Category Archive : राष्ट्रीय खबर

Uttarakhand: 38वें राष्ट्रीय खेलों का काउंटडाउन शुरू, उत्तराखंड सरकार ने की तैयारियां तेज, 5 खेलों के लिए पंजीकरण प्रक्रिया तय.

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Dehradun: 38वें राष्ट्रीय खेलों के लिए उत्तराखण्ड सरकार ने तैयारियां तेज कर ली है। राष्ट्रीय खेल सचिवालय युद्धस्तर पर तैयारियों में जुटा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राष्ट्रीय खेलों की तैयारी चरणबद्ध ढंग से आगे बढ़ रही है। राज्य सरकार पहली बार उत्तराखण्ड में आयोजित हो रहे राष्ट्रीय खेलों के भव्य आयोजन के लिए प्रतिबद्ध है। 

38वें राष्ट्रीय खेलों के अंतर्गत पांच खेलों के लिए पंजीकरण प्रणाली तय कर ली गई है। गेम्स टेक्निकल कंडक्ट कमेटी (जीटीसीसी) ने इस संबंध में निर्णय ले लिया है। पंजीकरण प्रणाली को तय करते हुए जीटीसीसी ने राज्य खेल संघों के लिए प्रविष्टि की अंतिम तिथि भी तय कर दी है। राज्य खेल संघों को तीन चरणों में तीन से 13 जनवरी तक प्रविष्टि सुनिश्चित करनी होगी। जिन खेलों के लिए पंजीकरण प्रणाली तय की गई है, उसमें हैंडबाॅल, बीच हैंडबाॅल, ताइक्वांडो, वाॅलीबाॅल और बीच वाॅलीबाॅल शामिल हैं। 

पंजीकरण प्रणाली के अंतर्गत राष्ट्रीय खेल महासंघ अपने संबंधित खेलों के दिशा निर्देशों के अनुसार योग्य एथलीटों के नाम संबंधित राज्य खेल संघों को प्रदान करेंगे। एनएसएफ खेल सूची को संबंधित राज्य खेल संघों के साथ साझा करेगें। हैंडबाॅल और बीच हैंडबाॅल खेल के लिए वर्ष 2023 में गोवा में आयोजित 37वें राष्ट्रीय खेलों में भाग लेने वाली शीर्ष सात टीमों को उत्तराखण्ड में 38वें राष्ट्रीय खेलों में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया जाएगा।

 

पांडवाज बैंड मचाएगा धूम-

राष्ट्रीय खेलों के दौरान देश भर के लोगों के सामने उत्तराखंड की संस्कृति को एक नए तेवर और कलेवर के साथ पेश करने की तैयारी है। इसकी शुरुआत मशाल यात्रा से की जा रही है। मशाल यात्रा के दौरान मशहूर पांडवाज बैंड के प्रदेश भर में कुल 5 शो आयोजित किए जाएंगे। इनके अलावा कमला देवी जैसे लोक कलाकारों से भी बातचीत की जा रही है और हर जनपद में एक या दो ऐसे बड़े आयोजन करने की योजना है, जो प्रदेश की संस्कृति को दिखाते हों।

 

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ताइक्वांडो खेल में एथलीटों का चयन आईओसी/जीटीसीसी द्वारा नियुक्त चयन समिति के तहत देहरादून में आयोजित किया जाएगा। ये चयन सभी ताइक्वांडो एथलीटों के लिए खुले रहेंगे। व्यक्तिगत स्पर्धाओं के लिए प्रत्येक भार वर्ग में शीर्ष एथलीट (पुरूष व महिला) अपने-अपने राज्यों का प्रतिनिधित्व करने के लिए पात्र होंगे। टीम स्पर्धाओं में चयन समिति टीमों की रैंकिंग घोषित करेगी और शीर्ष आठ टीमें (पुरूष व महिला), जिनमें से प्रत्येक में तीन एथलीट पात्र होंगे। मिश्रित जोड़ी स्पर्धा के लिए, चयन समिति शीर्ष आठ जोड़ियां की सूची घोषित करेगी, जो भाग लेने के पात्र होंगे। इन परीक्षणों में योग्य एथलीटों का उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए मानकीकृत और पारदर्शी प्रक्रियाओं का पालन करना होगा।

