Month: August 2026

Uttarakhand: रेलवे में होगी पेट्रोलियम बिजली सप्लाई, सोनप्रयाग से धाम तक 33 केवी लाइन को मिली मंजूरी

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उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग (यूईआरसी) ने केदारनाथ धाम में विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ और निर्बाध बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। आयोग ने सोनप्रयाग से केदारनाथ धाम तक मौजूदा क्षतिग्रस्त 11 केवी भूमिगत लाइन को 33 केवी डबल सर्किट ओवरहेड लाइन में बदलने के प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है।

इस पूरी परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 11.12 करोड़ रुपये है, जिसे यूपीसीएल के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने पहले ही मंजूरी दे दी है। प्रोजेक्ट के लिए 70 प्रतिशत राशि ऋण (आरईसी लिमिटेड से) और 30 प्रतिशत राशि राज्य सरकार की इक्विटी के माध्यम से जुटाई जाएगी। सोनप्रयाग से केदारनाथ धाम तक लगभग 10.40 किलोमीटर लंबी भूमिगत लाइन को ओवरहेड लाटिस टॉवर लाइन में बदला जाएगा।
यह अपग्रेडेशन केवल अस्थायी नहीं बल्कि स्थायी प्रकृति का है, जो केदारनाथ धाम में प्रस्तावित 33/11 केवी सब-स्टेशन और आगामी रोपवे प्रोजेक्ट की बिजली जरूरतों को पूरा करेगा। यूईआरसी ने बिना पूर्व अनुमति के टेंडर प्रक्रिया और कार्य शुरू करने पर यूपीसीएल को कड़ी चेतावनी दी है लेकिन केदारनाथ यात्रा की महत्ता को देखते हुए इस प्रोजेक्ट को पोस्ट-फैक्टो (कार्योत्तर) मंजूरी प्रदान की है। इसके साथ ही आयोग ने सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी के नियमों (जैसे 250 मीटर की स्पैन सीमा) का कड़ाई से पालन करने और सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

Uttarakhand: देहरादून और बागेश्वर में आज भी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, 124 सड़क बंद, खतरे के निशान पर नदियां.

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उत्तराखंड के अधिकतर जिलों में बुधवार को भी तेज दौर की बारिश होने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र ने देहरादून और बागेश्वर जिले के कुछ इलाकों में तेज गर्जन, बिजली चमकने के साथ मूसलाधार बारिश होने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा अन्य जिलों में भी तेज दौर की बारिश होने का अनुमान है।

केंद्र की ओर से पौड़ी, चमोली, चंपावत, टिहरी, हरिद्वार, पिथौरागढ़, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर जिले के कुछ इलाकों में तेज दौर की बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। आने वाले दिनों की बात करें तो 24 अगस्त तक प्रदेश भर में मौसम का मिजाज कुछ ऐसा ही रहेगा।

प्रदेश में 124 सड़क बंद-

प्रदेश में बारिश और भूस्खलन के चलते 124 सड़कें बंद हैं। इनमें सबसे अधिक 92 ग्रामीण मार्ग हैं। पिथौरागढ़ में 24, चमोली 20, नैनीताल में 18, बागेश्वर 11, देहरादून में 10, नई टिहरी में 10, पौड़ी में 10, उत्तरकाशी में 09, रुद्रप्रयाग में 08 व अल्मोड़ा में 04 मार्ग बंद हैं।

नदियों का जल स्तर खतरे के निशान के पास-

पहाड़ और मैदान में सोमवार रात से लगातार हुई बारिश से गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया। हरिद्वार में दोपहर 12 बजे भीमगोड़ा बैराज पर गंगा का जलस्तर बढ़कर चेतावनी स्तर को पार कर गया। गंगा 293.50 मीटर पर पहुंच गया, जो चेतावनी निशान 293 से आधा मीटर ऊपर और खतरे के निशान 294 मीटर से आधा मीटर कम रहा। वहीं, ऋषिकेश में भी गंगा नदी के जलस्तर में भी तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उत्तरकाशी में भागीरथी नदी, चमोली में अलकनंदा, नंदाकिनी और पिंडर नदी, पिथौरागढ़ जिले में काली, गोरी और सरयू नदी भी खतरे के स्तर के आसपास बह रही है।

 

विभिन्न शहरों से देहरादून आ रहीं पांच उड़ानें डायवर्ट-

खराब मौसम के कारण देहरादून एयरपोर्ट पर सुबह से लेकर शाम तक हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित रहा। विभिन्न शहरों से देहरादून आ रहीं पांच उड़ानों को चंडीगढ, अमृतसर और दिल्ली डायवर्ट करना पड़ा। वहीं, उड़ानों के देरी से एयरपोर्ट पहुंचने के कारण वापसी में भी देरी हुई। जिससे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

सुबह 9:50 बजे दिल्ली से देहरादून आने वाली इंडिगो की फ्लाइट को चंडीगढ़ डायवर्ट कर दिया गया। वहीं, 9:55 बजे मुंबई से आने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट को अमृतसर डायवर्ट कर दिया गया। जबकि 10:20 बजे दिल्ली से आने वाली एयर इंडिया की उड़ान को वापस दिल्ली के लिए डायवर्ट कर दिया गया।

