Author: Manisha Rana

Uttarakhand: चारधाम यात्रा को लेकर श्रद्धालुों में भारी उत्साह; 48.30 लाख से अधिक यात्री कर चुके है दर्शन.

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चारधाम यात्रा में इस बार श्रद्धालुओं की संख्या ने नया रिकॉर्ड बना लिया है। इस बार 12 अक्तूबर को बीते वर्ष पूरे यात्रा काल में दर्शन करने वाले 48.04 लाख श्रद्धालुओं का आंकड़ा पार हो गया है। जबकि यात्रा अभी जारी है। 25 नवंबर को बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने के साथ ही यात्रा अगले साल तक के लिए बंद हो जाएगी।

पर्यटन विभाग के आंकड़ों के अनुसार 2024 में चारधाम व हेमकुंड साहिब में कुल 48.04,216 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे। इस बार अक्तूबर माह में ही यह आंकड़ा पार होने से नया रिकॉर्ड बन गया है। जबकि 2023 में चारधाम यात्रा में 56 लाख से अधिक श्रद्धालु आए थे। इस साल खराब मौसम के साथ आपदा की घटनाओं का चारधाम यात्रा पर बड़ा असर पड़ा। उत्तरकाशी जिले के धराली व हर्षिल में आए भयानक आपदा से यमुनोत्री व गंगोत्री धाम की यात्रा कई दिनों तक पूरी तरह से बंद रही।

क्षतिग्रस्त गंगोत्री नेशनल हाईवे यातायात के लिए बहाल होने पर गंगोत्री व यमुनोत्री धाम की यात्रा शुरू हो पाई। अब चारधाम यात्रा ने श्रद्धालुओं की संख्या में नया रिकॉर्ड बनाया है। चारधाम यात्रा प्रबंधन एवं नियंत्रण संगठन की रिपोर्ट के अनुसार 30 अप्रैल से 12 अक्तूबर 2025 तक हेमकुंड साहेब समेत चारधाम यात्रा में 48,30,393 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।

 

चारधाम यात्रा में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या-

धाम                2024             2025(12 अक्तूबर तक)
केदारनाथ       16,51,980      16,90,298
बदरीनाथ        14,35,401      14,84,441
गंगोत्री             8,18,273        7,43,733
यमुनोत्री           7,14,779       6,37,480
हेमकुंड साहिब  1,83,592       2,74,441

इस बार प्रदेश में आपदा की चुनौतियों के बावजूद चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या का रिकॉर्ड बनना प्रदेश सरकार की ओर से से किए प्रबंधन व व्यवस्था का परिणाम है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा व सुलभ यात्रा सरकार की प्राथमिकता है। आने वाले समय में चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ेगी।
– सतपाल महाराज, पर्यटन एवं धर्मस्व मंत्री

नैनीताल हाई कोर्ट ने एलटी शिक्षकों को नियुक्ति पत्र देने पर लगी रोक हटाई, 1300 अभ्यर्थियों को मिली राहत.

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Nainital- हाई कोर्ट ने प्रदेश में विज्ञापित 1544 सहायक अध्यापक एलटी में चयनित करीब 1300 अभ्यर्थियों को विवादित चार मामलों को छोड़कर, अन्य अभ्यर्थियों को विभागीय नियुक्ति पत्र देने पर लगी रोक हटा दी है।

इसी के साथ मई 2025 से नियुक्ति की बाट जोह रहे अभ्यर्थियों के विद्यालयों में तैनाती का रास्ता साफ हो गया है। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से चयनित अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों का सत्यापन किया जा चुका है जबकि अब केवल विभागीय स्तर पर प्रमाणपत्रों के सत्यापन के बाद उनके नियुक्ति पत्र निर्गत करने की प्रक्रिया शेष है।

कोर्ट के आदेश के बाद चयनित अभ्यर्थियों को दीपावली से पहले बड़ा तोहफा मिल गया है। कोर्ट ने ओबीसी अभ्यर्थी से संबंधित क्षैतिज आरक्षण से संबंधी एक मामले को खारिज कर दिया है जबकि चार अन्य मामलों में चयनित अभ्यर्थियों को पक्षकार बनाने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने चार पदों को रिक्त रखने के भी निर्देश भी दिए हैं।

मंगलवार को न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी की एकलपीठ में अभ्यर्थी अरशद अली व अन्य की याचिका पर सुनवाई हुई। जिसमें ओबीसी चयनित अभ्यर्थियों को अधिक अंक होने पर सामान्य में चयन नहीं करने को चुनौती दी गई थी। इस मामले में अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से कहा गया कि चयनित अभ्यर्थियों के टीईटी में अंक कम थे।

