Category Archive : राजनीति

अरविंद केजरीवाल को हाईकोर्ट से राहत, CM पद से हटाने की याचिका खारिज, जानिए HC ने क्या कहा.

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Arvind Kejriwal : दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को पद के हटाने की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. सुनवाई के बाद अरविंद केजरीवाल को बड़ी राहत मिली है. जी हां, सुनवाई के दौरान कोर्ट ने साफ तौर पर कहा है कि यह राजनीतिक मामला है, न्यायिक दखल की जरूरत नहीं है. ऐसे में हम आदेश नहीं दे सकते है. कोर्ट ने साथ ही कहा कि यह कार्यपालिका के अधिकार क्षेत्र में है इसलिए फैसला वहां से ही हो सकता है. कोर्ट ने यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी है कि वर्तमान स्थिति का जायजा लेने के बाद एलजी इस पूरे मामले में दखल दे सकते है.  आपको बता दें कि कथित शराब घोटाला मामले में कार्रवाई करते हुए प्रवर्तन निदेशालय ने दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार कर लिया था.

 

इसका अध्ययन सरकार की अन्य इकाइयों को कानून के अनुसार-

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनमोहन की अध्यक्षता वाली पीठ ने मुद्दे के गुण-दोषों पर टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि यह न्यायिक हस्तक्षेप के दायरे से बाहर है. पीठ में न्यायमूर्ति मनमीत पीएस अरोड़ा भी शामिल रहे. पीठ ने कहा, ‘‘इसका अध्ययन सरकार की अन्य इकाइयों को कानून के अनुसार करना है.’’ अदालत ने सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता सुरजीत सिंह यादव के वकील से कहा कि केजरीवाल के मुख्यमंत्री बने रहने पर कानूनी बाधा बताएं.

‘कठिनाइयां हो सकती हैं लेकिन कानूनी बाधा कहां है’-

अदालत ने पूछा, ‘‘व्यावहारिक कठिनाइयां हो सकती हैं लेकिन वो अलग बात है. कानूनी बाधा कहां है?’’ आप के राष्ट्रीय संयोजक केजरीवाल को आबकारी नीति बनाने से जुड़े धनशोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 21 मार्च को गिरफ्तार किया था. इसके बाद दिल्ली की एक अदालत ने उन्हें 28 मार्च तक ईडी की हिरासत में भेज दिया था.

वरुण गांधी का भावुक पत्र: मैं आपका था, हूं और रहूंगा,  पीलीभीत से अंतिम सांस तक खत्म नहीं होगा रिश्ता, पढ़िए क्या लिखा वरुण गांधी ने. 

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पीलीभीत से मेनका गांधी और उनके बेटे वरुण गांधी का पिछले 35 साल से चला आ रहा सियासी रिश्ता बुधवार को खत्म हो गया। 1989 के बाद यह पहली बार हुआ कि जब दोनों में से किसी ने भी पीलीभीत सीट से पर्चा नहीं भरा। भाजपा ने वरुण गांधी का टिकट काटकर यूपी के कैबिनेट मंत्री जितिन प्रसाद को प्रत्याशी बनाया है। पीलीभीत से सियासी रिश्ता टूटने पर वरुण गांधी ने भावुक पत्र लिखा है। उन्होंने लिखा है कि मेरा और पीलीभीत का रिश्ता प्रेम और विश्वास का है, जो राजनीतिक गुणा-भाग से बहुत ऊपर है।

वरुण गांधी ने पीलीभीत के लोगों को प्रणाम करते हुए लिखा, ‘मैं खुद को सौभाग्यशाली मानता हूं कि मुझे वर्षों पीलीभीत की महान जनता की सेवा करने का मौका मिला। महज एक सांसद के तौर पर ही नहीं, बल्कि एक व्यक्ति के तौर भी मेरी परवरिश और मेरे विकास में पीलीभीत में मिले आदर्श, सरलता, और सहृदयता का बहुत बड़ा योगदान है। आपको प्रतिनिधि होना मेरे जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा है और मैंने हमेशा अपनी पूरी क्षमता से आपके हितों के लिए आवाज उठाई है।’

