Category Archive : मौसम

कुदरत का कहर; घर बहे, लोग लापता, आंखों में खौफ, 10 तस्वीरों में नंदानगर की तबाही का मंजर

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उत्तराखंड के चमोली जिले के नंदानगर क्षेत्र में बुधवार देर रात बादल फटने से भारी तबाही मच गई। एक ही रात में तीन गांवों में घर, गौशालाएं, और ज़िंदगियां मलबे में समा गईं। अब तक 12 लोगों के लापता होने की पुष्टि हो चुकी है, जबकि करीब 30 से अधिक भवन क्षतिग्रस्त हुए हैं। रेस्क्यू टीमें मलबे में दबे लोगों की तलाश में जुटी हैं।

200 से अधिक ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। घाट तहसील के नंदानगर क्षेत्र में बुधवार देर रात बादल फटने से भारी नुकसान हुआ है। आपदा में अब तक 12 लोगों के लापता होने की सूचना है। इसमें सबसे अधिक प्रभावित ग्राम कुंतरी लगा फाली है, जहां 8 लोग लापता हैं और 15 से 20 भवन व गौशालाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं। रात तीन बजे के करीब भारी बारिश के बीच लोगों के घरों पर मलबा आ गिरा।

दो महिलाओं और एक बच्चे को मलबे से निकाला
दो महिलाओं और एक बच्चे को पुलिस व डीडीआरएफ की टीमों ने मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला। इन घायलों को नंदानगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। करीब 200 ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। वहीं, ग्राम कुंतरी लगा सरपाणी में भी दो लोग लापता हैं और दो भवन ध्वस्त हुए हैं। यहां भी रेस्क्यू टीमों ने 100 ग्रामीणों को सुरक्षित निकाला। ग्राम धुर्मा में मोक्ष नदी उफान पर आ गई, जिससे दो लोग लापता हैं और करीब 10 मकानों को नुकसान पहुंचा है।

Chamoli Cloudburst in Nandanagar causes massive destruction many missing rescue operations underway photos

बचाव कार्यों में एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी (गौचर 8वीं वाहिनी), डीडीआरएफ और राजस्व विभाग की टीमें जुटी हैं। लेकिन सड़कों के जगह-जगह बंद होने और भूस्खलन के कारण टीमों को घटनास्थल पर पहुंचने में देरी हो रही है। अधिकतर टीमें अब पैदल मार्ग से मौके पर पहुंचने की कोशिश कर रही हैं।

Chamoli Cloudburst in Nandanagar causes massive destruction many missing rescue operations underway photos

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिव आपदा प्रबंधन से चमोली की स्थिति की जानकारी ली और निर्देश दिए कि लापता लोगों की खोज में कोई कोताही न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है और सभी राहत शिविरों में रहने, खाने, इलाज और सुरक्षा की व्यवस्था की जाए।

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घटना की सूचना मिलते ही सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी डीआईजी राजकुमार नेगी, और यूएसडीएमए के विशेषज्ञों ने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से निगरानी शुरू कर दी है। सभी बचाव टीमें सक्रिय कर मौके पर भेजी गई हैं। कंट्रोल रूम से हर गतिविधि पर निगरानी रखी जा रही है।

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उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में आज भी तेज बारिश के आसार हैं। हालांकि मैदानी इलाकों में राहत रहेगी। मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार नैनीताल, बागेश्वर, पिथौरागढ़ जिले के कुछ इलाकों में तेज बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।

Chamoli Cloudburst in Nandanagar causes massive destruction many missing rescue operations underway photos
इसके अलावा देहरादून, उत्तरकाशी, चंपावत और ऊधमसिंह नगर जिले के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश की संभावना है।
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आने वाले दिनों की बात करें तो 23 सितंबर तक प्रदेशभर में हल्की बारिश के आसार हैं।
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मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन और मौसम के बदले पैटर्न के चलते इस बार मानसून में तेज दौर की अधिक बारिश हो रही है।

Chamoli Cloudburst in Nandanagar causes massive destruction many missing rescue operations underway photos