दरअसल उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से 18 अगस्त 2024 को एलटी सहायक अध्यापक पदों के लिए लिखित परीक्षा आयोजित की गई। इसके बाद आयोग की ओर से चयनित अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्रों की 13 जनवरी से 28 जनवरी तक जांच की गई।

आयोग की ओर से कुल 1544 पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी किया गया था। इस मामले में उत्तर कुंजी में दिए गए जवाबों का मामला भी कोर्ट पहुंचा था, जो निस्तारित हो गया है। इसके बाद ओबीसी व क्षैतिज आरक्षण से संबंधित मामला विचाराधीन था।

महाधिवक्ता ने रखा था कोर्ट के समक्ष प्रस्ताव-

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से पेश महाधिवक्ता एसएन बाबुलकर ने कोर्ट के समक्ष प्रस्ताव रखा कि विवादित मामलों को छोड़कर अन्य अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र देने पर लगी रोक हटाई जाए। महाधिवक्ता ने कहा शिक्षकों की कमी से पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है। एकलपीठ के समक्ष महाधिवक्ता के साथ ही उप महाधिवक्ता गणेश कांडपाल व अन्य सरकारी अधिवक्ताओं ने बहस की।

Uttarakhand: पेपर लीक मामला; खालिद और साबिया की न्यायिक हिरासत बढ़ी, दोनों को जिला अदालत में किया गया पेश.

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पेपर लीक मामले में मुख्य आरोपी खालिद मलिक और उसकी बहन साबिया की मंगलवार को न्यायिक हिरासत बढ़ा दी गई। दोनों को जिला अदालत में पेश किया गया, जिसके बाद 14 दिन की न्यायिक हिरासत और बढ़ा दी गई।

अदालत को अवगत कराया गया कि मामले में एसआईटी जांच जारी है। टीम खालिद और साबिया से जुड़े साक्ष्यों को जुटाने में लगी है। तब तक उनकी न्यायिक हिरासत बढ़ाने का अनुरोध किया गया।बता दें. एसआईटी ने सर्च वारंट लेकर मुख्य अभियुक्त खालिद के हरिद्वार स्थित घर को खंगाला तो वहां प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से संबंधित किताब-कॉपियां नहीं मिली।

हैरत की बात यह है कि वह बिना पढ़े साल 2024 से 2025 के बीच नौ प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए आवेदन कर चुका था। उनमें से पांच परीक्षाओं में शामिल भी नहीं हुआ। जिन परीक्षाओं में शामिल हुआ, उनमें उसके नंबर बहुत कम आए। ये सभी तथ्य जाहिर कर रहे हैं कि खालिद बहुत समय से नकल या सांठगांठ के भरोसे प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल होने की साजिश कर रहा था। उसने नकल के लिए कब-कब और क्या प्रयास किए, एसआईटी इसी कोण पर जांच को आगे बढ़ाएगी। उसे पूछताछ के लिए कस्टडी रिमांड पर भी लिया जा सकता है।

बिना योग्यता आवेदन करना और भी अजीब-

एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि खालिद के घर की तलाशी में महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। सबसे अजीब बात यह है कि खालिद ने कुछ ऐसी परीक्षाओं के लिए भी आवेदन किया जिनकी शैक्षणिक योग्यता वह पूरी नहीं करता था। एसआईटी अब इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि जब खालिद किसी परीक्षा की तैयारी ही नहीं कर रहा था और न ही उसके पास अपेक्षित योग्यता थी, तो नौ परीक्षाओं के लिए आवेदन करने के पीछे उसकी क्या मंशा थी। इन तथ्यों के सामने आने से एसआईटी अपनी जांच का दायरा और बढ़ाएगी। पिछले दो वर्ष में उसके संपर्क खंगाले जाएंगे।

मोबाइल से मिल सकते हैं बड़े सुराग-

खालिद का एक मोबाइल अभी तक पुलिस को नहीं मिला है, जो वह परीक्षा केंद्र में लेकर गया था। पुलिस से भागने के दौरान उस मोबाइल को फॉर्मेट करके ट्रेन के कूड़ेदान में छोड़ दिया था। उसका दूूसरा मोबाइल पुलिस ने जब्त किया है, जिस पर उसने परीक्षा केंद्र से बहन साबिया को प्रश्न पत्र के तीन पन्नों के फोटो भेजे थे, लेकिन उसे भी फॉर्मेट कर दिया था। पुलिस विशेषज्ञों के जरिये जब्त मोबाइल का डाटा रिकवर करने की कोशिश कर रही है। यह डाटा मिल गया तो खालिद के दो वर्ष के संपर्क भी सामने आ जाएंगे और जांच को दिशा मिल सकेगी।

Uttarakhand: डेमोग्राफी चेंज की समस्या पर सीएम धामी का एक और प्रहार. 

