Category Archive : उत्तराखंड

Uttarakhand: बेटियों की तरह अब बेटों को भी मिलेगा महालक्ष्मी सुरक्षा कवच, जानिये क्या-क्या है इस लिस्ट में शामिल।

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उत्तराखंड में बेटियों की तरह अब बेटों को भी महालक्ष्मी सुरक्षा कवच मिलेगा। बेटा हो या बेटी पहले दो बच्चों के जन्म पर इस योजना का लाभ दिया जाएगा। धामी कैबिनेट में प्रस्ताव को मंजूरी मिली है।प्रदेश में 17 जुलाई 2021 को मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना शुरू की गई थी।

प्रसव के बाद माता,कन्या शिशु के पोषण, अतिरिक्त देखभाल और लैंगिक असमानता को दूर करने के उद्देश्य से योजना को शुरू किया गया था, लेकिन अब सरकार की ओर से बेटियों की तरह बेटों के जन्म पर भी योजना का लाभ दिए जाने का निर्णय लिया गया है। प्रस्ताव में कहा गया है कि बेटा हो या बेटी पहले दो प्रसव पर योजना का लाभ दिया जाएगा।
ये मिलता है लाभ-

महालक्ष्मी किट में माताओं के लिए 250 ग्राम बादाम गिरी, अखरोट, सूखे खुमानी, 500 ग्राम छुआरा, दो जोड़ी जुराब, स्कार्फ, दो तौलिये, शाल, कंबल, बेडशीट, दो पैकेट सेनेटरी, नैपकिन, 500 ग्राम सरसों का तेल, साबुन, नेलकटर आदि सामग्री दी जाती है, जबकि बालिकाओं को किट में दो जोड़ी सूती व गर्म कपड़े, टोपी, मौजे, 12 लंगोट, तौलिया, बेबी सोप, रबर शीट, गर्म कंबल, टीकाकरण व पोषाहार कार्ड दिया जाता है।

जो महालक्ष्मी किट सिर्फ बेटियों के जन्म पर दी जाती थी, उसे अब बेटों के जन्म पर भी दिया जाएगा।

 

Uttarakhand: हिमालयी राज्यों को पछाड़ उत्तराखंड बना नंबर-1, NCRB की रिपोर्ट में एक चौंकाने वाला खुलासा.

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उत्तराखंड तरक्की कर रहा है या नहीं ये तो नहीं पता लेकिन कुछ चीजें ऐसी है जिसमें प्रदेश का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है और अब तो उत्तराखंड हिमालयी राज्यों में टॉप पर पहुंच चुका है. पर इसमें खुश होने की नहीं बल्कि शर्म करने की जरूरत है क्योकि जिसमें उत्तराखंड नंबर 1 बना है उसमें कोई भी राज्य नंबर 1 नहीं बनना चाहता। अभी हाल ही NCRB की रिपोर्ट में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है जिसने कानून व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है और पूरे प्रदेश को शर्मसार कर दिया है।

 

उत्तराखंड में महिलाओं और बच्चों के साथ बलात्कार के सबसे अधिक मामले दर्ज किए गए। इसमें हिमाचल प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम, त्रिपुरा और दो केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर, लद्दाख सहित 9 राज्य शामिल हैं। इसके तहत वर्ष 2022 में प्रदेश में महिला अपराध का ग्राफ वर्ष 2021 के मुकाबले 26 प्रतिशत ऊपर पहुंच गया है ।

NCRB की रिपोर्ट में खुलासा-

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की ताजा रिपोर्ट तो यही बता रही है। इसके तहत वर्ष 2022 में प्रदेश में महिला अपराध का ग्राफ वर्ष 2021 के मुकाबले 26 प्रतिशत ऊपर पहुंच गया। एनसीआरबी की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2021 में महिला अपराध के 3431 मामले सामने आए थे, जबकि वर्ष 2022 में ये संख्या बढ़कर 4 हजार 337 पहुंच गई, यानी एक वर्ष में 906 मामलों की बढ़ोतरी हुई है। इससे पहले वर्ष 2020 में 2 हजार 846 मामले सामने आए थे। इतना ही नहीं महिला अपराध में बढ़ोतरी को लेकर देशभर में स्थिति की बात करें तो उत्तराखंड छठे पायदान पर है। इस मामले में आंध्र प्रदेश सबसे ऊपर है, जहां महिला अपराध में 43.66 प्रतिशत का उछाल आया है।उत्तराखंड प्रदेश में बड़ी संख्या में विवाहित महिलाओं को घर के भीतर प्रताड़ना झेलनी पड़ी है हालांकि, कई राज्य ऐसे भी हैं जहां महिला अपराध में कमी आई है। सबसे अधिक 51 प्रतिशत की कमी असम में आई है।साल दर साल प्रदेश में मामले बढ़ रहे हैं बात करें तो साल  2020 में  2 हजार 446 जबकि साल 2021 में  3 हजार 431 जबकि यही आंकड़ा साल  2022 में बढ़कर 4 हजार 337 हो गयी है।

