Category Archive : राष्ट्रीय खबर

महाकुंभ की तरह सबके लिए समान भाव रखता है यूसीसी’

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देश में सबसे पहले उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू करने के बाद महाकुंभ पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यूसीसी भी महाकुंभ की तरह ही लोगों में समान भाव रखता है। कोई भेदभाव नहीं है। अब जहां लोगों को शादी का रजिस्ट्रेशन कराना होगा, वहीं तलाक भी कोर्ट के आदेश पर ही हो सकेगा। महिलाओं को भी समान अधिकार दिए गए हैं,उत्तराखंड देवभूमि है। यहां हर साल करोड़ों श्रद्धालु चारधाम, हरिद्वार, नीम करौली समेत विभिन्न जगहों पर धार्मिक आयोजनों में हिस्सा लेने आते हैं। ऐसे में यह आवश्यक हो जाता है कि यहां की सामाजिक संरचना में कोई भेदभाव या असमानता न हो। यूसीसी लागू करने का कदम समाज में समान अधिकार और कर्तव्यों की भावना को सुदृढ़ करेगा।

 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि महाकुंभ केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है। यह भारतीय संस्कृति, एकता और समरसता का प्रतीक है। करोड़ों लोगों के इस आयोजन में भाग लेने से यह स्पष्ट होता है कि हमारी संस्कृति विविधता में एकता को मान्यता देती है। यूसीसी इस भावना को और मजबूत करेगा। जब एक समान कानून होगा, तो हर व्यक्ति यह महसूस करेगा कि वह इस देश का अभिन्न हिस्सा है और यही भावना महाकुंभ की आत्मा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यूसीसी का उद्देश्य किसी समुदाय की परंपराओं या धर्म में हस्तक्षेप करना नहीं है। बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि सभी नागरिक समान अधिकारों और कर्तव्यों के साथ एक समाज में रहें। महाकुंभ जैसे आयोजन में सभी लोग बिना भेदभाव के एकत्रित हो सकते हैं, तो समाज में भी यह भावना यूसीसी के माध्यम से स्थापित हो सकती है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यूसीसी का उद्देश्य धार्मिक स्वतंत्रता को सीमित करना नहीं, इसे और सुदृढ़ करना है। यह सुनिश्चित करेगा कि हर व्यक्ति को बिना भेदभाव के अधिकार मिले। महाकुंभ की तरह, जहां लोग अपने तरीके से पूजा-अर्चना करता है, यूसीसी भी व्यक्तिगत स्वतंत्रता को बनाए रखते हुए समानता की भावना को बढ़ावा देगा।उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू (यूसीसी) करने पर सीएम पुष्कर सिंह धामी को प्रयागराज के संत समागम में सम्मानित किया गया। धामी ने कहा, संतों की ओर से मेरा सम्मान उत्तराखंड के हर नागरिक का सम्मान है। देवभूमि में किसी भी धर्म या जाति के लिए अब समान कानून हैं। समागम में आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज, स्वामी चिदानंद मुनि महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी बालकानंद गिरी समेत कई संत मौजूद रहे।

त्रिवेणी संगम पर सीएम धामी ने मां को लगवाई डुबकी, इच्छा पूरी कर हुए भावुक

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने त्रिवेणी संगम में मां को स्नान कराकर उनकी इच्छा पूरी की। सीएम धामी और उनकी पत्नी गीता धामी दोनों ने मिलकर मां को स्नान कराया। गंगा में डुबकी लगाने के बाद उन्होंने कहा कि यह मेरे जीवन के उन अमूल्य और भावुक क्षणों में से एक है, जिन्हें शब्दों में पिरोना संभव नहीं।

सोमवार को सीएम धामी परिवार के साथ प्रयागराज महाकुंभ पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि त्रिवेणी संगम के पुण्य सलिल में मां को स्नान कराने का सौभाग्य मिला। वेदों, शास्त्रों और पुराणों में उल्लेखित है कि कोई भी जीव माता के ऋण से कभी उऋण नहीं हो सकता क्योंकि माता ही वह प्रथम स्रोत हैं, जिनसे हमारा अस्तित्व जुड़ा हुआ है।