वहीं दून घाटी में आई आपदा में दूसरा सबसे बड़ा हादसा मालदेवता क्षेत्र के फुलेत गांव में हुआ है। यहां पर एक मकान के मलबे में सहारनपुर के छह लोगों के दबे होने की आशंका है।

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सीमांत चमोली की नंदानगर तहसील में फिर फटा बादल

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आपदा से पहले से कराह रहे जिले के नंदानगर प्रखंड में 17 सितम्बर की रात फिर कहर बन कर टूटी। नंदानगर में पांच लोगों के लापता होने की सूचना मिली है जबकि दो लोग घायल बताए जा रहे हैं।

आपदा परिचालन केंद्र से गुरुवार की सुबह 6 बजे से 6 बजकर 18 मिनट पर जारी प्रारंभिक सूचना के अनुसार नगर पंचायत नंदानगर के वार्ड कुन्तरि लगाफाली में भारी वर्षा के कारण मलबा आने से 06 भवन क्षतिग्रस्त हुए हैं। घटना में 05 लोगों के लापता होने की सूचना है। 02 को बचा लिया गया है।

 

नंदानगर तहसील के धुर्मा गांव में भी भारी वर्षा के कारण 4-5 भवनों की क्षति की सूचना प्राप्त हुई है।  प्रारंभिक सूचना के अनुसार जनहानि नहीं है। मोक्ष नदी का जलस्तर बढ़ा है।

प्रशासनिक स्तर पर इन खबरों की पुष्टि के प्रयास किए जा रहे हैं।

दूसरी ओर बांजबगड़, मोख धुर्मा आदि क्षेत्रों में बादल फटने से हर तरह तबाही का खौफनाक मंजर पसरा हुआ है। पीड़ित ग्रामीणों ने जिलाधिकारी संदीप तिवारी तक किसी तरह सूचना पहुंचा कर अपने स्तर से स्थिति का आकलन कर राहत पहुंचाने की अपील की है।
प्रारंभिक खबरों में बताया गया है कि पूरे इलाके में भारी तबाही हुई है।

मोक्ष नदी के किनारे बसे सेरा गांव में सर्वाधिक नुकसान की खबर है। सेरा गांव में बीती 8 जुलाई को भी भारी तबाही हुई थी। तब से किसी तरह जीवन पटरी पर लौट रहा था लेकिन 17 सितम्बर को दोबारा आई भीषण आपदा ने सब कुछ तबाह कर दिया। सेरा के लोगों पर प्रकृति की मार के बाद यह महामार पड़ी है

लापता ग्रामीणों का विवरण

 

 

उधर, नंदानगर में बादल फटने से पांच लोगों के लापता होने की खबर है।  इस आपदा में वहां दो लोगों के घायल होने की जानकारी मिली है।
शुरुआती खबरों के मुताबिक सेरा में महिपाल सिंह, अवतार सिंह, पुष्कर के आवासीय भवन खतरे की जद में हैं। खेत खलिहान को भी भारी नुकसान पहुंचा है।

सेरा में सबसे पहले महिपाल सिंह का बाथरूम बहा। यह घर के कोने में बना था। उसके बाद मोक्ष नदी का जल घर में घुस गया। इस कारण घर पूरी तरह खतरे की जद में है। उसके बगल के अवतार सिंह और पुष्कर सिंह के घर भी खतरे में आ गए। रात को किसी तरह भाग कर लोगों ने जान बचाई। सेरा से ऊपर पहाड़ी पर बसे धुर्मा गांव में भी बादल फटने से की आवासीय भवन असुरक्षित हो गए हैं जबकि गांव के ही बागड़ टॉप में कई दुकानें और मकान बह गए हैं।

बताया जा रहा है कि बागड़ बस्ती के ऊपर से बादल पटने के कारण भारी मलबा आने से नदी ने रास्ता बदला से सेरा गांव में घरों को नुकसान पहुंचाया। उधर नंदानगर के कुंतरी, फफाली बांजबगड़ में भी भारी तबाही की खबर है। वहां कई घर मलबा आने से दब से गए हैं। बादल फटते ही लोग जंगलों की ओर भागे। अभी तक जनहानि के बारे में कोई जानकारी नहीं है किंतु तबाही के मंजर ने लोगों को बदहवास कर दिया है। नंदानगर की शुरुआती खबरों में बताया जा रहा है कि बलबीर सिंह, विनोद सिंह, प्रकाश सिंह, अवतार सिंह, सिबर सिंह, महिपाल सिंह बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।

