Category Archive : उत्तराखंड

Chardham Yatra 2024: आज से शुरू हुए ऑफलाइन पंजीकरण, एक दिन में 3000 लोगों को अनुमति।

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चारधाम यात्रा ट्रांजिट कैंप में काउंटर पर ऑफलाइन पंजीकरण आज एक जून से शुरू हो गए हैं। हरिद्वार में चार धाम यात्रा के पंजीकरण केंद्र पर 12 बजे से पहले ही स्लॉट खत्म होते ही सुबह से खड़े यात्रियों ने जमकर हंगामा कर दिया। हंगामा इस कदर बढ़ गया कि यात्रियों को समझाने के लिए पुलिस को मौके पर आना पड़ा।

धामों में भीड़ बढ़ने से प्रशासन ने 13 मई को ट्रांजिट कैंप में ऑफलाइन पंजीकरण पर रोक लगा दी थी। इसके बाद 15-16 मई को पंजीकरण पर रोक जारी रही। बाद में यह तिथि 19 मई फिर 31 मई तक बढ़ा दी गई। इससे तीर्थयात्रियों को ऋषिकेश स्थित ट्रांजिट कैंप में पंजीकरण के लिए 12-12 दिन इंतजार करना पड़ा। कई तीर्थयात्री अपने घरों को लौट गए थे।

23 मई से प्रशासन ने अस्थायी पंजीकरण की व्यवस्था की है। अस्थायी पंजीकरण का कोटा 1,000 से कई बार में बढ़ाकर वर्तमान में 4,500 है। शुक्रवार को भी तीर्थयात्रियों से अस्थायी पंजीकरण के फॉर्म जमा करवाए गए। उधर, चार धाम यात्रा प्रशासन के ओएसडी नरेंद्र सिंह क्वीरियाल ने बताया, शनिवार से ट्रांजिट कैंप में चारधाम की यात्रा पर जाने वाले तीर्थयात्रियों का काउंटर पर ऑफलाइन पंजीकरण किया जाएगा।

प्रदेश सरकार ने चारधाम यात्रा के लिए ऋषिकेश और हरिद्वार में ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन खोल दिए हैं। शनिवार से एक दिन में 3000 श्रद्धालुओं के ऑफलाइन पंजीकरण होंगे। सरकार ने यह निर्णय गढ़वाल आयुक्त और आईजी गढ़वाल के स्थलीय निरीक्षण के बाद लिया है।
शुरुआत में ऋषिकेश में 1000 और हरिद्वार में 500 श्रद्धालुओं के ऑफलाइन पंजीकरण किए गए। लेकिन धामों पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने से सरकार को ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन पर रोक लगानी पड़ी। रोक की अवधि को 31 मई तक बढ़ाया गया। साथ ही गढ़वाल आयुक्त और आईजी गढ़वाल को निर्देश दिए गए कि वे वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करने के बाद बताएं कि ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन खोले जाएं या नहीं।

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Uttarakhand News: प्रदेश में जुलाई महीने में महंगा आएगा बिजली का बिल, मांग ने तोड़े सारे रिकॉर्ड।

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उत्तराखंड प्रदेश में जुलाई के माह में बिजली का बिल महंगा आएगा। फ्यूल और पावर परचेज कॉस्ट एडजस्टमेंट (एफपीपीसीए) के तहत उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने उपभोक्ताओं से 14 करोड़ 21 लाख रुपये वसूली की अनुमति दे दी है।

दरअसल, केंद्र के नियमों के तहत अब यूपीसीएल निर्धारित मूल्य के सापेक्ष जिस दर पर बिजली खरीदता है, उसकी वसूली उपभोक्ताओं से की जाती है। यूपीसीएल ने नियामक आयोग में एक याचिका दायर की थी, जिसमें बताया गया था कि दिसंबर, जनवरी और फरवरी की तिमाही में यूपीसीएल ने जो बिजली खरीदी है, उसका 14 करोड़ 21 लाख रुपये बकाया है।

