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Woman’s Day: राज्यपाल ने महिलाओं को किया सम्मानित, मंत्री रेखा आर्य ने कहा- घर से ही शुरू होगा महिला सशक्तीकरण.

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अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर राजभवन स्थित लोक भवन में महिला कल्याण उत्कृष्ट सेवा सम्मान एवं ‘मेरी पहचान–2026’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान  राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह  और महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों, अधिकारियों और सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड की महिलाओं ने पिछले एक दशक में बहुत तेजी से प्रगति की है और 2047 के विकसित भारत में यहां की महिलाएं बड़ा योगदान करेंगी।

इस अवसर पर मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि उत्तराखंड सरकार महिलाओं और बच्चों के कल्याण के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है। राज्य सरकार ने वात्सल्य योजना लागू की है। अनाथ किशोर-किशोरियों को सरकारी नौकरियों में पांच प्रतिशत और महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया है, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

Uttarakhand: हरिद्वार में दिखेगी नए कानूनों की सरलता, धामी सरकार की सफलता की झलक, गृह मंत्री शाह करेंगे मुआयना.

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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सात मार्च को होने वाले हरिद्वार दौरे के दौरान देश के तीन नए आपराधिक कानूनों पर आधारित विशेष प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इसमें युवाओं को इन कानूनों की जानकारी दी जाएगी, साथ ही पुष्कर सिंह धामी सरकार के चार वर्ष पूरे होने पर सरकार की प्रमुख उपलब्धियों की झलक भी प्रस्तुत की जाएगी।

गृह मंत्री शाह के हरिद्वार दौरे की तैयारियां जोरों पर हैं। भाजपा डेढ़ लाख से अधिक कार्यकर्ताओं के पहुंचने का दावा कर रहा है तो वहीं सरकारी विभाग के अधिकारी केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं की झलक दिखाने की तैयारी में हैं। सात से नौ मार्च तक न्याय संहिता विषय पर राज्यस्तरीय प्रदर्शनी बैरागी कैंप में हो रही है। इसमें भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) प्रमुख तौर पर दिखेंगी।

राज्य सरकार के चार वर्ष पूरे होने पर-

प्रदर्शनी में नए कानूनों की प्रमुख विशेषताओं को सरल और प्रभावी माध्यमों से प्रस्तुत किया जाएगा। इसमें समयबद्ध जांच एवं आरोप-पत्र की अनिवार्यता, शून्य प्राथमिकी तथा इलेक्ट्रॉनिक प्राथमिकी की व्यवस्था, सात वर्ष से अधिक दंडनीय अपराधों में अनिवार्य विधि-विज्ञान जांच, इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल साक्ष्यों की वैधता, महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध अपराधों के लिए सशक्त प्रावधान, संगठित अपराध, साइबर अपराध एवं आतंकवाद से संबंधित स्पष्ट दंड प्रावधान, पीड़ित प्रतिकर योजना तथा संपत्ति की शीघ्र वापसी की व्यवस्था को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा।

सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने बताया कि कार्यक्रम में राज्य सरकार के चार वर्ष पूरे होने पर उपलिब्धयों की झलक भी नजर आएगी। उन्होंने बताया कि विभिन्न विभागों की सफल योजनाओं की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। प्रदर्शनी में राज्य सरकार की ओर से बुनियादी ढांचे के विकास, सड़क एवं संपर्क मार्गों के सुदृढ़ीकरण, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, शिक्षा क्षेत्र में सुधार, निवेश प्रोत्साहन, पर्यटन विकास, धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण तथा सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए किए गए कार्यों को प्रदर्शित किया जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जनसभा को संबोधित करेंगे।

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न्यायालयों को बम से उड़ाने की धमकी का सिलसिला थम नहीं रहा है। नैनीताल और उत्तरकाशी की जिला कोर्ट के बाद अब देहरादून और हरिद्वार के जिला कोर्ट को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली है। बुधवार तीसरे दिन देहरादून जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी मिली है।

