Category Archive : उत्तराखंड

आगामी चार धाम यात्रा सीजन में भारत-चीन सीमा पर बजेगी फोन की घंटी, पहले चरण का काम हुआ शुरू

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आगामी यात्रा सीजन में भारत-चीन अंतरराष्ट्रीय सीमा पर जल्द ही मोबाइल की घंटी बजेगी। इसके लिए भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) नेलांग और जादूंग में मोबाइल टावर लगा रहा है। बीएसएनएल के अधिकारियों का कहना कि नेलांग में टावर लगाने का करीब 70 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। वहीं जादूंग में प्रथम चरण शुरू कर दिया गया है।

आगामी चारधाम यात्रा सीजन के दौरान अंतरराष्ट्रीय सीमा के नेलांग और जादूंग गांवों में मोबाइल की घंटी बज जाएगी। इसके साथ ही भटवाड़ी विकासखंड के सबसे दूरस्थ जौड़ाव और सिल्ला सहित धौंतरी क्षेत्र के उलण गांव में भी दो से तीन माह के भीतर मोबाइल के सिग्नल मिलने लगेंगे। यह दूरस्थ गांव सड़क मार्ग से 10 से 12 किमी की दूरी पर हैं। जहां पर अभी सड़क, संचार जैसी मूलभूत सुविधाएं शुरू नहीं हो पाई हैं। इन सभी गांवों में मोबाइल सेवा देने के लिए टावर लगने के दूसरे चरण का कार्य चल रहा है।

जनकताल ट्रैक तक सिग्नल मिलने लगेंगे-

नेलांग और जादूंग गांव को दोबारा बसाने के लिए केंद्र सरकार वाइब्रेंट योजना के तहत कार्य कर रही है। जो कि सामरिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण होगा। यात्रा सीजन में नेलांग क्षेत्र में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। वहीं टावर लग जाने से गरतांग गली, नागा, नीला पानी, जनकताल ट्रैक तक सिग्नल मिलने लगेंगे और लोग मोबाइल पर बात कर सकेंगे। इसका फायदा सेना सहित गंगोत्री नेशनल पार्क के कर्मचारियों को भी मिलेगा। कोई घटना होने पर आसानी से इसकी सूचना मुख्यालय और अपने साथियों को दी जा सकेगी।

नेलांग में मोबाइल टावर लगाने के लिए पुटिंग का कार्य पूर्ण हो चुका है। ऊंचाई के कारण अभी वहां पर बर्फ जमा है। बर्फ कम होते ही टावर खड़ा कर दिया जाएगा। इस यात्रा सीजन तक नेलांग में मोबाइल टॉवर की सेवा शुरू कर दी जाएगी। नेलांग सहित जादूंग और जौड़ाव आदि क्षेत्रों में मोबाइल टावर लगाने के लिए निजी कंपनी को कार्यदायी संस्था बनाया गया है। सभी स्थानों पर एक-एक नाली भूमि उपलब्ध करवाई गई है। -अनिल कुमार, एसडीओ बीएसएनएल

Uttarakhand Cabinet: आबकारी नीति को मिली मंजूरी, पढ़िए धामी मंत्रिमंडल के ये अहम फैसले।

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मंत्रिमंडल की बैठक आज विधानसभा में सीएम पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई। बैठक में कई अहम फैसलों पर मुहर लगाई गई। बैठक में फैसला लिया गया कि विधानसभा का सत्र अब देहरादून में ही होगा। तिथियों पर निर्णय लेने का अधिकार अब मुख्यमंत्री को दिया गया है। ग्रीष्मकालीन सत्र गैरसैण में होगा। वहीं आबकारी नीति को मंजूरी मिल गई है। 4000 करोड़ के लक्ष्य को 4400 करोड़ किया गया है।

