Author: Manisha Rana

Lok Sabha Election: BJP से टिकट कटा तो क्या इस पार्टी से चुनाव लड़ेंगे वरुण गांधी?

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भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में अभी तक 51 प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। सोमवार को दिल्ली में भाजपा कोर कमेटी की बैठक में यूपी की 25 सीटों पर उम्मीदवारों के चयन पर मंथन किया गया। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में हुई बैठक में भाजपा के साथ ही सहयोगियों की दी जाने वाली सीटों पर भी चर्चा की गई।

दरअसल, बरेली मंडल की तीन लोकसभा सीटों बरेली, बदायूं और पीलीभीत से भाजपा के दावेदारों को टिकट का इंतजार है। उम्मीद थी कि पार्टी की दूसरी सूची में इन सीटों पर प्रत्याशी तय हो जाएंगे, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। बुधवार को दूसरी सूची जारी होने के बाद तीनों लोकसभा क्षेत्रों में बदलाव के कयास और तेज हो गए।

इधर, पीलीभीत से पिछला चुनाव भाजपा से वरुण गांधी जीते थे। लेकिन, कुछ ही दिनों बाद से उनके तेवर बदल गए। वह कई बार अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़े करते और उससे सवाल करते नजर आए। अभी तक इस सीट पर भाजपा ने पत्ते नहीं खोले हैं। सपा और बसपा भी अभी चुप्पी साधे हुए है।

हालांकि टिकट के लिए बढ़ते इंतजार के बीच वरुण के बोल बदले हैं। पिछले दिनों पीलीभीत को मिली सौगातों पर उन्होंने वर्चुअल कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार भी जताया था। हालांकि वरुण गांधी की ओर टिकट कटने या मिलने पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन कयास लगाए जा रहे हैं कि टिकट कटने पर वो किसी दूसरे दल से मैदान में उतर सकते हैं।

सपा से चुनाव लड़ सकते हैं वरुण गांधी-


उधर, अखिलेश यादव ने वरुण गांधी को भी टिकट देने को लेकर संकेत दिया है। उन्होंने इस पर विचार करने की बात कही है। दरअसल, लखनऊ में भाजपा सांसद वरुण गांधी को टिकट देने से संबंधित सवाल पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि इस बारे में हमारा संगठन निर्णय लेगा। प्रदेश सपा मुख्यालय पर आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में अखिलेश यादव ने यह बातें कहीं।

मेरे संपर्क में नहीं ब्रज भूषण-


इससे पहले, अखिलेश ने कैसरगंज से भाजपा सांसद बृजभूषण सिंह को टिकट देने पर भी बयान दिया था। कैसरगंज से भाजपा सांसद बृजभूषण सिंह को सपा से टिकट देने के सवाल पर अखिलेश ने कहा कि आप लोग (संवाददाता) कह रहे हो तो टिकट दे देंगे। फिर यह पूछे जाने पर कि ब्रजभूषण आपके संपर्क में हैं, उन्होंने कहा कि ब्रजभूषण सिंह मेरे संपर्क में नहीं हैं।

Lok Sabha Election 2024: चुनाव के लिए आज होगी अधिसूचना जारी, रोजाना सुबह 11 से 3 बजे तक होंगे नामांकन।

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Uttarakhand: अब चुनाव नतीजों तक नहीं बनेगा कोई भी नया मतदाता, वोट बनाने की मुराद नहीं होगी पूरी, जानिए वजह.

