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Uniform Civil Code: UCC के वेबपोर्टल की हुई दूसरी मॉक ड्रिल, तकनीकी बाधाएं हुईं दूर, अब जल्द लागू करने की तैयारी.

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समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के वेबपोर्टल पर शुक्रवार को प्रदेशभर में जन सेवा केंद्रों पर अभ्यास (मॉकड्रिल) किया गया। वेबपोर्टल पर राज्य में दूसरी बार मॉकड्रिल हुई, जिसमें कुछ जगहों से लॉगइन संबंधी रुकावट रिपोर्ट हुई। संबंधित अधिकारियों ने बताया कि दोनों मॉकड्रिल में जो भी तकनीकी बाधा आई, उन्हें समय रहते दूर कर लिया गया।

इस संबंध में समय-समय पर सॉफ्टवेयर अपडेट करने होते हैं, जो एक सतत प्रक्रिया है। अधिकारियों ने कहा कि दो मॉकड्रिल के बाद उत्तराखंड यूसीसी को शीघ्र लागू करने की तैयारी में है, हालांकि प्रशिक्षण कार्यक्रम आगे भी जारी रहेगा।

शुक्रवार को मॉक ड्रिल के चलते जन सेवा केंद्रों के जरिये 2464 डमी आवेदन पंजीकृत हुए, इनमें 847 दाखिल किए गए। कुल 540 स्वीकृत हुए, 125 रद्द किए गए, 182 आवेदन लंबित रहे। इस बार भी जन सेवा केंद्रों के माध्यम से डमी आवेदनों पर कार्यवाही की समय-सीमा परखी गई। वहीं, प्रशिक्षण से जुड़े अधिकारियों ने कहा कि दूसरा अभ्यास भी सफल रहा है।

पिछली मॉकड्रिल में आई खामियों को दूर किया-
इससे पहले निबंधक और उप निबंधक स्तर पर अभ्यास कार्यक्रम के चलते आधार से ओटीपी न आने की समस्या हुई थी, जिससे संबंधित सॉफ्टवेयर को अपडेट करके दुरुस्त कर लिया गया। पिछली बार केवाईसी के सेक्शन में बड़ी वीडियो अपलोड नहीं हो पा रही थी, इस समस्या को भी दूर कर लिया गया है।यूसीसी पोर्टल की दूसरी मॉक ड्रिल भी सफल रही है। अभ्यास आगे भी कराया जा सकता है। यूसीसी लागू होने के बाद भी समय समय पर आवश्यकतानुसार प्रशिक्षण कार्यक्रम होंगे।
– शैलेश बगोली, गृह सचिव

 

National Games: उत्तराखंड में हरित पहल, राष्ट्रीय खेलों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के नाम पर लगेगा पौधा.

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38वें राष्ट्रीय खेलों की यादों को संजोकर रखने और पदक विजेताओं के लिए वन पार्क विकसित किया जाएगा। जिसमें राष्ट्रीय खेलों में पदक जीतने वाले हर खिलाड़ी के नाम पर एक पौधा लगाया जाएगा। वन पार्क में 10 हजार से ज्यादा पौधे लगाने की योजना है।

खेलमंत्री रेखा आर्या ने बताया कि राष्ट्रीय खेलों को ग्रीन गेम्स के तौर पर ऐतिहासिक बनाने के लिए कई नई पहल की गई है। सभी खेल स्पर्धा में कुल मिलाकर लगभग 4,350 मेडल दिए जाने हैं इसलिए यह योजना बनाई गई है कि जितने पदक विजेता होंगे, उतने ही पौधे उन खिलाड़ियों के नाम से लगाए जाएंगे।

ताकि वे उन यादों को बढ़ता देखने के लिए आगे भी उत्तराखंड आते रहें। इसके अलावा खेलों में आने वाले अन्य मेहमान के नाम पर भी पौधे लगाएंगे, इस तरह से लगभग 10 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है।

इस तरह पर्यावरण फ्रैंडली होंगे गेम्स-

खेल मंत्री ने बताया कि खेलों के दौरान पटाखों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए केवल प्रमाणित ग्रीन पटाखों का उपयोग किया जाएगा। इवेंट की सजावट के लिए लगी कलाकृतियों और सेल्फी प्वाइंट को ई-वेस्ट और खेल उपकरणों के वेस्ट से बनाया जा रहा है। खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि ज्यादातर खेल स्थलों पर सौर ऊर्जा से संचालित हीटिंग संरचनाओं का उपयोग किया जाएगा, जिससे गैर-नवीकरणीय ऊर्जा पर निर्भरता कम होगी।

खिलाड़ियों को दिए जाने वाले मेडल और प्रमाणपत्र भी पर्यावरण अनुकूल और बायोडिग्रेडेबल पदार्थ से बनाए गए हैं। ट्रॉफियों के निर्माण में ई-वेस्ट और वुडवेस्ट का उपयोग किया गया है। खेलों की ब्रांडिंग में प्लास्टिक की जगह कपड़े का उपयोग होगा, जिससे प्लास्टिक कचरे को कम किया जा सके।खेल स्थलों पर खिलाड़ियों और अधिकारियों के परिवहन के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल होगा। राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में दो मेगावॉट क्षमता वाले सोलर रूफ टॉप्स भी बनाए गए हैं जो खेल स्थल को ऊर्जा प्रदान करेंगे।

