Category Archive : देहरादून

उत्तराखंड में बागी उम्मीदवारों पर कांग्रेस की सख्ती, पार्टी से छह साल के लिए किया निष्कासित

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उत्तराखंड में निकाय चुनाव को लेकर बागी नेताओं पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने सख्ती बरती है। कमेटी ने नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत क्षेत्रों में पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ बागी उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने वाले कांग्रेसजनों व पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त पार्टी नेताओं को तत्काल प्रभाव से पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया है।

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प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा के सोशल मीडिया सलाहकार अमरजीत सिंह ने बताया कि रुड़की में मेयर पद के खिलाफ अपनी पत्नी को बागी के रूप में चुनाव लड़ा रहे पूर्व मेयर यशपाल राणा, रुद्रप्रयाग से बागी उम्मीदवार संतोष रावत, ऊखीमठ से बागी उम्मीदवार कुब्जा धर्मवाण, नगर पालिका बागेश्वर से बागी कवि जोशी, कोटद्वार में बागी उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे कांग्रेस पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ के उपाध्यक्ष महेन्द्र पाल सिंह रावत, ऋषिकेश नगर निगम में बागी उम्मीदवार दिनेशचन्द मास्टर और महेन्द्र सिंह, चमोली जनपद के गौचर से बागी उम्मीदवार सुनील पंवार, कर्णप्रयाग से गजपाल लाल सैनी, अनिल कुमार व अनीता देवी, गैरसैंण से पुष्कर सिंह रावत, पीपलकोटी से आरती नवानी, टिहरी के नगर पालिका चंबा से बागी प्रीति पंवार, घनसाली से विनोद लाल शाह और नगर पालिका टिहरी से भगत सिह नेगी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। सभी को पार्टी से छह साल के लिए निष्कसित किया है।

 

कांग्रेस की उम्मीदवार को हरी झंडी: हरबर्टपुर नगर पालिका से चुनाव लड़ सकेंगी कांग्रेसी प्रत्याशी यामिनी

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हरबर्टपुर नगर पालिका के अध्यक्ष पद की कांग्रेस उम्मीदवार यामिनी रोहिल्ला चुनाव में प्रतिभाग कर सकेंगी। मुख्य न्यायाधीश जी. नरेंद्र एवं न्यायमूर्ति आशीष नैथानी की खंडपीठ ने नामांकन रद्द करने ठहरा चुनाव लड़ने के निर्देश दिए हैं। हालांकि उनके चुनाव परिणाम को याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन रखा है।

 

फरवरी के दूसरे पखवाड़े में बजट पेश कर सकती है धामी सरकार, सत्र की तैयारियां तेज

 

रोहिल्ला ने अपील दायर कर कहा था कि रिटर्निंग आफिसर ने उनके नामांकन को रद्द करने का जो आधार बताया वह गलत है। विकासनगर के तहसीलदार ने अपने कार्यालय से जारी जाति प्रमाण पत्र को ही विवादित ठहरा दिया। इसके बाद आरओ ने उनका नामांकन रद्द कर दिया। कोर्ट ने उन्हें चुनाव लड़ने के निर्देश दे दिए।

फरवरी के दूसरे पखवाड़े में बजट पेश कर सकती है धामी सरकार, सत्र की तैयारियां तेज

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प्रदेश सरकार फरवरी के दूसरे पखवाड़े में बजट लाने की तैयारी कर रही है। पहली फरवरी को केंद्र सरकार का बजट पेश होने के बाद राज्य सरकार अपने बजट को अंतिम रूप दे देगी। सचिव वित्त दिलीप जावलकर के मुताबिक, आगामी वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए सभी विभागों से प्रस्ताव प्राप्त हो गए हैं और इन पर विचार विमर्श हो रहा है।

 

मौजूदा बजट की प्रगति के संबंध में सचिव वित्त ने मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा, बजट के सापेक्ष अभी तक 40 हजार करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। इसमें 6,000 करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय है। अंतिम तिमाही चल रही है जिसमें खर्च बढ़ता है। पिछले वर्ष की तुलना में अभी तक की खर्च की दर आठ फीसदी अधिक है।इसमें और अधिक वृद्धि होने की संभावना है।

