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Uttarakhand Weather: नए साल पर जानिए मौसम का हाल, उत्तराखंड में घने कोहरे को लेकर ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी.

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उत्तराखंड में मौसम का मिजाज अचानक बदलने से लोगों को परेशानी होने लगी है। उत्तराखंड के कई जिलों में सुबह ही धूप खिली तो कई कोहरा छाने से अचानक ठंड बढ़ गई। आज हल्द्वानी, रुद्रपुर, रामनगर, बाजपुर में सुबह से ही घना कोहरा छाया हुआ हैं। वहीं, चंपावत, नैनीताल, अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में धूप खिली हुई हैं।  मौसम जानकारों के अनुसार, हल्की धूप के साथ अगले एक हफ्ते तक घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। वहीं राज्य मौसम विज्ञान केंद्र ने मैदानी इलाकों में घने कोहरे को लेकर आरेंज और यलो अलर्ट जारी कर दिया है।

शुक्रवार को हल्द्वानी में सर्दी का पहला घना कोहरा छाने से अचानक ठंड बढ़ गई। अंधेरा होने के बाद कोहरा लगातार घना होता गया। 20 मीटर दृश्यता और 85 प्रतिशत आर्दता मापी गई।

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ आदि पर्वतीय जिलों में  हल्की से हल्की बारिश और बर्फबारी की भी संभावना है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 20 और न्यूनतम 9.4 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं मुक्तेश्वर का 13 और न्यूनतम 4.1 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।

पंतनगर कृषि विवि के मौसम जानकार डॉ. आरके सिंह के अनुसार एक हफ्ते तकघना कोहरा छाया रहने की संभावना है। इधर बारिश नहीं होने से पर्वतीय जिलों में मौसमी फसल पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं। मुख्य कृषि अधिकारी विकेश यादव ने बताया कि असिंचित क्षेत्रों में फसलों को नुकसान होने की संभावना है। इससे गेहूं, दलहन, तिलहन की फसल के उत्पादन पर असर पड़ सकता है। दिसंबर में औसतन चार से पांच एमएम ही बारिश हुई है जो नाकाफी है।

कुमाऊं मंडल में देखा जाए तो 172183 हेक्टेयर में गेहूं, 20598 हेक्टेयर में दलहन और 6788 हेक्टेयर में तिलहन का उत्पादन होता है। संयुक्त निदेशक  कृषि कुमाऊं मंडल पीके सिंह ने बताया कि शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से मंडल के सभी कृषि अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि उन्होंने बताया कि अभी तक नुकसान की सूचना नहीं है। पहाड़ों में ठंड की वजह से अभी खेतों में नमी बनी हुई है

कोहरे में इन बातों का ध्यान रखें-
कोहरा शुरू हो गया ऐसे में वाहन चलाने में समस्या आती और दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। प्रभारी एआरटीओ प्रमोद चौधरी कहते हैं कि कुछ बातों का ध्यान रखें तो दिक्कत से बचा जा सकता है।
  • कोहरे में बेहद अपरिहार्य स्थिति में वाहन चलाएं
  • इंडिकेटर और पार्किंग लाइट को ऑन रखें
  • सड़क के किनाए बाएं वाहन पार्क होते हैं, इस तरफ भी ध्यान रखें
  • अगर वाहन में कोई तकनीकी दिक्कत आ गई है तो चौपहिया वाहन में एक त्रिभुजाकार
  • रिफलेक्टर होता है, उसको वाहन से पीछे की तरफ 20 मीटर रखें, जिससे दूसरे वाहन स्वामी को पता रहे
  • वाहन पर रेडियम पट्टी भी लगाना चाहिए।
कोहरे के कारण बस और ट्रेन हुईं लेट-

मौसम में घने कोहरे के छाने से आम जीवन काफी प्रभावित हो रहा है। इसका मुख्य असर यातायात पर आ रहा है। शुक्रवार को भी बस और ट्रेन अपने स्टेशन पर निर्धारित समय से लेट से पहुंचे। इसके चलते यात्रियों को ठंड में ठिठुरते हुए अपने रूट की गाड़ी का इंतजार करना पड़ा। इस कारण यात्रियों को काफी परेशानी उठानी पड़ी।

