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Uttrakahand : भाजपा संगठन में बड़े बदलाव की आहट, चुनाव के दौरान विवादित चेहरे फ्रंट में नहीं चाहती पार्टी

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प्रदेश भाजपा संगठन में बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। राष्ट्रीय स्तर पर नए कार्यकारी अध्यक्ष की ताजपोशी के बाद अब राज्य स्तर पर परिवर्तन की आहट तेज हो गई है। माना जा रहा है कि पार्टी ऐसे चेहरों से परहेज करेगी, जिन्हें लेकर आमजन में धारणा ठीक नहीं है।

 

संगठन चाहेगा कि चुनाव के दौरान विवादित चेहरे फ्रंट में न दिखें। इनके बजाए बेदाग, साफ-सुथरी छवि और लोकप्रिय चेहरों को संगठन आगे बढ़ाएगा। उत्तराखंड में नौ साल से सत्ता पर काबिज भारतीय जनता पार्टी लगातार तीसरी जीत का ताना-बाना बुनने में जुट गई है। सभी सात मोर्चों के अध्यक्ष के साथ ही उनकी टीमें घोषित करने के बाद संगठन खुद को किसी भी मोर्चे पर कमजोर नहीं दिखाना चाहता।

ऐसे चेहरों को संगठन अब बदलने की कवायद में लग गया है, जो नेता हाल फिलहाल या पहले विवादों में रहे हैं। राष्ट्रीय नेतृत्व नहीं चाहता कि चुनाव के दौरान विवादित चेहरे फ्रंट पर दिखें। इसी कड़ी में बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। इस फेरबदल में राष्ट्रीय नेतृत्व की भांति राज्य में भी युवाओं को तवज्जो दी जाएगी।

हाल फिलहाल में संगठन ने जो भी नए बदलाव लागू किए हैं, उनमें युवाओं को प्रमुखता दी है। ऐसे में एकबार फिर दूसरी पांत के नेताओं को आगे बढ़ाकर संगठन जहां युवाओं और नव मतदाताओं को जोड़ने पर फोकस करेगा, वहीं भविष्य की एक लाइन भी तैयार होगी।

बीएलए नियुक्ति में भाजपा-कांग्रेस ने शुरू की कसरत, सभी दलों ने अब तक तैनात किए हैं 8700

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प्रदेश में हर बूथ पर एक बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) नियुक्त करने के मामले में मुख्य राजनीतिक दलों भाजपा-कांग्रेस ने कसरत तो शुरू की है लेकिन अभी और उत्साह दिखाने की दरकार है। अब तक 11,700 बूथों के सापेक्ष केवल 8700 बीएलए बन पाए हैं।प्रदेश में जल्द ही चुनाव आयोग का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) शुरू हो सकता है। इससे पहले आयोग ने सभी राजनीतिक दलों को बीएलए-1 और बीएलए-2 की तैनाती को कहा था। हर विधानसभा में एक बीएलए के हिसाब से सभी राजनीतिक दलों ने अपने बीएलए-1 तो नियुक्त कर दिए थे लेकिन हर मतदान केंद्र के एक बीएलए की नियुक्ति प्रक्रिया में कामकाज थोड़ा ढीला है।

 

राजनीतिक दलों से लगातार पूरे बीएलए तैनात करने की अपील की जा रही
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक, हर राजनीतिक दल को 11,700 बूथों के हिसाब से 11,700 बीएलए-2 तैनात करने हैं। इसके सापेक्ष भाजपा ने अब तक 5300 और कांग्रेस ने 3200 बीएलए-2 नियुक्त किए हैं। 200 बीएलए बाकी चार पंजीकृत राजनीतिक दलों ने तैनात किए हैं। कुल छह पंजीकृत दलों के हिसाब से कुल बीएलए-2 की संख्या 70,200 होनी चाहिए, जिसके सापेक्ष कुल 8,700 बीएलए ही नियुक्त किए जा सके हैं।

