Category Archive : तकनीकी

Uttarakhand: छात्र संख्या शून्य, 640 से अधिक स्कूल हुए बंद, अब होम स्टे आंगनबाड़ी केंद्र के रूप में होंगे इस्तेमाल।

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प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में छात्र संख्या तेजी से घट रही है। यही वजह है कि 640 से अधिक स्कूल बंद हो चुके हैं और कई बंदी की कगार पर हैं। शिक्षा महानिदेशक बंधीधर तिवारी के मुताबिक वर्तमान में कितने स्कूल बंद हैं और किस स्थिति में हैं। इस संबंध में सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों से 12 मार्च तक सूचना मांगी गई है।

इन विद्यालयों का होम स्टे एवं आंगनबाड़ी केंद्र के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। समग्र शिक्षा कार्यालय से अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा, गढ़वाल और कुमाऊं के साथ ही सभी सीईओ, डीईओ और खंड शिक्षा अधिकारियों को बंद विद्यालयों के संबंध में निर्देश जारी किया गया है। निर्देश में कहा है कि छात्र संख्या शून्य होने से बंद हुए विद्यालयों की सूचना उपलब्ध कराई जाए।

विभागीय अधिकारियों से यह भी कहा गया है कि पूर्व में राजकीय प्राथमिक विद्यालय, राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय एवं राजकीय इंटरमीडिएट कॉलेज जो छात्र संख्या शून्य होने के कारण बंद हो चुके हैं। उनके भवन और भूमि की स्थिति से अवगत कराया जाए। इस संबंध में सूचना ई मेल के माध्यम से भी उपलब्ध कराई जा सकती है।

Uttarakhand: मानक से ज्यादा बिजली खर्च की तो आपके घर की कट जाएगी बिजली, खत्म होगी अब ये समस्या.

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बिजली की भारी मांग के बीच कटौती से पूरे मोहल्ले को जूझने का समय खत्म होने वाला है। अब आपकी बिजली कटौती आपके हाथ में होगी। मानक से ज्यादा बिजली खर्च करने वाले उपभोक्ताओं से यूपीसीएल मुख्यालय से ही सीधे कटौती होगी। इसके लिए मई माह से बिजली के स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगने शुरू होंगे।

स्मार्ट प्रीपेड मीटरिंग योजना के तहत प्रदेश के 15 लाख 87 हजार 870 बिजली उपभोक्ताओं के घरों पर प्रीपेड मीटर लगेंगे। गढ़वाल मंडल में देहरादून और कुमाऊं मंडल में हल्द्वानी में मई महीने से इसकी शुरुआत होगी। इसका कंट्रोल रूम यूपीसीएल मुख्यालय में बनेगा। हर बिजली मीटर की अलग से मॉनिटरिंग हो सकेगी।

पहले यूपीसीएल चेतावनी संदेश भेजेगा-


मीटर लगने के बाद इसमें रिचार्ज किया जाएगा, जिसमें से मोबाइल की तर्ज पर बिजली खपत के हिसाब से कटौती होती रहेगी। खास बात ये भी है कि हर महीने का बिजली बिल का हिसाब होगा। बिलों की अवधि या शुल्क संबंधी सभी विवाद खत्म हो जाएंगे। उपभोक्ताओं को प्रतिभूति राशि भी नहीं देनी होगी।जो प्रतिभूति राशि पहले से जमा है, वह लौटा दी जाएगी। रिचार्ज खत्म होने के बाद एक अवधि तक बिजली आपूर्ति होगी और इसके बाद स्वत: कट जाएगी। बिजली कनेक्शन जोड़ने, काटने, मीटर रीडिंग लेने, बिल पहुंचाने, बिल भुगतान देरी पर जुर्माने की सभी परंपराएं भी इसके साथ ही खत्म हो जाएंगी।

आने वाले समय में सभी उपभोक्ताओं को एक साथ बिजली कटौती से नहीं जूझना होगा। स्मार्ट प्रीपेड मीटर से बिजली विभाग को पता चल जाएगा कि कौन उपभोक्ता निर्धारित से ज्यादा बिजली का इस्तेमाल कर रहा है। ऐसे में उसी उपभोक्ता विशेष को पहले यूपीसीएल चेतावनी संदेश भेजेगा, इसके बाद बिजली कटौती शुरू कर देगा।