कोहरे के कारण को दिल्ली से काठगोदाम को आने वाली रानीखेत एक्सप्रेस और हावड़ा से काठगोदाम तक संचालित होने वाली बाघ एक्सप्रेस ट्रेन अपने निर्धारित समय से एक घंटा देरी से स्टेशन पहुंची। दोनो ट्रेनों के अपने देरी से पहुंचने पर यात्रियों को काफी परेशानी हुई। इधर रोडवेज की भी कुछ ऐसी ही स्थिती रही। यहां भी कोहरे के चलते दिल्ली और पंजाब रूट की बसें एक घंटे देरी से पहुंची। यूपी और पंजाब के मैदानी जिलों में कोहरे के कारण बुरा हाल है। इससे बसे अपने निर्धारित स्टेशन में देरी से पहुंच रही हैं।

Ayodhya: अयोध्या की सड़कों पर मोदी का हुआ अभूतपूर्व स्वागत, PM मोदी बोले- पूरी दुनिया को 22 जनवरी के ऐतिहासिक क्षण का इंतजार.

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राम की नगरी में राम नाम की गूंज है। रामलला की ऐतिहासिक प्राण प्रतिष्ठा से पहले राम नगरी में उत्सव सा माहौल है। तैयारियां जोरों पर हैं। नया नेवाल एयरपोर्ट या रेलवे स्टेशन, सड़कें हों या बस स्टैंड सब संवर रहे हैं और सजाए जा रहे हैं। चौराहों-दीवारों पर देवी-देवताओं की आकृतियां उकेरी जा रही हैं। शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां पहुंचकर 22 जनवरी के ऐतिहासिक पलों से पहले की झलकियां दे दीं।  

प्रधानमंत्री ने अयोध्या के नए एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन का उद्घाटन किया। साथ ही प्रोटोकॉल तोड़कर यहां के निषाद परिवार से मिलकर उन्हें रामलला की प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होने का न्योता भी दिया। मंदिर के उद्घाटन के साथ ही इसमें आम लोग दर्शन के लिए जा सकेंगे। मंदिर बनाते समय इसकी सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन को लेकर अलग ही उमंग अयोध्या वासियों के मन में था। बच्चों हो या बुजुर्ग,  महिलाएं हों या युवतियां, सभी पीएम मोदी की एक झलक पाने को आतुर दिखीं। धर्मपथ से लेकर राम पथ होते हुए अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन पहुंचने के दौरान बच्चे भी जय जय श्री राम के साथ मोदी-मोदी की गूंज करते रहे।
मोदी को देख खिल उठे अयोध्या के जनमानस के चेहरे-

रोड शो में पीएम मोदी के चेहरे पर मुस्कान रही, जिसने समूचे अयोध्यावासियों का दिल जीत लिया। मोदी की मुस्कान पर फिदा अयोध्या में मोदी-मोदी की गूंज सुनाई दी। अयोध्या की सड़कों पर मोदी का यह स्वागत और भी महत्वपूर्ण हो गया, क्योंकि इसके बाद मोदी जब आएंगे तो रामलला को उनके दिव्य-भव्य मंदिर में विराजमान करेंगे। 

लता चौक पर साधु-संतों ने की पुष्पवर्षा –


यूं तो पूरे रोड शो के दौरान पीएम पर जोरदार पुष्प वर्षा हुई, लेकिन लता चौक पर भी साधु-संतों ने पीएम मोदी पर पुष्प वर्षा भी की और उन्होंने आशीर्वाद भी दिया। अयोध्या की नई पहचान बन चुके लता चौक पर भी आम जनमानस की भीड़ ने जोरदार स्वागत किया। यहीं से पीएम अयोध्या रेलवे स्टेशन के लिए मुड़े तो यहां फूलों से बनी गणपति की छवि काफी आकर्षित कर रही थी।  वैसे, आज अयोध्या का श्रृंगार काफी अद्भुत था। जिसने भी देखा, यह श्रृंगार देख मनमोह उठा। रास्ते-रास्ते में बने तोरण द्वार और संत-साधु और आमजन ने अपने मन में भी मोदी को बसा लिया।
पीएम मोदी के स्वागत में लोक कलाकारों ने बांधा समां-