 

सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने कहा कि भविष्य में होने वाले एसआईआर में ये बीएलए अहम भूमिका निभा सकेंगे। अपने पोलिंग स्टेशन के मतदाताओं का एसआईआर में शामिल होना सुनिश्चित कर सकेंगे। कहा कि जो बीएलए अभी नियुक्त हो जाएंगे, उनके नाम बाद में बदले भी जा सकते हैं। राजनीतिक दलों से लगातार पूरे बीएलए तैनात करने की अपील की जा रही है।

हमने 5300 बीएलए तैनात कर दिए हैं। बाकी का चिह्निकरण पूरा होने के बाद बीएलए फॉर्म भरा जा रहा है। जल्द ही हम सभी 11,700 मतदान केंद्रों के लिए अपने बीएलए की तैनाती कर देंगे। -कुंदन सिंह परिहार, प्रदेश महामंत्री, भाजपा

 

बीएलए तैनाती की प्रक्रिया चल रही है। हमने 3200 से ज्यादा नियुक्त किए हैं लेकिन फॉर्म भरने की प्रक्रिया के कारण डाटा अपडेट नहीं है। मैंने संबंधित जिम्मेदारों को इस संबंध में तेजी से कार्रवाई को कहा है। -गणेश गोदियाल, प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस

मुख्यमंत्री ने अंकिता भंडारी हत्या की सीबीआई जांच की संस्तुति की

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वर्गीय अंकिता भंडारी के माता–पिता की अनुरोध व उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए अंकिता भंडारी प्रकरण की CBI जांच कराए जाने की संस्तुति प्रदान की है ।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य शुरू से अंत तक निष्पक्ष, पारदर्शी और संवेदनशील तरीके से न्याय सुनिश्चित करना रहा है और आगे भी रहेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय बहन अंकिता भंडारी के साथ हुई इस अत्यंत दुखद एवं हृदयविदारक घटना की जानकारी मिलते ही राज्य सरकार ने बिना किसी विलंब के पूर्ण संवेदनशीलता और निष्पक्षता के साथ कार्रवाई की। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एक महिला आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रकरण से जुड़े सभी अभियुक्तों को शीघ्र गिरफ्तार किया गया तथा राज्य सरकार की ओर से प्रभावी एवं सशक्त पैरवी सुनिश्चित की गई, जिसका परिणाम यह रहा कि विवेचना और ट्रायल के दौरान किसी भी अभियुक्त को जमानत नहीं मिल सकी। SIT द्वारा गहन विवेचना के पश्चात अभियुक्तों के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल की गई और निचली अदालत द्वारा सुनवाई पूर्ण होने पर अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह पूरे प्रकरण में इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि राज्य सरकार ने आरंभ से लेकर अंत तक निष्पक्षता, पारदर्शिता और दृढ़ता के साथ न्याय सुनिश्चित किया है। साथ ही, हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही कुछ ऑडियो क्लिप्स के संबंध में भी अलग–अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं, जिन पर जांच की प्रक्रिया निरंतर जारी है।

मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि सरकार की मंशा पूरी तरह स्पष्ट है और किसी भी तथ्य या साक्ष्य की अनदेखी नहीं की जाएगी। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि अंकिता केवल एक पीड़िता नहीं थी, बल्कि वह हमारी भी बहन और बेटी थी।

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि हाल ही में उन्होंने स्वयं स्वर्गीय अंकिता भंडारी के माता–पिता से मुलाकात की, जिसमें बातचीत के दौरान उन्होंने मामले की CBI जांच कराए जाने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय अंकिता के माता–पिता के इस अनुरोध और उनकी भावनाओं का पूर्ण सम्मान करते हुए राज्य सरकार ने इस प्रकरण की CBI से जांच कराने का निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुनः दोहराया कि राज्य सरकार पहले भी न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध रही है और आगे भी पूरी दृढ़ता एवं संवेदनशीलता के साथ स्वर्गीय बहन अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए संकल्पबद्ध रहेगी।