जिला जज कार्यालय की ओर से इस आशय की सूचना पुलिस को दी गई है। पुलिस ने न्यायालय परिसर में चेकिंग बढ़ा दी है। संदिग्ध वस्तु मिलने या संदिग्ध व्यक्ति दिखाई देने पर इसकी सूचना पुलिस को देने को कहा गया है।

 

हरिद्वार पुलिस ने खंगाला परिसर-

हरिद्वार: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी के बाद पुलिस ने परिसर खंगाला। बम निरोधक दस्ता मुस्तैद रहा। जिला न्यायालय हरिद्वार की आधिकारिक ईमेल पर मंगलवार को एक धमकी भरा मेल आने से हड़कंप मच गया था।

न्यायालय के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी की ओर से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को एक पत्र भी भेजा गया है। जिसके बाद आज सुबह से ही पुलिस और बम निरोधक दस्ते की टीमों ने जिला न्यायालय परिसर में डेरा डाल लिया। एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह की मौजूदगी में संयुक्त टीम ने न्यायालय परिसर का कोना-कोना खंगाला और सघन चेकिंग अभियान चलाया।

बता दें कि दो दिनों में उत्तरकाशी, हरिद्वार, टिहरी, रुद्रप्रयाग, नैनीताल, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है। हालांकि धमकियों के बीच मंगलवार को उत्तराखंड बार काउंसिल के 23 सदस्यों के चुनाव शांतिपूर्ण हो चुके हैं।

सोमवार की सुबह नैनीताल व उत्तरकाशी जिला कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। वहीं मंगलवार को पिथौरागढ़, अल्मोड़ा व बागेश्वर जिले में भी कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल मिला है। इस बम थ्रेड के ईमेल को ढूंढने के लिए उत्तराखंड के चार जिले समेत उत्तर प्रदेश के 22 राज्यों की टीमें जुट गई हैं।

 

 

Uttarakhand Weather: कल से फिर बदलेगा मौसम, कई जिलों में बारिश-बर्फबारी के आसार.

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उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में मंगलवार से फिर मौसम बदलने के आसार हैं। मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार 17 फरवरी को उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिले में हल्की बारिश व बर्फबारी की संभावना है।

खासकर प्रदेश के 3000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो सकती है। इसके अलावा प्रदेश के अन्य हिस्सों में मौसम शुष्क रहेगा। मौसम का मिजाज 18 फरवरी को भी ऐसा ही रहेगा। इसके बाद 19 से 21 फरवरी तक प्रदेशभर में मौसम शुष्क रहेगा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पर्वतीय इलाकों में बदलने वाले मौसम का बहुत अधिक असर तापमान में देखने को नहीं मिलेगा।

उधर रविवार को मैदान से लेकर पहाड़ तक खिली चटक धूप ने गर्मी का अहसास कराया। आंकड़ों पर नजर डाले तो दिन में दून का अधिकतम तापमान सामान्य से चार डिग्री इजाफे के साथ 26.3 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। जबकि रात का न्यूनतम तापमान भी सामान्य से दो डिग्री बढ़ोतरी के साथ 11.2 डिग्री दर्ज किया गया। प्रदेश के अन्य इलाकों भी हाल कुछ ऐसा ही रहा।

Uttrakahand : भाजपा संगठन में बड़े बदलाव की आहट, चुनाव के दौरान विवादित चेहरे फ्रंट में नहीं चाहती पार्टी

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प्रदेश भाजपा संगठन में बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। राष्ट्रीय स्तर पर नए कार्यकारी अध्यक्ष की ताजपोशी के बाद अब राज्य स्तर पर परिवर्तन की आहट तेज हो गई है। माना जा रहा है कि पार्टी ऐसे चेहरों से परहेज करेगी, जिन्हें लेकर आमजन में धारणा ठीक नहीं है।

 