वर्ष 2022 में पुलिस के समक्ष 956 ऐसे मामले पहुंचे। इनमें महिलाओं को पति या उसके रिश्तेदार ने पीटा या अन्य प्रकार से प्रताड़ित किया। यही नहीं, उत्पीड़न से तंग आकर या अन्य कारणों से वर्षभर में 24 महिलाओं ने आत्महत्या जैसा कदम भी उठाया। तो वहीं अपहरण के मामले भी बढ़े, वर्ष 2022 में प्रदेश में महिला अपहरण के मामलों में भी बढ़ोतरी हुई। वर्ष 2021 में 696 अपहरण के मामले सामने आए थे, जबकि वर्ष 2022 में 778 महिलाओं का अपहरण हुआ वहीं दुष्कर्म की कोशिश के भी 18 मामले सामने आए हैं।

उत्तराखंड जिसे देवभूमि कहा जाता है और अमूमन इसको एक अपराध मुक्त और शांत प्रदेश कहा जाता है,,लेकिन जिस तरह से प्रदेश में अपराध बढ़ रहे हैं उसने कही न कहीं चिंता जरूर पैदा कर दी है,,वो भी खासकर महिला अपराध जिस तरह से प्रदेश में बढ़ा है वो काफी चिंताजनक है जिस तरह अब ये अपराध मैदानों से लेकर पहाड़ की शांत वादियों तक पहुंच चुके हैं उससे प्रदेश की चिंताएं जरूर बढ़ रही है,,,साथ ही एक सवालिया निशान प्रदेश की कानून व्यवस्था पर भी खड़े हो रहे हैं सरकार या उसका क़ानूनी तंत्र पूरी तरह से इन अपराधों के आगे बेबस नजर आ रहा है पिछले साल ही जिस तरह से अंकिता भंडारी केस हुआ था उसके बाद उम्मीद लगाई जा रही थी कि प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा के लिए कोई ठोस कदम उठाया जायेगा लेकिन ऐसा कुछ होता दिखाई नहीं दे रहा है उल्टा सरकार अंकिता के दोषियों को अभी तक सजा नहीं दिला पाई है।इस तरह की हीलाहवाली भी कहीं  न कहीं अपराधियों का हौसला बढ़ाने जैसा है।

Uttarakhand: कूड़ा फेंकने वालों की फोटो खींच कर भेजो और इनाम पाओ, जानिए योजना के पीछे क्या है वजह.

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प्रदेश में जहां-तहां कूड़ा फेंकने वालों से निपटने के लिए अब सरकार सीसीटीवी कैमरों से नजर रखेगी। साथ ही जो लोग कूड़ा फेंकने वालों की फोटो या वीडियो खींच कर भेजेंगे, उन्हें चालान की रकम का 50 प्रतिशत इनाम के रूप में दिया जाएगा। मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु शहरी विकास को इसे योजना में शामिल करने के निर्देश दिए।

उन्होंने विभाग से 15 दिन के अंदर पूरे प्रदेश में कूड़ा उठान की प्रभावी योजना के लिए ठोस कूड़ा प्रबंधन प्रणाली का एक आदर्श कार्य योजना भी तलब की। उन्होंने ताकीद किया कि अगले 15 दिन के भीतर पूरे प्रदेश को डस्टबिन फ्री बनाया जाए। उन्होंने कहा कि इस योजना के लिए बजट की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।

मुख्य सचिव मंगलवार को सचिवालय में प्रदेश में ठोस कूड़ा प्रबंधन के तहत कार्यों की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ठोस कूड़ा के 100 प्रतिशत निपटारे का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए डोर टू डोर कूड़ा एकत्रीकरण, सोर्स सेग्रीगेशन एवं डस्टबिन फ्री सिटी की दिशा में कार्य होना चाहिए। उन्होंने प्रदेश में विश्वस्तरीय ठोस कूड़ा प्रबंधन प्रणाली विकसित करने के लिए एक आदर्श योजना बनाने के निर्देश दिए।

लेगेसी वेस्ट को भी शीघ्र हटाए जाने के निर्देश-

मुख्य सचिव ने कहा कि विभिन्न योजनाओं से योजना पर कार्य करने के बाद गैप फंडिंग के लिए स्टेट बजट से प्रावधान किया जाएगा। उन्होंने प्रदेशभर में विभिन्न स्थानों से लेगेसी वेस्ट को भी शीघ्र हटाए जाने के निर्देश दिए। कहा कि लेगेसी वेस्ट हटाए जाने के बाद ख़ाली पड़ी भूमि का अधिकतम उपयोग हो सके इसके लिए स्थानीय आवश्यकताओं एवं परिस्थितियों के अनुरूप भूमि उपयोग की योजना तैयार की जाए। बैठक में अपर सचिव नितिन भदौरिया एवं सदस्य सचिव उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सुशांत पटनाईक सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

