Dehradun: प्रदेश में अवैध रूप से चल रहे मदरसों की जांच के लिए पुलिस ने भी तैयारी कर ली है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अब पुलिस प्रदेश में मदरसों का वेरिफिकेशन करेगी। साथ ही मदरसों में अवैध फंडिंग को लेकर भी जांच की जाएगी। इसके लिए जिला स्तर पर डीएम की अध्यक्षता में समिति भी बनाई गई है।
आईजी व पुलिस प्रवक्ता उत्तराखंड डॉ. नीलेश आंनद भ रणे ने बताया कि प्रदेशभर में मदरसों का वेरिफिकेशन कराया जाएगा। इसके साथ ही मदरसों में अवैध फंडिंग की भी जांच कराई जाएगी। यह भी देखा जाएगा कि मदरसों में बाहरी राज्यों के बच्चे तो नहीं पढ़ रहे हैं।
इसके लिए जिले में डीएम की अध्यक्षता में समिति भी बनाई गई है। इसमें सभी विभाग मिलकर मदरसों की जांच करेंगे। समिति में पुलिस से लेकर सभी विभागों को शामिल किया गया हैं। समिति सभी मदरसों की जांच कर एक महीने में इसकी रिपोर्ट सौंपेगी।
Dehradun: राज्य सरकार के अधीन विभिन्न विभाग और सरकारी कार्यालयों में आयोजित होने समारोहों, बैठकों के लिए स्थानीय समूहों के उत्पाद खरीदे जाएंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने इसके आदेश जारी कर दिए हैं।
महिलाओं और किसानों की मजबूती का बनेगा आधार –
मुख्य सचिव की ओर से गुरुवार को जारी आदेश में कहा गया है कि उत्तराखंड में अलग – अलग विभागों के सहयोग से विभिन्न प्रकार के स्वयं सहायता समूहों, किसान उत्पादक संगठनों, महिला कृषकों और एकल महिला उद्यमियों द्वारा कई प्रकार के उच्च गुणवत्ता युक्त स्थानीय उत्पाद बनाए जा रहे हैं। उत्तराखंड सरकार भी विभिन्न शासकीय कार्य्रकमों, बैठकों, समारोह में उपहार देने के लिए स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता के आधार पर क्रय करने पर जोर दे रही है। इसी क्रम में सभी विभाग, कार्यालय अपने अधीन होने वाले कार्यक्रमों, समारोहों के लिए स्थानीय उत्पादों की खरीद करेंगे। इससे समूहों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ ही, लोगों को भी गुणत्ता पूर्ण उत्पाद हासिल हो सकेंगे।
प्रदेश सरकार ने गत वर्ष स्थानीय उत्पादों का अम्ब्रेला ब्रांड हाउस आफ हिमालयाज भी लांच किया है। इसका उद्घाटन खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों, दिसंबर 2023 के दौरान देहरादून में आयोजित ग्लोबल इंवेस्टर समिट के दौरान हुआ था। वर्तमान में हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड के तहत आठ श्रेणी में कुल 35 उत्पादों को शामिल किया गया है। इसमें मिलेट्स बिस्किट, मुन्स्यारी, चकराता, हर्षिल की राजमा, चौलाई, तोर दाल, पहाड़ का परंपरागत लाल चावल, झंगोरा, गहथ, काले भट्ट, चाय, तेल, पर्सनल केयर, हैंडीक्राफ्ट के उत्पाद शामिल हैं।
गौरतलब है कि उत्तराखंडी उत्पादनों की मांग विगत कुछ वर्षों से पूरे देश में की जा रही है .. इससे न केवल प्रदेश के आम लोगों की आजीविका मजबूत होगी बल्कि महिलाओं के लिए ,जो स्वयं सहायता समूह के जरिए या खुद संचालन करती हैं उनको भी बहुत फायदा होगा।
Dehradun: सीएम पुष्कर सिंह धामी ने निर्देश दिए कि नई दिल्ली में नवनिर्मित उत्तराखंड निवास आम जन के लिए भी उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जाए। सीएम ने प्रकाशित खबरों का संज्ञान लेते हुए कहा कि उत्तराखंड निवास में कक्ष आरक्षण के लिए जारी शासनादेश को तत्काल संशोधित किया जाए और उत्तराखंड के आम व्यक्ति को भी उपलब्धता के आधार पर वहां कक्ष मिल सके ऐसी व्यवस्था की जाए। मुख्यमंत्री ने दरों का भी पुनर्निर्धारण करने के निर्देश दिए है।