मोहल्लों के ट्रांसफार्मर ही बताएंगे कहां हो रही चोरी-

स्मार्ट प्रीपेड मीटर से ये पता चल जाएगा कि किस मोहल्ले में आवंटित भार से अधिक बिजली की खपत हो रही है। बिजली चोरी का भी पता चल जाएगा, जिसके आधार पर तत्काल यूपीसीएल के अफसर कार्रवाई कर सकेंगे।
किस वृत्त में कितने प्रीपेड मीटर लगेंगे-
देहरादून शहर-2,10,327, देहरादून ग्रामीण-2,78,545, रुड़की-2,04,102, हरिद्वार-1,98,745, हल्द्वानी-1,82,317, रुद्रपुर-2,39,894, काशीपुर-1,45,641, रानीखेत-28,113, पिथौरागढ़-29,870, कर्णप्रयाग-5,453, श्रीनगर-31,054, टिहरी-33,809

स्मार्ट प्रीपेड मीटर का काम मई से शुरू होगा। मीटर लगने के बाद बिजली बिल भुगतान संबंधी कई प्रक्रियाओं में बदलाव आ जाएगा। कंट्रोल रूम से पूरी आपूर्ति पर बारीकी से नजर रखी जा सकेगी और कार्रवाई हो सकेगी।

Uttarakhand: जोशीमठ पुनर्वास को लेकर इन अहम बिंदुओं पर बनी सहमति, मुख्य सचिव ने दिया कार्रवाई का भरोसा।

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रक्षा मंत्रालय ने 29 हजार करोड़ के सौदों को दी मंजूरी, सर्विलांस एयरक्राफ्ट खरीदेगी नौसेना.

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रक्षा मंत्रालय ने भारतीय नौसेना के लिए नौ मेरीटाइम सर्विलांस एयरक्राफ्ट और भारतीय तटरक्षक बल के लिए छह पेट्रोल एयरक्राफ्ट खरीदने के सौदे को मंजूरी दे दी है। इस सौदे के तहत 15 मेरिटाइम पेट्रोल एयरक्राफ्ट मेड इन इंडिया प्रोजेक्ट के तहत देश में ही बनाए जाएंगे। साथ ही सी-295 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट भी बनाए जाएंगे। यह सौदा कुल 29 हजार करोड़ रुपये का होगा।

 

नौसेना की सर्विलांस क्षमताओं में होगा इजाफा-

बुधवार को रक्षा मंत्रालय ने कानपुर स्थित एक कंपनी से 1752.13 करोड़ रुपये के सौदे का भी करार किया है। इस सौदे के तहत 463, 12.7 एमएम की रिमोट कंट्रोल गन का निर्माण किया जाएगा। ये गन भी नौसेना और तटरक्षक बल के जवानों को मिलेंगी। रक्षा मंत्रालय के इन सौदों से ना सिर्फ भारत की समुद्री ताकत में इजाफा होगा बल्कि इससे आत्मनिर्भर भारत को भी बढ़ावा मिलेगा। सौदे के तहत टाटा एडवांस्ड सिस्टम और एयरबस मिलकर एयरक्राफ्ट का निर्माण करेंगे। इन एयरक्राफ्ट्स में आधुनिक रडार और सेंसर्स लगे होंगे। इस सौदे के पूरे होने के बाद नौसेना और भारतीय तटरक्षक बल की सर्विलांस की क्षमताओं में जबरदस्त इजाफा होगा। चीन जिस तरह से हिंद महासागर में अपनी ताकत बढ़ा रहा है और साथ ही अंतरराष्ट्रीय शिपिंग रूट पर हमले बढ़ रहे हैं।

चीन की बढ़ती चुनौती से निपटने में अहम साबित होगा ये सौदा-

चीन के हिंद महासागर में बढ़ते दखल और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग रूट पर बढ़ते हमलों की चुनौती से निपटने के लिए भारतीय नौसेना लगातार अपनी क्षमताओं में इजाफा कर रही है। अब इस सौदे से नौसेना की तैयारियों में तेजी आने की उम्मीद है। भारतीय वायुसेना को मिला पहला सी-295 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट स्पेन में बना था। सौदे के तहत 16 एयरक्राफ्ट स्पेन से बनकर आएंगे और बाकी के 40 एयरक्राफ्ट गुजरात के वडोदरा में टाटा द्वारा बनाए जाएंगे।   