अंकिता मर्डर केस में पहली बार बोले दो भाजपा नेता,  कहा, सीबीआई जांच जरूरी,

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र्मिला-सुरेश-आरती के अंदरूनी विवाद से जनित कथित वीआईपी विवाद में पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत और पूर्व विधायक विजया बड़थ्वाल ने भी चुप्पी तोड़ दी है।इन दोनों भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के बयान के बाद इस मुद्दे पर पार्टी के मतभेद भी सामने आ गए हैं। उधर, वीआईपी कांड को लेकर भाजपा हाईकमान में भी गम्भीर हलचल देखी जा रही है। निकट भविष्य में प्रदेश संगठन में बड़े बदलाव की उम्मीद भी बनने लगी है।

 

क्या कहा पूर्व सीएम त्रिवेंद्र ने

विजया बड़थ्वाल के बाद पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पत्रकारों से बातचीत में मामले को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि यह महिलाओं से जुड़ा हुआ विषय है, जो समाज के 50 प्रतिशत हिस्से का प्रतिनिधित्व करती हैं। त्रिवेंद्र रावत ने कहा कि यह मामला इस समय न्यायालय के विचाराधीन है । इसलिए सरकार कोई निर्णय नहीं ले सकती ।साथ ही यह भी जोड़ा कि इसकी गहराई से जांच की आवश्यकता है। पूर्व सीएम ने कहा कि इस तरह के गलत काम करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाना चाहिए। चाहे वह उनका अपना बच्चा हो या भाई, कानून सभी के लिए समान होना चाहिए और दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं समाज की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं और समाज पर धब्बा लगाने का काम करती हैं। त्रिवेंद्र सिंह रावत ने यह भी कहा कि जब यह घटना हुई थी, तब उन्हें व्यक्तिगत रूप से भी गहरा दुख और तकलीफ हुई.

 

इधऱ, यमकेश्वर से पूर्व विधायक विजया बड़थ्वाल ने तो तीखा लिखित बयान जारी कर कांग्रेस की तर्ज पर सीबीआई जांच की मांग कर डाली। यही नहीं, उन्होंने यह भी कह दिया कि न्याय होना ही पर्याप्त नहीं है। न्याय दिखना भी चाहिए।
उन्होंने कहा कि हम किसी भी पार्टी के हो सकते हैं, परंतु हमारी बेटियों की प्रतिष्ठा, सम्मान और अस्मिता की रक्षा हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। महादेव की इस पवित्र भूमि पर यदि हमारी बेटियाँ सुरक्षित नहीं हैं, तो इस राज्य को संभालने का क्या अर्थ बचता है?

हम अपनी बेटियों की सुरक्षा के लिए किसी भी समझौते को स्वीकार नहीं कर सकते। यह सिर्फ एक मामला नहीं, बल्कि हमारी सामाजिक ज़िम्मेदारियों और नैतिक मूल्यों का प्रश्न है। गौरतलब है कि जिस वनन्तरा रिसॉर्ट में अंकिता  नौकरी करती थी। वह यमकेश्वर विधानसभा में आता है। और यहां से मौजूदा भाजपा विधायक रेनू बिष्ट और उमरेला कि पूर्व जिला पंचायत सदस्य आरती गौड़ पर वनन्तरा रिसॉर्ट में बुलडोजर चलाने का आरोप सुर्खियों में है। इस बीच, सालों से मौन साधे रही पूर्व विधायक विजया बड़थ्वाल के झकझोरने वाले बयान के बाद भाजपा की चिंता की लकीरें बढ़ गयी है।

विजया बड़थ्वाल व त्रिवेंद्र के बयान के बाद भाजपा के अंदर राजनीतिक हलचल तेज हो गयी है। प्रदेश भाजपाध्यक्ष महेंद्र भट्ट उर्मिला सनावर पर दिए गए बयान के बाद स्वंय घिर गए है।

