Category Archive : पुलिस

मुख्यमंत्री ने अंकिता भंडारी हत्या की सीबीआई जांच की संस्तुति की

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वर्गीय अंकिता भंडारी के माता–पिता की अनुरोध व उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए अंकिता भंडारी प्रकरण की CBI जांच कराए जाने की संस्तुति प्रदान की है ।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य शुरू से अंत तक निष्पक्ष, पारदर्शी और संवेदनशील तरीके से न्याय सुनिश्चित करना रहा है और आगे भी रहेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय बहन अंकिता भंडारी के साथ हुई इस अत्यंत दुखद एवं हृदयविदारक घटना की जानकारी मिलते ही राज्य सरकार ने बिना किसी विलंब के पूर्ण संवेदनशीलता और निष्पक्षता के साथ कार्रवाई की। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एक महिला आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रकरण से जुड़े सभी अभियुक्तों को शीघ्र गिरफ्तार किया गया तथा राज्य सरकार की ओर से प्रभावी एवं सशक्त पैरवी सुनिश्चित की गई, जिसका परिणाम यह रहा कि विवेचना और ट्रायल के दौरान किसी भी अभियुक्त को जमानत नहीं मिल सकी। SIT द्वारा गहन विवेचना के पश्चात अभियुक्तों के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल की गई और निचली अदालत द्वारा सुनवाई पूर्ण होने पर अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह पूरे प्रकरण में इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि राज्य सरकार ने आरंभ से लेकर अंत तक निष्पक्षता, पारदर्शिता और दृढ़ता के साथ न्याय सुनिश्चित किया है। साथ ही, हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही कुछ ऑडियो क्लिप्स के संबंध में भी अलग–अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं, जिन पर जांच की प्रक्रिया निरंतर जारी है।

मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि सरकार की मंशा पूरी तरह स्पष्ट है और किसी भी तथ्य या साक्ष्य की अनदेखी नहीं की जाएगी। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि अंकिता केवल एक पीड़िता नहीं थी, बल्कि वह हमारी भी बहन और बेटी थी।

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि हाल ही में उन्होंने स्वयं स्वर्गीय अंकिता भंडारी के माता–पिता से मुलाकात की, जिसमें बातचीत के दौरान उन्होंने मामले की CBI जांच कराए जाने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय अंकिता के माता–पिता के इस अनुरोध और उनकी भावनाओं का पूर्ण सम्मान करते हुए राज्य सरकार ने इस प्रकरण की CBI से जांच कराने का निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुनः दोहराया कि राज्य सरकार पहले भी न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध रही है और आगे भी पूरी दृढ़ता एवं संवेदनशीलता के साथ स्वर्गीय बहन अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए संकल्पबद्ध रहेगी।

उर्मिला सनावर के मामलों की जांच के लिए एसआईटी गठित,जनता आगे आये- उर्मिला

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उर्मिला सनावर के खिलाफ जनपद के विभिन्न थानों में दर्ज मुकदमों की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने एसआईटी गठन का निर्णय लिया है।
एसएसपी के आदेश पर सभी मामलों की जांच के लिए विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया है।

उधर, उर्मिला सनावर ने वीडियो बयान जारी कर कहा कि वपुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए छापे मार रही है। जबकि वो सबूत दे चुकी है। उर्मिला ने प्रदेश की जनता से अंकिता को न्याय दिलवाने के लिए आगे आने को कहा है।इस बीच, पुलिस प्रशासन का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य जांच प्रक्रिया को प्रभावी बनाते हुए किसी भी प्रकार के संदेह या पक्षपात की संभावना को समाप्त करना है। एसएसपी ने स्पष्ट किया है कि सभी मामलों की गहन जांच साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी और कानून के दायरे में रहकर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि मामलों का जल्द एवं न्यायसंगत निस्तारण हो सके।

 