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अब चुनाव नतीजों तक कोई भी नया मतदाता नहीं बनेगा। अगर आप आगामी लोकसभा चुनाव के लिए अपना वोट बनवाना चाह रहे हैं, तो ये मुराद पूरी नहीं हो पाएगी। नामांकन की अंतिम तिथि से 10 दिन पहले तक जिन्होंने वोट बनवाने या मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए आवेदन किया होगा और वह निर्वाचन कार्यालय के सॉफ्टवेयर में आ गया होगा, केवल वही लोकसभा चुनाव में मतदान कर सकेंगे।

दरअसल, नियमानुसार नामांकन की अंतिम तिथि से 10 दिन पहले तक मतदाता बनने का अवसर दिया जाता है। चूंकि, राज्य में 27 को नामांकन की अंतिम तिथि है, इसलिए 17 मार्च तक ही ये मौका था। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक, अब जो भी नया मतदाता बनने के लिए आवेदन करेंगे, उनकी प्रक्रिया सॉफ्टवेयर में आगे नहीं बढ़ पाएगी।

7  जून को आचार संहिता खत्म होने के बाद ही उनका वोट बन सकेगा। हां, 17 से पहले जिनके आवेदन प्रोसेस में आ चुके हैं, उनका वोट बनेगा और वह इस लोकसभा चुनाव में मतदान भी कर सकेंगे।

दिव्यांग, 85 से अधिक आयु के मतदाताओं को फार्म 12-डी-

प्रदेश के 79,965 दिव्यांग और 85 वर्ष से अधिक आयु के 65,177 मतदाताओं को उनके बीएलओ घर पर ही फार्म 12-डी मुहैया करा रहे हैं। आप भी अपने बीएलओ से संपर्क कर सकते हैं। इस फार्म को भरकर बीएलओ को ही देना है। इसके बाद चुनाव आयोग की टीम आपके घर पर ही मतदान की सुविधा देगी। पांच अप्रैल को घर से वोट करने वाले मतदाताओं की संख्या स्पष्ट हो जाएगी।

Uttarkashi: मानदेय बढ़ोतरी की मांग को लेकर निकाला जुलूस, विरोध प्रदर्शन के दौरान बेहोश हुई आंगनबाड़ी कार्यकर्ता।

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राजकीय कर्मचारी घोषित करने और मानदेय बढ़ोतरी की मांग पूरी नहीं होने से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं में भारी रोष है। शुक्रवार को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जुलूस निकाला। इस दौरान एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता संगीता सेमवाल बेहोश हो गई।

जुलूस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य के पुतलों के साथ निकाला गया। शहर के मुख्य मार्गों से होता हुआ जुलूस बस अड्डे तक पहुंचा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सेविका व मिनी आंगनबाड़ी कर्मचारी संगठन के बैनर तले जनपद भर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता प्रदर्शन में शामिल हुईं।

कार्यकर्ताओं ने पुतला फूंककर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बता दें कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता 19 फरवरी से कलेक्ट्रेट परिसर में अनिश्चितकालीन धरने पर हैं। जिनके धरने को आज 25 दिन पूरे हो चुके हैं। अब लोकसभा चुनाव के लिए कभी भी आचार संहिता लगने और मांगे पूरी न होने पर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

Pithoragarh: सन 2000 के बाद आए व्यापारियों की दुकानों में लगेंगे ताले, किराए पर दिए मकान कराए खाली, जानिए पूरी वजह.

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सन 2000 के बाद धारचूला नगर में व्यापार कर रहे बाहर के सभी व्यापारियों कि घर वापसी तय हो गई है। शुक्रवार को पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस धारचूला में व्यापार संघ अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह थापा की अध्यक्षता में कोर कमेटी की बैठक हुई। जिसमें चिन्हित व्यापारियों के द्वारा दिए गए दस्तावेजों की जांच के बाद 91 व्यापारियों का पंजीकरण सर्वसम्मति से निरस्त कर दिया गया। सभी व्यापारियों को शनिवार से अपने दुकान बंद रखने के लिए बताया गया है।

व्यापार संघ के महासचिव महेश गर्ब्याल ने बताया कि व्यापार सिंह की कोर कमेटी ने सर्व समिति से 91 व्यापारियों के पंजीकरण को निरस्त कर दिया है। पंजीकरण निरस्त होने के बाद सभी को अपने प्रतिष्ठान बंद रखने के लिए भी बता दिया गया है। व्यापार संघ अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह थापा ने बताया कि चिन्हित 175 व्यापारियों को सन 2000 से पूर्व व्यापार करने का प्रमाण देने के लिए समय दिया गया था। इसके बाद सर्वसम्मति से निर्णय ले लिया गया है।