CM Dhami took a dip at Triveni Sangam in Prayagraj Maha Kumbh made his mother take a bath Watch Photos

माता का स्नेह अनंत, उनकी ममता अपरिमेय और उनका आशीर्वाद अक्षुण्ण होता है। इस दिव्य क्षण में अनुभव हुआ कि माँ केवल जन्मदात्री ही नहीं बल्कि सजीव तीर्थ हैं, जिनकी सेवा और सम्मान से जीवन के समस्त पुण्य फलीभूत होते हैं। यह भावपूर्ण क्षण मेरे लिए सनातन संस्कृति, परंपरा और मातृभक्ति का सजीव स्वरूप बनकर हृदयपटल पर सदैव अंकित रहेगा।इससे पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रयागराज में रविवार को आचार्य शिविर में आयोजित समानता के साथ समरसता कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

CM Dhami took a dip at Triveni Sangam in Prayagraj Maha Kumbh made his mother take a bath Watch Photos

 

इस अवसर पर सभी संतों ने उत्तराखंड राज्य में सर्वप्रथम समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने पर मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया। संतो द्वारा पुष्पमाला के साथ मुख्यमंत्री को सम्मानित किया गया।इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी संतों को धन्यवाद अर्पित करते हुए कहा कि त्रिवेणी की पवित्र भूमि और महाकुंभ के शुभ अवसर पर पूज्य संतों का आशीर्वाद मिलना सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विकसित भारत की कल्पना में पूज्य संतों का आशीर्वाद सबसे जरूरी है।न्होंने कहा समान नागरिक संहिता लागू करना, विकसित भारत की ओर कदम बढ़ाना है। मेरा जो सम्मान संतों ने किया है, वो उत्तराखंड के प्रत्येक नागरिक का सम्मान है।

Uttarakhand News: चारधाम के प्रवेश द्वार में श्रद्धालुओं को मिलेगी अब सभी सुविधाएं, जानिए क्या है खास तैयारी.

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चारधाम यात्रा का प्रवेश द्वार कहे जाने वाले हरिद्वार में ही यात्रियों की सुविधाओं के लिए वृहद प्लान तैयार किया जा रहा है। इसके लिए ऋषिकेश ट्रांजिट कैंप की तर्ज पर एक ही परिसर में तीर्थ यात्रियों को सारी सुविधाएं मिल सकेंगी। वहीं, उनके ठहरने और यात्रा पड़ाव के तौर पर अन्य सुविधाओं को विकसित करने की योजना भी बन रही है। फिलहाल अभी शासन ने नगर निगम प्रशासन को स्थल चिह्नित करने के निर्देश दिए हैं।

 

शासन की मंशा के अनुरूप पर्यटन विभाग नगर निगम से जमीन लेगा। वहीं, प्रवर्तन और पुलिस विभाग इस प्रस्ताव की रूपरेखा में अहम कड़ी के रूप में कार्य करेंगे। यह उसी तरह से व्यवस्था देने के लिए बनाया जाएगा जैसे ऋषिकेश स्थित पंजीकरण कार्यालय एवं ट्रांज़िट कैंप में तीर्थयात्रियों के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। एक ही छत के नीचे सभी सुविधाएं देने का प्रयास किया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि यात्रा सुविधाओं के क्रम में एक ही स्थान पर यात्री को अलग-अलग काउंटर पर पूरी जानकारी दी जा सके इसकी भी व्यवस्था की जानी है। एक विशाल क्षेत्र को चिन्हित करने के निर्देश भी शासन स्तर से मिले हैं। इसके क्रम में नगर निगम प्रशासन के साथ अन्य सहयोगी विभागों ने स्थल चिन्हित करने का कार्य शुरू भी कर दिया है।

हरिद्वार स्नान के बाद चारधाम यात्रा शुरू करने की है परंपरा-

 