बुधवार को जारी शासनादेश को सीएम धामी ने संशोधित करने के निर्देश दिए। शासनादेश के मुताबिक दिल्ली में बनाए गए नए उत्तराखंड निवास में केवल नेता और आला अफसरों को ही ठहरने की सुविधा दिए जाने की बात कही गई थी। बाकी के लिए यहां प्रवेश नहीं रहेगा। राज्य संपत्ति विभाग ने इसके लिए रेट लिस्ट और ठहरने के पात्र लोगों की सूची जारी कर दी थी।
उत्तराखंड निवास में केवल राज्यपाल, मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, मंत्री, नेता प्रतिपक्ष, हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश व न्यायाधीश, सांसद, विधायक, दायित्वधारी, पूर्व मुख्यमंत्री, एडवोकेट जनरल, राष्ट्रीय या राज्य स्तर का दर्जा प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रदेश अध्यक्ष, विभिन्न संवैधानिक आयोगों के अध्यक्ष, मेयर, जिपं अध्यक्ष, मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव, पुलिस महानिदेशक, अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक, प्रमुख वन संरक्षक, मुख्य वन संरक्षक, राज्य के मुख्य स्थायी अधिवक्ता, 13-ए ग्रेड लेवल या उच्च वेतन के अफसरों को ठहरने की सुविधा दी जानी थी।
अपर सचिवों से लेकर आम आदमी तक के लिए यहां ठहरने की व्यवस्था नहीं की गई। जिसका संज्ञान लेते हुए सीएम धामी ने तत्काल इसे संशोधित करने के निर्देश दिए। यहां उत्तराखंड शासन या सरकारी विभागों की बैठक निशुल्क कराई जा सकेंगी। निगमों या समितियों को बैठक के लिए 15,000 रुपये प्रतिदिन प्रति कार्यक्रम देने होंगे। अन्य को 35,000 रुपये प्रति कार्यक्रम देने होंगे।
Dehradun: उत्तराखंड एक ऐसा राज्य जिसमें पर्यटन को लेकर अपार संभावनाएं हैं,,सिर्फ चार धाम यात्रा ही नहीं कई जगहें ऐसी हैं जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जानी जाती है,,,,लेकिन पर्याप्त प्रचार – प्रसार और उचित व्यवस्थाएं न होने के चलते इन जगहों को देश दुनिया नहीं जानती है,लेकिन चारधाम यात्रा के साथ – साथ इन स्थानों के विकास के लिए एक नया तरीका धामी सरकार ने ढूढ़ लिया है,,,,दरअसल ऐसे स्थानों को देश दुनिया की नजर में लाने के लिए सरकार ने अब कई जगहों को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने का फैसला किया है,इसके लिए बाकयदा सरकार ने निति बनाने की तरफ तेजी से कदम बढ़ा दिया है।
उत्तराखंड में वेडिंग डेस्टिनेशन विकसित किये जाने के लिए पर्यटन विभाग चार सप्ताह में पॉलिसी बनाएगा।पंतनगर और देहरादून एयरपोर्ट में विमानों की नाइट लैंडिंग की व्यवस्था के लिए की जा रही कार्यवाही में तेजी लाई जाए। दो नये शहरों को विकसित करने की कार्ययोजना को धरातल पर लाने के लिए तेजी से कार्यवाही की जाए। गंगा और शारदा कॉरिडोर डेवलपमेंट और डाकपत्थर में बनने वाले नॉलेज सिटी के लिए चरणबद्ध तरीके से कार्य किये जाएं। जून 2026 तक सभी परियोजनाओं पर विधिवत कार्य प्रारंभ किया जाए। सचिवालय में उत्तराखंड निवेश और आधारिक संरचना विकास बोर्ड (यू.आई.आई.डी.बी.) की तृतीय बैठक के दौरान ये निर्देश मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि विरासत के साथ विकास के मॉडल पर कार्य किया जाए।
वीडियो देखें: उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री का कमाल
