Author: Manisha Rana

Uttarakhand: पेपर लीक मामला; खालिद और साबिया की न्यायिक हिरासत बढ़ी, दोनों को जिला अदालत में किया गया पेश.

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पेपर लीक मामले में मुख्य आरोपी खालिद मलिक और उसकी बहन साबिया की मंगलवार को न्यायिक हिरासत बढ़ा दी गई। दोनों को जिला अदालत में पेश किया गया, जिसके बाद 14 दिन की न्यायिक हिरासत और बढ़ा दी गई।

अदालत को अवगत कराया गया कि मामले में एसआईटी जांच जारी है। टीम खालिद और साबिया से जुड़े साक्ष्यों को जुटाने में लगी है। तब तक उनकी न्यायिक हिरासत बढ़ाने का अनुरोध किया गया।बता दें. एसआईटी ने सर्च वारंट लेकर मुख्य अभियुक्त खालिद के हरिद्वार स्थित घर को खंगाला तो वहां प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से संबंधित किताब-कॉपियां नहीं मिली।

हैरत की बात यह है कि वह बिना पढ़े साल 2024 से 2025 के बीच नौ प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए आवेदन कर चुका था। उनमें से पांच परीक्षाओं में शामिल भी नहीं हुआ। जिन परीक्षाओं में शामिल हुआ, उनमें उसके नंबर बहुत कम आए। ये सभी तथ्य जाहिर कर रहे हैं कि खालिद बहुत समय से नकल या सांठगांठ के भरोसे प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल होने की साजिश कर रहा था। उसने नकल के लिए कब-कब और क्या प्रयास किए, एसआईटी इसी कोण पर जांच को आगे बढ़ाएगी। उसे पूछताछ के लिए कस्टडी रिमांड पर भी लिया जा सकता है।

बिना योग्यता आवेदन करना और भी अजीब-

एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि खालिद के घर की तलाशी में महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। सबसे अजीब बात यह है कि खालिद ने कुछ ऐसी परीक्षाओं के लिए भी आवेदन किया जिनकी शैक्षणिक योग्यता वह पूरी नहीं करता था। एसआईटी अब इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि जब खालिद किसी परीक्षा की तैयारी ही नहीं कर रहा था और न ही उसके पास अपेक्षित योग्यता थी, तो नौ परीक्षाओं के लिए आवेदन करने के पीछे उसकी क्या मंशा थी। इन तथ्यों के सामने आने से एसआईटी अपनी जांच का दायरा और बढ़ाएगी। पिछले दो वर्ष में उसके संपर्क खंगाले जाएंगे।

मोबाइल से मिल सकते हैं बड़े सुराग-

खालिद का एक मोबाइल अभी तक पुलिस को नहीं मिला है, जो वह परीक्षा केंद्र में लेकर गया था। पुलिस से भागने के दौरान उस मोबाइल को फॉर्मेट करके ट्रेन के कूड़ेदान में छोड़ दिया था। उसका दूूसरा मोबाइल पुलिस ने जब्त किया है, जिस पर उसने परीक्षा केंद्र से बहन साबिया को प्रश्न पत्र के तीन पन्नों के फोटो भेजे थे, लेकिन उसे भी फॉर्मेट कर दिया था। पुलिस विशेषज्ञों के जरिये जब्त मोबाइल का डाटा रिकवर करने की कोशिश कर रही है। यह डाटा मिल गया तो खालिद के दो वर्ष के संपर्क भी सामने आ जाएंगे और जांच को दिशा मिल सकेगी।

Uttarakhand: डेमोग्राफी चेंज की समस्या पर सीएम धामी का एक और प्रहार. 

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सत्यापन प्रकिया के लिए सीएम धामी ने गृह विभाग को दिए एप बनाने के निर्देश

Dehradun: उत्तराखंड में डेमोग्राफी चेंज विषयों पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने गंभीर रुख अपनाते हुए गृह विभाग की पुलिस की सत्यापन प्रकिया को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए. बाहरी राज्यों से आए लोग यहां सत्यापन प्रकिया में कोताही बरतते रहे है और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर आधार कार्ड,  वोटर आई डी, राशन कार्ड बनाने में कामयाब हो रहे है जिससे उत्तराखंड  की डेमोग्राफी पर असर पड़ रहा है।

गृह सचिव शैलेश बगौली को दिए दिशा निर्देशों में सीएम धामी ने कहा कि यहां आकर काम करने वाले लिए सत्यापन की प्रकिया को कड़ा किया जाए और स्थानीय पुलिस को इसके लिए आसान बनाया जाए।

