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Uttrakhand: पहाड़ से मैदान तक भारी बारिश का कहर, 9 लोगों की मौत, 5 लापता, हाई अलर्ट पर केदारघाटी…यात्रा रोकी गयी।

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उत्तराखंड में बुधवार को हुई भारी बारिश से कई जगह जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। अलग-अलग हादसों में नौ लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच लोग लापता हैं, उनकी तलाश जारी है। उधर, केदारघाटी में हाईअलर्ट जारी कर दिया गया है। टिहरी में तिलवाड़ा पुल बह गया है। केदारनाथ पैदल मार्ग पर जंगलचट्टी से भीमबली के बीच लिंचोली के पास बादल फटने से मंदाकिनी नदी का जलस्तर खतरे के निशाने से ऊपर पहुंच गया है।

सुरक्षा को देखते हुए जिला प्रशासन ने देर रात गौरीकुंड और सोनप्रयाग में बाजारों के साथ होट और लॉज को खाली करवा दिया। केदरानाथ पैदल मार्ग पर बादल फटने से मची भारी तबाही के बाद यात्रा को रोक दिया गया है। केदारघाटी में हाईअलर्ट जारी किया गया है। केदारनाथ पैदाल मार्गों पर फंसे श्रद्धालुओं का सुबह से रेस्क्यू जारी है। अब हेलिकॉप्टर से भी रेस्क्यू अभियान शुरू कर दिया गया है।
एहतियात के तौर पर 200 लोगों को जीएमवीएन के गेस्ट हाउस और पुलिस चौकी में ठहराया गया है। गौरीकुंड से सोनप्रयाग के बीच चट्टान रास्ते पर गिरने की भी सूचना है। उधर, टिहरी के घनसाली में भिलंगना ब्लॉक के नौताड़ तोक में एक छोटा होटल ढहने से दंपती भानु व नीलम की मौत हो गई। जबकि गैरसैंण के रोहिड़ा में एक मकान पर मलबा गिरने से एक महिला की मौत हो गई। दूसरी ओर चमोली के बेलचोरी में मकान ढहने से दो लोग लापता हो गए हैं।

देहरादून में 1 की मौत, एक लापता –

देहरादून शहर में बुधवार शाम से शुरू हुई तेज बारिश देर रात तक जारी रही। कुछ ही देर में नालापानी में सड़क पर पानी इतना तेज बहने लगा कि दो लोग बहकर लापता हो गए। जिनमें से एक का शव बरामद हो गया। वहीं, रिस्पना समेत शहर के नदी-नाले उफान पर आ गए। नदियों किनारे बसे निचले इलाकों में रात तक बाढ़ जैसे हालात बन गए। कई कॉलोनियों में पानी भर गया।

कुमाऊं : 2 बच्चे बहे, एक की मौत-

कुमाऊं में भी बारिश से जानमाल का खासा नुकसान हुआ है। बागेश्वर जिले में शुभम (14) पुत्र संतोष सरयू में बह गया। हल्द्वानी के इंदिरानगर निवासी रिजवान(8) नाले में बह गया। धारी ब्लॉक के उडियारी पल्लाधार में पहाड़ी से पत्थर गिरने से लालराम (48) की मौत हो गई। इसके अलावा तीन लोगों को बहने से बचाया गया है।

रुड़की में करंट से 2 लोगों की मौत-

रोडवेज बस स्टेशन के पास बिजली के तारों से घिरे एक खंभे के नीचे पेड़ में बारिश के कारण अचानक करंट फैल गया। पेड़ के नीचे बस का इंतजार कर रहे सरोज निवासी कांवली रोड देहरादून और प्रदीप निवासी लंढौरा करंट की चपेट में आ गए। दोनों को अस्पताल पहुंचाया गया जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

लिंचोली में बादल फटने से खासा नुकसान हुआ है। एसडीएम अनिल कुमार के मुताबिक गौरीकुंड से केदारनाथ मंदिर जाने वाला पैदल मार्ग करीब 30 मीटर बह गया है। मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। तप्तकुंड भी बह गया है। देर रात गौरीकुंड और सोनप्रयाग बाजार खाली करा लिए गए। 40 लोगों ने जीएमवीएन के गेस्ट हाउस में शरण ले ली है।