यूपीसीएल ने आयोग से इस रकम की वसूली की मांग की थी। आयोग अध्यक्ष एमएल प्रसाद ने एफपीपीसीए नियमों के तहत इस रकम को जुलाई माह के बिल में वसूली करने की अनुमति दे दी है। साथ ही ये भी निर्देश दिए कि इसका रिकॉर्ड अलग से मेंटेन रखा जाए। इस रकम के हिसाब से प्रति उपभोक्ता जुलाई के बिल में चार पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी हो जाएगी।

बिजली की मांग ने तोड़े रिकॉर्ड, 6.2 करोड़ पहुंची-

प्रदेश में बिजली की मांग ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। बृहस्पतिवार को मांग 6.2 करोड़ यूनिट पर पहुंच गई। यूपीसीएल के निदेशक परिचालन एमआर आर्य ने बताया, इतनी मांग के सापेक्ष पूरी उपलब्धता है। कहीं भी बिजली की किल्लत की वजह से कटौती नहीं की जा रही है। बताया, चारधाम यात्रा के मद्देनजर सुचारू विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की कि प्रदेश हित में वे बिजली बचाएं।

 

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चारधाम हेली सेवा बुकिंग के लिए खुद को IRCTC का अधिकारी बता कर सोशल मीडिया पर जाल फैला रहे ठग, जानिए बचाव के लिए क्या करें।

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फर्जी वेबसाइट पर पुलिस ने नकेल कसना शुरू किया तो साइबर ठगों ने नया पैंतरा अपना लिया है। ठग अब खुद को आईआरसीटीसी का अधिकारी बताकर लोगों को फंसाने में लगे हैं। इसके लिए पहले सच्ची बात बताई जा रही है ताकि लोगों को यकीन हो सके।

बताया जा रहा है कि चारधाम के लिए टिकटों की बुकिंग फुल हो चुकी है। लेकिन, अब कंपनी अपने कोटे के टिकटों को बेचकर यात्रा करा सकती है। इसके लिए ठगों ने सोशल मीडिया पर हेली बुकिंग के नाम से इश्तिहार प्रसारित किए हैं। ठगों के इस जाल से लोगों को बचाया जा सके इसके लिए अमर उजाला ने इस इश्तिहार के नंबर पर कॉल कर सारी स्थिति जानी। जो बात निकलकर सामने आई उससे यही लगा कि जरा सी सावधानी हटी तो ठगी का शिकार आसानी से बना जा सकता है।

हेली टिकट के लिए फेसबुक पर एक पेज मिला था। यहां पर हेलीकॉप्टर की फोटो के साथ डिस्प्ले पिक्चर में श्रीकेदारनाथ धाम का फोटो भी लगा था। नीचे एक मोबाइल नंबर लिखा हुआ था। अमर उजाला की ओर से इस नंबर पर कॉल की गई तो दूसरी ओर से परिचय आईआरसीटीसी के अधिकारी के रूप में दिया गया। अमर उजाला के प्रतिनिधि को अब तक की सारी बातों का पता था। ऐसे में ठग को इन बातों की जानकारी दी गई। उसे यह समझते देर न लगी कि यह वह मछली नहीं है जो उनके जाल में फंस जाए। ऐसे में एकाएक उसने फोन काट दिया।

ज्यादातर प्रदेश के बाहर के लोग हो रहे शिकार

फर्जी रजिस्ट्रेशन हो या फिर हेली टिकट का फर्जीवाड़ा। सभी मामलों में ज्यादातर ठगी के शिकार प्रदेश के बाहर के ही लोग हो रहे हैं। इसका कारण है कि प्रचार-प्रसार में कमी। प्रदेश के बाहर के लोगों में अब भी केदारनाथ व अन्य धामों की व्यवस्था के बारे में कम ही जानकारी है। यही नहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जो किसी तरह जुगाड़ करने के चक्कर में जाल में फंस रहे हैं।

बचाव के लिए क्या करें

-आईआरसीटीसी की अधिकारिक वेबसाइट पर सर्च करें।

-आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर कोई भी मोबाइल नंबर नहीं है।