एसपी सिटी को सौंपी गई एसआईटी की कमान

गठित एसआईटी की जिम्मेदारी पुलिस अधीक्षक नगर (एसपी सिटी) अभय कुमार सिंह को सौंपी गई है। टीम को निर्देश दिए हैं कि उर्मिला सनावर से जुड़े सभी प्रकरणों की बारीकी से जांच की जाए और प्रत्येक बिंदु पर निष्पक्ष आकलन के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाए। एसएसपी ने यह भी कहा है कि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

चार थानों में दर्ज हैं कुल चार मुकदमे

जानकारी के अनुसार उर्मिला सनावर के खिलाफ कोतवाली ज्वालापुर, कोतवाली रानीपुर, थाना बहादराबाद और थाना झबरेड़ा में कुल चार मुकदमे दर्ज हैं। अब इन सभी मामलों की जांच एक ही विशेष जांच टीम द्वारा की जाएगी। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि एकीकृत जांच से मामलों में पारदर्शिता बनी रहेगी और जांच की दिशा स्पष्ट रहेगी, जिससे भ्रम या विरोधाभास की स्थिति उत्पन्न नहीं होगी।

एसआईटी में शामिल अधिकारी
गठित विशेष जांच टीम में कुल सात सदस्य शामिल किए गए हैं। टीम में निरीक्षक शांति कुमार गंगवार (प्रभारी कोतवाली रानीपुर), निरीक्षक कुंदन सिंह राणा (प्रभारी कोतवाली ज्वालापुर), उप निरीक्षक अंकुर शर्मा (प्रभारी थाना बहादराबाद), उप निरीक्षक रविन्द्र सिंह (थाना झबरेड़ा), अपर उप निरीक्षक रणजीत सिंह बिष्ट (कार्यालय पुलिस अधीक्षक नगर), कांस्टेबल विनय (कार्यालय पुलिस अधीक्षक नगर) और कांस्टेबल वसीम (सीआईयू हरिद्वार) शामिल हैं।

 

कई स्थानों पर प्रदर्शन

वीआईपी के मुद्दे पर प्रदेश के हल्द्वानी में ज्योति अधिकारी के समर्थन में विरोध-प्रदर्शन जारी है।
देहरादून में महिला कांग्रेस ने स्पीकर के आवास का घेराव कर आंदोलन को धार दी।

प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी सीबीआई जॉच व वीआईपी के खुलासे को लेकर भाजपा के विरोध में आंदोलन जोर पकड़ता जा रहा है।

प्रदेश भाजपा संगठन के लचर व आत्मघाती बयानों से स्थिति और भी बिगड़ गयी है। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के जातिगत बयान का आम जनता ने भारी विरोध कर दिया है।

Dehradun: भोजन भत्ता बढ़ा…महिला होमगार्ड को मातृत्व अवकाश, होमगार्ड स्थापना दिवस पर सीएम धामी ने की घोषणाएं.

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होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वार्षिक कैलेंडर का विमोचन किया। इसके साथ मुख्यमंत्री धामी ने अहम घोषणाएं भी की। होमगार्ड जवानों को साल में 12 आकस्मिक अवकाश मिलेंगे। महिला होमगार्ड को मातृत्व अवकाश मिलेगा।

सीएम धामी ने घोषणा की कि 9000 फीट से ऊपर तैनाती पर 200 प्रोत्साहन राशि  पुलिस-एसडीआरएफ की तर्ज पर दिया जाएगा। एसडीआरएफ ट्रेनिंग प्राप्त होमगार्ड को 100 रुपये अतिरिक्त भत्ता दिया जाएगा। इसके अलावा वर्दी भत्ता भी दोबारा शुरू, किया गया  है। भोजन भत्ते में भी 50 फीसदी की बढ़ोतरी होगी। ट्रेनिंग भत्ता 50 रुपये से बढ़ाकर 140 रुपये किया गया।

प्रथम सीडीएस को दी श्रद्धांजलि-
वहीं सीएम धामी ने कनक चौक स्थित पार्क में भारत के प्रथम चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ स्व. जनरल बिपिन रावत की चतुर्थ पुण्यतिथि पर उनकी प्रतिमा पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने जनरल रावत के अदम्य साहस, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र के प्रति उनके सर्वोच्च समर्पण को स्मरण करते हुए उन्हें उत्तराखंड एवं देश का गौरव बताया। उन्होंने कहा कि जनरल बिपिन रावत का जीवन देशभक्ति, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणादायक मिसाल है, जो आने वाली पीढ़ियों को सदैव राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा।

मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों, सैनिकों एवं नागरिकों के साथ दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शहीदों के सम्मान में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

मांस वाहन को रोकने और वाहन चालक से मारपीट के मामले में फरार भाजपा नेता स्कूटी से पहुंचे कोतवाली आत्मसमर्पण करने, कोर्ट में पेश कर भेजा जेल

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मीट प्रकरण में फरार चल रहे भाजपा पूर्व नगर अध्यक्ष मदन जोशी स्कूटी से कोतवाली पहुंचे और आत्म समर्पण कर दिया। उधर पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है। भाजपा नेता की गिरफ्तारी को लेकर विधायक समेत बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता कोतवाली पहुंचे। 23 अक्तूबर को मांस वाहन को रोकने और वाहन चालक से मारपीट के मामले में पुलिस ने वाहन चालक की पत्नी की तहरीर पर भाजपा नेता मदन जोशी समेत पांच नामजद व 30 अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास में मुकदमा दर्ज किया था। जिसके बाद पुलिस लंबे से भाजपा नेता की गिरफ़्तारी के प्रयास कर रहे थी।

वहीं सोमवार को भाजपा नेता की हाई कोर्ट से ज़मानत याचिका ख़ारिज होने के बाद मंगलवार सुबह मदन जोशी ने समर्पण के लिए सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड की। जिसके कुछ देर बाद बड़ी संख्या भाजपा कार्यकर्ता व समर्थक कोतवाली पहुंच गए।

उधर गिरफ्तारी को लेकर पुलिस भी भारी संख्या में तैनात की गई। इसी बीच भाजपा नेता भीड़ के बीच स्कूटी से कोतवाली पहुंचे और आत्मसमर्पण किया। कोतवाल सुशील कुमार ने बताया कि आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है।

चौखुटिया स्वास्थ्य आंदोलन- कांग्रेस ने पुलिस दमन का किया विरोध. नेता विपक्ष आर्य और विधायक मदन बिष्ट पहुंचे धरना स्थल.

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विकासखण्ड चौखुटिया से स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के विरोध में देहरादून पहुंचे आंदोलनकारियों के साथ पुलिस द्वारा किए गए दमन को हम कड़ा नकारते हैं।

धरना स्थल पर पहुंचे नेता विपक्ष यशपाल आर्य व विधायक मदन बिष्ट ने कहा कि यह कार्रवाई न केवल अत्यंत निंदनीय है, बल्कि लोकतान्त्रिक मूल्यों के सीधा अपमान भी है।

स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधा माँगना कोई अपराध नहीं हो सकता। आंदोलनकारियों को रोकने, डराने और दबाने का प्रयास लोकतंत्र की आत्मा पर चोट है। जनता की आवाज़ को घेराबंदी कर दबाना सरकार के असंवेदनशील और अहंकारी रवैये को दर्शाता है — जो किसी भी नागरिक जगत के लिए स्वीकार्य नहीं।

आज आवश्यकता पुलिस बल की नहीं, योजनाओं, संसाधनों और संवेदनशीलता की है। स्वास्थ्य सुविधाएँ सभी नागरिकों का मूल अधिकार हैं, और इस अधिकार के समर्थन में जनता अकेली नहीं है — हम उनकी आवाज़ सदन से सड़क तक मजबूती से उठाते रहेंगे।

यह सरकार जितना दबाएगी, जनता की आवाज़ उतनी ही ऊँची और सशक्त होकर उठेगी। जनहित के मुद्दों पर समझौता नहीं होगा — यह लड़ाई जनता के हक़ की है और पूरी ताकत से जारी रहेगी।

जनता की आवाज़ को रोका नहीं जा सकता, जनता के अधिकारों को दबाया नहीं जा सकता।

लिव-इन पार्टनर की रॉड से हमला कर हत्या, आरोपी ड्राइवर ने कोतवाली पहुंचकर किया सरेंडर