महेंद्र सिंह बुदियाल ने कहा कि बाहर के 91 व्यापारियों के जाने से स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा। क्षेत्र में अराजकता की संभावनाएं भी कम हो जाएगी। बता दें कि व्यापार मंडल और स्थानीय लोगों के विरोध के बाद कई भवन स्वामियों ने बाहरी लोगों को दुकान और भवन खाली करने को बोल दिया है।

बता दें कि, धारचूला में पिछले दिनों बरेली के मुस्लिम युवक द्वारा दो नाबालिग युवतियों को भगाकर ले जाने के बाद लोगों में काफी आक्रोश था। तब से लोकल लोग बाहरी लोगों को धारचूला छोड़ने की चेतावनी देते आ रहे है।

बैठक में संरक्षक कमल कौशल, अध्यक्ष भूपेंद्र थापा उपाध्यक्ष प्रकाश गुंज्याल, महासचिव महेश गर्ब्याल, सचिव अश्विनी नपलच्याल, कोषाध्यक्ष खड़क सिंह दानू, नवीन खर्कवाल, राजेंद्र नबियाल, गजेंद्र गुंज्याल आदि मौजूद रहे।

Uttarakhand: छात्र संख्या शून्य, 640 से अधिक स्कूल हुए बंद, अब होम स्टे आंगनबाड़ी केंद्र के रूप में होंगे इस्तेमाल।

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प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में छात्र संख्या तेजी से घट रही है। यही वजह है कि 640 से अधिक स्कूल बंद हो चुके हैं और कई बंदी की कगार पर हैं। शिक्षा महानिदेशक बंधीधर तिवारी के मुताबिक वर्तमान में कितने स्कूल बंद हैं और किस स्थिति में हैं। इस संबंध में सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों से 12 मार्च तक सूचना मांगी गई है।

इन विद्यालयों का होम स्टे एवं आंगनबाड़ी केंद्र के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। समग्र शिक्षा कार्यालय से अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा, गढ़वाल और कुमाऊं के साथ ही सभी सीईओ, डीईओ और खंड शिक्षा अधिकारियों को बंद विद्यालयों के संबंध में निर्देश जारी किया गया है। निर्देश में कहा है कि छात्र संख्या शून्य होने से बंद हुए विद्यालयों की सूचना उपलब्ध कराई जाए।

विभागीय अधिकारियों से यह भी कहा गया है कि पूर्व में राजकीय प्राथमिक विद्यालय, राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय एवं राजकीय इंटरमीडिएट कॉलेज जो छात्र संख्या शून्य होने के कारण बंद हो चुके हैं। उनके भवन और भूमि की स्थिति से अवगत कराया जाए। इस संबंध में सूचना ई मेल के माध्यम से भी उपलब्ध कराई जा सकती है।

Uttarakhand Cabinet: धामी मंत्रिमंडल की बैठक में लोकसभा चुनाव से पहले कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर लगी मुहर, पढ़िए ये सभी प्रस्ताव।

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सोमवार को मंत्रिमंडल की बैठक हुई। लोकसभा चुनाव से पहले हुई इस कैबिनेट बैठक कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी। सचिवालय स्थित विश्वकर्मा भवन के सभागार में कैबिनेट बैठक शुरू होगी, जिसमें कई विभागों से संबंधित प्रस्ताव पर चर्चा की जाएगी।

कैबिनेट में प्रदेश की पहली सेवा क्षेत्र नीति के साथ ही बेसिक शिक्षकों की सेवा नियमावली में संशोधन और निजी भूमि पर पेड़ काटने की अनुमति के प्रस्ताव को मंजूरी मिली। इसके अलावा विभागों की सेवा नियमावली और शिक्षा, स्वास्थ्य, शहरी विकास, आवास, पर्यटन, कृषि से संबंधित प्रस्ताव भी चर्चा हुई।


