Category Archive : ब्रेकिंग न्यूज

जल्द शुरू होगा केदारनाथ व हेमकुंड साहिब रोपवे का निर्माण, NHLML व पर्यटन विभाग के बीच एमओयू हुआ

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, उत्तराखंड में रोपवे कनेक्टिविटी नए आयाम स्थापित करने के साथ ही राज्य की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। जल्द ही सोनप्रयाग से केदारनाथ और गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब रोपवे का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।

समझौते के अनुसार रोपवे के निर्माण में एनएचएलएमएल की 51 प्रतिशत व राज्य सरकार की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी। राजस्व साझेदारी में 90 प्रतिशत धनराशि पर्यटन, परिवहन व गतिशीलता के क्षेत्र में व्यय की जाएगी।मुख्यमंत्री ने कहा, यह समझौता प्रदेश की धार्मिक व सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक पटल पर नई पहचान दिलाने के साथ ही पर्यटन, रोजगार, पर्यावरण संरक्षण और बुनियादी ढांचे में नई संभावनाओं का मार्ग प्रशस्त करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पर्वतमाला परियोजना के तहत सोनप्रयाग से केदारनाथ के बीच लगभग 4100 करोड की लागत से 12.9 किलोमीटर लंबाई का रोपवे व गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब के बीच 2700 करोड़ की लागत की 12.4 किलोमीटर लंबे रोपवे का निर्माण किया जाएगा।

चारधाम ऑलवेदर रोड, दिल्ली-देहरादून एलिवेटेड रोड, सितारगंज से टनकपुर मोटर मार्ग, पौंटा साहिब-देहरादून, बनबसा से कंचनपुर, भानियावाला से ऋषिकेश, काठगोदाम से लालकुंआ, हल्द्वानी बाईपास और सीमांत क्षेत्रों में रोड कनेक्टिविटी विस्तार किया जा रहा है।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य में हर क्षेत्र में तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं। इन रोपवे के निर्माण के बाद श्रद्धालुओं को केदारनाथ व हेमकुंड साहिब के दर्शन करने में काफी सुगमता होगी। पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा, यह समझौता राज्य में पर्यटन के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। रोपवे के निर्माण के बाद स्थानीय स्तर पर लोगों की आर्थिकी व रोजगार में वृद्धि होगी।

महिला अपराधों पर कांग्रेस में उबाल, महिला कांग्रेस ने गोबर गोमूत्र से किया भाजपा मुख्यालय का शुद्धिकरण

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प्रदेश में महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराध की रिपोर्ट सार्वजनिक होने पर प्रदेश महिला कांग्रेस ने भाजपा कार्यालय कूच किया। प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला के साथ कांग्रेसी बलवीर रोड स्थित भाजपा कार्यालय का घेराव करने पहुंचे।पुलिस ने बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। कांग्रेसियों ने इस दौरान जमकर नारेबाजी की। महिला कांग्रेस कार्यकर्ता वहीं पर धरने पर बैठ गईं। कांग्रेस ने प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों की बात कहते हुए भाजपा पर हमला बोला। इस दौरान पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत भी प्रदर्शन में शामिल हुए। उन्होंने भी भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। हंगामे के दौरान पुलिस ने महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला सहित पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत और अन्य कांग्रेसियों को गिरफ्तार कर लिया। जिनको बाद में रिहा किया गया।

कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में महिला कांग्रेस ने बलबीर रोड स्थित भाजपा कार्यालय का घेराव किया और गौमूत्र व गोबर से भाजपा कार्यालय का शुद्धिकरण किया।इस दौरान सड़कों पर घण्टों हंगामा होता रहा और कॉंग्रेस नेताओं ने जमकर नारेबाजी की। कॉंग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला और प्रदेश की महिला कॉंग्रेस ब्रिगेड ने पुलिस की किलेबन्दी को तोड़ते हुए बैरिकेडिंग पर चढ़कर घण्टों प्रदर्शन किया।

मीडिया से बात करते हुए अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने कहा कि “आज भाजपा कार्यालय का गौमूत्र और गोबर से शुद्धिकरण करना हमारी मजबूरी थी। जब NARI 2025 रिपोर्ट देहरादून को देश के सबसे असुरक्षित शहरों में गिनाती है और NCRB के आँकड़े बताते हैं कि उत्तराखंड में महिलाओं पर अत्याचार हर साल बढ़ रहे हैं, तो सवाल उठाना ही होगा।