 

राष्ट्रीय खेलों के रंग में रंगा होगा गणतंत्र दिवस- 

इस साल प्रदेश में हाेने वाले 26 जनवरी के आयोजन भी राष्ट्रीय खेलों के रंग में रंगे होंगे। स्कूल कालेजों में होने वाले आयोजनों में राष्ट्रीय खेलों से जुडे प्रतीकों की झांकियां भी शामिल की जाएंगी। इसके अलावा गणतंत्र दिवस पर हर स्कूल में राष्ट्रीय खेलों के महत्व और इसके इतिहास से बच्चों को परिचित कराया जाएगा। साथ ही उन्हें खेलों में बेहतर प्रदर्शन करने पर मिलने वाले लाभों की जानकारी भी दी जाएगी।

 

वाॅलीबाॅल और बीच वाॅलीबाॅल टीमों के लिए 2022 में अहमदाबाद, गुजरात में आयोजित 36वें राष्ट्रीय खेलों में भाग लेने वाली राज्य टीमों (गुजरात को छोड़कर) को उत्तराखण्ड में 38वें राष्ट्रीय खेलों में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। राज्य ओलंपिक संघों और संबंधित राज्य वॉलीबॉल संघों को वॉलीबॉल और बीच वॉलीबॉल के लिए टीम चयन परीक्षण आयोजित करने का अधिकार है। इन परीक्षणों में योग्य एथलीटों का उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए मानकीकृत और पारदर्शी प्रक्रियाओं का पालन करना होगा।

 

 

उत्तराखण्ड की फिल्म नीति पर बढ़ता भरोसा, बॉलीवुड अभिनेत्री पद्मिनी कोल्हापुरे ने सीएम धामी से की भेंट।

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Dehradun:  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से रविवार को सीएम आवास में बॉलीवुड की अभिनेत्री पद्मिनी कोल्हापुरे ने शिष्टाचार भेंट की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड राज्य बड़े फिल्म शूटिंग डेस्टीनेशन के तौर पर उभर रहा है। देशभर से फिल्म निर्माता उत्तराखंड के प्राकृतिक सौंदर्य को देखकर राज्य में फिल्म शूटिंग के लिए आ रहें हैं। यहां फिल्मांकन की संभावनाओं को देखते हुए राज्य सरकार, इस दिशा में लगातार आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने कहा उत्तराखण्ड की नई फिल्म नीति, राज्य में फिल्मों को बढ़ावा दे रही है। बॉलीवुड के साथ ही स्थानीय बोली भाषाओं पर आधारित फिल्मों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। देवभूमि में आने वाला हर कोई यहां का बेहतर अनुभव लेकर जा रहा है।

 

सीएम धामी ने कहा कि राज्य में उत्तराखण्ड फिल्म नीति-2024 बनाई गई है। हिन्दी एवं संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल भाषाओं की फिल्मों को अनुदान राशि राज्य में व्यय कुल धनराशि का 30 प्रतिशत या अधिकतम 03 करोड़ का अनुदान दिया जा रहा है। विदेशी फिल्मों और 50 करोड़ से अधिक बजट की फिल्मों पर राज्य में व्यय राशि का 30 प्रतिशत या अधिकतम 03 करोड़ तक का अनुदान दिया जा रहा है।

 

Uttarakhand: नेता, अफसर के साथ ही आम जन के लिए खोले सीएम धामी ने दिल्ली में नवनिर्मित उत्तराखंड निवास के दरवाजे.

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Dehradun: सीएम पुष्कर सिंह धामी ने निर्देश दिए कि नई दिल्ली में नवनिर्मित उत्तराखंड निवास आम जन के लिए भी उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जाए। सीएम ने  प्रकाशित खबरों का संज्ञान लेते हुए कहा कि उत्तराखंड निवास में कक्ष आरक्षण के लिए जारी शासनादेश को तत्काल संशोधित किया जाए और उत्तराखंड के आम व्यक्ति को भी उपलब्धता के आधार पर वहां कक्ष मिल सके ऐसी व्यवस्था की जाए। मुख्यमंत्री ने दरों का भी पुनर्निर्धारण करने के निर्देश दिए है।

 

