Category Archive : राष्ट्रीय खबर

Covid19: तेजी से बढ़ रहे हैं कोरोना के मामले, बीते एक हफ्ते में 2282 नए मामले आए सामने.

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नए साल का आगाज हो चुका है, लेकिन नए साल के आगाज के साथ ही कोरोना भी डरा रहा है। दरअसल बीते हफ्ते के मुकाबले इस हफ्ते देश में कोरोना के मामलों में 22 फीसदी का उछाल आया है। बीते 24 घंटे में कोरोना के 800 से ज्यादा नए मामले सामने आए हैं, जो बीते सात महीने में एक दिन में सबसे ज्यादा आंकड़ा है। भारत में पिछले हफ्ते (24-30 दिसंबर) कोरोना के 4652 मामले सामने आए थे। इससे पिछले हफ्ते यह आंकड़ा 3818 था। आंकड़ों से पता चल रहा है कि कोरोना के नए वैरिएंट जेएन.1 के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।

केरल में कोरोना मामलों में आई गिरावट-
केरल में बीते हफ्ते कोरोना के कुल 2282 नए मामले सामने आए। राहत की बात ये है कि उससे पिछले हफ्ते केरल में 3018 नए कोरोना केस मिले थे। इस तरह बीते हफ्ते केरल में कोरोना मामलों में गिरावट आई है। कर्नाटक और तमिलनाडु जैसे कई अन्य राज्यों में कोरोना संक्रमण में तेजी आई है। कर्नाटक में बीते हफ्ते कोरोना के 922 मामले सामने आए, जो कि पिछले से पिछले हफ्ते के मुकाबले तीन गुना की बढ़ोतरी है। महाराष्ट्र में भी 103 से बढ़कर कोरोना मरीजों की संख्या 620 हो गई है।
एक्टिव केस बढ़कर 4394 हुए-


स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, देश में कोरोना के एक्टिव मामले बढ़कर 4394 हो गए हैं। इनमें से 1869 एक्टिव केस केरल में ही हैं। रविवार को केरल में कोरोना के 213 एक्टिव केस मिले। वहीं कर्नाटक में एक्टिव केस बढ़कर 1000 हो गए हैं। रविवार को कर्नाटक में कोरोना के 167 एक्टिव केस मिले। महाराष्ट्र में एक्टिव मरीज 693 हैं। तमिलनाडु में यह आंकड़ा 175 है। आंध्र प्रदेश में भी 109 एक्टिव केस हैं। बीते 24 घंटे में देश में कोरोना से तीन मरीजों की मौत हुई है। इनमें से दो मौत केरल में और एक तमिलनाडु में हुई।

देश में कोरोना के नए वैरिएंट जेएन.1 के केस भी बढ़ रहे हैं। हालांकि अभी स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि घबराने की जरूरत नहीं है बस लोग सावधानी रखें और सार्वजनिक जगहों पर मास्क का इस्तेमाल करें।

Rajasthan Cabinet: राजस्थान में मंत्रिमंडल का विस्तार, किरोड़ी लाल मीणा और राज्यवर्धन राठौड़ समेत 22 विधायक बने मंत्री.

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एक लंबे इंतजार के बाद सीएम भजनलाल शर्मा के कैबिनेट का विस्तार हो गया है। इस मंत्रिमंडल में 22 भाजपा विधायकों ने राजस्थान सरकार के मंत्री के रूप में शपथ ली। 15 दिसंबर को भजनलाल शर्मा ने बतौर मुख्यमंत्री और दीया कुमारी और प्रेमचंद बैरवा ने बतौर उपमुख्यमंत्री शपथ ग्रहण की थी। उसके बाद से ही राजस्थान में मंत्रिमंडल विस्तार का इंतजार किया जा रहा था। 
 

राजस्थान में सीएम भजनलाल शर्मा के मंत्रिमंडल का विस्तार हो गया है। मंत्रिमंडल में पहली बार और दूसरी बार चुने गए विधायकों को शामिल किया गया है।

 

22 विधायकों ने ली शपथ-

शनिवार को यहां राजभवन में एक समारोह के दौरान 22 भाजपा विधायकों ने राजस्थान सरकार के मंत्री के रूप में शपथ ली। इस दौरान 12 ने कैबिनेट मंत्री, पांच ने राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और पांच ने राज्य मंत्री के रूप में शपथ ली। समारोह के दौरान राज्यपाल कलराज मिश्र ने विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई।

