Category Archive : राष्ट्रीय खबर

Kolkata Case: कोलकाता मामले को लेकर दुनियाभर में उठी आवाजें, न्यूयॉर्क से लेकर लंदन तक सड़कों पर उतरे लोग।

522 Minutes Read -

कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में बीते दिनों एक महिला डॉक्टर की दुष्कर्म के बाद हत्या की घटना से पूरे देश में गुस्सा है। इसे लेकर जगह-जगह विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। खासकर डॉक्टर्स और मेडिकल क्षेत्र से जुड़े लोग लगातार कोलकाता मामले में न्याय की मांग उठा रहे हैं। अब यह विरोध प्रदर्शन वैश्विक स्तर पर पहुंच गया है। दुनियाभर में फैले भारतीय मूल के लोग इस मुद्दे पर अपनी आवाज उठा रहे हैं और दोषियों को सख्त सजा देने की मांग कर रहे हैं।

न्यूयॉर्क के टाइम्स स्कवायर पर हुआ प्रदर्शन-
कोलकाता की घटना के विरोध में 14 अगस्त की रात को न्यूयॉर्क के टाइम्स स्कवायर पर एक धरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया। इस दौरान करीब 40 लोग इकट्ठा हुए और बंगाल में प्रदर्शन कर रहे छात्रों और डॉक्टर्स के प्रति अपना समर्थन जाहिर किया। अमेरिका के लॉस एंजेल्स में लेक हॉलीवुड पार्क में भी प्रदर्शनकारी इकट्ठा हुए और कोलकाता की घटना को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान करीब 250 भारतीय मूल के लोग इकट्ठा हुए और उन्होंने अपने हाथों में प्लेकार्ड और बैनर पकड़े हुए थे।

इसी तरह ह्यूस्टन में रहने वाले भारतीय समुदाय ने भी आरजी कर मेडिकल कॉलेज की घटना को लेकर अपना विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने एक महिला डॉक्टर की मेडिकल कॉलेज में ड्यूटी पर दुष्कर्म और हत्या को सिस्टम की असफलता करार दिया और सख्त कार्रवाई की मांग की। शिकागो में बंगाली समुदाय के लोगों ने गुरुवार को एक विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया। साथ ही अटलांटा में भी कोलकाता की घटना को लेकर लोगों ने प्रदर्शन किया।

जर्मनी, पौलेंड और कनाडा में भी प्रदर्शन-
जर्मनी के कोलोग्ने में भी भारतीय मूल के लोग इकट्ठा हुए और डॉक्टर से दुष्कर्म और हत्या की घटना पर नाराजगी जाहिर की। ब्रिटेन के लीड्स में भी बीती 14 अगस्त को आरजी कर मेडिकल कॉलेज की घटना को लेकर लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान लोगों ने कहा कि वह घटना को लेकर दुखी और गुस्से में हैं। लोगों ने इस दौरान अपनी बांह पर विरोध स्वरूप काली पट्टी बांध रखी थी और पीड़िता की याद में एक मिनट का मौन धारण किया। लीड्स के साथ ही मैनचेस्टर में भी लोगों ने कैंडल मार्च निकाला। साथ ही लंदन के ट्रिनिटी चर्च, एडिनबर्ग की प्रिंसेस स्ट्रीट, पौलेंड के कराकोव, कनाडा के ऑस्टिन में भी लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया।

Kolkata Doctor Rape-Murder Case: आज उत्‍तराखंड में भी 24 घंटे के कार्य बहिष्कार पर डॉक्‍टर, देखें तस्वीरें।

477 Minutes Read -

8 अगस्त को कोलकाता के आर जी कर मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर साथ बलात्कार और हत्या की घटना से पूरे देश में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। उत्तराखंड में भी आज डॉक्टर 24 घंटे का कार्य बहिष्कार करेंगे। आज पूरे प्रदेश में अस्पतालों में ओपीडी की सेवाएं ठप रहेंगी।

आज उत्तराखंड में भी डॉक्टरों की हड़ताल-

कोलकाता में रेजिडेंट महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म व हत्या की घटना से पूरे देश में आक्रोश देखने को मिल रहा है। डॉक्टर्स और नर्स हड़ताल कर रहे हैं।