बुधवार को जारी शासनादेश को सीएम धामी ने संशोधित करने के निर्देश दिए। शासनादेश के मुताबिक दिल्ली में बनाए गए नए उत्तराखंड निवास में केवल नेता और आला अफसरों को ही ठहरने की सुविधा दिए जाने की बात कही गई थी। बाकी के लिए यहां प्रवेश नहीं रहेगा। राज्य संपत्ति विभाग ने इसके लिए रेट लिस्ट और ठहरने के पात्र लोगों की सूची जारी कर दी थी।

 

 

उत्तराखंड निवास में केवल राज्यपाल, मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, मंत्री, नेता प्रतिपक्ष, हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश व न्यायाधीश, सांसद, विधायक, दायित्वधारी, पूर्व मुख्यमंत्री, एडवोकेट जनरल, राष्ट्रीय या राज्य स्तर का दर्जा प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रदेश अध्यक्ष, विभिन्न संवैधानिक आयोगों के अध्यक्ष, मेयर, जिपं अध्यक्ष, मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव, पुलिस महानिदेशक, अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक, प्रमुख वन संरक्षक, मुख्य वन संरक्षक, राज्य के मुख्य स्थायी अधिवक्ता, 13-ए ग्रेड लेवल या उच्च वेतन के अफसरों को ठहरने की सुविधा दी जानी थी।

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अपर सचिवों से लेकर आम आदमी तक के लिए यहां ठहरने की व्यवस्था नहीं की गई। जिसका संज्ञान लेते हुए सीएम धामी ने तत्काल इसे संशोधित करने के निर्देश दिए। यहां उत्तराखंड शासन या सरकारी विभागों की बैठक निशुल्क कराई जा सकेंगी। निगमों या समितियों को बैठक के लिए 15,000 रुपये प्रतिदिन प्रति कार्यक्रम देने होंगे। अन्य को 35,000 रुपये प्रति कार्यक्रम देने होंगे।

 

UCC: जनवरी 2025 से उत्तराखंड में लागू होगा यूनिफॉर्म सिविल कोड, मुख्यमंत्री धामी ने कहा-सभी तैयारियां पूरी.

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड में जनवरी 2025 से  समान नागरिक संहिता लागू हो जाएगी। इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बुधवार को सचिवालय में उत्तराखंड निवेश और आधारिक संरचना विकास बोर्ड (यूआईआईडीबी) की बैठक के दौरान सीएम धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार अपने संकल्प के अनुसार, समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में होमवर्क पूरा कर चुकी है।

सीएम धामी ने कहा कि मार्च 2022 में प्रदेश में नई सरकार बनने के बाद मंत्रिमंडल की पहली बैठक में ही प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति, गठित करने का निर्णय लिया गया था। इस क्रम में सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया।

समिति की रिपोर्ट के आधार पर 07 फरवरी, 2024 को राज्य विधान सभा से समान नागरिक संहिता विधेयक 2024 पारित किया गया। इस विधेयक पर महामहिम राष्ट्रपति की सहमति मिलने के बाद 12 मार्च, 2024 को इसका नोटिफिकेशन जारी किया गया। इसी क्रम में अब समान नागरिक संहिता, उत्तराखण्ड 2024 अधिनियम की नियमावली भी तैयार कर ली है।

एक पोर्टल तथा मोबाइल एप भी तैयार किया गया-
इस तरह उत्तराखंड अब जनवरी से समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए पूरी तरह तैयार है, उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए, संहिता के प्रावधान लागू करने के लिए कार्मिकों का समुचित प्रशिक्षण देने के साथ ही सभी तरह की आधारभूत सुविधाएं जुटा ली जाएं। साथ ही अधिक से अधिक सेवाओं को ऑनलाइन रखते हुए, जनसामान्य की सुविधा का ख्याल रखा जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जन सामान्य की सुलभता के दृष्टिगत समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए एक पोर्टल और मोबाइल एप भी तैयार किया गया है, जिससे कि पंजीकरण, अपील आदि की समस्त सुविधाएं ऑनलाइन माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही हैं।

जनवरी, 2025 में उत्तराखंड में राज्य समान नागरिक संहिता लागू हो जाएगी। उत्तराखंड का समान नागरिक संहिता कानून, सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास की मूल भावना पर चलते हुए, समाज को नई दिशा देगा। यह कानून विशेषकर  देवभूमि की महिलाओं और बच्चों के सशक्तिकरण के नए द्वार खोलेगा। -पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड

Delhi: दिल्ली में 60 साल से ऊपर के बुजुर्गों का होगा अब मुफ्त में इलाज, केजरीवाल ने किया संजीवनी योजना का एलान.