किरोड़ी लाल मीणा समेत 12 मंत्रियों ने ली शपथ- 

राजस्थान मंत्रिमंडल में किरोड़ी लाल मीणा, मदन दिलावर, राज्यवर्धन सिंह राठौड़, गजेंद्र सिंह खींवसर, बाबूलाल खराड़ी, जोगाराम पटेल, सुरेश सिंह रावत, अविनाश गहलोत, जोराराम कुमावत, हेमंत मीना, कन्हैया लाल चौधरी और सुमित गोदारा को कैबिनेट का हिस्सा बनाया गया है। वहीं, श्रीकरणपुर से बीजेपी प्रत्याशी रहे सुरेंद्रपाल टीटी विधायक बनने से पहले मंत्री बनाए गए हैं।

इन विधायकों ने ली शपथ-

सिरोही विधानसभा सीट से जीत दर्ज करने वाले ओटाराम देवासी ने राज्यमंत्री के रूप में शपथ ली। इनके साथ, मंजू बाघमार, विजय सिंह चौधरी, केके विश्नोई और जवाहर सिंह बेढम ने राज्यमंत्री के तौर पर ली शपथ।

संजय शर्मा, गौतम कुमार, झाबर सिंह खर्रा, सुरेंद्र पाल सिंह और हीरालाल नागर ने राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में शपथ ली।

Ayodhya: अयोध्या की सड़कों पर मोदी का हुआ अभूतपूर्व स्वागत, PM मोदी बोले- पूरी दुनिया को 22 जनवरी के ऐतिहासिक क्षण का इंतजार.

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राम की नगरी में राम नाम की गूंज है। रामलला की ऐतिहासिक प्राण प्रतिष्ठा से पहले राम नगरी में उत्सव सा माहौल है। तैयारियां जोरों पर हैं। नया नेवाल एयरपोर्ट या रेलवे स्टेशन, सड़कें हों या बस स्टैंड सब संवर रहे हैं और सजाए जा रहे हैं। चौराहों-दीवारों पर देवी-देवताओं की आकृतियां उकेरी जा रही हैं। शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां पहुंचकर 22 जनवरी के ऐतिहासिक पलों से पहले की झलकियां दे दीं।  

प्रधानमंत्री ने अयोध्या के नए एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन का उद्घाटन किया। साथ ही प्रोटोकॉल तोड़कर यहां के निषाद परिवार से मिलकर उन्हें रामलला की प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होने का न्योता भी दिया। मंदिर के उद्घाटन के साथ ही इसमें आम लोग दर्शन के लिए जा सकेंगे। मंदिर बनाते समय इसकी सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन को लेकर अलग ही उमंग अयोध्या वासियों के मन में था। बच्चों हो या बुजुर्ग,  महिलाएं हों या युवतियां, सभी पीएम मोदी की एक झलक पाने को आतुर दिखीं। धर्मपथ से लेकर राम पथ होते हुए अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन पहुंचने के दौरान बच्चे भी जय जय श्री राम के साथ मोदी-मोदी की गूंज करते रहे।
मोदी को देख खिल उठे अयोध्या के जनमानस के चेहरे-

रोड शो में पीएम मोदी के चेहरे पर मुस्कान रही, जिसने समूचे अयोध्यावासियों का दिल जीत लिया। मोदी की मुस्कान पर फिदा अयोध्या में मोदी-मोदी की गूंज सुनाई दी। अयोध्या की सड़कों पर मोदी का यह स्वागत और भी महत्वपूर्ण हो गया, क्योंकि इसके बाद मोदी जब आएंगे तो रामलला को उनके दिव्य-भव्य मंदिर में विराजमान करेंगे। 

लता चौक पर साधु-संतों ने की पुष्पवर्षा –


यूं तो पूरे रोड शो के दौरान पीएम पर जोरदार पुष्प वर्षा हुई, लेकिन लता चौक पर भी साधु-संतों ने पीएम मोदी पर पुष्प वर्षा भी की और उन्होंने आशीर्वाद भी दिया। अयोध्या की नई पहचान बन चुके लता चौक पर भी आम जनमानस की भीड़ ने जोरदार स्वागत किया। यहीं से पीएम अयोध्या रेलवे स्टेशन के लिए मुड़े तो यहां फूलों से बनी गणपति की छवि काफी आकर्षित कर रही थी।  वैसे, आज अयोध्या का श्रृंगार काफी अद्भुत था। जिसने भी देखा, यह श्रृंगार देख मनमोह उठा। रास्ते-रास्ते में बने तोरण द्वार और संत-साधु और आमजन ने अपने मन में भी मोदी को बसा लिया।
पीएम मोदी के स्वागत में लोक कलाकारों ने बांधा समां-