दिन में 70% महिलाएँ खुद को सुरक्षित मानती हैं लेकिन रात में यह भरोसा केवल 44% रह जाता है। 50% महिलाएँ सार्वजनिक परिवहन में उत्पीड़न झेल चुकी हैं और केवल 25% को ही पुलिस पर भरोसा है। 2022 में 4,337 मामले दर्ज हुए, जिनमें 867 बलात्कार और 637 बच्चों के खिलाफ यौन अपराध थे। क्या यह बेटियों के लिए सुरक्षित माहौल है? भाजपा सरकार आँकड़े छिपाकर पीठ थपथपा रही है, जबकि महिलाएँ त्रस्त हैं। हमारा यह प्रतीकात्मक शुद्धिकरण भाजपा सरकार और प्रशासन को जगाने का प्रयास है।”

भाजपा मुख्यालय के करीब पुलिस ने सख्त बैरिकेडिंग लगा दी थी लेकिन कॉंग्रेस का जोश हाई नजर आया सुबह तय समय पर कॉंग्रेस के सैकड़ों कार्यकर्ता और दिग्गज नेताओं का जुटना शुरू हो गया था जो धीरे धीरे बड़े रैली के रूप में तब्दील हो गया और पूरा हुजूम बलबीर रोड स्थित भाजपा मुख्यालय की तरफ बढ़ने लगा जिसका नेतृत्व खुद ज्योति रौतेला कर रही थी…

 

इस विरोध प्रदर्शन में शामिल पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा कि “भाजपा सरकार महिलाओं के प्रति असंवेदनशील है। आये दिन उत्पीड़न की घटनाओं में भाजपा के मंत्री, विधायक और कार्यकर्ताओं का नाम आता है लेकिन मुख्यमंत्री धाकड़ धामी सिर्फ अपनी पीठ थपथपाने में लगे रहते हैं।”

 

महिला कॉंग्रेस अध्यक्ष ने जारी किया रिपोर्ट कार्ड —

•   NARI 2025 रिपोर्ट के अनुसार देहरादून देश के शीर्ष 10 असुरक्षित शहरों में शामिल है।
•   सुरक्षा स्कोर: 60.6% (राष्ट्रीय औसत 64.6%)
•   दिन में सुरक्षित महसूस करने वाली महिलाएँ: 70%
•   रात में सुरक्षित महसूस करने वाली महिलाएँ: 44%
•   सार्वजनिक परिवहन में उत्पीड़न झेलने वाली महिलाएँ: 50%
•   पुलिस में भरोसा रखने वाली महिलाएँ: केवल 25%
•   NCRB 2022 रिपोर्ट के अनुसार:
•   उत्तराखंड में महिलाओं के खिलाफ अपराध के कुल 4,337 मामले दर्ज हुए।
•   इनमें से 867 बलात्कार और 637 बाल यौन शोषण (POCSO) के मामले शामिल हैं।
•   यह आँकड़ा 2021 से 907 मामले अधिक है।
•   राष्ट्रीय स्तर पर 2020 से 2022 के बीच महिलाओं के खिलाफ अपराध की दर में 12.9% की वृद्धि हुई है (58.8 से बढ़कर 66.4 प्रति लाख महिलाएँ)।

एनएचपीसी टनल में फंसे सभी कर्मी बाहर नहीं निकले,वीडियो से सच आया सामने, तीन दिन से टनल में फंसे हैं कर्मी

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धारचूला। तीन दिन पहले धारचूला से आगे हुए भूस्खलन के बाद एनएचपीसी के हाइड्रो प्रोजेक्ट की टनल में फंसे 19 श्रमिकों का आज सोमवार को एक वीडियो सामने आया है, जिसमें उन्होंने खुद को भीतर फंसा हुआ बताया। हालांकि, टनल के अंदर कोई दिक्कत नहीं है। यह वीडियो सामने आने के बाद प्रशासनिक दावों पर सवाल उठने लगे हैं।

जिलाधिकारी पिथौरागढ़ विनोद गिरी गोस्वामी नेरविवार दोपहर वीडियो बयान जारी कर सभी श्रमिकों को सुरक्षित निकालने का दावा किया था। वहीं, आपदा प्रबंधन सचिव ने जानकारी दी कि 11 श्रमिकों को बाहर निकाल लिया गया है और शेष पूरी तरह सुरक्षित हैं। लेकिन टनल से आए वीडियो और ऑडियो संदेश ने स्थिति को और उलझा दिया है।

टनल में फंसे श्रमिकों ने स्पष्ट कहा है कि वे अब भी अंदर ही हैं और तीन दिन से बाहर निकलने का इंतजार कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि राहत और बचाव कार्यों को लेकर प्रशासन और विभागीय स्तर पर कोई स्पष्टता नहीं है।