इन फैसलों पर लगी मुहर-

  1. -एनएच की जमीन एयरपोर्ट में आएगी। 103 एकड़ भूमि दी जाएगी। एनएच ने मांगा है। अनुमोदन कैबिनेट ने दिया।
  2. -आईटीआई में दाखिले लेने वालों को यूनिफॉर्म मिलेगी। शिक्षा विभाग की तरह खाते में पैसा जाएगा।
  3. -दृष्टि पत्र 2022 के तहत राज्य के मेधावी छात्र, जो टॉप 50 यूनिवर्सिटी में एडमिशन पाएंगे, उन्हें 50 हजार मिलेंगे। एनआईआरएफ के टॉप 50 संस्थान में 100 छात्रों को एडमिशन।
  4. -पंतनगर हवाई पट्टी के रनवे को 3000 मीटर तक विस्तारित किया गया था। राष्ट्रीय राजमार्ग की 7 किमी लंबी का दोबारा सर्वेक्षण किया जाना है।
  5. -चिकित्सा स्वास्थ्य : एक्सरे टेक्नीशियन संवर्ग के ढांचे में संशोधन। पदोन्नति मिल सकेगी।
  6. -सेतु के संगठनात्मक ढांचे में आंशिक संशोधन। पदों की योग्यता और भर्ती खुले बाजार से भी।
  7. -चिकित्सा प्रतिपूर्ति के दावों के लिए व्यवस्था। गोल्डन कार्ड से अलग होने वालों को प्रतिपूर्ति मिलेगी।
  8. -भाषा संस्थान में 21 नए पद सृजित।

ये फैसले भी लिए गए हैं- 

– अल्मोड़ा में योगदा आश्रम सोसाइटी ऑफ इंडिया द्वाराहाट को तीन हेक्टेयर वन भूमि 30 साल की लीज पर। यहां से पास होकर केंद्र को जाएगा।
-आरसीएस योजना, उड़ान के तहत पिथौरागढ़ की हवाई सेवा शुरू हुई, उसी तरह उत्तराखंड एयर कनेक्टिविटी स्कीम यूएसीएस लाई गई। किसी भी शहर या दूसरे राज्य के शहर से हवाई कनेक्टिविटी आसान होगी।
-एक समिति बनेगी, जो किराए व कनेक्टिविटी पर फैसला लेगी। पीएसयू को सीधे काम मिलेगी। इसके अलावा अन्य एजेंसी पायलट प्रोजेक्ट के तहत 12 माह के लिए मौका दे सकते हैं। कैबिनेट की सैद्धान्तिक योजना।
-आठ राजकीय आयुष चिकित्सालय में 82 पदों का सृजन

Uttarakhand: भाजपा में टिकट दावेदारों की है लंबी कतार, कई युवा भी हैं चुनाव में ताल ठोकने को बेताब

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लोकसभा चुनाव के टिकट के लिए  भाजपा में टिकट के दावेदारों की लंबी लाइन लगी हुई है। दिग्गज नेताओं से लेकर पार्टी के युवा तक सभी चुनाव में ताल ठोकने को बेताब हैं। जब से भाजपा के हलकों में कुछ सीटों पर प्रत्याशी बदलने की अटकलों ने जोर पकड़ा है, तभी से उनकी कोशिशें तेज हो रही हैं।

जैसे-जैसे लोकसभा चुनावों का समय नजदीक आ रहा है वैसे-वैसे टिकट की दावेदारी पूरी तरह से खुलकर सामने आने लगेगी। चर्चाएं ये भी हैं कि भाजपा केंद्रीय नेतृत्व लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी चयन के मामले में भी पार्टी को एक बड़ा सरप्राइज कर सकता है। वर्तमान में राज्य की सभी पांचों लोकसभा सीटों पर भाजपा का कब्जा है। 2014 और 2019 लोक सभा चुनावों में भाजपा ने पांचों सीटों पर लगातार जीत दर्ज की है ।

अल्मोड़ा-पिथौरागढ़, टिहरी गढ़वाल और हरिद्वार लोकसभा सीट पर भाजपा ने अपने तीनों प्रत्याशियों को  रिपीट किया था। टिहरी गढ़वाल संसदीय सीट पर माला राज्य लक्ष्मी शाह, हरिद्वार में डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक और अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ लोस सीट पर अजय टम्टा सांसद हैं। 2014 में गढ़वाल लोस सीट पर मेजर जनरल बीसी खंडूरी  सांसद थे।

प्रत्याशियों में हो सकता है फेरबदल-


2019 में पार्टी ने खंडूड़ी के शिष्य तीरथ सिंह रावत को टिकट दिया और वह चुनाव जीते। नैनीताल-ऊधमसिंह नगर में 2014 में भगत सिंह कोश्यारी सांसद चुने गए थे। 2019 में उनकी इस सीट पर अजय भट्ट को उम्मीदवार बनाया गया, वह भी चुनाव जीते। अब भाजपा के राजनीतिक हलकों में यह कयास हैं कि पार्टी नेतृत्व प्रत्याशी चयन को लेकर चौंका सकता है।