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नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) के संरक्षक व पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में बुजुर्गों के लिए संजीवनी योजना शुरू करने का एलान किया है। 

इस योजना के तहत दिल्ली में 60 वर्ष से अधिक उम्र के सभी बुजुर्गों का नि:शुल्क उपचार दिया जाएगा। केजरीवाल ने एलान किया कि उनके उपचार का पूरा खर्च दिल्ली सरकार उठाएगी। 

आम आदम पार्टी ने दिल्ली में बुजुर्गों के उपचार के लिए संजीवनी योजना लागू करने का वादा किया है। पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इसकी घोषणा की। केजरीवाल ने कहा, इस योजना के अंतर्गत 60 वर्ष से अधिक उम्र के सभी बुजुर्गों का दिल्ली में नि:शुल्क उपचार होगा। चुनाव के बाद सरकार बनने के बाद इसे लागू किया जाएगा। 

तीर्थ यात्रा का पूरा खर्च उठाती है सरकार –

उन्होंने कहा, श्रवण कुमार से प्रेरित होकर उन्होंने मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना शुरू की है। इस योजना के अंतर्गत दिल्ली के लगभग एक लाख बुजुर्ग देश के कोने-कोने में स्थित तीर्थ स्थलों की यात्रा कर चुके हैं। तीर्थ यात्रा का पूरा खर्च सरकार उठाती है।

 

इसके बदले हम सभी को दुआ मिलती है, जिसका कोई मूल्य नहीं है। इस उम्र में सभी को अपने स्वास्थ्य की चिंता होती है। उम्र बढ़ने के साथ ही कई तरह की बीमारियों से व्यक्ति पीड़ित हो जाता है। उसके लिए उपचार कराना सबसे बड़ी चिंता होती है।

 

चिंता की कोई बात नहीं-

आर्थिक रूप से संपन्न कई परिवारों में भी बुजुर्गों का ध्यान नहीं रखा जाता है। लेकिन, चिंता की कोई बात नहीं है क्योंकि उनका यह बेटा अभी जीवित है। रामायण में जब लक्ष्मण जी मूर्छित हुए थे तो हनुमान जी उनके लिए संजीवनी लेकर आए थे।

 

भेदभाव या कोई शर्त नहीं होगी-

केजरीवाल ने कहा आम आदमी पार्टी दिल्ली में बुजुर्गों के लिए संजीवनी योजना शुरू करेगी। 60 वर्ष से अधिक उम्र के सभी बुजुर्गों को इसका लाभ मिलेगा। इसमें किसी तरह का भेदभाव या कोई शर्त नहीं होगा। प्रत्येक आय वर्ग के लोगों को यह सुविधा मिलेगी। उपचार में खर्च की भी कोई सीमा नहीं होगी। उपचार सरकारी अस्पताल में हो या निजी अस्पताल में पूरा खर्च सरकार उठाएगी।

 

चुनाव से पहले शुरू कर दिया जाएगा पंजीकरण-

योजना चुनाव के बाद लागू होगी, लेकिन पंजीकरण शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए बुजुर्गों को कहीं जाने की जरूरत नहीं है। आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता घर-घर जाकर बुजुर्गों का पंजीकरण कर उन्हें कार्ड देंगे।

 

महिलाओं के लिए भी किया था बड़ा एलान-

इससे पहले अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली की सभी महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना शुरू करने की घोषणा की थी। केजरीवाल ने कहा कि चुनाव के बाद दिल्ली की हर महिला के खाते में 2100 रुपये भेजे जाएंगे।

Maharashtra: देवेंद्र फरडणवीस होंगे महाराष्ट्र के नए CM, कल आजाद मैदान में लेंगे तीसरी बार शपथ।

