Category Archive : देहरादून

कांग्रेस नेताओं की दरक चुके कुनबे को बढ़ाओ मिशन में जुटी उत्तराखण्ड कांग्रेस

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भाजपा व कांग्रेस ने 2027 के विधानसभा चुनाव की बिसात बिछानी शुरू कर दी है। मेल मुलाकातों का दौर जारी है।
इधऱ, हाशिए पर खड़े क्षेत्रीय दल उत्तराखण्ड क्रांति दल ने फील्ड मार्शल दिवाकर भट्ट के निधन के बाद श्रद्धांजलि यात्रा निकाल दी है।
इसके साथ ही पेपर लीक कांड में सीबीआई की बेरोजगार संघ के पूर्व अध्यक्ष बॉबी पंवार से नौ घण्टे की पूछताछ की कहानी भी आम जनता और सत्ता के गलियारों में सरगर्म है। कुल मिलाकर उत्तराखण्ड के विपक्षी दलों ने चुनावी कदम बढ़ाने शुरू कर दिए हैं।

हाल ही में कांग्रेस के दो बड़े नेता हरक सिंह व प्रीतम सिंह की पूर्व भाजपा विधायक राजकुमार ठुकराल व निर्दलीय विधायक संजय डोभाल से मुलाकात विशेष चर्चा में है।  ठुकराल उधमसिंहनगर और डोभाल सीमांत उत्तरकाशी जिले से ताल्लुक रखते हैं।

 राजकुमार ठुकराल और हरक सिंह

2022 में अपने कुछ चर्चित बयानों की वजह से राजकुमार ठुकराल भाजपा से निकाले भी गए। नगर निकाय चुनाव के समय ठुकराल की भाजपा में वापसी तो हुई लेकिन मुफीद स्थान नहीं मिला।

इस पीड़ा के साथ राजकुमार ठुकराल और हरक सिंह की मेल मुलाकात भविष्य में उलटफेर कर सकती है। दून में हरक सिंह के आवास पर हुई इस भेंट के बाद ठुकराल उत्साहित भी बताए जा रहे हैं। इस मुलाकात में हरक सिंह ने ठुकराल की हाथ की लकीरें भी बाँची। और कुछ व्यवहारिक हिदायतें भी दी।

इस बीच, कांग्रेस नेता प्रीतम सिंह ने निर्दलीय विधायक संजय डोभाल के साथ मुलाकात का एक चित्र सोशल मीडिया में वॉयरल किया है। डोभाल 2017 में कांग्रेस के टिकट पर  विधानसभा का चुनाव हार गए थे।लेकिन 2022 में टिकट नहीं मिलने पर यमुनोत्री विधानसभा से निर्दलीय लड़कर चुनाव जीत गए।

प्रीतम सिंह पुराने कांग्रेसी संजय डोभाल को वापस कांग्रेस में लाने की जुगत में है। इस मुलाकात को कांग्रेस का कुनबा बढ़ाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। उम्मीद है कि डोभाल 2027 का विधानसभा चुनाव कांग्रेस के टिकट पर लड़ें। कुछ समय पूर्व हुए आंदोलनों में डोभाल विशेष तौर पर सक्रिय नजर आए थे। और पुलिस-प्रशासन से उनकी रस्साकसी का वीडियो भी वॉयरल हुआ था।

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल समेत अन्य रणनीतिकार कुछ पुराने नेताओं से लगातार सम्पर्क साध रहे हैं। चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत की पूर्व नौकरशाह एस एस पांगती व पीसी थपलियाल से हुई मुलाकात भी सरगर्म है।

पार्टी सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस के रणनीतिकार भाजपा  व कुछ अन्य नेताओं को जोड़ने की मुहिम चलाए हुए है। भाजपा में कौन-कौन नेता व अहम कार्यकर्ता कोपभवन में बैठे हैं, इसकी सूची बनाई जा रही है।

