Category Archive : राज्य

उत्तराखंड को मिले 20,000 करोड़ की आर्थिक सहायता, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने की केंद्र सरकार से मांग

187 Minutes Read -

उत्तराखंड में आयी आपदाओं से उबरने के लिए उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने प्रधानमंत्री से उत्तराखंड के लिए ₹20,000 करोड़ का विशेष राहत पैकेज देने की मांग की,साथ ही उन्होंने  भविष्य की चुनौतियों के लिए विशेषज्ञ टीमों की तैनाती, और 5 सितंबर को लिखे पत्र में रखी गई प्रमुख मांगों को फिर से दोहराया।

Uttarakhand Congress President Karan Mahara attacked Dhami government fiercely cornered it on these issues उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष करण माहरा का धामी सरकार पर हमला, इन मुद्दों पर जमकर ...

माहरा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अलग और विशेष राहत पैकेज जारी करने की मांग करते हुए कहा कि पहले उन्होंने ₹10,000 करोड़ की सहायता का आग्रह किया था, लेकिन हालात की गंभीरता को देखते हुए अब यह राशि अपर्याप्त है। धामी सरकार ने केन्द्र से केवल ₹5,700 करोड़ मांगे हैं, जबकि अकेले जोशीमठ के पुनर्निर्माण में लगभग ₹6,000 करोड़ की आवश्यकता है। उन्होंने पिछले वर्ष की जोशीमठ आपदा का उल्लेख करते हुए कहा कि इतनी बड़ी राशि सिर्फ एक क्षेत्र के लिए ही जरूरी है।

जोशीमठ आपदा को लेकर सामने आई जांच रिपोर्ट, जानिए वैज्ञानिकों ने किसे बताया जिम्मेदार - NTPC tunnel responsible for Joshimath crisis Shri Dev Suman Uttarakhand University scientists ...

माहरा ने राज्य के अन्य आपदा प्रभावित इलाकों का भी जिक्र किया, जहां लोगों को अभी तक कोई राहत नहीं मिली है,उनका कहना है कि कर्णप्रयाग के बहुगुणा ग्राम में 35 मकान क्षतिग्रस्त हुए, लेकिन प्रभावित परिवारों को अभी तक सहायता नहीं मिली।जबकि गोपेश्वर और नैनीताल (बलिया नाला क्षेत्र) में लगातार भूस्खलन हो रहे हैं।इसके आलावा कुमाऊं के खटिया, खाती गांव, भराड़ी, सौंग और धारचूला जैसे क्षेत्रों में भी आपदाएं आईं, पर अब तक उनके पास कोई आर्थिक मदद नहीं पहुंची है.

कांग्रेस प्रदेश का कहना है कि  उत्तराखंड को कम से कम ₹20,000 करोड़ की आर्थिक सहायता दी जानी चाहिए, ताकि गांवों का पुनर्निर्माण हो सके। माहरा ने कहा कि आकलन के लिए टीम भेजने के बजाय केन्द्र और राज्य सरकार को वैज्ञानिकों, भूवैज्ञानिकों और विशेषज्ञों की टीमें भेजनी चाहिए। ये टीमें आने वाले समय में संभावित आपदाओं का आकलन कर उत्तराखंड को तैयार करने की ठोस रूपरेखा प्रस्तुत कर सकती हैं।

 

इससे पहले भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 5 सितंबर को लिखे पत्र में माहरा ने कहा कि लगातार भारी बारिश से राज्य के सभी पर्वतीय जिलों में जानमाल की बड़ी क्षति हुई है। बादल फटने की घटनाओं ने कई जगह जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। उत्तरकाशी, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और पौड़ी जिलों में हालात बेहद गंभीर हैं।
उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन विभाग ने IIRS की चेतावनियों को नजरअंदाज किया, जिससे यह स्पष्ट है कि राज्य सरकार का आपदा प्रबंधन तंत्र प्रभावी ढंग से काम नहीं कर पाया। भारी बारिश और आपदाओं में मारे गए, लापता और घायल लोगों की सही संख्या अभी तक सामने नहीं आई है।

