देखा जा सकता है। भारत  के कई हिस्सों में गर्मी से कोहराम मचा हुआ है। आए दिन लोगों के मरने की खबर आ रही है। तापमान ने तो सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। अब तक 50 डिग्री के पार जा चुका है। इस बीच अधिकारियों ने बताया कि इस बार गर्मी के मौसम में अबतक 40 हजार से अधिक हीटस्ट्रोक के मामले सामने आ चुके हैं। वहीं प्रचंड गर्मी ने पूरे देश में सौ से ज्यादा जीवन लील लिए। जबकि पूर्वोत्तर के कुछ हिस्से भारी बारिश से बाढ़ से जूझ रहे हैं।

अरबों लोग भीषण गर्मी से जूझ रहे-
वैज्ञानिकों का कहना है कि मानव गतिविधियों की वजह से जलवायु पर खासा असर पड़ रहा है। इसकी वजह से एशिया भर में अरबों लोग भीषण गर्मी से जूझ रहे हैं। उत्तर भारत में तापमान लगभग 50 डिग्री सेल्सियस (122 डिग्री फ़ारेनहाइट) तक चला गया है। जो अब तक की सबसे लंबी गर्मी की लहरों में से एक है।
पक्षी आसमान से गिर रहे-
प्रचंड गर्मी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बेचारे पक्षी आसमान में उड़ने की बजाय धरती पर आकर गिर रहे हैं। अस्पतालों में गर्मी से प्रभावित रोगियों की संख्या बढ़ रही है। लोग जरूरी काम के लिए भी दोपहर में घर से बाहर नहीं जा पा रहे हैं। इन सब की वजह यह भी है कि इस बार मार्च में गर्मी की शुरुआत के बाद से हाल के हफ्तों में दिन और रात दोनों का तापमान चरम पर था।

 वहीं, सबसे ज्यादा परेशानी देश की राजधानी दिल्ली में दर्ज की जा रही है। यहां लोगों को न तो पीने के लिए पर्याप्त पानी और न ही बिजली मिल रही हैं। हालांकि, स्वास्थ्य मंत्रालय ने संघीय और राज्य संस्थानों को मरीजों का तुरंत इलाज करने का आदेश दिया है। जबकि दिल्ली के अस्पतालों को निर्देश दिया गया था कि वे अधिक बिस्तर उपलब्ध कराएं।

इतने लोगों की मौत-
स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि एक मार्च से 18 जून के बीच हीट स्ट्रोक के 40,000 से अधिक संदिग्ध मामले सामने आए और कम से कम 110 लोगों की मौत की पुष्टि हुई। इस दौरान उत्तर-पश्चिम और पूर्वी भारत में सामान्य से दोगुनी संख्या में गर्म हवाएं चलीं।

मौसम विभाग ने इस महीने के लिए भी सामान्य तापमान से अधिक रहने का अनुमान जताया है, क्योंकि अधिकारियों का कहना है कि असंतुलित वृद्धि के कारण भारतीय शहर हीट ट्रैप बन गए हैं।

अवैध खनन रोकने के लिए प्रदेश में लागू होगा सर्विलांस सिस्टम, MDTSS से लैस होंगे 40 चेक गेट लोकेशन।

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देश सरकार अवैध खनन रोकने के लिए सख्त निगरानी तंत्र बनाने जा रही है। इसके लिए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने माइनिंग डिजिटल ट्रांसफार्मेशन एंड सर्विलांस सिस्टम (एमडीटीएसएस) के प्रस्ताव पर अपनी सहमति दे दी है।

खनन पर निगाह रखने के लिए बनाए गए 40 चेक गेट लोकेशन इस सर्विलांस सिस्टम से लैस होंगे। इस पूरे सिस्टम में एएनपीआर कैमरा, बुलेट कैमरा, आरएफआईडी रडार और एलईडी फ्लड लाइट जैसी अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। सरकार का मानना है कि मजबूत सर्विलांस सिस्टम से अवैध खनन रोकने के साथ राजस्व बढ़ाने में मदद मिलेगी।

इस प्रोजेक्ट पर करीब 93 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई व्यय वित्त समिति (ईएफसी) की बैठक में यह प्रस्ताव रखा गया, जिस पर सहमति दे दी गई। बैठक में मुख्य सचिव ने खनन क्षेत्रों में कार्य करने वाले श्रमिकों के कल्याण एवं विकास तथा उनके बच्चों को अच्छी शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।

मिनी कमांड सेंटर होंगे स्थापित-

उन्होंने राज्य में ईंट-भट्ठों में कार्य करने वाले मजदूरों के विकास एवं कल्याण के लिए भी कार्ययोजना बनाने को कहा। कहा, ऐसे मजदूरों के लिए मेडिकल एवं बीमा सुविधाएं सुनिश्चित की जाए। एमडीटीएसएस लागू करने के लिए देहरादून में माइनिंग स्टेट कंट्रोल सेंटर स्थापित होगा। इसके अलावा देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर के जिला मुख्यालयों में भी मिनी कमांड सेंटर स्थापित होंगे।

यह निगरानी तंत्र देहरादून के आठ चेक गेट, हरिद्वार के 13, नैनीताल के 10 और ऊधमसिंह नगर जिले के नौ चेक गेट सहित कुल 40 चेक गेट लोकेशन पर लगाया जाएगा। बैठक में सचिव बृजेश कुमार संत, अपर सचिव डॉ. अहमद इकबाल सहित खनन एवं वित्त विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

खनन से जुड़े हितधारकों से भी लें सहयोग-

खनिजों का गैरकानूनी व अवैध परिवहन, मानकों से अधिक, खनिजों को ले जाने वाले वाहनों ओवर लोडिंग, ट्रांजिट पास में दी गई डिलीवरी की लोकेशन के विपरीत दूसरे स्थान पर डिलीवरी व अन्य कारणों से राजस्व हानि को रोका जाएगा। मुख्य सचिव कहा, यह निरंतर निगरानी व्यवस्था से संभव होगा। उन्होंने खनन से जुड़े सभी हितधारकों से प्रभावी समन्वय कर उनका सहयोग लेने तथा जागरूक करने के भी निर्देश दिए।