आपदा के बाद पूरे इलाके का संपर्क कट गया है। बादल फटने के साथ ही इलाके में बिजली आपूर्ति ठप हो गई थी। सड़कों को भी भारी नुकसान पहुंचा है, इस कारण आवाजाही भी ठप है। सेरा में सड़क पर बने पेट्रोल पंप में भी मलबा भर गया है। बिजली न होने से मोबाइल भी वहां काम नहीं कर पा रहे हैं।

प्रशासन को किसी तरह सूचना पहुंचा दी गई है किंतु प्रशासन के लिए भी इस आपदा प्रभावित क्षेत्र तक पहुंच बनाना आसान नहीं है। लोग सहमे हुए हैं और नियति को कोस रहे हैं। पीड़ितों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। हालात इस कदर बिगड़ गए हैं कि उन्हें रोने के अलावा कुछ नहीं सूझ रहा है।

दून की आपदा लील गयी 13 लोगों को, 16 लापता

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अतिवृष्टि के कारण देहरादून में 13 व्यक्तियों की मृत्यु हुई। तीन व्यक्ति घायल और 16 लापता हैं।

जिला आपदा परिचालन केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार देहरादून में अतिवृष्टि के कारण 13 व्यक्तियों की मृत्यु, 03 व्यक्ति घायल और 16 व्यक्ति लापता हुए है। वहीं सरकारी एवं निजी परिसंपत्तियों का भी भारी नुकसान हुआ है। देहरादून जनपद के सभी विकासखंडो में 13 पुल, 10 पुलिया, 02 मकान, 31 दीवार, 02 अमृत सरोवर, 12 खेत, 12 नहर, 21 सड़के, 7 पेयजल योजना, 08 हॉज, 24 पुस्ता आदि परिसंपत्तियों का भारी नुकसान हुआ है।

देखें सूची

मजयाडा में तीन लोग मलबे में दबे होने और एक व्यक्ति लापता होना बताया गया। यहां पर कुछ आवासीय भवन, आंगनबाड़ी केंद्र, पंचायत भवन, सामुदायिक केंद्र, 13 दुकान, 08 होटल, 03 रेस्टोरेंट सहित सहस्रधारा-कार्लीगाड मोटर मार्ग भूस्खलन के कारण 09 से अधिक स्थानों पर क्षतिग्रस्त हुआ है। रा.पूर्व.मा.वि. चामासारी में बनाए गए राहत शिविर में कुछ प्रभावित लोगों को ठहराया गया है। शिविर में प्रभावित लोगों से मिलते हुए जिलाधिकारी ने उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।

एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की मदद से कार्लीगाड में फंसे 70 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है। आपदाग्रस्त क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं को जल्द बहाल करने का प्रयास जारी है।

मंगलवार की सुबह सीएम धामी ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत कार्यों का जायजा लिया।

जिलाधिकार सविन बंसल  ने देहरादून शहर के मालदेवता, सहस्रधारा, मजयाडा, कार्लीगाड आदि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में ग्राउंड जीरो पर पहुंच कर मौजूदा स्थिति और क्षति का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान जिलाधिकारी ने पीड़ित परिवारों से भेंट करते हुए उन्हें हर संभव मदद पहुंचाने का भरोसा दिलाया। निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह और सीडीओ अभिनव शाह भी उनके साथ मौजूद रहे।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्याे में तेजी लाए। लोनिवि एवं पीएमजीएसवाई पर्याप्त संख्या में मैनपावर और मशीनरी लगाते हुए अवरूद्व सड़क एवं संपर्क मार्गाे को शीघ्र सुचारू करें।
प्रभावित क्षेत्रों में ड्राई राशन, राहत शिविर में ठहराए गए लोगों तक फूड पैकेट वितरण सुनिश्चित करते हुए उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध की जाए। जिलाधिकारी ने प्रभावित क्षेत्रों में बिजली, पानी एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं को तत्काल बहाल करने के निर्देश दिए।