ये फैसले हुए-

स्वास्थ्य – अटल आयुष्मान योजना के तहत सरकारी अस्पतालों में डायलसिस सेंटर पर 100% प्रतिपूर्ति सरकार देगी

कौशल विकास – वर्ल्ड बैंक के सहयोग से 630 करोड़ का होगा वर्कफोर्स डिवेलपमेंट प्रोजेक्ट। कैबिनेट की मंजूरी। पहले 450 करोड़ था।

  • आईटीआई समेत तमाम काम होने से लखवाड़ परियोजना के तहत विस्थापन नीति को मंजूरी।
  • उत्तराखंड सेवा क्षेत्र नीति के प्रख्यापन को मंजूरी। यू्आईडीबी संचालित करेगा। 2030 तक कि नीति है। निवेश की न्यूनतम सीमा अलग अलग रखी गई है। सब्सिडी की सीमा कुल निवेश का 25% या 100 करोड़ होगी।
  • राजकीय होटल मैनेजमेंट संस्थान देहरादून और अल्मोड़ा की सेवा नियमावली को मंजूरी।
  • गढ़ी नेगी क्षेत्र काशीपुर को नगर पंचायत बनाया।
  • 100 छात्रों को 5000 प्रति माह, जो पीएचडी कर रहे हों, कहीं और से कोई स्कॉलरशिप न मिल रही हो।
  • सुप्रीम के आदेश के तहत प्राथमिक शिक्षक भर्ती में बीएड की अनिवार्यता खत्म।
  • पिथौरागढ़ के आदि कैलाश, ओम पर्वत का 5 दिवसीय हेली दर्शन होगा। छह माह के लिए ट्रायल होगा। पैकेज टूर होगा। पर्यटन विभाग के इस प्रस्ताव पर मुहर
  • कैंसर हॉस्पिटल हर्रावाला और मातृ हॉस्पिटल पीपीपी मोड में चलेगा।
  • शिक्षक भर्ती के लिए बीएड की डिग्री मान्य नहीं होगी।
  • हेली दर्शन कार्यक्रम शुरू होगा। कैलाश ओम पर्वत के लिए शुरू होगी योजना। चार रात पांच दिन का पैकेज छह महीने के लिए।
  • इन्वेस्टर समिट के तहत हर्रावाला और हरिद्वार में अस्पताल बनेंगे पीपीपी मोड पर।

Sandeshkhali Case: संदेशखाली केस का आरोपी शाहजहां शेख गिरफ्तार, जानिए कौन है ये TMC नेता शाहजहां शेख.

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लंबे समय से सुर्खियों में रहे तृणमूल कांग्रेस के नेता और संदेशखाली कांड का मुख्य आरोपी शाहजहां शेख गिरफ्तार हो गया है. शाहजहां की गिरफ्तारी पश्चिम बंगाल के 24 उत्तर परगना जिले के मिनाखां से हुई है. शाहजहां शेख को आज कोर्ट में पेश किया जाएगा. बता दें कि शाहजहां पर संदेशखाली में कई महिलाओं के साथ उत्पीड़न का आरोप है. साथ ही कई लोगों के जमीन पर कब्जा करने का भी आरोप है.

यह गिरफ्तारी पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा कलकत्ता हाईकोर्ट के फैसले के बाद की गई है, जिसमें स्पष्ट किया गया था कि तृणमूल कांग्रेस नेता शाहजहां शेख की गिरफ्तारी पर कोई रोक नहीं है. विशेष रूप से, संदेशखाली में महिलाओं के खिलाफ यौन उत्पीड़न और हिंसा के आरोपों को लेकर पिछले एक महीने से उबाल है.

जानिए कौन है शाहजहां शेख ?