यह आयोजन केवल खेल प्रतिभा का उत्सव नहीं होगा, बल्कि पर्यावरणीय जिम्मेदारी और स्थिरता का भी प्रतीक बनेगा। उत्तराखंड ”संकल्प से शिखर तक” के अपने संदेश के साथ दुनिया को यह दिखाने के लिए तैयार है कि खेलों के माध्यम से सस्टेनेबल भविष्य की ओर बढ़ा जा सकता है।
– रेखा आर्या, खेल मंत्री, उत्तराखंड सरकार

Uttarakhand Earthquake: उत्तरकाशी में सुबह से तीन बार आया भूकंप, दहशत में लोग; 3.5 की तीव्रता से आया भूकंप.

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उत्तरकाशी और आसपास के कई इलाकों में शुक्रवार को दो बार भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। दहशत के चलते लोग घरों से बाहर निकल आए। लोगों में भय का माहौल है। आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से सभी तहसीलों से जानकारी जुटाई जा रही है।

बताया जा रहा है कि पहले सुबह करीब 7 बजकर 42 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस हुए। भूकंप के कारण वरुणावत पर्वत के भूस्खलन जोन से मलबा और पत्थर गिरे। इसके बाद दोबारा 8 बजकर 19 मिनट पर फिर झटके महसूस हुए, रिक्टर स्केल पर तीव्रता 3.5 रही। इसके बाद जनपद मुख्यालय में 10:59 बजे तीसरी बार भूकंप के झटके महसूस किए गए।

 

भूकंप का केंद्र जमीन से पांच किमी नीचे उत्तरकाशी में था। जिलाधिकारी डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट ने अधिकारियों को जिले की सभी तहसील क्षेत्रों में भूकंप के असर के बारे में सूचना जुटाने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल जिले में कहीं से भी जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है।

Uttarakhand Nikay Chunav: नई सूची बनी, 5 लाख मतदाता जुड़े फिर भी वोट देने से वंचित हुए हजारों मतदाता.

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उत्तराखंड के निकाय चुनाव में मतदाताओं की संख्या पांच लाख बढ़ गई। इसके बावजूद हजारों लोग नाम कटने की वजह से मताधिकार से वंचित रह गए। आयोग हर पांच साल में नई मतदाता सूची बनाता है। बावजूद इसके इतने नाम छूटने पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

राज्य में निकायों और विधानसभा-लोकसभा की मतदाता सूची अलग-अलग होती है। भारत निर्वाचन आयोग विधानसभा, लोकसभा की सूची बनाता है, जो कि सालभर अपडेट की जाती है। इसके उलट राज्य निर्वाचन आयोग नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायतों की मतदाता सूची तैयार करता है, जो कि हर पांच साल में नए सिरे से बनाई जाती है। पिछले चुनाव में 84 निकायों में करीब 25 लाख मतदाता थे। इस बार नई सूची में 100 निकायों में 30 लाख से अधिक मतदाता हैं। यह सूची अब अपडेट नहीं होगी। पांच साल के बाद नए सिरे से नई सूची बनेगी।

सवाल उठ रहे हैं कि करीब पांच लाख मतदाता बढ़ने के बावजूद बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से गायब हो गए। इसके पीछे कई कारण माने जा रहे हैं। एक तो राज्य निर्वाचन आयोग का पैटर्न व इंफ्रास्ट्रक्चर भारत निर्वाचन आयोग से कमतर है। यहां वार्डों के हिसाब से बीएलओ होते हैं जबकि भारत निर्वाचन आयोग के बूथवार बीएलओ होते हैं। इस कारण इतने बड़े वार्डों तक पहुंच बनाने में परेशानी होती है। दूसरा, निकायों की वोटर लिस्ट बनाते समय भारत निर्वाचन आयोग की वोटर लिस्ट को आधार नहीं बनाया जाता।

कई बार कवायद हुई लेकिन परवान न चढ़ी-

प्रदेश में कई बार भारत और राज्य निर्वाचन की एक जैसी मतदाता सूची बनाने की कवायद हुई लेकिन परवान नहीं चढ़ पाई। एक पूर्व अधिकारी ने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग ने आदेश जारी किया था कि वोटर लिस्ट बनाते समय भारत निर्वाचन आयोग की वोटर लिस्ट को भी आधार बनाया जाए लेकिन ऐसा न हो पाया। एक बार राज्य निर्वाचन आयोग ने भारत निर्वाचन आयोग को वोटर लिस्ट बनाने का प्रस्ताव भेजा था लेकिन भारत निर्वाचन आयोग ने शर्त लगाई थी कि पांच साल में कोई नया निकाय या वार्ड न बने। यह राज्य के स्तर पर संभव नहीं है। दिल्ली, हरियाणा समेत कुछ राज्यों में भारत निर्वाचन आयोग के डाटा को आधार बनाकर वोटर लिस्ट तैयार हुई है लेकिन उसके नतीजे बहुत बेहतर नहीं हैं। आपको बता दें कि इससे पहले विधि आयोग ने वर्ष 2015 में अपनी 255वीं रिपोर्ट में इसकी सिफारिश की थी। भारत निर्वाचन आयोग ने भी वर्ष 1999 और वर्ष 2004 में इस पर विचार किया था।