 

आगामी चार धाम यात्रा सीजन में भारत-चीन सीमा पर बजेगी फोन की घंटी, पहले चरण का काम हुआ शुरू

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आगामी यात्रा सीजन में भारत-चीन अंतरराष्ट्रीय सीमा पर जल्द ही मोबाइल की घंटी बजेगी। इसके लिए भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) नेलांग और जादूंग में मोबाइल टावर लगा रहा है। बीएसएनएल के अधिकारियों का कहना कि नेलांग में टावर लगाने का करीब 70 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। वहीं जादूंग में प्रथम चरण शुरू कर दिया गया है।

आगामी चारधाम यात्रा सीजन के दौरान अंतरराष्ट्रीय सीमा के नेलांग और जादूंग गांवों में मोबाइल की घंटी बज जाएगी। इसके साथ ही भटवाड़ी विकासखंड के सबसे दूरस्थ जौड़ाव और सिल्ला सहित धौंतरी क्षेत्र के उलण गांव में भी दो से तीन माह के भीतर मोबाइल के सिग्नल मिलने लगेंगे। यह दूरस्थ गांव सड़क मार्ग से 10 से 12 किमी की दूरी पर हैं। जहां पर अभी सड़क, संचार जैसी मूलभूत सुविधाएं शुरू नहीं हो पाई हैं। इन सभी गांवों में मोबाइल सेवा देने के लिए टावर लगने के दूसरे चरण का कार्य चल रहा है।

जनकताल ट्रैक तक सिग्नल मिलने लगेंगे-

नेलांग और जादूंग गांव को दोबारा बसाने के लिए केंद्र सरकार वाइब्रेंट योजना के तहत कार्य कर रही है। जो कि सामरिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण होगा। यात्रा सीजन में नेलांग क्षेत्र में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। वहीं टावर लग जाने से गरतांग गली, नागा, नीला पानी, जनकताल ट्रैक तक सिग्नल मिलने लगेंगे और लोग मोबाइल पर बात कर सकेंगे। इसका फायदा सेना सहित गंगोत्री नेशनल पार्क के कर्मचारियों को भी मिलेगा। कोई घटना होने पर आसानी से इसकी सूचना मुख्यालय और अपने साथियों को दी जा सकेगी।

नेलांग में मोबाइल टावर लगाने के लिए पुटिंग का कार्य पूर्ण हो चुका है। ऊंचाई के कारण अभी वहां पर बर्फ जमा है। बर्फ कम होते ही टावर खड़ा कर दिया जाएगा। इस यात्रा सीजन तक नेलांग में मोबाइल टॉवर की सेवा शुरू कर दी जाएगी। नेलांग सहित जादूंग और जौड़ाव आदि क्षेत्रों में मोबाइल टावर लगाने के लिए निजी कंपनी को कार्यदायी संस्था बनाया गया है। सभी स्थानों पर एक-एक नाली भूमि उपलब्ध करवाई गई है। -अनिल कुमार, एसडीओ बीएसएनएल

उत्तराखंड में बिजली दरों में बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर 19 फरवरी से होगी जनसुनवाई, 1 अप्रैल से लागू होंगी बिजली की नई दरें।

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उत्तराखंड प्रदेश में बिजली दरों में बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर अब उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग यानी UPCL 19 फरवरी से जनसुनवाई शुरू करने जा रहा है। गढ़वाल मंडल में दो और कुमाऊं मंडल में दो शहरों में सुनवाई के बाद आयोग अपना निर्णय लेगा और जल्द ही नई विद्युत दरें 1 अप्रैल से लागू हो जाएंगी।

आयोग सचिव नीरज सती ने बताया कि देहरादून के अलावा अल्मोड़ा, टिहरी गढ़वाल और रुद्रपुर में जनसुनवाई होगी। इसमें कोई भी उपभोक्ता शामिल होकर अपना पक्ष रख सकता है। हितधारकों को भी यहां सुनवाई का मौका दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि जनसुनवाई के बाद आयोग बैठक करेगा और विद्युत दरों पर अपना अंतिम निर्णय लेगा।