आने वाले दिनों में विभिन्न दलों में तोड़फोड़ की फिल्में भी सामने आने लगेंगी। तेजी से बदल रहे राजनीतिक घटनाक्रम के तहत भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने एक बार फिर धामी कैबिनेट विस्तार का भोंपू बजा दिया है। भाजपा के कई विधायक सम्भावित कैबिनेट विस्तार पर पैनी नजर रखे हुए है।

प्रीतम सिंह व निर्दलीय विधायक संजय डोभाल

गौरतलब है कि 2014, 2016,2017,2022 व 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा कई कांग्रेसियों को अपने पाले में खींचकर कांग्रेस को भारी राजनीतिक नुकसान पहुंचा चुकी है।फिलहाल, कांग्रेस के नेता छिन्न भिन्न व बचे खुचे कुनबे को बचाने और बढ़ाने की कवायद में जुटे हुए हैं। प्रदेश की राजनीति रोमांचकारी फिसलन भरी पहाड़ी ढलान में फिसलती दिख रही है।

कांग्रेस का ‘संविधान बचाओ लोकतंत्र बचाओ’ कार्यक्रम, पार्टी के दिग्गज नेता हुए शामिल

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उत्तराखंड  कांग्रेस की ओर से आज देहरादून में ‘संविधान बचाओ लोकतंत्र बचाओ’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पार्टी के दिग्गज नेता शामिल हुए।पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा कि यदि भारत में संविधान नहीं होता तो आज देश की हालत पाकिस्तान और बांग्लादेश की तरह होती। संविधान को बचाने के लिए पार्टी के हर कार्यकर्ता को मजबूती से आगे आना होगा। कार्यक्रम में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष  गणेश गोदियाल, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा, अनुसूचित जाति विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम मौजूद हैं।

 

प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष संगठन सूर्यकांत धस्माना ने तीन दिसंबर को पार्टी के अनुसूचित जाति विभाग की ओर से आयोजित होने वाले संविधान बचाओ लोकतंत्र बचाओ कार्यक्रम में कई राष्ट्रीय नेता भी शामिल होंगे।
धस्माना ने कहा, प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष मदन लाल के नेतृत्व में होने वाले कार्यक्रम में सीडब्ल्यूसी सदस्य गुरदीप सिंह सप्पल, कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के राष्ट्रीय प्रभारी के राजू, राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम, विभाग के प्रदेश प्रभारी सुखविंदर सिंह कोटली, पार्टी के प्रदेश सह प्रभारी सुरेंद्र शर्मा, पीसीसी अध्यक्ष गणेश गोदियाल, सीडब्ल्यूसी सदस्य करन माहरा, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह, चुनाव प्रबंधन समिति अध्यक्ष डॉ. हरक सिंह रावत शामिल होंगे। उन्होंने कहा, कार्यक्रम के बाद पार्टी प्रदेशव्यापी जनजागरण अभियान चला कर भाजपा की साजिशों का पर्दाफाश करेगी।

पीसीएस…उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने प्री परीक्षा परिणाम की गलती मुख्य परीक्षा में भी दोहराई

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उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने पीसीएस प्री परीक्षा के परिणाम में जो गलतियां की थीं, उन्हें भी मुख्य परीक्षा परिणाम में दोहरा दिया। इस कारण पूरी गड़बड़ी हुई। आखिरकार आयोग ने इस तकनीकी त्रुटि को दूर करते हुए अर्हता के हिसाब से चयनित अभ्यर्थियों का संशोधित परिणाम जारी किया है। इसमें सभी गड़बड़ियां दुरुस्त कर ली गई हैं।

 

आयोग ने पीसीएस प्री परीक्षा का परिणाम 23 दिसंबर 2024 को जारी किया था। इसमें परिवीक्षा अधिकारी (महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग) के पद के लिए 12 अभ्यर्थियों को क्वालिफाई घोषित किया गया था। इनके रोल नंबर 107132, 119742, 120925, 144302, 146609, 162271, 176078, 186453, 219236, 219819, 238736, 245207 हैं। जब मुख्य परीक्षा परिणाम आया तो आयोग ने इनमें से 162439, 182463 और 197739 को सफल घोषित किया।

 