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रानीपुर कोतवाली क्षेत्र के भभूतावाला बाग में शुक्रवार तड़के जिला अस्पताल के ड्राइवर ने अपनी लिव-इन पार्टनर की लोहे की रॉड से हमला कर हत्या कर दी। इसके बाद आरोपी ने खुद को पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।जानकारी के अनुसार, मुकेश पुजारी पिछले करीब 11 साल से शिवलोक कॉलोनी में रहने वाली पिंकी के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहा था। पिंकी स्थानीय स्तर पर ब्यूटी पार्लर चलाती थी। दोनों की आठ साल की एक बेटी भी है। मुकेश की पहली शादी भी हो चुकी है और उसकी पहली पत्नी से दो जवान बेटे हैं, जो अलग रहते हैं।

 

पुलिस के अनुसार, शुक्रवार की सुबह करीब तीन बजे मुकेश पिंकी के घर पहुंचा और किसी बात को लेकर दोनों के बीच बहस हो गई। बहस के दौरान उसने लोहे की रॉड से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल होने के कारण मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना के बाद मुकेश सीधे रानीपुर कोतवाली पहुंचा और आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने आरोपी को तुरंत हिरासत में ले लिया और हत्या के आरोप में केस दर्ज कर लिया है।

एसपी सिटी पंकज गैरोला और एएसपी सदर निशा यादव ने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली और आरोपी से पूछताछ की। अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि मुकेश को पिंकी के चरित्र पर शक था।

इसी शक के चलते दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था, और आशंका जताई जा रही है कि इसी शक ने हत्या जैसी गंभीर वारदात को जन्म दिया। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है और आरोपी से पूछताछ के साथ-साथ घटना की गहन जांच शुरू कर दी है।

पहली बार खोला गया नया गेट, यही मिलेंगे लोगों से प्रधानमंत्री

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देहरादून एयरपोर्ट पर स्टेट गेस्ट हाउस तक आवाजाही करने के लिए पहली बार नए गेट को खोला गया है। स्टेट गेस्ट हाउस के पास एक बड़ा पंडाल भी बनाया जा रहा है। इसी पंडाल में प्रधानमंत्री आपदा प्रभावितों और आपदा वीरों से मुलाकात करेंगे। उसके बाद प्रधानमंत्री अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक में भाग लेंगे।

 

गेस्ट हाउस के लिए कुछ समय पहले बनाए गए नए गेट के पास पुलिस, अधिकारी और सुरक्षा जवानों ने अपनी तैयारियां पूरी की। एयरपोर्ट टोल बैरियर से पहले दाहिनी तरफ कोठारी मोहल्ले जाने वाले नए मार्ग को स्टेट गेस्ट हाउस तक बनाया गया है।

नया मार्ग और नया गेट बनने से संबंधित विभागों के अधिकारी और अन्य लोग एयरपोर्ट के बाहर से ही गेस्ट हाउस तक आवाजाही कर वीवीआईपी से मिल सकेंगे। जबकि पहले एयरपोर्ट टर्मिनल से पास बनवाकर और तमाम सुरक्षा मानकों का पालन करने के बाद गेस्ट हाउस तक आवाजाही की जाती थी, जिसमें काफी वक्त लगता था।

 

पार्किंग के लिए जगह तलाशी

गेस्ट हाउस तक आवाजाही करने वाली पुलिस, अधिकारियों और तमाम लोगों के वाहनों की पार्किंग के लिए कोठारी मोहल्ले में पुलिस द्वारा जगह तलाश कर जेसीबी से झाड़ियां आदि हटवाई गई।

इस बार स्टेट गेस्ट हाउस तक आवाजाही करने के लिए नए मार्ग और नए गेट का इस्तेमाल किया जाएगा। जबकि पहले एयरपोर्ट टर्मिनल पर पास आदि बनाकर सुरक्षा जांच के बाद गेस्ट हाउस तक आवाजाही होती थी। अब एयरपोर्ट बाउंड्री के बाहर से ही आवाजाही की जाएगी। – कमल कुमार लुंठी, कोतवाल डोईवाला

