Category Archive : पिथौरागढ़

पिथौरागढ़-मुनस्यारी, हल्द्वानी-अल्मोड़ा हेली सेवाओं का मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ

69 Minutes Read -

मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को क्षेत्रीय संपर्क योजना (उड़ान योजना) के अंतर्गत पिथौरागढ़-मुनस्यारी-पिथौरागढ़ एवं हल्द्वानी-अल्मोड़ा-हल्द्वानी हवाई सेवाओं का मुख्यमंत्री आवास से वर्चुअल माध्यम से शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन हवाई सेवाओं के शुरू होने से राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में आम नागरिकों का आवागमन सुगम होगा।

 

दूरस्थ क्षेत्रों में आम नागरिकों को सुगम परिवहन होगा उपलब्ध : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने कहा कि अल्मोड़ा और मुनस्यारी उत्तराखंड के प्राचीन नगर होने के साथ ही ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण शहर हैं। ये शहर प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक मंदिरों और समृद्ध संस्कृति के लिए देश और दुनिया भर के पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। हेली सेवा शुरू होने से अब पर्यटक अल्मोड़ा और मुनस्यारी तक और भी आसानी से पहुँच सकेंगे। इन सेवाओं से हल्द्वानी से अल्मोड़ा पहुँचने का समय 3 से 4 घंटे से घटकर महज़ कुछ मिनटों का रह जाएगा। हेली सेवाओं के प्रारंभ होने से दोनों क्षेत्रों में पर्यटन एवं आर्थिक विकास को गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने उड़ान योजना जैसी दूरदर्शी योजना प्रारंभ की थी। इस योजना ने प्रदेश में हवाई संपर्क को मज़बूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जिसके अंतर्गत राज्य के कई हिस्सों में हवाई पट्टियों और हेलीपोर्ट्स का विकास किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 18 हेलीपोर्ट्स से हेली सेवाओं के संचालन की दिशा में कार्य किया जा रहा है, जिनमें से अब तक 12 हेलीपोर्ट्स पर सेवाएँ सफलतापूर्वक प्रारंभ की जा चुकी हैं।

 

राज्य के अन्य क्षेत्रों को भी हेली सेवाओं से जोड़ा जाएगा

मुख्यमंत्री ने कहा कि हेली सेवाओं से अब तक गौचर, जोशियाड़ा, हल्द्वानी, मुनस्यारी, मसूरी, पिथौरागढ़, पंतनगर, चंपावत, बागेश्वर, नैनीताल और अल्मोड़ा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को जोड़ा जा चुका है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों को भी हेली सेवाओं से जोड़ा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में हवाई संपर्क को सशक्त बनाने के साथ ही उत्तराखंड को वैश्विक स्तर पर एक प्रमुख गंतव्य के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के विस्तार के लिए भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। जौलीग्रांट और पंतनगर एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय विमान सेवाओं के लिए विकसित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

गौरतलब है कि पिथौरागढ़ -मुनस्यारी -पिथौरागढ़ एवं हल्द्वानी-अल्मोड़ा-हल्द्वानी के लिए हेलीकॉप्टर सेवा सप्ताह में 7 दिन तथा प्रत्येक दिन दो बार संचालित होगी। पिथौरागढ़ से मुनस्यारी के लिए यह हेली सेवा सुबह 10:30 बजे एवं दोपहर 1:50 बजे चलेगी। वहीं मुनस्यारी से पिथौरागढ़ के लिए यह सेवा सुबह 10:50 बजे एवं दोपहर 2:10 बजे चलेगी।

हल्द्वानी से अल्मोड़ा के लिए हेली सेवा सुबह 11:50 बजे एवं दोपहर 3:10 बजे चलेगी। जबकि अल्मोड़ा से हल्द्वानी के लिए यह सेवा दोपहर 12:50 बजे एवं सायं 4:10 बजे चलेगी। इन हवाई सेवाओं का किराया ₹2500 है, जिसे यात्री https://airheritage.in/ के माध्यम से ऑनलाइन टिकट बुक कर सकते हैं।

कार्यक्रम में सचिव युकाडा  सचिन कुर्वे, मुख्य कार्यकारी अधिकारी युकाडा  आशीष चौहान एवं अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