मैदानी जिलों में पुलिस की व्यस्तताएं अधिक होने की वजह से सत्यापन का काम केवल अभियान तक सीमित रहा है। जब अभियान चलता है तो बहुत से लोग पकड़ में आते है। पिछले दिनों देहरादून हरिद्वार में चलाए  गए अभियान में बंग्लादेशी घुसपैठियों की मौजूदगी हैरान करने वाली थी।

जानकारी के मुताबिक  गृह विभाग ने अपने अंतर्गत पुलिस प्रशासन को एक ऐसा ऐप बनाने को कहा है जो कि पुलिस के लिए सत्यापन प्रकिया को आसान बनाएगा। इस ऐप में पुलिस और शासन का आई टी  विभाग मिलकर काम कर रहा है जिससे यहां आने वाले का एक डेटा बेस तैयार हो सके। अभी तक सत्यापन का कोई रिकॉर्ड पुलिस के पास नहीं रहता अलग-अलग थाना चौकियों में सत्यापन प्रकिया एक रजिस्टर तक सीमित है। पुलिस मुख्यालय ने अब उक्त रजिस्टर में दर्ज जानकारियों को मुख्यालय मंगवाना शुरू किया है।
सूत्रों के मुताबिक उक्त ऐप का ट्रायल का काम चल रहा है और इसी माह के अंत तक ये पूरी तरह से काम करना शुरू कर देगा।
इस ऐप पर फोकस कर रही कुमाऊं मंडल की पुलिस महानिरीक्षक रिद्धिम अग्रवाल का कहना है कि सत्यापन की चुनौतियों को कम करने के लिए पुलिस प्रशासन तकनीक की मदद ले रहा है। यदि ये ऐप कामयाब हो गया तो इससे पुलिस प्रशासन के साथ-साथ बाहरी शहरों से आए लोगों की भी मुश्किलें आसान हो जाएंगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कहते है कि हमारी सरकार देवभूमि की संस्कृति को संजोए रखने के लिए वचनबद्ध है। बाहरी शहरों से आए लोग किस प्रवृति के है ये जानने के लिए सत्यापन अनिवार्य कराया गया है हम चाहते है इस सत्यापन प्रकिया में लम्बा वक्त न लगे इसलिए गृह विभाग से आधुनिक तकनीक का सहारा लेने के लिए कहा गया है।

Uttarakhand: सरस आजीविका मेले में CM धामी ने किया 1.20 करोड़ की आर्थिक गतिविधियों का लोकार्पण. 

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सरस आजीविका मेले में 1.20 करोड़ की आर्थिक गतिविधियों का लोकार्पण.

Rishikesh:  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत सी.एल.एफ. हेतु 1.20 करोड़ रुपये की 12 आर्थिक गतिविधियों का लोकार्पण किया। इसके साथ ही 10 अन्य सी.एल.एफ. के लिए 1 करोड़ रुपये की प्रस्तावित आर्थिक गतिविधियों का शिलान्यास भी किया गया। मुख्यमंत्री ने मेले में ‘Rising Tehri – Physics Wala Online Coaching Class’ का शुभारंभ किया, जिससे ग्रामीण युवा अपने गांव में रहकर जेईई और नीट जैसी प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे।

 

मुख्यमंत्री ने ग्राम्य विकास विभाग और जिला प्रशासन द्वारा ‘ग्रामोत्थान परियोजना’ के तहत की गई पहलों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह मेला ग्रामीण संस्कृति, कौशल और उद्यमिता को प्रदर्शित करने का अनूठा मंच है। मेले के माध्यम से स्थानीय उत्पादों और ग्रामीण कारीगरों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने सभी से अपील की कि मेले में लगे स्टॉल से स्वदेशी उत्पाद खरीद कर ‘स्वदेशी अपनाओ’ अभियान को मजबूत करें और महिला उद्यमियों के सपनों में निवेश करें।

महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता के नए आयाम-

मुख्यमंत्री ने लखपति दीदी योजना के तहत अब तक 1.65 लाख महिलाओं को लखपति बनने का गौरव प्राप्त होने की जानकारी दी। ‘मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना’ के माध्यम से महिलाओं द्वारा 2000 से अधिक स्टॉल लगाकर 5.5 करोड़ रुपये का विपणन किया गया। ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड से स्वदेशी उत्पादों की वैश्विक पहुंच बनी।