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की आगामी 25 साल की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विभिन्न विकास योजनाओं का सुनियोजित प्लान कर कार्य किये जाएं। 2047 तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए राज्य में भी अल्पकालिक, लघुकालिक और दीर्घकालीन योजनाओं पर कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड निवेश और आधारिक संरचना विकास बोर्ड के तहत सभी परियोजनाओं से संबंधित क्षेत्रों के विकास के लिए सुनियोजित तरीके से कार्य किया जाए। जनप्रतिनिधियों और स्टेक होल्डर्स के सुझावों को शामिल कर परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं की नियमित समीक्षा की जायेगी।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में पहचान दिलाने के लिये विभिन्न स्थानों का चयन कर वहां अवस्थापना सुविधाओं के विकास पर ध्यान देने को कहा। इसके लिए वेडिंग प्लानरों, होटल समूहों से सहयोग लेकर इसके प्रचार प्रसार पर भी ध्यान देने पर बल दिया। राज्यों में दो नये शहरों के विकास और सभी प्रकार की मूलभूत सुविधाएं विकसित करने के लिए स्पष्ट कार्ययोजना के तहत कार्य करने के उन्होंने निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि यू.आई.आई.डी.बी. की परियोजनाओं के तहत पर्यटन और तीर्थाटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थानों के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। गंगा और शारदा कॉरिडोर के पौराणिक और आध्यात्मिक महत्व को ध्यान में रखते हुए कार्य किये जाएं। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि राज्य हित में जिन उद्देश्यों की पूर्ति के लिये यू.आई.आई.डी.बी. का गठन किया गया है, उसके परिणाम शीघ्र धरातल पर दिखाई दें।
बैठक में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, विधायक मदन कौशिक, रेनू बिष्ट, उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण परिषद विश्वास डाबर, मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव आनंद वर्धन, प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, दिलीप जावलकर, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, विनय शंकर पाण्डेय, डॉ. आर राजेश कुमार, उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, जिलाधिकारी पौड़ी डॉ. आशीष चौहान, जिलाधिकारी हरिद्वार कर्मेन्द्र सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड में जनवरी 2025 से समान नागरिक संहिता लागू हो जाएगी। इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बुधवार को सचिवालय में उत्तराखंड निवेश और आधारिक संरचना विकास बोर्ड (यूआईआईडीबी) की बैठक के दौरान सीएम धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार अपने संकल्प के अनुसार, समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में होमवर्क पूरा कर चुकी है।
सीएम धामी ने कहा कि मार्च 2022 में प्रदेश में नई सरकार बनने के बाद मंत्रिमंडल की पहली बैठक में ही प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति, गठित करने का निर्णय लिया गया था। इस क्रम में सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया।
समिति की रिपोर्ट के आधार पर 07 फरवरी, 2024 को राज्य विधान सभा से समान नागरिक संहिता विधेयक 2024 पारित किया गया। इस विधेयक पर महामहिम राष्ट्रपति की सहमति मिलने के बाद 12 मार्च, 2024 को इसका नोटिफिकेशन जारी किया गया। इसी क्रम में अब समान नागरिक संहिता, उत्तराखण्ड 2024 अधिनियम की नियमावली भी तैयार कर ली है।