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सत्यापन प्रकिया के लिए सीएम धामी ने गृह विभाग को दिए एप बनाने के निर्देश

Dehradun: उत्तराखंड में डेमोग्राफी चेंज विषयों पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने गंभीर रुख अपनाते हुए गृह विभाग की पुलिस की सत्यापन प्रकिया को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए. बाहरी राज्यों से आए लोग यहां सत्यापन प्रकिया में कोताही बरतते रहे है और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर आधार कार्ड,  वोटर आई डी, राशन कार्ड बनाने में कामयाब हो रहे है जिससे उत्तराखंड  की डेमोग्राफी पर असर पड़ रहा है।

गृह सचिव शैलेश बगौली को दिए दिशा निर्देशों में सीएम धामी ने कहा कि यहां आकर काम करने वाले लिए सत्यापन की प्रकिया को कड़ा किया जाए और स्थानीय पुलिस को इसके लिए आसान बनाया जाए।

मैदानी जिलों में पुलिस की व्यस्तताएं अधिक होने की वजह से सत्यापन का काम केवल अभियान तक सीमित रहा है। जब अभियान चलता है तो बहुत से लोग पकड़ में आते है। पिछले दिनों देहरादून हरिद्वार में चलाए  गए अभियान में बंग्लादेशी घुसपैठियों की मौजूदगी हैरान करने वाली थी।

जानकारी के मुताबिक  गृह विभाग ने अपने अंतर्गत पुलिस प्रशासन को एक ऐसा ऐप बनाने को कहा है जो कि पुलिस के लिए सत्यापन प्रकिया को आसान बनाएगा। इस ऐप में पुलिस और शासन का आई टी  विभाग मिलकर काम कर रहा है जिससे यहां आने वाले का एक डेटा बेस तैयार हो सके। अभी तक सत्यापन का कोई रिकॉर्ड पुलिस के पास नहीं रहता अलग-अलग थाना चौकियों में सत्यापन प्रकिया एक रजिस्टर तक सीमित है। पुलिस मुख्यालय ने अब उक्त रजिस्टर में दर्ज जानकारियों को मुख्यालय मंगवाना शुरू किया है।
सूत्रों के मुताबिक उक्त ऐप का ट्रायल का काम चल रहा है और इसी माह के अंत तक ये पूरी तरह से काम करना शुरू कर देगा।
इस ऐप पर फोकस कर रही कुमाऊं मंडल की पुलिस महानिरीक्षक रिद्धिम अग्रवाल का कहना है कि सत्यापन की चुनौतियों को कम करने के लिए पुलिस प्रशासन तकनीक की मदद ले रहा है। यदि ये ऐप कामयाब हो गया तो इससे पुलिस प्रशासन के साथ-साथ बाहरी शहरों से आए लोगों की भी मुश्किलें आसान हो जाएंगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कहते है कि हमारी सरकार देवभूमि की संस्कृति को संजोए रखने के लिए वचनबद्ध है। बाहरी शहरों से आए लोग किस प्रवृति के है ये जानने के लिए सत्यापन अनिवार्य कराया गया है हम चाहते है इस सत्यापन प्रकिया में लम्बा वक्त न लगे इसलिए गृह विभाग से आधुनिक तकनीक का सहारा लेने के लिए कहा गया है।

Uttarakhand: सरस आजीविका मेले में CM धामी ने किया 1.20 करोड़ की आर्थिक गतिविधियों का लोकार्पण. 

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सरस आजीविका मेले में 1.20 करोड़ की आर्थिक गतिविधियों का लोकार्पण.