 

राज्य में 68 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों में 5 लाख से अधिक महिलाएं जुड़ी हैं। महिला किसान सशक्तिकरण योजना और फार्म लाइवलीहुड के माध्यम से 3 लाख से अधिक महिला किसानों की क्षमता विकसित की गई है। 2.5 लाख किचन गार्डन स्थापित किए गए और लगभग 500 फार्म मशीनरी बैंक उपलब्ध कराए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सभी पहलों से महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और मातृशक्ति आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रही है।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, सुबोध उनियाल, स्वयं सहायता समूह के सदस्य, ग्रामीण उद्यमी और स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

Uttarakhand: राज्यपाल ने अल्पसंख्यक शिक्षा विधेयक को दी मंजूरी. मदरसा बोर्ड होगा समाप्त।

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Uttarakhand Cabinet Today: बजट सत्र से पहले धामी कैबिनेट, सड़क हादसे रोकने के लिए आएंगे तीन अहम प्रस्ताव.

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राज्य विधानसभा के बजट सत्र से पूर्व बुधवार को धामी कैबिनेट की बैठक होगी। इसमें सड़क हादसे रोकने संबंधी तीन अहम प्रस्ताव आएंगे। इसके अलावा आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट, भू-कानून संशोधन और पेपरलैस व वर्चुअल रजिस्ट्री संबंधी प्रस्ताव भी आने की संभावना है।

राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं के मद्देनजर धामी सरकार तीन अहम फैसले ले सकती है। सचिव परिवहन ने इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया है। इसके तहत पर्वतीय क्षेत्रों में एआरटीओ के 11 नए पद सृजित होने का प्रस्ताव शामिल है, जिससे पहाड़ों में वाहनों की जांच आसान हो सके। इनमें से 50 प्रतिशत पद पदोन्नति और 50 प्रतिशत पद सीधी भर्ती से भरे जाएंगे।

इसी प्रकार, सरकार पर्वतीय क्षेत्रों में अनुबंधित बस परमिट को पूर्ण रूप से खत्म कर सकती है। पर्वतीय मार्गों पर परिवहन निगम अपनी बसें संचालित करेगा, जिसके लिए बस खरीद की जा रही है। इस पर कैबिनेट फैसला लेगी। तीसरी सड़क सुरक्षा नीति व एक्ट भी कैबिनेट में लाए जाएंगे। इस पर मुहर लगने के बाद विधानसभा पटल पर रखा जाएगा।

आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट भी कैबिनेट बैठक में है रखी जा सकती-

इसके बाद हर दुर्घटना की जांच गहनता से समिति करेगी। जांच में दुर्घटना का कारण स्पष्ट होने के बाद संबंधित विभाग के संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी। जैसे खराब सड़क व सुरक्षा उपाय न करने के लिए लोक निर्माण विभाग जिम्मेदार होगा जबकि ड्रिंक एंड ड्राइव जैसे मामलों के लिए स्थानीय पुलिस व यातायात पुलिस को जिम्मेदार माना जाएगा। इसी प्रकार, ओवरलोडिंग, अनफिट वाहन संचालन, डीएल व परमिट न होने के मामलों के लिए परिवहन विभाग जिम्मेदार होगा। इसी हिसाब से कार्रवाई की जाएगी।

 

बजट सत्र से पूर्व आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट भी कैबिनेट बैठक में रखी जा सकती है। इसके अलाव भू-कानून में संशोधन का प्रस्ताव और पेपरलैस व वर्चुअल रजिस्ट्री का प्रस्ताव भी कैबिनेट में आ सकता है।

Uttarakhand Budget Session: 18 फरवरी से देहरादून में होगा पहला पेपरलेस बजट सत्र, अधिसूचना हुई जारी.

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बजट सत्र 18 फरवरी से देहरादून विधानसभा में होगा। विधानसभा सचिवालय ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। पहली बार देहरादून में पेपरलेस सत्र होगा। इसके विधानसभा सचिवालय की तैयारी पूरी है। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) की ओर से 18 फरवरी से बजट सत्र आहूत करने की मंजूरी दी गई।

 

Uttarakhand News: चारधाम के प्रवेश द्वार में श्रद्धालुओं को मिलेगी अब सभी सुविधाएं, जानिए क्या है खास तैयारी.

