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Uttarakhand: चारधाम यात्रियों की सुविधाओं में होगा इजाफा.. CM धामी के नेतृत्व में चारधाम यात्रा 2025 की तैयारियां शुरु.

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उत्तराखंड के चारधाम—बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री में हर साल लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं. तीर्थयात्रा के दौरान उमड़ने वाली भीड़ और धामों की सीमित धारण क्षमता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इनकी क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं. शुक्रवार को अपने आवास पर हुई उच्च स्तरीय बैठक में उन्होंने चारधाम यात्रा के प्रबंधन और अवस्थापना सुविधाओं के विकास पर विस्तार से चर्चा की.

मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा राज्य के सम्मान और धार्मिक महत्व से जुड़ी है. इसे सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए अभी से तैयारियां शुरू करनी होंगी. उन्होंने यात्रा प्राधिकरण के गठन की प्रक्रिया को 30 जनवरी तक पूरा करने और तीर्थ पुरोहितों व अन्य हितधारकों से 15 जनवरी तक सुझाव लेने के निर्देश दिए. चारधाम की मौजूदा धारण क्षमता को ध्यान में रखते हुए इसे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है. केदारनाथ की मौजूदा क्षमता 17,894, बदरीनाथ की 15,088, गंगोत्री की 9,016 और यमुनोत्री की 7,871 श्रद्धालुओं की है.

 

‘धारण क्षमता को बढ़ाने के लिए बनानी होगी ठोस योजना’ –

मुख्यमंत्री ने कहा कि तीर्थ यात्रियों की संख्या हर साल बढ़ रही है, इसलिए अवस्थापना सुविधाओं में सुधार और धारण क्षमता को बढ़ाने के लिए ठोस योजना बनानी होगी. मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा को सुव्यवस्थित करने के लिए डिजिटल तकनीकी के बेहतर उपयोग पर जोर दिया. उन्होंने यात्रा पंजीकरण प्रक्रिया को और मजबूत बनाने की बात कही. इसके अलावा, यात्रा मार्गों पर पार्किंग, होटल, पेयजल, स्वच्छता और अन्य सुविधाओं का भी ध्यान रखने के निर्देश दिए.

 

 

मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड धर्मस्व एवं तीर्थाटन परिषद के तहत यात्रा प्राधिकरण के गठन की प्रक्रिया को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए. यह प्राधिकरण सालभर धार्मिक यात्राओं और मेलों के प्रबंधन और संचालन में सहायक होगा. इसके गठन से यात्रा प्रबंधन में पारदर्शिता और कुशलता आएगी. चारधाम यात्रा के संचालन और सुधार के लिए तीर्थ पुरोहितों, स्थानीय समुदायों और अन्य हितधारकों से सुझाव लेने की बात कही गई. मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि यात्रियों की सुविधा के साथ ही स्थानीय हितधारकों के विचारों को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए.

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2025 चारधाम यात्रा की तैयारियां शुरू करने के निर्देश-

मुख्यमंत्री ने 2025 की चारधाम यात्रा के लिए अभी से तैयारियां शुरू करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान हर पहलू पर ध्यान दिया जाए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो. मुख्यमंत्री ने यात्रा मार्गों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई. उन्होंने पार्किंग स्थलों, होटलों, स्वच्छता और पेयजल की सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया. इसके अलावा, यात्रा मार्गों की स्थिति और यातायात प्रबंधन पर भी फोकस करने की बात कही. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चारधाम की धारण क्षमता बढ़ाने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने को कहा है. इससे तीर्थयात्रियों को अधिक सुविधाएं मिलेंगी और यात्रा का अनुभव बेहतर होगा.

 

 

चारधाम यात्रा उत्तराखंड की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है. श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए धामों की धारण क्षमता बढ़ाना और अवस्थापना सुविधाओं का विकास राज्य के लिए महत्वपूर्ण है. मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार, चारधाम यात्रा को सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं. इससे न केवल श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिलेगा, बल्कि राज्य की पर्यटन अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा.