 

उर्मिला मेरी पत्नी नहीं

इस मुद्दे पर भाजपा से निष्कासित सुरेश राठौर ने एक बार फिर प्रेस कांफ्रेंस कर उर्मिला सनावर की नीयत पर सवाल उठाए। कहा कि वो मेरे परिवार को बर्बाद कर रही है। चारित्रिक हनन कर रही है। मैंने फैक्ट्री बेच उर्मिला को 50 लाख रुपए दिए । वह ब्लैकमेल कर रही है। मुझे पति भी कहती है और कालनेमि भी।
राठौर यह कहने से भी नहीं चूके कि उन्होंने भाजपा को खून पसीने से सींचा।
राठौर ने कहा कि उर्मिला मेरी पत्नी नहीं है। सोशल मीडिया में कहने के बजाय उर्मिला को फैमिली कोर्ट जाना चाहिए।

उर्मिला -सुरेश

इस मामले में उक्रांद, महिला मंच, मूल निवास भू कानून समिति समेत अन्य संगठनों ने भी मोर्चा खोल दिया है। हरिद्वार जिले में ही भाजपा से जुड़े मोर्चा के नेता अंकित बहुखंडी के नेतृत्व में वीआईपी का पुतला दहन भी किया गया। बहुखंडी ने कहा कि अंकिता हत्याकांड के दोषियों को सजा मिलनी चाहिए। इससे पूर्व,मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस प्रदेशव्यापी प्रदर्शन के तहत पुतला दहन कर चुकी है। सोशल मीडिया में कई आम लोग भी बयान जारी कर सुरेश-उर्मिला-आरती के ऑडियो की जांच की मांग कर रहे हैं।

 

Uttarakhand Cabinet: कैशलैस इलाज के लिए बढ़ेगा अशंदान, कैबिनेट में आए 11 प्रस्ताव, इन पर लगी मुहर.

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उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक आज संपन्न हुई। इस दौरान बैठक में 11 प्रस्ताव पर मुहर लगी। वहीं, उपनल कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन का मामला मंत्रिमंडल उपसमिति को सौंपा गया है।

ये फैसले हुए-

वित्त: नेचुरल गैस पर वैट की दर 20 से घटाकर 5% करने पर के प्रस्ताव पर मुहर।

कृषि:धराली व आसपास के आपदाग्रस्त क्षेत्र में रॉयल डिलिशियस सेब का 51रुपये, दूसरे रेड डेलिशियस सेब का 45 रुपये प्रति किलो मुल्य।

संस्कृति:  कलाकार व लेखकों को मासिक पेंशन 3000 से बढ़ाकर 6000 रुपये करने का निर्णय लिया गया।

आवास: इज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत केंद्र के निर्देश के तहत निम्न जोखिम वाले भवन या छोटे व्यावसायिक भवन को एम्पनल्ड आर्किटेक्ट द्वारा नक्शा पास करा सकते हैं। पहले ये विचलन से आया था, आज कैबिनेट ने मुहर लगाई है।

औद्योगिक विकास: ग्राउंड कवरेज एमएसएमई यूनिट और इंडस्ट्री यूनिट का बढ़ाया गया। बांस एवं रेशा विकास परिषद के ढांचे में परिवर्तन किया गया है। तकनीकी प्रकृति के स्टाफ को उपनल के बजाय आउटसोर्सिंग से रखने की व्यवस्था। 13 पदों को कॉन्ट्रैक्ट या आउटसोर्सिंग से होंगे।