पीएम मोदी के रोड शो के दौरान कुल 50 मंच बनाए गए थे जिसमें 1400 से कलाकारों ने प्रस्तुतियां दी। इसके अतिरिक्त, लता चौक पर एक विशाल मंच बनाया गया था। यहां पीएम मोदी के काफिले पर फ्लावर कैनन से पुष्प वर्षा की गई। वहीं, हवाई अड्डे के गेट नंबर 3 पर तथा हवाई अड्डे और साकेत पेट्रोल पंप के बीच पांच मंचों का संचालन किया गया। धर्म पथ के साथ, कलाकारों ने 26 चरणों पर अपना प्रदर्शन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में शंख वादन और डमरू वादन से सभी को झंकृत कर दिया। वहीं, खजान सिंह और महिपाल ने अपनी टीम के साथ मथुरा, ‘बम रसिया’ के प्रदर्शन के माध्यम से छाप छोड़ी। इसके अतिरिक्त, मथुरा के लोकप्रिय ‘मयूर’ नृत्य ने भी कई मंचों की शोभा बढ़ाई। अयोध्या के कई ख्यात स्थानीय कलाकारों ने भी विभिन्न मंचों पर प्रस्तुतियां दीं। ‘अवधी’, ‘वनटांगिया’ और ‘फरुवाही’ समेत विभिन्न संस्कृतियों की लोक कला प्रस्तुतियों के रंगों से सजी अयोध्या में पलवल (हरियाणा) के ‘बीन-बांसुरी’ डांस और राजस्थान की ‘चकरी’ डांस ने लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

मैं भी आपकी तरह ही उत्सुक हूं: पीएम

सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज पूरी दुनिया उत्सुकता के साथ 22 जनवरी के ऐतिहासिक क्षण का इंतजार कर रही है। ऐसे में आयोध्यावासियों में अति-उत्साह स्वाभाविक है। भारत की मिट्टी के कण-कण और भारत के जन-जन का मैं पुजारी हूं। मैं भी आपकी तरह ही उत्सुक हूं।

 

Priyanka ED Case: आखिर ED की चार्जशीट में प्रियंका गांधी का नाम क्यों, पढ़ें मनी लॉन्ड्रिंग को लेकर क्या है पूरा मामला.

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Priyanka Gandhi ED Case- कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी बड़ी मुसीबत में फंसती दिख रहीं है। दरअसल, ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में प्रियंका गांधी का नाम पहली बार चार्जशीट में दाखिल किया है। हालांकि, प्रियंका को आरोपी नहीं बनाया गया है। उनका नाम आरोपी से जुड़े होने के तौर पर शामिल किया गया है।

जिससे जमीन खरीदी, उसी को बेच दी-

ईडी की चार्जशीट के अनुसार, ये मामला जमीन खरीदने और बेचने से जुड़ा है। मामले में भगोड़े हथियार डीलर संजय भंडारी के सहयोगी सीसी थम्पी ने हरियाणा के फरीदाबाद में रियल एस्टेट एजेंट एचएल पाहवा से 2005 से 2008 तक कई बार जमीनें खरीदीं।उसके बाद प्रियंका और रॉबर्ट वाड्रा ने 2006 में पाहवा से अमीरपुर गांव में 5 एकड़ (40 कनाल) कृषि जमीन खरीदी और उसी को पाहवा को फरवरी 2010 में बेच दिया। आरोप है कि ये सब पैसे को इधर-उधर और मनी लॉन्ड्रिंग करने के लिए किया गया।

ये भी लगे आरोप-

आरोप यह भी लगे हैं कि इस दौरान एचएल पाहवा को भूमि अधिग्रहण के लिए पैसे भी मिलते रहे। ये भी आरोप है कि रॉबर्ट ने पाहवा को पूरे पैसे भी नहीं दिए। 

ईडी का कहना है कि थम्पी के रिश्ते काफी लंबे समय से वाड्रा से है और दोनों कई काम मिलकर करते हैं।

 

सीसी थम्पी पर संजय भंडारी का साथ देने का आरोप-

सीसी थम्पी पर हथियार डीलर संजय भंडारी का साथ देने और ब्रिटेन में कालाधन छिपाने में मदद करने का आरोप है।

Rajasthan: राजस्थान में किसे और कैसे मिलेगा 450 रुपये में LPG सिलेंडर, पढ़ लें ये सभी जरूरी नियम.