आज उत्तराखंड में भी डॉक्टरों की हड़ताल है। 24 घंटे तक प्रदेश में ओपीडी की सेवाएं ठप रहेंगी। हालांकि इमरजेंसी, पोस्टमार्टम और वीआईपी ड्यूटी के लिए सेवाएं यथावत रहेंगी।

ऋषिकेश एम्स में आज भी चिकित्सकों की हड़ताल-

आपको बता दें कि बीते चार दिनों से ऋषिकेश एम्स में डॉक्टरों की हड़ताल जारी है। आज पांचवे दिन भी ऋषिकेश एम्स में डॉक्टरों की हड़ताल जारी है।वहीं, आज आईएमए ऋषिकेश के बैनर तले निजी अस्पतालों में भी चिकित्सक सामूहिक हड़ताल पर हैं। हिमालयन विश्वविद्यालय जौली ग्रांट के चिकित्सकों व मेडिकल स्टूडेंट की ओर से कोलकाता प्रकरण को लेकर विरोध मार्च निकाला गया।

कोलकाता पुलिस और राज्य सरकार ने अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। जिससे देश-प्रदेश के चिकित्सकों में आक्रोश है। उन्होंने मांग की है कि केंद्र सरकार इस मामले में हस्तक्षेप करें। अपराधियों व अराजक तत्वों को तत्काल प्रभाव से गिरफ्तार किया जाए।चिकित्सालयों में चिकित्सा कर्मियों की सुरक्षा के लिए जो एक्ट बना हुआ है, उसका सख्ती से पालन किया जाए। ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हो सकें।

Independence Day 2024: वन नेशन वन इलेक्‍शन, UCC और कृषि व्यवस्था में ट्रांसफॉर्म; लाल किले से PM मोदी का विजन।

448 Minutes Read -

15th August Updates: स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 11वीं बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लालकिले की प्राचीर से 2047 में विकसित भारत के सपने का खाका पेश किया। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते एक दशक में कई ऐसे सुधार किए गए हैं, जिनका असर अब दिखने लगा है और पूरी दुनिया में भारत की छवि सुधरी है। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में यूनिफॉर्म सिविल कोड, बांग्लादेश के हालात, बुनियादी ढांचे के विकास, सामान्य मानविकी की समस्याओं के निदान, निवेश आदि मुद्दों पर अपने विचार रखे। इस दौरान प्रधानमंत्री ने लोगों को आगाह करते हुए ये भी कहा कि कुछ लोग देश को निराशा के गर्त में डुबोना चाहते हैं, लेकिन हमें उनसे सावधान रहना होगा।

यूनिफॉर्म सिविल कोड पर ये बोले पीएम मोदी-

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लालकिले की प्राचीर से कहा ‘हमारे देश में यूनिफॉर्म सिविल कोड की चर्चा चल रही है। देश की सुप्रीम कोर्ट भी हमें यूनिफॉर्म सिविल कोड के लिए कह रही है और देश के संविधान निर्माताओं का भी ये सपना था। जो कानून धर्म के आधार पर देश को बांटते हैं, जो ऊंच नीच का कारण बनते हैं। वैसे कानूनों के लिए देश में कोई जगह नहीं हो सकती। हमने सांप्रदायिक सिविल कोड में 75 साल बिताए हैं, अब हमें सेक्यूलर सिविल कोड की तरफ जाना होगा।’

बांग्लादेश के हालात पर जताई चिंता-

‘बांग्लादेश में जो कुछ हुआ है। पड़ोस देश होने के नाते हम हालात को लेकर चिंतित हैं। हम उम्मीद करते हैं कि वहा हालात जल्द सामान्य होंगे। साथ ही वहां के हिंदू, अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो। हमारे पड़ोसी देश सुख और शांति के मार्ग पर चलें। शांति के प्रति हम समर्पित हैं। हम आने वाले दिनों में बांग्लादेश की विकास यात्रा में हमेशा शुभचिंतक रहेंगे। हम मानव जाति के लिए सोचने वाले लोग हैं।’