Uttarakhand: प्रदेश की महिलाओं के लिए खुशखबरी.. 6,559 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के पदों पर होगी भर्ती.

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Dehradun: प्रदेश में 374 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ओ 6185 सहायिकाओं समेत कुल रिक्त 6559 पदों पर महिलाओं को शीघ्र रोजगार मिलेगा। महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने गुरुवार को इन पदों पर नियुक्ति करने के निर्देश जारी किए।

 

विभाग अगले दो दिन में इसकी विज्ञप्ति जारी कर सकता है। राष्ट्रीय खेल सचिवालय में विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ बैठक के बाद मंत्री रेखा आर्य ने यह जानकारी दी। बताया, प्रदेश में लगभग सभी जिलों में आंगनबाड़ी केंद्रों का उच्चीकरण किया गया था, जिसके बाद वहां तैनात सहायिकाएं आंगनबाड़ी बन गईं।

इससे सहायिकाओं के काफी पद खाली हो गए थे। हाल ही में आंगनबाड़ी भर्ती नियमावली में संशोधन के बाद इसका शासनादेश हुआ था, जिससे इन पदों पर भर्ती का रास्ता साफ हुआ। मंत्री ने बताया, विभाग को अगले एक-दो दिन के भीतर विज्ञप्ति जारी करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

इन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन मंगाए जाएंगे। आवेदन करने के लिए महिला अभ्यर्थियों को करीब 30 दिन का समय दिया जाएगा। विभाग के अधिकारियों को यह भर्ती प्रक्रिया तेजी से पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

5 दिन के भीतर मांगे प्रस्ताव-

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने नंदा गौरा योजना व अन्य योजनाओं की भी समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने आंगनबाड़ी केद्रों के नए मानकों के मुताबिक वहां पेयजल, बिजली और शौचालय की अनिवार्य उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मंत्री ने सभी 13 जिलों के जिला कार्यक्रम अफसरों को पांच दिन के भीतर सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में इन सुविधाओं को मुहैया कराने संबंधित प्रस्ताव निदेशालय को भेजने के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा, नंदा गौरा योजना में 31 दिसंबर तक ज्यादा से ज्यादा आवेदन मंगाए जाएं।

 

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आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण में बहानेबाजी सहन नहीं-

बैठक में प्रदेश में प्रस्तावित 3940 आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण की समीक्षा की गई । विभागीय मंत्री ने चेतावनी दी कि आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण को लेकर कोई बहानेबाजी सहन नहीं की जाएगी। यदि किसी जगह पर भूमि उपलब्ध नहीं हो रही है तो आंगनबाड़ी केंद्र के लिए ऐसा स्थान चिह्नित करें, जहां भूमि उपलब्ध हो। बैठक में सचिव चंद्रेश यादव, निदेशक प्रशांत आर्या, उप निदेशक विक्रम सिंह, मोहित चौधरी, आरती बलोदी, उदय प्रताप सिंह उपस्थित रहे।

Dehradun IMA POP: पासिंग आउट परेड… देश को मिले 456 युवा अफसर, 35 विदेशी कैडेट भी हुए पास आउट.

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आईएमए से पास आउट होकर देश को आज (शनिवार) को 456 युवा अफसर मिल गए हैं। इसके साथ ही 35 मित्र राष्ट्रों के अफसर भी पास आउट हुए। ऐतिहासिक चेटवुड बिल्डिंग के ड्रिल स्क्वायर पर हुई परेड की सलामी नेपाल के सेना प्रमुख अशोक राज सिगडेल ली।

इसके साथ ही शनिवार को भारतीय सैन्य अकादमी के नाम देश-विदेश की सेना को 66 हजार 119 युवा सैन्य अधिकारी देने का गौरव जुड़ गया। इनमें मित्र देशों को मिले 2988 सैन्य अधिकारी भी शामिल हैं। पीओपी के मद्देनजर अकादमी के आसपास सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद की गई थी। चप्पे-चप्पे पर सेना के सशस्त्र जवान तैनात रहे।