पीएम मोदी के रोड शो के दौरान कुल 50 मंच बनाए गए थे जिसमें 1400 से कलाकारों ने प्रस्तुतियां दी। इसके अतिरिक्त, लता चौक पर एक विशाल मंच बनाया गया था। यहां पीएम मोदी के काफिले पर फ्लावर कैनन से पुष्प वर्षा की गई। वहीं, हवाई अड्डे के गेट नंबर 3 पर तथा हवाई अड्डे और साकेत पेट्रोल पंप के बीच पांच मंचों का संचालन किया गया। धर्म पथ के साथ, कलाकारों ने 26 चरणों पर अपना प्रदर्शन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में शंख वादन और डमरू वादन से सभी को झंकृत कर दिया। वहीं, खजान सिंह और महिपाल ने अपनी टीम के साथ मथुरा, ‘बम रसिया’ के प्रदर्शन के माध्यम से छाप छोड़ी। इसके अतिरिक्त, मथुरा के लोकप्रिय ‘मयूर’ नृत्य ने भी कई मंचों की शोभा बढ़ाई। अयोध्या के कई ख्यात स्थानीय कलाकारों ने भी विभिन्न मंचों पर प्रस्तुतियां दीं। ‘अवधी’, ‘वनटांगिया’ और ‘फरुवाही’ समेत विभिन्न संस्कृतियों की लोक कला प्रस्तुतियों के रंगों से सजी अयोध्या में पलवल (हरियाणा) के ‘बीन-बांसुरी’ डांस और राजस्थान की ‘चकरी’ डांस ने लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

मैं भी आपकी तरह ही उत्सुक हूं: पीएम

सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज पूरी दुनिया उत्सुकता के साथ 22 जनवरी के ऐतिहासिक क्षण का इंतजार कर रही है। ऐसे में आयोध्यावासियों में अति-उत्साह स्वाभाविक है। भारत की मिट्टी के कण-कण और भारत के जन-जन का मैं पुजारी हूं। मैं भी आपकी तरह ही उत्सुक हूं।

 

Uttarakhand Board Exam 2024: उत्तराखंड बोर्ड ने जारी की 10वीं और 12वीं की डेटशीट, जानिए क्या है शेड्यूल.

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Uttarakhand Board Exam 2024: उत्तराखंड बोर्ड की परीक्षाएं 27 फरवरी से शुरू होकर16 मार्च तक आयोजित की जाएंगी।

उत्तराखंड बोर्ड ने कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं का कार्यक्रम जारी कर दिया है। जारी शेड्यूल के अनुसार, उत्तराखंड बोर्ड परीक्षाएं 27 फरवरी से शुरू होकर 16 मार्च तक आयोजित की जाएंगी।

दरअसल, माध्यमिक शिक्षा निदेशालय उत्तराखंड के सभागार में सभापति, उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद रामनगर की अध्यक्षता में साल 2024 के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा कार्यक्रम के निर्धारण के लिए परीक्षा समिति की बैठक हुई। बैठक में परीक्षा समिति की ओर से निर्णय लिया गया कि उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद रामनगर, नैनीताल की ओर से संचालित हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा दिनांक 27 फरवरी 2024 से शुरू होगी, जो 16 मार्च 2024 तक चलेगी।

 

हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा 27 फरवरी से शुरू होंगी-

हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा 27 फरवरी से शुरू होंगी, जो 16 मार्च तक चलेगी। वहीं, प्रैक्टिकल 16 जनवरी 2024 से शुरू होंगे, जो 15 फरवरी के बीच चलेंगे। परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्वक कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं। बैठक में परिषद के सभापति सीमा जौनसारी, सचिव डॉ नीता तिवारी, अपर निदेशक (माध्यमिक शिक्षा) महावीर सिंह बिष्ट  और परीक्षा समिति के सदस्य उपस्थित रहे। 

Uttarakhand: 88 छात्रों को कराया फर्जी पैरामेडिकल कोर्स, कई लोगों को बांटी डिग्री, लाखों में वसूली फीस.

