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उत्तराखण्ड के दलित/अनुसूचित वर्ग/अनुसूचित जनजाति वर्ग के समाज सुधारकों के नाम पर बनेंगे बहुद्देशीय भवन

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हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने के लिए डॉ. बी.आर. अंबेडकर महामंच द्वारा हरिद्वार में आयोजित कार्यक्रम में सम्मानित किया गया।

संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती पर हरिद्वार में बी.एच.ई.एल मैदान में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें कि चिलचिलाती धूप में बड़ी संख्या में स्थानीय जनता की जोशपूर्ण मौजूदगी रही।

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने सम्मान के लिए आभार जताते हुए कहा कि इतनी बड़ी संख्या में उमड़ी जनता से जाहिर है कि जनता ने इस साहसिक फैसले पर अपना भरोसा जता दिया है।

उन्होंने कहा कि यह सम्मान सिर्फ एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि उस विचारधारा को था जिसने वर्षों से भारतीय समाज में न्याय और समानता की आवाज़ बुलंद की है।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री धामी ने बाबा साहेब को एक युगदृष्टा बताया। उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर इस बात में विश्वास रखते थे कि जब तक देश के प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार प्राप्त नहीं होते, तब तक समाज में सच्ची समानता संभव नहीं है। यही सोच थी, जिसने उन्हें समान नागरिक संहिता जैसी क्रांतिकारी अवधारणा को संविधान में स्थान देने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड सरकार ने सिर्फ एक कानून नहीं लागू किया, बल्कि सामाजिक न्याय और समानता की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है।

 

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि वर्षों तक बाबा साहेब की उपेक्षा की गई, उनके विचारों को हाशिए पर रखा गया, जबकि आज का भारत उनके सपनों को अपनाने की ओर अग्रसर है। यह नया भारत है — जो न सिर्फ अपनी विरासत को सम्मान देता है, बल्कि साहसिक निर्णय लेकर नए मानदंड भी स्थापित करता है।

सीएम ने कहा कि हरिद्वार में उमड़ी यह भीड़ केवल उपस्थित लोगों का जमावड़ा नहीं है— यह एक जनआवाज़ है, जो कह रही है कि मुख्यमंत्री धामी के फैसलों पर जनता का भरोसा है और अब यह गूंज उत्तराखंड से निकलकर पूरे देश में सुनाई दे रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और हमारी दृढ़ इच्छाशक्ति ने मिलकर यह ऐतिहासिक निर्णय संभव किया है।

उत्तराखंड आज एक बार फिर देश को दिशा दिखा रहा है — जहां समानता अब सिर्फ किताबों में नहीं, बल्कि कानून की शक्ल में ज़मीन पर उतर चुकी है। यह सिर्फ एक कानून लागू करने की बात नहीं, यह एक नए भारत की ओर बढ़ाया गया निर्णायक कदम है।

मुख्यमंत्री धामी ने आने वाले पीढ़ी को अनुसूचित समाज का उद्धार करने वाले समाजसेवकों के जीवन चरित्र और इतिहास के साथ-साथ भारतीय संविधान के बारे में जानकारी देने के लिए हरिद्वार में बाबा साहब समरसता स्थल का निर्माण किए जाने। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित की जाने वाली एससीपी/टीएसपी योजनाओं के अन्तर्गत अनुसूचित समाज की बाहुल्यता वाले क्षेत्रों में उत्तराखण्ड के दलित/अनुसूचित वर्ग/अनुसूचित जनजाति वर्ग के समाज सुधारकों के नाम पर बहुद्देशीय भवन बनाये जाने एवं अनुसूचित समाज के कल्याण संबंधी योजनाओं व अधिकारों के प्रति हमारी आने वाली पीढ़ी को जागरूक करने के उद्देश्य से विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों में विशेष जन-जागरुकता कार्यक्रम अनुसूचित जाति आयोग के माध्यम से आयोजित किए जाने की घोषणा की।