एनएचपीसी टनल में फंसे सभी कर्मी बाहर नहीं निकले,वीडियो से सच आया सामने, तीन दिन से टनल में फंसे हैं कर्मी

97 Minutes Read -

धारचूला। तीन दिन पहले धारचूला से आगे हुए भूस्खलन के बाद एनएचपीसी के हाइड्रो प्रोजेक्ट की टनल में फंसे 19 श्रमिकों का आज सोमवार को एक वीडियो सामने आया है, जिसमें उन्होंने खुद को भीतर फंसा हुआ बताया। हालांकि, टनल के अंदर कोई दिक्कत नहीं है। यह वीडियो सामने आने के बाद प्रशासनिक दावों पर सवाल उठने लगे हैं।

जिलाधिकारी पिथौरागढ़ विनोद गिरी गोस्वामी नेरविवार दोपहर वीडियो बयान जारी कर सभी श्रमिकों को सुरक्षित निकालने का दावा किया था। वहीं, आपदा प्रबंधन सचिव ने जानकारी दी कि 11 श्रमिकों को बाहर निकाल लिया गया है और शेष पूरी तरह सुरक्षित हैं। लेकिन टनल से आए वीडियो और ऑडियो संदेश ने स्थिति को और उलझा दिया है।

टनल में फंसे श्रमिकों ने स्पष्ट कहा है कि वे अब भी अंदर ही हैं और तीन दिन से बाहर निकलने का इंतजार कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि राहत और बचाव कार्यों को लेकर प्रशासन और विभागीय स्तर पर कोई स्पष्टता नहीं है।

लोगों ने सवाल उठाया कि यह राहत-बचाव अभियान है या मजाक। समन्वय के अभाव की स्थिति किसी बड़े हादसे को जन्म दे सकती है। प्रशासनिक दावों और कर्मियों के संदेशों में बड़ा विरोधाभास सामने आने से परिवारों और क्षेत्रवासियों में गहरी चिंता है।

धारचूला एनएचपीसी परियोजना में सुरक्षा को लेकर जारी निगरानी, प्रबंधन ने कहा सभी सुरक्षित

धारचूला, 1 सितम्बर। एनएचपीसी लिमिटेड की धौलीगंगा पावर स्टेशन, धारचूला की ओर से जारी प्रेस नोट में कहा गया है कि पावर हाउस के भीतर कार्यरत सभी कर्मचारी पूरी तरह सुरक्षित हैं और कार्य सामान्य रूप से संचालित हो रहा है।

प्रशासन और एनएचपीसी प्रबंधन के बीच सतत संवाद बनाए रखते हुए हालात पर निगरानी रखी जा रही है। बताया गया कि पावर हाउस के भीतर कर्मियों की सुरक्षा एवं कार्य संचालन की निरंतर समीक्षा हो रही है।

प्रबंधन ने कहा कि हाल के दिनों में लगातार भारी वर्षा के कारण टनल के मुहाने पर बार-बार मलबा और पत्थरों का जमाव हो रहा है। इस स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन की टीम सुबह से ही राहत और सफाई कार्य में जुटी हुई है।

एनएचपीसी प्रबंधन ने यह भी स्पष्ट किया कि राहत और बचाव कार्यों में किसी प्रकार की कमी नहीं रखी जाएगी और पावर हाउस के भीतर एवं बाहर की गतिविधियों पर प्रशासनिक स्तर से सतर्क निगरानी की जा रही है।

हल्द्वानी में बढ़ेगा पानी का संकट, बूंद-बूंद को तरस सकते हैं लोग, एक वजह ने किया सभी को परेशान.

977 Minutes Read -

हल्द्वानी में गर्मी बढ़ने और गौला का जलस्तर कम होने का असर अब शहर में भी दिखने लगा है। गौला की पेयजल लाइन वाले कई इलाकों में पानी का संकट गहरा गया है। बारिश नहीं होने से गौला का जलस्तर 99 क्यूसेक पहुंच गया है, जबकि मार्च में बारिश होने के बाद जलस्तर 200 क्यूसेक पहुंच गया था। लगातार जलस्तर घटने से अब नहरों और फिल्टर प्लांट को पर्याप्त पानी नहीं मिल सकेगा।