इसी तरह 11 बजे मुंबई से देहरादून आने वाली इंडिगो की उड़ान को चंडीगढ़ के लिए डायवर्ट करना पड़ा। जबकि 12:50 बजे हैदराबाद से आने वाली फ्लाइट को चंडीगढ़ डायवर्ट कर दिया गया। इनमें से कुछ उड़ानें घंटों विलंब से डायवर्ट किए गए शहरों से वापस देहरादून पहुंचीं। सुबह के वक्त एयरपोर्ट पर विजिबिलिटी मात्र 800 मीटर रह गई थी। जिस कारण अधिकांश उड़ानें एयरपोर्ट से कुछ दूरी पर आसमान में ही चक्कर लगाने लगीं। स्थिति नहीं सुधरने पर इन उड़ानों को डायवर्ट कर दिया गया।

हाई अलर्ट: उत्तराखंड में 85 मार्ग बंद, मलबे में दबी कार, खतरे के निशान से ऊपर बह रहीं अलकनंदा-मंदाकिनी.

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प्रदेश में लगातार हो रही वर्षा और आगामी मौसम चेतावनियों के कारण मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन से बात की। उन्होंने विभिन्न जिलों की स्थिति की जानकारी प्राप्त की। सीएम ने सभी आपदा प्रबंधन व राहत एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने संभावित आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए एजेंसियों को पूरी सतर्कता से कार्य करने को कहा। संवेदनशील क्षेत्रों की निरंतर निगरानी का निर्देश दिया। नदी-नालों के जलस्तर पर सतत दृष्टि रखने को भी कहा गया। आवश्यकता पड़ने पर लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए। सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने बताया कि भारत मौसम विज्ञान विभाग ने अलर्ट जारी किया है।

गुरुवार के लिए देहरादून, चमोली और बागेश्वर जिलों में ऑरेंज अलर्ट है। राज्य के शेष जनपदों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने कुछ स्थानों पर तेज वर्षा, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं की संभावना जताई है। सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र प्रदेशभर की स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहा है।

 

राज्य में 85 मार्ग बंद-

प्रदेश में भूस्खलन के चलते 85 मार्ग बंद है। इसमें अल्मोड़ा दो, बागेश्वर 10, चमोली 20, देहरादून सात, नैनीताल में आठ मार्ग बंद है। पौड़ी पांच, पिथौरागढ़ 13, रुद्रप्रयाग छह, टिहरी आठ और उत्तरकाशी में छह मार्ग बंद है।

अगस्त्यमुनि: भूस्खलन से फिर बंद हुआ विजयनगर-तैला मार्ग-

लगातार बारिश के बीच बृहस्पतिवार सुबह विजयनगर-तैला मोटर मार्ग एक बार फिर भूस्खलन की चपेट में आ गया। पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर आने से मार्ग पर यातायात बाधित हो गया है।
विजयनगर-तैला मोटर मार्ग 80 से अधिक गांवों का मुख्य संपर्क मार्ग है। मानसून के दौरान इस मार्ग का शुरुआती हिस्सा लगातार भूस्खलन और भूधंसाव से प्रभावित हो रहा है, जिससे सड़क बार-बार बंद हो रही है।

खतरे के निशान से ऊपर बह रहीं अलकनंदा और मंदाकिनी-

रुद्रप्रयाग जिले में बुधवार रात से जारी बारिश के बाद अलकनंदा और मंदाकिनी नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार बृहस्पतिवार सुबह अलकनंदा का जलस्तर 627.80 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 627.00 मीटर है। वहीं मंदाकिनी का जलस्तर 626.60 मीटर रहा, जबकि इसका खतरे का निशान 626.00 मीटर है। पिछले 24 घंटे में ऊखीमठ में 53.30 मिमी, जखोली में 59.00 मिमी और रुद्रप्रयाग में 16.00 मिमी वर्षा दर्ज की गई। नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद नगर पालिका और नगर पंचायतों की ओर से लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों को नदी तटों से दूर रहने और अनावश्यक रूप से नदी के समीप नहीं जाने की अपील की जा रही है।

बड़कोट:पत्थरों की चपेट में आने से बाल-बाल बचे दो कांवड़ यात्री- 

यमुनोत्री हाईवे पर सिलाई बैंड के समीप बुधवार को बड़ा हादसा होने से बच गया। यमुनोत्री धाम से लौट रहे उत्तर प्रदेश के दो कांवड़ यात्री अचानक पहाड़ी से गिरे चट्टानी मलबे और पत्थरों की चपेट में आने से बाल-बाल बचे। जान बचाने के लिए दोनों यात्रियों को अपनी बाइक मौके पर छोड़कर भागना पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ देर तक भूस्खलन जारी रहने के बाद स्थिति सामान्य हुई जिसके बाद सिलाई बैंड से यमुनोत्री की ओर फंसे लोग सावधानी के साथ बड़कोट की ओर रवाना हुए। सामाजिक कार्यकर्ता महावीर पंवार ने बताया कि सिलाई बैंड सहित अन्य संवेदनशील स्थानों पर लाइट की व्यवस्था करनी चाहिए। इधर एनएच के ईई मनोज रावत ने बताया कि संभवत: जिला प्रशासन और विद्युत विभाग के बीच संवेदनशील प्वाइंटों पर लाइटों को लेकर बातचीत चल रही है।