पीएम मोदी ने डिजाइनिंग इंडिया का दिया मंत्र-

प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘मैं राज्य सरकारों से अपील करता हूं कि निवेशकों को अपने राज्यों में बुलाएं। इसके लिए कानून व्यवस्था बेहतर बनाएं और अन्य नीतियों में सुधार करें, जिससे निवेशक आएं। इससे युवाओं को रोजगार मिलेगा। सिर्फ भारत सरकार से काम होता नहीं है। राज्य सरकारों को आगे आना होगा।’

‘साथियों भारत अपनी बेस्ट क्वालिटी के लिए जाना जाएगा। इसके लिए हमने डिजाइनिंग इंडिया पर बल देना है। हमें कोशिश करनी है कि अब इंडियन स्टैंडर्ड, इंटरनेशनल स्टैंडर्ड बनेंगे, ये हमारा लक्ष्य होना चाहिए। डिजाइनिंग इंडिया और डिजाइनिंग फॉर वर्ल्ड पर हमारा फोकस होना चाहिए। गेमिंग की दुनिया आज तेजी से उभर रही है। हम गेमिंग की दुनिया में नया टैलेंट लेकर आ सकते हैं। मैं चाहता हूं कि भारत के बच्चे, भारत के नौजवान, आईटी, एआई प्रोफेशनल्स गेमिंग की दुनिया में अपना नाम करें और गेम विकसित करें।’

स्किल डेवलेपमेंट पर सरकार का फोकस-

‘देशवासियों, जिस तरह से विश्व का बदलाव नजर आ रहा है। अब स्किल का महत्व बढ़ गया है इसलिए हम स्किल डेवलेपमेंट पर ध्यान दे रहे हैं। बाजार में युवाओं की ताकत दिखाई दे तो उस लिहाज से हम देश के युवाओं को स्किल्ड बनाना चाहते हैं। देश का युवा ग्लोबल जॉब मार्केट में अपनी धमक बनाए। हम उस सपने को लेकर आगे बढ़ रहा है। आज दुनिया जिस तेजी से बढ़ रहा है तो हमें विज्ञान पर ध्यान देना चाहिए। हम रिसर्च पर फोकस कर रहे हैं। रिसर्च के लिए एक लाख करोड़ रुपये देने का फैसला किया गया है। जिससे नए अविष्कार हो। आज देश के युवा मेडिकल की पढ़ाई के लिए बाहर जा रहे हैं। इसलिए हमने पिछले दस साल में मेडिकल सीटों को एक लाख कर दिया है। करीब 25 हजार युवा मेडिकल एजुकेशन के लिए विदेश जा रहे हैं। इसलिए हमने तय किया है कि अगले पांच साल में मेडिकल लाइन में 75 हजार नई सीटें बनाई जाएंगी।’

 वन नेशन वन इलेक्‍शन के सपने को साकार करना होगा-

पीएम ने कहा कि हमें वन नेशन वन इलेक्‍शन के सपने को साकार करना होगा। इससे देश का भला होगा।

Kedarnath Update: केदारनाथ पैदल मार्ग 29 जगहों पर क्षतिग्रस्त, 16 जगह पूरी तरह से बहे…230 मजदूर रस्सी के सहारे मार्ग को कर रहे हैं ठीक।

332 Minutes Read -

केदारनाथ पैदल मार्ग 29 जगहों पर क्षतिग्रस्त जबकि 16 स्थानों पर पूरी तरह से बह गया है। लोक निर्माण विभाग ने रास्ते की मरम्मत के लिए 230 मजदूर लगाए हैं। संवेदनशील स्थानों पर मजदूर खाई में उतरकर खुदाई कर रहे हैं।

वहीं, रस्सों को पकड़कर पुश्ता निर्माण के लिए बुनियाद रख रहे हैं। पूरे मार्ग को दुरस्त करने में लगभग एक माह का समय लग सकता है। आने वाले दिनों में लोनिवि द्वारा मजदूरों की संख्या और बढ़ाई जाएगी।

बता दें कि 31 जुलाई की देर शाम को अतिवृष्टि से केदारनाथ पैदल मार्ग गौरीकुंड से लिनचोली तक व्यापक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया था। यहां 11 किमी के दायरे में रास्ता 16 स्थानों पर दो मीटर से 25 मीटर तक पूरी तरह से वॉशआउट हो रखा है। इसके अलावा अन्य स्थानों पर पुश्ता ढहने, मिट्टी कटान व भूस्खलन से मार्ग को क्षति पहुंची है।