लोगों ने सवाल उठाया कि यह राहत-बचाव अभियान है या मजाक। समन्वय के अभाव की स्थिति किसी बड़े हादसे को जन्म दे सकती है। प्रशासनिक दावों और कर्मियों के संदेशों में बड़ा विरोधाभास सामने आने से परिवारों और क्षेत्रवासियों में गहरी चिंता है।

धारचूला एनएचपीसी परियोजना में सुरक्षा को लेकर जारी निगरानी, प्रबंधन ने कहा सभी सुरक्षित

धारचूला, 1 सितम्बर। एनएचपीसी लिमिटेड की धौलीगंगा पावर स्टेशन, धारचूला की ओर से जारी प्रेस नोट में कहा गया है कि पावर हाउस के भीतर कार्यरत सभी कर्मचारी पूरी तरह सुरक्षित हैं और कार्य सामान्य रूप से संचालित हो रहा है।

प्रशासन और एनएचपीसी प्रबंधन के बीच सतत संवाद बनाए रखते हुए हालात पर निगरानी रखी जा रही है। बताया गया कि पावर हाउस के भीतर कर्मियों की सुरक्षा एवं कार्य संचालन की निरंतर समीक्षा हो रही है।

प्रबंधन ने कहा कि हाल के दिनों में लगातार भारी वर्षा के कारण टनल के मुहाने पर बार-बार मलबा और पत्थरों का जमाव हो रहा है। इस स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन की टीम सुबह से ही राहत और सफाई कार्य में जुटी हुई है।

एनएचपीसी प्रबंधन ने यह भी स्पष्ट किया कि राहत और बचाव कार्यों में किसी प्रकार की कमी नहीं रखी जाएगी और पावर हाउस के भीतर एवं बाहर की गतिविधियों पर प्रशासनिक स्तर से सतर्क निगरानी की जा रही है।

सीएम धामी ने पूरा किया वायदा, अग्निवीर आरक्षण नियमावली जारी

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सीएम धामी ने सेवामुक्त होने वाले अग्निवीरों को विभिन्न विभागों की वर्दीधारी सेवाओं में दस प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण प्रदान कर दिया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने एक और वायदे को पूरा करते हुए, सेवामुक्त होने वाले अग्निवीरों को विभिन्न विभागों की वर्दीधारी सेवाओं में दस प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण प्रदान कर दिया है।

इस संबंध में सोमवार को कार्मिक एवं सर्तकता विभाग की ओर से विधिवित तौर पर उत्तराखंड राज्याधीन सेवाओं में समूह ग के सीधी भर्ती के वर्दीधारी पदों पर सेवायोजन हेतु सेवामुक्त अग्निवीरों को क्षैतिज आरक्षण नियमावली – 2025 जारी कर दी है।


सैन्य बहुल प्रदेश होने के कारण उत्तराखंड सरकार के इस निर्णय को मास्टर स्ट्रोक माना जा रहा है। इसी नियमावली के जरिए अब सेवामुक्त हुए अग्निवीरों को विभिन्न विभागों के वर्दीधारी पदों पर 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण प्रदान किया जाएगा।

इसमें पुलिस आरक्षी (नागरिक/पीएसी), उप निरीक्षक, प्लाटून कमांडर पीएसी, अग्निशामक, अग्निशमन द्वितीय अधिकारी, बंदी रक्षक, उप कारापाल, वन आरक्षी, वन दरोगा, आबकारी सिपाही, प्रवर्तन सिपाही और सचिवालय रक्षक जैसे महत्वपूर्ण वर्दीधारी पद शामिल हैं।

“देश की सेवा कर लौटे पूर्व अग्निवीर प्रदेश का गौरव हैं। उन्हें सम्मान और रोजगार का अवसर देना हमारी जिम्मेदारी है। यह निर्णय सेवामुक्त हुए अग्निवीरों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक ठोस कदम है।

हमारी सरकार पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों को हर तरह से सेवायोजन का प्रयास कर रही है”।
पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड

लगातार हो रही भारी बारिश के चलते चारधाम यात्रा 5 सितंबर तक स्थगित

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उत्तराखंड प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते सरकार ने जनहित को लेकर चारधाम यात्रा व हेमकुंड साहिब यात्रा को आने वाली 5 सितंबर तक स्थगित किया गया है .