ऐसे में पार्टी में यह सवाल गरमा रहा कि पार्टी नेतृत्व पांचों सीटों पर प्रत्याशी रिपीट करेगा या सभी को बदलेगा, या कुछ सीटों पर नए चेहरों को मैदान में उतारेगा। पांच में से तीन लोस सीटों पर वर्तमान सांसदों का टिकट काटे जाने की ज्यादा चर्चाएं हैं। इन चर्चाओं ने पार्टी के उन चेहरों के उम्मीदों को पंख लगाते हैं जो लोस चुनाव की दावेदारी कर रहे हैं। इनमें पार्टी के कुछ विधायक, पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व सांसद व पार्टी पदाधिकारी, युवा और महिला मोर्चा के पदाधिकारी भी शामिल हैं। टिहरी, अल्मोड़ा और हरिद्वार सीटों से तो प्रदेश संगठन को टिकट के लिए आवेदन तक मिल चुके हैं।
लोकसभा चुनाव में भाजपा जीत की हैट्रिक लगाएगी। पार्टी में उम्मीदवारों का निर्णय केंद्रीय संसदीय बोर्ड करता है। यह बात सही है कि कुछ कार्यकर्ताओं ने विभिन्न सीटों पर टिकट की दावेदारी के आवेदन दिए हैं। महेंद्र भट्ट, प्रदेश अध्यक्ष- भाजपा

उत्तराखंड में बिजली दरों में बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर 19 फरवरी से होगी जनसुनवाई, 1 अप्रैल से लागू होंगी बिजली की नई दरें।

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उत्तराखंड प्रदेश में बिजली दरों में बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर अब उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग यानी UPCL 19 फरवरी से जनसुनवाई शुरू करने जा रहा है। गढ़वाल मंडल में दो और कुमाऊं मंडल में दो शहरों में सुनवाई के बाद आयोग अपना निर्णय लेगा और जल्द ही नई विद्युत दरें 1 अप्रैल से लागू हो जाएंगी।

आयोग सचिव नीरज सती ने बताया कि देहरादून के अलावा अल्मोड़ा, टिहरी गढ़वाल और रुद्रपुर में जनसुनवाई होगी। इसमें कोई भी उपभोक्ता शामिल होकर अपना पक्ष रख सकता है। हितधारकों को भी यहां सुनवाई का मौका दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि जनसुनवाई के बाद आयोग बैठक करेगा और विद्युत दरों पर अपना अंतिम निर्णय लेगा।

कहां और कब होगी जनसुनवाई-

19 फरवरी की सुबह 10:30 से दोपहर एक बजे तक – सभागार, नगर पालिका, माल रोड, अल्मोड़ा

20 फरवरी को , सुबह 10 से दोपहर 1 बजे तक – सभागार, विकास भवन, नैनीताल रोड, रुद्रपुर, ऊधमसिंह नगर

24 फरवरी को , सुबह 11 से दोपहर 1:30 बजे तक – सभागार, जिला पंचायत परिसर, बौराड़ी, नई टिहरी

26 फरवरी को , सुबह 10:30 से दोपहर 1:30 बजे तक- सुनवाई कक्ष, विद्युत नियामक आयोग, निकट आईएसबीटी, माजरा, देहरादून में होगी

तीनों ऊर्जा निगमों से है 30 फीसदी बढ़ोतरी का प्रस्ताव-

प्रदेश के तीनों ऊर्जा निगमों ने नियामक आयोग को अगले वित्तीय वर्ष के लिए जो याचिका भेजी हैं, उसके हिसाब से बिजली उपभोक्ताओं पर 30 प्रतिशत तक बोझ बढ़ सकता है। यूपीसीएल ने विद्युत दरों में 23 से 27 प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया है। यूजेवीएनएल ने पिछले साल के मुकाबले अपने टैरिफ (जिस दर पर वह यूपीसीएल को बिजली देता है) में करीब 23 प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया है।