एक देश, एक चुनाव से हो सकता है समाधान-

प्रधानमंत्री कार्यालय ने बीते दिनों पंचायत, नगरपालिका, राज्य विधानसभा और लोकसभा के चुनावों के लिए एक आम मतदाता सूची की संभावना पर चर्चा के लिए भारत निर्वाचन आयोग और विधि एवं न्याय मंत्रालय के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की थी। एक देश एक चुनाव के कांसेप्ट के तहत एक समान मतदाता सूची बनाने का काम हो सकता है। हालांकि, अभी इस पर कोई निर्णय नहीं हुआ है।

मतदाता सूची में कई के नाम न होने की शिकायत संज्ञान में है। भविष्य में और बेहतर तरीके से इस दिशा में काम होगा।
– सुशील कुमार, आयुक्त, राज्य निर्वाचन आयोग

Uttarakhand Nikay Chunav: मोर्चे पर सीएम धामी, 12 दिन में की 52 चुनावी सभाएं और रोड शो.

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Nikay Chunav: समान नागरिक संहिता की पहल समेत अनेक ऐतिहासिक निर्णय लेकर देशभर में चर्चा में आए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का निकाय चुनाव में भाजपा ने भरपूर उपयोग किया।

पार्टी के स्टार प्रचारक मुख्यमंत्री धामी ने भी चुनाव अभियान की कमान संभाली और 12 दिन में 52 चुनावी सभाएं, रोड शो समेत अन्य कार्यक्रमों के जरिये प्रचार अभियान को धार दी।

इस दौरान उन्होंने जहां विपक्ष को निशाने पर लिया, वहीं अपनी सरकार की उपलब्धियों और निकायों के विकास के लिए रोडमैप भी रखा। साथ ही समान नागरिक संहिता, लैंड व थूक जिहाद जैसे विषयों को प्रचार अभियान के दौरान प्रमुखता से उठाया।

 

गढ़वाल से लेकर कुमाऊं तक ताबड़तोड़ चुनावी कार्यक्रमों में भागीदारी-

चुनाव चाहे लोकसभा के हों अथवा विधानसभा के, भाजपा नेतृत्व मुख्यमंत्री धामी का भरपूर उपयोग करता आया है। अब जबकि राज्य में निकाय चुनाव हो रहे हैं तो पार्टी ने स्वाभाविक रूप से मुख्यमंत्री धामी को मोर्चे पर लगाया। उन्होंने निकाय चुनाव प्रचार अभियान की कमान अपने हाथ में लेने के साथ ही गढ़वाल से लेकर कुमाऊं तक ताबड़तोड़ चुनावी कार्यक्रमों में भागीदारी की।

मुख्यमंत्री ने मुखर होकर अपनी सरकार के निर्णयों और राज्य के खाते में आई उपलब्धियों को जनता के समक्ष रखा।

 

साथ ही वह विपक्ष कांग्रेस पर निरंतर हमलावर रुख अख्तियार किए रहे। उन्होंने विपक्ष पर राज्य की वास्तविक समस्याओं को गंभीरता से न लेने का आक्षेप लगाया तो अपनी सरकार के कार्यकाल में निकायों में हुए कार्यों के साथ ही भविष्य का रोडमैप भी जनता के सामने रखा।

 

पार्टी का तीन सप्ताह का सघन प्रचार अभियान सफल-

उधर, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में पार्टी का तीन सप्ताह का सघन प्रचार अभियान बेहद सफल रहा है। उन्होंने कहा कि पार्टी की सभाओं व रोड शो में उमड़े जनसमूह ने साफ कर दिया है कि राज्य के सभी 100 नगर निकायों में भाजपा परचम फहराएगी।

 

 

Nikay Chunav: चुनाव प्रचार खत्म.. कल होगा मतदान, पोलिंग पार्टियां भी रवाना, आज डोर टू डोर कैंपेन करेंगे प्रत्याशी।

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कई दिन के चुनावी शोर के बाद मंगलवार शाम निकाय चुनाव का प्रचार थम गया। अब 23 जनवरी को मतदान होना है। इसके लिए बुधवार को पोलिंग पार्टियां रवाना भी हो गई हैं। वहीं, प्रत्याशी अब केवल मतदाता के घर-घर पहुंचकर वोट मांग सकेंगे। नैनीताल जिले के सात निकायों के लिए 402 पोलिंग पार्टियां बनाई गई है। जो आज सुबह मतदान केंद्रों के लिए रवाना हो गई है। सुबह पहले उन्हें बस्ता सौंपा गया। पोलिंग के लिए 1828 कार्मिकों को लगाया गया है। 43 पोलिंग पार्टियों को रिजर्व में रखा गया है।