भारी बारिश और भूस्खलन से मार्ग बाधित –

प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश की वजह से जगह जगह न केवल मार्ग अवरुद्ध हो रहे हैं बल्कि भूस्खलन से जानमाल का ख़तरा भी बरकरार है ,
प्रशाशन लगातार अवरुद्ध मार्गों को खोलने के लिए प्रयासरत है ,

यात्रियों और स्थानीय निवासियों को सुरक्षा –

गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडे से बात कर ये जानकारी मिली कि सुरक्षा को देखते हुए ही ये यात्रा स्थगित करने का फैसला जनहित में लिया गया है ,
मौसम के सामान्य होते ही यात्रा पूर्ण रूप से सुचारू कर दी जाएगी .

प्रदेश में जारी है भारी बारिश का अलर्ट –

गौरतलब है कि लगातार होती बारिश की वजह से प्रदेश के कई हिस्सों और जिलों में हालात सामान्य नहीं हैं ,
सुरक्षा और राहत बचाव कार्य के लिए प्रदेश में सरकारी तंत्र के साथ ही प्रदेश की SDRF और NDRF के साथ ही उत्तराखंड पुलिस लगातार जुटी है ,जिसमें स्थानीय निवासियों से भी भरपूर सहयोग मिल रहा है ,

आपदा राहत केंद्र रखे हुए है हर स्थिति पर नजर –

आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि विभाग 24 घंटे हर स्थिति पर नजर बनाए हुए है,

खुद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हर घटना पर नजर बनाए हुए हैं , प्राथमिकता यही है कि आम जनमानस को मुश्किल हालात उत्पन्न होने पर तुरंत सहायता मिले

 

Disaster Management Secy orders round the clock vigilance amid rainfall  warning | Garhwal Post

Garhwal Divisional Commissioner Vinay Shankar Pandey

उत्तराखंड में लगातार जारी बारिश को देखते हुए, सरकार ने चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रा पांच सितंबर तक के लिए स्थगित कर दी है। गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय ने बताया कि भारी बारिश से प्रदेश में कई जगह भूस्खलन या मलबा आने से मार्ग बाधित हो रहे हैं। जिन्हें सरकार प्राथमिकता पर खोल रही है, लेकिन यात्रियों की सुरक्षा ओर सुविधा को देखते हुए, फिलहाल चारधाम एवं हेमकुंड साहिब यात्रा को 05 सितम्बर 2025 तक स्थगित किए जाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने यात्रियों से अपील की है कि वे प्रतिकूल मौसम की स्थिति को देखते हुए फिलहाल यात्रा मार्गों पर प्रस्थान न करें तथा प्रशासन द्वारा जारी परामर्श का पालन करें। मौसम सामान्य होने एवं मार्ग पूरी तरह सुरक्षित पाए जाने के उपरांत यात्राओं को पुनः प्रारम्भ किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार एवं स्थानीय प्रशासन द्वारा सड़क मार्गों की निगरानी, सफाई तथा यात्रियों की सुरक्षा हेतु सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। यात्रियों से अनुरोध है कि धैर्य एवं संयम बनाए रखें तथा यात्रा संबंधी अद्यतन जानकारी के लिए प्रशासनिक नियंत्रण कक्ष से सम्पर्क करते रहें।

उत्तराखंड में इस साल समूह-ग के 1098 पदों पर होगी भर्ती, आयोग ने जारी किया कैलेंडर

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उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने वर्ष 2025-26 के लिए समूह-ग भर्ती परीक्षाओं का वार्षिक कार्यक्रम घोषित कर दिया है। आयोग ने विभिन्न विभागों में होने वाली सीधी भर्तियों के लिए विज्ञापन और परीक्षाओं की संभावित तिथियां तय कर दी हैं।

कार्यक्रम के अनुसार वन दरोगा के 124 पदों के लिए विज्ञापन 28 अक्तूबर 2025 को जारी होगा और इसकी परीक्षा पांच अप्रैल 2026 से होगी। सहायक समीक्षाधिकारी व वैयक्तिक सहायक की टंकण एवं आशुलेखन परीक्षा 17 नवम्बर 2025 से प्रस्तावित है। उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के सदस्य के 20 पद के लिए साक्षात्कार 15 दिसम्बर 2025 से आयोजित होंगे।

माध्यमिक शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक एलटी (विशेष शिक्षा शिक्षक) के 128 पदों हेतु विज्ञापन 12 सितम्बर 2025 को प्रकाशित होगा और परीक्षा 18 जनवरी 2026 से कराई जाएगी। विशेष तकनीकी योग्यता वाले 62 पदों के लिए विज्ञापन 26 सितम्बर 2025 को निकलेगा तथा परीक्षा एक फरवरी 2026 से होगी।