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पैरामेडिकल और मैनेजमेंट का फर्जी डिप्लोमा देने के आरोपी डीपीएमआई काठगोदाम के प्रबंध निदेशक को काठगोदाम पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उसने 88 छात्र-छात्राओं से 88 लाख रुपये फीस वसूली थी जिनमें 58 को डिप्लोमा दिया गया जो फर्जी था।

पुलिस बहुउद्देश्यीय भवन हल्द्वानी में एसएसपी प्रहलाद नारायण मीणा ने फर्जीवाड़े का खुलासा किया। बताया कि 11 अक्टूबर को मुखानी निवासी हिमांशु नेगी पुत्र गोपाल सिंह नेगी ने दिल्ली पैरामेडिकल एंड मेडिकल इंस्टीट्यूट काठगोदाम के एमडी डॉ. प्रकाश सिंह मेहरा और प्रधानाचार्य डा. पल्लवी मेहरा के खिलाफ काठगोदाम थाने में तहरीर दी थी।

कहा था कि 2018 में इंस्टीट्यूट में एडमिशन लिया था तब प्रबंधक ने कहा था कि यह संस्थान दिल्ली पैरामेडिकल एंड मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट की शाखा है। दो साल के कोर्स की फीस एक लाख रुपये ली गई थी। संस्थान में उनके साथ 38 छात्र-छात्राओं ने प्रवेश लिया। कोर्स के बाद सभी मार्कशीट और डिप्लोमा दिया गया। जब एक छात्र ने अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में नौकरी के लिए आवेदन किया तो डिप्लोमा फर्जी बताते हुए आवेदन निरस्त कर दिया गया।
जांच में डीपीएमआई काठगोदाम के संचालक ने बताया कि 2018 में डीपीएमआई दिल्ली से फ्रेंचाइजी ली थी और पूर्वी खेड़ा गौलापार में संस्थान खोला था। 2018 में आठ, 2019 में 37 और 2020 में 21 छात्र-छात्राओं को पैरामेडिकल कोर्स का डिप्लोमा दिया गया था जबकि 2021 के 30 छात्रों को अभी डिप्लोमा नहीं मिला है। उनसे भी फीस वसूल ली गई है।

जब डीपीएमआई दिल्ली जाकर जानकारी मांगी गई तो पता चला कि 2018 में 8 छात्रों को डिप्लोमा दिया गया और 2019 में 37 छात्र-छात्राओं की प्रथम वर्ष की परीक्षा कर मार्कशीट दी गई थी। उसके बाद डीपीएमआई काठगोदाम के संचालक प्रकाश मेहरा ने फीस जमा नहीं की तो डीपीएमआई दिल्ली ने काठगोदाम शाखा को फीस डिफॉल्टर घोषित कर कार्यक्रम बंद कर दिया था। मगर इसके बावजूद 2019 में कोर्स बंद होने पर भी आरोपी छात्र-छात्राओं से लाखों रुपये फीस लेता रहा। मुकदमा दर्ज कर प्रकाश मेहरा को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले में उससे पूछताछ की जा रही है।
हर विद्यार्थी से वसूले 1 लाख रुपये-


पुलिस जांच में कुल 58 छात्र-छात्राओं को फर्जी डिप्लोमा कराने का मामला सामने आया। डिप्लोमा कोर्स के लिए हर छात्र से एक लाख रुपये फीस ली गई। जांच में साल 2019 के 37 और 2020 के 21 छात्र-छात्राओं को फर्जी डिप्लोमा दिए गए थे जिनसे कुल 58 लाख रुपये आरोपी ने वसूले। 2021 के 30 विद्यार्थियों से भी फीस वसूल ली गई।

 

Rajasthan: राजस्थान में किसे और कैसे मिलेगा 450 रुपये में LPG सिलेंडर, पढ़ लें ये सभी जरूरी नियम.

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राजस्थान में भजनलाल शर्मा सरकार ने गरीब परिवारों को 450 रुपये में गैस सिलेंडर देने की घोषणा की है। चुनाव में बीजेपी की ओर से यह वादा किया गया था, जिसे अब सरकार एक जनवरी 2024 से लागू करने की घोषणा की है।

आप को बता दें कि इन परिवारों को गहलोत सरकार 500 रुपये में सिलेंडर दे रही थी। बीजेपी सरकार की नई योजना लागू होने के बाद उन्हें 50 रुपये की और बचत होगी। अन्य परिवारों को सिलेंडर पहले की तरह बाजार मूल्य पर मिलता रहेगा।

बताते चलें, टोंक जिले में बुधवार को विकसित भारत संकल्प यात्रा को संबोधित करते हुए सीएम भजनलाल शर्मा ने सस्ते सिलेंडर वाला वादा पूरा करने का एलान किया। उन्होंने कहा, राजस्थान की जनता ने पीएम नरेंद्र मोदी की ओर से महिलाओं, युवाओं, किसानों और गरीबों के लिए दी गई गारंटी में अपना विश्वास जाहिर किया है। 