एक पोर्टल तथा मोबाइल एप भी तैयार किया गया-
इस तरह उत्तराखंड अब जनवरी से समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए पूरी तरह तैयार है, उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए, संहिता के प्रावधान लागू करने के लिए कार्मिकों का समुचित प्रशिक्षण देने के साथ ही सभी तरह की आधारभूत सुविधाएं जुटा ली जाएं। साथ ही अधिक से अधिक सेवाओं को ऑनलाइन रखते हुए, जनसामान्य की सुविधा का ख्याल रखा जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जन सामान्य की सुलभता के दृष्टिगत समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए एक पोर्टल और मोबाइल एप भी तैयार किया गया है, जिससे कि पंजीकरण, अपील आदि की समस्त सुविधाएं ऑनलाइन माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही हैं।
जनवरी, 2025 में उत्तराखंड में राज्य समान नागरिक संहिता लागू हो जाएगी। उत्तराखंड का समान नागरिक संहिता कानून, सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास की मूल भावना पर चलते हुए, समाज को नई दिशा देगा। यह कानून विशेषकर देवभूमि की महिलाओं और बच्चों के सशक्तिकरण के नए द्वार खोलेगा। -पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड
आईएमए से पास आउट होकर देश को आज (शनिवार) को 456 युवा अफसर मिल गए हैं। इसके साथ ही 35 मित्र राष्ट्रों के अफसर भी पास आउट हुए। ऐतिहासिक चेटवुड बिल्डिंग के ड्रिल स्क्वायर पर हुई परेड की सलामी नेपाल के सेना प्रमुख अशोक राज सिगडेल ली।
इसके साथ ही शनिवार को भारतीय सैन्य अकादमी के नाम देश-विदेश की सेना को 66 हजार 119 युवा सैन्य अधिकारी देने का गौरव जुड़ गया। इनमें मित्र देशों को मिले 2988 सैन्य अधिकारी भी शामिल हैं। पीओपी के मद्देनजर अकादमी के आसपास सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद की गई थी। चप्पे-चप्पे पर सेना के सशस्त्र जवान तैनात रहे।
सुरक्षा का जिम्मा दून पुलिस के पास-
अकादमी परिसर के बाहरी क्षेत्र में सुरक्षा का जिम्मा दून पुलिस के पास है। परेड के दौरान शनिवार सुबह सात बजे से दोपहर साढ़े 12 बजे तक पंडितवाड़ी से लेकर प्रेमनगर तक जीरो जोन रहेगा।मुख्य परेड के बाद जनरल सिग्देल परेड के कलर पार्टी और केन ऑर्डलीज को पुरस्कार प्रदान किए गए। इसके साथ ही, उन्होंने रिव्यूइंग ऑफिसर प्लेट और तलवार भी प्रदान किए। इसके बाद, नेपाली सेना के दो जेंटलमैन कैडेट्स समेत नए कमीशंड अधिकारियों के साथ बातचीत करेंगे।
दो दिन में प्रदेश के पर्वतीय जिलों में हुई बर्फबारी व बारिश का असर बुधवार और बृहस्पतिवार को देखने को मिलेगा। मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से 11 और 12 दिसंबर को हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जिले को छोड़ सभी जिलों में पाला पड़ने का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
इन जिलों में शीतलहर से भी ठिठुरन बढ़ेगी। पूर्वानुमान के अनुसार, 13 दिसंबर के बाद प्रदेशभर में मौसम शुष्क रहेगा। मंगलवार को दून का अधिकतम तापमान सामान्य से एक डिग्री की कमी के साथ 21.8 डिग्री पर रहा, जबकि रात का न्यूनतम तापमान तीन डिग्री की कमी के साथ 5.6 डिग्री रहा। बुधवार के तापमान की बात करें तो दून का अधिकतम तापमान 24 और न्यूनतम तापमान सात डिग्री रहने के आसार है।