कहां और कब होगी जनसुनवाई-

19 फरवरी की सुबह 10:30 से दोपहर एक बजे तक – सभागार, नगर पालिका, माल रोड, अल्मोड़ा

20 फरवरी को , सुबह 10 से दोपहर 1 बजे तक – सभागार, विकास भवन, नैनीताल रोड, रुद्रपुर, ऊधमसिंह नगर

24 फरवरी को , सुबह 11 से दोपहर 1:30 बजे तक – सभागार, जिला पंचायत परिसर, बौराड़ी, नई टिहरी

26 फरवरी को , सुबह 10:30 से दोपहर 1:30 बजे तक- सुनवाई कक्ष, विद्युत नियामक आयोग, निकट आईएसबीटी, माजरा, देहरादून में होगी

तीनों ऊर्जा निगमों से है 30 फीसदी बढ़ोतरी का प्रस्ताव-

प्रदेश के तीनों ऊर्जा निगमों ने नियामक आयोग को अगले वित्तीय वर्ष के लिए जो याचिका भेजी हैं, उसके हिसाब से बिजली उपभोक्ताओं पर 30 प्रतिशत तक बोझ बढ़ सकता है। यूपीसीएल ने विद्युत दरों में 23 से 27 प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया है। यूजेवीएनएल ने पिछले साल के मुकाबले अपने टैरिफ (जिस दर पर वह यूपीसीएल को बिजली देता है) में करीब 23 प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया है।

इस प्रस्ताव के हिसाब से यूपीसीएल के टैरिफ पर 1.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो जाएगी। यानी इसे जोड़कर यूपीसीएल के टैरिफ में 24.5 से 28.5 प्रतिशत बढ़ोतरी हो जाएगी। पिटकुल ने ट्रांसमिशन चार्जेज और अन्य रखरखाव के मद्देनजर पिछले साल के मुकाबले इस साल करीब 48 प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया है। अगर आयोग इस प्रस्ताव को मानता है तो यूपीसीएल के टैरिफ में इससे करीब 1.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो जाएगी। यानी तीनों निगमों का कुल मिलाकर प्रस्ताव 26 से 30 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा। इस प्रस्ताव पर ही नियामक आयोग को इस बार निर्णय लेना होगा।

17 फरवरी को वायु सेना पोखरण में करेगी अपनी शक्ति का प्रदर्शन; राफेल, प्रचंड-अपाचे भी दिखाएंगे ताकत.

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भारतीय वायु सेना 17 फरवरी को पोखरन फायरिंग रेंज में अभ्यास ‘वायु शक्ति 2024’ के दौरान अपनी शक्ति का प्रदर्शन करेगी। वायु सेना इस दौरान अपनी युद्धक और प्रहार क्षमता दुनिया को दिखाएगी। 

वायु सेना प्रमुख एयर मार्शल एपी सिंह ने बताया कि लड़ाकू विमान राफेल भी इस अभ्यास में शिरकत करेगा। इसके अलावा प्रचंड और अपाचे हेलीकॉप्टर भी पहली बार अभ्यास में हिस्सा लेंगे। पोखरन फायरिंग रेंज राजस्थान में भारत पाकिस्तान सीमा के नजदीक है।

उन्होंने बताया कि यह अभ्यास दिन, शाम और रात के वक्त दो घंटे 15 मिनट का होगा। हम उन अभियानों को दिखाने के लिए अभ्यास ‘वायु शक्ति’ आयोजित करने की योजना बना रहे हैं, जिन्हें भारतीय वायु सेना अंजाम दे सकती है। इस अभ्यास में लगभग 100 से ज्यादा विमान-हेलीकॉप्टर हिस्सा लेंगे। पिछली बार यह अभ्यास 2019 में आयोजित किया गया था।

Budget 2024 में इन चार जातियों पर फोकस, यहां पढ़िए किसे मिली क्या सौगात.

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Rules Change: 1 फरवरी से बदलने जा रहे ये सभी बड़े नियम, जानिए आप पर क्या होगा असर.