 

करन माहरा ने प्रधानमंत्री को लिखे गए पत्र में अपनी रखी गयी प्रमुख बातो को फिर से दोहराया, 

मुख्य मांगें- 

1. उत्तराखंड की मौजूदा आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित किया जाए।

2. केन्द्र सरकार शीघ्र उत्तराखंड को ₹20,000 करोड़ का राहत पैकेज दे।

3. प्रत्येक आपदा पीड़ित परिवार को केन्द्र और राज्य सरकार से ₹10-10 लाख की तात्कालिक सहायता दी जाए।

4. क्षतिग्रस्त मकानों और भवनों का आंकलन कर उचित मुआवजा दिया जाए।

5. प्रभावित लोगों का विस्थापन टिहरी बांध विस्थापितों की तरह सुरक्षित स्थानों पर एकमुश्त किया जाए।

 

कांग्रेस पार्टी का कहना है कि केन्द्र सरकार को उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों की जनता की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इन बिंदुओं पर तत्काल निर्णय लेना चाहिए। करन माहरा ने केन्द्र और राज्य सरकार से आग्रह किया कि इन मांगों को प्राथमिकता दी जाए, ताकि आपदा पीड़ितों को वास्तविक राहत मिल सके और राज्य भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार हो सके।

केदारनाथ मंदिर से ऊपर चौराबाड़ी ग्लेशियर के पास हुआ हिमस्खलन

240 Minutes Read -

केदारनाथ से ऊपर हिमालय क्षेत्र से लगे चौराबाड़ी ग्लेशियर में भारी हिमस्खलन हुआ। जिससे ग्लेशियर से भारी मात्रा में बर्फ टूटकर निचले क्षेत्र में आ गई। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें बर्फ का भारी

गुबार तेज रफ्तार के साथ नीचे खिसकते हुए दिखाई दे रहा है।

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि घटना दोपहर करीब 2 बजे की है। धाम में मौजूद लोगों और मंदिर से जुड़े पदाधिकारियों ने ऊपरी क्षेत्र में बर्फ का गुबार देखा तो उसकी वीडियो बनाई।

कानून-व्यवस्था, सड़क सुधार पर मुख्यमंत्री धामी ने उच्च स्तरीय बैठक में दिए कड़े निर्देश

173 Minutes Read -

 मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को सचिवालय में उच्च स्तरीय बैठक कर राज्य की कानून-व्यवस्था, सड़कों की स्थिति, सेवा पखवाड़ा एवं अन्य जनहित से जुड़े विषयों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि जनता को सुगम, सुरक्षित एवं पारदर्शी व्यवस्था उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए। सभी संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी निगरानी, राज्य सीमाओं पर सघन चेकिंग और पुलिस की रात्रिकालीन गश्त को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए।

बरसात के बाद सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए विशेष अभियान चलाने और इसके लिए निविदा प्रक्रिया समय पर पूर्ण करने के भी निर्देश दिए गए।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर गांधी जयंती तक प्रदेशभर में सेवा पखवाड़ा आयोजित किया जाएगा। इस अवधि में सभी जनपदों में सेवा, जनजागरूकता और जनहित से जुड़े कार्यक्रम होंगे। प्रत्येक जिले के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर समयबद्ध रूप से लागू करने के निर्देश भी दिए गए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं सड़क मार्ग से विभिन्न जिलों का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का प्रत्यक्ष जायजा लेंगे।

रेत मिश्रित नमक की शिकायत पर उन्होंने तत्काल जांच कराने के निर्देश दिए और कहा कि दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

 

ये भी पढ़ें: नाराजगी की अटकलों पर पूर्व CM त्रिवेंद्र रावत ने किया खारिज, सरकार में नेतृत्व में बदलाव की चर्चा को भी बताया हवा-हवाई

ये भी पढ़ें: महिला अपराधों पर कांग्रेस में उबाल, महिला कांग्रेस ने गोबर गोमूत्र से किया भाजपा मुख्यालय का शुद्धिकरण