पूरे प्रदेश को डस्टबिन फ्री किया जाए-

उन्होंने कहा कि 100 प्रतिशत डोर टू डोर कूड़ा उठान तभी संभव होगा, जब पूरे प्रदेश को डस्टबिन फ्री किया जाएगा। इसके लिए कूड़ा उठाने वाले वाहनों की जितनी भी आवश्यकता होगी उसके लिए बजट उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही मैन पावर भी बढ़ाई जाएगी। उन्होंने लोगों में जागरूकता के लिए भी योजना संचालित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने लोगों को डोर टू डोर कूड़ा उठान के लिए प्रेरित करने को कहा। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर की सड़कों के किनारे से डस्टबिन हटाए जाने के बाद डस्टबिन उठाने के अनुकूल बनी गाड़ियां जब तक चल रही हैं, उनसे कार्य लिया जाता रहे। इसका ध्यान रखते हुए उन वाहनों का मॉडिफिकेशन प्लान भी तैयार कर किया जाए।

ठोस कचरा प्रबंधन सयंत्र बनाने पर भी दिया जोर-

मुख्य सचिव ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट्स के निर्माण में भी तेज़ी लाए जाने के निर्देश दिए। कहा कि सभी प्लांट्स के प्रत्येक स्तर के पूर्ण होने तिथि सहित पूरा प्लान प्रस्तुत किया जाए. उन्होंने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट का थर्ड पार्टी ऑडिट कराए जाने के भी निर्देश दिए।

कई हाइड्रो प्रोजेक्ट लगाने के बाद भी बिजली के लिए क्यों तरस रहा उत्तराखंड? अब कोर्ट की शरण में लाखों के बोझ तले दबे लोग.

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प्रदेश में लगातार बढ़ती बिजली की मांग के इलाज के तौर पर हाइड्रो व सोलर के अलावा दूसरे इंतजाम भी अभी तक कारगर साबित नहीं हो पाए। आजकल उत्तराखंड प्रदेश में बिजली की समस्या सभी जगह देखने को मिल रही है उत्तराखंड में लगातार बिजली की मांग बढ़ रही है लेकिन आपूर्ति सरकार पूरी नहीं कर पा रही है. हमारे प्रदेश के नेता इस प्रदेश को ऊर्जा प्रदेश कहते हैं और इसी ऊर्जा प्रदेश में जल विद्युत परियोजनाओं की भरमार है लेकिन इस प्रदेश का दुर्भाग्य कहें या सत्ता पर बैठने वाली पार्टियों की सोच कि जिस प्रदेश में नदियों के सीने चीर कर इतने हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट लग रहे हैं लेकिन जब इस प्रदेश में बिजली की आपूर्ति की बात होती है तो इस ऊर्जा प्रदेश के लोगों को ही पूरी बिजली नहीं मिल पाती है.

 

प्रदेश में लगातार बढ़ती बिजली की मांग के इलाज के तौर पर हाइड्रो व सोलर के अलावा दूसरे इंतजाम भी अभी तक कारगर साबित नहीं हो पाए। त्रिवेंद्र सरकार में शुरू हुई पिरूल से बिजली योजना ठप हो चुकी है। प्लांट बंद हो चुके हैं। लाखों के कर्ज तले दबे प्लांट लगाने वाले लोग अब न्याय के लिए हाईकोर्ट पहुंच गए हैं।

दरअसल, त्रिवेंद्र सरकार ने प्रदेश में चीड़ के पिरूल से हर साल लगने वाली आग को ऊर्जा में बदलने की योजना शुरू की। इसके तहत पिरूल से विद्युत उत्पादन के लिए 21 प्लांट उरेडा के माध्यम से आवंटित किए गए। इनमें से केवल 6 प्लांट प्रदेश में गढ़वाल व कुमाऊं मंडल में स्थापित हुए।

अब प्लांट संचालक पहुंचे हाईकोर्ट-

शुरुआत में बिजली उत्पादन होने लगा लेकिन देखते ही देखते ये अटकता चला गया। हालात ये हो गए कि तीन साल के भीतर ही सभी छह प्लांट बंद हो गए। इनसे विद्युत उत्पादन रुक चुका है। प्लांट लगाने वाले लोगों पर लाखों रुपये का कर्ज था, जिसकी भरपाई के लिए बैंक नोटिस भेज रहे हैं।

शासन ने इन प्लांट की व्यावहारिकता देखने को जतन किए, लेकिन कोई उत्साहजनक नतीजा नहीं निकल पाया। अब प्लांट संचालक हाईकोर्ट चले गए हैं। उनका आरोप है कि सरकार ने आधी-अधूरी तैयारियों के साथ योजना लांच की थी, जिसका नुकसान उन्हें उठाना पड़ रहा है।

पवन ऊर्जा भी कारगर नहीं-

प्रदेश में वैसे तो पवन की उपलब्धता भरपूर है, लेकिन अभी तक वायु ऊर्जा कारगर नहीं हो पाई। इसके पीछे एक वजह ये भी है कि पवन ऊर्जा से जुड़े उपकरणों को पर्वतीय क्षेत्रों तक पहुंचाना मुश्किल है। वहां कई बार तेज हवाओं में ज्यादा नुकसान की आशंका भी रहती है। लिहाजा, पवन ऊर्जा के क्षेत्र में राज्य कोई काम नहीं कर पाया।