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राजस्थान में भजनलाल शर्मा सरकार ने गरीब परिवारों को 450 रुपये में गैस सिलेंडर देने की घोषणा की है। चुनाव में बीजेपी की ओर से यह वादा किया गया था, जिसे अब सरकार एक जनवरी 2024 से लागू करने की घोषणा की है।

आप को बता दें कि इन परिवारों को गहलोत सरकार 500 रुपये में सिलेंडर दे रही थी। बीजेपी सरकार की नई योजना लागू होने के बाद उन्हें 50 रुपये की और बचत होगी। अन्य परिवारों को सिलेंडर पहले की तरह बाजार मूल्य पर मिलता रहेगा।

बताते चलें, टोंक जिले में बुधवार को विकसित भारत संकल्प यात्रा को संबोधित करते हुए सीएम भजनलाल शर्मा ने सस्ते सिलेंडर वाला वादा पूरा करने का एलान किया। उन्होंने कहा, राजस्थान की जनता ने पीएम नरेंद्र मोदी की ओर से महिलाओं, युवाओं, किसानों और गरीबों के लिए दी गई गारंटी में अपना विश्वास जाहिर किया है। 

 

सीएम भजनलाल ने कहा कि उनकी सरकार पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों के अनुरूप अंत्योदय के लिए प्रतिबद्ध है और जनता से घोषण पत्र में किए गए सभी वादों को पूरा किया जाएगा, जिसकी प्रक्रिया शुरू हो गई है। आइए हम आपको बताते हैं कि 450 रुपये में सिलेंडर किसे और कैसे मिलेगा।

  • रसोई गैस सिलेंडर सब्सिडी योजना के तहत उन लोगों को 450 रुपये में सिलेंडर मिलेगा, जिन्होंने प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत कनेक्शन लिया है।
  • इसके अलावा चुनिंदा बीपीएल परिवारों को भी इसका लाभ मिलेगा।
  • एक पात्र परिवार को साल में 12 सिलेंडर पर सब्सिडी मिलेगी।
  • सिलेंडर की संख्या ज्यादा हुई तो बाजार मूल्य चुकाना होगा।
  • सिलेंडर लेते समय बाजार मूल्य चुकाना होगा, बाद में सब्सिडी अकाउंट में आएगी।
  • मान लीजिए बाजार मूल्य 900 रुपये है तो आपको सिलेंडर लेते समय पूरे पैसे देने होंगे, बाद में आपके अकाउंट में 450 रुपये सब्सिडी के रूप में जमा कर दिए जाएंगे।

कतर में 8 भारतीयों की फांसी की सजा पर लगी रोक; विदेश मंत्रालय ने दी जानकारी.

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खाड़ी देश कतर की एक अदालत द्वारा भारतीय नौसेना के आठ पूर्व कर्मियों को मौत की सजा देने के फैसले पर रोक लगा दी गई है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस बारे में जानकारी दी है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि हमने दहरा ग्लोबल मामले में कतर की अपील अदालत के आज के फैसले पर गौर किया है, जिसमें सजाएं कम कर दी गई हैं। हम विस्तृत फैसले की प्रतीक्षा कर रहे हैं। आज अपीलीय अदालत में कतर में हमारे राजदूत और अन्य अधिकारी उपस्थित थे। पीड़ितों के परिवार के सदस्य भी थे। हम मामले की शुरुआत से ही उनके साथ खड़े हैं और हम सभी कांसुलर और कानूनी सहायता देना जारी रखेंगे। हम इस मामले को कतरी अधिकारियों के साथ भी उठाना जारी रखेंगे।

क्या है मामला?  

मामला पहली बार 30 अगस्त को सामने आया जब कतर की खुफिया एजेंसी ‘राष्ट्रीय सुरक्षा ब्यूरो’ ने आठ पूर्व नौसेना अधिकारियों को गिरफ्तार किया। उन्हें बिना किसी आरोप के हिरासत में लिया गया और एकांत कारावास में भेज दिया गया था। हालांकि, मीडिया रिपोर्ट में कहा गया था कि उन पर जासूसी का आरोप लगाया गया था। जिसके बाद इसी साल अक्टूबर माह में कतर के कोर्ट ऑफ फर्स्ट इंस्टांस द्वारा मौत की सजा वाला फैसला सुनाया था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, सेवानिवृत होने के बाद ये सभी नौसैनिक कतर की निजी कंपनी दहरा ग्लोबल टेक्नोलॉजी एवं कंसल्टेंसीज सर्विसेज में काम कर रहे थे। यह कंपनी कतरी एमिरी नौसेना को ट्रेनिंग और अन्य सेवाएं प्रदान करती है। कंपनी खुद को कतर रक्षा, सुरक्षा एवं अन्य सरकारी एजेंसी की स्थानीय भागीदार बताती है।