यात्रा सीजन में श्रद्धालु मान्यता के अनुसार पहले हरिद्वार में हरकी पैड़ी पर स्नान के बाद यात्रा की शुरुआत करते हैं। इस दृष्टिकोण से हरिद्वार को ही मुख्यत: चारधाम यात्रा का प्रवेश द्वार माना जाता है। ऐसेे मेंं यात्रियों को पंजीकरण कराने की अनिवार्यता से परेशानी होती ही है। आगे की यात्रा के लिए ऋषिकेश जाना पड़ता है। यहां से बस या अन्य संसाधन की सुविधा मिलती है। इस समस्या के निस्तारण के लिए ही हरिद्वार में यात्री सुविधाओं को विकसित करने की योजना बनी है। एक ही परिसर में पंजीकरण और वहीं से यात्रा की शुरुआत हो सकेगी। यात्रियों को निर्धारित शुल्क पर ही यात्रा की सुविधा मिलेगी। कई बार यात्रा सीजन में प्राइवेट टैक्सी चालक ऋषिकेश तक पहुंचाने में यात्रियों से मनचाहा रुपया वसूल करते हैं। इन समस्याओं से भी उन्हें राहत मिल सकेगी। यात्रा की संपूर्ण गतिविधियों पर आरटीओ प्रशासन और पर्यटन विभाग भी निगरानी कर सकेगा।

कुछ इस तरह से मिलेंगी सुविधाएं-

 

– ऑफलाइन पंजीकरण व टोकन सुविधा होगी।

– स्वास्थ्य जांच व अस्पताल, निशुल्क दवाएं मिल सकेंगी।

– बैठने के लिए वातानुकूलित हॉल, कूलर पंखों की सुविधा मिलेगी।

– मनोरंजन के लिए टीवी की सुविधा और समाचार पत्र पत्रिकाओं का स्टॉल होगा।

– यात्रियों के आराम करने के लिए डोरमेट्री की सुविधा होगी।

– स्नानघर व शौचालयों की सुविधा मिलेगी।

– कैंटीन की सुविधा होगी जिसमें शुद्ध सात्विक भोजन मिलेगा।

 

स्थल चिह्नित करने के निर्देश मिले हैं। विभिन्न विभागों के सहयोेग से शहर के राष्ट्रीय राजमार्ग के आसपास उपलब्ध भूमि का चयन किया जा रहा है। इसकी पूरी रिपोर्ट शासन को प्रेषित की जाएगी। अग्रिम कार्रवाई शासन से मिले निर्देश के आधार पर किया जाएगा। फिलहाल भूपतवाला में एक पार्किंग और उसी से जुड़े खसरा नंबर को अभी देखा गया है। जैसे ही इसकी अगली प्रक्रिया को लेकर निर्देश मिलता है तो गति दी जाएगी। -वरुण चौधरी, मुख्य नगर आयुक्त, नगर निगम हरिद्वार

National Games 2025: 38वें नेशनल गेम्स में उत्तराखंड का नया रिकॉर्ड, अब तक के इतिहास में पहली बार जीते पांच स्वर्ण पदक.

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राष्ट्रीय खेलों में सोना जीतने में बृहस्पतिवार को उत्तराखंड ने नया रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज कर लिया। ताइक्वांडों में राज्य की पूजा यादव के स्वर्ण पदक जीतते ही राज्य को मिले स्वर्ण पदकों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है। यह पिछले सभी राष्ट्रीय खेलों में अब तक का रिकॉर्ड है।

राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड को अभी बॉक्सिंग और एथलेटिक्स सहित कई खेलों में पदकों की उम्मीद है। राज्य के पांच मुक्केबाज निवेदिता, काजल, हिमांशु सोलंकी, कपिल पोखरिया और नरेंद्र सिंह ने बॉक्सिंग के फाइनल में पहुंच गए हैं। ये खिलाड़ी गोल्ड के लिए आज विभिन्न राज्यों के खिलाड़ियों को अपने मुक्कों का दम दिखाएंगे।

ताइक्वांडों में भी राज्य के चार पदक पक्के हो गए हैं। फुटबॉल में भी राज्य के खिलाड़ियों ने फाइनल में पहुंचकर इतिहास रचा है। फुटबॉल के आज होने वाले फाइनल मुकाबले में राज्य के खिलाड़ी गोल्ड के लिए टक्कर देंगे। इसके अलावा, कुछ अन्य खेलों में भी राज्य को पदकों की उम्मीद है।