सत्र सुबह 11 बजे शुरू होगा। पहले दिन राज्यपाल का अभिभाषण होगा। इससे माना जा रहा है कि प्रदेश सरकार 19 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2025-26 का बजट पेश कर सकती है। देहरादून में पहली बार सत्र पेपरलेस होगा। इसके लिए विधानसभा सभा मंडप में सभी सदस्यों के बैठने के स्थान पर टैबलेट लगाए गए हैं। इसके माध्यम से विधायकों को विधायी कार्य की जानकारी व सूचना मिलेगी। 

Uttarakhand News: चारधाम के प्रवेश द्वार में श्रद्धालुओं को मिलेगी अब सभी सुविधाएं, जानिए क्या है खास तैयारी.

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चारधाम यात्रा का प्रवेश द्वार कहे जाने वाले हरिद्वार में ही यात्रियों की सुविधाओं के लिए वृहद प्लान तैयार किया जा रहा है। इसके लिए ऋषिकेश ट्रांजिट कैंप की तर्ज पर एक ही परिसर में तीर्थ यात्रियों को सारी सुविधाएं मिल सकेंगी। वहीं, उनके ठहरने और यात्रा पड़ाव के तौर पर अन्य सुविधाओं को विकसित करने की योजना भी बन रही है। फिलहाल अभी शासन ने नगर निगम प्रशासन को स्थल चिह्नित करने के निर्देश दिए हैं।

 

शासन की मंशा के अनुरूप पर्यटन विभाग नगर निगम से जमीन लेगा। वहीं, प्रवर्तन और पुलिस विभाग इस प्रस्ताव की रूपरेखा में अहम कड़ी के रूप में कार्य करेंगे। यह उसी तरह से व्यवस्था देने के लिए बनाया जाएगा जैसे ऋषिकेश स्थित पंजीकरण कार्यालय एवं ट्रांज़िट कैंप में तीर्थयात्रियों के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। एक ही छत के नीचे सभी सुविधाएं देने का प्रयास किया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि यात्रा सुविधाओं के क्रम में एक ही स्थान पर यात्री को अलग-अलग काउंटर पर पूरी जानकारी दी जा सके इसकी भी व्यवस्था की जानी है। एक विशाल क्षेत्र को चिन्हित करने के निर्देश भी शासन स्तर से मिले हैं। इसके क्रम में नगर निगम प्रशासन के साथ अन्य सहयोगी विभागों ने स्थल चिन्हित करने का कार्य शुरू भी कर दिया है।

हरिद्वार स्नान के बाद चारधाम यात्रा शुरू करने की है परंपरा-

 

यात्रा सीजन में श्रद्धालु मान्यता के अनुसार पहले हरिद्वार में हरकी पैड़ी पर स्नान के बाद यात्रा की शुरुआत करते हैं। इस दृष्टिकोण से हरिद्वार को ही मुख्यत: चारधाम यात्रा का प्रवेश द्वार माना जाता है। ऐसेे मेंं यात्रियों को पंजीकरण कराने की अनिवार्यता से परेशानी होती ही है। आगे की यात्रा के लिए ऋषिकेश जाना पड़ता है। यहां से बस या अन्य संसाधन की सुविधा मिलती है। इस समस्या के निस्तारण के लिए ही हरिद्वार में यात्री सुविधाओं को विकसित करने की योजना बनी है। एक ही परिसर में पंजीकरण और वहीं से यात्रा की शुरुआत हो सकेगी। यात्रियों को निर्धारित शुल्क पर ही यात्रा की सुविधा मिलेगी। कई बार यात्रा सीजन में प्राइवेट टैक्सी चालक ऋषिकेश तक पहुंचाने में यात्रियों से मनचाहा रुपया वसूल करते हैं। इन समस्याओं से भी उन्हें राहत मिल सकेगी। यात्रा की संपूर्ण गतिविधियों पर आरटीओ प्रशासन और पर्यटन विभाग भी निगरानी कर सकेगा।

कुछ इस तरह से मिलेंगी सुविधाएं-

 

– ऑफलाइन पंजीकरण व टोकन सुविधा होगी।

– स्वास्थ्य जांच व अस्पताल, निशुल्क दवाएं मिल सकेंगी।

– बैठने के लिए वातानुकूलित हॉल, कूलर पंखों की सुविधा मिलेगी।

– मनोरंजन के लिए टीवी की सुविधा और समाचार पत्र पत्रिकाओं का स्टॉल होगा।

– यात्रियों के आराम करने के लिए डोरमेट्री की सुविधा होगी।

– स्नानघर व शौचालयों की सुविधा मिलेगी।

– कैंटीन की सुविधा होगी जिसमें शुद्ध सात्विक भोजन मिलेगा।

 