कार्यक्रम से पूर्व बीएचईएल मैदान से केंद्रीय विद्यालय परिसर तक आयोजित रैली में हजारों की संख्या में लोगों ने मुख्यमंत्री पर पुष्प वर्षा कर उनका आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने डॉ बी.आर अम्बेडकर को नमन करते हुए कहा कि डॉ बी.आर अम्बेडकर ने हमारे समाज को समानता, समरसता और न्याय का मार्ग दिखाया। आज भी बाबा साहेब हमारी सामूहिक चेतना का अभिन्न हिस्सा हैं। उनका संपूर्ण जीवन ही हमारे लिए एक संदेश है। उन्होंने गुलाम भारत में जन्म लेकर अपने ज्ञान और संकल्प से स्वयं के साथ करोड़ों लोगों के जीवन को भी बलदने का काम किया है। उन्होंने अन्य लोगों को न्याय की राह दिखाई। उन्होंने कहा समाज के वंचित वर्ग को मुख्य धारा में लाने के लिए बाबा साहेब का संघर्ष हम सभी के लिए प्रेरणा है।

मुख्यमंत्री ने कहा भारतीय संविधान के निर्माण में बाबा साहेब के योगदान के लिए हर देशवासी सदैव उनका आभारी रहेगा। उन्होंने संविधान की प्रस्तावना में न्याय, स्वतंत्रता, समानता भारतीय गणराज्य के मूल स्तंभ को रखा। बाबा साहब ने ऐसे भारत की परिकल्पना की जिसमें सभी वर्गों को समान अधिकार, समान अवसर और समान गरिमा प्राप्त हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने आजादी के बाद उत्तराखंड में सबसे पहले समान नागरिक संहिता लागू कर बाबा साहेब के सपनों के भारत के निर्माण की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया है और उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की है।

मुख्यमंत्री ने कहा बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर ने संविधान निर्माता के रूप में समान नागरिक संहिता को संविधान के अनुच्छेद 44 के तहत राज्य के नीति निदेशक सिद्धांतों में सम्मिलित किया था। वो भली भांति जानते थे कि भारत और भारतीय समाज के लिए समान नागरिक संहिता बेहद आवश्यक है। उन्होंने समान नागरिक संहिता को कानूनी, सामाजिक आवश्यकता के साथ नैतिक आवश्यकता भी माना। बाबा साहेब ने हमेशा सभी जाति, धर्म के लोगों के लिए एक समान कानून की बात को प्राथमिकता दी थी। मुख्यमंत्री ने कहा समान नागरिक संहिता का उद्देश्य समाज में समुदायों के लिए अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों के कारण भेदभाव, असमानता और अन्याय की स्थिति खत्म करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहब ने हमेशा समाज की प्रगति में महिलाओं की भागीदारी पर जोर दिया। उन्होंने कहा राज्य में यूसीसी लागू होने के बाद महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में नए युग की शुरुआत हुई है। उन्होंने कहा यूसीसी के माध्यम से उत्तराखंड की मुस्लिम बहन-बेटियों को इद्दत, बहुविवाह, बाल विवाह और तीन तलाक जैसी कुरीतियों से मुक्ति मिली है। अब किसी भी महिला को उत्तराधिकार या संपत्ति के अधिकार में भेदभाव का सामना नहीं करना पड़ेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों और कार्यशैली में बाबा साहब के विचार दिखाई देते हैं। बाबा साहेब की जयंती पर राष्ट्रीय अवकाश घोषित कर प्रधानमंत्री ने उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की है। सरकार द्वारा बाबा साहेब की स्मृतियों से जुड़े प्रमुख स्थलों को राष्ट्र चेतना के पंच तीर्थ के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा आज़ादी के बाद पहली बार प्रधानमंत्री मोदी ने ही सच्चे मन से दलितों और वंचितों के उत्थान के साथ उन्हें समाज की मुख्यधारा में जोड़ने का कार्य किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने अनुसूचित वर्ग के कल्याण हेतु आम बजट में वृद्धि की है। आर्थिक, शैक्षणिक और सामाजिक स्थिति को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। दलित उत्पीड़न कानून 1989 को केंद्र सरकार ने संशोधित कर और सख्त बनाया है। स्टैंडअप इंडिया योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, हर घर नल से जल, आयुष्मान भारत जैसी अनेकों योजनाओं में भी गरीबों, शोषितों, वंचितों, आदिवासियों और दलितों को प्राथमिकता देते हुए उनका समग्र विकास सुनिश्चित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार देवभूमि उत्तराखंड के सांस्कृतिक मूल्यों और डेमोग्राफी को संरक्षित रखने के प्रति भी पूर्ण रूप से संकल्पबद्ध है। प्रदेश के साथ खिलवाड़ करने वाले घृणित मानसिकताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा हाल के दिनों में कुछ असामाजिक तत्व अपने राजनैतिक स्वार्थों के चलते समाज को क्षेत्रवाद और जातिवाद के नाम पर बांटने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा उत्तराखंड की एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता पर किसी भी प्रकार की कोई आँच नहीं आएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार भी अनुसूचित समाज को सशक्त, शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाने हेतु हरसंभव प्रयास कर रही है। राज्य सरकार द्वारा कक्षा 1 से 12वीं तक के बच्चों को छात्रवृत्ति एवं राज्य में निशुल्क 15 छात्रावास, 5 आवासीय विद्यालय और 3 आईटीआई का संचालन किया जा रहा है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग की निःशुल्क व्यवस्था भी की गई है। राज्य सरकार ने प्रदेश में जातीय भेदभाव को समाप्त करने और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अनुसूचित जाति के युवक या युवती से अंतर-जातीय विवाह करने पर 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है।