सुरक्षा का जिम्मा दून पुलिस के पास-
अकादमी परिसर के बाहरी क्षेत्र में सुरक्षा का जिम्मा दून पुलिस के पास है। परेड के दौरान शनिवार सुबह सात बजे से दोपहर साढ़े 12 बजे तक पंडितवाड़ी से लेकर प्रेमनगर तक जीरो जोन रहेगा।मुख्य परेड के बाद जनरल सिग्देल परेड के कलर पार्टी और केन ऑर्डलीज को पुरस्कार प्रदान किए गए। इसके साथ ही, उन्होंने रिव्यूइंग ऑफिसर प्लेट और तलवार भी प्रदान किए। इसके बाद, नेपाली सेना के दो जेंटलमैन कैडेट्स समेत नए कमीशंड अधिकारियों के साथ बातचीत करेंगे।

Badrinath: धाम में हुई सीजन की पहली बर्फबारी, चोटियों ने ओढ़ी बर्फ की सफेद चादर.

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बदरीनाथ धाम में शनिवार देर शाम को सीजन की पहली हल्की बर्फबारी हुई, जबकि चोटियों पर भी बर्फ गिरी। हालांकि, शनिवार सुबह मौसम साफ होने पर बर्फ पिघल गई, लेकिन धाम में कड़ाके की ठंड पड़ रही है।

शनिवार को जिले में मौसम बदलता रहा। देर शाम को बदरीनाथ धाम में बर्फबारी शुरू हो गई। हालांकि, बर्फबारी ज्यादा देर नहीं हुई, लेकिन थोड़ी देर की बर्फबारी से धाम की चोटियां सफेद हो गईं। रविवार सुबह जैसे ही मौसम खुला तो बर्फ पिघलने लगी।

बदरीनाथ धाम के कपाट बंद हो चुके हैं। यहां आईटीबीपी, सेना और पुलिस के जवान ही तैनात रहते हैं। साथ ही मास्टर प्लान के काम में लगे मजदूर और मंदिर की देखरेख के लिए बीकेटीसी के कर्मचारी तैनात हैं।

Uttarakhand: अब मोबाइल एप से दे सकेंगे जंगलों में आग लगने की सूचना, 5 हजार स्वयं सेवकों को जोड़ा जाएगा।

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आगामी फायर सीजन में वनों में आग की घटनाओं पर रोकथाम को लेकर जंगलात अभी से जुटा है। वन मुख्यालय में वनाग्नि नियंत्रण को लेकर हुई बैठक में अधिकारियों ने मोबाइल एप और डैश बोर्ड का इस्तेमाल के संबंध में एक प्रस्तुतिकरण दिया।

प्रमुख वन संरक्षक धनंजय मोहन ने कहा कि जंगल की आग की रियल टाइम सूचना के लिए आधुनिक माध्यमों का प्रयोग किया जाएगा। इस मोबाइल एप के माध्यम से पांच हजार वन कर्मियों और पांच हजार स्वयं सेवकों को जोड़ा जाएगा। इस एप के माध्यम से कोई भी व्यक्ति सूचना भेज सकता है। इससे वनाग्नि नियंत्रण के काम में मदद मिलेगी।
अपर प्रमुख वन संरक्षक निशांत वर्मा ने बताया कि इसके माध्यम से कितनी आग की घटनाएं हैं, उसे बुझाने का रिस्पांस टाइम कितना रहा है समेत अन्य जानकारी मिल जाएगी। इस व्यवस्था को पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। बैठक में सीसीएफ गढ़वाल नरेश कुमार, डीएफओ वैभव कुमार सिंह आदि मौजूद थे।

Uttarakhand: महिला अपराध का नया अड्डा बना उत्तराखंड ! एक हप्ते में निर्भया और कोलकाता डाक्टर जैसा केस।