आज नहीं होंगे चारधाम यात्रा के रजिस्ट्रेशन-

मौसम विभाग द्वारा जारी किए गए रेड अलर्ट के चलते एवं आयुक्त गढ़वाल मंडल ने निर्देश दिए हैं कि हरिद्वार और ऋषिकेश में स्थित पंजीकरण केंद्र में रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया स्थगित रहेगी। वहीं, जिलाधिकारी यात्रा को लेकर अपने स्तर से निर्णय लेंगे।

आज भी प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट-

मौसम विभाग ने आज राज्य के सभी जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। जबकि तीन जिलों में रेड अलर्ट घोषित किया गया है। वहीं चार जिलों में ऑरेंज अलर्ट है। भारी बारिश के मद्देनजर खासतौर पर भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

Himachal Disaster: कुल्लू, मंडी और शिमला में बादल फटने से 2 की मौत, 50 लोग लापता, देखिए तबाही की तस्वीरें।

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हिमाचल प्रदेश में कुदरत का कहर सामने आया है। कुल्लू, मंडी और शिमला में तीन जगहों पर बादल फटा है। जिसमें 50 लोग लापता हो गए हैं। दो लोगों की मौत भी हो गई है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच गई है। राहत बचाव कार्य बहुत तेजी से चल रही है।

बादल फटने की घटनाओं के बाद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सचिवालय में एक आपातकालीन बैठक बुलाई है। वहीं, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने हिमाचल को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।

मंडी में दो की मौत 9 लापता

मंडी जिले के द्रंग विधानसभा क्षेत्र के धम्चयाण पंचायत के राजवन गांव में आधी रात को बादल फटने से भारी तबाही हुई है। कई घर पानी में तेज बहाव में बह गए हैं। 11 लोग लापता हो गए हैं। 2 शव भी बरामद हुए हैं।

उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन राहत एवं बचाव दल के साथ मौके पर पहुंच गए हैं। प्रशासन ने रेस्क्यू अभियान के लिए वायुसेना की मदद मांगी है।बुधवार रात करीब 12 बजे राजवन गांव में बादलों की गड़गड़ाहट के बीच जोर का धमाका हुआ। देखते ही देखते चारों ओर पानी ही पानी हो गया।

समेज खड्ड में फटा बादल, 32 लापता

शिमला जिला के रामपुर क्षेत्र के समेज में बादल फटने से तबाही हुई है। जिसमें 6 परिवार लापता हो गए हैं। हादसे में 32 लोग लापता हो गए हैं। लापता लोगों की तलाश शुरू कर दी गई है। समेज में एसेंट हाइड्रो 6 मेगावाट प्रोजेक्ट भी बह गया है।

रामपुर के खनेरी अस्पताल से चिकित्सकों की टीम मौके पर पहुंच गई है। समेज खड्ड में हाइड्रो प्रोजेक्ट के नजदीक बादल फटा है। लापता लोगों की संख्या 32 हो गई है। रेस्क्यू ऑपरेशन बहुत तेजी से चल रहा है।

उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि घटना की सूचना मिलते ही ही एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम, पुलिस, रेस्क्यू दल घटना स्थल के रवाना हो चुके हैं।

कुल्लू के मणिकर्ण वैली में फटा बादल

बागीपुल में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बुद्वि सिंह ठाकुर ने बताया कि बागीपुल में टॉप पर बादल फटने से कुर्पन खड्ड में बाढ़ आ गई। इसमें सिंह गांड में कई दुकानें, होटल बह गए। यहां पर किसी के जानी नुकसान की सूचना नहीं है। जबकि बागीपुल में नौ मकान बह गए हैं। इसमें एक मकान में चार सदस्यों का परिवार भी लापता है। उनके बहने की आशंका है। ऐसे में सुबह से उनकी तलाश की जा रही है।

देर रात को आई पार्वती नदी, ब्यास नदी, का जल स्तर काफी बढ़ गया है। उधर सैंज में भी पिन पार्वती नदी का जल स्तर बढ़ने से नुकसान की आशंका बनी है। हालांकि अभी तक कोई सूचना नहीं मिल पाई है।

उत्तराखंड में पहाड़ों पर बारिश से ऋषिकेश में गंगा नदी फिर उफान पर, पुलिस लोगों को कर रही अलर्ट।

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षिकेश में गंगा फिर उफान पर आती नजर आ रही है। पर्वतीय क्षेत्र में लगातार हो रही वर्षा के कारण गंगा की सहायक नदियों में जलस्तर बढ़ गया। जिसके चलते ऋषिकेश में गंगा का जलस्तर चेतावनी रेखा से .20 मीटर ऊपर आ गया है।