Uttarakhand: पंचायत चुनाव…इसी सप्ताह जारी होगी ऑनलाइन मतदाता सूची, 9 जिलों के बैलेट पेपर भिजवाए गए.

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उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए राज्य निर्वाचन आयोग इसी सप्ताह मतदाता सूची ऑनलाइन जारी करेगा। इस संबंध में आयोग के अफसरों के साथ मंगलवार को एनआईसी अफसरों की बैठक हुई। बैठक में पूरी प्रक्रिया पर अंतिम निर्णय लिया गया।

राज्य निर्वाचन आयोग इस बार पंचायत चुनाव से पूर्व मतदाताओं को जागरूक करने में जुटा है। पहली बार हर पंचायत तक मतदाता सूची पहुंचाकर ग्रामीणों को इसकी जानकारी दी गई थी ताकि वे अपने नाम जांच लें। प्रदेशभर की पंचायतों में मतदाता सूची के संशोधन का विशेष अभियान भी चलाया गया था। अब आयोग पहली बार पंचायतों की मतदाता सूची को ऑनलाइन अपलोड करने जा रहा है।

 

आयोग के सचिव राहुल गोयल ने बताया कि इस संबंध में एनआईसी के अधिकारियों के साथ बैठक हुई है। उन्होंने कहा कि आगामी दो से तीन दिन में आयोग की वेबसाइट पर मतदाता सूची उपलब्ध करा दी जाएगी। इसी हिसाब से ग्रामीण अपने वोट इस सूची में देख सकेंगे। दूसरी ओर, आयोग ने नौ जिलों में बैलेट पेपर प्रकाशित करा कर भेज दिए हैं। हरिद्वार में फिलहाल चुनाव नहीं होंगे। बाकी तीन जिलों के लिए भी प्रक्रिया गतिमान है।

 

सरकार लाएगी अध्यादेश-

पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण लागू करने के लिए एक्ट में संशोधन की जरूरत है। इसके लिए पंचायती राज विभाग अध्यादेश लाने की तैयारी कर रहा है। इसका प्रस्ताव शासन में तैयार हो रहा है, जिस पर कैबिनेट में मुहर लगेगी। इसके बाद अध्यादेश जारी होगा। अध्यादेश के बाद पंचायतों में एकल सदस्यीय समर्पित आयोग की रिपोर्ट के हिसाब से ओबीसी आरक्षण लागू किया जाएगा।

सीएम धामी के सभी डीएम को निर्देश, पेयजल आपूर्ति और जंगल की आग के नियंत्रण पर दें विशेष जोर

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सीएम धामी ने आज प्रदेश क सभी जिलाधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक की। इस दौरान उन्होंने सभी को निर्देश दिए कि वे अपने जनपदों में पब्लिक सर्विस डिलीवरी, सड़कों को गड्ढा मुक्त करने, पेयजल आपूर्ति बनाए रखने और वन अग्नि पर प्रभावी नियंत्रण के लिए विशेष ध्यान दें। कहा कि सड़क निर्माण व मरम्मत, बिजली और पानी की आपूर्ति पर लगातार निगरानी भी रखें।

सीएम ने जन समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने और 1905 और 1064 जैसे पोर्टलों पर प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करने के भी दिए दिए। कहा कि श्रद्धालुओं को चारधाम यात्रा में हर संभवन मदद मिल सके इस पर विशेष ध्यान  दें।