 

वाहन चालक परीक्षण सात अप्रैल 2026 से प्रस्तावित
विभिन्न विभागों में वाहन चालक के 37 पदों के लिए विज्ञापन 15 अक्तूबर 2025 को आएगा और परीक्षा 22 फरवरी 2026 से होगी। कृषि इंटरमीडिएट एवं स्नातक योग्यता वाले 212 पदों के लिए विज्ञापन 31 अक्तूबर 2025 को प्रकाशित होगा और परीक्षा 15 मार्च 2026 से होगी। सहायक लेखाकार के 36 पदों के लिए विज्ञापन 14 नवम्बर 2025 को जारी होगा और परीक्षा 29 मार्च 2026 से होगी। वाहन चालक परीक्षण सात अप्रैल 2026 से प्रस्तावित है।

सामान्य ग्रुप-सी के अंतर्गत कनिष्ठ सहायक, वैयक्तिक सहायक एवं अन्य पदों की भर्ती के लिए 386 पदों पर विज्ञापन पांच दिसम्बर 2025 को आएगा और परीक्षा 10 मई 2026 से होगी। आईटीआई, डिप्लोमा एवं डिग्री स्तर की योग्यता वाले 41 पदों के लिए विज्ञापन 24 दिसम्बर 2025 को प्रकाशित होगा तथा परीक्षा 31 मई 2026 से आयोजित होगी।

इसके अलावा विज्ञान विषय (इंटरमीडिएट,स्नातक) योग्यता वाले चार पदों के लिए विज्ञापन सात जनवरी 2026 को निकलेगा और परीक्षा सात जून 2026 से होगी। विभिन्न विभागों में स्नातक स्तर की योग्यता वाले 48 पदों का विज्ञापन 21 जनवरी 2026 को आएगा तथा परीक्षा 21 जून 2026 से कराई जाएगी।

टंकण एवं आशुलेखन परीक्षा 30 जून 2026 से शुरू होगी। आयोग के सचिव डॉ. शिव कुमार बरनवाल ने स्पष्ट किया है कि यह पूरा कार्यक्रम केवल प्रस्तावित है और अपरिहार्य परिस्थितियों में रिक्तियों की संख्या एवं परीक्षा तिथियों में बदलाव किया जा सकता है।

आपदा का असर…अब केवल केदारनाथ-बदरीनाथ पर टिकी चारधाम यात्रा, लेकिन भूस्खलन बड़ी चुनौती

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आपदा के कारण चारधाम यात्रा केदारनाथ व बदरीनाथ धाम पर टिकी है लेकिन दोनों की यात्रा की राह में भूस्खलन बड़ी चुनौती है। उत्तरकाशी जिले में आई आपदा से गंगोत्री व यमुनोत्री धाम की यात्रा पूरी तरह से बंद है। इस बार भारी बारिश से चारधाम यात्रा के संचालन पर ज्यादा असर पड़ा है।आमतौर पर मानसून सीजन चारधाम यात्रा में आने वाले तीर्थ यात्रियों की संख्या में कमी आती है। सितंबर माह में फिर से यात्रा की रफ्तार बढ़ जाती है लेकिन इस बार उत्तरकाशी जिले में आई आपदा से गंगोत्री व यमुनोत्री धाम की यात्रा बंद पड़ी है। श्रद्धालुओं के जयकारों से गूंजने वाले दोनों धामों में इन दिनों सन्नाटा पसरा है।

 

पर्यटन विभाग के आंकड़ों के अनुसार 30 अप्रैल से चारधाम यात्रा शुरू हुई थी। अब तक चारधाम में 42.54 लाख से अधिक तीर्थयात्री दर्शन कर चुके हैं। गंगोत्री व यमुनोत्री धाम की यात्रा बंद है। जबकि केदारनाथ व बदरीनाथ धाम में प्रतिदिन तीन से पांच हजार श्रद्धालु दर्शन कर रहे हैं। बदरीनाथ धाम मार्ग पर कमेड़ा, लामबगड़ भूस्खलन के कारण भूस्खलन से यात्रा बाधित हो रही है। जबकि केदारनाथ धाम जाने के लिए सोनप्रयाग व गौरीकुंड के बीच भूस्खलन एक बड़ी चुनौती है।

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज का कहना है कि आपदा के कारण चारधाम यात्रा में रफ्तार थमी है। मौसम बदलने के बाद फिर से यात्रा गति पकड़ेगी। इस बार बारिश के कारण जगह-जगह भूस्खलन की संभावना अधिक रहती है। इसे देखते हुए तीर्थयात्रियों को मौसम की जानकारी प्राप्त करने के बाद यात्रा करनी चाहिए।