मंगलवार को निकाय चुनाव के पीठासीन अधिकारी, मतदान अधिकारी प्रथम, द्वितीय एवं मतदान अधिकारी तृतीय की तैनाती के लिए तृतीय रेंडमाइजेशन जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी वंदना सिंह की उपस्थिति में हुआ। इसके बाद इन्हें नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत मतदेय स्थल आवंटित किए गए।

निकाय चुनाव में परिवहन विभाग ने दीं गाड़ियां-

निकाय चुनाव में परिवहन विभाग ने 160 मैक्स और 100 बसें अधिग्रहीत की हैं। देर रात तक अधिग्रहीत वाहनों को एमबी इंटर कॉलेज मैदान में खड़ा किया गया है। इन पर निकाय वार पंफलेट भी चिपकाए गए। बुधवार सुबह से यह अपने-अपने निकाय को प्रस्थान करेंगी।

92 कार्मिकों ने मेयर पद के लिए पोस्टल बैलेट से डाले वोट-

निकाय चुनाव में लगे 347 कार्मिकों ने नगर निगम हल्द्वानी में वोट डालने के लिए पोस्टल बैलेट के लिए आवेदन किया। मंगलवार को इसमें से 92 कार्मिकों ने मेयर पद के लिए और 79 कार्मिकों ने पार्षद पद के लिए वोट दिया। आरओ एपी बाजपेयी ने बताया कि बुधवार को भी पोस्टल बैलेट से वोट डाले जाएंगे।

बूथों का निरीक्षण किया-

चुनाव आयोग के निर्देश पर निकाय चुनाव निर्वाचन सामान्य प्रेक्षक दीप्ति सिंह ने लालकुआं नगर पंचायत क्षेत्र के बूथों का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सामान्य प्रेक्षक दीप्ति सिंह ने कहा कि नगर पंचायत लालकुआं क्षेत्र में आठ बूथ बनाए गए हैं। सभी बूथ संवेदनशील हैं। इसमें 5600 वोटर प्रतिभाग करेंगे।यहां इतने बूथ हैं –

निकाय चुनाव को लेकर एमबी इंटर कॉलेज में कंट्रोल रूम बनाया गया है। यहां से जिले के सभी निकायों, हल्द्वानी, रामनगर, नैनीताल, भीमताल, भवाली व लालकुआं के लिए मतदान किट व बैलेट पेपर का वितरण होगा। जिले के सभी निकायों में 164 मतदान केंद्र और 402 बूथ हैं। इनमें हल्द्वानी में 96 मतदान केंद्र व 289 बूथ, रामनगर में 19 केंद्र व 45 बूथ, नैनीताल में 21 केंद्र व 32 बूथ, भवाली में 7 केंद्र व 7 बूथ, भीमताल में 8 केंद्र व 10 बूथ, लालकुआं में 7 केंद्र व 8 बूथ, कालाढूंगी में 6 मतदान केंद्र व 11 बूथ शामिल हैं। 

अति संवदेनशील व संवेदनशील बूथ-

जिले में कुल 52 मतदान केंद्र 120 बूथ संवदेनशील और 71 मतदान केंद्र व 185 बूथ अतिसंवेदनशील चिह्नित किए गए हैं। इनमें हल्द्वानी में 30 मतदान केंद्र व 86 बूथ संवेदनशील एवं 46 मतदान केंद्र व 144 बूथ अतिसंवेदनशील, रामनगर में 8 केंद्र व 18 बूथ संवेदनशील, 6 केंद्र व 14 बूथ अतिसंवेदनशील, नैनीताल में 5 केंद्र व 7 बूथ संवेदनशील एवं 12 केंद्र व 17 बूथ अतिसंवेदनशील, भवाली में 2 केंद्र व 2 बूथ संवेदनशील, 2 केंद्र व 2 बूथ अतिसंवेदनशील, भीमताल में 3 केंद्र व 3 बूथ संवेदनशील एवं 1 केंद्र व 2 बूथ अतिसंवेदनशील, लालकुआं में 2 केंद्र व 2 बूथ संवेदनशील एवं 5 केंद्र व 6 बूथ अतिसंवेदनशील और कालाढूंगी में 2 मतदान केंद्र व 2 बूथ संवेदनशील चिह्नित किए गए हैं।

National Games: स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करेंगी 141 टीमें.. एंबुलेंस से लेकर हेली एंबुलेंस तक की रहेगी व्यवस्था, जानिए क्या है खास तैयारी.