 

केंद्र सरकार से हो रही स्वीकृतियों का प्रवाह ठीक है। बजट की तैयारी पर कहा, केंद्र सरकार एक फरवरी को बजट पेश करेगी। इससे हमें अंदाजा हो जाएगा कि कौन सी नई योजनाएं आ रही हैं और कहां से हमें मदद मिल सकती है।

इसके हिसाब से हम अपनी तैयारी करेंगे।कहा, संसाधनों की कोई दिक्कत नहीं है। जीएसटी, वैट में खनन में अच्छा प्रदर्शन रहा है। वन विभाग, यूपीसीएल और अन्य कारपोरेशन में लक्ष्य के अनुरूप धनराशि नहीं मिल रही है।

Uttarakhand: आयुष्मान योजना के दुरुपयोग पर मुख्यमंत्री धामी सख्त, सत्यापन अभियान शुरू.

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उत्तराखंड में आयुष्मान भारत योजना के दुरुपयोग को रोकने और पात्र व्यक्तियों तक इस योजना का लाभ पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। राज्य सरकार ने दोहरी योजनाओं का लाभ लेने वालों की पहचान के लिए आयुष्मान कार्ड का सत्यापन अभियान शुरू किया है। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर इस विषय पर विस्तृत चर्चा की और अपात्र कार्डधारकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश दिए।

 

दोहरी योजनाओं का लाभ लेने वालों पर सख्त नजर-

बैठक में खुलासा हुआ कि कई व्यक्तियों ने राज्य कर्मचारी बीमा योजना (ESI) के साथ-साथ आयुष्मान कार्ड भी बनवा रखा है। नियमानुसार, कोई भी व्यक्ति एक समय में केवल एक स्वास्थ्य योजना का लाभ ले सकता है। सत्यापन अभियान के माध्यम से ऐसे व्यक्तियों की पहचान की जा रही है, ताकि उन्हें योजनाओं का अनुचित लाभ लेने से रोका जा सके।

 

 

पड़ोसी राज्यों के फर्जी कार्डधारकों का पर्दाफाश-

 

उत्तराखंड के सरकारी अस्पतालों में उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश से आने वाले मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जांच में पाया गया कि इन पड़ोसी राज्यों के कुछ लोगों ने फर्जी राशन कार्ड के आधार पर उत्तराखंड आयुष्मान योजना के कार्ड बनवा लिए हैं और मुफ्त इलाज का लाभ उठा रहे हैं। मुख्यमंत्री धामी ने इन फर्जीवाड़ों की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

आयुष्मान योजना के खर्च में भारी वृद्धि-

आयुष्मान योजना के अंतर्गत लाभार्थियों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि और फर्जी कार्डधारकों के चलते राज्य पर आर्थिक दबाव बढ़ गया है। योजना का वार्षिक खर्च 1100 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है, जबकि शुरुआती दिनों में यह अपेक्षाकृत कम था। राज्य सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए फर्जी कार्ड बनाने वाले अधिकारियों और व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की बात कही है।

 

राशन कार्ड का सत्यापन भी होगा-

मुख्यमंत्री धामी ने यह भी निर्देश दिए हैं कि आयुष्मान कार्ड सत्यापन के साथ ही राशन कार्ड का सत्यापन अभियान भी चलाया जाए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजनाओं का लाभ केवल उन्हीं लोगों को मिले, जो इसके पात्र हैं।

 

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पारदर्शिता और सुशासन की ओर कदम-

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के इन सख्त निर्देशों से यह साफ है कि सरकार आयुष्मान योजना सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं में पारदर्शिता लाने और अपात्र लोगों को लाभ से रोकने के लिए प्रतिबद्ध है। यह कदम राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार और नागरिकों का विश्वास बहाल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

Uttarakhand: राष्ट्रीय खेलों से पहले प्रदेश को मिली बड़ी सौगात, CM धामी ने चकरपुर, खटीमा में स्पोर्ट्स स्टेडियम का किया लोकार्पण।