अब इन योजनाओं से बांधी जा रही उम्मीद-

भू-तापीय ऊर्जा-  प्रदेश में अब भू-तापीय ऊर्जा पर फोकस किया जा रहा है। अगर ये प्रयोग सफल होता है तो इससे ऊर्जा जरूरतें पूरी होने में बड़ी मदद मिल सकती है।

पंप स्टोरेज-  इस योजना के तहत टीएचडीसी का 1000 मेगावाट का प्लांट नए साल से शुरू होने जा रहा है। प्रदेश में अन्य जगहों पर भी पंप स्टोरेज प्लांट लगाने के लिए सरकार नीति लेकर आई है। सफल रहा तो कुछ नतीजा निकल सकता है।

 

 

राज्य की सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता 20 हजार मेगावाट आंकी जा चुकी है लेकिन 23 साल में यह 350 मेगावाट से ऊपर नहीं जा पाए. ऐसे में हाइड्रो, गैस या कोयला से बिजली उत्पादन का विकल्प बनने की बात बेमानी ही नजर आ रही है. परियोजनाओं के विफल होने का एक सबसे बड़ा कारण सरकारी सुस्ती है जिन लोगों ने छोटे सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट लगाए हैं, वे या तो समय से ग्रिड से नहीं जोड़े जाते या फिर उनकी मीटरिंग समय से नहीं होती इस वजह से लोग हतोत्साहित होते हैं. देखिये किस तरह से कुछ शानदार और प्रदेश हितकारी योजनाएं सरकारी सुस्ती या राजनीति के चलते प्रदेश में दम तोड़ देती है और इसका खामियाजा भुगतती है प्रदेश की जनता।

Corona New Variant: देश में फिर कोरोना की लहर, आंकड़ों से डरी सरकार, उत्तराखंड भी सतर्क.

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भारत में एक बार फिर से कोरोना ने दस्तक दे दी है, हैं, अचानक से आये इन मामलों ने सबको चौंका दिया है राज्य सरकारें एक बार फिर अलर्ट हो गई है,, पूरे देश में बीते दिन 300 से ज्यादा कोविड-19 के मामले सामने आये हैं इतना ही नहीं इससे 4 लोगों ने अपनी जान भी गंवाई है जिसके चलते कई राज्यों में सख्ती शुरू कर दी गयी है.


कई न्यूज रिपोर्ट्स के मुताबिक केरल में कोविड का नया सब वैरिएंट JN.1 मिला है इससे 17 दिसंबर को चार लोगों की मौत हो गई, वहीं UP में भी कोविड पॉजिटिव शख्स की जान चली गई हालांकि ये पता नहीं चला है कि ये मरीज JN.1 वैरिएंट से संक्रमित था या नहीं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार भारत में रविवार को 335 नए कोविड-19 मामले दर्ज किए गए और एक्टिव केस की संख्या बढ़कर 1,701 हो गई. केरल ही नहीं इसको लेकर अब कई राज्यों की सरकारें अलर्ट हो गयी है.  ICMR  के मुताबिक मामला 8 दिसंबर को केरल के तिरुवनंतपुरम में सामने आया था जहां एक महिला में इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी के हल्के लक्षण थे जब जांच हुई तो 79 साल की महिला की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी.


केरल में पिछले कुछ दिनों में लोगों ने कोविड की वजह से जान गंवाई है, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने राज्यभर में वायरस को लेकर अलर्ट जारी कर दिया है. केरल के सभी हेल्थ फैसिलिटी में मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया ताकि अस्पतालों की तैयारियों का जायजा लिया जा सके.  स्वास्थ्य मंत्रालय राज्य स्वास्थ्य अधिकारियों के संपर्क में है और स्थिति की निगरानी की जा रही है.  केरल के विभिन्न एंट्री प्वाइंट्स पर भी नजर रखी जा रही है. स्वास्थ्य अधिकारियों ने सभी सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में कड़ी निगरानी रखने को कहा है. केरल में बुखार के मरीजों की बढ़ रही संख्या के मद्देनजर जिन लोगों को सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, लो ब्लड प्रेशर और भोजन करने में परेशानी है उन्हें तुरंत डॉक्टर से सलाह लेने को कहा गया है. कोविड-19 के लक्षण वाले लोगों को टेस्ट करवाने की सलाह दी गई है. ऐसे लोग जिन्हें लगता है कि वे कोविड की चपेट में आसानी से आ सकते हैं उन्हें कहा गया है कि वे सार्वजनिक जगहों पर भी मास्क अवश्य लगाएं, सिर्फ इतना ही नहीं बल्कि कर्नाटक और तमिलनाडु जैसे पड़ोसी राज्यों में भी स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है और अस्पतालों को अलर्ट मोड में रखा गया है. 