साथ ही अवैध अतिक्रमण, अवैध मदरसों पर विशेष अभियान चलाने, सभी विभागीय कार्यों की मॉनिटरिंग, सत्यापन अभियान में तेजी लाने और स्थानीय प्रशासन के साथ तालमेल बढ़ाने के संबंध में भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

 

 

बदरीनाथ-केदारनाथ में नहीं बना सकेंगे वीडियो और रील, मंदिर के 30 मीटर के दायरे में मोबाइल बैन

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चारधाम यात्रा के दौरान इस बार केदारनाथ व बदरीनाथ मंदिर परिसर में 30 मीटर के दायरे में वीडियो व रील बनाने पर प्रतिबंध रहेगा। मंदिर परिसर में भीड़ प्रबंधन के लिए बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) इस व्यवस्था को लागू करने की तैयारी कर रही है। इसके अलावा सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी प्रसारित करने वालों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

दोनों धामों में दर्शन के लिए प्रतिदिन हजारों की संख्या में तीर्थयात्री पहुंचते हैं। सभी श्रद्वालुओं को सुगमता से दर्शन हो। इसके लिए प्रदेश सरकार व बीकेटीसी व्यवस्था में जुटी है। इस बार बदरीनाथ व केदारनाथ मंदिर परिसर में 30 मीटर के दायरे में वीडियो व रील बनाने की अनुमति नहीं होगी।

 

पिछली यात्रा में देखा गया कि मोबाइल से वीडियो व रील बनाने के लिए मंदिर परिसर में यात्रियों की भीड़ जमा हो जाती है। जिससे दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल ने बताया, मुख्यमंत्री के दिशानिर्देश पर श्रद्वालुओं को सुगम दर्शन करने के लिए व्यवस्था बनाई जा रही है। भीड़ प्रबंधन के लिए मंदिर परिसर में वीडियो व रील बनाने पर रोक रहेगी। केदारनाथ व बदरीनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं को दर्शन करने में किसी प्रकार की परेशानी न हो। इसके लिए बीकेटीसी हरसंभव प्रयास कर रही है।

Dehradun: स्थापना दिवस पर भाजपा शुरू करेगी गांव चलो अभियान, कार्यकर्ता अपने घरों में फहाराएंगे पार्टी का झंडा.

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भाजपा अपने स्थापना दिवस पर प्रदेश में गांव चलो अभियान शुरू करेगी। इस अभियान के तहत विधानसभा स्तर पर विचार गोष्ठी, घर-घर ध्वजारोहण किया जाएगा। सप्ताह भर चलने वाले इन कार्यक्रमों के संचालन के लिए भाजपा ने प्रदेश टोली का गठन किया है। जो जिला व मंडल स्तरीय टीम बनाकर कार्यक्रमों में जनसहभागिता को सुनिश्चित कराएगी।

प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा व प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के निर्देश पर पार्टी छह अप्रैल को स्थापना दिवस पर प्रदेश में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करेगी। सभी पार्टी कार्यालयों और कार्यकर्ताओं के घरों पर पार्टी का झंडा फहराया जाएगा। कार्यकर्ताओं से अपेक्षा की गई है कि झंडे के साथ सेल्फी लेकर सोशल मीडिया #BJP4ViksitBharat हैशटैग के साथ पोस्ट करेंगे।

ग्रामीणों की चौपाल होगी-

जिला स्तर पर संगठन और सरकार से जुड़ीं उपलब्धियों पर प्रदर्शनी तैयार करके उन्हें प्रदर्शित किया जाएगा। 6 से 7 अप्रैल को प्रत्येक बूथ पर प्राथमिक सदस्य स्थापना दिवस मनाएंगे। इसके बाद 8 से 9 अप्रैल को विधानसभा स्तर पर सभी सक्रिय सदस्यों के सम्मेलन होंगे, जिनमें भाजपा की चुनावी सफलता व संगठनात्मक विस्तार, भारतीय राजनीति में भाजपा की ओर से लाया गया परिवर्तन, प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी के साथ लगभग 11 वर्षों में विकसित भारत की ओर यात्रा पर चर्चा की जाएगी।

10 से 12 अप्रैल तक मंडल अध्यक्ष स्तर से ऊपर के सभी नए और पुराने भाजपा पदाधिकारियों, जिला पंचायत सदस्यों और पार्षदों के स्तर से ऊपर के सभी निर्वाचित प्रतिनिधि गांव बस्ती चलो अभियान में भाग लेंगे। इस दौरान प्रत्येक कार्यकर्ता पूरे दिन न्यूनतम 8 घंटे के लिए गांव, मोहल्ला या सेवा बस्ती का दौरा करेंगे। मंदिर, अस्पताल, स्कूल व मोहल्लों में स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा।