उत्तराखंड के इतिहास में पहली बार हो रही है शीतकालीन चार धाम यात्रा, जानिए कब और कैसे शुरू होगी ये यात्रा।

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पूरी दुनिया जब क्रिसमस और न्यू ईयर के जश्न में डूब रही होगी, तब देवभूमि उत्तराखंड में पहली बार ऐतिहासिक शीतकालीन यात्रा की शुरूआत होगी। आमतौर पर चारधाम यात्रा की शुरूआत उत्तराखंड में गर्मियों में होती है, लेकिन पहली बार शीतकालीन यात्रा पोस्ट मास में शुरू होने वाली है। यात्रा की शुरूआत जगतगुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद करेंगे। शंकराचार्य के प्रतिनिधियों ने रविवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की। सीएम धामी ने चारधाम यात्रा के लिए शुभकामनाएं दी हैं।

7 दिन की शीतकालीन तीर्थ यात्रा की शुरुआत 27 दिसंबर से होगी। समापन 2 जनवरी को हरिद्वार में होगा। यात्रा के आमंत्रण के लिए ज्योतिर्मठ का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री धामी से मिला और यात्रा का आमंत्रण पत्र दिया।उत्तराखंड में चारधाम यात्रा 6 माह की अवधि की होती है,,ठंड और बर्फबारी के साथ ही ये यात्रा शीतकाल के लिए बंद कर दी जाती है लेकिन अब उत्तराखंड में शीतकालीन चारधाम यात्रा की भी शुरुआत होने जा रही है, यानी साल के 12 महीने अब ये यात्रा हो पायेगी नए साल के अवसर पर अगर आप भी चारों धाम  के दर्शन करना चाहते हैं, तो ये बिल्कुल संभव है.

 

ज्योतिर्पीठ के जगतगुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती द्वारा शीतकालीन चारधाम यात्रा शुरू की जा रही है. आमतौर पर चारधाम यात्रा की शुरुआत उत्तराखंड में गर्मियों में होती है. यह यात्रा 6 माह तक यानी दीपावली के आसपास तक चलती है, लेकिन पहली बार शीतकालीन यात्रा पौष मास में शुरू होने जा रही है।

जानिए क्या कहा अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने- 

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि इस बार शीतकाल के दौरान चारों धामों की यात्रा कर वह उस  धारणा को समाप्त करना चाहते हैं  कि  सिर्फ 6 महीने ही चार धाम की पूजा हो सकती है वह लोगों को यह समझाने का प्रयास करेंगे कि शीतकाल में भी चार धाम की पूजा वैकल्पिक स्थान पर की जाती है, यहां दर्शन करने पर भी वही पुण्य मिलता है, जो मूल स्थान पर मिलता है उन्होंने कहा कि इससे चारों धामों में आस्था रखने वाले साल भर दर्शन के लिए उत्तराखंड पहुंच सकते हैं साथ ही स्थानीय लोगों और सरकार को इसका आर्थिक रूप से फायदा भी  मिलेगा।

कोई शंकराचार्य इतिहास में पहली बार कर रहे ऐसी यात्रा-

इतिहास में पहली बार कोई शंकराचार्य ऐसी यात्रा कर रहे हैं। आम धारणा है कि शीतकाल के 6 माह तक उत्तराखंड के चार धामों की बागडोर देवताओं को सौंप दी जाती है और उन स्थानों पर प्रतिष्ठित चल मूर्तियों को पूजन स्थलों में विधि विधान से विराजमान कर दिया जाता है। इन स्थानों पर 6 महीने तक पूजा पाठ पारंपरिक पुजारी ही करते हैं, लेकिन लोगों में धारणा रहती है कि अब 6 महीने के लिए पट बंद हुए तो देवताओं के दर्शन भी दुर्लभ होंगे। ये प्रयास अगर सफल होता है तो निश्चित रूप से उत्तराखंड में पर्यटन को पंख लग सकते हैं और केवल चार धाम यात्रा ही नहीं बल्कि प्रदेश की आर्थिकी के लिए भी एक अच्छा कदम साबित हो सकता है।

Maharashtra: फिर से गरमा रहा मराठा आरक्षण, ’10 लाख वाहन होंगे मुंबई के लिए रवाना’, आंदोलन की रणनीति पर बोले मनोज जरांगे.