 
उत्तराखंड के सभी अस्पतालों में अलर्ट- 
केरल में कोरोना का नया वैरिएंट जेएन.1 मिलने के बाद अब उत्तराखंड भी सतर्क हो गया है। संदिग्ध लक्षणों वाले व्यक्ति की जांच और निगरानी को लेकर प्रदेश सरकार ने मंगलवार को एसओपी जारी कर एहतियात के तौर पर सभी अस्पतालों को अलर्ट किया हैं। केंद्र सरकार ने केरल में कोरोना का नया मामला सामने आने के बाद सभी राज्यों को जांच और निगरानी बढ़ाने के दिशानिर्देश जारी किए हैं।

केंद्र की गाइडलाइन पर प्रदेश सरकार भी सभी जिलों को कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए दिशानिर्देश जारी कर सकती है। डॉ. पंकज सिंह ने बताया कि केरल में कोरोना का नया वैरिएंट मिला है। इसे लेकर केंद्र सरकार ने दिशानिर्देश जारी किए हैं। हालांकि प्रदेश में अभी तक कोरोना के नए वेरिएंट से संबंधित कोई मामला नहीं है। एहतियात के तौर पर जिलों को निगरानी और जांच के संबंध में पूर्व की भांति दिशानिर्देश दिए जाएंगे।

 

तमिलनाडु में भी कोविड से बचाव के सभी एहतियाती कदम उठाए जाने लगे हैं सरकार द्वारा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को वायरस को फैलने से रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा गया है और अगर किसी विशिष्ट इलाके में मामलों में वृद्धि दिखाई देती है या बुखार के मामले सामने आते हैं तो सभी की RTPCR  जांच कराने के निर्देश दिए गए है. बता दें कि तमिलनाडु में भी 15 दिसंबर तक संक्रमण के 36 मामले सामने आए थे. कर्नाटक सरकार की तरफ से टेस्टिंग किट खरीदने के निर्देश भी जारी किये गए है. मॉक ड्रिल के जरिए ये पता लगाया जा रहा है कि ICU बेड, ऑक्सीजन की उपलब्धता और दवाओं सहित कितने बेड हैं. 

देश में कोरोना के एक्टिव केस की संख्या 1700 के पार- 


केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के शनिवार तक अपडेट किए गए डाटा के मुताबिक, भारत में कोविड-19 मामलों की कुल संख्या में 339 नए मामलों का इजाफा हुआ है. इस तरह देश में एक्टिव केस की संख्या 1,701 तक पहुंच गई है. मरने वालों का आंकड़ा 5 लाख 33 हजार  पर पहुंच गया है जबकि  भारत में अब तक कोरोना वायरस से 4 करोड़ 50 लाख से अधिक लोग संक्रमित हुए हैं, जिसमें से 4 करोड़ 44 लाख से ज्यादा लोग इससे रिकवर हुए हैं. निश्चित ही ये आंकड़े डराने वाले हैं.  जिस तरह से कोरोना ने फिर से देश में दस्तक दे दी है उससे सभी की चिंताए बढ़ गयी हैं. यदि कोई भी लक्षण दिखाई दें तो जांच जरूर करवाएं

Rishikesh: हाईवे से लगे जंगल में मिला 13 दिन से लापता युवती का जला हुआ शव, पुलिस ने प्रेमी को किया गिरफ्तार.

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करीब 13 दिनों से घर से लापता चल रही युवती का जंगल में जला हुआ शव मिला है। पुलिस ने युवती के प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है। उस पर आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज किया गया है। ढालवाला निवासी विनीता भंडारी (21) चार दिसंबर से लापता थी।

पिता ने थाना मुनि की रेती में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। सीसीटीवी फुटेज की जांच के दौरान विनीता चार दिसंबर को 11 बजकर आठ मिनट पर नटराज चौक के पास अकेले देहरादून की ओर जाती देखी गई थी। उसके हाथ में थैला भी था। उसके बाद करीब 11 बजकर 32 मिनट पर विनीता का मोबाइल बंद हो गया था। अंतिम लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस विनीता को इसी क्षेत्र में ढूंढ रही थी। 

पुलिस को नटराज चौक से करीब एक किमी आगे देहरादून रोड पर हाईवे से लगे जंगल में 200 मीटर अंदर अधजला शव मिला। उसकी शिनाख्त के बाद उसके प्रेमी मानीवाला निवासी अर्जुन रावत को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।

उत्तराखंड में बर्फबारी: खूबसूरत बर्फीली वादियों में हो रही है जमकर बर्फ़बारी, क्रिसमस-नए साल के लिए कर सकते हैं प्लान.

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मौसम के बदले मिजाज के साथ ही मंगलवार को चारों धामों के साथ ही हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी और औली में जमकर बर्फबारी हुई। केदारनाथ में जहां चार इंच नई बर्फ जम गई है वहीं तापमान माइनस 7 तक रहा है। 

वहीं निचले क्षेत्रों में हुई बारिश और पहाड़ों में बर्फबारी से कड़ाके की ठंड पड़ने लगी है। ठंड से बचने के लिए लोगों ने अलाव का सहारा लिया। गोपेश्वर/जोशीमठ में मंगलवार को सुबह से बादल छाए थे और दोपहर बाद चमोली जिले में बदरीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी, रुद्रनाथ, काली माटी, औली, गोरसों बुग्याल सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जमकर बर्फबारी हुई, जबकि निचले क्षेत्रों में बारिश हुई।