  • आयुष्मान और अटल आयुष्मान 100% इन्श्योरेंस मोड में संचालित होगा। गोल्डन कार्ड हाइब्रिड मोङ में चलेगा। पांच लाख से कम के क्लेम इन्श्योरेंस से भुगतान होगा। पांच लाख से यूजर वाले क्लेम ट्रस्ट मोड से मिलेंगे। महंगाई दर के हिसाब से कर्मचारियों से लिये जाने वाला अंशदान करीब 250 रुपये से 450 रुपये तक बढ़ेगा।
  • सिंचाई व लोक निर्माण विभाग के वर्क चार्ज एम्प्लाइज को पेंशन मिलेगी।
  • उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा सेवा संशोधन नियमावली को मंजूरी। प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर की उम्र 50 से बढ़ाकर 62 वर्ष, सुपर स्पेशलिटी सर्विसेज के लिए भी विभाग बनाये गए हैं। स्वामी राम कैंसर इंस्टीट्यूट हल्द्वानी के लिए 4 पदों के सृजन को मंजूरी।
  • श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में समान कार्य, समान वेतन मामला…277 कर्मचारियों को मिलना है लाभ। कैबिनेट उपसमिति को भेजा गया।
  •  दुर्गम व अति दुर्गम इलाकों में काम करने वाले विशेषज्ञ डॉक्टरों को 50% अतिरिक्त भत्ता मिलेगा। करीब 300 डॉक्टरों को मिलेगा लाभ।

SIR: 22 साल में दोगुने हुए मतदाता… छंटनी के लिए प्री एसआईआर, यहां बढ़े सबसे ज्यादा मतदाता; देखें आंकड़े.

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पिछले 22 साल में मतदाताओं की संख्या देहरादून जिले में आठ लाख से लगभग 16 लाख हो गई है। इसमें सबसे ज्यादा मतदाता नगर निगम देहरादून में बढ़े हैं। इन बढ़े मतदाताओं की कुंडली खंगालने की तैयारी शुरू हो गई है।

फिलहाल बीएलओ ने प्री एसआईआर शुरू कर दिया है। 2003 की मतदाता सूची को इसका आधार बनाया जा रहा है। इसी महीने के अंत तक प्री एसआईआर पूरा करना है ताकि मुख्य एसआईआर के आदेश आएं और उस काम को पूरी गुणवत्ता और समयसीमा में पूरा किया जा सके।

विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) देश के 12 राज्यों में चल रहा है और जल्द ही उत्तराखंड में भी शुरू होने वाला है। इसी कड़ी में प्रशासन ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं।

रोजाना 30 मतदाताओं का मिलान-
बीएलओ प्री एसआईआर के तहत घर-घर जाकर रोजाना 30 मतदाताओं का मिलान कर रहे हैं। मुख्य एसआईआर में राजनीतिक दलों के एजेंटों को भरोसे में लेने के साथ ही उनकी मदद ली जाएगी ताकि एसआईआर निष्पक्ष हो और किसी प्रकार के आरोप न लगें।
वर्तमान मतदाता सूची के साथ होगा मिलान-
सुपरवाइजर से लेकर बीएलओ कार्य में जुट गए हैं। बीएलओ की ओर से 2003 और 2005 की मतदाता सूची के बीच नामों में अंतर को खोजा जाएगा और उसके कारण की समीक्षा की जाएगी। वर्तमान मतदाता सूची के साथ मिलान भी किया जाएगा।
दून में बढ़े सबसे ज्यादा मतदाता-
जिले में सबसे ज्यादा विस्तार देहरादून नगर निगम का हुआ। 2003 में यहां मात्र 45 वार्ड थे। अनुमानित मतदाताओं की संख्या उस समय करीब दो-ढाई लाख रही। उसके बाद शहर का तेजी से विकास हुआ। 45 वार्ड से आज नगर निगम 100 वार्ड तक पहुंच गया।
पूरे जिले में आज करीब 15.56 लाख के करीब मतदाता हैं। इनमें पुरुष मतदाता 8.9 लाख और महिला मतदाता 7.47 लाख के करीब हैं। अकेले देहरादून शहर में मतदाताओं की संख्या 7.71 लाख से ज्यादा है।
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2018 नगर निगम के चुनाव के बाद से ही कुल मतदाताओं में देहरादून शहर में 22 प्रतिशत से ज्यादा वृद्धि हुई। ऐसे में 2003 के सापेक्ष मतदाताओं की संख्या यहां तीन गुना से ज्यादा बढ़ी।