इस प्रस्ताव के हिसाब से यूपीसीएल के टैरिफ पर 1.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो जाएगी। यानी इसे जोड़कर यूपीसीएल के टैरिफ में 24.5 से 28.5 प्रतिशत बढ़ोतरी हो जाएगी। पिटकुल ने ट्रांसमिशन चार्जेज और अन्य रखरखाव के मद्देनजर पिछले साल के मुकाबले इस साल करीब 48 प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया है। अगर आयोग इस प्रस्ताव को मानता है तो यूपीसीएल के टैरिफ में इससे करीब 1.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो जाएगी। यानी तीनों निगमों का कुल मिलाकर प्रस्ताव 26 से 30 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा। इस प्रस्ताव पर ही नियामक आयोग को इस बार निर्णय लेना होगा।

Badrinath Dham: 12 मई को खुलेंगे बद्रीनाथ धाम के कपाट, बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर घोषित की गई तिथि

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बदरीनाथ धाम के कपाट 12 मई को ब्रह्ममुहुर्त में सुबह 6 बजे खुलेंगे। आज बसंत पंचमी के अवसर पर नरेंद्रनगर (टिहरी) स्थित राजदरबार में कपाट खुलने की तिथि घोषित की गई।

बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि तय करने की प्रक्रिया के लिए गाडूघड़ा (तेल-कलश) श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर डिम्मर से मंगलवार शाम श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के चंद्रभागा स्थित विश्राम गृह पहुंच गया था। जहां श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति सहित श्रद्धालुओं ने तेल-कलश का स्वागत किया।

बीकेटीसी के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने बताया कि श्री डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत की ओर से गाडूघड़ा राजमहल को सौंपा गया। इसके बाद राजमहल से गाडूघड़ा में तिल का तेल पिरोया गया।

श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने से पूर्व तिल का तेल पिरोने के बाद गाडूघड़ा नरेंद्रनगर राजदरबार से डिम्मर होते हुए श्री नृसिंह मंदिर, योग बदरी पांडुकेश्वर से श्री बदरीनाथ धाम पहुंचाया जाएगा। कपाट खुलने के बाद यह तेल-कलश भगवान बदरी विशाल के नित्य अभिषेक के लिए प्रयोग में लाया जाएगा।

Haldwani Violence: बनभूलपुरा मामले में घायल एक और व्यक्ति की मौत, सिर के आर-पार हो गई थी गोली, 2 की हालत गंभीर।

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हल्द्वानी के बनभूलपुरा में गुरुवार शाम को अतिक्रमण हटाने को लेकर हुए बवाल के बाद प्रशासन ने उपद्रवियों के पैर में गोली मारने के आदेश जारी किए थे। हल्द्वानी हिंसा में पांच लोगों की गोली लगने से मौत हो गई थी, जबकि तीन लोगों का एसटीएच में इलाज चल रहा है। इनमें दो की हालत गंभीर बनी हुई है। आज एक की मौत हो गई है। इशरार के सिर में गोली लगी थी जो आर-पार हो गई थी। वहीं एसएसपी ने कहा कि मास्टरमाइंड अब्दुल मलिक को जल्द अरेस्ट किया जाएगा।

मिली जानकारी के अनुसार, आठ फरवरी को हिंसा के दौरान घायल हुए बनभूलपुरा निवासी अलबसर, इसरार और शाहनवाज को इलाज के लिए अस्पताल लाया गया था। तीनों की हालत गंभीर थी। इसरार के सिर में गोली लगी थी जो आर-पार हो गई थी और इलाज के दौरान आज उसकी मौत हो गई है।

एसएसपी प्रहलाद नारायण मीणा ने कहा कि बनभूलपुरा दंगे में अब तक कुल छह लोगों की मौत हुई है। वहीं, कर्फ्यू क्षेत्र में आवश्यक सेवाएं सुचारू की गई है। आगजनी करने वालों को चिन्हित किया जा रहा। पुलिस दंगाइयों को पकड़ने का काम कर रही है।

Haldwani Violence: बनभूलपुरा में 127 शस्त्र लाइसेंस निलंबित, पुलिस ने चलाया सर्च ऑपरेशन, 27 लोग हिरासत में।