अभ्यर्थियों ने आयोग के सामने सवाल उठाया
परिवीक्षा अधिकारी प्री परीक्षा की संशोधित कटऑफ 95.9854 अंक थी। जो तीन अभ्यर्थी इस पद के लिए प्री परीक्षा में आयोग ने सफल घोषित किए थे, उनमें से एक के अंक 81.2988, दूसरे के 82.3486 और तीसरे के अंक 91.7894 थे। आयोग ने प्री परीक्षा परिणाम में कटऑफ और अर्हता से कम वाले अभ्यर्थियों को परिवीक्षा अधिकारी के पदों के लिए सफल घोषित किया।

इस गलती को आगे बढ़ाते हुए आयोग ने इस साल 29 नवंबर को मुख्य परीक्षा परिणाम में इन कम कटऑफ वाले तीन अभ्यर्थियों को ही परिवीक्षा अधिकारी पद के लिए सफल घोषित किया। जब इस पर कुछ अभ्यर्थियों ने आयोग के सामने सवाल उठाया तो आयोग ने इसकी जांच पड़ताल की। तब खुलकर यह गलती समझ आई।

 

सोमवार को मुख्य परीक्षा का जो संशोधित परिणाम जारी हुआ, उसमें पूर्व के तीनों अभ्यर्थियों(162439, 182463 और 197739) को आयोग ने परिवीक्षा अधिकारी से हटाकर समेकित पदों के परिणाम में शामिल कर दिया। जबकि इनकी जगह तीन नए अभ्यर्थियों 162271(प्री में 100.1814 अंक), 219236(प्री में 95.9854 अंक), 245207(प्री में 99.6560) को मुख्य परीक्षा में सफल घोषित किया गया है। इन सभी के अंक प्री परीक्षा की कटऑफ 95.9854 से अधिक हैं और पद के हिसाब से पात्रता भी रखते हैं।

समान काम के लिए समान वेतन देने का आदेश, पहले चरण में करीब 5500 उपनल कर्मचारियों को मिलेगा लाभ

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सरकार के उपनल कर्मचारियों को समान काम के लिए समान वेतन दिए जाने के फैसले से पहले चरण में 5500 कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा। प्रदेश के उपनल कर्मचारी नियमित करने एवं समान काम के लिए समान वेतन दिए जाने की मांग कर रहे थे।

लंबित मांगों के लिए कर्मचारी पिछले 16 दिन से हड़ताल पर थे, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर कर्मचारियों को समान काम के लिए समान वेतन दिए जाने का आदेश जारी हुआ। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी के मुताबिक पहले चरण में प्रदेश के करीब 5500 उपनल कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा। हालांकि इसके बाद सभी कर्मचारियों को चरणबद्ध तरीके से समान काम के लिए समान वेतन का लाभ दिया जाना है।

मुख्यमंत्री ने सुनी किसानों की समस्या, लिया गन्ने का स्वाद

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मंगलवार को हरिद्वार जनपद से आए गन्ना किसानों ने मुलाकात की। किसानों ने पेराई सत्र 2025-26 के लिए गन्ना का समर्थन मूल्य घोषित करने सहित अन्य मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा।

इस मौके पर किसानों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को गन्ना भी दिया, मुख्यमंत्री ने किसानों के साथ ही धूप के बीच लॉन में ही बैठकर ही गन्ना का स्वाद लिया, साथ ही किसानों की मांगों पर सकारात्मक आश्वासन दिया।

विधायक आदेश चौहान और पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद के नेतृत्व में मिले गन्ना किसानों ने रायसी – बालावाली पुल तक तटबंद का निर्माण, इकबालपुर झबरेड़ा भगवानपुर क्षेत्र में शुगर मिल स्थापित किए जाने, इकबालपुर झबरेड़ा क्षेत्र में सिंचाई नहर निर्माण और डोईवाला मिल पर किसानों का बकाया भुगतान कराने की मांग उठाई। किसानों ने पेराई सत्र 2025-26 के लिए राज्य परामर्शित मूल्य घोषित करने की मांग उठाई।