बचपन की याद को किया साझा 
आज जब मैं यह पत्र लिख रहा हूं, तो अनगिनत यादों ने मुझे भावुक कर दिया है। उन्होंने अपने बचपन की यादों को साझा करते हुए लिखा, मुझे वो तीन साल का छोटा सा बच्चा याद आ रहा है, जो अपनी मां की अंगुली पकड़कर 1983 में पहली बार पीलीभीत आया था, उसे कहां पता था कि एक दिन यह धरती उसकी कर्मभूमि और यहां के लोग उसका परिवार बन जाएंगे।

भले ही उसकी कोई भी कीमत चुकानी पड़े’- वरुण गांधी
पत्र में आगे लिखा कि एक सांसद के तौर पर मेरा कार्यकाल भले समाप्त हो रहा हो, पर पीलीभीत से मेरा रिश्ता अंतिम सांस तक खत्म नहीं हो सकता। मैं राजनीति में आम आदमी की आवाज उठाने आया था और आज आपसे यही आशीर्वाद मांगता हूं कि सदैव यह कार्य करता रहूं, भले ही उसकी कोई भी कीमत चुकानी पड़े। उन्होंने पीलीभीत से अपने रिश्ते को सियासी गुणा-भाग से बहुत ऊपर बताया। अंत में लिखा- मैं आपका था, हूं और रहूंगा।

सवाल : संगठन में बड़ा पद या किसी दूसरी सीट से मिलेगा टिकट
वरुण गांधी की वजह से पीलीभीत प्रदेश में वीआईपी सीट बनी हुई है। 2009-2010 में वरुण भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव भी रह चुके हैं। चर्चा है कि पार्टी वरुण को संगठन में कोई बड़ा पद दे सकती है। चर्चा यह भी है कि वरुण को अवध क्षेत्र की किसी वीआईपी सीट से उतारा जा सकता है। यह सब कयास इसलिए लगाए जा रहे हैं कि वरुण ने टिकट कटने के बाद भी न तो भाजपा छोड़ी है और न ही ऐसा कोई संकेत दिया है।

Election: नामांकन के बाद गणेश गोदियाल ने किया जनसभा को संबोधित, बोले- जनता ही हमारे स्टार प्रचारक.

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कांग्रेस के गढ़वाल सीट से लोकसभा प्रत्याशी गणेश गोदियाल ने बुधवार को नामांकन किया। इसके बाद उन्होंने रामलीला मैदान में जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि हमें स्टार प्रचारकों की जरूरत नहीं है। उत्तराखंड की जनता व संगठन के लोग ही उनके स्टार प्रचारक है।

कहा कि बीजेपी की सरकार 10 साल से है लेकिन इस कार्यकाल में अच्छे दिन क्या हुआ। इसके साथ उन्होंने काला धन पर भी भाजपा को आड़े हाथों लिया। कहा कि पीएम मोदी ने विदेशों से काला धन लाने की बात कही थी, साथ ही लोगों के खाते में 15- 15 लाख रुपये आने का वादा किया था, लेकिन आज तक न तो काला धन वापस आया, ना ही लोगों के खाते में 15 लाख रुपये आए।

इसके अलावा उन्होंने भू कानून, मूल निवास समेत तमाम मुद्दों पर बात कही। साथ ही प्रथम सीडीएस बिपिन रावत की मौत की जांच पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि उनकी मौत कैसे हुई। इसका खुलासा नहीं हो पाया। इस दौरान पूर्व मंत्री शूरवीर सिंह सजवाण, सुरेंद्र सिंह नेगी, नरेंद्र नगर से पूर्व विधायक ओम गोपाल रावत ,रणजीत रावत, प्रो. जीतराम, मनोज रावत  आदि ने जनता को संबोधित किया।

Lok Sabha Polls: महाराष्ट्र के लिए NDA में सीटों के बंटवारे पर सहमति, 28 मार्च को होगा ऐलान.

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महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री और राकांपा प्रमुख अजित पवार ने बताया कि महायुक्ति सभी 48 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। उन्होंने आगे कहा कि लगभग सभी मुद्दों पर बातचीत हो चुकी है। महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम ने बताया कि राकांपा के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे को रायगढ़ लोकसभा सीट से उम्मीदवार बनाया गया है।

मीडिया से बात करते हुए अजित पवार ने कहा, “कौन किस सीट से चुनाव लड़ेंगे, इस पर फैसला हो चुका है। लगभग 90 फीसदी चीजें तय हो चुकी हैं। अब 28 मार्च को संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सभी घोषणाएं की जाएगी।”