जल्द शुरू होगा केदारनाथ व हेमकुंड साहिब रोपवे का निर्माण, NHLML व पर्यटन विभाग के बीच एमओयू हुआ

177 Minutes Read -

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, उत्तराखंड में रोपवे कनेक्टिविटी नए आयाम स्थापित करने के साथ ही राज्य की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। जल्द ही सोनप्रयाग से केदारनाथ और गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब रोपवे का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।

समझौते के अनुसार रोपवे के निर्माण में एनएचएलएमएल की 51 प्रतिशत व राज्य सरकार की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी। राजस्व साझेदारी में 90 प्रतिशत धनराशि पर्यटन, परिवहन व गतिशीलता के क्षेत्र में व्यय की जाएगी।मुख्यमंत्री ने कहा, यह समझौता प्रदेश की धार्मिक व सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक पटल पर नई पहचान दिलाने के साथ ही पर्यटन, रोजगार, पर्यावरण संरक्षण और बुनियादी ढांचे में नई संभावनाओं का मार्ग प्रशस्त करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पर्वतमाला परियोजना के तहत सोनप्रयाग से केदारनाथ के बीच लगभग 4100 करोड की लागत से 12.9 किलोमीटर लंबाई का रोपवे व गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब के बीच 2700 करोड़ की लागत की 12.4 किलोमीटर लंबे रोपवे का निर्माण किया जाएगा।

चारधाम ऑलवेदर रोड, दिल्ली-देहरादून एलिवेटेड रोड, सितारगंज से टनकपुर मोटर मार्ग, पौंटा साहिब-देहरादून, बनबसा से कंचनपुर, भानियावाला से ऋषिकेश, काठगोदाम से लालकुंआ, हल्द्वानी बाईपास और सीमांत क्षेत्रों में रोड कनेक्टिविटी विस्तार किया जा रहा है।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य में हर क्षेत्र में तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं। इन रोपवे के निर्माण के बाद श्रद्धालुओं को केदारनाथ व हेमकुंड साहिब के दर्शन करने में काफी सुगमता होगी। पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा, यह समझौता राज्य में पर्यटन के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। रोपवे के निर्माण के बाद स्थानीय स्तर पर लोगों की आर्थिकी व रोजगार में वृद्धि होगी।

महिला अपराधों पर कांग्रेस में उबाल, महिला कांग्रेस ने गोबर गोमूत्र से किया भाजपा मुख्यालय का शुद्धिकरण

200 Minutes Read -

प्रदेश में महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराध की रिपोर्ट सार्वजनिक होने पर प्रदेश महिला कांग्रेस ने भाजपा कार्यालय कूच किया। प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला के साथ कांग्रेसी बलवीर रोड स्थित भाजपा कार्यालय का घेराव करने पहुंचे।पुलिस ने बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। कांग्रेसियों ने इस दौरान जमकर नारेबाजी की। महिला कांग्रेस कार्यकर्ता वहीं पर धरने पर बैठ गईं। कांग्रेस ने प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों की बात कहते हुए भाजपा पर हमला बोला। इस दौरान पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत भी प्रदर्शन में शामिल हुए। उन्होंने भी भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। हंगामे के दौरान पुलिस ने महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला सहित पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत और अन्य कांग्रेसियों को गिरफ्तार कर लिया। जिनको बाद में रिहा किया गया।

कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में महिला कांग्रेस ने बलबीर रोड स्थित भाजपा कार्यालय का घेराव किया और गौमूत्र व गोबर से भाजपा कार्यालय का शुद्धिकरण किया।इस दौरान सड़कों पर घण्टों हंगामा होता रहा और कॉंग्रेस नेताओं ने जमकर नारेबाजी की। कॉंग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला और प्रदेश की महिला कॉंग्रेस ब्रिगेड ने पुलिस की किलेबन्दी को तोड़ते हुए बैरिकेडिंग पर चढ़कर घण्टों प्रदर्शन किया।