 

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज  उत्तराखंड के आपदाग्रस्त इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे। इसके बाद उच्चस्तरीय बैठक होगी, जिसमें आपदा से जुड़े सभी पहलुओं पर चर्चा होगी। पीएम मोदी तीन बैठक करेंगे। शाम 5:45 बजे  पहले वह बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात स्टेट गेस्ट हाउस, देहरादून में मुलाकात करेंगे। इसके बाद शाम 5:55 बजे एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और आपदा मित्र टीम से : स्टेट गेस्ट हाउस देहरादून में मिलेंगे। आखिर में शाम 6:05 बजे देहरादून में समीक्षा बैठक करेंगे।

कानून-व्यवस्था, सड़क सुधार पर मुख्यमंत्री धामी ने उच्च स्तरीय बैठक में दिए कड़े निर्देश

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 मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को सचिवालय में उच्च स्तरीय बैठक कर राज्य की कानून-व्यवस्था, सड़कों की स्थिति, सेवा पखवाड़ा एवं अन्य जनहित से जुड़े विषयों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि जनता को सुगम, सुरक्षित एवं पारदर्शी व्यवस्था उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए। सभी संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी निगरानी, राज्य सीमाओं पर सघन चेकिंग और पुलिस की रात्रिकालीन गश्त को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए।

बरसात के बाद सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए विशेष अभियान चलाने और इसके लिए निविदा प्रक्रिया समय पर पूर्ण करने के भी निर्देश दिए गए।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर गांधी जयंती तक प्रदेशभर में सेवा पखवाड़ा आयोजित किया जाएगा। इस अवधि में सभी जनपदों में सेवा, जनजागरूकता और जनहित से जुड़े कार्यक्रम होंगे। प्रत्येक जिले के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर समयबद्ध रूप से लागू करने के निर्देश भी दिए गए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं सड़क मार्ग से विभिन्न जिलों का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का प्रत्यक्ष जायजा लेंगे।

रेत मिश्रित नमक की शिकायत पर उन्होंने तत्काल जांच कराने के निर्देश दिए और कहा कि दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

 

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कांग्रेस मुख्यालय पर भाजपाइयों का धावा, कांग्रेसियों ने ललकारा,एक घंटे तक गूंजते रहे नारे

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सोमवार की दोपहर साढ़े तीन बजे उस समय तनावपूर्ण माहौल बन गया जब भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय राजीव भवन पर अचानक धावा बोल दिया। लाठी-डंडों से लैस भाजपाइयों ने कांग्रेस और राहुल गांधी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

इस बीच कांग्रेस मुख्यालय में मौजूद कार्यकर्ता भी भड़क उठे और वरिष्ठ उपाध्यक्ष संगठन सूर्यकांत धस्माना के नेतृत्व में गेट पर पहुंचकर भाजपा कार्यकर्ताओं को खदेड़ दिया। करीब एक घंटे तक क्वालिटी चौक पर दोनों दलों के बीच पुलिस की मौजूदगी में तीखी नारेबाजी और धक्का-मुक्की होती रही।

कांग्रेस की ओर से पहले ही पुलिस महानिदेशक को चेतावनी पत्र भेजकर आशंका जताई गई थी कि भाजपा कार्यकर्ता मुख्यालय पर हमला कर सकते हैं, लेकिन सुरक्षा इंतजामों के बावजूद भाजपाई राजपुर रोड स्थित मुख्यालय तक पहुंच गए। स्थिति बिगडऩे पर सिटी मजिस्ट्रेट और एसपी सिटी ने मौके पर पहुंचकर धस्माना से कार्यकर्ताओं को शांत करने का अनुरोध किया, जिस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताते हुए सवाल उठाया कि पूर्व सूचना के बावजूद भाजपा कार्यकर्ता कैसे मुख्यालय तक पहुंच गए। आखिरकार धक्का-मुक्की और गाली-गलौच के बाद भाजपा कार्यकर्ता पीछे हट गए और कांग्रेस कार्यकर्ता  नारों के साथ वापस मुख्यालय लौट आए।

  • कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लगाए नारे – वोट चोर गद्दी छोड़
  • महिला कार्यकर्ताओं के साथ गाली-गलौच का आरोप
  • कांग्रेस बोली – भाजपा राहुल गांधी की रैली से घबराई
  • पुलिस पर सुरक्षा में चूक का आरोप
  • कांग्रेस कार्यलाय में यह थे मौजूद
    कांग्रेस मुख्यालय पर हुए घटनाक्रम के दौरान वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे। इनमें ताहिर अली, राजेंद्र शाह, दिनेश कौशल, आयुष गुप्ता, रॉबिन त्यागी, अर्जुन पासी, ललित भद्री, गरिमा माहरा दसौनी, डॉ. प्रतिमा सिंह, सुजाता पॉल, सुशीला शर्मा, मोहन काला, पिया थापा, आशा मनोरमा शर्मा, नजमा खान, उदयवीर पुंडीर, धर्मपाल घाघट, करण घाघट, विशाल मौर्य, फारुक, पुनीत चौधरी समेत कई कार्यकर्ता शामिल रहे।

मुख्यमंत्री बदलने की भ्रामक सूचना पर पुलिस की सख्ती

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देश के कई हिस्सों में मानसून ने कहर बरपाया हुआ है ,जिससे हिमालयी राज्य उत्तराखंड भी अछूता नहीं है ,

पहले उत्तरकाशी के धराली , पौड़ी और फिर चमोली के थराली में जो सैलाब लगातार मुश्किल पैदा कर रहा है वो रुकने का नाम नहीं ले रहा है ,
ऐसे में प्रदेश में कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रदेश के मुख्यमंत्री को बदलने की कई वीडियो / विभिन्न सोशल मीडिया माध्यम के जरिए अपुष्ट आधार पर दिखाई गई हैं , जिसको लेकर उत्तराखंड पुलिस ने कठोर क़दम उठा कर कुछ सोशल मीडिया पेज पर मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही प्रारंभ की है .

भ्रम पैदा करने वालों की वजह से प्रभावित होते हैं राहत बचाव कार्य –

पुलिस से बातचीत कर ये जानकारी मिली कि इस तरह की भ्रामक सूचनाओं से आपदा के इस कठिन समय में राहत कार्य करने में रुकावट का सामना करना पड़ता है ..

आमजनमानस में भ्रम की स्थिति न बने इसलिए इस तरह की कार्यवाही अमल में लाई गई है .

उत्तराखंड के चार जिले भारी बारिश की चपेट में –

गौरतलब है कि इस मानसूनी दौर में बागेश्वर, चमोली , रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ जनपद काफी हद तक प्रभावित हैं जहां तमाम सरकारी एजेंसी के साथ ही SDRF और NDRF निरंतर आपदा बचाव राहत कार्य में जुटी हैं ,
झूठी ख़बर फैलाने से न केवल व्यवधान उत्पन्न होता है बल्कि सरकारी कामकाज पर भी असमंजस की स्थिति उत्पन्न होने की वजह से प्रशासनिक कार्य भी प्रभावित होता है .

उत्तराखंड पुलिस की आमजनता से अपील, अफवाहों पर न दें ध्यान –

इसी के मद्देनजर , उत्तराखंड पुलिस के डीजीपी दीपम सेठ की तरफ से भी ये अपील जारी की गई है कि भ्रामक सूचनाओं और अफवाहों पर ध्यान न दें ,

प्रदेश के सभी जिलों की एजेंसीज को भी निर्देश दिए गए हैं कि अफवाह फैलाने वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर नजर रखें ..

भारी बारिश से उत्तराखंड के साथ ही हिमाचल में भी मुश्किल हालात –

यहां ये भी महत्वपूर्ण है कि हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड , इस समय दोनों भी हिमालयी राज्य भीषण आपदा से गुजर रहे हैं ,

आपदा प्रभावितों की हर संभव मदद के लिए न केवल सरकार, बल्कि विपक्ष भी आपदा की इस कठिन घड़ी में पीड़ितों तक पहुंच कर राहत देने की भरपूर कोशिश में है ..