लोक निर्माण विभाग पैदल मार्ग को दुरस्त करने में जुट गया है। जहां पर रास्ता पूरी तरह से वॉशआउट हुआ है, वहां पर मजदूर खाई में उतरकर पुश्ता निर्माण के लिए खुदाई कर रस्सों के सहारे बुनियाद रख रहे हैं। इन स्थानों पर हल्की सी चूक जान पर भारी पड़ सकती है।
यही नहीं, मार्ग को दुरस्त करने के लिए प्रभावित स्थानों पर पत्थर, सिमेंट व अन्य सामग्री पहुंचाने में भी अन्य मजदूरों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दूसरी तरफ क्षेत्र में आए दिन हो रही बारिश से मरम्मत व पुनर्निर्माण कार्य में दिक्कत आ रही हैं।
अधिकारियों के अनुसार, अति संवेदनशील स्थानों पर आरसीसी पुश्तों का निर्माण किया जाना है। साथ ही जहां पर वॉशआउट हुआ है, वहां ऊपरी तरफ कटान के साथ ही निचली तरफ से सुरक्षा दीवार भी बनाई जानी है। इधर, सोनप्रयाग के समीप भूस्खलन जोन में भूस्खलन जोन में मरम्मत कार्य शुरू हो गया है।
गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग को दुरस्त करने के लिए 230 मजदूर लगाए गए हैं। आने वाले दिनों में मजदूरों की संख्या और बढ़ाई जाएगी। जहां पर रास्ता वॉशआउट हो रखा है, वहां पर पुनर्निर्माण के लिए मजदूरों को काम करने में दिक्कतें हो रही हैं। सभी साइट पर स्वयं सहित सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता द्वारा किए जा रहे कार्य की मॉनीटरिंग की जा रही है।
-विनय झिक्वांण, अधिशासी अभियंता लोनिवि गुप्तकाशी

Kedarnath Rescue: पांचवें दिन भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, सेना ने संभाला मोर्चा; चिनूक से यात्रियों को किया जा रहा एयरलिफ्ट।

642 Minutes Read -

केदारनाथ धाम व पैदल मार्ग से अब तक दस हजार से अधिक तीर्थयात्रियों व स्थानीय लोगों का रेस्क्यू किया जा चुका है। सोमवार को केदार घाटी का मौसम साफ होने के साथ ही एमआई 17 और चिनूक से एयर लिफ्ट रेस्क्यू का कार्य शुरू हो गया है। एमआई चारधाम हेलीपैड पर यात्रियों को उतार रहा है। जबकि चिनूक गौचर हवाई पट्टी पर यात्रियों को उतरेगा। सुबह 9 बजे तक 133 लोगों को केदारनाथ से एमआई एवं चिनूक एवं छोटे हेलिकॉप्टर की मदद से सुरक्षित एयर लिफ्ट कर रेस्क्यू किए जा चुके हैं।

31 जुलाई को हुई अतिवृष्टि से केदारनाथ मार्ग को भारी नुकसान पहुंचा है। गौरीकुंड से केदारनाथ मंदिर तक 16 किमी का मार्ग है, इसमें 10 जगह मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। लोक निर्माण विभाग की टीम मार्ग को खोलने में जुटी है। लोनिवि की रिपोर्ट के अनुसार जो स्थितियां हैं उनमें मार्ग को पूर्व की दशा में लाने में करीब एक महीने का समय लग सकता है।

वहीं, सेना ने मोर्चा संभालते हुए मंदाकिनी नदी पर अस्थायी ट्राली स्थापित कर दी है। साथ ही वैकल्पिक पुल का निर्माण भी शुरू कर दिया है। गौरीकुंड में घोड़ा पड़ाव के पास लगभग 15 मीटर लंबाई में रास्ता पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। यहां पर लो.नि.वि श्रमिक वैकल्पिक मार्ग स्थापित करने में जुटे हैं।