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम ने कहा, “महायुक्ति में कोई भ्रम नहीं है। हम एक साथ बैठे और सीट समझौते पर बातचीत की। सीट समझौते पर भाजपा और शिवसेना ने भी सहयोग दिया। सभी घोषणाएं अब भाजपा और शिवसेना के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में की जाएगी।”

बता दें कि महाराष्ट्र के 48 सीटों पर 19 अप्रैल से 20 मई तक पांच चरणों में लोकसभा चुनाव होने वाला है। नतीजे चार जून को आएंगे। पिछली लोकसभा चुनाव में महाराष्ट्र की 48 सीटों पर भाजपा-शिवसेना गठबंधन ने 41 सीटें जीती थी। वहीं राकांपा ने चार, कांग्रेस, एआईएमआईएम और निर्दलीय को महज एक सीट पर जीत मिली।

Election 2024: नामांकन रैली में भाजपा ने दिखाई ताकत, माला राज्यलक्ष्मी शाह के समर्थन में पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी।

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टिहरी लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी माला राज्य लक्ष्मी शाह लक्ष्मी नामांकन कराने पहुंचीं। इस दौरान उनके साथ नामांकन रैली में सीएम धामी, वरिष्ठ नेता सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। लोकसभा चुनाव में उतरे भाजपा व कांग्रेस के तीन प्रत्याशी आज 26 मार्च को नामांकन करेंगे।

टिहरी से माला राज्यलक्ष्मी शाह के अलावा गढ़वाल सीट से भाजपा प्रत्याशी अनिल बलूनी और कांग्रेस प्रत्याशी जोत सिंह गुनसोला पर्चा भरेंगे। दोनों दलों से पार्टी प्रत्याशियों के नामांकन की तैयारियां पूरी कर ली हैं। माला राज्यलक्ष्मी शाह के नामांकन में मुख्यमंत्री धामी, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे जबकि कांग्रेस प्रत्याशी गुनसोला के नामांकन में प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा समेत कई नेता भी रहेंगे।

कांग्रेस के प्रत्याशियों को स्टार प्रचारकों का इंतजार-
लोकसभा चुनाव में उतरे कांग्रेस प्रत्याशियों को स्टार प्रचारकों का इंतजार है। प्रत्याशी अपने स्तर पर चुनाव मैदान में डटे हैं। पार्टी केंद्रीय नेतृत्व की ओर से अभी तक कोई बड़ा नेता उत्तराखंड दौरे पर नहीं आया। भाजपा ने पांचों सीटों पर चुनाव प्रचार के लिए स्टार प्रचारकों की लंबी फेहरिस्त बनाई है। वहीं, कांग्रेस ने अभी तक स्टार प्रचारकों की सूची तैयार नहीं की है।

प्रदेश उपाध्यक्ष संगठन मथुरा दत्त जोशी ने बताया, चुनाव प्रचार में स्टार प्रचारकों की सूची बनाई जा रही है। राहुल गांधी, सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी, राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, मुकुल वासनिक, सलमान खुर्शीद समेत कई बड़े नेताओं की पांचों सीटों पर रैली निकालने की रणनीति तैयार की जा रही है। होली पर्व के बाद स्टार प्रचारकों की सूची केंद्रीय नेतृत्व को भेजी जाएगी।

 

Lok Sabha Election 2024: पंजाब में अकेले चुनाव लड़ेगी BJP, अकाली दल से नहीं बन पाई गठबंधन पर सहमति।

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भाजपा ने पंजाब में अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा कर एक बार फिर साबित कर दिया है कि उनका मुद्दा राष्ट्रवाद है। शिरोमणि अकाली दल की कोर कमेटी में पारित प्रस्ताव के से अकाली दल व भाजपा गठबंधन के संकट के बादल छाए हुए थे। जिसके बाद ही भाजपा के तमाम नेता अपनी 13 सीटों को लेकर मंथन में जुट गए थे।

लोकसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने पंजाब में अकेले चुनाव लड़ने का फैसला लिया है। लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा और अकाली दल में सहमति नहीं बन पाई। शिरोमणि अकाली दल की कोर कमेटी में पारित प्रस्ताव से पंजाब में अकाली दल और भाजपा के गठबंधन पर प्रश्नचिह्न लग गया है। भाजपा को अकाली दल की कोर कमेटी के पारित प्रस्ताव में कई मुद्दों पर सख्त आपत्ति थी। कारण यह था कि कई मुद्दे राष्ट्रवाद से जुड़े हुए हैं। जिसमें एनएसए को खत्म करने, फिरोजपुर व अटारी बॉर्डर को खोलने जैसे मुद्दों पर भाजपा अकाली दल से सुर नहीं मिला रही था।

https://youtu.be/Sk6JN6a_db4 

भाजपा के पंजाब के सहप्रभारी डॉ. नरिंदर रैना भी पहले ही कह चुके थे कि भाजपा का मुद्दा राष्ट्रवाद है और इस पर पार्टी कभी समझौता नहीं कर सकती। एक देश एक राष्ट्र की बुलंद आवाज लेकर भाजपा पंजाब में 13 सीटों के लिए तैयार है, लेकिन अपने मुद्दे व नीतियों से समझौता नहीं करेगी।

Election 2024: तिरस्कार नहीं, सम्मान से जीने का अधिकार चाहिए, जानिए चुनाव में किन्नरों की भूमिका और क्या हैं उम्मीदें।

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उत्तराखंड में 19 अप्रैल को पहले चरण में पांचों लोस सीटों पर मतदान है। आम चुनाव में एक-एक वोट का महत्व है। चुनाव आयोग से लेकर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि हर वर्ग, धर्म, जाति और उम्र के वोटरों को मतदान के लिए प्रेरित कर रहे हैं। जागरूकता अभियान चला रहे हैं। लोकतंत्र के इस महापर्व में अगर कहीं किसी वोटर की चर्चा नहीं हो रही है, तो वह ट्रांसजेंडर (किन्नर) मतदाता हैं। किन्नर का वोट भी सामान्य वोटर की तरह सरकार बनाने में भूमिका निभाता है। उत्तराखंड में 297 किन्नर मतदाता हैं। किन्नर सरकार से क्या चाहते हैं? किन्नर अखाड़ा परिषद की आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी से अमर उजाला की खास बातचीत।

समाज में किन्नरों की क्या भूमिका है ?

किन्नर भी इंसान हैं। सामाजिक भेदभाव से किन्नर हाशिये पर हैं। उनको तिरस्कार झेलना पड़ता है। बदलते वक्त के साथ कुछ लोगों का नजरिया उनके प्रति बदला है। खासकर 2021 में हरिद्वार कुंभ मेले में किन्नर अखाड़ा के शाही स्नान और पेशवाई में लोगों ने किन्नरों को बहुत करीब से देखा और समझा है। इससे लोगों में किन्नरों के प्रति भ्रांतियां कम हुई हैं। अधिकतर लोगों की सोच अभी बदलनी बाकी है।

सरकार और राजनीतिक दलों का किन्नरों के प्रति क्या नजरिया है?

सुप्रीम कोर्ट ने किन्नरों को थर्ड जेंडर के रूप में मान्यता दी है। लोकतंत्र में एक आम वोटर की तरह मतदान का अधिकार मिला है। किन्नर सरकार चुनने में अपनी भूमिका निभाते हैं। कोई भी दल वोट मांगने उनके पास नहीं आता है। किन्नर सजग नागरिक की भूमिका निभाते खुद वोट डालने जाते हैं। सरकारों की नजर में किन्नर उपेक्षित हैं। हालांकि, सरकार ने किन्नरों को कुछ अधिकार जरूर दिए हैं, लेकिन धरातल में उनको लागू नहीं किया जाता है।

वोट के बदले नई सरकार से किन्नरों को क्या उम्मीदें हैं?

बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ की तरह सरकार को किन्नर बचाओ-किन्नर पढ़ाओ जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है। किन्नर बच्चे भी पढ़ना चाहते हैं, लेकिन उनके लिए माहौल नहीं होता। स्कूलों में शिक्षक से लेकर बाकी छात्रों के बीच भेदभाव झेलना पड़ता है। जिसके चलते किन्नर के बच्चे स्कूल छोड़ देते हैं। अशिक्षा से समाज की मुख्य धारा से कट जाते हैं। किन्नर बच्चों के लिए अलग से योजना बनाने की जरूरत है।क्या नाच-गाना ही किन्नरों का पेशा है या मजबूरी ?