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मराठा आरक्षण को लेकर महाराष्ट्र में रार थमने का नाम नहीं ले रही है। सामाजिक कार्यकर्ता मनोज जरांगे लगातार मराठा आरक्षण की मांग को लेकर लड़ाई लड़ रहे हैं। महाराष्ट्र सरकार को 24 दिसंबर तक का अल्टीमेटम दिए जाने के बाद मनोज जरांगे ने अपने अगले कदम को सार्वजनिक कर दिया है। उन्होंने कहा कि 20 जनवरी से मुंबई के आजाद मैदान में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करेंगे।

पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि मनोज जरांगे ने कहा कि आंदोलनकारियों के लिए जरूरी सामान लेकर करीब दस लाख वाहन 20 जनवरी को मुंबई के लिए रवाना होंगे। जरांगे ने घोषणा कि 20 जनवरी से मुंबई में मराठा समुदाय के लिए आरक्षण को लेकर फिर से भूख हड़ताल शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि लगभग दस लाख वाहन मुंबई के लिए रवाना होंगे। आसपास के जिलों के लोग अंतरवाली सरती आएंगे। जिसके बाद लोगों मुंबई की ओर पैदल चलना शुरू करेंगे।

आजाद मैदान में शुरू करूंगा भूख हड़ताल: जरांगे

जरांगे ने कहा, मैं 20 जनवरी से मुंबई के आजाद मैदान में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करूंगा। मराठों को दबाना मुश्किल है। हम समुदाय के लिए आरक्षण हासिल किए बिना वापस नहीं लौटेंगे। आरक्षण कार्यकर्ता ने कहा कि वह जालना जिले के अंतरवाली स्थित अपने गांव से पैदल ही रवाना होंगे और मुंबई पहुंचेंगे, इस दौरान समुदाय के सदस्य भी उनके साथ शामिल होंगे। जरांगे ने मराठा समुदाय के लिए आरक्षण की अपनी मांग को पूरा करने के लिए राज्य सरकार को 24 दिसंबर तक का समय दिया था।

 

बता दें कुछ दिनों पहले विधानसभा सत्र के दौरान सदन में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा था कि जरूरत पड़ी तो फरवरी में विशेष सत्र बुलाएंगे। मैं सभी मराठा समुदाय को आश्वासन देता हूं कि उनके साथ कोई अन्याय नहीं किया जाएगा। हम उनके लिए हरसंभव सहायता के लिए आगे हैं। जिसके बाद मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने कहा था कि हम फरवरी तक का इतंजार नहीं करेंगे। अगर राज्य सरकार इस मुद्दे पर विफल रहती है तो निश्चित ही हमारा विरोध प्रदर्शन फिर से शुरू हो जाएगा।

All Weather Sela Tunnel: इंतजार हुआ खत्म; सेला टनल बनकर लगभग तैयार, देश को नए साल में मिलेगा तोहफा.

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नए वर्ष में देशवासी एक बार फिर से ऐतिहासिक क्षण के गवाह बनने जा रहे हैं। बहुप्रतीक्षित और दुनिया की सबसे ऊंचाई पर बन रही सबसे लंबी सुरंग (13000 फीट) का काम लगभग पूरा हो गया है। डबल लेन वाली यह ऑल वेदर टनल अरुणाचल प्रदेश के पश्चिम कामिंग और तवांग जिले को जोड़ेगा। एलएसी तक पहुंचने वाला यह एकमात्र रास्ता है। माइनस 20 डिग्री के तापमान में रात-दिन इसका काम जारी है। बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन (बीआरओ) की देखरेख में बन रही यह सुरंग पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक का उदाहरण है। यह सुरक्षा टनल सुरक्षा के अंतरराष्ट्रीय मानकों को ध्यान में रखकर बनी है। इसके बनने से जहां प्रदेश के लोगों की राह आसान होगी वहीं भारतीय सेना की तवांग सेक्टर में ताकत बढ़ेगी और वह तीव्र गति से अग्रिम मोर्चे तक पहुंच सकेगी। माना जा रहा नए वर्ष में इसे अगले महीने प्रधानमंत्री देशवासियों को समर्पित कर सकते हैं।

इस टनल की जरूरत क्यों?