स्थल चिह्नित करने के निर्देश मिले हैं। विभिन्न विभागों के सहयोेग से शहर के राष्ट्रीय राजमार्ग के आसपास उपलब्ध भूमि का चयन किया जा रहा है। इसकी पूरी रिपोर्ट शासन को प्रेषित की जाएगी। अग्रिम कार्रवाई शासन से मिले निर्देश के आधार पर किया जाएगा। फिलहाल भूपतवाला में एक पार्किंग और उसी से जुड़े खसरा नंबर को अभी देखा गया है। जैसे ही इसकी अगली प्रक्रिया को लेकर निर्देश मिलता है तो गति दी जाएगी। -वरुण चौधरी, मुख्य नगर आयुक्त, नगर निगम हरिद्वार

National Games 2025: 38वें नेशनल गेम्स में उत्तराखंड का नया रिकॉर्ड, अब तक के इतिहास में पहली बार जीते पांच स्वर्ण पदक.

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राष्ट्रीय खेलों में सोना जीतने में बृहस्पतिवार को उत्तराखंड ने नया रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज कर लिया। ताइक्वांडों में राज्य की पूजा यादव के स्वर्ण पदक जीतते ही राज्य को मिले स्वर्ण पदकों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है। यह पिछले सभी राष्ट्रीय खेलों में अब तक का रिकॉर्ड है।

राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड को अभी बॉक्सिंग और एथलेटिक्स सहित कई खेलों में पदकों की उम्मीद है। राज्य के पांच मुक्केबाज निवेदिता, काजल, हिमांशु सोलंकी, कपिल पोखरिया और नरेंद्र सिंह ने बॉक्सिंग के फाइनल में पहुंच गए हैं। ये खिलाड़ी गोल्ड के लिए आज विभिन्न राज्यों के खिलाड़ियों को अपने मुक्कों का दम दिखाएंगे।

ताइक्वांडों में भी राज्य के चार पदक पक्के हो गए हैं। फुटबॉल में भी राज्य के खिलाड़ियों ने फाइनल में पहुंचकर इतिहास रचा है। फुटबॉल के आज होने वाले फाइनल मुकाबले में राज्य के खिलाड़ी गोल्ड के लिए टक्कर देंगे। इसके अलावा, कुछ अन्य खेलों में भी राज्य को पदकों की उम्मीद है।

 

उत्तराखंड को अब तक इन खेलों में मिले पांच स्वर्ण- उत्तराखंड को वुशु में पहला स्वर्ण पदक मिला। लॉन बॉल, योगासन, कैनोइंग और कयाकिंग और ताइक्वांडो में भी उत्तराखंड सोना जीत चुका है।

 

पिछले राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड को मिले पदक-

आयोजन राष्ट्रीय खेल रैंक स्वर्ण रजत कांस्य कुल पदक
गोवा 37वें 25वीं  3  7 14 24
गुजरात 36वें 26वीं 1 8 9 18
केरल 35वें 23वीं 2 5 12 19
झारखंड 34वें 19वीं 4 4  5 13
गुवाहटी 33वें 18वीं 4 4  5 13

 

Uttarakhand Earthquake: उत्तरकाशी में फिर महसूस हुए भूकंप के झटके, दहशत में घरों और दुकानों से बाहर निकले लोग

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उत्तराखंड के उत्तरकाशी जनपद मुख्यालय में आज दोपहर फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप महसूस होते ही लोग दहशत में घरों और दुकानों से बाहर निकल आए। एक सप्ताह में तीन दिन लगातार आए झटकों से लोगों में दहशत का माहौल है।

जानकारी के अनुसार, दोपकर करीब 3:28 बजे भूकंप का झटका महसूस हुआ। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 2.7 मापी गई। इसका केंद्र तहसील भटवाड़ी के ग्राम साल्ड उपरिकोट निसमोर के मध्य वन क्षेत्र में धरती की सतह से पांच किमी नीचे था ।

राज्य में इस महीने पांच बार आ चुका भूकंप-

उत्तरकाशी में शु्क्रवार(24 जनवरी) को तीन बार भूंकप के झटके महसूस किए गए थे। इस महीने राज्य की बात करें तो बागेश्वर जिले में भी भूंकप आ चुका है। पिछले महीने भी राज्य में भूंकप के झटके महसूस किए गए थे।