मुख्यमंत्री ने लॉन में बैठकर ही किसानों की मांगों को सुनते हुए, गन्ना मूल्य सहित अन्य सभी मांगों पर सकारात्मक निर्णय का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने किसानों के साथ जमीन पर बैठक गन्ना का स्वाद भी लिया। इस मौके पर विधायक प्रदीप बत्रा जिला पंचायत अध्यक्ष किरन चौधरी के साथ ही पूर्व विधायक संजय गुप्ता भी शामिल हुए।

पेयजल निगम में 2,690 करोड़ के कथित घोटाले का खुलासा

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उत्तराखंड पेयजल निगम में भारी वित्तीय अनियमितताओं का मामला अब बड़े घोटाले का रूप ले चुका है। आरटीआई एक्टिविस्ट और अधिवक्ता विकेश नेगी के अनुसार, भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट में 2016 से मई 2025 के बीच निगम की विभिन्न परियोजनाओं में लगभग 2,690 करोड़ 27 लाख की वित्तीय अनियमितताएं सामने आई हैं। नेगी ने दावा किया है कि यह रिपोर्ट न केवल गंभीर वित्तीय भ्रष्टाचार का संकेत देती है, बल्कि इसे वर्षों तक जनता और विधानमंडल से छिपाया गया। उन्होंने इस संबंध में शिकायत और दस्तावेज प्रदेश के मुख्यमंत्री को भेजते हुए उच्च स्तरीय जांच और अभियोजन की मांग की है।

सबसे बड़ा सवाल — रिपोर्ट विधानसभा में क्यों नहीं रखी गई?
अधिवक्ता नेगी के अनुसार, कैग की यह रिपोर्ट तीन साल तक सार्वजनिक नहीं की गई और न विधानसभा में प्रस्तुत हुई। उनका आरोप है कि जनता के हक की सबसे महत्वपूर्ण रिपोर्ट को व्यवस्था ने छिपाए रखा, ताकि भ्रष्टाचार उजागर न हो सके।

रिपोर्ट में दर्ज वित्तीय अनियमितताएं

( करोड़ में)

वित्तीय वर्ष अनियमितता
2016-17 92.41
2017-18 ऑडिट नहीं
2018-19 ऑडिट नहीं
2019-20 656.05
2020-21 829.90 (सबसे अधिक)
2021-22 43.48
2022-23 96.99
2023-24 803.00
2024-25 (मई तक) 38.41

कुल कथित अनियमितता : 2,660 करोड़ 27 लाख

कोरोना काल में सबसे ज्यादा अनियमितताएं
सबसे अधिक अनियमितताएं कोरोना काल (2020-21) में दर्ज की गईं— जब पूरा राज्य स्वास्थ्य संसाधनों के लिए जूझ रहा था, उसी समय पेयजल निगम में 829.90 करोड़ का हिसाब संदिग्ध पाया गया।

शिकायत और रिपोर्ट के अनुसार—

  • बिना गारंटी ठेकेदारों को करोड़ों का भुगतान
  • अधूरे कामों पर बिल पास
  • कई ठेकेदारों ने जीएसटी जमा नहीं किया, फिर भी भुगतान
  • निर्माण गुणवत्ता पर सवाल, जगह-जगह अधूरी परियोजनाएं
  • रॉयल्टी और ब्याज वसूली नहीं
  • अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत का स्पष्ट संकेत

अधिवक्ता नेगी का कहना है—
यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि योजनाबद्ध आर्थिक नुकसान है। दोषियों पर आपराधिक मामला दर्ज होना चाहिए।

घोटाले के मुख्य बिंदु

  • कैग रिपोर्ट 3 साल तक छिपाए जाने का आरोप
  • कई वर्षों में ऑडिट नहीं हुआ
  • कोविड अवधि में सबसे अधिक अनियमितता
  • परियोजनाएं अधूरी, भुगतान पूरा
  • भ्रष्टाचार में विभागीय अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध

जनता और विपक्ष में चर्चा तेज
मामले के सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों, जनता और सोशल मीडिया में इसे लेकर बहस शुरू हो गई है। कई लोग इसे राज्य का अब तक का सबसे बड़ा जल-संबंधी वित्तीय घोटाला बता रहे हैं। अब निगाहें सरकार और जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर हैं।

पासपोर्ट कार्यालय पर सांसद के बयान पर कांग्रेस की चुटकी,शर्म की बात अपनी ही पार्टी की सरकार में हाथ जोड़ने पड़ रहे हैं

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कोटद्वार के पासपोर्ट कार्यालय को  लेकर भाजपा सांसद अनिल बलूनी के बयान को लपकते हुए कांग्रेस ने तीखा हमला किया है।कांग्रेस ने कहा है कि भाजपा सांसद बलूनी का बयान पार्टी के अंदरूनी झगड़े की तस्वीर बयां करने के लिए काफी है।कांग्रेस प्रवक्ता प्रतिमा सिंह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के सांसद अनिल बलूनी का एक वीडियो सामने आया है जिसमें वो बहुत ही असहाय और असमर्थ नज़र आ रहे हैं ।

 

पासपोर्ट कार्यालय के लिए 12.5  लाख की धनराशि देने के बाद भी फ़ाइल कहां अटकी है, इस पर खुद ही सवाल कर रहे हैं। कहते हैं कि एक हस्ताक्षर की वजह से काम नहीं हो पाया। बलूनी स्वंय व मीडिया को भी इस देरी का पता लगाने की बात भी कहते हैं। उनके साथ वीडियो में स्पीकर ऋतु खण्डूड़ी भी नजर आ रही हैं। गौरतलब है कि हालिया गढ़वाल दौरे के समय ही भाजपा सांसद अनिल बलूनी ने पासपोर्ट कार्यालय नहीं खुलने पर यह बातें कही।

कांग्रेस का कहना है कि डबल इंजन की सरकार होने के बावजूद भी सांसद बलूनी को बड़ी मुश्किल होती है केंद्र सरकार में जाकर विदेश मंत्री से मुलाक़ात करने में।  सांसद निधि  से धनराशि भी दी लेकिन  पासपोर्ट ऑफिस जो वो गढ़वाल में स्थापित करना चाहते थे, वो फाइल अब तक कहाँ अटकी है उन्हें पता नहीं ।
बलूनी मीडिया से कहते भी हैं कि एक हस्ताक्षर के लिए इतने समय से रुका है। बड़े दुख की बात है। अब तक पासपोर्ट कार्यालय खुल जाना चाहिए था। यह भी कहते हैं कि आप भी पता कीजिये ,मैं भी पता करता हूँ।

कांग्रेस प्रवक्ता प्रतिमा सिंह ने कहा कि बड़े शर्म की बात है कि अपनी ही पार्टी की सरकार में उन्हें मंत्रियों और अधिकारियों के हाथ जोड़ने पड़ रहे हैं । फिर  भी वो अपना काम नहीं करवा पा रहे हैं । ऐसे में  विपक्ष के सांसदों को अपने क्षेत्र में काम करवाने में कितनी दिक्कतों का सामना करना पड़ता होगा।

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि अनिल बलूनी का यह बयान इस बात की पुष्टि करता है कि भारतीय जनता पार्टी में कुछ भी ठीक नहीं चल रहा है।  और ये ख़ुद खंड खंड में बँटे हुए हैं ।

उन्होंने कहा कि भाजपा के विधायक अपनी सरकार  के ख़िलाफ़ सड़कों पर उतर जाते हैं । भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्री अपनी सरकार पर सवाल उठाते हैं।  ये सारी बातें दर्शाती हैं कि भाजपा में सब कुछ ठीक नहीं है।
अपने आपको अनुशासित कहने वाली पार्टी अब खुलकर पार्टी के ख़िलाफ़ अनुशासनहीनता को नज़रअंदाज़ कर रही है ।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि डबल इंजन सरकार में कोटद्वार के पासपोर्ट कार्यालय को कौन रोक रहा है,यह जांच का विषय है।