शाहजहां शेख (42 वर्षीय) को ‘भाई’ के नाम से जाना जाता है। उसने बांग्लादेश सीमा के पास उत्तर 24 परगना के संदेशखाली ब्लॉक में मत्स्य पालन में एक छोटे से श्रमिक के रूप में काम की शुरुआत की थी। वह चार भाई-बहनों में सबसे बड़ा है। उसने संदेशखाली में मत्स्य पालन और ईंट भट्टों में एक श्रमिक के काम की शुरुआत की थी।

साल 2004 में शेख ने ईंट भट्टों के यूनियन नेता के रूप में राजनीति में प्रवेश किया। बाद में वह अपनी राजनीतिक मौजूदगी बनाए रखते हुए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की स्थानीय इकाई में शामिल हो गया। जोशीले भाषणों और संगठन कौशल के लिए पहचाने जाने वाले शेख ने 2012 में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेतृत्व का ध्यान अपनी ओर खींचा।

तब से सत्ता के गलियों में शेख का कद बढ़ा है। 2018 में शेख ने सरबेरिया अग्रहटी ग्राम पंचायत के उप प्रमुख के रूप में प्रसिद्धि हासिल की। शेख को उत्तर 24 परगना के लिए ‘मत्सा कर्माध्यक्ष’ (मत्स्य पालन के प्रभारी) के रूप में जाना जाता था, जिले के मत्स्य विकास की देखरेख करता था। जो राजनीतिक और आर्थिक दोनों क्षेत्रों में उनकी प्रभावशाली स्थिति को दिखाता है।

गौरतलब है कि उत्तरी 24 परगना जिले में शाहजहां शेख और उनके समर्थकों के खिलाफ जमीन हड़पने और स्थानीय महिलाओं के यौन शोषण के आरोपों को लेकर विरोध प्रदर्शन चल रहा है. पिछले महीने कथित राशन घोटाले के सिलसिले में उसके घर पर छापा मारने गई प्रवर्तन निदेशालय की टीम पर भीड़ द्वारा हमला किए जाने के बाद से शाहजहां शेख फरार था.

 

Uttarakhand: गरीबों को साल में 3 गैस सिलेंडर मुफ्त, सस्ती दरों पर मिलेगा नमक, जानिए बजट में और क्या है खास.

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गरीबों को साल में तीन गैस सिलेंडर मुफ्त मिलते रहेंगे तो सस्ती दरों पर नमक भी मिलेगा। बजट में गरीबों के कल्याण से जुड़ी इन योजनाओं के लिए सरकार ने 5658 करोड़ का प्रावधान किया है। इसमें से समाज कल्याण के लिए 2756 करोड़, अनुसूचित जाति कल्याण के लिए 2184 करोड़ और जनजाति कल्याण के लिए 718 करोड़ का प्रावधान शामिल है।

समाज कल्याण के अंतर्गत आठ लाख वृद्धजन, निराश्रित विधवा, दिव्यांग, परित्यक्त निराश्रित महिलाओं आदि की विभिन्न पेंशन योजनाओं के लिए 1783 करोड़ 28 लाख, अन्नपूर्णा योजना के लिए 600 करोड़, ईडब्ल्यूएस आवासों के लिए 93 करोड़, 1,83,419 अंत्योदय कार्डधारकों को साल में तीन गैस सिलेंडर निशुल्क देने के लिए सरकार 55 करोड़ खर्च करेगी।

राज्य आंदोलनकारियों की पेंशन के लिए कार्पस फंड की स्थापना की गई है, जिसके लिए 48 करोड़ का प्रावधान किया गया है। खाद्य सुरक्षा योजना के तहत प्राथमिक व अंत्योदय राशन कार्ड धारकों को सस्ती दरों पर नमक उपलब्ध कराने के लिए सरकार 34 करोड़ 36 लाख खर्च करेगी। राज्य खाद्यान्न योजना के लिए 20 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

स्मार्ट सिटी को 46 करोड़-

स्मार्ट सिटी योजना में 50 प्रतिशत बजट केंद्र और 50 प्रतिशत राज्य खर्च कर रहा है। सरकार ने बजट में स्मार्ट सिटी के लिए 46 करोड़ पांच लाख रुपये का प्रावधान किया है।

योजनाओं की सब्सिडी के लिए 679 करोड़-

सरकार ने विभिन्न विभागों की उन योजनाओं के लिए भी बजट प्रावधान किए हैं, जिन पर सब्सिडी दी जा रही है। सब्सिडी के इस खर्च पर सरकार ने 679 करोड़ 34 लाख का प्रावधान किया है।