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हल्द्वानी हिंसा मामले में प्रशासन ने बनभूलपुरा क्षेत्र के 120 लोगों के 127 शस्त्र लाइसेंस को निरस्त कर दिया है। पुलिस को 24 घंटे के अंदर संबंधित शस्त्रों को कब्जे में लेने के निर्देश दिए हैं। पुलिस ने इलाके में फिर सर्च ऑपरेशन चलाया। इसमें 27 लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। सोमवार को बनभूलपुरा थाना क्षेत्र को छोड़कर नगर के अन्य क्षेत्रों से पूरी तरह कर्फ्यू हटाने के साथ इंटरनेट सेवा को बहाल कर दिया। इससे जनजीवन सामान्य होने लगा है।

एडीएम फिंचाराम चौहान की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि आठ फरवरी को उपद्रवियों की ओर से की गई हिंसा में पुलिस, प्रशासन के अधिकारी और कर्मचारी घायल हो गए हैं। मामले में मुकदमा भी दर्ज किया गया है। स्थानीय निवासियों ने अपने लाइसेंसी शस्त्रों की शर्तों का उल्लंघन किया है। भविष्य में इसी प्रकार सार्वजनिक संपत्तियों से अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाने की दशा में उनके लाइसेंसी शस्त्रों के दुरुपयोग करने की संभावना है, ऐसे में जिला मजिस्ट्रेट ने 120 लोगों के 127 शस्त्र लाइसेंस को अग्रिम आदेशों तक निलंबित कर दिया है।

एसएसपी को निलंबित किए गए शस्त्रों एवं शस्त्र लाइसेंस को 24 घंटे में कब्जे में लेने के लिए कहा गया है। पुलिस ने सोमवार को बनभूलपुरा क्षेत्र में फिर सर्च ऑपरेशन चलाकर 27 संदिग्ध लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। 11 फरवरी को गिरफ्तार 25 आरोपियों का मेडिकल कराने के बाद जेल भेज दिया गया। वहीं, नगर निगम सभागार में अमन कमेटी की बैठक में हुई है, इसमें पुलिस-प्रशासन के अधिकारी के साथ बनभूलपुरा के संभ्रांत लोग शामिल हुए। लोगों ने कर्फ्यू में ढील देने की मांग की है। प्रभावित क्षेत्र में जाने के लिए पास जारी करने की मांग की गई है।

आज बाजार खुलने के बाद बना असमंजस-

जिला प्रशासन ने बनभूलपुरा थाना क्षेत्र को छोड़कर अन्य जगहों से कर्फ्यू हटा लिया गया था लेकिन संबंधित क्षेत्र से सटे बाजार क्षेत्र में असमंजस की स्थिति बनी रही। सुबह जब दुकान खोलने के लिए व्यापारी पहुंचे तो पुलिस ने मना कर दिया। बाद में दुकानें खुली लेकिन ग्राहकों की संख्या कम रही। अस्पताल में भी अन्य दिनों की अपेक्षा ज्यादा रोगी पहुंचे।

बीवी के नाम पर लिया लोन, फिर देखा ‘CID’ और दोस्त के साथ मिलकर किया मर्डर, जानिए पूरी घटना.

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पुलिस ने 7 फरवरी को महिला की गंग नहर में धक्का देकर हत्या के मामले में आरोपी पति और उसके दोस्त को गिरफ्तार कर राजफाश कर दिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने पत्नी के नाम पर लिए ऋण को जमा करने से बचने के लिए हत्या की घटना को अंजाम दिया। पुलिस के मुताबिक, हत्या में प्रयुक्त कार और बाइक समेत अन्य सामान बरामद कर दोनों को जेल भेज दिया गया।

वार को एसएसपी प्रमेंद्र डोभाल ने सिविल लाइंस कोतवाली में पत्रकारों को बताया, सात फरवरी की रात मंगलौर कोतवाली पुलिस को सूचना मिली थी कि नसीरपुर गंगनहर पटरी पर महिला डूबकर लापता हो गई, जबकि युवक डूबने से बच गया। मामले में महिला के पिता मुजफ्फरनगर के के रामराजपुर थाना क्षेत्र जलालपुर गांव निवासी सुशील कुमार ने शक जताते हुए दामाद और उसके दोस्त पर हत्या का आरोप लगाया था।