दूसरे राज्यों से शादी कर उत्तराखंड आईं बेटियों को लाने होंगे कागज, जल्द शुरू होने जा रहा है एसआईआर

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दूसरे राज्यों से विवाह कर उत्तराखंड आईं बेटियों को मतदाता सूची में अपना वोट बचाए रखने के लिए मायके से कागज लाने होंगे। दूसरी ओर उत्तराखंड की मतदाता सूची अभी फ्रीज नहीं होने के कारण वोटर लिस्ट में नाम, पता आदि बदलाव कराए जा सकते हैं। चुनाव आयोग का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) दिसंबर या जनवरी में उत्तराखंड में भी शुरू होने जा रहा है।

 

इससे पहले मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तराखंड ने वर्ष 2003 की मतदाता सूची वेबसाइट पर जारी कर दी है। अन्य राज्यों ने भी अपनी पुरानी मतदाता सूची वेबसाइट पर जारी की हुई हैं। दूसरे राज्यों से उत्तराखंड में 2003 के बाद विवाह कर आईं बेटियों को एसआईआर के लिए अपने मायके से कागज लाने होंगे।

 

निर्वाचन विभाग के मुताबिक, यूपी समेत कई राज्यों ने 2003 की वोटर लिस्ट जारी की हुई है। उस वक्त जिनका वोट वहां था, उन्हें अपनी वोटर लिस्ट की जानकारी यहां एसआईआर में देनी होगी। जिनका वोट नहीं था, उन्हें अपने माता-पिता के संबंधित राज्य के 2003 के वोट की जानकारी यहां एसआईआर फॉर्म में देनी होगी। चूंकि यहां सभी एसआईआर शुरू होने वाला है, इसलिए पहले से ही कागज तैयार रखे जा सकते हैं।

Uttarakhand: वीरान गांवों में फिर आई बहार, 25 से 35 आयु वर्ग के 43% युवाओं ने किया रिवर्स पलायन.

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उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों से हो रहे पलायन के बीच प्रवासियों के गांव व घर वापसी करने में सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। रिवर्स पलायन करने वालों में 25 से 35 आयु वर्ग के 43 प्रतिशत युवा प्रवासी वापस अपने गांव लौटे हैं।

अब कृषि, पशुपालन, पर्यटन, स्वरोजगार अपनाकर गांव की मिट्टी में जड़ें जमा रहे हैं। पलायन निवारण आयोग की रिवर्स पलायन की सर्वे रिपोर्ट के अनुसार गांव से पलायन करने वाले कुल 6282 प्रवासी अपने गांव लौटे हैं। इसमें सबसे अधिक 43% 25 से 35 आयु वर्ग के प्रवासी है।

25 साल से कम आयु वर्ग में 28.66% और 35 साल से अधिक आयु वर्ग में 29.09% प्रवासियों ने गांव वापसी की है। रिवर्स पलायन में पौड़ी जिला पहले स्थान पर है। जबकि दूसरे पर अल्मोड़ा व तीसरे स्थान पर टिहरी जिला है।
गांव लौटे 39% ने कृषि को बनाया व्यवसाय-
रिवर्स पलायन कर प्रवासियों ने गांव में कृषि, पर्यटन, पशुपालन को मुख्य व्यवसाय के रूप में अपनाया। 39 प्रतिशत ने कृषि क्षेत्र में खेती, बागवानी, सब्जी उत्पादन, मसाले की खेती, औषधीय व सगंध फसलों की खेती, मधुमक्खी पालन, पुष्प उत्पादन, जैविक खेती, मशरूम उत्पादन शुरू किया। जबकि 21.5 प्रतिशत ने पर्यटन क्षेत्र में होमस्टे, होटल, रेस्टोरेंट, कैटरिंग व यात्रा सेवा में व्यवसाय शुरू किया। लगभग 18 प्रतिशत ने पशुपालन क्षेत्र में डेयरी, बकरी पालन, भेड़ पालन, पोल्ट्री पालन, मत्स्य पालन का का काम शुरू किया।
जिला लौटे जिला लौटे
पौड़ी 1213 रुद्रप्रयाग 342
अल्मोड़ा 976 चंपावत 324
टिहरी 827 नैनीताल 300
चमोली 760 देहरादून 201
उत्तरकाशी 448 हरिद्वार 141
बागेश्वर 368 यूएसनगर 38
पिथौरागढ़ 344 कुल  6282