चौहान ने बताया कि अभियान के तहत आंगनबाड़ी केंद्र, स्कूल, पशु चिकित्सालय, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, पंचायत कार्यालय के साथ अन्य सरकारी संस्थानों का दौरा करना, बूथ समिति की बैठक करना, शाम के समय ग्रामीणों की चौपाल होगी। पार्टी की तरफ से कार्यक्रमों के संचालन के लिए प्रदेश टोली गठित की गई है, जिसमें प्रदेश उपाध्यक्ष कुलदीप कुमार, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य कुंदन परिहार, नलिन भट्ट व पूर्व जिलाध्यक्ष गुंजन सुखीजा को शामिल किया गया है।

Uttarakhand News: प्रदेश के इन 8 शहरों में बनेंगी 23 खेल अकादमी, लेगेसी प्लान का ड्राफ्ट किया गया तैयार.

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उत्तराखंड के आठ शहरों में 23 खेल अकादमी खोली जाएंगी। इसके लिए लेगेसी प्लान का ड्राफ्ट तैयार हो चुका है। इसके तहत 38वें राष्ट्रीय खेलों के लिए देश-विदेश से मंगाए गए लगभग 100 करोड़ के खेल उपकरणों की देखरेख सुनिश्चित होगी। साथ ही 23 खेलों की अलग-अलग अकादमी बनने से राज्य से श्रेष्ठ खिलाड़ी तैयार हो सकेंगे। इस योजना पर करीब 33 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आज बुधवार को होने वाली बैठक में लेगेसी प्लान के ड्राफ्ट पर मुहर लग सकती है। ड्राफ्ट की खेल मंत्री रेखा आर्या के स्तर पर समीक्षा हो चुकी है। ये सभी अकादमी देहरादून के महाराणा प्रताप स्टेडियम व परेड ग्राउंड, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, रुद्रपुर, पिथौरागढ़, हल्द्वानी गोलापार स्टेडियम समेत आठ शहरों के उन्हीं स्थानों पर शुरू होंगी, जहां राष्ट्रीय खेलों की प्रतियोगिताएं हुई हैं। अकादमी के जरिये वहां मौजूदा खेल अवस्थापनाओं का लंबे समय तक इस्तेमाल हो सकेगा।

राज्य सरकार करेगी संचालित-

सभी अकादमी राज्य सरकार की ओर से संचालित होंगी। विभागीय सूत्रों के मुताबिक, अकादमी संचालन में संबंधित खेल की एसोसिएशन और फेडरेशन की भी अहम भूमिका रहेगी। इनमें शूटिंग, स्वीमिंग, एथलेटिक्स, जिमनास्टिक, तीरंदाजी, मॉडर्न पैंथालॉन, कुश्ती, बॉक्सिंग, बैडमिंटन, फुटबॉल, हैंडबॉल समेत 23 खेलों की अकादमी बनाने का प्रस्ताव है।

Uttarakhand: अभिभावकों को मिलेगी राहत…शिक्षा विभाग ने निजी विद्यालयों की शिकायत के लिए जारी किया ये टोल फ्री नंबर.

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माध्यमिक शिक्षा विभाग ने निजी विद्यालयों से संबंधित विभिन्न शिकायतों के निपटारे के लिए टोल फ्री नंबर 1800 180 4275 जारी कर दिया है। अब इस नंबर पर अभिभावक निजी विद्यालयों से संबंधित शिकायतें दर्ज करा सकेंगे। शिक्षा मंत्री डाॅ.धन सिंह रावत ने शिक्षा निदेशालय में आयोजित कार्यक्रम में नंबर जारी करते हुए कहा कि इस पर आने वाली शिकायतों पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

शिक्षा मंत्री ने टोल फ्री नंबर के साथ ही विभागीय वेबसाइट schooleducation.uk.gov.in का भी विधिवत शुभारंभ किया। उन्होंने कहा, प्रदेशभर से अभिभावकों की निजी स्कूलों के शुल्क बढ़ाने, स्कूल ड्रेस एवं महंगी किताबें थोपे जाने की विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही हैं। जिसको देखते हुए विभाग ने टोल फ्री नंबर जारी किया है।