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कोलकाता में महिला डॉ से हुई दरिन्दगी के खिलाफ पुरे देश में आक्रोश है खूब प्रदर्शन हो रहे हैं, मोमबत्तियां जलाई जा रही है अपराधियों को फांसी की सजा की मांग हो रही है,
राजनैतिक दल अपने अपने हिसाब से खूब राजनीती कर रहे हैं लेकिन यही सब देवभूमि उत्तराखंड में क्यों नहीं हो रहा है, जहां हर दिन एक ऐसा ही केस सामने आ रहा है. जहां निर्भया जैसा केस पुलिस चौकी के बगल में हो जाता है और कोई आवाज नहीं उठती। एक नर्स की दुष्कर्म करने के बाद हत्या कर दी जाती है और कोई केंडिल मार्च नहीं होता। कोलकाता डाक्टर केस में हर अपडेट को दिन भर दिखाने वाला राष्ट्रिय मीडिया उत्तराखंड की खबर पर मौन हो जाता है, क्यों यहां की घटना राष्ट्रिय मीडिया के लिए एक मुद्दा नहीं बनती।

उत्तराखंड में भी एक और मामला-

निर्भया केस ने जहां भारत की पूरी जनता को झकझोर कर रख दिया था,,,अब एक बार ऐसा ही केस उत्तराखंड में देखने को मिला लेकिन इसकी कोई आवाज हमें सुनाई नहीं देगी, हालाँकि इसके अपराधियों को पुलिस पकड़ चुकी है लेकिन फिर भी क्या इसको लेकर चिंता नहीं की जानी चाहिए। देवभूमि जो महिलाओं की सुरक्षा के मामले में सबसे सुरक्षित मानी जाती थी अचानक उसकी फिजा क्यों बदलने लगी है, जब एक लड़की बस स्टेशन जैसी जगह पर सेफ नहीं है तो फिर कहां सुरक्षित होगी।

उत्तराखंड की अस्थाई राजधानी देहरादून के बस अड्डे पर जो कुछ हुआ वो महिला सुरक्षा के दावों का मजाक उड़ाता है. देहरादून की सबसे व्यस्त रहने वाले आईएसबीटी में किशोरी को तनिक भी आभास नहीं था कि जिस ड्राइवर अंकल से उसने मदद ली वह ही हैवान बन जाएगा। दिल्ली से देहरादून का सफर तय कर वह आईएसबीटी पहुंची तो आधी रात को पांच हैवानों ने बस में ही दुष्कर्म किया। किशोरी चिल्लाई लेकिन अंधेरी रात में उसकी चीख कोई सुन न सका,,,इसमें बस ड्राइवर और कंडक्टर सहित बस अड्डे पर टिकट काउंटर वाला तक शामिल रहा.

15 अगस्त को एक और मामला हुआ था दर्ज-

कोलकत्ता में जिस तरह महिला डाक्टर के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गयी उसी तरह का केस उत्तराखंड के उधमसिंह नगर में 15 अगस्त के दिन ही एक ऐसे ही मामले का खुलासा उधमसिंह नगर पुलिस ने किया है. यहां पर कार्यरत एक नर्स के साथ उत्तर प्रदेश के बिलासपुर में एक निर्मम कृत्य किया गया. पहले तो नर्स को बलात्कार किया गया, उसके बाद उसकी हत्या कर दी गई.