सोमवार सुबह 100 लोगों को सुरक्षा बलों की देखरेख में श्री केदारनाथ धाम से लिनचोली हेलीपैड के लिए रवाना कर दिया गया है। इन यात्रियों को लिनचोली से एयर लिफ्ट कर शेरसी हैलीपैड पर उतारा जाएगा। इसके अलावा एनडीआरएफ की टीमें जंगल एव मंदाकिनी नदी के आसपास भी लगातार सर्च अभियान चला रहे हैं।

रविवार को लगभग 1100 लोगों का सफलता पूर्वक रेस्क्यू किया गया। वहीं सेना ने भी अब कमान संभाल ली है। पैदल मार्ग पर आम लोगों को खोजने के लिए स्निफर डाँग भेजे गए हैं, सेना क्षतिग्रस्त् पैदल मार्ग को आवाजाही के लिए खोजे जाने में भी मदद करेगी।

वहीं गौरीकुंड व सोनप्रयाग के बीच वाशआउट हुए हाइवे कपर ट्राली लाकर बुजर्ग व घायलों को निकालने का कार्य भी सेना ने शुरू कर दिया है। रेस्क्यू आपरेशन के चौथे दिन रविवार को कुल 1155 का रेस्क्यू किया गया, जिसमें हेलीकाप्टर से 628 व पैदल मार्ग से 527 लोगों को रेस्क्यू किया गया।

हेली से लिनचोली, चीरबासा व केदारनाथ से रेस्क्यू किया गया, वहीं चौमास पैदल मार्ग से भी रविवार को 210 लोगों को रेस्क्यू किया गया। केदारनाथ पैदल मार्ग में फंसे यात्रियों का रेस्क्यू भी जारी है। सोनप्रयाग में मैन्युल रेस्क्यू के लिए अब सेना, डीडीआरएफ, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस के जवानों संयुक्त रूप से कार्य कर रहे हैं।

रविवार को चलने में असमर्थ लोगों के 25 बुजर्ग व घायलों का रेस्क्यू किया गया। वहीं स्निफर डाँग की टीम भी भेजी गई है, जो जंगल में भटक गए लोगों की खोजबीन करेगी, साथ ही भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में भी सर्च अभियान करेगी।

 

 

 

 

Wayanad Landslide: वायनाड भूस्खलन में मृतकों का आंकड़ा 300 पार, शवों को दफनाने के लिए दिशा-निर्देश किए गए जारी।

317 Minutes Read -

Kerala Wayanad Landslide: केरल के वायनाड में हुए भूस्खलन के बाद राहत और बचाव कार्यों का आज पांचवां दिन है। अब तक मृतकों का आंकड़ा 308 हो चुका है। अभी भी शवों की तलाश जारी है। भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट कर्नल विकास राणा ने बताया कि आज भी कल की ही तरह विभिन्न जोन्स के लिए अलग-अलग टीमें बनाई जाएंगी। टीमों के साथ वैज्ञानिक और स्निफर डॉग्स भी मौजूद रहेंगे। सेना के अधिकारी ने बताया कि स्थानीय लोग भी राहत और बचाव कार्य में मदद कर रहे हैं।

 

एडीजीपी बोले- हेलीकॉप्टर और ड्रोन्स से किया जा रहा सर्वेक्षण

केरल के ADGP(कानून व्यवस्था) एम. आर. अजीत कुमार ने वायनाड भूस्खलन पर बताया, ‘राहत और बचाव अभियान जारी है, हम सर्च ऑपरेशन में लगे हुए हैं, पूरे इलाके को 6 जोन में बांटा गया है, 5 भूमि क्षेत्र और 1 नदी क्षेत्र है। पिछले दो दिनों से हम नदी क्षेत्र पर केंद्रित हैं। पुलिस अधिकारियों के साथ-साथ वन, अग्निशमन और तट रक्षक अपना काम कर रहे हैं। हमारे पुलिस हेलीकॉप्टर और ड्रोन का इस्तेमाल सर्वेक्षण करने के लिए किया जा रहा है। आज हमें उस सर्च में एक शव मिला है। अभी तक जिला प्रशासन के अनुसार, उन्हें करीब 400 लोगों के लापता होने की सूचना मिली है, हमारे पास ज्यादा डेटा नहीं है।’

 