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राष्ट्रीय खेलों से पहले प्रदेश को मिली बड़ी सौगात, CM धामी ने चकरपुर, खटीमा में स्पोर्ट्स स्टेडियम का किया लोकार्पण।

मुख्यमंत्री ने चकरपुर, खटीमा में नव निर्मित वन चेतना केंद्र स्पोर्ट्स स्टेडियम का किया लोकार्पण।

नव निर्मित स्टेडियम में राष्ट्रीय खेलों के आयोजन से क्षेत्र के युवाओं का खेल के प्रति बढ़ेगा उत्साह – मुख्यमंत्री।

प्रदेश की जनता से मुख्यमंत्री का वादा- ऐतिहासिक होंगे राष्ट्रीय खेल और उत्तराखंड को देंगे विश्वस्तरीय पहचान।

मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को चकरपुर, खटीमा में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए ₹ 1615.62 लाख की लागत नव निर्मित वन चेतना केंद्र स्पोर्ट्स स्टेडियम का लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री ने नवनिर्मित स्टेडियम के उद्घाटन पर सभी क्षेत्रवासियों को शुभकामना देते हुए कहा कि 2017 में खटीमा के विधायक के रूप में उन्होंने इस स्टेडियम की घोषणा की थी। हालांकि, कई बाधाओं के चलते उनके विधायक रहते हुए इस स्टेडियम का कार्य पूर्ण नहीं हो सका था। लेकिन प्रदेश के मुख्य सेवक के रूप में उन्हें इसका शुभारंभ करने का सुअवसर प्राप्त हुआ, जो उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा ये स्टेडियम क्षेत्र के युवाओं को खेल का मंच प्रदान करेगा, जहाँ वे अपनी प्रतिभा को निखार सकेंगे और उसके माध्यम से राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खटीमा सहित पूरे राज्य का गौरव बढ़ा सकेंगे।

 

राष्ट्रीय खेलो के आयोजन से युवाओं में खेलों के प्रति उत्साह को बढ़ावा मिलेगा- CM धामी

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि नवनिर्मित स्टेडियम आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है। जहां बास्केटबॉल, फुटबॉल, वालीबॉल, कबड्डी जैसे खेलों के मैदानों का निर्माण कराया गया है, साथ ही खिलाड़ियों के ठहरने के लिए हॉस्टल और इनडोर कार्यक्रमों के लिए बहुउद्देश्यीय हॉल का भी निर्माण किया गया है। नए स्टेडियम में आगामी राष्ट्रीय खेलों की मलखंभ प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा राष्ट्रीय खेलो के आयोजन से क्षेत्र के युवाओं में खेलों के प्रति रुचि और उत्साह को बढ़ावा मिलेगा।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल, युवाओं के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए महत्वपूर्ण होने के साथ ही युवाओं में अनुशासन, टीमवर्क और संघर्षशीलता जैसे गुणों का भी विकास करता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यकाल के प्रारंभ से ही ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से देश में खेल संस्कृति को प्रोत्साहित करने की मजबूत नींव रखी है। आज प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत खेलों के क्षेत्र में भी नई ऊंचाइयों को छू रहा है तथा वैश्विक मंच पर अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है।

 

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मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार प्रदेश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। सरकार द्वारा प्रदेश में नई खेल नीति के अंतर्गत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पदक विजेताओं को सरकारी नौकरी, आवासीय स्पोर्ट्स कॉलेजों के खिलाड़ियों को निःशुल्क प्रशिक्षण और शिक्षा तथा खेल-छात्रवृत्ति जैसी सुविधाएँ प्रदान की जा रही हैं। मुख्यमंत्री खेल विकास निधि, मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी योजना जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने का काम भी किया जा रहा है।

 

 

राज्य सरकार ने खिलाड़ियों के लिए 4 प्रतिशत आरक्षण और पुरस्कार राशि को दोगुना किया-CM धामी

 