एक हप्ते में उत्तराखंड में दो इतनी बड़ी घटनाएं हो गयी और इस पर कोई नेता बोला नहीं न ही उतनी आवाज विरोध स्वरूप उठी जो उठनी चाहिए थी, न राष्ट्रिय मिडिया ने इनको तवज्जो देना उचित समझा।

ऐसा नहीं है कि ये पहली बार हुआ है,,,उत्तराखंड के अस्पतालों में कई बार इस तरह की घटनाएं सामने आयी है एम्स ऋषिकेश में ड्यूटी कर रही महिला डॉक्टर के साथ यह छेड़छाड़ उस वक्त हुई थी, जब वह पुरुष नर्सिंग ऑफिसर के साथ मिलकर एक ऑपरेशन कर रही थी. आरोप था कि इसी दौरान पुरुष नर्सिंग ऑफिसर ने महिला डॉक्टर के साथ छेड़छाड़ और अभद्रता की. इसके बाद मामला एक तरफा लग रहा था. लेकिन मामले ने तूल तब पकड़ा जब महिला डॉक्टर ने कुछ व्हाट्सएप के चैट दिखाए और यह बताया कि कैसे पुरुष नर्सिंग ऑफिसर उसको लगातार अश्लील मैसेज भेज रहा है.

इस घटना ने यह बता दिया था कि एम्स जैसे नामचीन और बड़े अस्पताल में भी इस तरह की घटना हो सकती है. अस्पताल कितने सुरक्षित हैं इसका पता एक और घटना से हमें लगता है. इसी साल 4 जुलाई के दिन उधमसिंह नगर के सितारगंज क्षेत्र में एक निजी अस्पताल में एक युवती अपने इलाज के लिए जाती है. तभी एक विवाद खड़ा हो जाता है. युवती ने अस्पताल के अटेंडेंट पर आरोप लगाया था कि उसके साथ अस्पताल के अंदर छेड़छाड़ की गई है.

15 जून को हरिद्वार में भी हुआ था मामला दर्ज-

एक और घटना हरिद्वार में इसी साल 15 जून 2024 को घटित हुई थी. साल 2023 से तैनात एक इंटर्न जब शाम 7:30 पर वहां पहुंची, तो अस्पताल का ही डॉक्टर ड्यूटी के बहाने उसे एक कमरे में लेकर चला गया. फिर दरवाजा बंद कर लिया. इसके बाद डॉक्टर, इंटर्न के साथ बदतमीजी और अश्लील हरकतें करने लगा. जब इंटर्न ने इसका विरोध किया तो उसे डराया और धमकाया गया. किसी तरह से इंटर्न उस कमरे से बाहर निकली और अपनी पूरी आपबीती स्टाफ और अपने परिवार के सदस्यों को बताई. इस घटना के बाद अस्पताल में हड़कंप मच गया था.

हरिद्वार के बाद हल्द्वानी में भी इसी साल 23 जुलाई 2024 के दिन प्रतिष्ठित न्यूरोसर्जन पर एक महिला ने छेड़छाड़ का आरोप लगाया था. महिला का आरोप था कि हल्द्वानी में एक बड़ा अस्पताल चला रहे डॉक्टर और अस्पताल के मालिक ने उसके साथ पहले अभद्रता की और उसे जान से मारने की धमकी दी. यह घटना तब हुई, जब महिला अपने इलाज के लिए गई थी.

अगर बात पूरे उत्तराखंड में महिला अपराध की करें, तो हर साल उत्तराखंड में महिला अपराध की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. नेशनल क्राइम ब्यूरो की साल 2023 की रिपोर्ट बताती है कि उत्तराखंड महिला अपराध के मामले में छठे नंबर पर है.देहरादून जिला इस मामले में नंबर 1 पर हैं जहां इस साल सबसे ज्यादा महिला अपराध के मामले सामने आये हैं,,,,उत्तराखंड  में महिला अपराध के मामले  एक वर्ष में 26 प्रतिशत बढ़े हैं,,,जिसमें  905 महिलाओं से दुष्कर्म व 778 का अपहरण हुआ है. सवाल ये है कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा सिर्फ नारा बनकर रह गया है, न तो बेटियां बच पा रही है और पढ़ गयी तो भी उनकी सुरक्षा नहीं हो पा रही है. महिलाओं की आवाज उठाने वाले राजैनतिक दल भी अपनी सहूलियत और राज्य देखकर ही आवाज उठाते हैं. ये आंकड़े बताते हैं उत्तराखंड में महिलाएं कितनी सुरक्षित रह गयी हैं लेकिन इन आंकड़ों की कोई परवाह नहीं करता न सरकार और न जनता।