-फर्जी वेबसाइट पर मोबाइल नंबर लिखे होते हैं जो कि ठगों के होते हैं।

-सोशल मीडिया फेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम आदि पर कोई टिकट बुकिंग की व्यवस्था नहीं है।

-किसी भी नंबर के संदिग्ध होने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें।

-साइबर वित्तीय हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें।

एसटीएफ और साइबर पुलिस लगातार फर्जी वेबसाइट की निगरानी कर रही है। अपने फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया हैंडल से भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है। जो शिकायतें आ रही हैं उनकी भी जांच की जा रही है। इस साल अब तक 20 फर्जी वेबसाइट ब्लॉक की जा चुकी हैं। यदि कोई ठगी का शिकार होता है या आशंका है तो साइबर वित्तीय हेल्पलाइन पर मदद मांग सकता है। एसटीएफ की ओर से मोबाइल नंबर भी जारी किए गए हैं। – आयुष अग्रवाल, एसएसपी, एसटीएफ

 

Uttarakhand: चारधाम यात्रा के दौरान अब तक हुई 52 लोगों की मौत, केदारनाथ में हार्ट अटैक से हुई सबसे ज्यादा मौतें।

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चारधाम यात्रा के दौरान अब तक 52 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें बदरीनाथ में 14, केदारनाथ में 23, गंगोत्री में 03 और यमुनोत्री में 12 श्रद्धालुओं की जान गई है। केदारनाथ में बीते 10 वर्ष में 350 यात्रियों की मौत हो चुकी है, जिसका प्रमुख कारण सीने में दर्द, बेचैनी और दिल का दौरा पड़ना रहा है।

बद्रीनाथ धाम की यात्रा पर आए केरल के एक श्रद्धालु की गुरुवार को हृदय गति रुकने से मौत हो गई। परिजनों ने विष्णुप्रयाग में ही अंतिम संस्कार करा दिया। अब तक बदरीनाथ धाम की यात्रा पर आए आठ श्रद्धालुओं की हृदय गति रुकने से मौत हो चुकी है।

हेमकुंड साहिब की यात्रा पर आए पंजाब के एक यात्री की मौत
केरल के तिरुवनंतपुरम से चार महिलाएं और दो पुरुष दर्शन करने के लिए बदरीनाथ आए हुए थे। बुधवार को अचानक श्रीनिवास (63) की हृदय गति रुकने से मौत हो गई। सीएमओ डॉ. राजीव शर्मा ने इसकी पुष्टि की है। इसके बाद परिजन शव को विष्णुप्रयाग लेकर आए, लेकिन उनके पास अंतिम संस्कार कराने के लिए कोई सामान नहीं था। इस पर उन्होंने नगर पालिका जोशीमठ से मदद मांगी। इस पर पालिका ने उन्हें सामग्री उपलब्ध करवाई, तब जाकर अंतिम संस्कार किया गया।

 

वहीं हेमकुंड साहिब की यात्रा पर आए पंजाब के एक यात्री की हृदय गति रुकने से मौत हो गई। हेमकुंड साहिब के कपाट 25 मई को खुलेंगे और पहला जत्था शुक्रवार को गोविंदघाट से घांघरिया के लिए रवाना होगा। कुछ श्रद्धालु पहले ही घांघरिया पहुंच रहे हैं। गोविंदघाट एसओ लक्ष्मी प्रसाद बिजल्वाण ने बताया, बृहस्पतिवार को गोविंदघाट से घांघरिया जा रहे यात्री जसविंदर सिंह (60) निवासी लुधियाना, पंजाब की भ्यूंडार के आगे राम ढुंगी के पास हृदय गति रुकने से मौत हो गई।

 

Chardham Yatra 2024: अब होगी सभी यात्रियों के पंजीकरण की जांच, बैठक में लिए गए ये बड़े फैसले।

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चारधाम यात्रा पर आने वाले सभी यात्रियों के पंजीकरण की अब जांच होगी। बाद की तिथि में पंजीकरण कराने वाले वाहन अगर पहले यात्रा करते पकड़े गए तो परमिट रद्द होगा। साथ ही सख्त कार्रवाई होगी।

गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय ने चारधाम यात्रा को लेकर बैठक की। अब तक यात्रा में आए 11 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है। यात्रा वाले जिलों के अलावा पौड़ी और टिहरी में होल्डिंग पॉइंट भी बनेंगे। सभी जगह यात्रियों को कुछ घंटे के लिए रोका जाएगा, ताकि यात्रा में जाम जैसे हालात न हों।
यात्रा में आने से पहले पंजीकरण अनिवार्य रूप से कराने के लिए सभी राज्यों को पत्र भेजा जा रहा है। बिना पंजीकरण और बाद के पंजीकरण वालों को यात्रा मार्ग पर रोका जाएगा। टूर ऑपरेटर्स के साथ ही बैठक की जाएगी। बिना पंजीकरण वालों को यात्रा न कराने की सख्त हिदायत दी जाएगी।

Chardham Yatra 2024: तीर्थयात्रियों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर हुआ जारी, यमुनोत्री- गंगोत्री में दूर होगी ये समस्या।

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यमुनोत्री और गंगोत्री धाम आने वाले तीर्थयात्रियों की मदद को प्रशासन ने हेल्पलाइन नम्बर जारी कर दिए हैं। आपदा और पुलिस के हेल्पलाइन नम्बरों पर 24 घंटे दोनों धामों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी जाएगी। कंट्रोल रूम की मॉनिटरिंग भी शीर्ष अफसरों को दी गई है। ताकि तीर्थयात्रियों की हर समस्या का त्वरित निदान हो सके।

जिलाधिकारी डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट ने कहा कि यमुनोत्री और गंगोत्री धाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए प्रशासन गंभीर है। तीर्थयात्रियों को दोनों धामों की सड़क, मौसम की स्थिति से लेकर अन्य जानकारी सही और समय पर मिले, इसके लिए जिला आपदा परिचालन केंद्र और जिला पुलिस कंट्रोल रूम के हेल्पलाइन नम्बर जारी किए गए हैं।

इन नम्बरों पर तीर्थयात्री धामों से जुड़ी कोई भी जानकारी और समस्या का समाधान ले सकते हैं। कंट्रोल रूम में 24 घण्टे तीर्थयात्रियों को समाधान की जानकारी मिलेगी। उन्होंने यात्रा रूट पर तैनात सभी नोडल और विभागीय अफसरों को निर्देश दिए कि किसी भी समस्या का निदान समन्वय बनाकर करें। तीर्थयात्रियों को किसी तरह की असुविधा न हो, इसका ध्यान रखा जाए।

इन हेल्पलाइन नम्बर पर मिलेगी मदद-

जिला आपदा कंट्रोल रूम-01374-222722, 222126

टोल फ्री नम्बर-1077

मोबाइल-7500337269
व्हाट्सएप-7310913129

पुलिस कंट्रोल रूम-9411112976, 8868815266

CBSE 10th-12th Result 2024: रिजल्ट हुआ जारी, 11वें स्थान पर रहा देहरादून रीजन, छात्र यहां कर सकते हैं अपना परिणाम चेक.

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CBSE 10th-12th Result 2024: सीबीएसई बोर्ड 10वीं और 12वीं का रिजल्ट घोषित हो गया है। छात्र आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना रिजल्ट देख सकते हैं।

इस बार कक्षा 12वीं में 87.98% बच्चे पास हुए हैं। छात्र सीबीएसई बोर्ड रिजल्ट्स की आधिकारिक वेबसाइट results.cbse.nic.in पर जाकर अपना रिजल्ट चेक कर सकतें हैं। 12वीं देशभर के 17 रीजन में देहरादून रीजन 11वें स्थान पर रहा है। देहरादून रीजन का परिणाम 83.83 प्रतिशत रहा जो बीते वर्ष के मुकाबले तीन प्रतिशत तक बढ़ा है।