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार ने खिलाड़ियों के लिए 4 प्रतिशत आरक्षण और पुरस्कार राशि को दोगुना करने जैसे कदम भी उठाए हैं। उन्होंने कहा कि हम शीघ्र ही राज्य में एक खेल विश्वविद्यालय भी स्थापित करने जा रहे हैं, जो खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण और सुविधाएँ उपलब्ध कराएगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड आज देवभूमि और वीरभूमि के साथ-साथ खेलभूमि के रूप में भी अपनी पहचान बना रहा है। आगामी 28 जनवरी से हमारे राज्य में 38वें राष्ट्रीय खेलों का आयोजन होने जा रहा है। इस बार, हम राष्ट्रीय खेलों को ‘ग्रीन गेम्स’ की थीम पर आयोजित कर रहे हैं।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन खेलों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचेगा। उन्होंने कहा मुझे पूर्ण विश्वास है कि राष्ट्रीय खेलों का आयोजन हमारे प्रदेश के युवाओं में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार करेगा। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता से वादा करते हुए कहा कि इस बार के राष्ट्रीय खेल न केवल ऐतिहासिक होंगे, बल्कि खेलों के क्षेत्र में उत्तराखंड की साख को विश्वस्तरीय रूप देने में भी सफल रहेंगे। उन्होंने कहा खटीमा उनका घर है, यहीं से उन्होंने अपनी जनसेवा की यात्रा आरंभ की थी, और इस क्षेत्र की प्रत्येक गली, प्रत्येक गाँव उनके दिल के करीब है। उन्होंने कहा कि खटीमा की माटी और यहाँ के लोगों से उन्हें हमेशा ऊर्जा और प्रेरणा मिली है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने खटीमा में स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल से लेकर बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। गदरपुर और खटीमा बाईपास का निर्माण, नए हाईटेक बस स्टैंड का निर्माण कार्य, खटीमा को अन्य क्षेत्रों से जोड़ने वाली सड़कों के चौड़ीकरण और पुनर्निर्माण का कार्य जैसे अनेकों कार्य इस क्षेत्र में हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश एवं खटीमा क्षेत्र के विकास में आगे भी कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। राज्य सरकार सर्वश्रेष्ठ उत्तराखंड निर्माण के अपने विकल्प रहित संकल्प के आधार पर निरंतर कार्य कर रही है।

 

मुख्यमंत्री ने मलखम्ब खिलाड़ियों से संवाद किया व उनके खेल प्रतिभा को देख उनकी सराहना की।

इस अवसर पर विधायक खटीमा भुवन चंद कापड़ी, दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, जिलाध्यक्ष भाजपा कमल जिंदल, पूर्व विधायक डॉ प्रेम सिंह राणा, पूर्व दर्जामंत्री राजपाल सिंह, विवेक सक्सेना, गिरीश जोशी, भैरव दत्त पाण्डे, जीवन धामी, कैलाश चंद्र, अमित पाण्डे, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा, निदेशक खेल प्रशांत आर्या, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

उत्तराखंड कांग्रेस में एक नया भुचाल वरिष्ठ उपाध्यक्ष मथुरा दत्त जोशी ने छोड़ा कांग्रेस का साथ

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उत्तराखण्ड कांग्रेस से जुड़ी खबर से, निकाय चुनाव के बीच कांग्रेस को एक बड़ा झटका लगा है। उत्तराखंड कांग्रेस के संगठन उपाध्यक्ष मथुरा दत्त जोशी ने पार्टी के सभी पदों से त्यागपत्र दे दिया है। बताया जा रहा है कि मथुरा दत्त जोशी पत्नी को पिथौरागढ़ सीट से मेयर का टिकट ना मिलने से नाराज़ चल रहे थे और पिछले दिनों उन्होंने खुलकर अपनी नाराजगी भी जाहिर की थी। उन्होंने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को पत्र लिखा है। इस बीच चर्चा है कि कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद मथुरा दत्त जोशी और पूर्व राज्यमंत्री बिट्टू कर्नाटक आज भाजपा का दामन थाम सकते हैं। हांलाकि इसको लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

 