 

चारधाम यात्रा व हेमकुंड साहिब में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या
       धाम                                    दर्शन कर चुके तीर्थयात्री

 

  • केदारनाथ                                          14.80 लाख
  • बदरीनाथ                                           12.78 लाख
  • गंगोत्री                                                6.69 लाख
  • यमुनोत्री                                              5.86 लाख
  • हेमकुंड साहिब                                    2.49 लाख

नाराजगी की अटकलों पर पूर्व CM त्रिवेंद्र रावत ने किया खारिज, सरकार में नेतृत्व में बदलाव की चर्चा को भी बताया हवा-हवाई

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सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के सुर नरम

बोले, नीति और नीलामी से खनन पट्टे दिए जा रहे, इसमें कोई बुराई नहीं

पूर्व मंत्री हरक सिंह बताएं कि जो पैसा दिया, क्या है उसका स्रोत

अधिकारियों को दी नसीहत, जनता के प्रति बनें जवाबदेह

 

देहरादून। दिल्ली में भाजपा के प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार से हुई मुलाकात के बाद देहरादून लौटने पर हरिद्वार सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के सुर नरम दिख रहे हैं। माना जा रहा है कि पार्टी हाईकमान ने त्रिवेंद्र समेत अन्य नेताओं को पार्टी लाइन पर चलने की ताकीद की है।डिफेंस कालोनी स्थित आवास पर पत्रकारों से बातचीत में त्रिवेंद्र ने उन अटकलों पर विराम लगाया, जिसमें दिल्ली में सांसदों के साथ हुई पार्टी संगठन की बैठक से तुरंत चले जाने को उनकी नाराजगी से जोड़कर देखा जा रहा था। उन्होंने कहा कि नाराजगी जैसी कोई बात नहीं थी। उन्हें कहीं जाना था, इसलिए तुरंत ही बैठक से चले गए थे।

 

उन्होंने राज्य सरकार में नेतृत्व में बदलाव की चर्चा को भी हवा-हवाई करार दिया और कहा कि धामी सरकार पूरे पांच साल चलेगी। बार-बार मुख्यमंत्री बदलना या इसकी चर्चा करना गलत है। उन्होंने विपक्ष कांग्रेस को भी आड़े हाथ लिया।

 

सांसद व पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात सामान्य प्रक्रिया है। इसमें हर जगह छेद ढूंढते रहें, यह ठीक नहीं है। खनन से जुड़े प्रश्न पर उन्होंने कहा कि सरकार नीति के तहत नीलामी के जरिये खनन पट्टे दे रही है तो इसमें बुराई क्या है। एक अन्य प्रश्न पर उन्होंने कहा कि गैरसैंण को भाजपा ने ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाया। यह स्थायी राजधानी कब बनेगी, इसका जवाब सरकार बेहतर दे सकती है।

 

पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत के आरोपों पर उन्होंने कहा कि वह उनका पूरा इतिहास जानते हैं। पांच-छह दिन से हरक सिंह काफी जोश में हैं। हो सकता है ये उनकी आंतरिक राजनीति का हिस्सा हो या कुछ और कारण हैं अथवा वह स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि पूर्व में भाजपा ने संगठन चलाने के लिए पूरी पारदर्शिता के साथ चेक से चंदा लिया। हरक सिंह ने चंदे को लेकर बढ़ा चढ़ाकर बोला, लेकिन जो पैसा लिया गया वह चेक से आया। अब हरक बताएं कि इस पैसे का स्रोत क्या है।

विपक्ष कांग्रेस को आड़े हाथ लेते हुए उन्होंने कहा कि विधानसभा के मानसून सत्र में कांग्रेस ने सदन में जो व्यवहार किया, वह उचित नहीं है। उनकी जानकारी में आया है कि कार्यमंत्रणा समिति में पहले दिन आपदा का विषय विपक्ष की ओर से लाने पर सहमति बनी थी, लेकिन वह कानून व्यवस्था का मुद्दा लेकर आया। सरकार इस पर जवाब देती, लेकिन यह सब नियमों के तहत लाया जाना चाहिए था।पूर्व सीएम तीरथ सिंह रावत के भांजे के प्रकरण पर उन्होंने कहा कि पुलिस का जो काम है, उसे करना चाहिए। यह गंभीर प्रकरण है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि इस मामले में लापरवाह अधिकारियों को आड़े हाथ लेने की जरूरत है। उन्होंने नौकरशाही को भी नसीहत दी। उन्होंने कहा कि नीतियों व निर्णयों का क्रियान्वयन शासन की जिम्मेदारी है। इसके लिए अधिकारियों को ठीक से काम करना चाहिए। जनता के प्रति उनकी जवाबदेही होनी चाहिए।