कोविड महामारी के बाद रिवर्स पलायन में तेजी आई है। विदेशों, दूसरे राज्यों व प्रदेश के अंदर दूसरे जिलों में पलायन करने वाले लोगों में गांव लौटने की प्रवृत्ति बढ़ रही है। आयोग की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि प्रवासी लौटे 169 हैं विदेशों से विदेशों में अगस्त रह रहे 169 प्रवासी अपने गांव लौटे हैं। इसमें सबसे अधिक टिहरी जिला में 66 प्रवासी शामिल हैं। इसके अलावा देश के अन्य राज्यों में 4769 प्रवासी ने गांव लौटे। राज्य में अंदर ही दूसरे जिलों में पलायन करने वाले 1127 लौटे ने गांव की वापसी की है।

कांग्रेस का भाजपा सरकार को उखाड़ फेंकने का ऐलान

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कांग्रेस की नई टीम ने 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए हुंकार भरते हुए भाजपा को उखाड़ फेंकने का आह्वान किया।
रविवार को कांग्रेस के बड़े नेताओं की मौजूदगी में गणेश गोदियाल, प्रीतम सिंह व हरक सिंह ने कार्यभार ग्रहण करते हुए चुनावी प्रचार का शंखनाद किया।
कमोबेश सभी वक्ताओं ने भर्ती घोटाले, विभागीय घोटाले और आपदा में सरकार की विफलता को मुद्दा बनाया।

कांग्रेस के प्रदेश मुख्यालय में लगभग 4 घण्टे तक चले स्वागत कार्यक्रम में  नव नियुक्त प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि अब समय भाषणों का नहीं—संघर्ष का है। और हम संघर्ष से कभी पीछे नहीं हटते! उन्होंने करण माहरा के कार्यकाल की तारीफ करते हुए बद्रीनाथ व मंगलौर उपचुनाव की जीत का विशेष तौर पर उल्लेख किया।

गोदियाल ने कहा कि हमारी लड़ाई किसी व्यक्ति से नहीं अन्याय, अहंकार और झूठ से है और इस लड़ाई में हम जीतकर ही लौटेंगे। कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर पर सक्रिय रहने का मंत्र देते हुए कहा कि आज से हमें लंबे संघर्ष के लिए एकजुट होना पड़ेगा।

गोदियाल ने कहा कि हमारा रास्ता कठिन हो सकता है, लेकिन हमारा इरादा अडिग है। आज से हम सब एक नए जोश और नई जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ेंगे।

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कांग्रेस की दस साल की उपलब्धियों को मतदाता के बीच ले जाने की अपील की।प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, कैंपेन कमेटी अध्यक्ष प्रीतम सिंह, चुनाव अभियान समिति अध्यक्ष डॉ. हरक सिंह रावत, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, और उप नेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी को “पाँच पांडव” बताते हुए कहा कि भाजपा रूपी “कौरवों” की सेना को 2027 के चुनाव में धूल चटा देंगे।

नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि “नेतृत्व बदलता है, लेकिन हमारा लक्ष्य नहीं,जनता का विश्वास जीतना, और हर नागरिक के हक़ में खड़ा रहना है।
उन्होंने कहा कि “यह संगठन हम सबका है। हम सब मिलकर इसकी ताक़त हैं।”

चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत ने कहा कि भाजपा की ‘तोड़ो उत्तराखंड’ नीति का जवाब कांग्रेस ‘जोड़ो उत्तराखंड’ के संकल्प से देगी।
कार्यकर्ताओं को चाहिए कि वे नेतृत्व के निर्णय पर पूरा विश्वास रखें—क्योंकि यही टीम उत्तराखंड को नई दिशा देगी।