पुलिस की टीम त्रिवेणी घाट समेत आसपास गंगा के तटीय इलाकों में मौजूद लोगों को अलर्ट कर रही है। गुरुवार की सुबह 8:00 बजे ऋषिकेश में गंगा का जलस्तर 339.70 मीटर दर्ज किया गया। जो कि चेतावनी रेखा (339.50) से दशमलव 20 मीटर अधिक है। हालांकि, अभी खतरे की रेखा (340.50) से नीचे है, लेकिन जल स्तर में लगातार आंशिक वृद्धि दर्ज की जा रही है।

हाइवे किनारे पेड़ गिरा

बुधवार देर शाम तेज वर्षा के दौरान खांड गांव रायवाला के निकट हरिद्वार-देहरादून राजमार्ग पर किनारे की तरफ एक पेड़ गिर गया। मोतीचूर के रेंज अधिकारी महेश सेमवाल ने बताया कि पेड़ को हटवा दिया गया है। राजमार्ग पर यातायात सुचारू रूप से चालू है।

Uttarakhand: प्रदेश में कोचिंग सेंटर को लेकर चलेगा अभियान, दिल्ली में हुई घटना के बाद दिशा-निर्देश हुए जारी। 

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प्रदेश के आवास मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने दिल्ली के कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में पानी भरने से तीन बच्चों की मौत के मामले का संज्ञान लेकर उत्तराखंड में कोचिंग सेंटर के लिए निर्देश जारी किए हैं। मंत्री डॉ अग्रवाल ने अपर सचिव आवास अतर सिंह और एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी से दूरभाष पर निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि दिल्ली के एक कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में पानी भरने की घटना के बाद तीन छात्र जिनमें दो लड़कियां और एक लड़का निकलने में असफल रहे, जिसके चलते उनकी मौत हो गई। कहा कि ऐसी घटना उत्तराखंड में ना हो इसके लिए कोचिंग सेंटर पर अभियान चलाएं।

डॉ  प्रेमचंद अग्रवाल ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि प्रदेश के कोचिंग सेंटर में मानक अनुसार कार्य नहीं होने पर तत्काल कार्रवाई करें। उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि बेसमेंट में सुरक्षा उपाय और आपदा के समय निकासी जैसे अन्य आवश्यक कार्य न होने पर कोचिंग सेंटर के खिलाफ कार्रवाई की जाए।  डॉ अग्रवाल ने यह भी कहा कि जिनमें कार्रवाई की जा रही है उन पर शीघ्र कार्रवाई की प्रक्रिया को अमल में लाएं।

Uttarakhand Weather: आज भी प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी, 131 मार्ग हुए बंद

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प्रदेशभर में मंगलवार को भी कई दौर की तेज बारिश होने के आसार हैं। मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार, अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चम्पावत, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर जिले में भारी से भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। जबकि, अन्य जिलों में भी तेज गर्जन के साथ कई दौर की तेज बारिश होने की संभावना है।

बारिश से राज्य में 131 मार्ग हुए प्रभावित-

देहरादून। राज्य में 131 मार्ग बंद हैं। इसमें सबसे अधिक पिथौरागढ़ और चमोली जिला प्रभावित हैं। पिथौरागढ़ जिले में दो बार्डर रोड और 21 ग्रामीण मार्ग बंद हैं। चमोली में 23 ग्रामीण मार्ग प्रभावित हैं। बागेश्वर में एक जिला मार्ग, दो मुख्य जिला मार्ग और 13 ग्रामीण मार्ग, उत्तरकाशी में एक राज्य मार्ग, एक मुख्य जिला मार्ग और सात ग्रामीण मोटर मार्ग और देहरादून में दो राज्य मार्ग, एक अन्य मार्ग और 15 ग्रामीण मार्ग बंद हैं।

रुद्रप्रयाग में आठ, पौड़ी में 11, टिहरी में नौ, नैनीताल में तीन, चंपावत में सात ग्रामीण मोटर मार्ग और अल्मोड़ा और ऊधम सिंह नगर में एक राज्य मार्ग और एक ग्रामीण मोटर मार्ग बंद हैं। वहीं, टिहरी बांध का जलस्तर 791.91 मीटर (अधिकतम 830 मीटर) है।

 

Kerala: वायनाड में भूस्खलन से भारी तबाही, 45 लोगों की मौत, सेना-NDRF की टीमें जुटीं। कई लोग लापता।