सोमवार की रात्रि को अतिवृष्टि के कारण देहरादून के विभिन्न क्षेत्रों में जनहानि, पशु हानि, सरकारी एवं निजी संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचा है। सड़क, संपर्क मार्ग, पुल, पुलिया क्षतिग्रस्त होने से जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। जिलाधिकारी ने कहा कि आपदा की इस कठिन घडी में जिला प्रशासन प्रभावित परिवारों के साथ खडा है। प्रभावित लोगों तक मदद पहुंचाने में कोई कोर कसर नही छोड़ी जाएगी। आपदा प्रभावित सभी क्षेत्रों में पुलिस, प्रशासन, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के साथ क्विक रिस्पांस टीमें तैनात की गई है। रेस्क्यू कार्य के लिए जो भी आवश्यकता पड रही है, उस पर तत्काल कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।

जिलाधिकारी ने कहा कि प्रभावित परिवार यदि सुरक्षित स्थानों पर किराए में शिफ्ट होना चाहते है तो उनको प्रति परिवार तीन माह तक 4-4 हजार किराया भी दिया जाएगा।

राहत-बचाव कार्यों में नहीं छोड़ी जाएगी कोई कसर,मुख्यमंत्री ने दिए युद्धस्तर पर कार्रवाई के निर्देश

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देहरादून सहित प्रदेशभर में लगातार हो रही अतिवृष्टि के कारण उत्पन्न स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी मंगलवार देर रात्रि को राज्य आपदा परिचालन केंद्र (SEOC) पहुँचे। इस दौरान उन्होंने आपदा प्रबंधन विभाग, SDRF, जिला प्रशासन और अन्य संबंधित एजेंसियों के अधिकारियों के साथ बैठक कर राहत एवं बचाव कार्यों की प्रगति की समीक्षा की।

मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने आपदा कंट्रोल रूम में राजधानी देहरादून तथा प्रदेश के अन्य जनपदों में मंगलवार रात अतिवृष्टि से हुए नुकसान की जानकारी ली तथा युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अतिवृष्टि के कारण जो लोग भी प्रभावित हुए हैं, उन्हें तत्काल हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए। जो लोग लापता हुए हैं, उनकी तलाश के लिए युद्धस्तर पर कार्य किए जाएं। उन्होंने कहा कि आपदा की इस घड़ी में सरकार सभी प्रभावित परिवारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए की राहत और बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं होनी चाहिए। अधिकारी प्रभावित क्षेत्र का दौरा करें और लोगों की समस्याओं का समाधान करें। उन्होंने आने वाले दिनों में भी मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट को देखते हुए सभी जनपदों में विशेष सतर्कता बरते जाने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से प्रदेश में अतिवृष्टि से उत्पन्न स्थिति पर नजर रखने तथा जनपदों व विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल सहायता पहुंचाई जाए तथा सभी आवश्यक संसाधनों को सक्रिय किया जाए ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि को रोका जा सके। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि बचाव कार्यों में तेजी लाते हुए प्रभावित नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए। मुख्यमंत्री ने मौसम पूर्वानुमान को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश दिए है | उन्होंने आपदा बचाव में साहसिक कार्य करने वाले नागरिकों को भी किया जाए सम्मानित करने की बात कही | सीएम ने पेयजल विभाग को प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल की जल्द से जल्द आपूर्ति के साथ ही पेयजल की गुणवत्ता की निरंतर जांच करने के निर्देश दिए है | मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को विशेष हिदायत देते हुए कहा कि विभाग को आपदा के बाद फैलने वाली संभावित बीमारियों के प्रति सचेत रहने की आवश्यकता है | इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग अपनी तैयारियां पूरी कर ले |

मुख्यमंत्री  धामी ने कहा कि शासन और प्रशासन पूर्ण रूप से अलर्ट मोड में है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाए तथा राहत शिविरों में आवश्यक व्यवस्थाएं जैसे भोजन, पेयजल, चिकित्सा सुविधा और बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों में फील्ड पर कार्य कर रही टीमें, विशेषकर SDRF, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम के कर्मचारियों की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि सभी टीमें समन्वित रूप से कार्य करें और जनता को हर संभव सहायता प्रदान करें।