कई किन्नर पढ़े-लिखे हैं। कॉरपोरेट जगत ने उनके लिए नौकरी के दरवाजे खोले हैं। कई शहरों में किन्नर नौकरी कर आम इंसान की तरह जीवन यापन कर रहे हैं। सरकार को भी चाहिए कि किन्नरों के लिए हर विभाग में नौकरी के दरवाजे खोले। उनके लिए अल्पसंख्यक कोटे का आरक्षण लागू किया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने अल्पसंख्यक का दर्जा देने के आदेश दिए भी हैं। कोई भी किन्नर अपनी मर्जी से नाच-गाना या ताली बजाकर मांगकर खाना नहीं चाहता है। वह भी सिर उठाकर समाज में जीना चाहता है।

 

किन्नरों की आबादी अधिक और वोटर संख्या कम क्यों है और क्या वजह है ?

किन्नरों की वास्तविक संख्या आयोग की मतदाता सूची की तुलना में काफी अधिक है। कुछ किन्नर जागरूकता के अभाव में अपना नाम वोटर लिस्ट में दर्ज नहीं करा पाते हैं। आयोग की ओर से किन्नरों को वोटर आईडी बनाने के लिए जागरूक भी नहीं किया जाता है, जबकि काफी संख्या में किन्नर महिला और पुरुष वोटर के रूप में दर्ज हैं।क्या किन्नर बीमार नहीं पड़ते, कहां इलाज करवाते हैं?

किन्नर भी हाड़-मांस के बने हैं और उनके शरीर में भी खून दौड़ता है। आम इंसान की तरह उनको भी बीपी, शुगर और अन्य बीमारियां होती हैं। अस्पताल में उनके साथ भेदभाव होता है। अपमानजनक शब्दों से पुकारते हैं। किन्नरों के इलाज के लिए अस्पताल में अलग व्यवस्था होनी चाहिए।

किन्नर मतदाताओं के लिए कोई पैगाम देना चाहें तो क्या कहेंगी?

मैं खुद हर चुनाव में मतदान करती हूं। अखाड़ों से जुड़े किन्नरों को इसके लिए प्रेरित करती हूं। लोस चुनाव से किन्नरों से निवेदन करूंगी कि वह मताधिकार जरूर करें। अपने अधिकार पाने के लिए वोट ही उनका सबसे बड़ा हथियार है। उम्मीद करूंगी कि आयोग भी किन्नरों की बस्ती में जाकर उनको मताधिकार का लिए जागरूक कराए।

भरतनाट्यम पोस्ट ग्रेजुएट हैं लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी-

लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ब्राह्मण परिवार से हैं। महाराष्ट्र के ठाणे में 13 दिसंबर 1978 को जन्मी लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी भरतनाट्यम में पोस्ट ग्रेजुएट हैं। पहली बार टीवी शो बिग बॉस के पांचवें सीजन में कंटेस्टेंट रहने के बाद चर्चाओं में आई। उनकी लिखी किताब ”मी हिजड़ा, मी लक्ष्मी” ने उनको देशभर में सुर्खियां दिलाई। 2021 में किन्नर अखाड़ा की आचार्य महामंडलेश्वर की पदवी पर बैठने से देश-दुनिया उनसे रूबरू हुई। लक्ष्मी नारायण 2008 में संयुक्त राष्ट्र के एशिया पैसिफिक सम्मेलन में प्रतिनिधित्व करने वाली पहली ट्रांसजेंडर हैं। वो कोरियोग्राफर और मॉडल के रूप में कार्य भी कर चुकी हैं। हिंदी, मराठी, गुजराती, बांग्ला, अंग्रेजी, जर्मन और फ्रेंच जैसी भाषा बोलती हैं।

 

Election 2024: भाजपा से अल्मोड़ा लोकसभा सीट के प्रत्याशी अजय टम्टा की 5 साल में चार गुना हो गई संपत्ति।जानिए कितनी है उनकी संपत्ति.