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केरल के वायनाड जिले में मेप्पाडी के पास पहाड़ी इलाकों में ऊंचाई पर स्थित गांवों में मंगलवार को बड़े पैमाने पर हुई भूस्खलन की घटनाओं के बाद तबाह हुए मकान, उफनती नदियां और उखड़े हुए पेड़ों के दृश्य दिखाई दिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, गृह मंत्री अमित शाह ने भूस्खलन में फंसे लोगों को लेकर चिंता जाहिर की है। इस प्राकृतिक आपदा के कारण अबतक 45 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 70 घायल हुए हैं। वहीं सैकड़ों लोगों के फंसे होने की आशंका है। स्थानीय आपदा मोचन बल के जवान राहत और बचाव कार्य चला रहे हैं। बारिश के कारण कठिन चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए रोडमैप तैयार किया जाए: राहुल गांधी

केरल के वायनाड में जबरदस्त बारिश की वजह से आई भूस्खलन की वजह से 45 लोगों की मौत हो चुकी है। भूस्खलन को लेकर  लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा,”आज सुबह-सुबह वायनाड में कई विनाशकारी भूस्खलन हुए। मुंडक्कई गांव का संपर्क टूट गया है और त्रासदी के पैमाने के कारण लोगों की जान और व्यापक क्षति का आकलन अभी किया जाना बाकी है।”

राहुल गांधी ने आगे कहा,”मैंने रक्षा मंत्री और केरल के मुख्यमंत्री से बात की है। मैं केंद्र सरकार से अनुरोध करता हूं कि बचाव और चिकित्सा देखभाल के लिए हर संभव सहायता प्रदान की जाए, मृतकों को तत्काल मुआवजा दिया जाए। वहीं,अगर मुआवजा बढ़ाया जा सकता है  तो बढ़ाया जाए। महत्वपूर्ण परिवहन और संचार लाइनों को बहाल किया जाए, जल्द से जल्द राहत की व्यवस्था की जाए और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए रोडमैप तैयार किया जाए।”

भूस्खलन पर एनडीआरएफ के डीआईजी ने यह कहा-

केरल के वायनाड में हुए भूस्खलन पर एनडीआरएफ के डीआईजी भारत भूषण वैद ने कहा, ‘हमारी टीम प्री-मानसून तैनाती के लिए वहां तैनात थी। हमारी दो टीमें रास्ते में हैं और उनके आज दोपहर तक वहां पहुंचने की संभावना है। बारिश अभी भी जारी है।’

250 लोगों को बचाया गया-

वायनाड में हुए भूस्खलन पर केरल के मंत्री एम.बी. राजेश ने कहा, ‘अब तक 45 लोगों की मृत्यु हो चुकी है…विभिन्न एजेंसियों द्वारा युद्धस्तर पर बचाव अभियान चलाया जा रहा है। हमने सेना से मदद मांगी है जो जल्द ही प्रभावित इलाकों में पहुंच जाएगी। मुख्यमंत्री इस अभियान पर बारीकी से नज़र रख रहे हैं। उन्होंने मंत्रियों की एक टीम वायनाड भेजी है… 250 लोगों को बचाया गया है और उन्हें अस्थायी आश्रय शिविरों में भेजा गया है। हम फंसे हुए लोगों को हवाई मार्ग से निकाल रहे हैं। बचाव अभियान के लिए सरकार द्वारा हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।’

Uttarakhand: देहरादून एयरपोर्ट बनने जा रहा है इंटरनेशनल एयरपोर्ट, सिंगापुर-दुबई समेत 5 देशों के लिए उड़ान भरने की तैयारी।

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उत्तराखंड से आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय हवाई उड़ान शुरू होगी। इसको लेकर उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) से तैयारी शुरू कर दी है. सिंगापुर, दुबई, कोलंबो, कुआलालंपुर और बैंकॉक के लिए सीधी हवाई सेवा संचालित होने से पर्यटन के साथ औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा।

देहरादून एयरपोर्ट के विस्तारीकरण की चल रही कवायद-

यूकाडा के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी दयानंद सरस्वती ने बताया कि बड़े विमान के लिए रनवे की कमी को पूरा करने के लिए जो अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता है उसके लिए देहरादून एयरपोर्ट के विस्तारीकरण की कवायद तो चल रही है।