मुख्यमंत्री ने आमजन से भी अपील की कि वे प्रशासन द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों का पालन करें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर नागरिक के साथ है और संकट की इस घड़ी में हरसंभव मदद प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने आज दूरभाष पर मुख्यमंत्री से उत्तराखंड में अतिवृष्टि से उत्पन्न स्थिति की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने प्रदेश को हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया और कहा कि केंद्र सरकार आपदा की इस घड़ी में राज्य के साथ मजबूती से खड़ी है।

बैठक में मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने प्रभावित जनपदों के जिलाधिकारियों से राहत कार्यों की आदतन जानकारी ली |

केदारनाथ मंदिर से ऊपर चौराबाड़ी ग्लेशियर के पास हुआ हिमस्खलन

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केदारनाथ से ऊपर हिमालय क्षेत्र से लगे चौराबाड़ी ग्लेशियर में भारी हिमस्खलन हुआ। जिससे ग्लेशियर से भारी मात्रा में बर्फ टूटकर निचले क्षेत्र में आ गई। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें बर्फ का भारी

गुबार तेज रफ्तार के साथ नीचे खिसकते हुए दिखाई दे रहा है।

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि घटना दोपहर करीब 2 बजे की है। धाम में मौजूद लोगों और मंदिर से जुड़े पदाधिकारियों ने ऊपरी क्षेत्र में बर्फ का गुबार देखा तो उसकी वीडियो बनाई।

उत्तराखंड मे आपदा का प्रकोप जारी, मुख्यमंत्री धामी लगातार आपदा प्रबंधन में जुटे

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आपदा का प्रकोप जारी है, प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश की चिंता न कर जहां एक तरफ कई भाजपाई नेता बयानबाज़ी और एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप का खेल खेलने में व्यस्त हैं तो वहीं प्रदेश के मुख्यमंत्री आपदा ग्रस्त क्षेत्रों में दौरा कर पीड़ितों का हाल जानने के लिए मौके पर पहुंच रहे हैं .

इसी क्रम में पहाड़ का दौरा कर लौटे धामी हरिद्वार के लक्सर क्षेत्र में ट्रैक्टर के जरिए पहुंच स्थलीय निरीक्षण कर आपदा प्रभावितों को कोई तकलीफ न हो , और भारी बारिश से उत्पन्न हालात पर जल्द से जल्द काबू पाया जा सके ,उसके निर्देश दे कार्यों को गति मिले इसके लिए सख्त तेवर में आदेश जारी किए ..

 

गौरतलंत है कि राज्य में जारी भारी बारिश और प्राकृतिक आपदा के चलते स्थिति काफी विकट बनी हुई है ,पहाड़ से मैदान तक कई जगह पर लोग भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं ,

ऐसे में खुद मुख्यमंत्री के मौके पर पहुंचने से जिले के तमाम अधिकारियों के कार्यों में तत्परता आना स्वाभाविक है ,

हरिद्वार जिले के लक्सर आपदा प्रभावित जलमग्न क्षेत्र में पहुंच मुख्यमंत्री धामी ने प्रभावित परिवारों से बात कर उनकी समस्या का तुरंत निवारण करने के आदेश भी मौके पर ही जारी किए .

अधिकारियों को निर्देश देते हुए धामी ने साफ लफ्जों में जिला प्रशासन एवं आपदा प्रबंधन अधिकारियों को तत्काल राहत और पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों की सुरक्षा, आवास, भोजन और स्वास्थ्य सुविधाओं की सुनिश्चित व्यवस्था की जाए और राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए

मुख्यमंत्री धामी ने कहा की राज्य सरकार इस संकट की घड़ी में हर प्रभावित नागरिक के साथ खड़ी है। हम हर संभव सहायता उपलब्ध कराएँगे, हम इस समय सिर्फ बचाव कार्यों को प्राथमिकता दे रहे हैं। ताकि जनहानि से बचा जा सके ,
प्रदेश सरकार पूरी तरह से कटिबद्ध है कि आपदा से प्रभावित प्रत्येक परिवार को सरकार की ओर से यथासंभव सहायता सुनिश्चित हो …