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भाजपा कोर कमेटी की बैठक में देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) के नाम पर मुहर लग गई है। इसके बाद भाजपा विधायक दल की बैठक में पार्टी नेता चंद्रकांत पाटिल और सुधीर मुनगांटीवार ने उनके नाम का प्रस्ताव रखा। इस पर सभी विधायकों ने उन्हें सर्वसम्मति से अपना नेता चुना।

केंद्रीय पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में महाराष्ट्र विधानसभा भवन में विधायक दल की बैठक हुई। पांच दिसंबर को शाम पांच बजे दक्षिण मुंबई के आजाद मैदान में शपथ ग्रहण समारोह है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कई केंद्रीय मंत्रियों और एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री की मौजूदगी में देवेंद्र फडणवीस तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।
कोर कमेटी की बैठक में महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में पार्टी को जीत मिली है। सभी ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा। जनता ने खुलकर वोट दिया।
देवेंद्र फडणवीस तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। पहली बार 2014 में देवेंद्र मुख्यमंत्री बने थे। उन्होंने पांच साल अपना कार्यकाल पूरा किया था। हालांकि 2019 में वे महज 80 घंटे ही सीएम की कुर्सी पर रहे। हालांकि बाद में फडणवीस एकनाथ शिंदे की सरकार में डिप्टी सीएम की भूमिका भी निभा चुके हैं।

Farmer Protest: क्यों दिल्ली कूच पर अड़े किसान, कब से चल रहा किसानों का प्रदर्शन, जानिए क्या हैं किसानों की मांगें?

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संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में हजारों किसान नोएडा से दिल्ली कूच करने पर अड़े हैं। किसानों के दिल्ली कूच आह्नान को देखते हुए पुलिस की ओर से जीरो प्वाइंट पर बैरिकेड लगाकर चेकिंग की जा रही है। इसके अलावा कासना, दादरी अन्य रूट से दिल्ली जाने वाले मार्ग पर बैरिकेड लगाकर चेकिंग की जा रही है।
चेकिंग की वजह से कई चौराहों पर यातायात का दबाव है। कई किसान नेताओं को उनके घर में नजरबंद किया गया है। किसानों को दिल्ली जाने से रोकने के लिए चार हजार से ज्यादा पुलिस बल सड़कों पर है। एक दिन पहले ही तीनों प्राधिकरण और जिला प्रशासन के साथ किसानों की बैठक विफल रही।
दो घंटे तक जारी बैठक में के बाद संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़े किसान नेताओं ने सोमवार को दिल्ली कूच करने की घोषणा की है। किसान नेताओं ने दावा किया कि गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, हापुड़ और आगरा से आए किसान दिल्ली के लिए रवाना होंगे।
पिछले काफी समय से किसान नोएडा की तीनों प्राधिकरण का घेराव करते आ रहे हैं। आंदोलन करने वाले किसान संगठन जमीन अधिग्रहण से प्रभावित किसानों को 10 प्रतिशत विकसित प्लॉट और नए भूमि अधिग्रहण कानून का फायदा देने की मांग कर रहे हैं।
क्या हैं किसानों की मांगें-

  • 10 फीसदी विकसित भूखंड और 64.7 फीसदी अतिरिक्त मुआवजा प्रमुख मुद्दा है।
  • नए भूमि अधिग्रहण कानून के मुताबिक, एक जनवरी 2014 के बाद अधिग्रहित भूमि का मुआवजा दिया जाए
  • गौतमबुद्ध नगर में 10 वर्ष से सर्किल रेट भी नहीं बढ़ा है, उसे बढ़ाया जाए
  • जिले में नए भूमि अधिग्रहण कानून के लाभ लागू हों।
  • नए भूमि अधिग्रहण कानून के सभी लाभ, हाई पावर कमेटी द्वारा किसानों के हक में भेजी गई सिफारिशें लागू की जाएं
  • भूमिधर, भूमिहीन किसानों के बच्चों को रोजगार और पुनर्विकास के लाभ मिलें।

कब से हो रहा धरना-प्रदर्शन?

  • संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर मोर्चा से जुड़े 10 किसान संगठनों ने 25 नवंबर को प्रदर्शन कर महापड़ाव शुरू किया।
  • ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के बाद किसान यमुना प्राधिकरण दफ्तर के सामने 28 नवंबर से धरने पर बैठे हैं।
  • रविवार को किसानों और अधिकारियों के बीच हाईलेवल की बेनतीजा बैठक हुई

Uttarakhand: पीएम आवास 2.0 से बदलेगी अब मलिन बस्तियों की सूरत, विस्थापन और पुनर्वास को लेकर किए खास प्रावधान.

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प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 से मलिन बस्तियों की सूरत बदल सकती है। इस बार योजना में मलिन बस्तियों के पुनर्वास और विस्थापन को लेकर भी खास प्रावधान किए गए हैं। राज्य में 582 मलिन बस्तियां पुनर्वास के इंतजार में हैं। पीएम आवास योजना 2.0 लॉन्च हो चुकी है।

उत्तराखंड ने इसके लिए केंद्र से करार भी कर लिया है। मलिन बस्तियों के पुनर्वास, विस्थापन को लेकर दो श्रेणियों में सरकार सहायता करेगी। पहली श्रेणी बीएलसी यानी लाभार्थी आधारित है।इसमें अपनी जमीन पर मकान बनाने के लिए केंद्र सरकार 2.25 लाख रुपये और राज्य सरकार 50 हजार रुपये की मदद देगी।
जमीन की कागजी प्रक्रिया भी निशुल्क होगी। मलिन बस्तियों के अपग्रेडेशन और इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत बनाने के लिए भी इस योजना में पैसा मिलेगा।दूसरी श्रेणी एफॉर्डेबल हाउसिंग इन पार्टनरशिप यानी एएचपी है। इसमें निजी विकासकर्ता की मदद से मलिन बस्तियों का पुनर्वास किया जा सकता है।
मलिन बस्ती की लोकेशन सही न होने पर अन्य किसी क्षेत्र में विकसित की जा सकती है। इसमें भी सरकार अलग से मदद करेगी। राज्य सरकार कई साल से मलिन बस्तियों के पुनर्वास और विस्थापन को लेकर प्रयास कर रही है। पीएमएवाई 2.0 से इसमें तेजी आने की संभावना है।

Maharashtra: महाराष्ट्र के अगले CM के नाम पर सस्पेंस बरकरार, एकनाथ शिंदे ने दिया मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा।

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महाराष्ट्र में अगले सीएम को लेकर सस्पेंस बरकार है। अभी तक किसी नेता के नाम पर मुहर नहीं लगी है। इस बीच मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मुंबई के राजभवन में राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा सौंप दिया। इस दौरान उपमुख्यमंत्री अजित पवार और देवेंद्र फडणवीस उनके साथ मौजूद रहे। हालांकि, अगले सीएम के चुनाव तक एकनाथ शिंदे बतौर कार्यवाहक सीएम पद की जिम्मेदारियां संभालेंगे। दरअसल, महाराष्ट्र विधानसभा का कार्यकाल आज समाप्त हो रहा है।

 

देवेंद्र फडणवीस को मिल सकती है जिम्मेदारी-
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, महायुति में भाजपा को सीएम पद देने पर सहमति बन गई है और भाजपा की तरफ से देवेंद्र फडणवीस को यह जिम्मेदारी मिल सकती है। साथ ही शिवसेना और राकांपा गुट से भी एक-एक डिप्टी सीएम होगा। विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत के बाद भाजपा और शिवसेना के बीच सीएम पद को लेकर खींचतान चल रही है। दरअसल शिवसेना एकनाथ शिंदे को ही सीएम बनाने की मांग कर रही है। शिवसेना महाराष्ट्र में भी बिहार फार्मूला लागू करने की मांग कर रही है, जहां भाजपा ने ज्यादा सीटें जीतने के बावजूद नीतीश कुमार को सीएम बनाया है। शिवसेना के सात सांसद भी प्रधानमंत्री से मुलाकात कर सकते हैं। इसे शिवसेना द्वारा दबाव की राजनीति करने के तौर पर भी देखा जा रहा है।
सीएम के नाम का एलान 30 नवंबर को हो सकता है-
वहीं शिवसेना विधायक और पार्टी प्रवक्ता संजय पांडुरंग शिरसाट ने मीडिया से बात करते हुए दावा किया है कि राज्य के नए सीएम का एलान 30 नवंबर यानी शनिवार को किया जाएगा। पहले ऐसी खबरें आ रहीं थी कि मंगलवार शाम तक ही सीएम के नाम का एलान हो सकता है, लेकिन अब शिवसेना विधायक के बयान से साफ है कि महायुति में सीएम पद पर दावे को लेकर खींचतान जारी है। वहीं मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एकनाथ शिंदे अगर सीएम नहीं बनते हैं तो वे डिप्टी सीएम का पद भी नहीं लेंगे और अपनी जगह पार्टी के ही किसी नेता को डिप्टी सीएम बना सकते हैं। महाराष्ट्र में नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह कब होगा, ये अभी तय नहीं है।
ऐसे रहे परिणाम-
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाली महायुति गठबंधन ने शानदार जीत हासिल करते हुए राज्य की 288 सीटों में से 234 सीटों पर कब्जा कर लिया। इनमें से भाजपा ने सबसे ज्यादा 132, शिवसेना ने 57 और एनसीपी ने 41 सीटों पर जीत दर्ज की है।