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राष्ट्रीय खेलः

स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करेंगी 141 टीमें

जरूरत पड़ने पर एंबुलेंस से लेकर हेली एंबुलेंस तक की व्यवस्था रहेगी उपलब्ध

स्वास्थ्य विभाग ने नामित किए नोडल अफसर, बांट दी जिम्मेदारी

दून व हल्द्वानी के स्टेडियम में खिलाड़ियों के लिए विशेष व्यवस्था

 

38 वें राष्ट्रीय खेल के दौरान खिलाड़ियों और मेहमानों को स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने के लिए 141 टीमों का गठन किया गया है। 28 जनवरी से लेकर 14 फरवरी तक यह टीमें अलर्ट मोड में रहेंगी। इस दौरान जरूरत पड़ने पर एंबुलेंस से लेकर हेली एंबुलेंस तक की सुविधा तुरंत उपलब्ध कराई जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग ने बडे़ स्तर पर राष्ट्रीय खेलों की तैयारियां की हैं। स्वास्थ्य सचिव डाॅ आर राजेश कुमार के अनुसार-राज्य स्तर पर राज्य नोडल अधिकारी, उप नोडल अधिकारी व सह नोडल अधिकारी तैनात किए गए हैं। जनपद स्तर पर जिला नोडल अधिकारी मुख्य चिकित्साधिकारी और सह नोडल अधिकारी अपर मुख्य चिकित्साधिकारी बनाए गए हैं। एंबुलेंस हेतु जिला स्तरीय नोडल अधिकारी नामित किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि महाराणा प्रताप स्टेडियम, रायपुर, देहरादून के धनवन्तरी ब्लॉक में 10 बैडेड अस्पताल खिलाड़ियों हेतु संचालित किया जाएगा। इसी तरह, आईजीआईसीएस स्टेडियम, गोला पार हल्द्वानी में दो बैडेट अस्पताल संचालित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि खिलाड़ियों के लिए पर्याप्त मात्रा में औषधियां, उपकरण क्रय किए जा रहे हैं।

 

डाॅ टम्टा कुमाऊं और डाॅ नेगी गढ़वाल के नोडल अफसर-

-स्वास्थ्य सचिव डाॅ आर राजेश कुमार के अनुसार-डॉ० तरूण टम्टा, प्रमुख अधीक्षक, जिला चिकित्सालय, नैनीताल को कुमाऊं मंडल का नोडल अधिकारी नामित किया गया है। डाॅ टम्टा ने स्पोर्ट्स मेडिसन में शिक्षा प्राप्त की है। निदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, गढ़वाल मंडल पौड़ी गढ़वाल के स्तर पर डाॅ केएस नेगी को गढ़वाल मंडल का नोडल अधिकारी नामित किया गया है। नोडल अफसरों को स्थलीय निरीक्षण करने के लिए कहा गया है।

 

इस तरह की हैं विभाग की तैयारियां-

1-प्राइमरी हैल्थ केयर, सेकेंड्री हैल्थ केयर व टर्रसियरी हैल्थ केयर के नोडल अधिकारी और सह नोडल अधिकारी बनाए गए हैं। सेकेंड्री हैल्थ केयर, जो जिला चिकित्सालय है, उनमें चिकित्सा विशेषज्ञ जैसे-न्यूरो, कार्डिक, हैड इंजरी एवं स्पाइन इंजरी को उक्त अवधियों में ऑन-कॉल (24*7) रखे गए हैं।
2-प्रत्येक जिला चिकित्सालय में 03 ऑन कॉल (24*7) एंबुलेंस मय आवश्यक औषधि सहित तैनात है। खेल स्पर्धा में भाग लेने वाले खिलाड़ियों के रहने के स्थान के निकटतम चिकित्सा ईकाईयों में ऑन-कॉल (24*7) टीमें तैनात की गई हैं। प्रत्येक जनपद में सूचीबद्ध चिकित्सालयों की व्यवस्था की गई है।
3-प्रत्येक खेल व शिफ्ट में एक टीम बनाई गई है, जिसमें डॉक्टर-01, नर्सिंग स्टॉफ-02, फिजियोथेरेपिस्ट-02(महिला/पुरुष) व वार्ड ब्वाय-01 को टीम में रखा गया है और 01 टीम को स्टैंड बाय रखा गया है।
4-सभी खेल स्थलों में 01-एएलएस एंड 01-बीएलएस एंबुलेंस की तैनाती चिकित्सकीय दल के साथ की गई है। 01 बीएलएस एंबुलेंस को स्टैंड बाय रखा गया है।
5-प्रत्येक जिला चिकित्सालय में 03 ऑन-कॉल (24*7) एंबुलेंस मय आवश्यक औषधि सहित तैनात है। खेल स्पर्धा में भाग लेने वाले खिलाड़ियों के रहने के स्थान के निकटतम चिकित्सा इकाईयों में ऑन-कॉल (24*7) टीमें तैनात की गई है।

 

तैयारियों का ये भी लेखा-जोखा-

150 डाॅक्टर, 300 नर्सिंग स्टॉफ, 25 फिजियोथेरेपिस्ट, 30 फार्मासिस्ट व 50 वार्ड ब्वाय तैनात किए गए हैं।

115 एंबुलेंस राष्ट्रीय खेलों के दौरान तैनात रहेंगी। ये एंबुलेंस विभागीय और 108 सेवा की हैं।