 

उत्तराखंड को अब तक इन खेलों में मिले पांच स्वर्ण- उत्तराखंड को वुशु में पहला स्वर्ण पदक मिला। लॉन बॉल, योगासन, कैनोइंग और कयाकिंग और ताइक्वांडो में भी उत्तराखंड सोना जीत चुका है।

 

पिछले राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड को मिले पदक-

आयोजन राष्ट्रीय खेल रैंक स्वर्ण रजत कांस्य कुल पदक
गोवा 37वें 25वीं  3  7 14 24
गुजरात 36वें 26वीं 1 8 9 18
केरल 35वें 23वीं 2 5 12 19
झारखंड 34वें 19वीं 4 4  5 13
गुवाहटी 33वें 18वीं 4 4  5 13

 

Uttarakhand: रुद्रपुर पहुंचे सीएम धामी, राष्ट्रीय खेलों का किया अवलोकन, विजेताओं को किया सम्मानित, UCC को लेकर कही ये बात.

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज स्पोर्ट्स स्टेडियम रुद्रपुर पहुंचे। इस दौरान सीएम के साथ उत्तराखंड ओलंपिक संघ के अध्यक्ष महेश नेगी, विधायक शिव अरोरा, मेयर विकास शर्मा, नागेन्द्र शर्मा सहित अनेक मौजूद रहे।

रुद्रपुर में स्पोर्ट्स स्टेडियम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मैच देखने आए बच्चों से मुलाकात की। उन्होंने वेलोड्रम में साइकिलिंग प्रतियोगिता देखी और खुद भी वेलोड्रम में साइकिलिंग की। उन्होंने विजेता सर्विसेज की टीम को गोल्ड, पंजाब को रजत और राजस्थान की टीम को कांस्य पदक दिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खेलों से पूरे प्रदेश में लोगों में उत्साह का माहौल है। 11 जगहों पर राष्ट्रीय खेल हो रहे हैं। उत्तराखंड के खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। रुद्रपुर में शूटिंग रेंज बनाई गई है। हर जगह पर बहुउद्देशीय हाल बनाए गए है।
14 फरवरी को ग्रह मंत्री अमित शाह खेलों का समापन करेंगे। उन्होंने कहा कि बजट में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए प्रावधान होंगे। इसके साथ ही युवा और महिलाओं के लिए बजट में विशेष रहेगा। यूसीसी की जो गंगा देवभूमि से बही है। गुजरात ने इसका अनुश्रवण किया है। इससे कुरीतियों से मुक्ति मिलेगी।

Uttarakhand: 3 दिवसीय दौरे पर उत्तराखंड पहुंचे सीएम योगी, पैतृक गांव रवाना, भतीजी की शादी में होंगे शामिल.

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने तीन दिवसीय कार्यक्रम के तहत उत्तराखंड पहुंचे हैं। पौड़ी स्थित अपने पैतृक गांव पहुंचते ही उन्होंने सबसे पहले पौड़ी गढ़वाल में मानगढ़ वासनी देवी की प्राण प्रतिष्ठा में हिस्सा लिया। यहां उन्होंने पूजा अर्चना कर माता का आशीर्वाद लिया।।

सीएम योगी अपनी भतीजी की शादी में शामिल होने और पौड़ी जिले स्थित अपने पैतृक गांव पंचूर में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए उत्तराखंड आए हैं। मुख्यमंत्री योगी सुबह विमान से जौलीग्रांट पहुंचे। जहां केबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल और गणेश जोशी ने उनका पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। इसके बाद वे हेलिकॉप्टर यमकेश्वर के तल्ला बनास गांव को रवाना हुए। जहां वे मां गढ़वासिनी मंदिर मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा में हिस्सा लेंगे और बाद में जनसभा को संबोधित करेंगे।
सीएम योगी तल्ला बनास के ग्रामीणों के साथ रुद्राक्ष के पेड़ों का रोपण भी करेंगे। महा योगी गुरु गोरखनाथ डिग्री कॉलेज में 100 फीट तिरंगा पार्क का अनावरण करेंगे।  तीन दिवसीय कार्यक्रम के बाद वे शनिवार को देहरादून एयरपोर्ट से वापस लखनऊ रवाना होंगे।

National Games: उत्तराखंड ने जीता चौथा गोल्ड मेडल, लॉन बॉल्स में जीता गोल्ड, झारखंड और दिल्ली ने भी जीत के साथ पदक किए अपने नाम.