 

 

हरसंभव मदद होगी मुहैया – पुष्कर सिंह धामी

मुख्यमंत्री धामी ने स्थलीय निरीक्षण के दौरान लक्सर हरिद्वार के गावों में जाकर जलभराव, क्षतिग्रस्त सड़कें, टूटे हुए पुल एवं जल से घिरे घरों का जायज़ा लिया। इस दौरान उन्होंने आपदा प्रभावित परिवारों से बातचीत करते हुए उनकी ज़रूरतों की जानकारी ली और आश्वस्त किया कि राहत कार्यों में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।

लापरवाह अधिकारियों पर होगी कड़ी कार्यवाही –

जिला प्रशासन को निर्देश देते हुए धामी ने कहा कि
राहत शिविरों की पर्याप्त व्यवस्था और उनमें समुचित भोजन, पानी, दवाइयाँ एवं साफ-सफाई की व्यवस्था की गई है ,
जिन परिवारों को स्थानांतरित करने की आवश्यकता है, उन्हें सुरक्षित स्थानों पर भेजा जाएगा ,
किसानों को हुई फसल क्षति का त्वरित आंकलन कर मुआवजा प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी ,
आवश्यकतानुसार स्वास्थ्य शिविर लगाकर चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं .. इसमें लापरवाही बरतने वाले अफसरों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जाएगी .

एनएचपीसी टनल में फंसे सभी कर्मी बाहर नहीं निकले,वीडियो से सच आया सामने, तीन दिन से टनल में फंसे हैं कर्मी

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धारचूला। तीन दिन पहले धारचूला से आगे हुए भूस्खलन के बाद एनएचपीसी के हाइड्रो प्रोजेक्ट की टनल में फंसे 19 श्रमिकों का आज सोमवार को एक वीडियो सामने आया है, जिसमें उन्होंने खुद को भीतर फंसा हुआ बताया। हालांकि, टनल के अंदर कोई दिक्कत नहीं है। यह वीडियो सामने आने के बाद प्रशासनिक दावों पर सवाल उठने लगे हैं।

जिलाधिकारी पिथौरागढ़ विनोद गिरी गोस्वामी नेरविवार दोपहर वीडियो बयान जारी कर सभी श्रमिकों को सुरक्षित निकालने का दावा किया था। वहीं, आपदा प्रबंधन सचिव ने जानकारी दी कि 11 श्रमिकों को बाहर निकाल लिया गया है और शेष पूरी तरह सुरक्षित हैं। लेकिन टनल से आए वीडियो और ऑडियो संदेश ने स्थिति को और उलझा दिया है।

टनल में फंसे श्रमिकों ने स्पष्ट कहा है कि वे अब भी अंदर ही हैं और तीन दिन से बाहर निकलने का इंतजार कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि राहत और बचाव कार्यों को लेकर प्रशासन और विभागीय स्तर पर कोई स्पष्टता नहीं है।

लोगों ने सवाल उठाया कि यह राहत-बचाव अभियान है या मजाक। समन्वय के अभाव की स्थिति किसी बड़े हादसे को जन्म दे सकती है। प्रशासनिक दावों और कर्मियों के संदेशों में बड़ा विरोधाभास सामने आने से परिवारों और क्षेत्रवासियों में गहरी चिंता है।

धारचूला एनएचपीसी परियोजना में सुरक्षा को लेकर जारी निगरानी, प्रबंधन ने कहा सभी सुरक्षित

धारचूला, 1 सितम्बर। एनएचपीसी लिमिटेड की धौलीगंगा पावर स्टेशन, धारचूला की ओर से जारी प्रेस नोट में कहा गया है कि पावर हाउस के भीतर कार्यरत सभी कर्मचारी पूरी तरह सुरक्षित हैं और कार्य सामान्य रूप से संचालित हो रहा है।

प्रशासन और एनएचपीसी प्रबंधन के बीच सतत संवाद बनाए रखते हुए हालात पर निगरानी रखी जा रही है। बताया गया कि पावर हाउस के भीतर कर्मियों की सुरक्षा एवं कार्य संचालन की निरंतर समीक्षा हो रही है।