देहरादून में प्री एसआईआर चल रहा है। अभी मुख्य एसआईआर शुरू नहीं हुआ और न ही इसकी तिथि आई है। प्री एसआईआर के तहत प्रति बीएलओ को रोजाना 30 मतदाताओं के घर जाना है। दिसंबर के अंत तक इसके पूरा होने की उम्मीद है। – अभिनव शाह, सीडीओ

Dehradun: बेरोजगार नर्सिंग का प्रदर्शन, सचिवालय कूच करने पहुंचे, समर्थन में पहुंचे कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत

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नर्सिंग एकता मंच के नेतृत्व में सैकड़ों बेराजगार मुख्यमंत्री आवास कूच करने पहुंचे। प्रदर्शन कर रहे बेराजगारों को समर्थन देने कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत भी पहुंचे। कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत ने कहा कि आप प्रदर्शन कर रहे थे उस दिन भी आपको गिरफ्तार किया गया। आप अपनी उम्मीद अपनी मांग को लेकर जिस तरह संघर्ष कर रहे है। लोकतंत्र में जब-जब संघर्ष होता है और एकता होती है उसका नतीजा हमेशा सकारात्मक होता है।

हरक सिंह रावत ने कहा कि आवास घेराव करने से पहले मैंने स्वास्थ्य मंत्री को फ़ोन किया तो उन्होंने अपने पश्चिम बंगाल में होने की जानकारी दी। मंच के प्रदेश अध्यक्ष नवल पुंडीर ने कहा कि संगठन पिछले कई दिनों से वर्षवार भर्ती निकालने और आयु सीमा में छूट देने समेत कई मांगों को लेकर धरना दे रहा है। सोमवार को संगठन के सभी बेरोजगारों ने मुख्यमंत्री आवास कूच किया।

इससे पहले भी सैकड़ों बेराजगारों ने मुख्यमंत्री आवास कूच किया। इस दौरान हाथीबड़कला में बेरोजगारों और पुलिस के बीच करीब दो घंटे तक झड़प हुई। एक महिला पुलिसकर्मी पर कूच में शामिल एक महिला के साथ मारपीट करने का भी आरोप लगा है। सोशल मीडिया पर इसका एक वीडियो भी वायरल हो रहा है। बेरोजगारों के इस व्यहार पर प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की।

Uttarakhand: सीएम घामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक, छोटे अपराधों में सजा को लेकर बदलाव, जेल की जगह जुर्माना.

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक हुई, जिसमें कुल 19 प्रस्ताव आए। बिजली लाइन का मुआवजा बढ़ाया गया। केंद्र के नए निर्देश को अडॉप्ट किया गया। टावर और उसके एक मीटर परिधि के एरिया का 200% सर्किल रेट का कर दिया है। सर्किल रेट और मार्किट रेट में अंतर पर एक समिति बनाई जाएगी, जो प्रभावित भूमि मालिकों के लिए काम करेगी।

सात एक्ट के बजाय जन विश्वास एक्ट लाया जाएगा। 52 एक्ट चिन्हित किए गए हैं। छोटे अपराधों में सजा को लेकर बदलाव किए गए हैं। छोटे अपराध में जेल नहीं बल्कि जुर्माना होगा। जैसे किसी जैविक कृषि में अधिसूचित क्षेत्र में कोई पेस्टिसाइड का इस्तेमाल करेगा तो वहां एक लाख जुर्माना और एक साल जेल सजा थी, सजा हटाकर जुर्माना पांच लाख कर दिया गया।