मथुरादत्त जोशी लगातार कांग्रेस हाई कमान से नाराज नजर आ रहे थे। उन्होंने अपनी पत्नी के लिए मेयर पद पर टिकट मांगा था। लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिलने के बाद मथुरादत्त जोशी पार्टी नेतृत्व से बहुत नाराज हो गए थे। उन्होंने कई बड़ी बताया कि किस तरह से उन्होंने लगभग 50 सालों तक पार्टी की सेवा की है, बावजूद पार्टी ने उन्हें इस योग्य नहीं समझा।

वहीं कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा का बयान भी सामने आया था जिसमें उन्होंने कहा कि मथुरा दत्त जोशी को पार्टी ने हर वह पद दिया है जो एक बड़े नेता को किसी भी पार्टी में मिलना चाहिए।

मथुरादत्त जोशी की छवि एक शांत नेता की मानी जाती है। वहीं जब भी कांग्रेस पार्टी को जरूरत पड़ी है जोशी लगातार सामने आकर कांग्रेस पार्टी के लिए खड़े रहे हैं। जब कांग्रेस पार्टी को सबसे ज्यादा जरूरत बड़े नेताओं की थी और एक के बाद एक कई बड़े नेता कांग्रेस पार्टी को छोड़ रहे थे खासकर मथुरादत्त जोशी के कई करीबी नेता पार्टी को छोड़कर भाजपा में जा रहे थे, तब भी अकेले मथुरादत्त जोशी डटकर कांग्रेस के साथ खड़े नजर आए। बावजूद अब जाकर मथुरादत्त जोशी ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता के साथ-साथ सभी पदों से इस्तीफा दे दिया।

किस मुंह से चलाएंगे महेंद्र भट्ट बागियों पर अनुशासन का डंडा- Congress

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उत्तराखंड कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसोनी ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के उस बयान को हास्यास्पद बताया है जिसमें उन्होंने बागीयों से नामांकन वापस लेने की बात कही है और नामांकन ना वापस लेने की सूरत में उन्हें पार्टी से निकाल बाहर करने की धमकी दी है। गरिमा ने कहा कि आखिर किस मुंह से महेंद्र भट्ट कार्यकर्ताओं पर कार्यवाही की बात कर रहे हैं?दसौनी ने भट्ट पर सवाल दागते हुए कहा कि पार्टी का अनुशासन तब कहां गया था जब मंत्री गणेश जोशी पर आय से अधिक संपत्ति होने का गंभीर आरोप लगा था? यह अनुशासन तब कहां गया था जब सीबीआई जांच में उद्यान विभाग में करोड़ों का घोटाला होने की पुष्टि हुई थी? यह अनुशासन की धमकी तब कहां थी जब रानीखेत के विधायक प्रमोद नैनवाल के भाई सतीश नैनवाल न सिर्फ भारत नेपाल बॉर्डर पर 40 जिंदा कारतूसों के संग पकड़े गए थे और तो और उद्यान घोटाले में पौध वितरण में भी उनका नाम आया था? और यह अनुशासन का डंडा लैंसडाउन विधायक महंत दिलीप रावत पर क्यों नहीं चला जिन्होंने सार्वजनिक सभा में अपने भाषण में पार्टी टिकट ना मिलने की स्थिति में कार्यकर्ताओं से निर्दलीय मैदान में कूदने का निर्देश दिया था, आरक्षण की अनंततिम सूची का विरोध करने वाले विकास नगर से विधायक मुन्ना सिंह चौहान के लिए यह अनुशासन का डंडा कहां चला गया था? भट्ट की यह धमकी मंत्री अरविंद पांडे के लिए क्यों नहीं चली? दसौनी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता इस बात को समझ चुका है कि पार्टी की कथनी और करनी में जमीन आसमान का फर्क है। अनुशासन और राजनीतिक सुचिता का खौफ सिर्फ गरीब और छोटे कार्यकर्ताओं को दिखाया जाता है रसूखदार मंत्री और विधायकों के लिए दूसरा कानून और कार्यकर्ताओं के लिए पार्टी के अंदर दूसरे नियम हैं ,गरिमा ने कहा शायद यही कारण है कि भाजपा में कार्यकर्ता अब ना डरता है और ना ही घबराता है और खुलकर पार्टी के फैसलों का विरोध करता है क्योंकि जब बड़े नेताओं पर ही अनुशासनात्मक कार्यवाही नहीं हो रही है तो फिर छोटे कार्यकर्ताओं पर क्यों? गरिमा ने चुटकी लेते हुए कहा की कहीं महेंद्र भट्ट अनुशासन का डंडा चलाने में ढीले इसलिए तो नहीं पड़ रहे हैं क्योंकि वह अध्यक्ष पद से हटने वाले हैं और बड़े नेताओं से अपने संबंध बिगाड़ना नहीं चाहते?