केरल सरकार ने शवों और अवशेषों को दफनाने के लिए जारी किए दिशा-निर्देश

केरल के आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, प्रत्येक शव या शरीर के अंग को एक पहचान संख्या दी जाएगी। निर्देशों में कहा गया है कि अवशेषों के सभी नमूने, तस्वीरों या वीडियो और शरीर से जुड़ी भौतिक वस्तुओं का भी रिकॉर्ड में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया जाएगा।

84 लोगों का अस्पताल में चल रहा इलाज

भूस्खलन में घायल हुए 84 लोगों का वायनाड, कोझिकोड और मलाप्पुरम के विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। 187 लोग अस्पतालों से डिस्चार्ज भी हो चुके हैं।

 

Kanwad Yatra 2024: हरिद्वार पहुंचे 4.4 करोड़ कांवड़िये, गंगाजल लेकर आज कर रहे जलाभिषेक।

284 Minutes Read -

कल यानी बृहस्पतिवार को कांवड़ मेले का आखिरी दिन था और आज कावड़ियों ने शिवालयों में जलाभिषेक किया। आखिरी दिन पूरी रात डाक कांवड़ यात्री हरिद्वार से जलभर बाइकों और बड़े वाहनों से दौड़ते रहे। इस बार मेले में चार करोड़ चार लाख 40 हजार कांवड़ यात्री पहुंचे हैं।

प्रशासन ने बृहस्पतिवार की शाम छह बजे तक का यह आंकड़ा जारी किया है। पिछले साल चार करोड़ सात लाख कांवड़ यात्री हरिद्वार पहुंचे थे। 22 जुलाई से कांवड़ मेले का आगाज हुआ था। आज शुक्रवार को जलाभिषेक होगा। बृहस्पतिवार की शाम तक छह बजे धर्मनगरी में 77 लाख कांवड़ यात्रियों ने गंगाजल भरा और अपने गंतव्य की तरफ रवाना हो गए।

इस बार डाक कांवड़ यात्रियों का हुजूम अंतिम दिन ही उमड़ा। इससे पहले पैदल कांवड़ यात्री रवाना होते रहे। बृहस्पतिवार की रात से आसपास के जनपदों के यात्री गंगाजल भरकर रवाना होते रहे।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि कांवड़ मेले में अब तक 4 करोड़ 4 लाख, 40 हजार कांवड़ी यात्री पहुंचे हैं। कांवड़ियों के तीन लाख 38 हजार 277 छोटे-बड़े वाहन गुरुवार को पहुंचे हैं। छह कांवड़ियों को डूबने से बचाया गया है जबकि तीन की मौत हुई है।

इन सालों में इतने कांवड़िये पहुंचे-

2015-1 करोड़ 95 लाख

2016-2 करोड़ 20 लाख

2017-3 करोड़ 70 लाख

2018-3 करोड़ 77 लाख

2019-3 करोड़ 30 लाख

2020-कोरोना के कारण स्थगित

2021-कोरोना के कारण स्थगित

2022-3 करोड़ 79 लाख

2023-4 करोड़ 07 लाख

 

Uttarakhand: कांग्रेस की केदारनाथ प्रतिष्ठा रक्षा यात्रा हुई स्थगित, राहुल गांधी के दिशा-निर्देश पर किया गया ये एलान।

411 Minutes Read -

कांग्रेस की केदारनाथ प्रतिष्ठा रक्षा यात्रा आपदा के चलते सामान्य स्थिति होने तक स्थगित कर दी गई है। राहुल गांधी के दिशा निर्देश पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष करण माहरा न यात्रा स्थगित करने का एलान किया है।

यात्रा सीतापुर तक पहुंच गई थी और शुक्रवार को सीतापुर से आगे रवाना होनी थी। कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने इसकी पुष्टि की है। आपदा से सामान्य स्थिति होने के बाद कांग्रेस फिर से सीतापुर से आगे की यात्रा शुरू करेगी।

पूर्व सीएम हरीश रावत ने सोनप्रयाग में आपदा से हुए नुकसान को देखते हुए यात्रा में आगे जाने का कार्यक्रम पहले ही स्थगित कर दिया। कहा, केदारनाथ क्षेत्र में भयंकर आपदा आई है। बड़ी संख्या में यात्री फंसे हैं। उनका बचाव कार्य चल रहा है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि राज्य की संपूर्ण शक्ति लगाकर बचाव कार्य करें।