सेला दर्रे पर वर्तमान में, भारतीय सेना के जवान और क्षेत्र के लोग तवांग पहुंचने के लिए बालीपारा-चारीदुआर रोड का उपयोग कर रहे हैं। सर्दी के मौसम में अत्यधिक बर्फबारी के कारण सेला दर्रे में भयंकर बर्फ जम जाती है। इससे रास्ता पूरी तरह से बंद हो जाता है। साथ ही, दर्रे पर 30 मोड़ आते हैं, जो बहुत ही घुमावदार हैं। इस कारण यहां आवाजाही पर पूर्ण रूप से  बाधित हो जाती है। सफर के लिए कई-कई घंटों तक का इतंजार करना पड़ता है। इस दौरान पूरा तवांग सेक्टर देश के बाकी हिस्सों से कट जाता है। सेला दर्रा सुरंग मौजूदा सड़क को बायपास करेगी और यह बैसाखी को नूरानंग से जोड़ेगी। इसके साथ ही सेला सुरंग सेला-चारबेला रिज से कटती है, जो तवांग जिले को पश्चिम कामेंग जिले से अलग करती है

कुल टनल प्रोजेक्ट की लंबाई है 11.84 किलोमीटर-

टनल प्रोजेक्ट की कुल लंबाई 11.84 किलोमीटर है। इसमें टनल और सड़कें शामिल हैं। पश्चिम कमिंग जिले (बैसाखी) की तरफ 7.2 किलोमीटर चलने के बाद हम टनल-1 में प्रवेश करते हैं। इसकी लंबाई करीब 1 किलोमीटर है। इसके बाद एक सड़क आती है, जिसकी लंबाई 1.2 किलोमटर है। इसके बाद आती है टनल-2 की जिसकी लंबाई 1.591 किलोमीटर है। टनल से निकलने के बाद तीसरी सड़क है, जो नूरानंग की तरफ निकलती है, इसकी लंबाई है 770 मीटर की है।

आपातकाल में सुरक्षा की पूरी है तैयारी-

टनल के अंदर भी सुरक्षा की पूरी व्यवस्था है। अगर कोई घटना घट जाती है तो सुरंग के अंदर से लोगों को बाहर निकालने की व्यवस्था है। टनल के अंदर रेस्क्यू के लिए बीच में गेट बनाए गए हैं। अगर टनल के एक हिस्से में कुछ हो जाता है तो बीच में बनाए गए आपात रास्ते से लोगों को आसानी से निकालने की व्यवस्था की गई है।

98 प्रतिशत काम पूरा, जनवरी में पीएम कर सकते हैं उद्घाटन-

इस टनल का शिलान्यास 1 अप्रैल, 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। तब माना जा रहा था कि इसे अगले तीन वर्षों में पूरा कर लिया जाएगा। लेकिन कोविड के चलते यह प्रोजेक्ट विलंब हो गया। माइनस 20 डिग्री की हाड़ कंपा देने वाली सर्दी में भी दिन-रात काम जारी है। अब तक करीब 98 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। केवल दो प्रतिशत काम बाकी है। माना जा रहा है कि दिसंबर के अंतिम सप्ताह तक इसका काम पूरा कर लिया जाएगा। इस हिसाब से माना जा रहा है कि 2024 की शुरुआत में ही जनवरी, 2024 में प्रधानमंत्री इसे देश को समर्पित कर सकते हैं। इस टलन के बनने से जहां समय की बचत होगी वहीं अब यात्रा भी सुगम हो जाएगी। टनल के बनने से करीब छह किलोमीटर की कमी आएगी। इसके साथ ही करीब डेढ़ घंटे का समय भी बचेगा।

इसलिए खास है प्रोजेक्ट
  • सेला टनल 13,500 फीट से ज्यादा की ऊंचाई पर दो लेन में बनी दुनिया की सबसे बडी सुरंगहोगी
  • अरुणाचल प्रदेश के तवांग और वेस्ट कामेंग जिलों को जोड़ेगा टनल 1 और टनल 2
  • टनल की कुल लंबाई है 11.84 किलोमीटर है
  • 1591 मीटर का ट्विन ट्यूब चैनल हो रहा है तैयार। दूसरी सुरंग 993 मीटर लंबी है।
  • टनल 2 में ट्रैफिक के लिए एक बाई-लेन ट्यूब और एक एस्केप ट्यूब बनाया गया है। मुख्य सुरंग के साथ ही इतनी ही लंबाई की एक और सुरंग बनाई गई है, जो किसी आपातकालीन समय में काम आएगी।
  • पूरी तरह स्वदेशी और अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग करके बनाए गए हैं टनल। टनल पर बर्फबारी का कोई असर नहीं होगा।
  • प्रॉजेक्ट के तहत दो सड़कें (7 किलोमीटर और 1.3 किलोमीटर) भी बनाई गई हैं।
  • टनल के उद्घाटन के साथ ही छह किलोमीटर की दूरी होगी कम
  • डेढ़ घंटे के समय की होगी बचत