गोपेश्वर, जोशीमठ, पोखरी, नंदानगर, पीपलकोटी आदि क्षेत्रों में ठंडी हवाएं चलीं। ठंड से बचने के लिए लोग घरों में ही दुबके रहे और बाजारों में सन्नाटा छाया रहा। बदरीनाथ में तापमान अधिकतम -1 और न्यूनतम – 8 डिग्री, औली में अधिकतम 3, न्यूनतम -3 और , जोशीमठ में अधिकतम 9 , न्यूनतम – 2 रहा। 

रुद्रप्रयाग केदारनाथ धाम में दोपहर बाद 12 बजे बर्फबारी हुई जो देर शाम तक होती रही। धाम में लगभग चार इंच नई बर्फ जमी। वहीं, द्वितीय केदार व तृतीय केदार में भी बर्फ गिरी। धाम में तापमान अधिकतम 1 डिग्री व न्यूनतम -7 डिग्री दर्ज किया गया। 

उत्तरकाशी/बड़कोट स्थित गंगोत्री व यमुनोत्री धाम में इस सीजन की दूसरी बर्फबारी हुई जबकि हर्षिल में भी बर्फबारी हुई। गंगोत्री धाम में अधिकतम तापमान -3 और न्यूनतम -8 दर्ज किया गया है। वहीं यमुनोत्री धाम में अधिकतम -1 व न्यूनतम तापमान -7 दर्ज किया गया है। 

बदरीनाथ धाम में मास्टर प्लान का काम हुआ प्रभावित-

गोपेश्वर में बर्फबारी से बदरीनाथ धाम में महायोजना मास्टर प्लान का काम प्रभावित हो गया है और मजदूर काम नहीं कर पाए। मास्टर प्लान के कार्य में लगे वाहन और उपकरणों पर भी बर्फ की मोटी चादर बिछ गई है।

क्रिसमस और नए वर्ष से पहले औली की पहाड़ियां बर्फ से ढकीं-

औली में क्रिसमस और नए वर्ष के आगमन से पहले बर्फबारी होने से पर्यटन से जुड़े व्यापारियों के चेहरे खिल गए हैं। बर्फबारी से औली में पर्यटकों के बढ़ने की उम्मीद है। मंगलवार को हुई बर्फबारी से औली के साथ ही समीपवर्ती पहाड़ियां बर्फ से ढक गई हैं।

पर्यटकों में होगा इजाफा-

औली में स्कीइंग की ढलानें भी बर्फ से ढक गई हैं। बर्फबारी के बीच कई पर्यटक चेयर लिफ्ट से औली का दीदार कर रहे थे। औली में पर्यटन व्यवसायियों का कहना है कि क्रिसमस से पहले बर्फबारी शुभ संकेत है। दिसंबर माह के अंत में भी बर्फबारी होती है तो पर्यटकों में इजाफा हो जाएगा। 

चमोली में 50 से अधिक गांवों में गिरी बर्फ- 

चमोली जनपद के 50 से अधिक गांवों में बर्फबारी हुई है। निजमुला घाटी के ईराणी, पाणा, झींझी, रामणी, ल्वाणी, घूनी, पडेरगांव, सुंग, कनोल, सुतोल, पेरी के साथ ही जोशीमठ क्षेत्र के नीती घाटी के गांवों में भी बर्फबारी हुई है। गांवों को जाने वाले पैदल रास्तों में भी बर्फ जम गई है। रामणी गांव के ग्राम प्रधान सूरज पंवार ने बताया कि बर्फबारी से कड़ाके की ठंड शुरू हो गई है।

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के समापन समारोह में पहुंचे गृहमंत्री अमित शाह, उत्तराखंड को लेकर कह दी ये बात

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उत्तराखंड में आयोजित दो दिवसीय वैश्विक निवेशक सम्मेलन के दूसरे और अंतिम दिन शनिवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। वैश्विक निवेशक सम्मेलन के दूसरे दिन पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन, इंफ्रास्ट्रक्चर, वन एवं सहयोग क्षेत्र, उद्योग-स्टार्टअप, आयुष व वेलनेस, सहकारिता एवं खाद्य प्रसंस्करण विषय पर छह सत्र आयोजित किए गए।

 

इस खास मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2023 के समापन सत्र में भाग लिया और संबोधन दिया। इस मौके पर अमित शाह ने कहा कि मैंने उत्तराखंड के सीएम पुष्कर धामी से लक्ष्य के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि 2 लाख करोड़ रुपये, लेकिन आज 3.5 लाख करोड़ रुपये के एमओयू पर हस्ताक्षर हुए हैं। मैं इसके लिए राज्य प्रशासन को बधाई देना चाहता हूं। सीएम धामी के नेतृत्व में प्रदेश ने कमाल किया है।

 

दुनिया के सामने उदाहरण बनेगा उत्तराखंड

गृह मंत्री शाह ने कहा कि अब उत्तराखंड बनेगा। इसका विकास होगा और इसकी अलग पहचान बनेगी। ये इन्वेस्टर्स समिट दुनिया भर में यह एक मजबूत उदाहरण है कि यह अपनी प्राकृतिक सुंदरता से समझौता किए बिना और पर्यावरण-अनुकूल तरीकों का पालन करके खुद को व्यापार से जोड़ सकता है।