 

सीएम भजनलाल ने कहा कि उनकी सरकार पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों के अनुरूप अंत्योदय के लिए प्रतिबद्ध है और जनता से घोषण पत्र में किए गए सभी वादों को पूरा किया जाएगा, जिसकी प्रक्रिया शुरू हो गई है। आइए हम आपको बताते हैं कि 450 रुपये में सिलेंडर किसे और कैसे मिलेगा।

  • रसोई गैस सिलेंडर सब्सिडी योजना के तहत उन लोगों को 450 रुपये में सिलेंडर मिलेगा, जिन्होंने प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत कनेक्शन लिया है।
  • इसके अलावा चुनिंदा बीपीएल परिवारों को भी इसका लाभ मिलेगा।
  • एक पात्र परिवार को साल में 12 सिलेंडर पर सब्सिडी मिलेगी।
  • सिलेंडर की संख्या ज्यादा हुई तो बाजार मूल्य चुकाना होगा।
  • सिलेंडर लेते समय बाजार मूल्य चुकाना होगा, बाद में सब्सिडी अकाउंट में आएगी।
  • मान लीजिए बाजार मूल्य 900 रुपये है तो आपको सिलेंडर लेते समय पूरे पैसे देने होंगे, बाद में आपके अकाउंट में 450 रुपये सब्सिडी के रूप में जमा कर दिए जाएंगे।

Uttarakhand: गढ़वाल के बाद अब 15 को कुमाऊं में होगी मूल निवास स्वाभिमान महारैली, जुटेंगे हजारों लोग.

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उत्तराखंड मूल निवास स्वाभिमान महारैली को देहरादून में मिले अपार समर्थन के बाद अब बागेश्वर में उत्तरायणी कौथिग के दिन 15 जनवरी को राज्यभर से हजारों लोग जुटेंगे। कचहरी स्थित शहीद स्मारक में हुई मूल निवास और भू-कानून समन्वय संघर्ष समिति की बैठक में निर्णय लिया गया कि जनवरी के अंतिम सप्ताह में हल्द्वानी में भी मूल निवास स्वाभिमान महारैली निकाली जाएगी। मूल निवास और भू-कानून समन्वय संघर्ष समिति ने अपने आगामी कार्यक्रमों की घोषणा की। समिति ने बताया, बहुत जल्द प्रदेशभर में व्यापक जन जागरूकता अभियान शुरू किया जाएगा।

समिति के संयोजक मोहित डिमरी ने बताया, प्रदेश में मूल निवास की सीमा 1950 और सशक्त भू-कानून लागू करने को लेकर चल रहे आंदोलन को प्रदेशभर में ले जाया जाएगा। समिति चरणबद्ध तरीके से कई कार्यक्रम करेगी, इसके बाद मकर संक्रांति पर समिति के सदस्य प्रदेश के तमाम संगमों और घाटों पर जाकर देव डोलियों का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे और लोगों से संवाद करेंगे।

इसके बाद उत्तरायणी के दिन बागेश्वर के ऐतिहासिक सरयू बगड़ में होने वाले मेले में हजारों की संख्या में लोग जुटेंगे। कौथिग (मेले) में बताया जाएगा कि किस तरह से हम अपनी सांस्कृतिक पहचान खो रहे हैं। बताया, अगले माह के अंतिम सप्ताह में हल्द्वानी में रैली करने पर भी सहमति बनी है।

सरकार कर रही आंदोलन को तोड़ने की साजिश-

मूल निवास और भू-कानून समन्वय संघर्ष समिति के संयोजक मोहित डिमरी बताते हैं कि सरकार की ओर से आंदोलन को तोड़ने की साजिश की जा रही है। पूर्व में महारैली के एलान के बाद इस तरह का प्रयास हुआ था। हो सकता है कि अब कोविड का बहाना बनाकर फिर से ऐसा कुछ किया जा सकता है। हम आंदोलन जारी रखेंगे। समिति का मूल निवास और सशक्त भू-कानून के अलावा कोई अन्य उद्देश्य नहीं है। हम न चुनाव लड़ेंगे न ही लड़वाएंगे। हम चुनाव में न किसी के पक्ष की बात करेंगे न ही विरोध में।

https://youtu.be/GhZsXKydvA4

Uttarakhand: यमुनोत्री क्षेत्र में भोजपत्र के जंगलों पर संकट, ध्यान नहीं दिया तो हो सकते हैं विलुप्त.