Rishikesh:  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत सी.एल.एफ. हेतु 1.20 करोड़ रुपये की 12 आर्थिक गतिविधियों का लोकार्पण किया। इसके साथ ही 10 अन्य सी.एल.एफ. के लिए 1 करोड़ रुपये की प्रस्तावित आर्थिक गतिविधियों का शिलान्यास भी किया गया। मुख्यमंत्री ने मेले में ‘Rising Tehri – Physics Wala Online Coaching Class’ का शुभारंभ किया, जिससे ग्रामीण युवा अपने गांव में रहकर जेईई और नीट जैसी प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे।

 

मुख्यमंत्री ने ग्राम्य विकास विभाग और जिला प्रशासन द्वारा ‘ग्रामोत्थान परियोजना’ के तहत की गई पहलों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह मेला ग्रामीण संस्कृति, कौशल और उद्यमिता को प्रदर्शित करने का अनूठा मंच है। मेले के माध्यम से स्थानीय उत्पादों और ग्रामीण कारीगरों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने सभी से अपील की कि मेले में लगे स्टॉल से स्वदेशी उत्पाद खरीद कर ‘स्वदेशी अपनाओ’ अभियान को मजबूत करें और महिला उद्यमियों के सपनों में निवेश करें।

महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता के नए आयाम-

मुख्यमंत्री ने लखपति दीदी योजना के तहत अब तक 1.65 लाख महिलाओं को लखपति बनने का गौरव प्राप्त होने की जानकारी दी। ‘मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना’ के माध्यम से महिलाओं द्वारा 2000 से अधिक स्टॉल लगाकर 5.5 करोड़ रुपये का विपणन किया गया। ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड से स्वदेशी उत्पादों की वैश्विक पहुंच बनी।

 

राज्य में 68 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों में 5 लाख से अधिक महिलाएं जुड़ी हैं। महिला किसान सशक्तिकरण योजना और फार्म लाइवलीहुड के माध्यम से 3 लाख से अधिक महिला किसानों की क्षमता विकसित की गई है। 2.5 लाख किचन गार्डन स्थापित किए गए और लगभग 500 फार्म मशीनरी बैंक उपलब्ध कराए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सभी पहलों से महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और मातृशक्ति आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रही है।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, सुबोध उनियाल, स्वयं सहायता समूह के सदस्य, ग्रामीण उद्यमी और स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

Uttarakhand: राज्यपाल ने अल्पसंख्यक शिक्षा विधेयक को दी मंजूरी. मदरसा बोर्ड होगा समाप्त।

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Uttarakhand Cabinet Today: बजट सत्र से पहले धामी कैबिनेट, सड़क हादसे रोकने के लिए आएंगे तीन अहम प्रस्ताव.

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राज्य विधानसभा के बजट सत्र से पूर्व बुधवार को धामी कैबिनेट की बैठक होगी। इसमें सड़क हादसे रोकने संबंधी तीन अहम प्रस्ताव आएंगे। इसके अलावा आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट, भू-कानून संशोधन और पेपरलैस व वर्चुअल रजिस्ट्री संबंधी प्रस्ताव भी आने की संभावना है।

राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं के मद्देनजर धामी सरकार तीन अहम फैसले ले सकती है। सचिव परिवहन ने इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया है। इसके तहत पर्वतीय क्षेत्रों में एआरटीओ के 11 नए पद सृजित होने का प्रस्ताव शामिल है, जिससे पहाड़ों में वाहनों की जांच आसान हो सके। इनमें से 50 प्रतिशत पद पदोन्नति और 50 प्रतिशत पद सीधी भर्ती से भरे जाएंगे।

इसी प्रकार, सरकार पर्वतीय क्षेत्रों में अनुबंधित बस परमिट को पूर्ण रूप से खत्म कर सकती है। पर्वतीय मार्गों पर परिवहन निगम अपनी बसें संचालित करेगा, जिसके लिए बस खरीद की जा रही है। इस पर कैबिनेट फैसला लेगी। तीसरी सड़क सुरक्षा नीति व एक्ट भी कैबिनेट में लाए जाएंगे। इस पर मुहर लगने के बाद विधानसभा पटल पर रखा जाएगा।

आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट भी कैबिनेट बैठक में है रखी जा सकती-

इसके बाद हर दुर्घटना की जांच गहनता से समिति करेगी। जांच में दुर्घटना का कारण स्पष्ट होने के बाद संबंधित विभाग के संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी। जैसे खराब सड़क व सुरक्षा उपाय न करने के लिए लोक निर्माण विभाग जिम्मेदार होगा जबकि ड्रिंक एंड ड्राइव जैसे मामलों के लिए स्थानीय पुलिस व यातायात पुलिस को जिम्मेदार माना जाएगा। इसी प्रकार, ओवरलोडिंग, अनफिट वाहन संचालन, डीएल व परमिट न होने के मामलों के लिए परिवहन विभाग जिम्मेदार होगा। इसी हिसाब से कार्रवाई की जाएगी।

 

बजट सत्र से पूर्व आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट भी कैबिनेट बैठक में रखी जा सकती है। इसके अलाव भू-कानून में संशोधन का प्रस्ताव और पेपरलैस व वर्चुअल रजिस्ट्री का प्रस्ताव भी कैबिनेट में आ सकता है।

Uttarakhand Budget Session: 18 फरवरी से देहरादून में होगा पहला पेपरलेस बजट सत्र, अधिसूचना हुई जारी.