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38वें राष्ट्रीय खेलों की लॉन बॉल स्पर्धा में बुधवार को झारखंड ने दो और उत्तराखंड व दिल्ली ने एक-एक स्वर्ण पदक जीता। उत्तराखंड ने अलग-अलग श्रेणी में दो कांस्य भी अपने नाम किए।

झारखंड का दमदार प्रदर्शन-

पुरुष पेयर्स के फाइनल में झारखंड ने असम को एकतरफा मुकाबले में 25-04 के बड़े अंतर से हराया। वहीं, महिला फोर्स के फाइनल में भी झारखंड ने पश्चिम बंगाल को 18-08 से मात दी। अंडर-25 महिला के फाइनल में झारखंड ने असम को 21-20 से हराकर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। अंडर 25 महिला वर्ग में झारखंड के लिए स्वर्ण जीतने वाली बसंती कुमारी ने कहा कि मैच काफी मुश्किल था, लेकिन हमने अच्छा खेल दिखाया। उत्तराखंड आकर बहुत अच्छा लगा, हम फिर से यहां आना चाहेंगे।

दिल्ली और पश्चिम बंगाल की जीत-

पुरुष ट्रिपल्स के खिताबी मुकाबले में दिल्ली ने झारखंड को 25-08 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। महिला सिंगल्स के फाइनल में पश्चिम बंगाल की खिलाड़ी ने झारखंड को 21-08 से हराकर खिताब अपने नाम किया।

उत्तराखंड ने अंडर-25 पुरुष फाइनल में मारी बाजी-

अंडर-25 पुरुष कैटेगरी का फाइनल मुकाबला असम और उत्तराखंड के बीच बेहद रोमांचक रहा। उत्तराखंड ने 21-20 के नजदीकी अंतर से जीत हासिल कर स्वर्ण पदक पर कब्जा किया। लॉन बाल के मुकाबले 6 फरवरी से फिर शुरू होंगे, जिसमें पुरुष फोर्स सिंगल्स, महिला पेयर्स और महिला ट्रिपल्स के इवेंट खेले जाएंगे।

उत्तराखंड में 3 दिन के दौरे पर रहेंगे सीएम योगी, पैतृक गांव में करेंगे प्रवास, सुरक्षा कर्मियों की टीम पहुंची.

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Yogi Adityanath Uttarakhand Visit: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दो दिवसीय दौरे पर यमकेश्वर आ सकते हैं। अपने पैतृक गांव पंचूर में भतीजी की शादी के साथ ही वह कुछ और कार्यक्रमों में शामिल हो सकते हैं।उत्तर प्रदेश से सुरक्षा कर्मियों की एक टीम यहां पहुंच चुकी है। स्थानीय पुलिस, प्रशासन भी तैयारी में जुटा है। हालांकि, अभी सीएम योगी के कार्यक्रम का मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम नहीं आया है।

योगी महाविद्यालय में स्टालों का निरीक्षण करने के साथ किसानों को करेंगे सम्मानित-

 

गुरु गोरखनाथ महाविद्यालय बिथ्याणी में पांच और छह फरवरी को पंतनगर विश्वविद्यालय की ओर से कृषि मेला लगाया जाना है। छह फरवरी को मेले का समापन होना है। अब तक चल रही पुलिस और प्रशासनिक तैयारियों के अनुसार सीएम योगी महाविद्यालय में स्टालों का निरीक्षण करने के साथ किसानों को सम्मानित करेंगे।

 