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यमुनोत्री क्षेत्र में भूस्खलन और यमुना नदी के कटाव से बेशकीमती भोजपत्र के जंगल पर खतरा मंडरा रहा है। गढ़वाल के साथ ही कुमाऊं के आदि कैलाश को जाने वाले मार्ग पर भी इसके जंगल हैं लेकिन जलवायु परिवर्तन, सड़कों के निर्माण व यात्रा मार्ग में जाने वाले पर्यटकों द्वारा इसे पहुंचाए जाने वाले नुकसान एवं मलबे के चलते इसका अस्तित्व संकट में पड़ रहा है।भोजपत्र के पेड़ों के संरक्षण व संवर्द्धन के लिए शीघ्र पहल नहीं की गई तो यह विलुप्ति की कगार पर पहुंच जाएंगे। समुद्रतल से करीब चार हजार मीटर ऊंचाई पर पाए जाने वाले भोजपत्र का जंगल यमुनोत्री धाम से लगे गरुड़ गंगा के दाईं ओर फैला है।

 

2012 में जब यमुना नदी में बाढ़ आई थी, तब भी भू-कटाव से जंगल को काफी नुकसान पहुंचा था। हनुमान चट्टी डोडीताल ट्रैक रूट पर भी भोजपत्र के पेड़ों को हानि पहुंची थी। बावजूद इसके भोजपत्र के जंगलों के संरक्षण व संवर्धन के लिए कोई ठोस योजना नहीं बन पाई। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि भोजपत्र के जंगलों को आपदा और उच्च हिमालयी क्षेत्रों में भू-कटाव के कारण बहुत नुकसान पहुंचा लेकिन संरक्षण के लिए योजना नहीं बनी। उन्होंने शासन-प्रशासन से भोजपत्र के जंगलों के संरक्षण के लिए योजना बनाने की मांग की है। 
पूर्व प्रधानमंत्री को भोजपत्र पर भेंट किया गया अभिनंदन पत्र-
1985 में जब पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी पहली बार उत्तराखंड भ्रमण पर आए थे तो उस वक्त भाजपा नेता व चकबंदी के प्रेरणास्रोत स्व. राजेंद्र सिंह रावत ने उन्हें भोजपत्र पर लिखा अभिनंदन पत्र भेंट किया था।

उत्तराखंड के इतिहास में पहली बार हो रही है शीतकालीन चार धाम यात्रा, जानिए कब और कैसे शुरू होगी ये यात्रा।

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पूरी दुनिया जब क्रिसमस और न्यू ईयर के जश्न में डूब रही होगी, तब देवभूमि उत्तराखंड में पहली बार ऐतिहासिक शीतकालीन यात्रा की शुरूआत होगी। आमतौर पर चारधाम यात्रा की शुरूआत उत्तराखंड में गर्मियों में होती है, लेकिन पहली बार शीतकालीन यात्रा पोस्ट मास में शुरू होने वाली है। यात्रा की शुरूआत जगतगुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद करेंगे। शंकराचार्य के प्रतिनिधियों ने रविवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की। सीएम धामी ने चारधाम यात्रा के लिए शुभकामनाएं दी हैं।

7 दिन की शीतकालीन तीर्थ यात्रा की शुरुआत 27 दिसंबर से होगी। समापन 2 जनवरी को हरिद्वार में होगा। यात्रा के आमंत्रण के लिए ज्योतिर्मठ का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री धामी से मिला और यात्रा का आमंत्रण पत्र दिया।उत्तराखंड में चारधाम यात्रा 6 माह की अवधि की होती है,,ठंड और बर्फबारी के साथ ही ये यात्रा शीतकाल के लिए बंद कर दी जाती है लेकिन अब उत्तराखंड में शीतकालीन चारधाम यात्रा की भी शुरुआत होने जा रही है, यानी साल के 12 महीने अब ये यात्रा हो पायेगी नए साल के अवसर पर अगर आप भी चारों धाम  के दर्शन करना चाहते हैं, तो ये बिल्कुल संभव है.