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बजट सत्र 18 फरवरी से देहरादून विधानसभा में होगा। विधानसभा सचिवालय ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। पहली बार देहरादून में पेपरलेस सत्र होगा। इसके विधानसभा सचिवालय की तैयारी पूरी है। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) की ओर से 18 फरवरी से बजट सत्र आहूत करने की मंजूरी दी गई।

 

Uttarakhand News: चारधाम के प्रवेश द्वार में श्रद्धालुओं को मिलेगी अब सभी सुविधाएं, जानिए क्या है खास तैयारी.

सत्र सुबह 11 बजे शुरू होगा। पहले दिन राज्यपाल का अभिभाषण होगा। इससे माना जा रहा है कि प्रदेश सरकार 19 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2025-26 का बजट पेश कर सकती है। देहरादून में पहली बार सत्र पेपरलेस होगा। इसके लिए विधानसभा सभा मंडप में सभी सदस्यों के बैठने के स्थान पर टैबलेट लगाए गए हैं। इसके माध्यम से विधायकों को विधायी कार्य की जानकारी व सूचना मिलेगी। 

Uttarakhand News: चारधाम के प्रवेश द्वार में श्रद्धालुओं को मिलेगी अब सभी सुविधाएं, जानिए क्या है खास तैयारी.

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चारधाम यात्रा का प्रवेश द्वार कहे जाने वाले हरिद्वार में ही यात्रियों की सुविधाओं के लिए वृहद प्लान तैयार किया जा रहा है। इसके लिए ऋषिकेश ट्रांजिट कैंप की तर्ज पर एक ही परिसर में तीर्थ यात्रियों को सारी सुविधाएं मिल सकेंगी। वहीं, उनके ठहरने और यात्रा पड़ाव के तौर पर अन्य सुविधाओं को विकसित करने की योजना भी बन रही है। फिलहाल अभी शासन ने नगर निगम प्रशासन को स्थल चिह्नित करने के निर्देश दिए हैं।

 

शासन की मंशा के अनुरूप पर्यटन विभाग नगर निगम से जमीन लेगा। वहीं, प्रवर्तन और पुलिस विभाग इस प्रस्ताव की रूपरेखा में अहम कड़ी के रूप में कार्य करेंगे। यह उसी तरह से व्यवस्था देने के लिए बनाया जाएगा जैसे ऋषिकेश स्थित पंजीकरण कार्यालय एवं ट्रांज़िट कैंप में तीर्थयात्रियों के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। एक ही छत के नीचे सभी सुविधाएं देने का प्रयास किया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि यात्रा सुविधाओं के क्रम में एक ही स्थान पर यात्री को अलग-अलग काउंटर पर पूरी जानकारी दी जा सके इसकी भी व्यवस्था की जानी है। एक विशाल क्षेत्र को चिन्हित करने के निर्देश भी शासन स्तर से मिले हैं। इसके क्रम में नगर निगम प्रशासन के साथ अन्य सहयोगी विभागों ने स्थल चिन्हित करने का कार्य शुरू भी कर दिया है।

हरिद्वार स्नान के बाद चारधाम यात्रा शुरू करने की है परंपरा-

 

यात्रा सीजन में श्रद्धालु मान्यता के अनुसार पहले हरिद्वार में हरकी पैड़ी पर स्नान के बाद यात्रा की शुरुआत करते हैं। इस दृष्टिकोण से हरिद्वार को ही मुख्यत: चारधाम यात्रा का प्रवेश द्वार माना जाता है। ऐसेे मेंं यात्रियों को पंजीकरण कराने की अनिवार्यता से परेशानी होती ही है। आगे की यात्रा के लिए ऋषिकेश जाना पड़ता है। यहां से बस या अन्य संसाधन की सुविधा मिलती है। इस समस्या के निस्तारण के लिए ही हरिद्वार में यात्री सुविधाओं को विकसित करने की योजना बनी है। एक ही परिसर में पंजीकरण और वहीं से यात्रा की शुरुआत हो सकेगी। यात्रियों को निर्धारित शुल्क पर ही यात्रा की सुविधा मिलेगी। कई बार यात्रा सीजन में प्राइवेट टैक्सी चालक ऋषिकेश तक पहुंचाने में यात्रियों से मनचाहा रुपया वसूल करते हैं। इन समस्याओं से भी उन्हें राहत मिल सकेगी। यात्रा की संपूर्ण गतिविधियों पर आरटीओ प्रशासन और पर्यटन विभाग भी निगरानी कर सकेगा।