महाविद्यालय में प्रशासन के साथ ही विवि की ओर से भी स्टाल लगाए जा रहे हैं। महाविद्यालय में लगे सौ फीट ऊंचे तिरंगे झंडे का भी वह उद्घाटन करेंगे। सात फरवरी को उनके पैतृक गांव पंचूर में उनकी भतीजी की शादी है। छह फरवरी को रात्रि विश्राम उनका पैतृक गांव पंचूर में होगा। दिन में वह शादी समारोह में शामिल होंगे। इसके साथ ही वह तल्ला बंणास मेंं एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होंगे।

 

उत्तर प्रदेश से एसपी सुरक्षा के नेतृत्व में एक टीम पहुंची-

 

बताया जा रहा है कि वहां उनका करीब दो घंटे का कार्यक्रम है। उसके बाद वह शाम को रवाना हो जाएंगे। वहीं, उत्तर प्रदेश से एसपी सुरक्षा के नेतृत्व में एक टीम पहुंच चुकी है। टीम ने कार्यक्रम स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को परखा। प्रभारी एसएसपी पौड़ी चंद्रमोहन सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का कार्यक्रम प्रस्तावित है। अभी कार्यक्रम नहीं आया है।

 

 

मायाकुंड में 43 लाख की लागत से बनेगा सामुदायिक केंद्र-

 

जागरण संवाददाता, ऋषिकेश: मायाकुंड में नगर निगम सामुदायिक केंद्र बनाएगा। करीब 43 लाख की लागत से निर्माण कार्यों का टेंडर जारी कर दिया गया है। वहीं, निगम ने डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए भी टेंडर जारी किए हैं। जब तक नई कंपनी काम के लिए नहीं आती है, पुरानी कंपनी ही जिम्मा संभालेगी। निगम क्षेत्र के मायाकुंड में पुराना भवन बना है। इस भवन में फिलहाल व्यवस्था ठीक नहीं है। यह जीर्ण-शीर्ण बना हुआ है।

 

 

जिलाधिकारी और नगर निगम के प्रशासक सविन बसंल के जनता दरबार में इसका मुद्दा उठा था। जिलाधिकारी ने नगर निगम के अधिकारियों को सामुदायिक केंद्र बनाने के निर्देश दिए। इसके बाद निगम ने इसके लिए प्रयास शुरू किए। निगम की ओर से 43 लाख की लागत से सामुदायिक केंद्र बनाने के टेंडर जारी किए गए हैं। इसमें हाल, कमरों का निर्माण कराया जाएगा।

 

 

नगर आयुक्त शैलेंद्र नेगी ने बताया कि इसके टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो गई है। वहीं, नगर निगम ने शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए भी टेंडर जारी किए हैं। शहर के चालीस वार्डों में निगम घरों से कूड़ा उठा रहा है। एक एजेंसी के माध्यम से यह काम किया जा रहा है। नगर आयुक्त ने बताया कि जब तक नई एजेंसी नहीं आ जाती तब तक पुरानी कंपनी को ही काम करने को कहा गया है।

बांग्लादेशी-घुसपैठियों का समर्थन और प्रोटेक्शन करती है दिल्ली की ‘आप’ सरकार, CM धामी का हमला.

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Dehradun: दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर चुनावी शोर थम चुका है.  इस बार दिल्ली चुनाव में बीजेपी ने तमाम दिग्गजों को चुनाव प्रचार में उतारा, जिसमें सीएम पुष्कर धामी भी शामिल रहे. उन्होंने चुनाव प्रचार को धार दी. वहीं, दिल्ली में चुनावी प्रचार प्रसार कर देहरादून लौटे सीएम धामी ने बड़ा बयान दिया है. सीएम धामी ने आरोप लगाते हुए कहा कि दिल्ली की आप सरकार एक ओर घुसपैठियों-बांग्लादेशियों का समर्थन और प्रोटेक्शन करती है तो वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश, बिहार और उत्तराखंड के लोगों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है.