निकाय चुनाव को लेकर भाजपा में चुनावी सरगरमी तेज हो गई है। भाजपा के नगर पालिका पौड़ी में निकाय चुनाव प्रभारी व निवर्तमान ब्लाॅक प्रमुख एकेश्वर नीरज पांथरी ने कार्यकर्ताओं की बैठक ली। इस दौरान उन्होंने चुनाव में पार्टी प्रत्याशियों की जीत को लेकर एकजुट होकर कड़ी मेहनत करनेका आह्वान किया।
निकाय चुनाव प्रभारी का दायित्व मिलने के बाद पहली बार मंगलवार को नीरज पांथरी पौड़ी पहुंचे। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया। उन्होंने भाजपा जिला कार्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं व पदाधिकारिकयों की बैठक ली। इस मौके पर पांथरी ने बताया कि नगर पालिका पौड़ी के समस्त 11 वार्डों में चुनाव प्रभारी तैनात किए जाएंगे। जिसको लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
कहा प्रदेश स्तर से जल्द ही तीन सदस्यीय पर्यवेक्षकों का दल भी पौड़ी पहुंचर चुनाव तैयारियों का जायजा लेगा। निकाय चुनाव में अध्यक्ष व सभासद के पदों पर दावेदारी कर रहे पार्टी कार्यकर्ताओं की टोह ली गई। चुनाव प्रभारी पांथरी ने कार्यकर्ताओं से पार्टी प्रत्याशियों की जीत के लिए एकजुटता के साथ मेहनत करने का आह्वान किया है।
कहा कि पौड़ी नगर पालिका में सभी पदों पर पार्टी प्रत्याशी भारी बहुमत से जीत दर्ज करेंगे। इस अवसर जिला महामंत्री शशि रतूड़ी, जिला उपाध्यक्ष कमल किशोर रावत, नगर मंडल अध्यक्ष क्रांति किशोर नेगी, ओपी जुगरान, संगीता रावत, प्रियंका थपलियाल, महावीर नेगी आदि मौजूद रहे।
शासन ने पीसीएस अधिकारियों के पदभार में बड़ा फेरबदल किया है। शासन ने सोमवार देर शाम 23 पीसीएस अधिकारियों के पदभार में बदलाव की सूची जारी की है।
शासन द्वारा जारी सूची के अनुसार, अपर जिलाधिकारी पिथौरागढ़ शिव कुमार बरनवाल को सचिव बाल संरक्षण आयोग की जिम्मेदारी दी गई है। पीसीएस अरविंद कुमार पांडेय को सचिव सूचना आयोग से अपर जिलाधिकारी टिहरी के पद पर भेजा गया है। अपर जिलाधिकारी टिहरी कृष्ण कुमार मिश्रा को अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व देहरादून के पद पर तैनाती दी गई है।
अनिल गबर्याल बने अपर जिलाधिकारी पौड़ी –
अपर जिलाधिकारी हरिद्वार प्यारेलाल शाह को अपर जिलाधिकारी उत्तरकाशी के पद पर तैनाती दी गई है। महाप्रबंधक उत्तराखंड परिवहन निगम अनिल गबर्याल को अपर जिलाधिकारी पौड़ी के पद पर स्थानांतरित किया गया है। पीसीएस रजा अब्बास को सचिव उत्तराखंड सूचना आयोग की जिम्मेदारी दी गई है। डिप्टी कलेक्टर हरिद्वार युक्ता मिश्र को उप सचिव उत्तराखंड सूचना आयोग का पदभार सौंपा गया है।
डिप्टी कलेक्टर चंपावत सौरभ असवाल को डिप्टी कलेक्टर हरिद्वार के पद पर स्थानांतरित किया गया है। नगर आयुक्त रुड़की जितेंद्र कुमार को डिप्टी कलेक्टर हरिद्वार का जिम्मा दिया गया है। डिप्टी कलेक्टर हरिद्वार गोपाल सिंह चौहान को इसी पद पर उत्तरकाशी स्थानांतरित किया गया है। डिप्टी कलेक्टर यूएस नगर राकेश तिवारी को नगर आयुक्त रुड़की का पदभार सौंपा गया है। डिप्टी कलेक्टर देहरादून शालिनी नेगी को इसी पद पर टिहरी स्थानांतरित किया गया है
अपर निदेशक प्रशिक्षण एवं सेवायोजन, हल्द्वानी ऋचा सिंह को डिप्टी कलेक्टर नैनीताल का जिम्मा दिया गया है। डिप्टी कलेक्टर हरिद्वार कुश्म चौहान को डिप्टी कलेक्टर पौड़ी के पद पर स्थानांतरित किया गया है। डिप्टी कलेक्टर टिहरी सोनिया पंत को महाप्रबंधक उत्तराखंड परिवहन निगम का जिम्मा दिया गया है। डिप्टी कलेक्टर पौड़ी चतर सिंह चौहान को डिप्टी कलेक्टर यूएस नगर का जिम्मा दिया गया है।