 

Assembly Election: J&K में 18 सितंबर से 3 चरण में मतदान, हरियाणा में 1 अक्टूबर को वोटिंग, 4 अक्टूबर को नतीजे होंगे घोषित।

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निर्वाचन आयोग ने आज (शुक्रवार को) तीन बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने जम्मू-कश्मीर और हरियाणा में विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान किया। बता दें कि चुनाव आयोग ने हाल ही में दोनों राज्यों का दौरा भी किया था। जम्मू-कश्मीर में 10 साल बाद विधानसभा चुनाव होने वाला है। जहां जम्मू कश्मीर में तीन चरणों में तो वहीं हरियाणा में एक चरण में मतदान होगा। दोनों राज्यों में नतीजे चार अक्तूबर को जारी होंगे।

हरियाणा में भी चुनाव- 
हरियाणा में मौजूदा सरकार का कार्यकाल नवंबर में खत्म हो रहा है। यहां आखिरी बार 2019 में चुनाव हुए थे। तब भाजपा-जजपा ने साथ आकर सरकार बनाई थी। हालांकि, इसी साल मार्च में दोनों पार्टियों का गठबंधन टूट गया था। दूसरी तरफ भाजपा ने मनोहर लाल खट्टर को हटाकर नायब सिंह सैनी को हरियाणा का मुख्यमंत्री नियुक्त किया था। हरियाण में 27 अगस्त को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित हो जाएगी। राज्य में एक चरण में एक अक्तूबर को मतदान होगा और चार अक्तूबर को नतीजे जारी होंगे।
जम्मू-कश्मीर में चुनाव तारीखों का हुआ ऐलान –
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में 2018 में सरकार भंग होने के बाद से ही चुनाव नहीं हुए हैं। जम्मू-कश्मीर में आखिरी बार 2014 में चुनाव हुए थे। तब भाजपा-पीडीपी ने गठबंधन बनाया था। हालांकि, बाद में भाजपा ने इस गठबंधन से दूरी बना ली। 2018 में भाजपा और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की गठबंधन वाली सरकार गिर गई थी। जम्मू-कश्मीर में मतदाता सूची 20 अगस्त को जारी होगी। जम्मू कश्मीर में तीन चरणों चुनाव होगा। 18 सितंबर को पहले चरण का मतदान, 25 सितंबर को दूसरे चरण का मतदान और एक अक्तूबर को तीसरे चरण का मतदान होगा। नतीजे चार अक्तूबर को जारी होंगे।

Assembly Election: आज 3 बजे होगी निर्वाचन आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस, विधानसभा चुनाव की तारीखों का हो सकता है एलान।

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निर्वाचन आयोग आज (शुक्रवार को) तीन बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कुछ राज्यों में विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान करेगा। चुनाव आयोग ने हाल ही में जम्मू-कश्मीर और हरियाणा का दौरा भी किया था।

हरियाणा में भी चुनाव तारीखों की घोषणा संभव
हरियाणा में मौजूदा सरकार का कार्यकाल नवंबर में खत्म हो रहा है। यहां आखिरी बार 2019 में चुनाव हुए थे। तब भाजपा-जजपा ने साथ आकर सरकार बनाई थी। हालांकि, इसी साल मार्च में दोनों पार्टियों का गठबंधन टूट गया था। दूसरी तरफ भाजपा ने मनोहर लाल खट्टर को हटाकर नायब सिंह सैनी को हरियाणा का मुख्यमंत्री नियुक्त किया था।