 

Leopard Terror: देहरादून के किमाड़ी क्षेत्र में बच्चे को मारने वाला गुलदार आदमखोर घोषित, तुरंत गोली मारने के दिए आदेश। 

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किमाड़ी क्षेत्र में बच्चे को मारने वाले गुलदार को आदमखोर घोषित कर करते हुए गोली मारने के आदेश दिए गए हैं। घटना के अगले दिन सोमवार को मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक समीर सिन्हा की ओर से आदेश जारी किए गए हैं। इसके साथ ही क्षेत्र में गुलदार को पकड़ने के लिए आठ पिंजरे और 12 कैमरा ट्रैप भी लगाए गए हैं। गुलदार दिखने पर पहले उसे ट्रेंकुलाइज किया जाएगा और फिर आवश्यकता पड़ने पर गोली मार दी जाएगी।

बता दें कि रविवार शाम करीब आठ बजे गलज्वाड़ी वन बीट से सटी मराड़ी गुर्जर बस्ती में गुलदार ने मीर हमजा के 10 वर्षीय बेटा डेरे से बाहर लघुशंका करने के लिए गया था। इस दौरान झाड़ियों में घात लगाकर बैठे गुलदार ने उस पर हमला कर दिया। चीखने पर बच्चे के पिता मीर हमजा अन्य ग्रामीण बाहर आए और गुलदार के जबड़े से बच्चे को छुड़ाने का प्रयास किया। भीड़ के पहुंचने पर गुलदार बच्चे को छोड़कर जंगल की ओर भाग गया। बुरी तरह घायल बच्चे को जब तक अस्पताल ले जाया जाता उसने दम तोड़ दिया। सूचना मिलने पर वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची, जिन्हें स्थानीय निवासियों के विरोध का सामना करना पड़ा।

 

स्थानीय निवासियों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। साथ ही पुलिस को शव ले जाने से भी रोका। हालांकि, बाद में पुलिस ने बस्तीवासियों को शांत कराया और शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया। इधर, वन विभाग और पुलिस की टीम भी देर रात तक क्षेत्र के आसपास कांबिंग की। प्रभागीय वनाधिकारी देहरादून नितीशमणि त्रिपाठी ने बताया कि सोमवार को भी क्षेत्र में सुबह से ही गश्त की जा रही है। तीन शिफ्ट में वन विभाग की तीन टीमें गुलदार की तलाश में जुटी हैं। इसके बाद मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक समीर सिन्हा ने गुलदार को आदमखोर घोषित करते हुए गोली मारने के आदेश दिए हैं।

मलेथा में गुलदार को मारने के मामले की जांच के आदेश-

टिहरी जिले के कीर्ति नगर ब्लॉक के मलेथा गांव में गुलदार को मारने के मामले में प्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव डा. समीर सिन्हा ने चीफ गढ़वाल को जांच के आदेश दिए हैं। कहा, गुलदार ने किन परिस्थितियों में ग्रामीणों पर हमला किया। इन सभी पहलुओं की जांच की जाए।

वन विभाग की टीम ने 23 फरवरी को गुलदार को मार गिराया था। वन विभाग की ओर से बताया गया कि यह गुलदार दो दिन में नौ लोगों पर हमला कर चुका था। इनमें पांच महिलाएं और चार वनकर्मी शामिल थे। वन विभाग की ओर से कहा गया कि गुलदार को आत्मरक्षा में मारा गया, जबकि सोशल मीडिया में गुलदार को मारने का जो वीडियो वायरल हो रहा, उसमें आत्म रक्षा वाली बात सामने नहीं आ रही है।

ऐसे में कुछ लोगों का कहना है कि गुलदार को मारने के बजाए उसे ट्रेंकुलाइज किया जा सकता था। उधर, विधायक विनोद कंडारी का कहना है कि गुलदार को जनहित में मारा गया। गुलदार क्षेत्र में कई लोगों को घायल कर चुका था।