रणनीतिक महत्व
  • सेला दर्रा (पास) 317 किलोमीटर लंबी बालीपारा-चाहरद्वार-तवांग सड़क पर है।
  • यह अरुणाचल प्रदेश के पश्चिम कामेंग को तवांग को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाला एकमात्र सड़क है।
  • तवांग सेक्टर में एलएसी तक पहुंचने का एक मात्र रास्ता।
  • हर मौसम में रहेगा खुला। भारतीय सेना और आमजन को होगी सहूलियत
  • सेना तीव्र गति से पहुंचेगी अग्रिम चौकियों तक, चीन को दे सकेंगं माकूल जवाब

 

 

कब हुई सेला टनल की शुरुआत और क्या है लागत?
  • एक अप्रैल, 2019 को प्रधानमंत्री ने रखी थी नींव।
  • तीन वर्ष में करना था पूरा लेकिन कोविड के कारण हुआ विलंब
  • कुल अनुमानित लागत 647 करोड़ रुपए
  • चौबीसों घंटे जारी रहा काम, माइनस 20 डिग्री के तापमान पर भी काम जारी रहा

Covid19: कोरोना के नए वेरिएंट ने बढ़ाई चिंता, JN.1 के 63 मरीज मिले, जानिए किस राज्य में हैं सबसे ज्यादा कोरोना के मरीज .

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कोरोना का नया वैरिएंट तेजी से लोगों को संक्रमित कर रहा है, जिसने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। सरकार ने भी लोगों से सावधानी रखने की अपील की है। बता दें कि भारत में कोरोना के नए वैरिएंट जेएन.1 के मरीजों की संख्या बढ़कर 63 हो गई है। बता दें कि गोवा में सबसे ज्यादा मरीज नए वैरिएंट जेएन.1 से संक्रमित पाए गए हैं। गोवा में नए वैरिएंस से संक्रमित मरीजों की संख्या 34 है। वहीं महाराष्ट्र में छह, कर्नाटक में आठ, केरल में छह, तमिलनाडु में चार और तेलंगाना में दो लोग नए कोरोना वैरिएंट जेएन.1 से संक्रमित पाए गए हैं।

डब्लूएचओ का दावा-दुनिया के कई देशों में फैल रहा जेएन 1
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) का कहना है कि कोरोना के नए वैरिएंट जेएन 1 के दुनिया के कई देशों में संक्रमित मरीज मिल रहे हैं और इसके मामले तेजी से भी बढ़ रहे हैं। यही वजह है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने नए वैरिएंट जेएन 1 को वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट माना है। हालांकि विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि अभी इसे लेकर और अध्ययन करने की जरूरत है कि जेएन 1 का शरीर पर क्या असर हो रहा है। भारत में तो अभी तक जेएन 1 से संक्रमित मरीजों में बहुत ज्यादा चिंताजनक लक्षण नहीं दिखाई दिए हैं। जेएन 1 का संक्रमण भी कम है। साथ ही अभी जो वैक्सीन उपलब्ध हैं, उनसे ही इस वैरिएंट से निपटा जा सकता है।

जेएन 1 को लेकर ये बातें चिंताजनक-

कोरोना का नया वैरिएंट जेएन 1 तेजी से फैलता है और दुनिया के कई देशों में इसके मामले बढ़ रहे हैं। ठंड बढ़ने के साथ जेएन 1, इंफ्लुएंजा, रिनोवायरस और अन्य सांस संबंधी बीमारियां के साथ लोगों के लिए परेशानी का सबब बन सकता है। यही वजह है कि सरकार ने लोगों से अपील की है कि वह सार्वजनिक स्थानों पर मास्क का इस्तेमाल करें और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की कोशिश करें। साथ ही बच्चों और बुजुर्गों को विशेष तौर पर सावधानी रखने की सलाह दी गई है।
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देश में कोरोना के एक्टिव मरीजों की संख्या 4 हजार के पार-

बता दें कि देश में बीते 24 घंटे में कोरोना के 312 एक्टिव केस मिले हैं। जिसके बाद देश में कुल सक्रिय मामलों की संख्या बढ़कर 4054 हो गई है। बीते 24 घंटे में केरल में 128, कर्नाटक में 73, महाराष्ट्र में 50, राजस्थान में 11, तमिलनाडु में नौ, तेलंगाना में आठ और दिल्ली में सात नए एक्टिव केस मिले हैं।