संगठन चाहेगा कि चुनाव के दौरान विवादित चेहरे फ्रंट में न दिखें। इनके बजाए बेदाग, साफ-सुथरी छवि और लोकप्रिय चेहरों को संगठन आगे बढ़ाएगा। उत्तराखंड में नौ साल से सत्ता पर काबिज भारतीय जनता पार्टी लगातार तीसरी जीत का ताना-बाना बुनने में जुट गई है। सभी सात मोर्चों के अध्यक्ष के साथ ही उनकी टीमें घोषित करने के बाद संगठन खुद को किसी भी मोर्चे पर कमजोर नहीं दिखाना चाहता।

ऐसे चेहरों को संगठन अब बदलने की कवायद में लग गया है, जो नेता हाल फिलहाल या पहले विवादों में रहे हैं। राष्ट्रीय नेतृत्व नहीं चाहता कि चुनाव के दौरान विवादित चेहरे फ्रंट पर दिखें। इसी कड़ी में बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। इस फेरबदल में राष्ट्रीय नेतृत्व की भांति राज्य में भी युवाओं को तवज्जो दी जाएगी।

हाल फिलहाल में संगठन ने जो भी नए बदलाव लागू किए हैं, उनमें युवाओं को प्रमुखता दी है। ऐसे में एकबार फिर दूसरी पांत के नेताओं को आगे बढ़ाकर संगठन जहां युवाओं और नव मतदाताओं को जोड़ने पर फोकस करेगा, वहीं भविष्य की एक लाइन भी तैयार होगी।

Uttarakhand: अंकिता भंडारी के माता-पिता से जल्द मुलाकात करेंगे सीएम धामी, जांच को लेकर करेंगे बात.

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सीएम पुष्कर सिंह धामी जल्द अंकिता के माता-पिता से मिलेंगे। सीएम उनसे बात कर जांच की दिशा किस तरह की रखी जाए और वह सरकार से क्या चाहते हैं, के बारे में उनके विचार जानेंगे। सूत्रों के मुताबिक यह मुलाकात दून में जल्द होगी। इसके लिए प्रशासनिक अधिकारी सक्रिय कर दिए गए हैं।

सीएम ने कहा कि इस संबंध में अंकिता के माता-पिता से मैं स्वयं बात करूंगा, वह न्याय के लिए जो चाहते हैं, सरकार उनकी भावनाओं के आधार पर आगामी निर्णय लेगी। उन्होंने कहा कि एक ऑडियो से प्रदेश में जिस तरह का माहौल बनाया जा रहा है, उससे सबसे ज्यादा अंकिता का परिवार प्रभावित हुआ है। सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो की सत्यता जानने के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। सबूत होने पर कोई भी दोषी कार्रवाई से बच नहीं पाएगा।

पूरी गंभीरता, संवेदनशीलता व पारदर्शिता के साथ कार्य किया: सीएम धामी

अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में पहली बार मुख्यमंत्री धामी ने प्रेसवार्ता में सरकार की मंशा को स्पष्ट किया। कहा कि उत्तराखंड की बेटी अंकिता को न्याय दिलाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। इस दिशा में सरकार ने पूरी गंभीरता, संवेदनशीलता व पारदर्शिता के साथ कार्य किया है। सरकार की सशक्त और प्रभावी पैरवी के कारण ही तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा, इस जघन्य अपराध की निष्पक्ष व गहन जांच के लिए महिला आईपीएस अधिकारी रेणुका देवी की अध्यक्षता में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया था, जिसने मामले के सभी पहलुओं की गहराई से जांच की। एसआईटी की ओर से जांच के दौरान लोगों से साक्ष्य मांगे गए थे। इसके बाद सरकार ने न्यायालय में भी मामले की सशक्त व प्रभावी पैरवी की। एसआईटी की जांच पर निचली अदालत व उच्च न्यायालय, सर्वोच्च न्यायालय ने भी संतोष व्यक्त किया है, जो जांच की निष्पक्षता और मजबूती को दर्शाता है।