पुलिस ने मनीषा के पति जितेंद्र और उसके दोस्त अजय प्रकाश उर्फ रवि निवासी गांव झडका, थाना हस्तिनापुर जिला मेरठ के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। पूछताछ में जितेंद्र ने बताया, उसने हरिद्वार में आटा चक्की लगाने के लिए पत्नी मनीषा के नाम से 44 लाख रुपये का ऋण बैंक से लिया था। इस बीच उसके हरिद्वार में एक बैंक महिला कर्मचारी से अवैध संबंध हो गए थे।

महिला के शव की गंग नहर में की जा रही तलाश-

मनीषा को इस बारे में पता चल गया था। बैंक कर्मी प्रेमिका ने बताया था कि अगर उसकी पत्नी की मौत हो जाए, तो ऋण नहीं चुकाना होगा। इस पर उसने अपने दोस्त रवि के साथ मिलकर मनीषा की हत्या की योजना बनाई। इसके बाद सात फरवरी को दोनों मनीषा को कार से गंग नहर किनारे लाए और उसे जबरन शराब पिलाई। इसके बाद नशे की हालत में उसे गंगनहर में धक्का देकर हत्या कर दी।
एसएसपी ने बताया, हत्या को हादसा दिखाने के लिए आरोपी का दोस्त रवि बाइक से आया था। आरोपी ने रवि को हत्या में शामिल होने के लिए पांच लाख रुपये देने का वादा किया था। इसके बाद दोनों हरिद्वार चले गए थे। बताया, आरोपियों की निशानदेही पर मनीषा की कैप, बैग, घटना में प्रयुक्त कार और बाइक बरामद की गई है। महिला के शव की गंग नहर में तलाश की जा रही है।

सीआईडी धारावाहिक देख बनाई योजना-

एसएसपी ने बताया, आरोपी जितेंद्र ने हत्या की योजना बनाने से पहले सीआईडी धारावाहिक देखा था। इसके बाद उसने दोस्त के साथ मिलकर पत्नी की हत्या कर दी।
एक साल से बना रहा था योजना-
एसएसपी प्रमेंद्र डोभाल ने बताया, आरोपी जितेंद्र एक साल से पत्नी की हत्या की योजना बना रहा था। इसके लिए वह पत्नी को कोल्ड ड्रिंक में शराब मिलाकर पिलाता था। इसके बाद पत्नी नशे की आदी हो गई थी। हत्या वाले दिन भी आरोपी ने पत्नी को शराब पिलाई थी।

हल्द्वानी हिंसा और कर्फ्यू से पर्यटन पर बड़ा असर, होटलों में 50 प्रतिशत बुकिंग हुई रद्द, जानिए क्या हैं हालात।

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हल्द्वानी में हुई हिंसा और कर्फ्यू का असर नैनीताल के पर्यटन पर पड़ा है। होटल और रिजॉर्ट में सप्ताहांत और वैलेंटाइन वीक के लिए जिन सैलानियों ने एडवांस बुकिंग कराई थी वे उसे कैंसिल करने लगे हैं। होटल संचालकों के अनुसार करीब 50 फीसदी एडवांस बुकिंग कैंसिल हो गई है।

उत्तराखंड से बाहर के सैलानी होटल कारोबारियों से हिंसा और कर्फ्यू का अपटेड भी ले रहे हैं। शुक्रवार को शहर और यहां के पिकनिक स्पॉटों में सैलानियों की आवाजाही कम रही। ऐसे में इस सप्ताहांत (शनिवार व रविवार) के साथ-साथ वैलेंटाइन वीक का पर्यटक सीजन प्रभावित होने के आसार हैं। पर्यटन कारोबारियों का कहना है कि अब नहीं लगता कि सप्ताहांत और वैलेंटाइन के मौके पर सैलानी नैनीताल पहुंचेंगे।

बाहरी इलाकों से कर्फ्यू हटाया गया-

उत्तराखंड के हल्द्वानी के बनभूलपुरा इलाके में कर्फ्यू जारी है। हालांकि बाहरी इलाकों से कर्फ्यू हटा दिया गया है। बनभूलपुरा में ही धार्मिक स्थल तोड़ने पर भीड़ ने गुरुवार को आगजनी और तोड़फोड़ की थी। हल्द्वानी के बनभूलपुरा हिंसा मामले में पुलिस ने एसओ मुखानी, सहायक नगर आयुक्त और एसओ बनभूलपुरा की तहरीर पर 18 नामजद समेत पांच हजार उपद्रवियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। घटनास्थल और आसपास के इलाके से पांच शव बरामद कर लिए गए हैं। पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लेकर सीसीटीवी फुटेज और वीडियो रिकॉर्डिंग कब्जे में ले ली है।