कारगिल विजय दिवस: PM मोदी की पाक तो दो टूक हमेशा मुंह की खाई… फिर भी कुछ नहीं सीखा, पढ़ें PM के संबोधन की मुख्य बातें।

763 Minutes Read -

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कारगिल विजय दिवस भारत के स्वाभिमान और गर्व का पर्व है। ये जीत किसी सरकार या दल की नहीं, बल्कि देश की जीत थी। ये जीत देश की विरासत है। शुक्रवार को द्रास में कारगिल विजय दिवस के रजत जयंती समारोह को संबोधित करते हुई प्रधानमंत्री ने ये बातें कहीं।

अग्निपथ का लक्ष्य सेनाओं को युवा बनाना-

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अग्निपथ योजना को लेकर हमलावर हुए विपक्ष को जमकर लताड़ा। उन्होंने कहा कि अग्निपथ योजना का लक्ष्य सेनाओं को युवा बनाना है। देश की सेनाओं को युद्ध के लिए हमेशा योग्य बनाए रखना है।

पीएम मोदी ने कहा, ‘कुछ लोग सेना के इस सुधार पर राजनीति कर रहे हैं। ये वही लोग हैं, जिन्होंने हजारों करोड़ के घोटाले करके सेना को कमजोर किया। ये वही लोग हैं, जिन्होंने वायु सेना को आधुनिक विमान न मिले।’ अपनी इस टिप्पणी से उन्होंने कांग्रेस पर परोक्ष रूप से निशाना साधा।

अग्निपथ योजना से देश की ताकत बढ़ेगी-

पीएम मोदी ने कहा, ‘सच्चाई ये है कि अग्निपथ योजना से देश की ताकत बढ़ेगी। भारत के अधिक से अधिक युवा मातृभूमि की सेवा के लिए आगे आएंगे। निजी क्षेत्र ने भी अग्निवीर को प्राथमिकता देने की घोषणा की गई है।

कहा, ‘आरोप लगाए जा रहे हैं कि सेना पेंशन को बचाने के लिए ये योजना लेकर आई है। लेकिन आज भर्ती हुए सैनिक को तीस साल बाद पेंशन मिलनी है। तब मोदी की उम्र 105 साल होगी। क्या तब भी मोदी सरकार होगी? हमारे लिए राष्ट्र की सुरक्षा और शांति पहले है। देश के युवाओं को जो गुमराह कर रहे हैं।’

वन रैंक वन पेंशन पर विपक्ष को घेरा-

पीएम ने कहा, ‘ इन लोगों ने वन रैंक वन पेंशन पर झूठ बोला। हमारी सरकार ने इसे लागू किया। ये वही लोग हैं, जिन्होंने वार मेमोरियल नहीं बनाया। सेना के जवानों को प्रर्याप्त बुलेट प्रूफ जैकेट भी नहीं दी। ये वही लोग हैं जो कारगिल विजय दिवस को भी नहीं मनाते हैं।

पाकिस्तान ने विश्वासघात किया।

पीएम ने कहा कि कारगिल में हमने केवल युद्ध नहीं जीता था। लेकिन सत्य की भी जीत हुई है। उस समय भारत शांति के लिए कार्य कर रहा था, लेकिन पाकिस्तान ने विश्वासघात किया। पाकिस्तान को मुंह की खानी पड़ी। पाकिस्तान ने अपने इतिहास से कुछ नहीं सीखा। पाकिस्तान आतंकवाद और छद्म युद्ध के सहारे खुद को प्रासंगिक प्रयास कर रहा है।

आतंकवाद के आकाओं को ललकारा-

पीएम ने कहा, ‘आज मैं उस मंच से बोल रहा हूं। यहां से आतंकवाद के आकाओं को मेरी आवाज सीधे सुनाई दे रही है। मैं उन्हें कह देना चाहता हूं कि उनके नापाक मंसूबे कभी कामयाब नहीं होंगे। दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। साथियों लद्दाख हो या फिर जम्मू कश्मीर विकास के सामने आ रही हर चुनौती को भारत परास्त करके ही रहेगा।’