चुनाव कैंपेन कमिटी के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा  कि कांग्रेस संगठन में हुआ यह बड़ा फेरबदल प्रदेश में नई ऊर्जा, एकजुटता और विश्वास का प्रतीक है। यह परिवर्तन सिर्फ चेहरे का नहीं, बल्कि परिपक्व सोच और दिशा का बदलाव है।

निवर्तमान अध्यक्ष एवं सी डब्लू सी के विशेष आमंत्रित सदस्य के तौर पर करन माहरा ने कहा कि वे चट्टान की तरह खड़े रहकर गोदियाल का सहयोग करेंगे।
माहरा ने कहा कि उत्तराखंड की जनता भाजपा के झूठे नारों और भ्रष्टाचार से ऊब चुकी है। 2027 में प्रदेश की जनता कांग्रेस की जनोन्मुखी नीतियों और पारदर्शी नेतृत्व पर भरोसा जताएगी।अब वक्त आलोचना नहीं, योगदान का है; व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा नहीं, सामूहिक सँघर्ष का है।

वक्ताओं ने 27 जिलों के नवनियुक्त जिला अध्यक्षों सहित सभी पदाधिकारियों को चुनाव की तैयारियों में जुटने की अपील की।
इस अवसर पर अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के मीडिया सलाहकार गुरदीप सिंह सप्पल, सह प्रभारी सुरेंद्र शर्मा, मनोज यादव राष्ट्रीय सचिव काजी निजामुद्दी, उप नेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी , गोविंद सिंह कुंजवाल, गोपाल राणा1,रंजीत रावत, मदन बिष्ट,सूर्यकांत धस्माना, ज्योति रौतेला समेत कांग्रेस के सभी विधायक गण सभी नवनियुक्त जिला अध्यक्ष, सभी पूर्व विधायक पूर्व मंत्री,सभी पूर्व जिला अध्यक्ष
एवं भारी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

एयरपोर्ट से पार्टी मुख्यालय तक गोदियाल का भारी स्वागत

देहरादून। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार देहरादून पहुंचने पर प्रदेश कांग्रेस के नव नियुक्त अध्यक्ष गणेश गोदियाल का एयरपोर्ट पर जबरदस्त स्वागत हुआ।
एयरपोर्ट पर  गोदियाल व उनके साथ आए सीडब्लूसी सदस्य गुरदीप सप्पल, एआईसीसी सचिव काज़ी निजामुद्दीन नव नियुक्त सह प्रभारी मनोज यादव व पूर्व मुख्यमंत्री हरिश रावत ,नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य व चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉक्टर हरक सिंह रावत का  निवर्तमान अध्यक्ष करण माहरा की ओर से प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष संगठन सूर्यकांत धस्माना महानगर कांग्रेस अध्यक्ष डॉक्टर जसविंदर सिंह गोगी जिला परवा दून अध्यक्ष मोहित उनियाल
प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया।

एयरपोर्ट से बाहर निकलते ही सैकड़ों की संख्या में उपस्थित कार्यकर्ताओं के गगन भेदी नारों से एयरपोर्ट गूंज उठा। कार्यकर्ताओं ने श्री गोदियाल को फूलों की मालाओं से लाद दिया।
गोदियाल सैकड़ों गाड़ियों के काफिले के साथ जौली ग्रांट हवाई अड्डे से चल कर भामियावाला, डोईवाला, मियांवाला होते हुए रिसपना पुल हरिद्वार रोड से होते हुए घंटाघर और फिर कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन २ बजकर दस मिनट पहुंचे जहां सुबह साढ़े दस बजे से ही कार्यकर्ताओं का हुजूम नए अध्यक्ष व अन्य पार्टी नेताओं की इंतजार कर रहे थे।

पार्टी मुख्यालय में निवर्तमान अध्यक्ष करण माहरा,पूर्व अध्यक्ष प्रीतम सिंह, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल समेत प्रियंका सभी विधायक, नव नियुक्त जिला महानगर कांग्रेस अध्यक्ष गण व हजारों कार्यकर्ताओं ने  गोदियाल व अन्य नेताओं का स्वागत किया।