रेबीज संक्रमित युवक की निजी अस्पताल में हुई मौत, कुत्ते के काटने के छह माह बाद दिखे थे लक्षण

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रेबीज संक्रमित मरीज की सोमवार सुबह करीब सात बजे मौत हो गई। युवक को एम्स में भी राहत नहीं मिली थी। लिहाजा उसके परिजन उसे एक निजी अस्पताल ले गए थे। वहां पर उसने दम तोड़ दिया। दून अस्पताल में रविवार को रेबीज के गंभीर लक्षण दिखने वाले युवक को लाया गया था। करीब तीन घंटे तक उसे दून अस्पताल में उपचार दिया गया था। बाद में हालत बिगड़ने पर उसे एम्स ऋषिकेश रेफर कर दिया गया था।

अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर रविंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि व्यक्ति को पानी और उजाले से डर लगने के साथ ही उसके मुंह से लगातार लार गिर रही थी। उसके अंदर तीव्र आक्रामकता के लक्षण भी दिख रहे थे। मृतक की मां शशि शर्मा ने बताया कि उसे दून अस्पताल से एम्स ऋषिकेश लेकर गई थीं जहां पर उसको प्राथमिक उपचार दिया गया था। स्थिति में सुधार नहीं होने पर उसे दूसरे अस्पताल में लेकर गईं, जहां पर सुबह उसकी मौत हो गई।

 

कुत्ते के काटने के छह माह बाद दिखे रेबीज के गंभीर लक्षण, युवक एम्स रेफर

दून अस्पताल में रविवार को रेबीज के गंभीर लक्षण दिखने वाले एक 30 वर्षीय युवक को भर्ती किया गया। करीब चार घंटे बाद हालत बिगड़ने पर उसे एम्स ऋषिकेश रेफर कर दिया गया। युवक को पानी और उजाले से डर लगने के साथ ही उसके मुंह से लगातार लार गिर रही थी। साथ ही तीव्र आक्रामकता के लक्षण भी दिख रहे थे।

चिकित्सकों समेत वहां मौजूद सभी लोग हैरान हो गए। काफी देर तक चिकित्सक समझ ही नहीं पाए कि युवक को क्या परेशानी है। परिजनों ने जब छह महीने पूर्व युवक को कुत्ते के काटने की बात बताई तो चिकित्सकों को रेबीज होने का संदेह हुआ।

एंटी रेबीज वैक्सीन नहीं लगवाई गई
इसके बाद क्लीनिकल जांच की तो यह बात काफी हद तक पुख्ता भी हो गई। चिकित्सक के अनुसार युवक देहरादून का ही रहने वाला है। परिजनों ने यह बात भी बताई कि युवक को कुत्ते के काटने के बाद एंटी रेबीज वैक्सीन नहीं लगवाई गई।

रेबीज का नहीं है कोई उपचार 
डॉ. आरएस बिष्ट के मुताबिक अगर कोई व्यक्ति रेबीज की चपेट में आ जाए तो उसका कोई उपचार नहीं है। ऐसे में लोगों का जागरूक होना बेहद जरूरी है। अगर किसी को गली या फिर पालतू कुत्ता काटता है तो उसे जरूरी तौर पर एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाना चाहिए।

दून अस्पताल में हर रोज वैक्सीन लगवाने पहुंच रहे 35 लोग 
दून अस्पताल के आपात चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमित अरुण ने बताया कि अस्पताल में एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने हर रोज करीब 35 लोग पहुंच रहे हैं। इनमें से 10 से 12 लोग गंभीर घायल होते हैं जिनको एंटी रेबीज के साथ ही सीरम भी लगाना पड़ता है। इन दिनों कुत्ते काटने के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिली है।

27 करोड़ के चंदे में उत्तराखण्ड बीजेपी ने अपनाई पारदर्शिता,हरक सिंह पर भरोसा नहीं किया जा सकता-त्रिवेंद्र

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हरिद्वार से सांसद और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने हरक के ताजातरीन आरोपों का जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि संक्रमणकाल से गुजर रहे हरक सिंह की बातों पर भरोसा नहीं किया जाना चाहिए।