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भाजपा प्रत्याशी अजय टम्टा की पांच वर्ष में चल संपत्ति में चार गुना तो अचल संपत्ति दो गुना से ज्यादा बढ़ गई है। वर्ष 2019 में अजय टम्टा ने नामांकन के समय जो शपथ पत्र प्रस्तुत किए उसके अनुसार उनके पास 6,49,744 रुपये की चल संपत्ति थी जो सिर्फ पांच साल में चार गुना बढ़कर 26,58,611 पहुंच गई है। उनकी अचल संपत्ति में भी करीब 50 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।

राज्य गठन के बाद अल्मोड़ा संसदीय सीट वर्ष 2009 में पहली बार आरक्षित हुई। कांग्रेस ने प्रदीप टम्टा तो भाजपा ने अजय टम्टा को मैदान में उतारा। कड़े मुकाबले में प्रदीप टम्टा ने अजय टम्टा को हराकर संसद का सफर तय किया। इसके ठीक पांच वर्ष बाद 2014 हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा ने फिर से अजय टम्टा पर भरोसा जताते हुए उन्हें मैदान में उतारा, जिस पर वह खरे उतरे और अपने पुराने प्रतिद्वंद्वी को हरा दिया।  इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और लगातार दूसरी बार 2019 में भी जीत दर्ज की। इस चुनाव में नामांकन पत्र दाखिल करते समय उन्होंने संपत्ति का ब्योरा भी प्रस्तुत किया। इसके तहत तब उनके पास 6,49,744 और 37,31,375 रुपये कीमत की अचल संपत्ति थी। इस बार के लोकसभा चुनाव में उनकी चल संपत्ति 26,58,611 रुपये है जबकि अचल संपत्ति दो गुना से ज्यादा बढ़कर 75,40,000 रुपये हो गई है।

स्नातक भी बने अजय-


अल्मोड़ा संसदीय सीट से भाजपा प्रत्याशी अजय टम्टा ने पांच सालों में संपत्ति के साथ ही शैक्षिक योग्यता भी बढ़ाई है। उन्होंने पांच सालों के बीच स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय मेरठ से स्नातक की डिग्री भी हासिल की है। 2019 के लोकसभा चुनाव तक उनकी शैक्षिक योग्यता इंटरमीडिएट थी।  1993 में सक्रिय राजनीति में उतरने के चलते वह आगे की पढ़ाई नहीं कर सके। उन्होंने 2019 के लोकसभा चुनाव में भरे शपथ पत्र में अपनी शैक्षिक योग्यता इंटरमीडिएट दर्ज की थी। इस बार स्नातक की डिग्री के साथ वह मैदान में हैं।

संपत्ति का ब्योरा-


नकदी 10,50,000 रुपये
वाहन : मारुति स्विफ्ट डिजायर, टोयोटा फार्चूनर
जेवरात-
सोना : सात तोला
चांदी : 20 ग्राम
पत्नी की संपत्ति
सोना : 10 तोला
चांदी : 50 ग्राम
कुल चल संपत्ति की कीमत
26,58,611 रुपये,
पत्नी के नाम-10,51,877,
पुत्री के नाम-11,31,173 रुपये
अचल संपत्ति
75,40000 रुपये
बैंक ऋण-19,09,642 रुपये

अजय टम्टा ने किया नामांकन पत्र दाखिल-
अल्मोड़ा संसदीय सीट पर भाजपा प्रत्याशी अजय टम्टा ने नामांकन पत्र दाखिल किया। सादगी के साथ वह नामांकन पत्र दाखिल करने कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिला निर्वाचन अधिकारी विनीत तोमर को नामांकन पत्र सौंपा। इस दौरान उनकी पत्नी सोनम टम्टा भी मौजूद रहीं। अल्मोड़ा संसदीय सीट पर भाजपा नामांकन पत्र दाखिल करने में अव्वल रही।

पार्टी प्रत्याशी अजय टम्टा ने शुक्रवार को विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने के बाद कलेक्ट्रेट पहुंचकर नामांकन पत्र दाखिल किया। उनके साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या, डीडीहाट विधायक विशन सिंह चुफाल, कपकोट विधायक सुरेश गढ़िया, रानीखेत विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष कैलाश शर्मा भी कलेक्ट्रेट पहुंचे। उनके नामांकन पत्र दाखिल करने पर सभी नेताओं के साथ ही पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं ने उन्हें बधाई दी।

Lok Sabha Election 2024: बीजेपी ने जारी की लोकसभा उम्मीदवारों की चौथी लिस्ट, जानिए किसे कहां से मिला है टिकट।

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BJP 4th Candidates Lists: लोकसभा चुनाव 2024 के लिए बीजेपी ने अपने उम्मीदवारों की एक और लिस्ट जारी कर दी है। इस लिस्ट में तमिलनाडु और पुडुचेरी के उम्मीदवारों की घोषणा की गई है। बीजेपी की इस लिस्ट में कुल 15 उम्मीदवारों के नाम हैं। इनमें से तमिलनाडु के लिए 14 नामों का एलान किया गया है।

तमिलनाडु की 39 लोकसभा सीटों पर 19 अप्रैल को मतदान होना है। साल 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को तमिलनाडु से एक भी सीट नहीं मिली थी।

बीजेपी ने कल यानी 21 मार्च को तीसरी लिस्ट में 9 उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की थी। इसमें बीजेपी तमिलनाडु के प्रदेश अध्यक्ष कप्पूसामी अन्नामलाई, केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन और तेलंगाना की पूर्व राज्यपाल तमिलसाई सौंदरराजन में शामिल हैं।

सात चरणों में होंगे लोकसभा चुनाव

बता दें कि चुनाव आयोग ने बीते शनिवार को चुनाव की तारीखों का एलान किया था। इस बार का लोकसभा चुनाव सात चरणों में होगा। पहले चरण का मतदान 19 अप्रैल को, दूसरे चरण का 26 अप्रैल, तीसरे चरण का सात मई, चौथे चरण का 13 मई, पांचवें चरण का 20 मई, छठे चरण का 25 मई और अंतिम चरण का मतदान एक जून को होगा। चार जून को नतीजे घोषित किए जाएंगे।

 

 

 

 

 

Arvind Kejriwal Arrest: आज कोर्ट में होगी अरविन्द केजरीवाल की पेशी।

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Arvind Kejriwal Arrested in Liquor Policy Case-  ईडी की टीम ने गुरुवार शाम को छापेमारी के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार कर लिया है। अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी पर रोक की मांग को लेकर लीगल टीम सुप्रीम कोर्ट भी पहुंची है। इस मामले में आज सुनवाई हो सकती है।

हाई कोर्ट से गिरफ्तारी पर रोक से इनकार के बाद गुरुवार देर शाम ईडी की टीम ने अरविंद केजरीवाल के घर पर पहुंची। करीब 2 घंटे की छापेमारी और पूछताछ के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री को जांच एजेंसी ने गिरफ्तार कर लिया। उधर शराब घोटाले के मामले में अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी पर रोक की मांग को लेकर लीगल टीम सुप्रीम कोर्ट भी पहुंची है। इस मामले में आज सुनवाई हो सकती है। वहीं, ईडी अरविंद केजरीवाल को शुक्रवार को कोर्ट में पेश करके पूछताछ के लिए हिरासत की मांग करेगी।

ED Arrest kejriwal: सुप्रीम कोर्ट में तीन जजों की बेंच करेगी सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस संजीव खन्ना, एमएम सुंदरेश और बेला त्रिवेदी की विशेष पीठ आज ईडी की गिरफ्तारी के खिलाफ अरविंद केजरीवाल की याचिका पर सुनवाई करेगी।

ED Arrest kejriwal: पुलिस ने आतिशी और अन्य प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया

आईटीओ पर प्रदर्शन कर रहे आप कार्यकर्ताओं और दिल्ली सरकार में मंत्री आतिशी व सौरभ भारद्वाज को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। इस दौरान आईटीओ पर यातायात खुलवाया जा रहा है।

ED Arrest kejriwal: हिरासत में लिए जा रहे AAP कार्यकर्ता-

दिल्ली पुलिस ने अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेना शुरू कर दिया है। मालूम हो कि आप कार्यकर्ता पार्टी कार्यालय से आइटीओ के लिए मार्च कर रहे हैं। आप कार्यकर्ताओं ने सड़क पर बैठकर आइटीओ चौक जाम कर दिया है।

Arvind Kejriwal Arrest: आईटीओ पर दिल्ली पुलिस की चेतावनी- सभी लोग यहां से चले जाएं-

आईटीओ पर दिल्ली पुलिस ने चेतावनी दी है कि आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं और अन्य लोगों को यहां से चले जाने की अपील की है। पुलिस ने कहा कि नहीं तो हमें बल प्रयोग करना पड़ेगा। दिल्ली पुलिस के अधिकारी बार-बार यह कह रहे हैं कि यहां पर धारा 144 लागू है इसलिए तुरंत यहां से चल जाएं, यहां पर लोगों के इकट्ठा होने पर मनाही है।