अंकिता हत्याकांड की जरूरत पड़ी तो सीबीआई जांच कराई जाएगी : गणेश जोशी

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड की जरूरत पड़ी तो सीबीआई से जांच कराई जाएगी। मंत्री सुबोध उनियाल और सांसद नरेश बंसल ने भी यह बात कही है। उन्होंने कहा कि जब एसआईटी जांच हुई थी तो सभी आरोपियों को पकड़ा गया था, उनको सजा भी हुई। अब जब एसआईटी जांच में ऐसा कुछ नहीं मिला कि घटना में कोई और शामिल है तो माहौल को क्यों गर्म किया जा रहा है। यदि कोई सबूत प्रस्तुत करने की बात सामने आई हो तो जरूरत पड़ी तो सीबीआई जांच भी कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि घटना में कोई भी दोषी होगा तो उसको बख्शा नहीं जाएगा। प्रदेश में चल रहे आंदोलन पर कहा कि लोकतंत्र में बोलने की आजादी है। सरकार लगातार जनहित के कार्य कर रही है लेकिन विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है।

 

मुझे उम्मीद है जनभावना को ध्यान में रखकर सीबीआई जांच का फैसला लेंगे धामी : सौरभ बहुुगुणा 

पशुपालन मंत्री सौरभ बहुुगुणा ने कहा, भाजपा सरकार ने हमेशा जनभावना का सम्मान किया है। मुझे उम्मीद है अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में भी जनभावना को ध्यान में रखकर मुख्यमंत्री धामी सीबीआई जांच का फैसला लेंगे। विधानसभा स्थित सभागार में मीडिया से वार्ता में उन्होंने कहा, अंकिता हम सबकी बेटी और बहन थी, उसके साथ जो हुआ गलत हुआ। न्यायालय से दोषियों को आजीवन कारावास की सजा हो चुकी है। दोषियों को सजा दिलाने में सरकार ने भी मदद की। अब इस प्रकरण में नए तथ्य आए हैं, सरकार ने हमेशा जनभावना को ध्यान रखा। उम्मीद है कि सीएम धामी जो भी फैसला लेंगे, जनभावना का सम्मान करते हुए लेंगे। हाल ही में पेपर लीक मामले को देखें तो जनता का आंदोलन हुआ, सरकार से सीबीआई जांच की मांग की गई। युवाओं का दर्द व जनता की भावना थी प्रकरण की सीबीआई जांच हो। जिस पर सीएम धामी ने बड़ा दिल दिखाया और जनता की मांग को स्वीकार किया। विभागीय मंत्री ने कहा, भाजपा सरकार मातृशक्ति, युवाओं और बुजुर्गों के आशीर्वाद से बनी है। अगर उत्तराखंड की जनता की भावना है अंकिता प्रकरण की सीबीआई जांच हो तो मुझे लगता है सीएम धामी इसकी सीबीआई जांच कराएंगे।

Uttarakhand: मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना.. CM धामी ने 3848 लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजे 33.22 करोड़ रुपये.