05 बैड एम्स ऋषिकेश के ट्रामा विभाग में दिनांक 28 जनवरी 2025 से दिनांक 14 फरवरी 2025 तक) रिजर्व रहेंगे। आवश्यकता पड़ने पर एयरलिफ्ट की सुविधा हेली एंबुलेंस के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी।

50 चिकित्साधिकारियों को एम्स ऋषिकेश में कैपिसिटी बिल्डिंग हेतु प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। यह चिकित्साधिकारी समस्त जनपद के हैं।

“राष्ट्रीय खेल हमारे राज्य के लिए गौरव का क्षण है। खिलाड़ियों और मेहमानों को उच्चतम स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करना हमारी प्राथमिकता है। हर छोटी-बड़ी जरूरत का ध्यान रखा गया है।
पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

Uniform Civil Code: अब घर बैठे करा सकेंगे Live In Relationship रजिस्ट्रेशन, पढ़ें पूरा प्रोसेस.

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 उत्तराखंड स्वतंत्रता के बाद देश में समान नागरिक संहिता लागू करने वाला पहला राज्य बनने जा रहा है। कानून बनने के 10 माह 22 दिन की मशक्कत के बाद नियमावली को कैबिनेट में प्रस्तुत किया गया, जहां इसे स्वीकृति दी गई। राज्य में संहिता के 26 जनवरी को लागू होने की संभावना है।

 

प्रदेश सरकार ने सभी नागरिकों को समान अधिकार देने के उद्देश्य से समान नागरिक संहिता कानून बनाया। आठ मार्च 2024 को सदन से इसे पारित किया गया। 12 मार्च को इसे राष्ट्रपति से मंजूरी प्राप्त हुई। 14 मार्च को सरकार ने इसकी नियमावली बनाने के लिए समिति का गठन किया।

न्याय और विधायी विभाग से कई दौर के मंथन के बाद अब यह नियमावली अंतिम रूप ले चुकी है। 92 पन्नों की इस नियमावली में प्रदेश के सभी नागरिकों के विवाह, विवाह विच्छेद, उत्तराधिकार के अधिकार, लिव इन रिलेशनशिप व लिव इन रिलेशनशिप की समाप्ति का पंजीकरण करने की व्यवस्था बताई गई है। आवेदक ucc.uk.gov.in पर पंजीकरण कर सकेंगे।

लिव इन पर सहमति से समाप्त हो सकेगा पंजीकरण-

लिव इन में साथ रहने वाले जोड़े आपसी सहमति से पंजीकरण निरस्त कर सकते हैं। यद्यपि इसमें एक साथी द्वारा समाप्ति के आवेदन पर दूसरे साथी की पुष्टि करना अनिवार्य किया गया है।

तीन स्तर पर बनेगी पंजीकरण की व्यवस्था-

नियमावली में पंजीकरण के लिए तीन स्तर पर रजिस्ट्रार और सब रजिस्ट्रार की व्यवस्था की गई है। ग्राम पंचायत स्तर पर ग्राम पंचायत विकास अधिकारी उप रजिस्ट्रार और एसडीएम स्तर के अधिकारी रजिस्ट्रार होंगे। नगर पालिका व पंचायतों में अधिशासी अधिकारी रजिस्ट्रार तो एसडीएम स्तर के अधिकारी रजिस्ट्रार होंगे। वहीं नगर निगमों में कर अधीक्षक सब रजिस्ट्रार और नगर आयुक्त रजिस्ट्रार की भूमिका में रहेंगे। यह व्यवस्था इसलिए बनाई गई है ताकि आमजन स्थानीय स्तर पर ही पंजीकरण करा सकें।

 

अपील सुनने के लिए बनाए जाएंगे रजिस्ट्रार जनरल-

इन सभी पंजीकरण संबंधी विषयों पर किसी भी प्रकार की शिकायत सुनने के लिए रजिस्ट्रार जनरल भी नियुक्त किए जाएंगे। इनके पास आमजन अपने विषयों की अपील कर सकेंगे। ये एक तय समय के भीतर अपील का निस्तारण करेंगे।

 

जल्द ही पंजीकरण शुल्क होगा तय-

समान नागरिक संहिता में उल्लिखित विभिन्न कार्यों के पंजीकरण के लिए सरकार शुल्क भी तय कर रही है। इसकी दरों का निर्धारण किया जा रहा है। संहिता के लागू होने पर शुल्क की जानकारी सार्वजनिक की जाएगी। सूत्रों की मानें तो यह शुल्क 50 रुपये से लेकर 500 रुपये तक होगा।

 

घर बैठे भी करा सकेंगे पंजीकरण-

नागरिक घर बैठे अपने मोबाइल अथवा कंप्यूटर से भी इस सुविधा का लाभ ले सकते हैं। इसके लिए उन्हें ucc.uk.gov.in पोर्टल पर जाकर पंजीकरण कराना होगा। इसके लिए वह आधार नंबर के आधार पर पंजीकरण करा सकते हैं।