डिप्टी कलेक्टर नैनीताल राहुल शाह को इसी पद पर पिथौरागढ़ भेजा गया है। डिप्टी कलेक्टर बागेश्वर मोनिका को इसी पद पर चंपावत स्थानांतरित किया गया है। डिप्टी कलेक्टर नैनीताल रेखा कोहली को डिप्टी कलेक्टर पिथौरागढ़ बनाया गया है। डिप्टी कलेक्टर नैनीताल प्रमोद कुमार को इसी पद पर बागेश्वर भेजा गया है।
डिप्टी कलेक्टर यूएस नगर गौरव चटवाल को इसी पद पर देहरादून स्थानांतरित किया गया है। डिप्टी कलेक्टर नवाजिश खलिक को उत्तरकाशी से इसी पद पर नैनीताल भेजा गया है। डिप्टी कलेक्टर श्रेयस गुनसोला को पिथौरागढ़ से पौड़ी स्थानांतरित किया गया है।
रविवार दोपहर बाद अचानक बदले मौसम के मिजाज के साथ ही चारों धामों सहित हर्षिल घाटी में सीजन की पहली बर्फबारी हुई है। वहीं, निचले इलाकों में बारिश होने से तापमान गिरने से ठंड बढ़ गई। वहीं, चकराता में भी सीजन की पहली बर्फबारी हुई।
इस साल बारिश और बर्फबारी का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा था। अमूमन नवंबर माह से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी व निचले क्षेत्रों में बारिश का दौर शुरू हो जाता है। लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ, बल्कि इसकी जगह केवल सूखी ठंड पड़ने से बच्चे और बड़े सभी सर्दी, खांसी, जुकाम और बुखार की चपेट में आ रहे थे। वहीं, काश्तकार भी सेब सहित अन्य फसलों के उत्पादन को लेकर चिंता जताने लगे थे। लेकिन रविवार दोपहर बाद मौसम बदलने से स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों के चेहरे खिल उठे।
उधर, केदारनाथ, मद्महेश्वर, तुंगनाथ सहित अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रविवार को दोपहर बाद मौसम बदला और देर शाम को बर्फबारी शुरू हो गई। केदारनाथ में पुनर्निर्माण कार्य में जुटे सेवानिवृत्त कैप्टन सोवन सिंह बिष्ट ने बताया कि धाम में अधिकतम तापमान माइनस 8 और न्यूनतम माइनस 11 डिग्री सेल्सियस चल रहा है।
वहीं, चमोली जनपद में बदरीनाथ के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रविवार को देर शाम बर्फबारी हुई, जबकि निचले इलाकों में बूंदाबांदी होने से कड़ाके की ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। चीन सीमा क्षेत्र के माणा पास, घस्तोली, बाड़ाहोती, सुमना क्षेत्र में देर शाम से बर्फबारी शुरू हो गई थी। यही हाल हेमकुंड साहिब क्षेत्र में भी रहा।
मसूरी में तापमान गिरकर 8 डिग्री तक पहुंचा-
पहाड़ों की रानी मसूरी में रविवार को सुबह चटक धूप के साथ दिन की शुरुआत हुई, लेकिन दोपहर बाद मौसम ने करवट ली और शहर में ठंडी हवा के साथ घने बादल छा गए। इससे शहर में कड़ाके की ठंड हो गई, तापमान में गिरावट दर्ज की गई। शहर में साढ़े चार बजे अधिकतम तापमान 8 डिग्री दर्ज किया गया।
अगले दो दिन बारिश-बर्फबारी का अलर्ट-
मौसम वैज्ञानिकों ने ऊंचाई वाले इलाकों में आठ और नौ दिसंबर को हल्की बारिश के साथ बर्फबारी होने के आसार जताए हैं। इसके चलते प्रदेश में पहाड़ से लेकर मैदान तक तापमान गिरने से ठिठुरन और भी बढ़ सकती है।
हालांकि 10 दिसंबर के बाद प्रदेशभर में फिर मौसम शुष्क हो जाएगा, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ के चलते अधिकतम तापमान में तीन से पांच डिग्री तक की गिरावट दर्ज की जाएगी। इसके चलते पहाड़ से लेकर मैदान तक ठिठुरन बढ़ सकती है।