प्रबंधन ने कहा कि हाल के दिनों में लगातार भारी वर्षा के कारण टनल के मुहाने पर बार-बार मलबा और पत्थरों का जमाव हो रहा है। इस स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन की टीम सुबह से ही राहत और सफाई कार्य में जुटी हुई है।

एनएचपीसी प्रबंधन ने यह भी स्पष्ट किया कि राहत और बचाव कार्यों में किसी प्रकार की कमी नहीं रखी जाएगी और पावर हाउस के भीतर एवं बाहर की गतिविधियों पर प्रशासनिक स्तर से सतर्क निगरानी की जा रही है।

लगातार हो रही भारी बारिश के चलते चारधाम यात्रा 5 सितंबर तक स्थगित

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उत्तराखंड प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते सरकार ने जनहित को लेकर चारधाम यात्रा व हेमकुंड साहिब यात्रा को आने वाली 5 सितंबर तक स्थगित किया गया है .

भारी बारिश और भूस्खलन से मार्ग बाधित –

प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश की वजह से जगह जगह न केवल मार्ग अवरुद्ध हो रहे हैं बल्कि भूस्खलन से जानमाल का ख़तरा भी बरकरार है ,
प्रशाशन लगातार अवरुद्ध मार्गों को खोलने के लिए प्रयासरत है ,

यात्रियों और स्थानीय निवासियों को सुरक्षा –

गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडे से बात कर ये जानकारी मिली कि सुरक्षा को देखते हुए ही ये यात्रा स्थगित करने का फैसला जनहित में लिया गया है ,
मौसम के सामान्य होते ही यात्रा पूर्ण रूप से सुचारू कर दी जाएगी .

प्रदेश में जारी है भारी बारिश का अलर्ट –

गौरतलब है कि लगातार होती बारिश की वजह से प्रदेश के कई हिस्सों और जिलों में हालात सामान्य नहीं हैं ,
सुरक्षा और राहत बचाव कार्य के लिए प्रदेश में सरकारी तंत्र के साथ ही प्रदेश की SDRF और NDRF के साथ ही उत्तराखंड पुलिस लगातार जुटी है ,जिसमें स्थानीय निवासियों से भी भरपूर सहयोग मिल रहा है ,

आपदा राहत केंद्र रखे हुए है हर स्थिति पर नजर –

आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि विभाग 24 घंटे हर स्थिति पर नजर बनाए हुए है,

खुद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हर घटना पर नजर बनाए हुए हैं , प्राथमिकता यही है कि आम जनमानस को मुश्किल हालात उत्पन्न होने पर तुरंत सहायता मिले

 

Disaster Management Secy orders round the clock vigilance amid rainfall  warning | Garhwal Post

Garhwal Divisional Commissioner Vinay Shankar Pandey

उत्तराखंड में लगातार जारी बारिश को देखते हुए, सरकार ने चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रा पांच सितंबर तक के लिए स्थगित कर दी है। गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय ने बताया कि भारी बारिश से प्रदेश में कई जगह भूस्खलन या मलबा आने से मार्ग बाधित हो रहे हैं। जिन्हें सरकार प्राथमिकता पर खोल रही है, लेकिन यात्रियों की सुरक्षा ओर सुविधा को देखते हुए, फिलहाल चारधाम एवं हेमकुंड साहिब यात्रा को 05 सितम्बर 2025 तक स्थगित किए जाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने यात्रियों से अपील की है कि वे प्रतिकूल मौसम की स्थिति को देखते हुए फिलहाल यात्रा मार्गों पर प्रस्थान न करें तथा प्रशासन द्वारा जारी परामर्श का पालन करें। मौसम सामान्य होने एवं मार्ग पूरी तरह सुरक्षित पाए जाने के उपरांत यात्राओं को पुनः प्रारम्भ किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार एवं स्थानीय प्रशासन द्वारा सड़क मार्गों की निगरानी, सफाई तथा यात्रियों की सुरक्षा हेतु सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। यात्रियों से अनुरोध है कि धैर्य एवं संयम बनाए रखें तथा यात्रा संबंधी अद्यतन जानकारी के लिए प्रशासनिक नियंत्रण कक्ष से सम्पर्क करते रहें।