 

सीएम धामी ने बांग्लादेशी घुसपैठिए के मामले में आप सरकार को घेरा-

 

 उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिल्ली में प्रचार प्रसार के दौरान बांग्लादेशी घुसपैठियों के मामले को लेकर आप सरकार पर जमकर निशाना साधा था. सीएम धामी ने आरोप लगाते हुए कहा कि जब घुसपैठियों और बांग्लादेशियों की बात आती है तो आम आदमी पार्टी वाले उनका समर्थन करते हैं. साथ ही उनको प्रोटेक्शन करते हैं. जबकि, उत्तर प्रदेश, बिहार और उत्तराखंड के रहने वाले लोगों को अपना नहीं समझते हैं, बल्कि उनको बाहरी समझते हैं. साथ ही इन लोगों के साथ दोगलापन जैसा व्यवहार करते हैं.

 

सीएम धामी- 

 

सीएम धामी ने कहा कि जब बांग्लादेश में नरसंहार हो रहा था. हिंदुओं के साथ अत्याचार और अमानवीय व्यवहार हो रहा था. माताओं-बहनों के साथ हर तरह से अन्याय हो रहा था, उस दौरान इन लोगों ने एक भी आवाज नहीं उठाई. जबकि, ये लोग छोटी-छोटी बातों पर जंतर मंतर में धरना करते हैं. कभी कैंडल मार्च निकालते हैं, लेकिन बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के मामले पर विपक्ष को सांप सूंघ गया था. यही वजह है कि दिल्ली की जनता अब इनसे सवाल कर रही है कि उस दौरान इन्होंने सवाल क्यों नहीं उठाया?

 

जेएनयू की रिपोर्ट से खलबली-

 

 दरअसल, दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के बीच बांग्लादेशी घुसपैठियों का मामला काफी चर्चाओं में रहा. हाल ही में जेएनयू (जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय) ने एक रिपोर्ट भी जारी की है. जिसके अनुसार दिल्ली के 20 इलाकों में बांग्लादेशी घुसपैठियों की आबादी काफी ज्यादा है. अनुमान लगाया जा रहा है कि दिल्ली में करीब बांग्लादेशी घुसपैठियों की आबादी 20 लाख है. यही वजह है कि बीजेपी लगातार इस पूरे मामले पर सवाल उठा रही है. विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी इस मामले को भुनाने की कवायद में भी जुटी हुई है.

 

Live In Relationship: लिव इन में रहने के लिए उत्तराखंड के पहले जोड़े को मिली मंजूरी, अब दूसरे जिले से भी आए आवेदन.

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समान नागरिक संहिता के तहत लिव इन रिलेशनशिप का पंजीकरण कराने के लिए प्राप्त तीन आवेदनों में से एक को कानूनी मान्यता दे दी गई है। लिव इन रिलेशनशिप के लिए पहले जोड़े को पंजीकृत कर लिया गया है। यह युगल देहरादून जिले का बताया जा रहा है, हालांकि दून से प्राप्त दो आवेदनों के अलावा एक आवेदन दूसरे जिले से भी प्राप्त हुआ था।

पहला पंजीकरण देहरादून से ही हुआ है, इस पर अभी जिला प्रशासन ने मुहर नहीं लगाई है, लेकिन सूत्रों के अनुसार पहला पंजीकरण दून क्षेत्र में ही हुआ है। गौरतलब हो कि उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता ने लिव इन रिलेशनशिप को कानूनी मान्यता मिलने के बाद दून में दो जोड़े सबसे पहले पंजीकरण कराने के लिए आगे आए।

दोनों युगलों ने यूसीसी पोर्टल पर आवेदन किया। इसके अलावा राज्य से दूसरे जिले से भी एक जोड़े ने आवेदन किया है। पुलिस आवेदनों की जांच कर रही है। दस्तावेज व दावे सही पाए जाने के बाद पहले जोड़े को लिव इन में रहने के लिए कानूनी तौर पर अनुमति दे दी गई है।
भरना होता है 16 पेज का फॉर्म-

यूसीसी अधिनियम के तहत जो भी जोड़े लिव इन रिलेशनशिप का पंजीकरण कराएंगे, उन्हें 16 पेज का फॉर्म भरना होगा। पंजीकरण शुल्क जमा करना होगा और यह भी बताना होगा कि अगर भविष्य में वह विवाह करना चाहें तो वो इस योग्य हैं या नहीं। जोड़े को पिछले लिव इन संबंधों का विवरण भी देना होगा।I