कुछ इस तरह से मिलेंगी सुविधाएं-

 

– ऑफलाइन पंजीकरण व टोकन सुविधा होगी।

– स्वास्थ्य जांच व अस्पताल, निशुल्क दवाएं मिल सकेंगी।

– बैठने के लिए वातानुकूलित हॉल, कूलर पंखों की सुविधा मिलेगी।

– मनोरंजन के लिए टीवी की सुविधा और समाचार पत्र पत्रिकाओं का स्टॉल होगा।

– यात्रियों के आराम करने के लिए डोरमेट्री की सुविधा होगी।

– स्नानघर व शौचालयों की सुविधा मिलेगी।

– कैंटीन की सुविधा होगी जिसमें शुद्ध सात्विक भोजन मिलेगा।

 

स्थल चिह्नित करने के निर्देश मिले हैं। विभिन्न विभागों के सहयोेग से शहर के राष्ट्रीय राजमार्ग के आसपास उपलब्ध भूमि का चयन किया जा रहा है। इसकी पूरी रिपोर्ट शासन को प्रेषित की जाएगी। अग्रिम कार्रवाई शासन से मिले निर्देश के आधार पर किया जाएगा। फिलहाल भूपतवाला में एक पार्किंग और उसी से जुड़े खसरा नंबर को अभी देखा गया है। जैसे ही इसकी अगली प्रक्रिया को लेकर निर्देश मिलता है तो गति दी जाएगी। -वरुण चौधरी, मुख्य नगर आयुक्त, नगर निगम हरिद्वार

National Games 2025: 38वें नेशनल गेम्स में उत्तराखंड का नया रिकॉर्ड, अब तक के इतिहास में पहली बार जीते पांच स्वर्ण पदक.

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राष्ट्रीय खेलों में सोना जीतने में बृहस्पतिवार को उत्तराखंड ने नया रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज कर लिया। ताइक्वांडों में राज्य की पूजा यादव के स्वर्ण पदक जीतते ही राज्य को मिले स्वर्ण पदकों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है। यह पिछले सभी राष्ट्रीय खेलों में अब तक का रिकॉर्ड है।

राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड को अभी बॉक्सिंग और एथलेटिक्स सहित कई खेलों में पदकों की उम्मीद है। राज्य के पांच मुक्केबाज निवेदिता, काजल, हिमांशु सोलंकी, कपिल पोखरिया और नरेंद्र सिंह ने बॉक्सिंग के फाइनल में पहुंच गए हैं। ये खिलाड़ी गोल्ड के लिए आज विभिन्न राज्यों के खिलाड़ियों को अपने मुक्कों का दम दिखाएंगे।

ताइक्वांडों में भी राज्य के चार पदक पक्के हो गए हैं। फुटबॉल में भी राज्य के खिलाड़ियों ने फाइनल में पहुंचकर इतिहास रचा है। फुटबॉल के आज होने वाले फाइनल मुकाबले में राज्य के खिलाड़ी गोल्ड के लिए टक्कर देंगे। इसके अलावा, कुछ अन्य खेलों में भी राज्य को पदकों की उम्मीद है।

 

उत्तराखंड को अब तक इन खेलों में मिले पांच स्वर्ण- उत्तराखंड को वुशु में पहला स्वर्ण पदक मिला। लॉन बॉल, योगासन, कैनोइंग और कयाकिंग और ताइक्वांडो में भी उत्तराखंड सोना जीत चुका है।

 

पिछले राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड को मिले पदक-

आयोजन राष्ट्रीय खेल रैंक स्वर्ण रजत कांस्य कुल पदक
गोवा 37वें 25वीं  3  7 14 24
गुजरात 36वें 26वीं 1 8 9 18
केरल 35वें 23वीं 2 5 12 19
झारखंड 34वें 19वीं 4 4  5 13
गुवाहटी 33वें 18वीं 4 4  5 13