कांग्रेस नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए त्रिवेंद्र ने कहा कि हरक सिंह रावत पर भरोसा नहीं किया जा सकता। वह कब, क्या बोलेंगे, यह उन्हें खुद भी नहीं पता होता। इस समय वे अपने जीवन के संक्रमण काल से गुजर रहे हैं, इसलिए अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं।

कहा है कि मौजूदा हालात में प्रदेश में सुधार की सख्त जरूरत है। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी सूरत में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की छवि को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए। पार्टी की छवि खराब करने वालों को बार-बार चेताना संगठन का फर्ज है।

पत्रकारों से बातचीत में त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि पुलिस के कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। कई मामलों में 8-8 महीने से प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है, वहीं कुछ मामलों में 2-2 महीने से रिपोर्ट लंबित है।
उन्होंने इसे बेहद चिंताजनक और अफसोसजनक स्थिति बताया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनता ने भाजपा पर भरोसा जताते हुए 47 विधायक और पांच सांसद जीताकर दिए हैं। ऐसे में पार्टी का दायित्व है कि हर हाल में जनता के विश्वास को बनाए रखा जाए।

गौरतलब है कि जुलाई के महीने में पूर्व सीएम ने डीजीपी को पत्र लिख 50 करोड़ की धोखाधड़ी के मामले में कार्रवाई के लिए लिखा था। लेकिन कोई कार्रवाई नही हुई (देखें पत्र)।

इधर, पूर्व सीएम ने कांग्रेस नेता हरक के भाजपा को 30 करोड़ रुपये चंदा मिलने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पार्टी को 27 करोड़ रुपये का चंदा मिला था, जो पूरी तरह पारदर्शिता के साथ चेक द्वारा प्राप्त हुआ है। इसका एक-एक हिसाब मौजूद है।

उन्होंने कहा कि देश की हर राजनीतिक पार्टी को चंदा मिलता है और इसमें कोई गलत बात नहीं है। लेकिन यह जरूरी है कि मदद पारदर्शी तरीके से मिले।
भाजपा ने यही किया है। त्रिवेंद्र ने कटाक्ष करते हुए कहा कि हरक सिंह कभी-कभी सच बोल देते हैं, लेकिन अक्सर अगले ही दिन अपने ही बयान से पलट जाते हैं। खनन के मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में खनन होना जरूरी है, लेकिन यह केवल कानून और मर्यादा के दायरे में होना चाहिए।
अगर नदियों से नियंत्रित खनन नहीं होगा तो खेत-खलिहान कट जाएंगे और राजस्व की भी हानि होगी। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे तालाब से पानी लेना जरूरी है, लेकिन मशीन लगाकर पूरा तालाब खाली कर देना गलत है। उसी तरह खनन नियंत्रित और नियमों के तहत होना चाहिए।
गैरसैंण में संपन्न मानसून सत्र के दौरान विपक्ष के रवैये पर भी उन्होंने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विरोध करना विपक्ष का अधिकार है, लेकिन यह मर्यादित और नियमों के दायरे में होना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस विधायकों के सदन में अमर्यादित आचरण की आलोचना करते हुए कहा कि अध्यक्ष के आसन के सामने बिस्तर लगाकर सोना लोकतांत्रिक परंपराओं के विपरीत है।

त्रिवेंद्र ने दो टूक कहा कि यदि भविष्य में कांग्रेस सत्ता में आती है और भाजपा ऐसा व्यवहार करती है तो कांग्रेस को भी यह स्वीकार नहीं होगा। उन्होंने कहा कि जनता ने अपने विश्वास से प्रतिनिधियों को विधानसभा भेजा है। यदि विधायक अपना दायित्व नहीं निभाते हैं तो जनता समय आने पर हिसाब करना भी जानती है।

…मां धारी देवी की भी कसम खायी थी हरक ने

उल्लेखनीय है कि हरक सिंह रावत बीते कुछ दिन से भाजपा सरकार पर हमला कर रहे हैं। हाल ही में हरक सिंह ने एक और कसम खा डाली। हरक में कहा कि वे तभी माला पहनेंगे जब भाजपा की ‘अंत्येष्टि’ कर देंगे। हरक की।यह कसम में चर्चा का विषय बनी हुई है।
गौरतलब है कि 2012 में विजय बहुगुणा के सीएम बनने से खफा हरक सिंह ने मां धारी देवी की कसम खाकर कहा था कि कैबिनेट मंत्री नहीं बनेंगे। लेकिन कुछ महीने बाद विजय बहुगुणा कैबिनेट में मंत्री पद की शपथ ले ली थी।