CM धामी ने किया वीर शिरोमणि माधोसिंह भंडारी कृषि विकास मेले का शुभारम्भ, क्षेत्र के विकास के लिए CM ने की कई घोषणाएं. 

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मलेथा टिहरी गढ़वाल में वीर शिरोमणि माधोसिंह भंडारी की स्मृति में आयोजित 5 दिवसीय राजकीय औद्योगिक कृषि विकास मेले का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभागीय स्टालों का निरीक्षण कर विभिन्न स्कूलों एवं एनसीसी कैडेट्स द्वारा निकाली गई मार्च पास्ट रैली को सलामी दी। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने मलेथा में वीर शिरोमणि माधोसिंह भंडारी के स्मारक में उनकी मूर्ति पर माल्यार्पण कर उनके द्वारा निर्मित ऐतिहासिक गूल का अवलोकन कर उन्हें नमन किया।

 

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मलेथा चौराहे का नाम वीर शिरोमणि माधोसिंह भण्डारी के नाम पर किए जाने, वीर शिरोमणि माधोसिंह भण्डारी मेला स्थल का विस्तारीकरण किए जाने, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र सिल्काखाल के भवन निर्माण, सूर्य देवी मन्दिर पलेठी बनगढ का सौन्दर्यकरण किए जाने, रैतासी सड़क का निर्माण तथा ललूडीखाल-फरस्वाणगांव मोटर मार्ग एवं भैंसकोट मोटर मार्ग का डामरीकरण करने की घोषणा की।

 

कठिन व विपरीत परिस्थितियों में सिंचाई गूल बनाई गई- सीएम धामी

 

मुख्यमंत्री ने वीर शिरोमणि माधोसिंह भण्डारी के अद्वितीय साहस, त्याग और बलिदान को नमन करते हुए कहा कि यह सामान्य मेला नहीं अपितु एक विशेष त्यौहार है, जो अपनी सांस्कृतिक धरोहर को जीवित रखने का काम कर रहा है तथा भावी पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सच्चा शौर्य शक्ति में नहीं अपितु सेवा ओर समर्पण में निहित होता है, जिसकी बानगी वीर शिरोमणि माधोसिंह भण्डारी के कार्यों से मिलती है। उनके द्वारा क्षेत्र की खुशहाली के लिए कठिन एवं विपरीत परिस्थितियों में जो सिंचाई गूल बनाई गई वह आज भी लोगों को लाभान्वित कर रही है।

 

 

स्वरोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है- सीएम धामी

 

सीएम धामी ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड के विकास और प्रत्येक व्यक्ति के जीवन को बेहतर बनाने के लिए शिक्षा, सड़क, स्वास्थ्य, हर क्षेत्र में काम कर रही है। जनपद टिहरी गढ़वाल में सड़क सुरक्षा के दृष्टिगत 170 किमी. में क्रेश बैरियर निर्माण किया जा रहा है। मुयालगांव में आपदा में बहे पुल के स्थान पर 18 मीटर लंबा बेली ब्रिज बनाया गया। टिहरी झील रिंग रोड़ निर्माण किया जा रहा है। पलायन रोकने, पर्यटन, रोजगार और व्यापार बढ़ाने हेतु नौकरी सृजन के साथ ही स्वरोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है। महिलाओं और किसानों को सशक्त बनाने हेतु किसानों को एक 3 लाख तक का ऋण बिना ब्याज दिया जा रहा है।

 