हल्द्वानी हिंसा के बाद कम आए सैलानी
हल्द्वानी में हुई हिंसा की खबर सुर्खियों में रही है। जिसका असर यह हुआ कि वीकेंड पर नैनीताल आने वाले सैलानी इस बार नहीं आए। बृहस्पतिवार को चुंगी से दो से ढाई सौ गाड़ियां पास हुई थी जबकि शुक्रवार को यह संख्या बमुश्किल सौ का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाई। 

कैंसिल हो रही है बुकिंग-
हल्द्वानी की हिंसा ने वीकेंड और वैलेंटाइन वीक का पर्यटन कारोबार ठप कर दिया है। चौबीस घंटे में नैनीताल के होटलों में 50 फीसदी एडवांस बुकिंग कैंसिल हो चुकी है। 

कुछ दिनों से पर्यटन कारोबार मंदा चल रहा था लेकिन बीते एक दो दिन से सैलानियों की आवाजाही बढ़ने लगी थी। हिंसा और कर्फ्यू की खबर मिलने के बाद जो सैलानी नैनीताल पहुंचे भी थे वे शुक्रवार की सुबह से ही लौटने लगे हैं। कई सैलानियों ने होटलों में एडवांस बुकिंग भी कैंसिल करा दी है। 

भारी हिंसा के बाद शुक्रवार को शांत रहा शहर-

बृहस्पतिवार को हल्द्वानी के बनभूलपुरा इलाके में हुई भारी हिंसा के बाद शुक्रवार को शहर शांत रहा। कर्फ्यू का संबंधित क्षेत्र में सख्ती से पालन कराया गया जबकि शेष शहर में वाहनों की आवाजाही होती रही और दुकानें बंद रहीं। दोपहर करीब 12 बजे मुख्य सचिव राधा रतूड़ी और डीजीपी अभिनव कुमार बनभूलपुरा पहुंचे और थाने का जायजा लिया।

 

हल्द्वानी हिंसा का आज तीसरा दिन: 8 फरवरी से इंटरनेट सेवाएं बंद, कर्फ्यू जारी, 5 हजार लोगों पर केस दर्ज

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हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में हुए बवाल के बाद सुरक्षा के दृष्टिगत शहर में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई। इससे लोगों का आमजीवन  काफी प्रभावित रहा। कर्फ्यू लगने से घरों में कैद लोग बिना इंटरनेट के काफी परेशान रहे। बता दें कि, बनभूलपुरा हिंसा मामले में पुलिस ने 18 नामजद समेत पांच हजार उपद्रवियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।

शहर में बृहस्पतिवार रात करीब दस बजे से इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई थी। बीएसएनएल, वोडाफोन, एयरटेल, जियो समेत अन्य नेटवर्क पर इंटरनेट सेवा संचालित नहीं हो पाई। ऐसे में सैकड़ों यूजर्स सूचना न मिल पाने के कारण परेशान रहे। इंटरनेट सेवा बंद होने से वर्क फ्राॅम होम से जुड़े लोगों का काम प्रभावित रहा वहीं परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को भी खासी दिक्कत हुई।

बीएसएनएल के डीजीएम भीम बहादुर ने बताया कि पुलिस प्रशासन की ओर से जब तक अनुमति नहीं दी जाएगी तब तक संचार सेवा सुचारु नहीं होगी। बताया कि शहर के बाहरी क्षेत्र में भी इंटरनेट को बंद किया जा रहा है, जिस कारण सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से शहर में अराजकता का माहौल न बने।

बता दें कि, बनभूलपुरा हिंसा मामले में पुलिस ने 18 नामजद समेत पांच हजार उपद्रवियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। घटनास्थल और आसपास के इलाके से पांच शव बरामद कर लिए गए हैं। एक व्यक्ति की मौत बरेली ले जाते समय हो गई, हालांकि प्रशासन ने इसकी पुष्टि नहीं की है। पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लेकर सीसीटीवी फुटेज और वीडियो रिकॉर्डिंग कब्जे में ले ली है। पुलिस ने कई डीबीआर की हार्ड डिस्क कब्जे में ली है।