नेशनल सेंटर फार सिस्मोलॉजी के अनुसार उत्तरकाशी में सुबह 7:41 पर भूकंप आया था। इसकी तीव्रता रिएक्टर स्केल पर 2.7 थी, इसके कुछ देर बात 8:19 पर फिर झटका महसूस किया गया। इस बार तीव्रता 3.5 रिएक्टर स्केल पर महसूस की गई। स्थानीय लोगों के अनुसार पौने ग्यारह बजे भी झटके महसूस किए गए थे। इन झटकों से लोगों में भय व्याप्त हो गया।इस महीने की बात करें तो राज्य में बागेश्वर में 10 जनवरी को रात एक बजे के बाद भूंकप आया था, उसकी तीव्रता 2.2 थी। आज उत्तरकाशी में फिर भूकंप महसूस हुआ।

पिछले महीने भी पांच बार आ चुका भूंकप-

राज्य में पिछले महीने भी कई भूंकप आ चुके हैं। नेशनल सेंटर फार सिस्मोलॉजी ने पिछले महीने आए भूंकप को लेकर रिपोर्ट तैयार की है। उसमें बताया गया कि दिसंबर के महीने में देश में 44 भूंकप आया। इसमें सर्वाधिक मणिपुर में छह और उसके बाद उत्तराखंड और असम में पांच-पांच आए।

क्यों आता है भूकंप?

पृथ्वी के अंदर 7 प्लेट्स हैं, जो लगातार घूमती रहती हैं। जहां ये प्लेट्स ज्यादा टकराती हैं, वह जोन फॉल्ट लाइन कहलाता है। बार-बार टकराने से प्लेट्स के कोने मुड़ते हैं। जब ज्यादा दबाव बनता है तो प्लेट्स टूटने लगती हैं। नीचे की ऊर्जा बाहर आने का रास्ता खोजती हैं और डिस्टर्बेंस के बाद भूकंप आता है।

UCC: जनवरी 2025 से उत्तराखंड में लागू होगा यूनिफॉर्म सिविल कोड, मुख्यमंत्री धामी ने कहा-सभी तैयारियां पूरी.

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड में जनवरी 2025 से  समान नागरिक संहिता लागू हो जाएगी। इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बुधवार को सचिवालय में उत्तराखंड निवेश और आधारिक संरचना विकास बोर्ड (यूआईआईडीबी) की बैठक के दौरान सीएम धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार अपने संकल्प के अनुसार, समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में होमवर्क पूरा कर चुकी है।

सीएम धामी ने कहा कि मार्च 2022 में प्रदेश में नई सरकार बनने के बाद मंत्रिमंडल की पहली बैठक में ही प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति, गठित करने का निर्णय लिया गया था। इस क्रम में सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया।

समिति की रिपोर्ट के आधार पर 07 फरवरी, 2024 को राज्य विधान सभा से समान नागरिक संहिता विधेयक 2024 पारित किया गया। इस विधेयक पर महामहिम राष्ट्रपति की सहमति मिलने के बाद 12 मार्च, 2024 को इसका नोटिफिकेशन जारी किया गया। इसी क्रम में अब समान नागरिक संहिता, उत्तराखण्ड 2024 अधिनियम की नियमावली भी तैयार कर ली है।

एक पोर्टल तथा मोबाइल एप भी तैयार किया गया-
इस तरह उत्तराखंड अब जनवरी से समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए पूरी तरह तैयार है, उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए, संहिता के प्रावधान लागू करने के लिए कार्मिकों का समुचित प्रशिक्षण देने के साथ ही सभी तरह की आधारभूत सुविधाएं जुटा ली जाएं। साथ ही अधिक से अधिक सेवाओं को ऑनलाइन रखते हुए, जनसामान्य की सुविधा का ख्याल रखा जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जन सामान्य की सुलभता के दृष्टिगत समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए एक पोर्टल और मोबाइल एप भी तैयार किया गया है, जिससे कि पंजीकरण, अपील आदि की समस्त सुविधाएं ऑनलाइन माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही हैं।

जनवरी, 2025 में उत्तराखंड में राज्य समान नागरिक संहिता लागू हो जाएगी। उत्तराखंड का समान नागरिक संहिता कानून, सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास की मूल भावना पर चलते हुए, समाज को नई दिशा देगा। यह कानून विशेषकर  देवभूमि की महिलाओं और बच्चों के सशक्तिकरण के नए द्वार खोलेगा। -पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड