उत्तराखंड के अधिकतर जिलों में बुधवार को भी तेज दौर की बारिश होने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र ने देहरादून और बागेश्वर जिले के कुछ इलाकों में तेज गर्जन, बिजली चमकने के साथ मूसलाधार बारिश होने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा अन्य जिलों में भी तेज दौर की बारिश होने का अनुमान है।
प्रदेश में 124 सड़क बंद-
प्रदेश में बारिश और भूस्खलन के चलते 124 सड़कें बंद हैं। इनमें सबसे अधिक 92 ग्रामीण मार्ग हैं। पिथौरागढ़ में 24, चमोली 20, नैनीताल में 18, बागेश्वर 11, देहरादून में 10, नई टिहरी में 10, पौड़ी में 10, उत्तरकाशी में 09, रुद्रप्रयाग में 08 व अल्मोड़ा में 04 मार्ग बंद हैं।
नदियों का जल स्तर खतरे के निशान के पास-
पहाड़ और मैदान में सोमवार रात से लगातार हुई बारिश से गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया। हरिद्वार में दोपहर 12 बजे भीमगोड़ा बैराज पर गंगा का जलस्तर बढ़कर चेतावनी स्तर को पार कर गया। गंगा 293.50 मीटर पर पहुंच गया, जो चेतावनी निशान 293 से आधा मीटर ऊपर और खतरे के निशान 294 मीटर से आधा मीटर कम रहा। वहीं, ऋषिकेश में भी गंगा नदी के जलस्तर में भी तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उत्तरकाशी में भागीरथी नदी, चमोली में अलकनंदा, नंदाकिनी और पिंडर नदी, पिथौरागढ़ जिले में काली, गोरी और सरयू नदी भी खतरे के स्तर के आसपास बह रही है।
विभिन्न शहरों से देहरादून आ रहीं पांच उड़ानें डायवर्ट-
खराब मौसम के कारण देहरादून एयरपोर्ट पर सुबह से लेकर शाम तक हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित रहा। विभिन्न शहरों से देहरादून आ रहीं पांच उड़ानों को चंडीगढ, अमृतसर और दिल्ली डायवर्ट करना पड़ा। वहीं, उड़ानों के देरी से एयरपोर्ट पहुंचने के कारण वापसी में भी देरी हुई। जिससे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
सुबह 9:50 बजे दिल्ली से देहरादून आने वाली इंडिगो की फ्लाइट को चंडीगढ़ डायवर्ट कर दिया गया। वहीं, 9:55 बजे मुंबई से आने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट को अमृतसर डायवर्ट कर दिया गया। जबकि 10:20 बजे दिल्ली से आने वाली एयर इंडिया की उड़ान को वापस दिल्ली के लिए डायवर्ट कर दिया गया।
इसी तरह 11 बजे मुंबई से देहरादून आने वाली इंडिगो की उड़ान को चंडीगढ़ के लिए डायवर्ट करना पड़ा। जबकि 12:50 बजे हैदराबाद से आने वाली फ्लाइट को चंडीगढ़ डायवर्ट कर दिया गया। इनमें से कुछ उड़ानें घंटों विलंब से डायवर्ट किए गए शहरों से वापस देहरादून पहुंचीं। सुबह के वक्त एयरपोर्ट पर विजिबिलिटी मात्र 800 मीटर रह गई थी। जिस कारण अधिकांश उड़ानें एयरपोर्ट से कुछ दूरी पर आसमान में ही चक्कर लगाने लगीं। स्थिति नहीं सुधरने पर इन उड़ानों को डायवर्ट कर दिया गया।