बतौर गृह मंत्री अमित शाह, सीएम धामी कहते हैं कि यहां कुदरत है…देव हैं…लेकिन मैं इसके साथ ये भी कहूंगा कि यहां भ्रष्टाचार मुक्त शासन भी है। जोकि इनवेस्टमेंट मुक्त निवेश के लिए भी जरूरी है। कहा कि पारदर्शिता उत्तराखंड का स्वभाव है। उन्होंने निवेशकों से कहा कि वह निश्चिंत होकर राज्य में निवेश करें, उन्हें भ्रष्टाचार नहीं मिलेगा।

 

कई हस्तियां भी बनीं निवेशक सम्मेलन की गवाह

निवेशक सम्मेलन में निवेशकों के अलावा कवि, लेखक व गीतकार प्रसून जोशी, पतंजलि आयुर्वेद के सीईओ आचार्य बालकृष्ण, परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष चिदानंद मुनि व अलग-अलग क्षेत्रों की मशहूर हस्तियां भी गवाह बनीं। सम्मेलन में प्रदेश सरकार के सात मंत्रियों के अलावा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी, डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, त्रिवेंद्र सिंह रावत, विजय बहुगुणा, तीरथ सिंह रावत, विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण, टिहरी सांसद माला राज्य लक्ष्मी, अल्मोड़ा के सांसद अजय टम्टा, पार्टी के प्रदेश महामंत्री संगठन अजेय कुमार, प्रदेश महामंत्री आदित्य कोठारी, पार्टी विधायक खजानदास, विनोद चमोली, मुन्ना सिंह चौहान, सहदेव पुंडीर, पार्टी प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान, प्रदेश प्रवक्ता हेमंत द्विवेदी समेत कई अन्य प्रमुख लोग उपस्थित रहे।

परमार्थ निकेतन जाएंगे गृहमंत्री

परमार्थ निकेतन में गृहमंत्री अमित शाह के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतेजाम किए हैं। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एसएसपी पौड़ी, टिहरी व एसपी चमोली ने पुलिस अधिकारियों व कर्मियों को ब्रीफ किया। आज शनिवार शाम गृहमंत्री अमित शाह का परमार्थ निकेतन की आरती में शामिल होने का कार्यक्रम प्रस्तावित है। अमित शाह का हेलिकॉप्टर वेद निकेतन के समीप हेलीपैड पर पर लैंड करेगा। यहां से वह कार से परमार्थ निकेतन पहुंचेंगे। इस दौरान पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रहेगी।

‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ बना उत्तराखंड के उत्पादों का ब्रांड, पीएम मोदी ने किया लॉन्च

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राज्य के सभी उत्पादों को अब एक नाम से पहचाना जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज शुक्रवार को वैश्विक निवेशक सम्मेलन के दौरान हाउस ऑफ हिमालयाज की लांचिंग की। अभी तक हिमाद्री, हिलांस, ग्राम्यश्री जैसे तमाम उत्पाद अलग-अलग नाम से बाजार में जाते हैं, लेकिन अब सभी हाउस ऑफ हिमालयाज के नाम से पहचाने जाएंगे।

फरवरी में धामी कैबिनेट ने एक निर्णय लिया था कि प्रदेश के सभी उत्पादों की क्वालिटी, मार्केटिंग व ब्रांडिंग के लिए समिति का गठन किया जाए। इस आधार पर एक समिति का गठन किया गया है। इस समिति ने हाउस ऑफ हिमालयाज नाम पर मुहर लगाई। इस नाम का रजिस्ट्रेशन करा दिया गया है। ट्रेडमार्क के लिए आवेदन भी कर दिया गया है।

सचिव ग्राम्य विकास राधिका झा ने बताया कि अब हाउस ऑफ हिमालयाज उत्तराखंड का ब्रांड होगा। हिमाद्री, हिलांस समेत तमाम समितियों, स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को इसी ब्रांड नाम के साथ बाजार में उतारा जाएगा। इससे न केवल राष्ट्रीय, बल्कि भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उत्पादों को बेहतर बाजार मिलेगा।अपर सचिव ग्राम्य विकास नितिका खंडेलवाल ने बताया, हाउस ऑफ हिमालयाज उत्तराखंड का ब्रांड नाम हो गया है। जैसे टाटा या अन्य कंपनियों का एक नाम चलता है और विभिन्न उत्पाद बाजार में आते हैं। उसी तरह यह ब्रांड नाम चलेगा। उन्होंने कहा, सभी उत्पादों की अपनी पहचान के साथ हाउस ऑफ हिमालयाज का टैग उनके साथ रहेगा।

Uttarakhand Investors Summit: डबल इंजन के ‘डबल’ प्रयास हर तरफ दिख रहे, पढ़ें प्रधानमंत्री मोदी के भाषण की ये बातें.