महाराष्ट्र में नवंबर में खत्म हो रहा सरकार का कार्यकाल
इसके अलावा महाराष्ट्र में इसी साल नवंबर में सरकार का कार्यकाल खत्म हो रहा है। राजनीतिक रूप से सबसे पेचीदा गठबंधन वाले इस राज्य में फिलहाल एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार है। यहां भाजपा गठबंधन की सबसे बड़ी पार्टी है। 288 सीटों वाली महाराष्ट्र में भी चुनाव का एलान आज ही किया जा सकता है।
जम्मू-कश्मीर में चुनाव का हो सकता है एलान
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में 2018 में सरकार भंग होने के बाद से ही चुनाव नहीं हुए हैं। जम्मू-कश्मीर में आखिरी बार 2014 में चुनाव हुए थे। तब भाजपा-पीडीपी ने गठबंधन बनाया था। हालांकि, बाद में भाजपा ने इस गठबंधन से दूरी बना ली। 2018 में भाजपा और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की गठबंधन वाली सरकार गिर गई थी।
झारखंड में भी हो सकता है चुनाव का एलान
झारखंड में मौजूदा हेमंत सोरेन सरकार का कार्यकाल जनवरी 2025 में खत्म हो रहा है। ऐसे में चुनाव आयोग इस राज्य में भी विधानसभा चुनाव का एलान कर सकता है। मौजूदा समय में 81 विधायकों वाली झारखंड विधानसभा में झामुमो-कांग्रेस की गठबंधन की सरकार है। सत्तारूढ़ गठबंधन के पास 48 विधायक हैं, जबकि एनडीए के पास 32 विधायक हैं।

Manish Sisodia: 17 महीने बाद जेल से बाहर आये मनीष सिसोदिया; दिल्ली आबकारी नीति मामले में ‘सुप्रीम’ जमानत।

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दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को बड़ी राहत मिली है। देश की सर्वोच्च अदालत ने सिसोदिया को जमानत दी है। पिछले साल मार्च में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री को गिरफ्तार किया था। ईडी से पहले सीबीआई ने उन्हें गिरफ्तार किया था। शुक्रवार को सिसोदिया की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई जिसमें उन्हें राहत मिली है।

दिल्ली सचिवालय जाने से रोके जाने की मांग को कोर्ट ने किया खारिज-

सुप्रीम कोर्ट ने जिस समय मनीष सिसोदिया को जमानत दी, उस समय ईडी के वकील ने यह मांग की कि पूर्व मंत्री को दिल्ली सचिवालय जाने से रोकने की शर्त को भी आधार बनाकर जमानत दिया जाए। जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया।

उनसे कुछ बरामद भी नहीं हुआ-सिसोदिया

मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में 17 महीनों से जेल में बंद  सिसोदिया को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली। कोर्ट ने सिसोदिया की जमानत पर बहस सुनकर छह अगस्त को फैसला सुरक्षित रख लिया था।

सिसोदिया ने जमानत मांगते हुए दलील दी थी कि वह पिछले 17 माह से जेल में हैं। ट्रायल अभी तक शुरू नहीं हुआ है। उनसे कुछ बरामद भी नहीं हुआ है। ऐसे में, उन्हें जमानत दी जानी चाहिए। सीबीआई और ईडी ने विरोध करते हुए कहा था कि ट्रायल में देरी के लिए मनीष सिसोदिया ही जिम्मेदार हैं।

कोर्ट ने रखी ये शर्तें

  • सुप्रीम कोर्ट ने Manish Sisodia को जमानत देते हुए कहा कि वो समाज के सम्मानित व्यक्ति हैं, इसलिए उनके भागने की आशंका तो नहीं है। कोर्ट ने कहा कि मनीष सिसोदिया के खिलाफ जो सबूत अब तक थे, वो जुटाए भी जा चुके हैं, इसलिए अब कोई गड़बड़ी की संभावना नहीं है, लेकिन कुछ शर्तें लगानी ही पड़ेंगी।
  • सुप्रीम कोर्ट ने सिसोदिया को 2 लाख के मुचकले पर जमानत दी है।
  • सिसोदिया को जमानत के लिए पासपोर्ट जमा करना होगा।
  • मनीष सिसोदिया के सामने सबसे बड़ी शर्त ये है कि उन्हें हर सोमवार और गुरुवार को पुलिस के सामने हाजिरी लगानी होगी।