मीडिया से बात करते हुए अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने कहा कि “आज भाजपा कार्यालय का गौमूत्र और गोबर से शुद्धिकरण करना हमारी मजबूरी थी। जब NARI 2025 रिपोर्ट देहरादून को देश के सबसे असुरक्षित शहरों में गिनाती है और NCRB के आँकड़े बताते हैं कि उत्तराखंड में महिलाओं पर अत्याचार हर साल बढ़ रहे हैं, तो सवाल उठाना ही होगा।

दिन में 70% महिलाएँ खुद को सुरक्षित मानती हैं लेकिन रात में यह भरोसा केवल 44% रह जाता है। 50% महिलाएँ सार्वजनिक परिवहन में उत्पीड़न झेल चुकी हैं और केवल 25% को ही पुलिस पर भरोसा है। 2022 में 4,337 मामले दर्ज हुए, जिनमें 867 बलात्कार और 637 बच्चों के खिलाफ यौन अपराध थे। क्या यह बेटियों के लिए सुरक्षित माहौल है? भाजपा सरकार आँकड़े छिपाकर पीठ थपथपा रही है, जबकि महिलाएँ त्रस्त हैं। हमारा यह प्रतीकात्मक शुद्धिकरण भाजपा सरकार और प्रशासन को जगाने का प्रयास है।”

भाजपा मुख्यालय के करीब पुलिस ने सख्त बैरिकेडिंग लगा दी थी लेकिन कॉंग्रेस का जोश हाई नजर आया सुबह तय समय पर कॉंग्रेस के सैकड़ों कार्यकर्ता और दिग्गज नेताओं का जुटना शुरू हो गया था जो धीरे धीरे बड़े रैली के रूप में तब्दील हो गया और पूरा हुजूम बलबीर रोड स्थित भाजपा मुख्यालय की तरफ बढ़ने लगा जिसका नेतृत्व खुद ज्योति रौतेला कर रही थी…

 

इस विरोध प्रदर्शन में शामिल पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा कि “भाजपा सरकार महिलाओं के प्रति असंवेदनशील है। आये दिन उत्पीड़न की घटनाओं में भाजपा के मंत्री, विधायक और कार्यकर्ताओं का नाम आता है लेकिन मुख्यमंत्री धाकड़ धामी सिर्फ अपनी पीठ थपथपाने में लगे रहते हैं।”

 

महिला कॉंग्रेस अध्यक्ष ने जारी किया रिपोर्ट कार्ड —

•   NARI 2025 रिपोर्ट के अनुसार देहरादून देश के शीर्ष 10 असुरक्षित शहरों में शामिल है।
•   सुरक्षा स्कोर: 60.6% (राष्ट्रीय औसत 64.6%)
•   दिन में सुरक्षित महसूस करने वाली महिलाएँ: 70%
•   रात में सुरक्षित महसूस करने वाली महिलाएँ: 44%
•   सार्वजनिक परिवहन में उत्पीड़न झेलने वाली महिलाएँ: 50%
•   पुलिस में भरोसा रखने वाली महिलाएँ: केवल 25%
•   NCRB 2022 रिपोर्ट के अनुसार:
•   उत्तराखंड में महिलाओं के खिलाफ अपराध के कुल 4,337 मामले दर्ज हुए।
•   इनमें से 867 बलात्कार और 637 बाल यौन शोषण (POCSO) के मामले शामिल हैं।
•   यह आँकड़ा 2021 से 907 मामले अधिक है।
•   राष्ट्रीय स्तर पर 2020 से 2022 के बीच महिलाओं के खिलाफ अपराध की दर में 12.9% की वृद्धि हुई है (58.8 से बढ़कर 66.4 प्रति लाख महिलाएँ)।

उत्तराखंड मे आपदा का प्रकोप जारी, मुख्यमंत्री धामी लगातार आपदा प्रबंधन में जुटे

214 Minutes Read -

आपदा का प्रकोप जारी है, प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश की चिंता न कर जहां एक तरफ कई भाजपाई नेता बयानबाज़ी और एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप का खेल खेलने में व्यस्त हैं तो वहीं प्रदेश के मुख्यमंत्री आपदा ग्रस्त क्षेत्रों में दौरा कर पीड़ितों का हाल जानने के लिए मौके पर पहुंच रहे हैं .