मंत्री ने कहा, इस नंबर पर अभिभावक प्रत्येक कार्यदिवस पर सुबह 9ः30 से शाम 5ः30 बजे तक कॉल करके अपनी समस्याएं एवं शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। निदेशालय स्तर से सक्षम अधिकारी दर्ज शिकायतों का हर दिन मूल्यांकन कर संबंधित जिले के अधिकारियों को निस्तारण के लिए भेजेंगे। वहीं, संबंधित जिले के अधिकारी प्राप्त शिकायत का निराकरण करते हुए निदेशालय को रिपोर्ट करेंगे।

एक क्लिक में मिलेगी जानकारी-

इसके अलावा विभाग की नई वेबसाइट का शुभारंभ किया गया है। वेबसाइट की खास बात यह है कि यह हिन्दी व अंग्रेजी दोनों ही भाषाओं में उपलब्ध है। जिसमें सभी संवर्गों की नियमावली, अशासकीय विनिमय, स्थानांतरण अधिनियम, आरटीई मैन्युअल सहित तमाम विभागीय गतिविधियों को समाहित किया गया है। यही नहीं वेबसाइट में सभी संवर्गों की वरिष्ठता सूची को भी अपलोड किया गया है। जिसकी जानकारी कोई भी व्यक्ति एक क्लिक में हासिल कर सकता है।

ये भी पढ़ें..Uttarakhand: अशासकीय विद्यालयों-महाविद्यालयों में आयोग से होगी शिक्षकों की भर्ती, आयोग के माध्यम से तैयारीबैठक में सचिव विद्यालयी शिक्षा रविनाथ रमन, महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा झरना कमठान, निदेशक माध्यमिक शिक्षा डॉ. मुकुल सती,निदेशक बेसिक शिक्षा अजय कुमार नौडियाल, एपीडी समग्र शिक्षा कुलदीप गैरोला, संयुक्त निदेशक पदमेन्द्र सकलानी, जेपी. काला, राज्य पोर्टल प्रभारी मुकेश बहुगुणा आदि मौजूद रहे।

Dehradun: कुट्टू का आटा खाने से बीमार पड़े कई लोग, हालचाल जानने अस्पताल पहुंचे CM पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री.

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कुट्टू का आटा खाने कई लोग बीमार पड़ गए। राजधानी के कोरोनेशन और दून अस्पताल में बड़ी संख्या में मरीज़ भर्ती हैं। सीएम धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने देहरादून जिला अस्पताल में जाकर बीमार हुए लोगों का हालचाल जाना। इस दौरान उन्होंने मरीजों को बेहतर उपचार के लिए अस्पताल प्रशासन को दिशा निर्देश दिए।

बताया जा रहा है कि कुट्टू का आटा खाने से फूड प्वाइजनिंग हुई है। लगभग सौ से ज्यादा लोग अस्पतालों में भर्ती हैं। इस घटना के कारणों की जांच के लिए डॉ रावत ने स्थानीय प्रशासन को दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। वहीं  विकासनगर, पटेलनगर, कोतवाली क्षेत्र से देहरादून के विभिन्न स्टोरों ,गोदामों में कुट्टू का आटा वितरित किया गया है। पुलिस द्वारा तत्काल संबंधित दुकानों,गोदामों से उक्त कुट्टू के आटे को जप्त किया गया। लगातार कार्रवाई जारी है।

मामले तत्काल पुलिस द्वारा 22 दुकानों/स्टोरों को चिन्हित कर उन पर रेड कर सील कर दिया गया, जहां से लोगों द्वारा कुट्टू के आटे को खरीदकर उसका सेवन किया गया था। पुलिस प्रशाशन की टीमों द्वारा लगातार उक्त दुकानों व स्टोरों में छापा मारा गया। ऐसे सभी खाद्य पदार्थों को भी सीज किया गया है जिसमें मिश्रण किए जाने की सम्भावना है।

दुकानदारों को थाने लाकर सघन पूछताछ की जा रही है। अबतक की प्राथमिक पूछताछ में जानकारी प्राप्त हुई है कि उक्त कट्टू के आटे का मेन सप्लायर सहारनपुर का है। जिस सम्बन्ध में जिलाधिकारी सहारनपुर से वरिष्ठ पुलिस अधिक्षक देहरादून  ने वार्ता कर सप्लायर के गोदाम में कार्यवाही करने के लिए बताया गया है। देहरादून से भी तत्काल एक पुलिस टीम गठित कर सहारनपुर रवाना की गई है।

Chardham Yatra 2025: पंजीकरण का आंकड़ा पहुंचा 10 लाख पार… केदारनाथ धाम जाने के लिए हुए सबसे अधिक रजिस्ट्रेशन.