 

Uttarakhand: अक्तूबर के आखिरी सप्ताह में हो सकते हैं निकाय चुनाव, 15 सितंबर तक परिसीमन, 2 नए नगर निगम बनाने की तैयारी।

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राज्य में नगर निकायों के चुनाव अक्तूबर के आखिरी सप्ताह में होंगे। सरकार ने इस टाइमलाइन के साथ तैयारियां तेज कर दी हैं। ओबीसी आरक्षण से लेकर निकायों के परिसीमन आदि की सभी तैयारियां 15 सितंबर से पहले पूरी कर ली जाएंगी।

इसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग को पत्र भेज दिया जाएगा। वहीं, सरकार ने निकाय चुनाव से पहले अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ को नगर निगम बनाने की कवायद भी तेज कर दी है। प्रदेश में नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों का कार्यकाल पिछले साल दो दिसंबर को पूरा हो गया था। छह माह यानी दो जून तक के लिए निकाय प्रशासकों के हवाले हो गए थे।

इस अवधि में चुनाव न होने के चलते सरकार ने तीन माह के लिए अवधि बढ़ा दी थी। इस बीच हाईकोर्ट के आदेश आए और सरकार ने अंतिम टाइमलाइन तय कर ली है। राज्य में अक्तूबर के अंतिम सप्ताह में निकाय चुनाव होंगे। इससे पहले 15 सितंबर तक ओबीसी आरक्षण लागू करने के लिए नियमावली आदि का काम पूरा होगा।

निकायों का परिसीमन, वोटर लिस्ट का काम भी तब तक पूरा करने की समय सीमा रखी गई है। उधर, सचिव शहरी विकास नितेश झा ने बताया, निर्धारित समय सीमा में निकाय चुनाव कराने के लिए तैयारी तेज कर दी गई हैं।

दिवाली से पहले मनेगी नेताओं की दीपावली-

29 अक्तूबर को दिवाली मनेगी। इससे पहले ही नगर निकायों के नेताओं की दिवाली मनेगी। सरकार ने तय किया कि दिवाली से पहले ही सभी निकायों में नए बोर्ड गठित कर दिए जाएंगे।

दून नगर निगम का परिसीमन 15 दिन के भीतर-

शासन ने स्पष्ट निर्देश दिए कि नगर निगम देहरादून के 54 वार्डों का परिसीमन 15 दिन के भीतर सुधार कर शासन को भेजा जाए। इस समय सीमा में ओबीसी आरक्षण व वोटर लिस्ट का काम भी पूरा करना है, ताकि निकाय चुनाव में कोई अड़चन पेश न आए।

दो नए नगर निगम बनाने की तैयारी-

नगर पालिका अल्मोड़ा और नगर पालिका पिथौरागढ़ को नगर निगम बनाने के लिए शासन स्तर से जिलाधिकारी को पत्र भेज दिया गया है। डीएम की ओर से इन निकायों को निगम बनाने के लिए सीमांकन संबंधी पूरी प्रस्ताव शासन को भेजा जाना है। माना जा रहा कि चुनाव से पहले ही सरकार इन्हें निगम बनाएगी। उधर, नगर पालिका रामनगर और नगर पालिका कर्णप्रयाग के परिसीमन में भी कुछ बदलाव होंगे। कुछ क्षेत्र जोड़े जाएंगे या कुछ हटाए जाएंगे। दो नगर निगम बनने के बाद राज्य में 11 नगर निगम (देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार, रुड़की, कोटद्वार, श्रीनगर, हल्द्वानी, काशीपुर, रुद्रपुर, पिथौरागढ़ व अल्मोड़ा) हो जाएंगे। नगर पालिका की संख्या 41 और नगर पंचायतों की संख्या 50 होगी।