दमुवाढूंगा, हिम्मतपुर भगवानपुर, इंदिरा नगर, नैनीताल रोड, बरेली रोड और लालडांठ के कई इलाकों में गौला की पेयजल लाइन से पानी मिलता है लेकिन गर्मी की शुरुआत होते ही इन लाइनों में प्रेशर कम होने लगा है। गौला से 35 एमएलडी पानी शीशमहल फिल्टर प्लांट को दिया जाता है, जबकि 100 क्यूसेक पानी की आवश्यकता हर रोज सिंचाई के लिए रहती है। जलस्तर कम होने पर रोस्टर के हिसाब से किसानों को पानी दिया जाता है। विभाग की मानें तो शहर को हर दिन 150 से 200 एमएलडी पानी की आवश्यकता होती है लेकिन अब गौला का जलस्तर 99 क्यूसेक रहने से फिल्टर प्लांट को पानी देने के बाद मात्र 84 क्यूसेक पानी गौला में भेजा जा रहा है, जिससे सिंचाई के लिए भी संकट पैदा होने लगा है।

गौला से हर रोज 35 एमएलडी पानी फिल्टर प्लांट को दिया जाता है। जिससे शहर में पेयजल की आपूर्ति होती है। बचे हुए पानी को सिंचाई विभाग आवश्यकता अनुसार नहराें के माध्यम से बांटता है। – नीरज तिवारी, सहायक अभियंता, जल संस्थान
नए कनेक्शन देने पर रोक-
जिले में अब नए भवन निर्माण के लिए जल संयोजन भी निर्माण कार्य को प्रतिबंधित कर दिया गया है। वहीं नए संयोजनों को भी अगले आदेशों तक रोका गया है। जिला प्रशासन ने सर्विस सेंटरों में वाहनों की धुलाई और सर्विस कनेक्शन पर टुल्लू पंप के प्रयोग को प्रतिबंधित कर दिया है। जल संस्थान के एसई विशाल कुमार सक्सेना ने बताया कि जिला प्रशासन के आदेशों के तहत गर्मी के सीजन में नए कनेक्शनों पर रोक लगाई है।

हल्द्वानी के इन 5 जगहों पर जल संकट, हालात नहीं सुधरे तो मचेगी तबाही,  1500 परिवार पेयजल को तरसे।

280 Minutes Read -

हल्द्वानी में गर्मी शुरू होने से पहले ही जगह-जगह पानी और बिजली की किल्लत शुरू हो गई है। बिजली-पानी नहीं आने से न केवल लोगों के कामकाज प्रभावित हो रहे हैं बल्कि लोगों को जरूरी कामकाज छोड़कर आधा दिन पानी की व्यवस्था करने में ही बिताना पड़ रहा है। जीजीआईसी का नलकूप पंप संचालन रुकने से सोमवार को 1500 परिवारों को पेयजल किल्लत का सामना करना पड़ा। वहीं फॉरेस्ट चौकी के नलकूप की मरम्मत का काम भी बीते पांच दिनों से जारी है।

पानी की किल्लत झेल रहे फॉरेस्ट चौकी दमुवाढूंगा, लोहरिया मल्ला, बजुनिया हल्दु, साईं मंदिर हिम्मतपुर मल्ला और जीजीआईसी क्षेत्र के निवासियों को जल संस्थान की ओर से नौ टैंकरों के माध्यम से पानी की आपूर्ति कराई गई। इधर जल संस्थान के अधिकारियों का कहना है नलकूप की मरम्मत का काम तेजी से चल रहा है। जल्द प्रभावित क्षेत्रों में आपूर्ति सुचारु कर दी जाएगी।

ऊंचापुल और पंचायतघर में गुल रही बिजली-

ऊंचापुल में नहर कवरिंग कार्य के चलते सोमवार को सुबह नौ बजे से शाम छह बजे तक पांच हजार की आबादी को बिजली के लिए परेशान रहना पड़ा। दूसरी ओर ट्रांसपोर्ट नगर से लगे बेलबाबा फिटर से भी सोमवार को रामपुर रोड और पंचायत घर क्षेत्र में सुबह 11 से शाम पांच बजे तक लाइन शिफ्टिंग के कार्य के चलते बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। विद्युत वितरण खंड ग्रामीण के अधिशासी अभियंता डीडी पांगती ने बताया की विभिन्न क्षेत्रों में लाइन शिफ्टिंग और सड़क चौड़ीकरण का कार्य किया जा रहा है जिसके चलते रोस्टर जारी कर सप्लाई को बंद किया गया था। उन्होंने बताया कि शाम के समय आपूर्ति को बहाल कर दिया गया।