यूकाडा की एविएशन कंपनियों के साथ होनी है बैठक-

उन्होंने बताया कि वैश्विक निवेशक सम्मेलन के रोड शो के दौरान दुबई और सिंगापुर के निवेशों ने उत्तराखंड से एयर कनेक्टिविटी पर जोर दिया था। इसका संज्ञान लेते हुए प्रदेश सरकार ने सिंगापुर दुबई कोलबो, बैकाक और कुलालालंपुर के लिए हवाई सेवा शुरू करने की कवायद शुरू की है। इसके लिए यूकाडा की पांच अगस्त को एविएशन कंपनियों के साथ बैठक होनी है।

इसमें अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट के साथ देश के अन्य शहर भोपाल, पटना, चेन्नई आदि शहरों के लिए घरेलू फ्लाइट शुरू करने पर मंथन शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि देहरादून एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय उड़ान शुरू होने पर उद्योगपतियों, विदेश में नौकरी करने वाले और घूमने जाने वालों को भी सुविधा होगी। इससे उत्तराखंड का पर्यटन और तीर्थटन बढ़ेगा।

Uttarkashi: गंगोत्री-यमुनोत्री धाम में बनेगी देश की पहली टनल पार्किंग।

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देश की पहली टनल पार्किंग उत्तरकाशी के गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में बनने जा रही है। प्रदेश सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) को दोनों पार्किंग की डीपीआर तैयार करने का जिम्मा सौंपा है।

एनएचआईडीसीएल ने गंगोत्री में पार्किंग के लिए भूमि का चयन भी कर लिया है। वहीं, यमुनोत्री धाम के लिए दो स्थानों पर सर्वे चल रहा है। चारधाम यात्रा सहित सामरिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण उत्तरकाशी जिले के गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में दो टनल पार्किंग बनाने का प्रस्ताव जिला प्रशासन ने शासन को भेजा था।

 

बर्फबारी के दौरान सेना भी टनल पार्किंग का कर सकेगी प्रयोग
शासन ने इसे आगे बढ़ाते हुए दोनों टनल पार्किंग के निर्माण की डीपीआर तैयार करने और एनओसी संबंधित प्रक्रिया के लिए एनएचआईडीसीएल को 77 लाख रुपये की धनराशि भी अवमुक्त की है।एनएचआईडीसीएल ने गंगोत्री में टनल पार्किंग के लिए धाम से करीब चार किमी पहले भूमि का चयन किया है।

वहीं, यमुनोत्री धाम में दो स्थानों पर जगह के लिए सर्वे किया जा रहा है। गंगोत्री धाम में प्रस्तावित पार्किंग इसलिए भी महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि चारधाम यात्रा में तो यह उपयोगी साबित होगी ही, साथ ही भारत-चीन अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बर्फबारी के दौरान सेना भी इस टनल पार्किंग का प्रयोग कर सकेगी।

दोनों धामों में 400-400 वाहनों की पार्किंग प्रस्तावित

जिला विकास प्राधिकरण के अधिशासी अभियंता विनीत रस्तोगी ने बताया, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में 400-400 वाहनों की पार्किंग प्रस्तावित है। इसमें वाहन एक ओर से अंदर जाएंगे और दूसरी ओर से बाहर आएंगे। इन दोनों टनल पार्किंग के निर्माण से चारधाम यात्रा मार्ग पर ट्रैफिक का दबाव कम हो जाएगा। पार्किंग बनने से करीब आठ हजार यात्री लाभान्वित होंगे।

गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में बनने वालीं ये पार्किंग देश की पहली टनल पार्किंग होंगी। साथ ही गंगोत्री और यमुनोत्री के मास्टर प्लान के तहत दोनों पार्किंग का निर्माण किया जाएगा। प्रदेश सरकार ने इस कार्य को अपनी प्राथमिकता में रखा है। -डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट, डीएम उत्तरकाशी

उत्तराखंड में भारी बारिश, गंगोत्री हाईवे बंद, बरसाती नाले उफान पर, घरों में घुसा पानी, मौसम विभाग का अलर्ट।

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भारी बारिश और भूस्खलन के कारण गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग बिशनपुर, नेताला और सैंज के पास अवरुद्ध हो गया है और यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग डबरकोट में अवरुद्ध है। सड़क साफ करने का काम जारी है। उत्तराखंड पुलिस ने लोगों ने धैर्य रखने और जल्दबाजी न करने की अपील की है। कहा कि कोई जोखिम न लें और सुरक्षित रहें।