 

सीएचसी से कराने पर 50 रुपये शुल्क-

सरकार ने कामन सर्विस सेंटर (सीएचसी) के माध्यम से भी आमजन को यह सुविधा देने का निर्णय लिया है। सीएचसी के माध्यम से पंजीकरण कराने के आवेदक को 50 रुपये शुल्क देना होगा। पंजीकरण शुल्क अलग रहेगा। पर्वतीय व दूर दराज के क्षेत्रों में सीएचसी के एजेंट घर-घर जाकर नागरिकों को यह सुविधा उपलब्ध कराएंगे।

 

पोर्टल के माध्यम से भी दर्ज कर सकेंगे शिकायत-

नियमावली में पोर्टल के माध्यम से शिकायतों का पंजीकरण करने की भी व्यवस्था की गई है। आमजन अपने पंजीकरण के आवेदन व शिकायतों को को ई-मेल व एसएमएस के माध्यम से भी ट्रेक कर सकते हैं।

 

आज होगी वेब पोर्टल की जांच को माक ड्रिल-

समान नागरिक संहिता के लिए बनाए गए वेब पोर्टल की जांच के लिए मंगलवार को प्रदेश स्तर पर माकड्रिल का आयोजन किया जाएगा। इसमें रजिस्ट्रार व सब रजिस्ट्रार पोर्टल के माध्यम से अपने कार्यों की जांच करेंगे। सीएचसी के माध्यम से पंजीकरण के लिए आवेदन किए जाएंगे, जिन्हें सब रजिस्टार व रजिस्ट्रार स्तर से अनुमोदन दिया जाएगा। यह देखा जाएगा कि कहीं इसमें कोई दिक्कत तो नहीं आ रही है।

 

उत्तराधिकार पर चाहिए होंगे नाम, पता और गवाह-

उत्तराधिकार के विषय पर पंजीकरण के लिए व्यवस्था सब रजिस्ट्रार कार्यालय के जरिये ही होगी। समान नागरिक संहिता का पोर्टल इसके पंजीकरण का जरिया होगा। इसमें सभी के नाम व पते के साथ ही गवाह का होना भी जरूरी होगा। पोर्टल में वसीयत को अपलोड कर आनलाइन पंजीकरण, संशोधन व रद करने की सुविधा भी दी गई है।

 

पंजीकरण के आंकड़े होंगे सार्वजनिक-

समान नागरिक संहिता के तहत होने वाले सभी प्रकार के पंजीकरण के आंकड़े सार्वजनिक किए जाएंगे। इसमें कोई निजी जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाएगी। इसके लिए पहले संबंधित व्यक्ति की अनुमति जरूरी होगी।

 

तलाक के लिए कोर्ट का आदेश जरूरी-

तलाक के मामलों का पंजीकरण भी अनिवार्य किया गया है। यद्यपि व्यवस्था यह की गई है कि बिना कोर्ट के आदेश के तलाक का पंजीकरण नहीं किया जाएगा।

 

पोर्टल को बनाया गया है सुरक्षित-

प्रदेश में हुए साइबर हमले के बाद समान नागरिक संहिता के लिए बनाए गए पोर्टल को भी सुरक्षित बनाया गया है। यह पोर्टल क्लाउड बेस्ड है और इसमें डिजास्टर रिकवरी की भी व्यवस्था की गई है।

हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर को लेकर बड़ा अपडेट, जानिए पुराने भवनों के ध्वस्तीकरण पर क्या बोले सीएम धामी?

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हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर के क्षेत्र में प्रस्तावित कार्यों को लेकर उठ रहे प्रश्नों के बीच शासन ने स्थिति स्पष्ट की है। सचिव नियोजन आर मीनाक्षी सुंदरम ने कहा कि गंगा कॉरिडोर क्षेत्र में बिना ध्वस्तीकरण के सुंदरीकरण के कार्य किए जाएंगे। साथ ही हरिद्वार और ऋषिकेश में खुला स्थान विकसित किया जाएगा, ताकि स्नान और पर्वों पर भीड़ का दबाव कम किया जा सके।

 

गंगा नदी के तट पर स्थित हरिद्वार व ऋषिकेश शहरों में गंगा कॉरिडोर के अंतर्गत सुंदरीकरण समेत अन्य कई कार्य प्रस्तावित किए गए हैं। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि यह कॉरिडोर विकसित करने के लिए पुराने भवनों को ध्वस्त किया जा सकता है।

25 सालों को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा विकसित-

कुछ समय पहले जनप्रतिनिधियों और संबंधित शहरों के निवासियों की ओर से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात में क्षेत्रवासियों की इस आशंका की तरफ ध्यान आकृष्ट कराया था। साथ ही इस बात पर जोर दिया था कि इस कॉरिडोर को अगले 25 साल की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकसित किया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट किया था कि गंगा कॉरिडोर को विकसित करने के लिए जनप्रतिनिधियों के सुझावों पर अमल किया जाएगा। साथ ही कोई भवन तोड़ा नहीं जाएगा। अब सचिव नियोजन आर मीनाक्षी सुंदरम ने भी साफ किया कि गंगा कॉरिडोर में अभी जो कार्य प्रस्तावित किए जा रहे हैं, उनके लिए कॉरिडोर क्षेत्र में आने वाले किसी भी भवन को ध्वस्त नहीं किया जाएगा। भवन ध्वस्त किए बिना ही सुंदरीकरण के कार्य होंगे। पौराणिक स्थलों के स्वरूप को भी यथावत रखा जाएगा।