Uttarakhand: उत्तराखंड में तीन सीटों पर उम्मीदवारों के नामों पर लगी मुहर, 2 सीटों पर अभी सस्पेंस बरकरार।

334 Minutes Read -

भाजपा ने लोकसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। इससे पहले गुरुवार को पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा की अध्यक्षता में देर रात तक इन नामों पर चर्चा की थी। उत्तराखंड की पांच लोकसभा सीटों में से 3 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम की मुहर लग चुकी है.  जिसमे टिहरी, अल्मोड़ा और नैनीताल-उधम सिंह नगर सीट पर नाम फाइनल हो चुके हैं. टिहरी सीट से महारानी राज्य लक्ष्मी शाह, अल्मोड़ा सीट से अजय टम्टा, और नैनीताल उधम सिंह नगर सीट से अजय भट्ट का नाम घोषित हो चुका है. जबकि दो सीटें यानी पौड़ी और हरिद्वार सीट पर अभी सस्पेंस बना हुआ है.

 

टिहरी सीट से महारानी राज्य लक्ष्मी शाह

अल्मोड़ा सीट से अजय टम्टा

नैनीताल उधम सिंह नगर सीट से अजय भट्ट

हल्द्वानी हिंसा मामले में मास्टरमाइंड मलिक से होगी 2.68 करोड़ की वसूली, DM को भेजा पत्र, नगर निगम ने जारी की RC.

395 Minutes Read -

हल्द्वानी मामला: जिस धार्मिक स्थल को तोड़ने को लेकर हुआ था बवाल, अब उसे नगर निगम ने पूरी तरह किया ध्वस्त; जानिए नया अपडेट।

281 Minutes Read -
 

नगर निगम ने शुक्रवार को आधे टूटे धर्मस्थल को पूरी तरह तोड़कर मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया है। बीती आठ फरवरी को बनभूलपुरा के मलिक का बगीचा क्षेत्र में अवैध रूप से बनाए गए मदरसे और मस्जिद को ढहाने के दौरान पथराव, आगजनी और हिंसा हुई थी। पथराव होने के कारण तब नगर निगम की टीम मदरसे और नमाज स्थल को आधा तोड़कर ही बाहर निकल भागी थी। इस हिंसा में छह लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई जवान और नगर निगम कर्मचारी घायल भी हुए थे। हिंसा के बाद क्षेत्र में कर्फ्यू लगा दिया गया था। 14 फरवरी को हाईकोर्ट में इस मामले में सुनवाई भी हुई थी। वहीं अब कर्फ्यू के बीच ही नगर निगम ने आधे टूटे अवैध धर्मस्थल को भी ढहा दिया है।

शुक्रवार सुबह नगर निगम से टीम बनभूलपुरा के लिए रवाना हुई थी। सहायक नगर आयुक्त गणेश भट्ट ने बताया कि शेष अवैध मदरसा, मस्जिद तोड़ दिया गया है। मलबा भी यहां से सामान हटाया जा रहा है।

Uttarakhand: भाजपा में टिकट दावेदारों की है लंबी कतार, कई युवा भी हैं चुनाव में ताल ठोकने को बेताब

343 Minutes Read -

लोकसभा चुनाव के टिकट के लिए  भाजपा में टिकट के दावेदारों की लंबी लाइन लगी हुई है। दिग्गज नेताओं से लेकर पार्टी के युवा तक सभी चुनाव में ताल ठोकने को बेताब हैं। जब से भाजपा के हलकों में कुछ सीटों पर प्रत्याशी बदलने की अटकलों ने जोर पकड़ा है, तभी से उनकी कोशिशें तेज हो रही हैं।

जैसे-जैसे लोकसभा चुनावों का समय नजदीक आ रहा है वैसे-वैसे टिकट की दावेदारी पूरी तरह से खुलकर सामने आने लगेगी। चर्चाएं ये भी हैं कि भाजपा केंद्रीय नेतृत्व लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी चयन के मामले में भी पार्टी को एक बड़ा सरप्राइज कर सकता है। वर्तमान में राज्य की सभी पांचों लोकसभा सीटों पर भाजपा का कब्जा है। 2014 और 2019 लोक सभा चुनावों में भाजपा ने पांचों सीटों पर लगातार जीत दर्ज की है ।