आवास विभाग के चार प्रस्ताव कैबिनेट में आए-
1- ग्रीन बिल्डिंग निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए अतिरिक्त एफएआर जैसे प्लेटिनम ग्रेड को 5%, गोल्ड को 3%, सिल्वर को 2% एक्स्ट्रा मिलेगा।
2- कॉमर्शियल एरिया में ग्राउंड कवरेज का प्रतिबंध से राहत। सभी के लिए सैट बैक वाला रेगुलेशन लागू होगा। इको रिजॉर्ट के साथ अब नार्मल रिजॉर्ट बना सकेंगे। भू उपयोग परिवर्तन की जरूरत नहीं होगी। नक्शा पास करने की बाध्यता में लैंड यूज की शर्त नहीं। सड़क चौड़ाई पहाड़ में 6 मीटर, मैदान में 9 मीटर होगी।

3-बहु मंजिला भवन में सड़क लेवल की पार्किंग की हाइट इमारत की ऊंचाई में शामिल न होगी। मोटल श्रेणी को हटा दिया गया है।
4- लैंड पुलिंग स्कीम, टाउन प्लानिंग स्कीम मंजूर। अन्य राज्यों में है योजनाएं लागू हैं। अनिवार्य नहीं है। जहां हम टाउनशिप बनाएंगे, उसके बदले जमीन मिलेगी वो भी कॉमर्शियल। अमरावती में भी ये मॉडल सफल रहे हैं। पहले केवल पालिसी थी, अब स्कीम के रूप में लाया गया है।

वित्त-
उत्तराखंड माल एवं सेवा कर संशोधन अध्यादेश को मंजूरी।
तकनीकी शिक्षा-.तकनीकी विवि में फैकल्टी की भर्ती लोक सेवा आयोग नहीं विवि स्तर से ही होगी
लोनिवि-.कनिष्ठ अभियंता के 5% पद समूह-ग के कर्मचारियों से पदोन्नति से होती थी, लोग नहीं मिल पाते थे। अब 10 साल की सेवा पूरी करने पर सीधे जेई बनेंगे

नागरिक उड्डयन-

नैनी सैणी एयरपोर्ट…को एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया संचालित करेगा।
सितारगंज के कल्याणपुर में जिन्हें पट्टे पर जमीन दी हुई थी, उनके नियमितीकरण को लेकर सर्किल रेट 2004 के लिए जाएंगे।

डेरी विकास, व सहकारिता विभाग-

मुख्यमंत्री घसियारी कल्याण और साइलेज योजना…75% देते थे, तय हुआ कि सब्सिडी 75  के बजाय 60% मिलेगी।

लोनिवि- देहरादून में रिस्पना बिंदाल एलिवेटेड के लिए जीएसटी में छूट मिलेगी। रॉयल्टी और जीएसटी विभाग जमा करेगा, जिसका रिम्बर्स किया जाएगा।

सगंध पौधा के केंद्र का नाम इंस्टीट्यूट ऑफ परफ्यूम होगा। जो वाहन 15 साल से पुराने हैं, उन्हें स्क्रैप करने और नया वाहन खरीदने पर टैक्स में छूट मंजूर।
मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना मंजूर… यूपीएससी, नेट, गेट आदि की तैयारी के लिए ऑनलाइन कोचिंग। लाइव क्लासेज, डाउट क्लियर करने की सुविधा होगी।

-भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत अभियोजन निदेशालय देहरादून में मुख्यालय होगा। उसमें एक निदेशक होंगे। 15 वर्ष तक अधिवक्ता को बना सकेंगे। जिले में भी जिला स्तर का अभियोजन निदेशालय बनाया जाएगा। 7 वर्ष से कम कारावास की धाराओं में अपील का फैसला जिला स्तर, इससे ऊपर पर राज्य स्तर पर निर्णय होगा।

Uttarakhand: प्रदेश में पहली बार जनजातीय स्कूल के छात्र पढ़ेंगे गीता का पाठ, पाठ्यक्रम में किया गया शामिल.