 

ज्योतिर्पीठ के जगतगुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती द्वारा शीतकालीन चारधाम यात्रा शुरू की जा रही है. आमतौर पर चारधाम यात्रा की शुरुआत उत्तराखंड में गर्मियों में होती है. यह यात्रा 6 माह तक यानी दीपावली के आसपास तक चलती है, लेकिन पहली बार शीतकालीन यात्रा पौष मास में शुरू होने जा रही है।

जानिए क्या कहा अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने- 

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि इस बार शीतकाल के दौरान चारों धामों की यात्रा कर वह उस  धारणा को समाप्त करना चाहते हैं  कि  सिर्फ 6 महीने ही चार धाम की पूजा हो सकती है वह लोगों को यह समझाने का प्रयास करेंगे कि शीतकाल में भी चार धाम की पूजा वैकल्पिक स्थान पर की जाती है, यहां दर्शन करने पर भी वही पुण्य मिलता है, जो मूल स्थान पर मिलता है उन्होंने कहा कि इससे चारों धामों में आस्था रखने वाले साल भर दर्शन के लिए उत्तराखंड पहुंच सकते हैं साथ ही स्थानीय लोगों और सरकार को इसका आर्थिक रूप से फायदा भी  मिलेगा।

कोई शंकराचार्य इतिहास में पहली बार कर रहे ऐसी यात्रा-

इतिहास में पहली बार कोई शंकराचार्य ऐसी यात्रा कर रहे हैं। आम धारणा है कि शीतकाल के 6 माह तक उत्तराखंड के चार धामों की बागडोर देवताओं को सौंप दी जाती है और उन स्थानों पर प्रतिष्ठित चल मूर्तियों को पूजन स्थलों में विधि विधान से विराजमान कर दिया जाता है। इन स्थानों पर 6 महीने तक पूजा पाठ पारंपरिक पुजारी ही करते हैं, लेकिन लोगों में धारणा रहती है कि अब 6 महीने के लिए पट बंद हुए तो देवताओं के दर्शन भी दुर्लभ होंगे। ये प्रयास अगर सफल होता है तो निश्चित रूप से उत्तराखंड में पर्यटन को पंख लग सकते हैं और केवल चार धाम यात्रा ही नहीं बल्कि प्रदेश की आर्थिकी के लिए भी एक अच्छा कदम साबित हो सकता है।

Maharashtra: फिर से गरमा रहा मराठा आरक्षण, ’10 लाख वाहन होंगे मुंबई के लिए रवाना’, आंदोलन की रणनीति पर बोले मनोज जरांगे.

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मराठा आरक्षण को लेकर महाराष्ट्र में रार थमने का नाम नहीं ले रही है। सामाजिक कार्यकर्ता मनोज जरांगे लगातार मराठा आरक्षण की मांग को लेकर लड़ाई लड़ रहे हैं। महाराष्ट्र सरकार को 24 दिसंबर तक का अल्टीमेटम दिए जाने के बाद मनोज जरांगे ने अपने अगले कदम को सार्वजनिक कर दिया है। उन्होंने कहा कि 20 जनवरी से मुंबई के आजाद मैदान में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करेंगे।

पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि मनोज जरांगे ने कहा कि आंदोलनकारियों के लिए जरूरी सामान लेकर करीब दस लाख वाहन 20 जनवरी को मुंबई के लिए रवाना होंगे। जरांगे ने घोषणा कि 20 जनवरी से मुंबई में मराठा समुदाय के लिए आरक्षण को लेकर फिर से भूख हड़ताल शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि लगभग दस लाख वाहन मुंबई के लिए रवाना होंगे। आसपास के जिलों के लोग अंतरवाली सरती आएंगे। जिसके बाद लोगों मुंबई की ओर पैदल चलना शुरू करेंगे।

आजाद मैदान में शुरू करूंगा भूख हड़ताल: जरांगे

जरांगे ने कहा, मैं 20 जनवरी से मुंबई के आजाद मैदान में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करूंगा। मराठों को दबाना मुश्किल है। हम समुदाय के लिए आरक्षण हासिल किए बिना वापस नहीं लौटेंगे। आरक्षण कार्यकर्ता ने कहा कि वह जालना जिले के अंतरवाली स्थित अपने गांव से पैदल ही रवाना होंगे और मुंबई पहुंचेंगे, इस दौरान समुदाय के सदस्य भी उनके साथ शामिल होंगे। जरांगे ने मराठा समुदाय के लिए आरक्षण की अपनी मांग को पूरा करने के लिए राज्य सरकार को 24 दिसंबर तक का समय दिया था।