 

हनोल से ठडियार तक बनेगी सड़क : महाराज

जनजातीय जौनसार बावर क्षेत्र में प्रसिद्ध हनोल महासू देवता मंदिर से ठडियार तक नई सड़क बनेगी। इसके साथ ही हनोल और ठडियार स्थित टौंस नदी के दोनों ओर घाटों का निर्माण कराया जाएगा। लोनिवि एवं पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने सोमवार को गढ़ी कैंट स्थित पर्यटन विकास परिषद के सभागार में हनोल मंदिर के मास्टर प्लान की समीक्षा के दौरान इस संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए।

कैबिनेट मंत्री महाराज ने हनोल मंदिर के मास्टर प्लान के क्रियान्वयन के लिए लोनिवि, पर्यटन व सिंचाई विभाग के मध्य बेहतर सामंजस्य पर जोर दिया। बैठक के बाद उन्होंने कहा कि लोनिवि द्वारा हनोल से ठडियार तक लगभग डेढ़ किलोमीटर सड़क और ठडियार में पुल का निर्माण कराने के साथ ही मार्ग का सुंदरीकरण भी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि लोनिवि द्वारा गढ़वाल मंडल विकास निगम के गेस्ट हाउस से खट्टल तक संपर्क मार्ग निर्माण की स्वीकृति पहले ही दी जा चुकी है।

 

 

उन्होंने सड़कों के किनारों को चौड़ा करने, जगह-जगह साइन बोर्ड लगाने और यात्रा मार्ग पर शौचालयों का निर्माण कराने के निर्देश भी दिए। महाराज के अनुसार हनोल महासू देवता मंदिर से लेकर ठडियार झूलापुल तक भूकटाव रोकने के कदम उठाने के निर्देश सिंचाई विभाग के अधिकारियों को दिए गए हैं। बैठक में पर्यटन विकास परिषद के एसीईओ अभिषेक रोहिला, वित्त नियंत्रक जगत सिंह चौहान, लोनिवि के प्रमुख अभियंता राजेश शर्मा समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

Uttarakhand: अब सभी आयुर्वेदिक 19 डायसिस सेंटर में बीपीएल और आयुष्मान कार्ड धारकों को मिलेगी मुफ्त सुविधा.

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बीपीएल परिवार के मरीजों और आयुष्मान कार्ड धारकों को प्रदेश के 13 जिलों में संचालित 19 डायलिसिस सेंटरों में निशुल्क सुविधा दी जा रही है। इसके अलावा एपीएल परिवारों को न्यूनतम शुल्क पर हेमोडायलिसिस की सुविधा उपलब्ध है। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी तय करते हुए राज्य के सभी जिलों में सौ फीसदी कवरेज को समयबद्धता से पूरा करने की सख्त हिदायत दी है।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने राज्य में प्रधानमंत्री नेशनल डायलिसिस प्रोग्राम के तहत पीपीपी मोड के माध्यम से गरीबी रेखा से नीचे आने वाले मरीजों व आयुष्मान कार्ड धारकों के लिए निशुल्क डायलिसिस सेवाओं की समीक्षा की। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम के कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए आवंटित सरकारी संसाधनों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। कहा, राज्य के 13 जिलों में स्थापित 19 सेंटरों में 153 डायलिसिस मशीनों की सहायता निशुल्क डायलिसिस सेवाएं दी जा रही हैं।

पीपीपी में सीएसआर के तहत 82 डायलिसिस मशीनें व हंस फाउंडेशन की ओर से 49 मशीनें संचालित हैं। वर्ष 2024 में दिसंबर तक 117490 डायलिसिस किए गए। मुख्य सचिव ने विभाग को डायलिसिस कराने वाले मरीजों का रिकॉर्ड रखने के लिए पीएमएनडीपी पोर्टल का उपयोग करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम के तहत डायलिसिस सेवाओं को उनके प्रदाताओं के बीच बेहतर कार्य प्रणाली के साथ स्थापित करना व किडनी से संबंधित रोगों से ग्रस्त रोगियों को उच्च गुणवत्ता और कम लागत में डायलिसिस सेवाएं प्रदान करना है। हेमोडायलिसिस की प्रक्रिया एक बार संपन्न होने में अत्यधिक लागत आती है। इस प्रकार किडनी के रोगियों का वार्षिक खर्च बहुत ज्यादा हो जाता है। राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों की हेमोडायलिसिस केंद्रों से दूरी भी इस समस्या का प्रमुख कारण है।