राज्य सरकार द्वारा सख्त नकल विरोधी कानून बनाया गया- सीएम धामी

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में एक लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। आज स्वयं सहायता समूह अपनी आजीविका को बढ़ाने के साथ ही अन्य को भी रोजगार देने का काम कर रहे हैं। हाउस ऑफ़ हिमालय ब्रांड के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को विश्व के कोने-कोने तक पहुंचाने का काम किया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा सख्त नकल विरोधी कानून बनाया गया, जिससे प्रतिभावान नौजवानों का विश्वास बढ़ा है और वे अपनी क्षमता के अनुसार नौकरी पा रहे हैं। 19 हजार से अधिक नौकरी देने का काम राज्य सरकार ने किया है। इसके साथ ही समान नागरिक संहिता कानून बनाने का काम किया जा रहा है। शीघ्र ही राज्य में सख्त भू कानून बनाने का काम भी किया जाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अपना उत्तराखंड बहुत जल्द अग्रणीय राज्यों की श्रेणी में शामिल होगा।

 

 

इस अवसर पर उद्यान, पशुपालन, राजस्व, बाल विकास, चिकित्सा, उद्योग, कृषि, समाज कल्याण, पर्यटन, ग्राम्य विकास, पंचायत राज आदि विभागों द्वारा विभागीय स्टालों के माध्यम से जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रचार प्रसार करने के साथ ही जन शिकायतों का निस्तारण किया गया। विभिन्न स्कूली बच्चों द्वारा भारतीय संस्कृति पर आधारित झांकियों का प्रदर्शन किया गया।

 

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विधायक देवप्रयाग विनोद कंडारी ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए हुए क्षेत्र के विकास से संबंधित मांगपत्र मुख्यमंत्री को सौंपा। इस अवसर पर निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष/प्रशासक सोना साजवाण, जिलाध्यक्ष भाजपा राजेश नौटियाल, अध्यक्ष नगरपालिका परिषद देवप्रयाग ममता देवी, एसएसपी आयुष अग्रवाल, एएसपी जे.आर. जोशी, डीजीएम आरवीएनएल राजेश अरोड़ा सहित अन्य गणमान्य एवं क्षेत्रीय जनता मौजूद रहे।

Uttarakhand Nikay Chunav: प्रचार की रणनीति पर हुई चर्चा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने ली प्रत्याशियों की बैठक.

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Dehradun: प्रदेश कांग्रेस ने निकाय चुनावों में प्रचार के मोर्चों पर रणनीति बनाने का काम शुरु कर दिया है.  इस कड़ी में कांग्रेस मुख्यालय में आज नगर निगम के चुनावी प्रचार की शुरुआत करते हुए पूर्व प्रदेश अध्यक्ष  प्रीतम सिंह, जिला प्रभारी प्रकाश जोशी एवं प्रतापनगर विधायक विक्रम सिंह नेगी की उपस्थिति में मेयर प्रत्याशी एवं पार्षद प्रत्याशियों की बैठक प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक में चुनाव प्रचार की रणनीति पर चर्चा हुई।

 

उपरोक्त जानकारी देते हुए प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता प्रतिमा सिंह ने बताया कि नगर निकाय चुनाव के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष श्री प्रीतम सिंह एवं पूर्व एआईसीसी सचिव व जिला प्रभारी श्री प्रकाश जोशी ने सभी पार्षद प्रत्याशियों से चुनाव प्रचार की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की और सभी को साथ लेकर चलने का सुझाव दिया।

 

उन्होंने कहा कि उन कार्यकर्ताओं जो टिकट के दावेदार थे परन्तु किन्हीं कारणवश प्रत्याशी नहीं बनाया जा सका उन कार्यकर्ताओं को भी साथ लेकर चलना है। कहा भाजपा के शासन में हुई देहरादून की दुर्दशा औऱ भाजपा के झूठ को घर-घर पहुंचाकर पर्दाफाश करना है। कांग्रेस पार्टी ने वरिष्ठ आन्दोलनकारी को अपना प्रत्याशी बनाया है जिसका लाभ निश्चित रूप से हमें चुनाव में मिलेगा तथा कांग्रेस प्रत्याशी भारी बहुमत से चुनाव में विजयी होंगे।

 