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चारधाम यात्रा के लिए ऑनलाइन आधार आधारित पंजीकरण का आंकड़ा 10 लाख पार हो चुका है। इसमें केदारनाथ धाम के लिए सबसे अधिक 3.29 लाख तीर्थयात्री पंजीकरण कर चुके हैं। यात्रा शुरू होने के बाद 40 प्रतिशत पंजीकरण ऑफलाइन किए जाएंगे।

पर्यटन विभाग ने 30 अप्रैल से शुरू हाे रही चारधाम यात्रा के लिए 20 मार्च से ऑनलाइन पंजीकरण शुरू किया था। 10 दिन के भीतर यात्रा के लिए अलग-अलग तिथियों में 10 लाख से अधिक तीर्थयात्री पंजीकरण कर चुके हैं। बाबा केदार के कपाट दो मई को खुल रहे हैं। जबकि बदरीनाथ धाम के कपाट चार मई को खुलेंगे। 30 अप्रैल को अक्षय तृतीया के दिन गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ यात्रा का आगाज होगा।

पर्यटन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार केदारनाथ धाम के लिए 3.29 लाख, बदरीनाथ धाम के लिए 3.02 लाख, गंगोत्री के लिए 1.85 लाख व यमुनोत्री धाम की यात्रा के लिए 1.79 लाख से अधिक श्रद्धालु पंजीकरण करा चुके हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए इस बार 60 प्रतिशत पंजीकरण ऑनलाइन किए जा रहे हैं। जबकि 40 प्रतिशत पंजीकरण यात्रा शुरू होने के बाद आफलाइन की जाएगी। इसके लिए हरिद्वार, ऋषिकेश के साथ यात्रा मार्गों पर पंजीकरण केंद्र खोले जाएंगे।

 

 

धन सिंह भी यहीं हैं और मैं भी यहीं हूं…कैबिनेट विस्तार की चर्चा के बीच जानें क्या बोले सीएम

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि एक महीने से कैबिनेट विस्तार व बदलाव की चर्चा हो रही है, धन सिंह भी यहीं हैं और मैं भी यहीं हूं। शुभ मुहूर्त आ जाएगा और आपको पता लग जाएगा। मुख्यमंत्री बृहस्पतिवार को दून मेडिकल कॉलेज सभागार में एक कार्यक्रम के दौरान मीडियाकर्मियों से बातचीत कर रहे थे।

नई दिल्ली प्रवास से लौटने के बाद मुख्यमंत्री जब कार्यक्रम से फारिग हुए तो मीडियाकर्मियों ने कैबिनेट में फेरबदल को लेकर उनसे प्रश्न किया। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा, आप लोग पिछले कई दिनों से इस पर बात कर रहे हैं, हो जाएगा परिवर्तन। मैं स्पष्ट कर दूं कि हमारा मीडिया, वह लोकतंत्र का महत्वपूर्ण चौथा स्तंभ है।

शुभ मुहूर्त आ जाएगा और आपको पता लग जाएगा
मैं आप सभी से अपेक्षा करता हूं कि राज्य में जिन चीजों का सिर पैर नहीं होता है, उन पर चर्चाएं कैसे होती हैं? पत्रकारिता और मीडिया की प्रमाणिकता बनी रहनी चाहिए। कभी ये परिवर्तन वो परिवर्तन, आप लोग एक महीने से इसे चला रहे हैं। एक महीने से स्थिति जस की तस है। प्रमाणिकता किसकी खराब हो रही है।

धन सिंह भी यहीं हैं और मैं भी यहीं हूं। शुभ मुहूर्त आ जाएगा और आपको पता लग जाएगा। पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के त्यागपत्र के बाद प्रदेश मंत्रिमंडल में फेरबदल की अटकलें तेज हो गई थीं। इस बीच मुख्यमंत्री जब-जब दिल्ली गए, इसे कैबिनेट विस्तार से जोड़कर देखा गया। सोशल मीडिया पर इससे जुड़ी खबरें भी खूब प्रसारित हुई। लेकिन मुख्यमंत्री ने इन सभी चर्चाओं पर यह कहकर विराम लगा दिया कि एक महीने में कोई बदलाव नहीं हुआ है।