जम्मू कश्मीर नए सपनों की बात कर रहा-

उन्होंने आगे कहा कि कुछ ही दिन बाद 370 को निरस्त हुए पांच वर्ष पूरे होने जा रहा है। आज जम्मू कश्मीर नए सपनों की बात कर रहा है। आज जम्मू कश्मीर में जी 20 जैसे सम्मेलन आयोजन कर रहा है। दशकों के बाद कश्मीर में सीनेमा घर खुले हैं। तीन दशकों के बाद श्रीनगर में ताजिया निकला है। जम्मू कश्मीर तेजी से शांति और सौहार्द के पथ पर आगे बढ़ रहा है।

लद्दाख के बजट में छह गुणा वृद्धि-

लद्दाख के लोगों के लिए सुविधाएं बढ़ें। इज ऑफ लिविंग बढ़े इसके लिए सरकार प्रयास कर रही है। लद्दाख के बजट को छह हजार करोड़ दिया गया है। करीब छह गुणा बजट में बढ़ोतरी की गई है। लद्दाख में बिजली, पानी और सड़क की सुविधाओं को विकसित किया जा रहा है। जल जीवन मिशन की वजह से अब लद्दाख में 90 प्रतिशत घरों में पाइप से पीने का पानी पहुंच रहा है। शिक्षा के लिए सिंधु केंद्रीय विश्वविद्यालय का निर्माण हो रहा है। जोजिला टनल का काम भी जारी है।

सेना को हथियारों के साथ कार्यशैली में की जरूरत-

पीएम ने कहा, ‘आज की परिस्थिति अलग है। आज हमारी सेना को हथियारों के साथ ही रणनीति और कार्यशैली में बदलाव करने की जरूरत है। बीते दस वर्षों में हमने रक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिए कई कदम उठाए हैं। रक्षा क्षेत्र में अनुसंधान और विकास के लिए 25 प्रतिशत प्राइवेट क्षेत्र के लिए रखा गया है। कभी भारत की पहचान हथियार मंगाने के तौर पर थी लेकिन अब एक्सपोर्ट के तौर पर अपनी नई पहचान बना रहा है।

शराब घोटाला: CM अरविन्द केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और के. कविता को नहीं मिली कोर्ट से राहत, कोर्ट ने तीनों की बढ़ाई न्यायिक हिरासत।

364 Minutes Read -

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। दिल्ली शराब घोटाले से जुड़े सीबीआई मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट ने मुख्यमंत्री केजरीवाल की न्यायिक हिरासत को बढ़ा दिया है। अब आठ अगस्त को सुनवाई होगी। तिहाड़ जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए केजरीवाल की पेशी हुई। सीबीआई ने अरविंद केजरीवाल के तिहाड़ जेल से ही गिरफ्तार किया था।

मनीष सिसोदिया और के कविता की भी बढ़ी न्यायिक हिरासत
सीएम केजरीवाल के अलावा पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया और बीआरएस नेता के कविता की भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश हुई है। राउज एवेन्यू कोर्ट ने मनीष सिसोदिया की न्यायिक हिरासत 31 जुलाई और के.कविता की भी न्यायिक हिरासत 31 जुलाई तक बढ़ा दी है।

इससे पहले 12 जुलाई को अदालत ने आबकारी नीति से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की न्यायिक हिरासत शुक्रवार को 25 जुलाई तक बढ़ा दी थी, जिसकी जांच सीबीआई द्वारा की जा रही है।

केजरीवाल को विशेष न्यायाधीश कावेरी बावेजा के समक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये पेश किया गया था। वह अपनी न्यायिक हिरासत की अवधि समाप्त होने पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) मामलों के सिलसिले में पेश हुए थे।

वहीं दूसरी तरफ दिल्ली उच्च न्यायालय ने 17 जुलाई को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा दायर उस याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया, जिसमें आबकारी नीति मामले से संबंधित भ्रष्टाचार के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा उनकी गिरफ्तारी को चुनौती दी गई थी।

केजरीवाल ने अपनी गिरफ्तारी को अवैध बताया है। वहीं सीबीआई ने कहा कि पूरे साक्ष्य आने पर ही कानून के तहत गिरफ्तारी की। जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने केजरीवाल की अंतरिम जमानत याचिका पर भी आदेश सुरक्षित रखा है।