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हर महीना नए बदलावों को लेकर आता है। ऐसे में कल से शुरू हो रहा फरवरी महीना भी कई नए बदलावों को लेकर आ रहा है। हर महीने की शुरुआत में कई संस्थाएं अपने नियमों में बड़े बदलावों को अंजाम देती हैं, जिनका सीधा असर लोगों के जीवन पर पड़ता है। एक नागरिक होने के नाते आपको 1 फरवरी से बदलने जा रहे इन नियमों के बारे में पता होना जरूरी है। वहीं आपको अपने कई जरूरी कार्य आज ही करा लेना चाहिए। वरना 1 फरवरी से बदलने जा रहे नियमों के बाद आपको दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अगले महीने से एलपीजी गैस सिलेंडर के दाम से लेकर फास्टैग से जुड़े नियम बदलने जा रहे हैं। इसके अलावा IMPS से जुड़े नियमों में भी नए बदलाव लागू हो जाएंगे। इसी कड़ी में आइए जानते हैं इन नियमों के बारे में विस्तार से –

एलपीजी गैस सिलेंडर के दाम

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हर महीने की पहली तारीख को पेट्रोलियम कंपनियों के द्वारा गैस के दामों में बदलाव किए जाते हैं। ऐसे में 1 फरवरी से एलपीजी गैस सिलेंडर के दामों में बदलाव देखने को मिल सकता है।

IMPS से जुड़े नियम –

आम लोगों की सुविधा को देखते हुए आरबीआई IMPS से जुड़े नियमों में बदलाव करने जा रहा है। बदले जा रहे इस नियम के अंतर्गत आप 1 फरवरी से बेनिफिशिरी का नाम जोड़कर 5 लाख रुपये तक की राशि ट्रांसफर कर सकेंगे।

इसको लेकर कुछ समय पहले रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने सर्कुलर जारी किया था। हालांकि, यह नियम अब 1 फरवरी से लागू हो जाएगा। इससे कई लोगों को मनी ट्रांसफर करने में सुविधा होगी।

फास्टैग KYC-

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने फास्टैग की केवाईसी को अपडेट करने की आखिरी तारीख 31 जनवरी, 2024 तय कर रखी है। ऐसे में फास्टैग की केवाईसी करनी की आज आखिरी तारीख है। अगर आज आप इस जरूरी कार्य को नहीं करते हैं। ऐसे में आपका फास्टैग ब्लैकलिस्ट या बैन हो जाएगा।

ISRO: चंद्रयान-3 मिशन की एक और बड़ी सफलता, चांद के दक्षिणी ध्रुव पर पथ-प्रदर्शक की तरह करेगा काम.

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भारत के चंद्रयान-3 मिशन को एक और सफलता मिली है। दरअसल चंद्रयान-3 के लैंडर ने चांद के दक्षिणी ध्रुव पर पथ प्रदर्शक की तरह काम करना शुरू कर दिया है। इसरो ने एक बयान जारी कर बताया कि चंद्रयान-3 मिशन के तहत चांद की जमीन पर उतरे लैंडर के साथ एक लेजर रेट्रोरिफ्लेक्टर एरे (LRA) भी चांद पर भेजा गया था। अब इस उपकरण की मदद से अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी के एलआरओ (Lunar Reconnaissance Orbiter) ने लेजर रेंज का मापन कर लिया है। 

चांद पर जाने वाले मिशनों को मिलेगा बड़ा फायदा- 

एलआरओ, नासा का ऑर्बिटर है, जो चांद की कक्षा में चक्कर लगा रहा है। इस एलआरओ ने ही चंद्रयान-3 के लैंडर पर लगे एलआरए से मिले सिग्नल लेकर लेजर रेंज का मापन किया। इसरो ने बताया कि मापन का काम 12 दिसंबर 2023 को किया गया था। इसरो ने बताया कि एलआरओ ने रात के समय यह मापन किया, जब वह चंद्रयान-3 के लैंडर वाली जगह से पूर्व की तरफ बढ़ रहा था। अब इस मापन की मदद चांद पर भेजे जाने वाले मिशनों को काफी फायदा होगा। 

चंद्रयान-3 के लैंडर पर लगे लेजर रेट्रोरिफ्लेक्टर एरे को नासा ने विकसित किया है, जिसे अंतरराष्ट्रीय सहयोग के तहत चंद्रयान-3 के साथ चांद पर भेजा गया था।