भारी बारिश के चलते प्रदेश में कई जगह पर जलभराव से बुरी स्थिति हो गई है। जौलीग्रांट भानियावाला- ऋषिकेश मुख्य मार्ग पर स्थित भानियावाला मुख्य बाजार में थानो वन रेंज के बरसाती नाले का पानी घुसने से बाढ़ जैसे हालात हो गए। जिस कारण मुख्य मार्ग पर वाहनों को आवाजाही करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

नगर पालिका डोईवाला की टीम मौके पर पहुंची और पानी निकासी की व्यवस्था करने की कोशिश की। उधर देहरादून एयरपोर्ट के बरसाती नाले के उफान से चोरपुलिया के पास अठुरवाला में कई घरों में पानी घुस गया। स्थानीय निवासी पुष्कर सिंह ने कहा कि सुबह तड़के से ही क्षेत्र में जोरदार बारिश हो रही है। जिस कारण एयरपोर्ट के नाले में बाढ़ आने के कारण एयरपोर्ट द्वारा पिछला गेट खोल दिया गया। इससे बरसात का पानी चोरपुलिया की तरफ अठुरवाला के कई घरों में घुस गया। वहीं गढ़वाली मोहल्ले जौलीग्रांट में भी ऐसा ही हाल है।

देहरादून मोहिनी रोड पर नदी का पानी पुल के ऊपर से आ गया। दूसरी तरफ नारायणबगड़ में बारिश के कारण थराली के सुनला में ग्वालदम हाईवे तीन घंटे बंद रहा। यहां मलबा गिरने का सिलसिला अभी भी जारी है।

मौसम विज्ञान केंद्र की ओर चमोली और बागेश्वर जिले के कुछ इलाकों में भारी से भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। जबकि प्रदेश के अन्य जिलों में भी कई दौर की तेज बारिश होने के आसार हैं।

मौसम वैज्ञानिकों ने हिदायत देते हुए कहा कि बारिश के दौरान दिन के साथ रात के समय भी सतर्क रहें। खासकर संवेदनशील इलाकों में जहां भूस्खलन और चट्टान गिरने का अधिक खतरा है।

Budget: जानिये क्या है NPS-Vatsalya? बच्चों के लिए अब माता-पिता ऐसे कर सकेंगे बचत, वयस्क होने पर मिलेगा फायदा।

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद के मानसून सत्र के दौरान बजट पेश किया। खास बात यह है कि वित्त मंत्री ने सातवीं बार बजट पेश किया है। इस बजट में कई बातों का जिक्र किया गया। इस बीच ‘एनपीएस-वात्सल्य’ योजना की भी घोषणा की गई। वित्त मंत्री ने कहा, ‘एनपीएस-वात्सल्य के रूप में नाबालिग बच्चों के लिए माता-पिता और अभिभावकों द्वारा योगदान की एक योजना शुरू की जाएगी। नाबालिग के वयस्क होने पर योजना को निर्बाध रूप से सामान्य एनपीएस खाते में परिवर्तित किया जा सकता है।’

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने की घोषणा-
राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस), केंद्र सरकार द्वारा चलाई जाने वाली एक मददगार पेंशन योजना है। एनपीएस की मदद से सेवानिवृत्त होने के बाद भी एक निश्चित आमदनी आपके खाते में आती है। इस योजना के तहत आपको लंबी अवधि तक निवेश करना होता है। अब आप इस योजना के तहत अपने नाबालिग बच्चों के नाम पर भी निवेश कर सकेंगे। केंद्र सरकार ने इस अतिरिक्त योजना को ‘एनपीएस-वात्सल्य’ नाम दिया है। केंद्रीय वि्त मंत्री ने बजट पेश करने के दौरान इस योजना की घोषणा की। 
एनपीएस-वात्सल्य योजना –
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि एनपीएस-वात्सल्य योजना के तहत माता-पिता अपने नाबालिग बच्चे के नाम पर निवेश कर सकेंगे। इसके बाद जब बच्चा वयस्क हो जाए, तो माता-पिता इस योजना को एनपीएस में परिवर्तित कर सकते हैं। बच्चों के उज्जवल भविष्य को तैयार करने में एनपीएस-वात्सल्य योजना काफी मददगार साबित होगी।
इस दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि एनपीएस के संबंध में सरकारी कर्मचारियों की चिंताओं के समाधान के लिए जल्द ही नई घोषणा की जाएगी।