इसी क्रम में पहाड़ का दौरा कर लौटे धामी हरिद्वार के लक्सर क्षेत्र में ट्रैक्टर के जरिए पहुंच स्थलीय निरीक्षण कर आपदा प्रभावितों को कोई तकलीफ न हो , और भारी बारिश से उत्पन्न हालात पर जल्द से जल्द काबू पाया जा सके ,उसके निर्देश दे कार्यों को गति मिले इसके लिए सख्त तेवर में आदेश जारी किए ..

 

गौरतलंत है कि राज्य में जारी भारी बारिश और प्राकृतिक आपदा के चलते स्थिति काफी विकट बनी हुई है ,पहाड़ से मैदान तक कई जगह पर लोग भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं ,

ऐसे में खुद मुख्यमंत्री के मौके पर पहुंचने से जिले के तमाम अधिकारियों के कार्यों में तत्परता आना स्वाभाविक है ,

हरिद्वार जिले के लक्सर आपदा प्रभावित जलमग्न क्षेत्र में पहुंच मुख्यमंत्री धामी ने प्रभावित परिवारों से बात कर उनकी समस्या का तुरंत निवारण करने के आदेश भी मौके पर ही जारी किए .

अधिकारियों को निर्देश देते हुए धामी ने साफ लफ्जों में जिला प्रशासन एवं आपदा प्रबंधन अधिकारियों को तत्काल राहत और पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों की सुरक्षा, आवास, भोजन और स्वास्थ्य सुविधाओं की सुनिश्चित व्यवस्था की जाए और राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए

मुख्यमंत्री धामी ने कहा की राज्य सरकार इस संकट की घड़ी में हर प्रभावित नागरिक के साथ खड़ी है। हम हर संभव सहायता उपलब्ध कराएँगे, हम इस समय सिर्फ बचाव कार्यों को प्राथमिकता दे रहे हैं। ताकि जनहानि से बचा जा सके ,
प्रदेश सरकार पूरी तरह से कटिबद्ध है कि आपदा से प्रभावित प्रत्येक परिवार को सरकार की ओर से यथासंभव सहायता सुनिश्चित हो …

 

 

हरसंभव मदद होगी मुहैया – पुष्कर सिंह धामी

मुख्यमंत्री धामी ने स्थलीय निरीक्षण के दौरान लक्सर हरिद्वार के गावों में जाकर जलभराव, क्षतिग्रस्त सड़कें, टूटे हुए पुल एवं जल से घिरे घरों का जायज़ा लिया। इस दौरान उन्होंने आपदा प्रभावित परिवारों से बातचीत करते हुए उनकी ज़रूरतों की जानकारी ली और आश्वस्त किया कि राहत कार्यों में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।

लापरवाह अधिकारियों पर होगी कड़ी कार्यवाही –

जिला प्रशासन को निर्देश देते हुए धामी ने कहा कि
राहत शिविरों की पर्याप्त व्यवस्था और उनमें समुचित भोजन, पानी, दवाइयाँ एवं साफ-सफाई की व्यवस्था की गई है ,
जिन परिवारों को स्थानांतरित करने की आवश्यकता है, उन्हें सुरक्षित स्थानों पर भेजा जाएगा ,
किसानों को हुई फसल क्षति का त्वरित आंकलन कर मुआवजा प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी ,
आवश्यकतानुसार स्वास्थ्य शिविर लगाकर चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं .. इसमें लापरवाही बरतने वाले अफसरों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जाएगी .