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सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत 3848 लाभार्थियों के बैंक खातों में 33.22 करोड़ रुपये की धनराशि का ऑनलाइन माध्यम से वितरण किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि उत्तराखंड का युवा नौकरी ढूंढने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बने। कहा कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना राज्य की उन प्रमुख योजनाओं में से एक है, जिसने वास्तविक रूप से पलायन को रोकने, रिवर्स माइग्रेशन को बढ़ावा देने और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 के दौरान लौटे प्रवासी, युवा उद्यमी, कारीगर, हस्तशिल्पी एवं शिक्षित बेरोजगार इस योजना के प्रमुख लाभार्थी हैं। योजना के अंतर्गत राज्य के मूल और स्थायी निवासियों को विनिर्माण, सेवा एवं व्यापार क्षेत्र में राष्ट्रीयकृत, सहकारी एवं क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के माध्यम से ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। विनिर्माण इकाइयों के लिए 25 लाख तक और सेवा एवं व्यापार इकाइयों के लिए 10 लाख तक की परियोजना लागत अनुमन्य है। योजना के अंतर्गत परियोजना लागत का 15 से 25 प्रतिशत तक सब्सिडी के रूप में प्रदान किया जा रहा है। योजना के अंतर्गत लगभग 32 हजार लाभार्थियों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया था, इस योजना से अब तक 35 हजार से अधिक लाभार्थी लाभान्वित हो चुके हैं। योजना के तहत अब तक 1,389 करोड़ से अधिक का ऋण वितरण किया गया है, जिससे लगभग 64,966 नए रोजगार सृजित हुए हैं।  कहा कि यह प्रमाण है कि योजना केवल कागज़ों में नहीं, बल्कि धरातल पर सशक्त रूप से कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लाभार्थियों को सब्सिडी ऑनलाइन माध्यम से सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर की गई है। यह सरकार की पारदर्शिता, टेक्नोलॉजी-आधारित और भ्रष्टाचार-मुक्त कार्यप्रणाली का प्रमाण है। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना केवल एक योजना नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर उत्तराखंड की मजबूत नींव है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि हर जिले में स्थानीय उद्यम, हर गांव में रोजगार और हर युवा के हाथ में काम हो। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करते हुए डबल इंजन सरकार उत्तराखंड के युवाओं को स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य कर रही है।

Uttarakhand: देश में सबसे पहले उत्तराखंड में प्रयोग होगी यह तकनीक, 100 KM से तेज हवाओं के बीच केदारनाथ में चलेगा रोपवे.

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रोपवे परियोजना से सुरक्षित और सहज होने जा रही पवित्र धाम केदारनाथ व हेमकुंड साहिब यात्रा में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। इन परियोजनाओं में देश में पहली बार सबसे सुरक्षित व उन्नत ट्राई-केबल डिटैचेबल गोंडोला रोपवे तकनीक (3एस) का प्रयोग होगा।

अभी इस तकनीक का प्रयोग विश्व के चुनिंदा देशों में ही किया जा रहा है। इस तकनीक में सौ किलोमीटर प्रति घंटे की गति से भी तेज हवा में रोपवे का सुरक्षित संचालन किया जा सकेगा।

इस तकनीक में दो स्थिर ट्रैक रोप पर गोंडोला केबिन पूरी तरह संतुलित रहते हैं। इससे केबिन के हवा में डगमगाने की संभावना नहीं रहती।

उत्तराखंड में महत्वाकांक्षी सोनप्रयाग-केदारनाथ व गोविंदघाट-हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजनाओं में सबसे पहले प्रयोग होने जा रही ट्राई-केबल डिटैचेबल गोंडोला रोपवे तकनीक (3एस) तकनीक की सबसे बड़ी खासियत तेज हवा व विषम मौसम में गोंडोला केबिन की स्थिरता है।

इस तकनीक में रोपवे संचालन के लिए तीन अलग-अलग स्टील के तारों का उपयोग किया जाता है। इनमें से दो स्थिर केबल (ट्रैक रोप) केबिन के पूरे भार को संभालते हैं, जबकि एक चलायमान केबल (हाल रोप) केबिन को आगे-पीछे खींचता है।

यह तकनीक सामान्य रोपवे प्रणालियों से अलग है। सामान्य रोपवे में एक या दो केबल पर ही पूरा भार और गति निर्भर होती है, 3-एस सिस्टम में भार और गति अलग-अलग केबलों पर होने से सुरक्षा कई गुना बढ़ जाती है।

यह विश्वस्तरीय तकनीक अभी तक स्विट्जरलैंड, आस्ट्रिया, फ्रांस, जर्मनी, कनाडा और चीन में उपयोग में लाई जा रही है।