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उत्तराखंड में आज से दो दिवसीय वैश्विक निवेशक सम्मेलन का शुभारंभ हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सम्मेलन का शुभारंभ किया। सम्मेलन में देश-दुनिया के 5000 से अधिक निवेशक और प्रतिनिधि शामिल हुए हैं। राज्य में विभिन्न सेक्टर में निवेश के लिए अभी तक तीन लाख करोड़ रुपये के एमओयू हो चुके हैं। कई बड़े निवेश के लिए सम्मेलन में करार हो सकते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि यहां आकर मन धन्य हो जाता है। कुछ वर्ष पहले जब मैं बाबा केदार के दर्शन को निकला था तो अचानक मेरे मुंह से निकला था कि 21वीं सदी का ये तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक है। मुझे खुशी है कि उस कथन को मैं लगातार पूरा होते देख रहा हूं।

उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि मैं देशवासियों को भरोसा दिलाता हूं कि मेरे तीसरे कार्यकाल में भारत दुनिया की टॉप थ्री इकॉनमी में आकर रहेगा। मोदी ने अगले आम चुनाव को लेकर भी ये इशारा किया।

पढ़ें प्रधानमंत्री के भाषण की बड़ी बातें-

 

  • पीएम मोदी ने कविता से भाषण की शुरुआत की। कहा- जहां अंजुली में गंगाजल हो, जहां हर एक मन बस निश्चल हो, जहां नारी में सच्चा बल हो उस देवभूमि का आशीर्वाद लिए मैं चलता जाता हूं। है भाग्य मेरा सौभाग्य मैं तुमको शीश नवाता हूं।
  • मैं देशवासियों को भरोसा दिलाता हूं कि मेरे तीसरे कार्यकाल में भारत दुनिया के टॉप थ्री इकॉनमी में आकर रहेगा। मोदी ने अगले आम चुनाव को लेकर भी ये इशारा किया।
  • मेक इन इंडिया की तरह वेड इन इंडिया भी चलाया जाए। आप कुछ निवेश करना पाओ या नहीं लेकिन अपने परिवार की एक डेस्टिनेशन वेडिंग अगले पांच साल में उत्तराखंड में करें। अगर पांच साल में पांच हजार डेस्टिनेशन वेडिंग भी उत्तराखंड में हुई तो ये एक नया क्षेत्र खड़ा हो जाएगा। देश के धन्ना सेठ इस बारे में सोचेंगे तो बड़ा बदलाव आएगा।
  • आप सभी बिजनेस की दुनिया के दिग्गज हैं। आप अपने काम का विश्लेषण करते हैं। आप सभी चुनौती का आकलन करके रणनीति बनाते हैं। ऐसा करने से हमें चारों तरफ एस्पिरेशन, होप, सेल्फ कॉन्फिडेंस दिखेगी। देश में पॉलिसी गवर्न सरकार दिखेगी।
  • भारत की मजबूती का फायदा उत्तराखंड समेत देश के हर राज्य को हो रहा है।उत्तराखंड इसलिए भी विशेष है क्योंकि यहां डबल इंजन सरकार है। डबल प्रयास चारों तरफ दिख रहे हैं। राज्य सरकार तेजी से यहां काम हो रहा है।
  • दिल्ली देहरादून एक्सप्रेस वे से दूरी 2.5 घंटे की होने जा रही है।
  • ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल लाइन से रेल कनेक्टिविटी आसान होने जा रही है।
  • पहले की सरकारें सीमावर्ती इलाकों को कम से कम पहुंच वाली थी। डबल इंजन ने इस धारणा को बदला। हम सीमावर्ती गांवों को विकसित करने जा रहे हैं।
  • पीएम मोदी ने सरकार को हाउस ऑफ हिमालयाज की बधाई दी। कहा कि यहां के लोकल उत्पादों को विदेशी बाजार में स्थापित करने की पहल है। ये वोकल फ़ॉर लोकल और लोकल फ़ॉर ग्लोबल का कारक बनेगा।
  • विकसित भारत के निर्माण के लिए राष्ट्रीय चरित्र को सशक्त करना होगा। ऐसे काम करने होंगे जिससे हमारे स्टैंडर्ड दुनिया फॉलो करें।
  • विकसित भारत अस्थिरता नहीं बल्कि स्थिरता चाहता है।
  • हमारे देश में मिलेट से लेकर तमाम फूड्स हैं जो पोषक हैं। किसानों की मेहनत बेकार नहीं जानी चाहिए। भारत की कंपनियों के लिए ये अभूतपूर्व समय है। अगले कुछ वर्षों में भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इकॉनमी बनने जा रहा है।
  • जिसमें दम हो, मैदान में आ जाएं, फायदा उठा लें। मैं गारंटी देता हूं कि जो बातें हम बताते हैं उन्हें पूरा कराने को हम खड़े भी रहते हैं।
  • मेरे जीवन के एक पहलू को बनाने में इस धरती का बड़ा योगदान है। अगर उसे कुछ लौटाने का अवसर मिलता है तो उसका आनंद भी कुछ और होता है।
    आइए इस पवित्र धरती में चल पड़िए। आपके काम में कभी कोई बाधा नहीं आएगी।