एनएचपीसी टनल में फंसे सभी कर्मी बाहर नहीं निकले,वीडियो से सच आया सामने, तीन दिन से टनल में फंसे हैं कर्मी

192 Minutes Read -

धारचूला। तीन दिन पहले धारचूला से आगे हुए भूस्खलन के बाद एनएचपीसी के हाइड्रो प्रोजेक्ट की टनल में फंसे 19 श्रमिकों का आज सोमवार को एक वीडियो सामने आया है, जिसमें उन्होंने खुद को भीतर फंसा हुआ बताया। हालांकि, टनल के अंदर कोई दिक्कत नहीं है। यह वीडियो सामने आने के बाद प्रशासनिक दावों पर सवाल उठने लगे हैं।

जिलाधिकारी पिथौरागढ़ विनोद गिरी गोस्वामी नेरविवार दोपहर वीडियो बयान जारी कर सभी श्रमिकों को सुरक्षित निकालने का दावा किया था। वहीं, आपदा प्रबंधन सचिव ने जानकारी दी कि 11 श्रमिकों को बाहर निकाल लिया गया है और शेष पूरी तरह सुरक्षित हैं। लेकिन टनल से आए वीडियो और ऑडियो संदेश ने स्थिति को और उलझा दिया है।

टनल में फंसे श्रमिकों ने स्पष्ट कहा है कि वे अब भी अंदर ही हैं और तीन दिन से बाहर निकलने का इंतजार कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि राहत और बचाव कार्यों को लेकर प्रशासन और विभागीय स्तर पर कोई स्पष्टता नहीं है।

लोगों ने सवाल उठाया कि यह राहत-बचाव अभियान है या मजाक। समन्वय के अभाव की स्थिति किसी बड़े हादसे को जन्म दे सकती है। प्रशासनिक दावों और कर्मियों के संदेशों में बड़ा विरोधाभास सामने आने से परिवारों और क्षेत्रवासियों में गहरी चिंता है।

धारचूला एनएचपीसी परियोजना में सुरक्षा को लेकर जारी निगरानी, प्रबंधन ने कहा सभी सुरक्षित

धारचूला, 1 सितम्बर। एनएचपीसी लिमिटेड की धौलीगंगा पावर स्टेशन, धारचूला की ओर से जारी प्रेस नोट में कहा गया है कि पावर हाउस के भीतर कार्यरत सभी कर्मचारी पूरी तरह सुरक्षित हैं और कार्य सामान्य रूप से संचालित हो रहा है।

प्रशासन और एनएचपीसी प्रबंधन के बीच सतत संवाद बनाए रखते हुए हालात पर निगरानी रखी जा रही है। बताया गया कि पावर हाउस के भीतर कर्मियों की सुरक्षा एवं कार्य संचालन की निरंतर समीक्षा हो रही है।

प्रबंधन ने कहा कि हाल के दिनों में लगातार भारी वर्षा के कारण टनल के मुहाने पर बार-बार मलबा और पत्थरों का जमाव हो रहा है। इस स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन की टीम सुबह से ही राहत और सफाई कार्य में जुटी हुई है।

एनएचपीसी प्रबंधन ने यह भी स्पष्ट किया कि राहत और बचाव कार्यों में किसी प्रकार की कमी नहीं रखी जाएगी और पावर हाउस के भीतर एवं बाहर की गतिविधियों पर प्रशासनिक स्तर से सतर्क निगरानी की जा रही है।

कांग्रेस मुख्यालय पर भाजपाइयों का धावा, कांग्रेसियों ने ललकारा,एक घंटे तक गूंजते रहे नारे

143 Minutes Read -

सोमवार की दोपहर साढ़े तीन बजे उस समय तनावपूर्ण माहौल बन गया जब भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय राजीव भवन पर अचानक धावा बोल दिया। लाठी-डंडों से लैस भाजपाइयों ने कांग्रेस और राहुल गांधी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

इस बीच कांग्रेस मुख्यालय में मौजूद कार्यकर्ता भी भड़क उठे और वरिष्ठ उपाध्यक्ष संगठन सूर्यकांत धस्माना के नेतृत्व में गेट पर पहुंचकर भाजपा कार्यकर्ताओं को खदेड़ दिया। करीब एक घंटे तक क्वालिटी चौक पर दोनों दलों के बीच पुलिस की मौजूदगी में तीखी नारेबाजी और धक्का-मुक्की होती रही।