अल्मोड़ा-पिथौरागढ़, टिहरी गढ़वाल और हरिद्वार लोकसभा सीट पर भाजपा ने अपने तीनों प्रत्याशियों को  रिपीट किया था। टिहरी गढ़वाल संसदीय सीट पर माला राज्य लक्ष्मी शाह, हरिद्वार में डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक और अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ लोस सीट पर अजय टम्टा सांसद हैं। 2014 में गढ़वाल लोस सीट पर मेजर जनरल बीसी खंडूरी  सांसद थे।

प्रत्याशियों में हो सकता है फेरबदल-


2019 में पार्टी ने खंडूड़ी के शिष्य तीरथ सिंह रावत को टिकट दिया और वह चुनाव जीते। नैनीताल-ऊधमसिंह नगर में 2014 में भगत सिंह कोश्यारी सांसद चुने गए थे। 2019 में उनकी इस सीट पर अजय भट्ट को उम्मीदवार बनाया गया, वह भी चुनाव जीते। अब भाजपा के राजनीतिक हलकों में यह कयास हैं कि पार्टी नेतृत्व प्रत्याशी चयन को लेकर चौंका सकता है।

ऐसे में पार्टी में यह सवाल गरमा रहा कि पार्टी नेतृत्व पांचों सीटों पर प्रत्याशी रिपीट करेगा या सभी को बदलेगा, या कुछ सीटों पर नए चेहरों को मैदान में उतारेगा। पांच में से तीन लोस सीटों पर वर्तमान सांसदों का टिकट काटे जाने की ज्यादा चर्चाएं हैं। इन चर्चाओं ने पार्टी के उन चेहरों के उम्मीदों को पंख लगाते हैं जो लोस चुनाव की दावेदारी कर रहे हैं। इनमें पार्टी के कुछ विधायक, पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व सांसद व पार्टी पदाधिकारी, युवा और महिला मोर्चा के पदाधिकारी भी शामिल हैं। टिहरी, अल्मोड़ा और हरिद्वार सीटों से तो प्रदेश संगठन को टिकट के लिए आवेदन तक मिल चुके हैं।
लोकसभा चुनाव में भाजपा जीत की हैट्रिक लगाएगी। पार्टी में उम्मीदवारों का निर्णय केंद्रीय संसदीय बोर्ड करता है। यह बात सही है कि कुछ कार्यकर्ताओं ने विभिन्न सीटों पर टिकट की दावेदारी के आवेदन दिए हैं। महेंद्र भट्ट, प्रदेश अध्यक्ष- भाजपा

Haldwani Violence: बनभूलपुरा मामले में घायल एक और व्यक्ति की मौत, सिर के आर-पार हो गई थी गोली, 2 की हालत गंभीर।

761 Minutes Read -

हल्द्वानी के बनभूलपुरा में गुरुवार शाम को अतिक्रमण हटाने को लेकर हुए बवाल के बाद प्रशासन ने उपद्रवियों के पैर में गोली मारने के आदेश जारी किए थे। हल्द्वानी हिंसा में पांच लोगों की गोली लगने से मौत हो गई थी, जबकि तीन लोगों का एसटीएच में इलाज चल रहा है। इनमें दो की हालत गंभीर बनी हुई है। आज एक की मौत हो गई है। इशरार के सिर में गोली लगी थी जो आर-पार हो गई थी। वहीं एसएसपी ने कहा कि मास्टरमाइंड अब्दुल मलिक को जल्द अरेस्ट किया जाएगा।

मिली जानकारी के अनुसार, आठ फरवरी को हिंसा के दौरान घायल हुए बनभूलपुरा निवासी अलबसर, इसरार और शाहनवाज को इलाज के लिए अस्पताल लाया गया था। तीनों की हालत गंभीर थी। इसरार के सिर में गोली लगी थी जो आर-पार हो गई थी और इलाज के दौरान आज उसकी मौत हो गई है।

एसएसपी प्रहलाद नारायण मीणा ने कहा कि बनभूलपुरा दंगे में अब तक कुल छह लोगों की मौत हुई है। वहीं, कर्फ्यू क्षेत्र में आवश्यक सेवाएं सुचारू की गई है। आगजनी करने वालों को चिन्हित किया जा रहा। पुलिस दंगाइयों को पकड़ने का काम कर रही है।