एआइ बताएगा कहां खराब केबल-ब्रेक-

3-एस तकनीक में एआइ आधारित स्मार्ट तकनीक काम करती है। सेंसर और कैमरों से मिलने वाले रीयल-टाइम डेटा का एआइ विश्लेषण कर केबल, ब्रेक और ड्राइव सिस्टम में संभावित खराबी का पूर्वानुमान लगा लेता है। इससे दुर्घटनाओं की आशंका कम होती है।

3-एस रोपवे की प्रमुख विशेषताएं-

  • प्रत्येक केबिन बंद, वातानुकूलित व मौसम-रोधी होगा, इससे हर मौसम में सुरक्षित व आरामदायक यात्रा संभव होगी।
  • वजन संतुलन के लिए सेंसर और मल्टी-लेयर ब्रेक सिस्टम से रोपवे का संचालन और अधिक सुरक्षित रहेगा।
  • इस प्रणाली में कम टावर प्रयोग होंगे, एक टावर से दूसरे टावर के बीच लंबी दूरी होगी, जिससे निर्माण कम होगा और पर्यावरण को न्यूनतम नुकसान पहुंचेगा।
  • डिटैचेबल ग्रिप सिस्टम से स्टेशन पर गति कम और लाइन पर तेज रहेगी, इससे यात्रा समय में कमी आएगी।
  • आधुनिक केबिन डिजाइन में 16 से 20 या उससे अधिक यात्रियों का एक साथ सुरक्षित परिवहन संभव होगा।
  • एंटी-आइसिंग तकनीक से बर्फबारी में भी निर्बाध और शोर-कंपन रहित आरामदायक सफर सुनिश्चित होगा।

Uttarakhand: सीएम धामी का बड़ा एलान: नैनीताल को मिली112 करोड़ की सौगात, 17 योजनाओं का किया लोकार्पण और शिलान्यास

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शुक्रवार को धारी ब्लॉक स्थित हिमगिरी स्टेडियम लेटीबुंगा में पहुंचे। जहां सीएम ने जिले की 112.34 करोड़ की 17 योजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास किया।

सीएम धामी ने 70.73 करोड़ की लागत से 8 विकास योजनाओं का लोकार्पण किया। इसमें 4.53 करोड़ से सेनिटोरियम से अल्मोडा मार्ग तक भवाली बाईपास भाग-1 का डामरीकरण, 11.62 करोड़ से भवाली-सेनिटोरियम से नैनीबैंड तक भवाली बाईपास पार्ट-2 सुधारीकरण, 7.95 करोड़ से भीमताल बाईपास मोटर मार्ग का सुधारीकरण, 16.62 करोड़ भीमताल-खुटानी -चांफी-परमपुरी-धानाचुली पंचेश्चर मोटरमार्ग सुधारीकरण का निर्माण कार्य, 19.48 करोड़ से 50 बैड क्रिटिकल केयर यूनिट का निर्माण, 8.43 करोड़ से लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय हल्दूचौड में पुस्तकालय, बहुउददेशीय हॉल का निर्माण, 1.46 करोड़ से निराश्रित गौवंश के लिए ग्राम पुछडी में गौशाला निर्माण, 61.38 लाख से रा.उ.मा.वि. जाडापानी भीमताल में पुस्तकालय कक्ष, कम्प्यूटर कक्ष एवं विज्ञान प्रयोगशाला कक्ष का लोकापर्ण किया।

साथ ही मुख्यमंत्री ने 41.60 करोड़ से 9 विकास योजनाओं का शिलान्यास किया। सीएम ने 5.35 करोड़ से लालकुआ में राजकीय महाविद्यालय में परीक्षा भवन निर्माण, 97.72 लाख से  लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय में चाहरदीवारी निर्माण, 1.5 करोड़ की लागत से इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम गौलापार में स्वीमिंग पुल पर टेंसाईल शेड एवं पूल कवरिंग कार्य, 46.54 लाख से रा.उ.मा.वि. झडगांव में भवन निर्माण कार्य, 75 लाख की लागत से ओखलकांडा में सभागार कक्ष, 45 लाख की लागत से रामनगर में टाईप-4 आवासीय भवन निर्माण, 9.81 करोड़ से बेतालघाट में दूनीखाल से रातीघाट तक मोटर मार्ग का निर्माण, 8.19 करोड़ से पंगोट दैचोरी मार्ग का नवनिर्माण, इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम गौलापार में सुरक्षा के लिए बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य की योजनाओं का शिलान्यास किया।