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मेयर पद के कांग्रेस प्रत्याशी वीरेंद्र पोखरियाल ने कहा कि सभी कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर चुनावी मैदान में उतरना है। सभी का साथ मिलेगा तभी विजय मिलेगी.. बैठक में सभी पार्षद प्रत्याशियों के साथ साक्षात्कार कराया गया।
इस अवसर पर मेयर प्रत्याशी वीरेंद्र पोखरियाल, सहित कांग्रेस पार्टी के सभी 100 वार्ड के प्रत्याशी तथा वरिष्ठ नेतागण उपस्थित थे।

 

डॉ0 प्रतिमा सिंह ने यह भी बताया कि कांग्रेस प्रत्याशी वीरेन्द्र पोखरियाल पटेलनगर संजय कॉलोनी में सफाई कर्मियों के मुद्दे पर सुझाव हेतु बैठक करेंगे।

 

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Uttarakhand: 7 नई पिरुल ब्रिकेट्स यूनिट वनाग्नि सत्र से पहले होंगी तैयार, CM के निर्देश पर केंद्र को भेजी रिपोर्ट.

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Dehradun: वन विभाग आगामी वनाग्नि सत्र से पहले प्रदेश में सात नई पिरुल ब्रिकेट्स यूनिट तैयार कर देगा। इससे पिरुल एकत्रितकरण के जरिए वनाग्नि रोकथाम में मदद मिलेगी। इधर, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर वन विभाग ने वनाग्नि रोकथाम के लिए पांच साल की योजना तैयार करते हुए, केंद्र सरकार के पास मंजूरी के लिए भेजी है।

प्रदेश में वनाग्नि का मुख्य कारण, जंगलों में चीड़ वन की अधिकता है। वन विभाग के नियंत्रणाधीन वनाच्छादित क्षेत्र में लगभग, 15.25 प्रतिशत चीड़ वन है। इसलिए वन विभाग चीड़ पिरुल को एकत्रित करते हुए, इसका प्रयोग पैलेट्स, ब्रिकेट्स बनाने में कर रहा है। इसके लिए स्वयं सहायता समूहों की मदद ली जा रही है, वर्तमान में विभाग इन समूहों को प्रति कुंतल तीन रुपए की दर से चीड़ एकत्रित करने का भुगतान करता है, जिसे मुख्यमंत्री की घोषणा के क्रम में बढ़ाए जाने की तैयारी है। गत वर्ष विभाग ने स्वयं सहायता समूहों के जरिए, 38299.48 कुंतल चीड़ पिरुल एकत्रित किया, जिसके बदले समूहों को 1.13 करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान किया गया।

अब यूनिट बढ़ाने की तैयारी-

अपर प्रमुख मुख्य वन संरक्षक निशांत वर्मा के मुताबिक पिरुल एकत्रितकरण से वनाग्नि रोकथाम में प्रभावी कमी आती है। इसलिए वर्तमान में चल रही ब्रेकेटस यूनिट की संख्या बढ़ाकर 12 किए जाने की तैयारी है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर, जल्द ही अल्मोड़ा, चम्पावत, गढ़वाल और नरेंद्र नगर वन प्रभाग में सात नई यूनिट स्थापित हो जाएंगी। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन भी हो सकेगा।

 

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सीएम धानी ने कहा कि वनाग्नि रोकथाम के लिए, विभागों को समय से तैयारी करने को कहा गया है। प्रदेश में सात जगह नई ब्रेकेटस यूनिट बनने से ग्रामीणों को रोजगा मिलेगा, साथ ही पिरुल से लगने वाली वनाग्नि में भी प्रभावी कमी आएगी। इसके साथ ही वनाग्नि रोकथाम के लिए भारत सरकार के पास पांच साल की कार्ययोजना तैयार करके भेजी गई है।

 

हाईलाट्स-

15 प्रतिशत वनाच्छादित क्षेत्र में हैं चीड़ वन

05 स्थानों पर वर्तमान में हैं ब्रिकेट्स यूनिट

05 साल की कार्ययोजना भेजी गई भारत सरकार के पास

1.13 करोड़ रुपए गत वर्ष स्वयं सहायता समूहों को दिए गए पिरुल जमा करने पर

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