कांग्रेस की ओर से पहले ही पुलिस महानिदेशक को चेतावनी पत्र भेजकर आशंका जताई गई थी कि भाजपा कार्यकर्ता मुख्यालय पर हमला कर सकते हैं, लेकिन सुरक्षा इंतजामों के बावजूद भाजपाई राजपुर रोड स्थित मुख्यालय तक पहुंच गए। स्थिति बिगडऩे पर सिटी मजिस्ट्रेट और एसपी सिटी ने मौके पर पहुंचकर धस्माना से कार्यकर्ताओं को शांत करने का अनुरोध किया, जिस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताते हुए सवाल उठाया कि पूर्व सूचना के बावजूद भाजपा कार्यकर्ता कैसे मुख्यालय तक पहुंच गए। आखिरकार धक्का-मुक्की और गाली-गलौच के बाद भाजपा कार्यकर्ता पीछे हट गए और कांग्रेस कार्यकर्ता  नारों के साथ वापस मुख्यालय लौट आए।

  • कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लगाए नारे – वोट चोर गद्दी छोड़
  • महिला कार्यकर्ताओं के साथ गाली-गलौच का आरोप
  • कांग्रेस बोली – भाजपा राहुल गांधी की रैली से घबराई
  • पुलिस पर सुरक्षा में चूक का आरोप
  • कांग्रेस कार्यलाय में यह थे मौजूद
    कांग्रेस मुख्यालय पर हुए घटनाक्रम के दौरान वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे। इनमें ताहिर अली, राजेंद्र शाह, दिनेश कौशल, आयुष गुप्ता, रॉबिन त्यागी, अर्जुन पासी, ललित भद्री, गरिमा माहरा दसौनी, डॉ. प्रतिमा सिंह, सुजाता पॉल, सुशीला शर्मा, मोहन काला, पिया थापा, आशा मनोरमा शर्मा, नजमा खान, उदयवीर पुंडीर, धर्मपाल घाघट, करण घाघट, विशाल मौर्य, फारुक, पुनीत चौधरी समेत कई कार्यकर्ता शामिल रहे।

सीएम धामी ने पूरा किया वायदा, अग्निवीर आरक्षण नियमावली जारी

211 Minutes Read -

सीएम धामी ने सेवामुक्त होने वाले अग्निवीरों को विभिन्न विभागों की वर्दीधारी सेवाओं में दस प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण प्रदान कर दिया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने एक और वायदे को पूरा करते हुए, सेवामुक्त होने वाले अग्निवीरों को विभिन्न विभागों की वर्दीधारी सेवाओं में दस प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण प्रदान कर दिया है।

इस संबंध में सोमवार को कार्मिक एवं सर्तकता विभाग की ओर से विधिवित तौर पर उत्तराखंड राज्याधीन सेवाओं में समूह ग के सीधी भर्ती के वर्दीधारी पदों पर सेवायोजन हेतु सेवामुक्त अग्निवीरों को क्षैतिज आरक्षण नियमावली – 2025 जारी कर दी है।


सैन्य बहुल प्रदेश होने के कारण उत्तराखंड सरकार के इस निर्णय को मास्टर स्ट्रोक माना जा रहा है। इसी नियमावली के जरिए अब सेवामुक्त हुए अग्निवीरों को विभिन्न विभागों के वर्दीधारी पदों पर 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण प्रदान किया जाएगा।

इसमें पुलिस आरक्षी (नागरिक/पीएसी), उप निरीक्षक, प्लाटून कमांडर पीएसी, अग्निशामक, अग्निशमन द्वितीय अधिकारी, बंदी रक्षक, उप कारापाल, वन आरक्षी, वन दरोगा, आबकारी सिपाही, प्रवर्तन सिपाही और सचिवालय रक्षक जैसे महत्वपूर्ण वर्दीधारी पद शामिल हैं।