SIR: 22 साल में दोगुने हुए मतदाता… छंटनी के लिए प्री एसआईआर, यहां बढ़े सबसे ज्यादा मतदाता; देखें आंकड़े.

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पिछले 22 साल में मतदाताओं की संख्या देहरादून जिले में आठ लाख से लगभग 16 लाख हो गई है। इसमें सबसे ज्यादा मतदाता नगर निगम देहरादून में बढ़े हैं। इन बढ़े मतदाताओं की कुंडली खंगालने की तैयारी शुरू हो गई है।

फिलहाल बीएलओ ने प्री एसआईआर शुरू कर दिया है। 2003 की मतदाता सूची को इसका आधार बनाया जा रहा है। इसी महीने के अंत तक प्री एसआईआर पूरा करना है ताकि मुख्य एसआईआर के आदेश आएं और उस काम को पूरी गुणवत्ता और समयसीमा में पूरा किया जा सके।

विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) देश के 12 राज्यों में चल रहा है और जल्द ही उत्तराखंड में भी शुरू होने वाला है। इसी कड़ी में प्रशासन ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं।

रोजाना 30 मतदाताओं का मिलान-
बीएलओ प्री एसआईआर के तहत घर-घर जाकर रोजाना 30 मतदाताओं का मिलान कर रहे हैं। मुख्य एसआईआर में राजनीतिक दलों के एजेंटों को भरोसे में लेने के साथ ही उनकी मदद ली जाएगी ताकि एसआईआर निष्पक्ष हो और किसी प्रकार के आरोप न लगें।
वर्तमान मतदाता सूची के साथ होगा मिलान-
सुपरवाइजर से लेकर बीएलओ कार्य में जुट गए हैं। बीएलओ की ओर से 2003 और 2005 की मतदाता सूची के बीच नामों में अंतर को खोजा जाएगा और उसके कारण की समीक्षा की जाएगी। वर्तमान मतदाता सूची के साथ मिलान भी किया जाएगा।
दून में बढ़े सबसे ज्यादा मतदाता-
जिले में सबसे ज्यादा विस्तार देहरादून नगर निगम का हुआ। 2003 में यहां मात्र 45 वार्ड थे। अनुमानित मतदाताओं की संख्या उस समय करीब दो-ढाई लाख रही। उसके बाद शहर का तेजी से विकास हुआ। 45 वार्ड से आज नगर निगम 100 वार्ड तक पहुंच गया।
पूरे जिले में आज करीब 15.56 लाख के करीब मतदाता हैं। इनमें पुरुष मतदाता 8.9 लाख और महिला मतदाता 7.47 लाख के करीब हैं। अकेले देहरादून शहर में मतदाताओं की संख्या 7.71 लाख से ज्यादा है।
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2018 नगर निगम के चुनाव के बाद से ही कुल मतदाताओं में देहरादून शहर में 22 प्रतिशत से ज्यादा वृद्धि हुई। ऐसे में 2003 के सापेक्ष मतदाताओं की संख्या यहां तीन गुना से ज्यादा बढ़ी।

देहरादून में प्री एसआईआर चल रहा है। अभी मुख्य एसआईआर शुरू नहीं हुआ और न ही इसकी तिथि आई है। प्री एसआईआर के तहत प्रति बीएलओ को रोजाना 30 मतदाताओं के घर जाना है। दिसंबर के अंत तक इसके पूरा होने की उम्मीद है। – अभिनव शाह, सीडीओ