 

बता दें कुछ दिनों पहले विधानसभा सत्र के दौरान सदन में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा था कि जरूरत पड़ी तो फरवरी में विशेष सत्र बुलाएंगे। मैं सभी मराठा समुदाय को आश्वासन देता हूं कि उनके साथ कोई अन्याय नहीं किया जाएगा। हम उनके लिए हरसंभव सहायता के लिए आगे हैं। जिसके बाद मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने कहा था कि हम फरवरी तक का इतंजार नहीं करेंगे। अगर राज्य सरकार इस मुद्दे पर विफल रहती है तो निश्चित ही हमारा विरोध प्रदर्शन फिर से शुरू हो जाएगा।

UKPSC: ग्रेजुएट युवाओं के लिए आयोग ने 2 साल में निकाली केवल तीन भर्तियां, नौकरी के लिए युवा परेशान.

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प्रदेश में बीए, बीएससी, बीकॉम जैसे परंपरागत ग्रेजुएशन कोर्स करने वाले युवाओं के लिए भर्तियों की भारी कमी हो गई है। हालात ये हैं कि पिछले साल राज्य लोक सेवा आयोग ने केवल एक भर्ती निकाली थी और इस साल दो। हर साल 15 हजार से ज्यादा सामान्य ग्रेजुएट पासआउट होते हैं और इन तीन भर्तियों में केवल 785 पद थे।

युवाओं का कहना है कि दूसरे राज्यों के मुकाबले उत्तराखंड का राज्य लोक सेवा आयोग इस मामले में काफी पीछे चल रहा है। इंतजार में उनकी उम्र निकलती जा रही है। आयोग ने पिछले दो साल में वैसे तो बहुत भर्तियां निकाली हैं, जिनमें समूह-ख व समूह-ग के भर्तियां शामिल हैं। सेनिटरी इंस्पेक्टर, एई भर्ती, जेईभर्ती, आईटीआई प्रिंसिपल, लेक्चरर, जियोलॉजिकल माइनिंग, मैनेजमेंट ऑफिसर, वेटरनरी ऑफिसर आदि भर्तियां ऐसी निकाली, जिनमें केवल संबंधित विषय में विशेष योग्यता वाले युवा ही शामिल हो सकते थे।

इसी प्रकार आयोग ने फॉरेस्ट गार्ड, कनिष्ठ सहायक की जो भर्ती निकाली वह 12वीं के स्तर की है। यह सामान्य ग्रेजुएशन पास युवाओं के लिए नहीं है। राज्य के इन युवाओं के लिए न तो पीसीएस, लोअर पीसीएस जैसी भर्तियां निकल पाईं और न ही फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर, सब इंस्पेक्टर, अपर निजी सचिव भर्ती का इंतजार खत्म हो पाया है। 

युवाओं का कहना है कि इसी इंतजार में वह आयु सीमा से बाहर होते जा रहे हैं। वहीं, आयोग का तर्क है कि जो भी अधियाचन (प्रस्ताव) संबंधित विभागों से आ रहे हैं, उनकी भर्तियां सही समय पर निकाली जा रही हैं। जो अधियाचन किसी कमी की वजह से लौटाए गए थे, वह अभी तक वापस नहीं आए हैं।

कहा, अब नए साल में इन ग्रेजुएट युवाओं के लिए कुछ भर्तियां निकलने की उम्मीद जग रही है। खास बात ये भी है कि आयोग ने सालभर में पांच बार एग्जाम कैलेंडर जारी किया है। हर कैलेंडर में कई नई भर्तियों का वादा हुआ तो कई पुरानी गायब हो गईं।

ये 3 भर्तियां निकली-

पटवारी लेखपाल भर्ती : 563 पदों के लिए पिछले साल 14 अक्तूबर को भर्ती का विज्ञापन जारी किया गया था।
अधिशासी अधिकारी एवं कर व राजस्व निरीक्षक भर्ती : 85 पदों के लिए आयोग ने इस साल 28 अगस्त को विज्ञापन जारी किया था। प्रक्रिया चल रही है।

समीक्षा अधिकारी-सहायक समीक्षा अधिकारी परीक्षा : 137 पदों के लिए आयोग ने ये भर्ती इस साल आठ सितंबर को निकाली थी। इसकी प्रक्रिया भी गतिमान है।