“देश की सेवा कर लौटे पूर्व अग्निवीर प्रदेश का गौरव हैं। उन्हें सम्मान और रोजगार का अवसर देना हमारी जिम्मेदारी है। यह निर्णय सेवामुक्त हुए अग्निवीरों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक ठोस कदम है।

हमारी सरकार पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों को हर तरह से सेवायोजन का प्रयास कर रही है”।
पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड

लगातार हो रही भारी बारिश के चलते चारधाम यात्रा 5 सितंबर तक स्थगित

179 Minutes Read -

उत्तराखंड प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते सरकार ने जनहित को लेकर चारधाम यात्रा व हेमकुंड साहिब यात्रा को आने वाली 5 सितंबर तक स्थगित किया गया है .

भारी बारिश और भूस्खलन से मार्ग बाधित –

प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश की वजह से जगह जगह न केवल मार्ग अवरुद्ध हो रहे हैं बल्कि भूस्खलन से जानमाल का ख़तरा भी बरकरार है ,
प्रशाशन लगातार अवरुद्ध मार्गों को खोलने के लिए प्रयासरत है ,

यात्रियों और स्थानीय निवासियों को सुरक्षा –

गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडे से बात कर ये जानकारी मिली कि सुरक्षा को देखते हुए ही ये यात्रा स्थगित करने का फैसला जनहित में लिया गया है ,
मौसम के सामान्य होते ही यात्रा पूर्ण रूप से सुचारू कर दी जाएगी .

प्रदेश में जारी है भारी बारिश का अलर्ट –

गौरतलब है कि लगातार होती बारिश की वजह से प्रदेश के कई हिस्सों और जिलों में हालात सामान्य नहीं हैं ,
सुरक्षा और राहत बचाव कार्य के लिए प्रदेश में सरकारी तंत्र के साथ ही प्रदेश की SDRF और NDRF के साथ ही उत्तराखंड पुलिस लगातार जुटी है ,जिसमें स्थानीय निवासियों से भी भरपूर सहयोग मिल रहा है ,

आपदा राहत केंद्र रखे हुए है हर स्थिति पर नजर –

आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि विभाग 24 घंटे हर स्थिति पर नजर बनाए हुए है,

खुद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हर घटना पर नजर बनाए हुए हैं , प्राथमिकता यही है कि आम जनमानस को मुश्किल हालात उत्पन्न होने पर तुरंत सहायता मिले

 

Disaster Management Secy orders round the clock vigilance amid rainfall  warning | Garhwal Post

Garhwal Divisional Commissioner Vinay Shankar Pandey

उत्तराखंड में लगातार जारी बारिश को देखते हुए, सरकार ने चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रा पांच सितंबर तक के लिए स्थगित कर दी है। गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय ने बताया कि भारी बारिश से प्रदेश में कई जगह भूस्खलन या मलबा आने से मार्ग बाधित हो रहे हैं। जिन्हें सरकार प्राथमिकता पर खोल रही है, लेकिन यात्रियों की सुरक्षा ओर सुविधा को देखते हुए, फिलहाल चारधाम एवं हेमकुंड साहिब यात्रा को 05 सितम्बर 2025 तक स्थगित किए जाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने यात्रियों से अपील की है कि वे प्रतिकूल मौसम की स्थिति को देखते हुए फिलहाल यात्रा मार्गों पर प्रस्थान न करें तथा प्रशासन द्वारा जारी परामर्श का पालन करें। मौसम सामान्य होने एवं मार्ग पूरी तरह सुरक्षित पाए जाने के उपरांत यात्राओं को पुनः प्रारम्भ किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार एवं स्थानीय प्रशासन द्वारा सड़क मार्गों की निगरानी, सफाई तथा यात्रियों की सुरक्षा हेतु सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। यात्रियों से अनुरोध है कि धैर्य एवं संयम बनाए रखें तथा यात्रा संबंधी अद्यतन जानकारी के लिए प्रशासनिक नियंत्रण कक्ष से सम्पर्क करते रहें।