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प्रदेश में पहली बार जनजातीय स्कूल के छात्र गीता का पाठ पढ़ेंगे। झाझरा स्थित जनजातीय स्कूल में श्रीमद्भागवत गीता के पाठ्यक्रम को शामिल किया गया है। यह प्रदेश का पहला विद्यालय बना है जिसमें यह पाठ्यक्रम का हिस्सा बना है।

झाझरा स्थित जनजातीय विद्यालय दून संस्कृति स्कूल में गणित, हिंदी, अंग्रेजी के साथ अब गीता के पाठ्यक्रम को भी पढ़ाया जाएगा। इसके लिए पौंधा गुरुकुल के आचार्य अंकित आर्य की नियुक्ति की गई है। पूर्व सांसद तरुण विजय ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान और रूस के राष्ट्रपति पुतिन को गीता भेंट करने से प्रेरित होकर विद्यालय ने गीता के पाठ को अनिवार्य करने का निर्णय लिया है।

अब श्रीमद्भागवत गीता को दैनिक पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया गया है। कक्षा चार से 10 तक के विद्यार्थियों के लिए इस पाठ्यक्रम को अनिवार्य किया गया है। पूर्व सांसद तरुण विजय ने इसे राष्ट्रव्यापी आंदोलन बनाने के साथ ही सभी विद्यालयों में नियमित रूप से इसे पढ़ाने की अपील की है। इसमें आर्य समाज मंदिर धामावाला के प्रधान सुधीर गुलाटी का सहयोग रहा।

गणित, हिंदी की तरह लगेगी गीता की क्लास-

जनजातीय स्कूल में अब हिंदी, गणित की तरह गीता के पाठ की भी क्लास लगेगी। हर दिन गीता के पाठ का लेक्चर चलेगा। शनिवार से इस पाठ्यक्रम की शुरुआत हो गई। इस विद्यालय में नागालैंड, मणिपुर समेत उत्तर पूर्वांचल के छात्र-छात्राएं भी पढ़ाई करते हैं।

 

Dehradun: भोजन भत्ता बढ़ा…महिला होमगार्ड को मातृत्व अवकाश, होमगार्ड स्थापना दिवस पर सीएम धामी ने की घोषणाएं.

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होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वार्षिक कैलेंडर का विमोचन किया। इसके साथ मुख्यमंत्री धामी ने अहम घोषणाएं भी की। होमगार्ड जवानों को साल में 12 आकस्मिक अवकाश मिलेंगे। महिला होमगार्ड को मातृत्व अवकाश मिलेगा।

सीएम धामी ने घोषणा की कि 9000 फीट से ऊपर तैनाती पर 200 प्रोत्साहन राशि  पुलिस-एसडीआरएफ की तर्ज पर दिया जाएगा। एसडीआरएफ ट्रेनिंग प्राप्त होमगार्ड को 100 रुपये अतिरिक्त भत्ता दिया जाएगा। इसके अलावा वर्दी भत्ता भी दोबारा शुरू, किया गया  है। भोजन भत्ते में भी 50 फीसदी की बढ़ोतरी होगी। ट्रेनिंग भत्ता 50 रुपये से बढ़ाकर 140 रुपये किया गया।

प्रथम सीडीएस को दी श्रद्धांजलि-
वहीं सीएम धामी ने कनक चौक स्थित पार्क में भारत के प्रथम चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ स्व. जनरल बिपिन रावत की चतुर्थ पुण्यतिथि पर उनकी प्रतिमा पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने जनरल रावत के अदम्य साहस, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र के प्रति उनके सर्वोच्च समर्पण को स्मरण करते हुए उन्हें उत्तराखंड एवं देश का गौरव बताया। उन्होंने कहा कि जनरल बिपिन रावत का जीवन देशभक्ति, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणादायक मिसाल है, जो आने वाली पीढ़ियों को सदैव राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा।

मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों, सैनिकों एवं नागरिकों के साथ दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शहीदों के सम्मान में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।