Maharashtra Election Result: महाराष्ट्र में किसके सिर सजेगा ताज ? क्या फडणवीस बनेंगे अगले CM या फिर शिंदे के सिर ही रहेगा ताज?

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Maharashtra Election Result 2024 महाराष्ट्र के चुनावी दंगल में भाजपा नीत महायुति गठबंधन की बंपर जीत होती दिख रही है। महायुति महाराष्ट्र विधानसभा की कुल 288 सीटों में से 223 पर आगे चल रही है। वहीं, एमवीए को बड़ी हार मिलती दिख रही है।
इस बीच चुनावी नतीजों के बाद सबसे बड़ा सवाल अब ये है कि महाराष्ट्र की सत्ता कौन संभालेगा। क्या एकनाथ शिंदे ही सीएम बनेंगे या देवेंद्र फडणवीस के सिर ये ताज सजेगा।

फडणवीस का पलड़ा भारी

सीएम की रेस में देवेंद्र फडणवीस का पलड़ा भारी दिख रहा है। दरअसल, महाराष्ट्र में भाजपा 145 सीटों पर चुनाव लड़ी थी और वो 127 सीटों पर आगे चल रही है। भाजपा का जीत का स्ट्राइक रेट सबसे ज्यादा है। वहीं, एकनाथ शिंदे की शिवसेना 81 सीटों पर लड़कर 53 सीटों पर आगे चल रही है।

जीत के अंतर को देखते हुए फडणवीस का पलड़ा भारी दिख रहा है, क्योंकि वो भाजपा के सबसे बड़े चेहरे हैं।

शिंदे को भी मिल सकता है इनाम-

भाजपा ने पिछली बार फडणवीस को डिप्टी सीएम बनाकर चौंकाया था, हालांकि देवेंद्र खुद सरकार में शामिल नहीं होना चाहते थे, लेकिन आलाकमान के दबाव के बाद उन्होंने अपना फैसला पलटा था।

वहीं, एकनाथ शिंदे को भी सीएम बनने की रेस में पीछे नहीं माना जा सकता है। दरअसल, शिंदे ने ऐसे समय में भाजपा का साथ दिया था, जब उन्हें सबसे ज्यादा जरूरत थी। शिंदे ने शिवसेना को तोड़कर उद्धव ठाकरे को सबसे बड़ा झटका दिया था। इसी कारण भाजपा उन्हें इनाम दे सकती है।

वहीं, महायुति की एकता को बनाए रखने के लिए भी भाजपा शिंदे को ही दौबारा सीएम बना सकती है। भाजपा नहीं चाहती कि कोई बगावत करे।

CM पद पर फडणवीस का बयान, बोले- उम्मीद से बड़ी जीत

महाराष्ट्र में बड़ी जीत की ओर बढ़ रही महायुति को लेकर फडणवीस का बयान भी सामने आया है। उन्होंने कहा कि ये उम्मीद से बड़ी जीत है। हम अब मिलकर अगले सीएम का फैसला करेंगे। वहीं, देवेंद्र फडणवीस के करीबी नेता प्रवीन दरेकर ने कहा है कि अगले मुख्यमंत्री ही देवेंद्र फडणवीस हो सकते हैं।