हल्द्वानी हिंसा और कर्फ्यू से पर्यटन पर बड़ा असर, होटलों में 50 प्रतिशत बुकिंग हुई रद्द, जानिए क्या हैं हालात।

217 Minutes Read -

हल्द्वानी में हुई हिंसा और कर्फ्यू का असर नैनीताल के पर्यटन पर पड़ा है। होटल और रिजॉर्ट में सप्ताहांत और वैलेंटाइन वीक के लिए जिन सैलानियों ने एडवांस बुकिंग कराई थी वे उसे कैंसिल करने लगे हैं। होटल संचालकों के अनुसार करीब 50 फीसदी एडवांस बुकिंग कैंसिल हो गई है।

उत्तराखंड से बाहर के सैलानी होटल कारोबारियों से हिंसा और कर्फ्यू का अपटेड भी ले रहे हैं। शुक्रवार को शहर और यहां के पिकनिक स्पॉटों में सैलानियों की आवाजाही कम रही। ऐसे में इस सप्ताहांत (शनिवार व रविवार) के साथ-साथ वैलेंटाइन वीक का पर्यटक सीजन प्रभावित होने के आसार हैं। पर्यटन कारोबारियों का कहना है कि अब नहीं लगता कि सप्ताहांत और वैलेंटाइन के मौके पर सैलानी नैनीताल पहुंचेंगे।

बाहरी इलाकों से कर्फ्यू हटाया गया-

उत्तराखंड के हल्द्वानी के बनभूलपुरा इलाके में कर्फ्यू जारी है। हालांकि बाहरी इलाकों से कर्फ्यू हटा दिया गया है। बनभूलपुरा में ही धार्मिक स्थल तोड़ने पर भीड़ ने गुरुवार को आगजनी और तोड़फोड़ की थी। हल्द्वानी के बनभूलपुरा हिंसा मामले में पुलिस ने एसओ मुखानी, सहायक नगर आयुक्त और एसओ बनभूलपुरा की तहरीर पर 18 नामजद समेत पांच हजार उपद्रवियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। घटनास्थल और आसपास के इलाके से पांच शव बरामद कर लिए गए हैं। पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लेकर सीसीटीवी फुटेज और वीडियो रिकॉर्डिंग कब्जे में ले ली है।

हल्द्वानी हिंसा के बाद कम आए सैलानी
हल्द्वानी में हुई हिंसा की खबर सुर्खियों में रही है। जिसका असर यह हुआ कि वीकेंड पर नैनीताल आने वाले सैलानी इस बार नहीं आए। बृहस्पतिवार को चुंगी से दो से ढाई सौ गाड़ियां पास हुई थी जबकि शुक्रवार को यह संख्या बमुश्किल सौ का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाई। 

कैंसिल हो रही है बुकिंग-
हल्द्वानी की हिंसा ने वीकेंड और वैलेंटाइन वीक का पर्यटन कारोबार ठप कर दिया है। चौबीस घंटे में नैनीताल के होटलों में 50 फीसदी एडवांस बुकिंग कैंसिल हो चुकी है। 

कुछ दिनों से पर्यटन कारोबार मंदा चल रहा था लेकिन बीते एक दो दिन से सैलानियों की आवाजाही बढ़ने लगी थी। हिंसा और कर्फ्यू की खबर मिलने के बाद जो सैलानी नैनीताल पहुंचे भी थे वे शुक्रवार की सुबह से ही लौटने लगे हैं। कई सैलानियों ने होटलों में एडवांस बुकिंग भी कैंसिल करा दी है। 

भारी हिंसा के बाद शुक्रवार को शांत रहा शहर-

बृहस्पतिवार को हल्द्वानी के बनभूलपुरा इलाके में हुई भारी हिंसा के बाद शुक्रवार को शहर शांत रहा। कर्फ्यू का संबंधित क्षेत्र में सख्ती से पालन कराया गया जबकि शेष शहर में वाहनों की आवाजाही होती रही और दुकानें बंद रहीं। दोपहर करीब 12 बजे मुख्य सचिव राधा रतूड़ी और डीजीपी अभिनव कुमार बनभूलपुरा पहुंचे और थाने का जायजा लिया।