चमोली जिले में पिछले तीन साल में भूधंसाव की घटनाएं बढ़ी, कर्णप्रयाग, ज्योतिर्मठ के बाद अब नंदानगर

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चमोली जनपद में पिछले तीन साल में भूधंसाव की घटनाएं बढ़ी हैं। सबसे पहले कर्णप्रयाग के बहुगुणा नगर में भूधंसाव की घटना सामने आई। यह क्षेत्र घाटी में होने के बावजूद भूधंसाव हो रहा है। उसके बाद ज्योतिर्मठ के भूधंसाव ने सबको विचलित कर दिया था। यहां सैकड़ों मकान और होटल भूधंसाव की जद में आ गए थे।

Land Subsidence Incidents Increased In Chamoli In Last Three Years After Karnaprayag  Jyotirmath Now Nandanagar - Amar Ujala Hindi News Live - Uttarakhand:चमोली  जिले में पिछले तीन साल में भूधंसाव की घटनाएं

अब नंदानगर के भूधंसाव ने फिर से लोगों को चिंता में डाल दिया है। ज्योतिर्मठ की तरह ही नंदानगर में भी जमीन से पानी का रिसाव हो रहा है। यहां कई घरों से पानी निकलने के बाद लोगों ने मकान छोड़ दिए हैं। भूधंसाव भी लगातार बढ़ रहा है। चमोली जनपद आपदा की दृष्टि से अति संवेदनशील है। यहां बादल फटना, भूस्खलन, भूधंसाव, अतिवृष्टि की आपदाएं चमोलीवासी कई वर्षों से झेल रहे हैं।

Chamoli News Nandanagar Band Bazaar Hit By Landslide 25 Shops In Danger 34  Families Shifted - Amar Ujala Hindi News Live - Chamoli:भूधंसाव की चपेट में  आया नंदानगर का बैंड बाजार, खतरे

पिछले तीन वर्षों में भूधंसाव जैसी आपदा का नया पैटर्न देखने को मिल रहा है। नंदानगर के व्यापार संघ अध्यक्ष नंदन सिंह और कथावाचक शंभू प्रसाद पांडे का कहना है कि भूधंसाव का व्यापार रुप से वैज्ञानिक सर्वे होना चाहिए। नंदानगर क्षेत्र आपदा की दृष्टि से संवेदनशील है। यहां का वैज्ञानिक सर्वेक्षण के बाद यहां की बसावट के लिए योजना तैयार होनी चाहिए।

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नंदानगर में हो रहे भूधंसाव से प्रवासी लोग भी चिंतित हैं। वे लगातार अपने परिजनों, रिश्तेदारों और दोस्तों को फोन कर वहां की स्थिति के बारे में जानकारी ले रहे हैं। जो लोग नंदानगर में हैं, वे भी प्रभावित क्षेत्र को देखकर चिंतित हैं। रविवार को बैंड बाजार के अलावा संपूर्ण नंदानगर बाजार बंद रहा। नगर के व्यापारियों ने भी प्रभावितों की दुकानों को खाली करवाने में मदद की।

सीएम ने थराली आपदा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को चमोली जिले के आपदा प्रभावित थराली क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया और प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। उन्होंने अधिकारियों को राहत एवं पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कुलसारी राहत शिविर का दौरा कर प्रभावितों से फीडबैक लिया और हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। इस दौरान उन्होंने पूर्णतः क्षतिग्रस्त मकानों एवं मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की तत्काल सहायता राशि के चेक प्रदान किए। साथ ही बेघर हुए परिवारों के पुनर्वास की उचित व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए।

सीएम ने कहा कि राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं और राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ प्रभावितों के साथ खड़ी है। उन्होंने जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना भी की।

जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने बताया कि प्रभावितों को सुरक्षित राहत शिविरों में ठहराया गया है तथा भोजन, चिकित्सा और रहने की उचित व्यवस्था की गई है। क्षतिग्रस्त सड़क मार्गों को सुचारू कर दिया गया है और शीघ्र ही बिजली व पेयजल आपूर्ति भी बहाल कर दी जाएगी।

मुख्यमंत्री के साथ विधायक भूपाल राम टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।