सीबीएसई के देहरादून रीजन में उत्तराखंड के सभी 13 जिलों के अलावा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आठ जिले बदायूं, बिजनौर, ज्योतिबा फूले नगर, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, रामपुर, सहारनपुर व संभल शामिल हैं। बोर्ड के अधीन कई अटल उत्कृष्ट विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने भी दूसरी बार बोर्ड परीक्षा दी है।

सीबीएसई बोर्ड 12वीं में लड़कियों का पास प्रतिशत 91.52 रहा। जबकि लड़कों का पास प्रतिशत 85.12 फीसदी रहा। लड़कों के मुकाबले 6.40 फीसदी ज्यादा लड़कियां पास हुई हैं। देश भर में त्रिवेंद्रम सबसे आगे है। यहां का पास प्रतिशत 99.91 है।

Badrinath Dham: VIP व्यवस्था को लेकर हंगामा, विरोध में उतरे सभी पंडा समाज और तीर्थ पुरोहितों के साथ ही स्थानीय लोग.

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बदरीनाथ धाम में वीआईपी व्यवस्था और बामनी गांव को जाने वाले आम रास्ता बंद करने के विरोध तीर्थ पुरोहित, पंडा समाज और स्थानीय लोग विरोध में उतरे। बदरीनाथ मंदिर परिसर के समीप सभी लोग विरोध प्रदर्शन करने के एकत्रित हुए हैं।

रविवार 12 मई को बारिश की फुहारों के बीच सुबह छह बजे वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ बद्रीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए थे। इस दौरान जय बदरीनाथ के जयघोष से संपूर्ण बदरीशपुरी गुंजायमान हो उठी।

भगवान बदरीनाथ के दर्शन के लिए देर रात से ही तीर्थयात्री लाइन में खड़े हो गए थे। सुबह तक लाइन करीब दो किमी तक पहुंच गई थी। कपाटोद्घाटन के बाद से देर सायं तक करीब 20 हजार श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। तीर्थयात्रियों ने बदरीनाथ धाम में अखंड ज्योति के भी दर्शन किए। बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की प्रक्रिया तड़के चार बजे से शुरू हो गई थी।

विगत वर्षों में लाखों श्रद्धालु बदरीनाथ धाम की यात्रा कर चुके हैं। पिछले आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2016 में 6,54,355, वर्ष 2017 में 9,20,466, वर्ष 2018 में 10,48,051, वर्ष 2019 में 12,44,993 और वर्ष 2020 कोरोना संकट के कारण 1,55,055 श्रद्धालु बदरीनाथ के दर्शनों को पहुंचे, जबकि वर्ष 2021 में इसी के चलते 1,97,997 श्रद्धालु ही धाम पहुंचे थे, जबकि कोरोना महामारी पर नियंत्रण के बाद विगत वर्ष 2022 में 17,63,549 और 2023 में रिकॉर्ड 18,39,591 श्रद्धालुओं ने बदरीनाथ के दर्शन किए। इस वर्ष भी रिकॉर्ड पंजीकरण होने से तीर्थयात्रियों की संख्या में इजाफा होने की उम्मीद है।

बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा पूर्ण रूप से शुरू हो गई है, लेकिन मौसम और व्यवस्थाएं भी तीर्थयात्रियों की आस्था की परीक्षा ले रही हैं। इसके बावजूद आस्था चुनौतियों पर भारी पड़ रही है।

चार धामों में तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ उमड़ रही है। दर्शन के लिए लंबी कतार लग रही है। 10 मई को केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुले। रविवार को विधि विधान से बद्रीनाथ धाम के कपाट खोले गए। यात्रा के तीन दिन में चारों धामों में डेढ़ लाख से ज्यादा श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। इसके लिए सबसे अधिक केदारनाथ धाम में 75 हजार से अधिक यात्रियों ने दर्शन किए।

ऋषिकेश और हरिद्वार में ऑफलाइन पंजीकरण करने के लिए मारामारी है। यात्रा में आ रही चुनौतियों को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने यात्रियों से कुछ दिनों के लिए यात्रा स्थगित करने का आग्रह किया, लेकिन तीर्थयात्रियों की आस्था चुनौतियों पर भारी पड़ रही है।