Category Archive : मौसम

खुद बर्फ के बवंडर से निकले, फिर लोडर किया स्टार्ट…31 जिंदगियों के लिए ऐसे देवदूत बना चालक

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माणा गांव के पास हुए हिमस्खलन के दौरान लोडर चालक (बर्फ हटाने वाला वाहन) खुद बर्फ के बवंडर से बचकर निकला और 31 मजदूरों के लिए भी देवदूत बनकर आया। लोडर चालक ने 31 मजदूरों को जब सुरक्षित जगह पहुंचाया तो इसके बाद फिर जबरदस्त हिमस्खलन हुआ लेकिन तब तक सभी लोग वहां से सुरक्षित निकल चुके थे।

माणा के पास हिमस्खलन के दौरान लोडर चालक लड्डू कुमार पंडित ने सूझबूझ का परिचय दिया। लड्डू कुमार ने बताया कि वह टिन शेड में रह रहे थे जिसमें 23 लोग थे। सुबह करीब सात बजे कोई शौचालय में था तो कोई अन्य काम में लगा हुआ था।

Chamoli Avalanche loader driver who escaped from the snow storm himself saved 31 lives

अचानक बर्फ का भारी बवंडर आया और हम सभी उसमें दब गए। वह किसी तरह बर्फ से निकले और बाहर आकर लोडर को स्टार्ट किया। तब तक अन्य लोग भी बर्फ से बाहर आ गए और सब लोडर में बैठकर आगे बढ़ने लगे। बताया कि थोड़े आगे जाने के बाद अन्य आठ लोग भी हमारे साथ आ गए।

Chamoli Avalanche loader driver who escaped from the snow storm himself saved 31 lives

जैसे ही हम कुछ दूरी पर आगे बढ़े फिर बर्फ का भयंकर बवंडर आया। यदि हम जल्दी नहीं निकलते तो सभी उसमें दब जाते।उन्होंने बताया कि कुछ आगे चलने पर सेना का खाली कैंप है जिसमें आठ लोगों को ठहराया और फिर हम 23 लोग शेष नेत्र आश्रम पहुंचे। यहां चार से पांच फीट बर्फ थी। यहां से बर्फ हटाई गई और आश्रम का ताला तोड़कर अंदर गए।

Chamoli Avalanche loader driver who escaped from the snow storm himself saved 31 lives

कुछ देर रुकने के बाद हम लोडर में बैठकर बीआरओ के कैंप में पहुंचे। दूसरे दिन उन्हें हेलिकॉप्टर से ज्योतिर्मठ लाया गया। श्रमिक राम कुमार व धीरज ने बताया कि उनके साथियों को चोटें आई हैं जिसमें एक के पैर में तो एक के सिर पर बड़ा घाव हुआ है। चोट कैसे लगी यह पता ही नहीं चला। सब कुछ इतनी जल्दी हो गया कि कुछ समझ नहीं आया। हमारे साथ अन्य सभी लोग सुरक्षित हैं।

Uttarakhand: मौसम विभाग ने येलो अलर्ट किया जारी, इन 2 जिलों में घने कोहरे के आसार, जानिए मौसम का पूरा हाल.

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Uttarakhand: दो दिन से प्रदेश भर में मौसम साफ रहने से लोगों को राहत मिली। उधर मौसम विज्ञान केंद्र ने आज (मंगलवार) हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जिले में घना कोहरा छाने का येलो अलर्ट जारी किया है। हालांकि अन्य जिलों में मौसम शुष्क रहेगा।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मैदानी इलाकों में कोहरा छाने से रात के समय ठंड का ज्यादा परेशान कर सकती है। हालांकि दिन के समय धूप खिलने से ठंड से थोड़ा राहत मिलेगी। लेकिन पर्वतीय इलाकों में शीतलहर चलने से दुश्वारियां बढ़ सकती हैं। आंकड़ों पर नजर डाले तो सोमवार को दून का अधिकतम तापमान सामान्य से एक डिग्री अधिक के साथ 21.1 डिग्री दर्ज किया गया।

जबकि रात का न्यूनतम तापमान तीन डिग्री अधिक के साथ 9.7 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। जबकि पंतनगर का अधिकतम तापमान दिन में पांच डिग्री से कमी के साथ 15.5 और न्यूनतम आठ डिग्री की बढ़ोतरी के साथ 13 डिग्री दर्ज किया। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मौसम के बदलने पैटर्न के चलते तापमान में इस तरह के बदलाव देखने को मिल रहे। 

Weather: उत्तराखंड में आज और कल चलेगी शीतलहर…पाले से बढ़ेगी ठंड, मौसम का येलो अलर्ट जारी.

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दो दिन में प्रदेश के पर्वतीय जिलों में हुई बर्फबारी व बारिश का असर बुधवार और बृहस्पतिवार को देखने को मिलेगा। मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से 11 और 12 दिसंबर को हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जिले को छोड़ सभी जिलों में पाला पड़ने का येलो अलर्ट जारी किया गया है।

इन जिलों में शीतलहर से भी ठिठुरन बढ़ेगी। पूर्वानुमान के अनुसार, 13 दिसंबर के बाद प्रदेशभर में मौसम शुष्क रहेगा। मंगलवार को दून का अधिकतम तापमान सामान्य से एक डिग्री की कमी के साथ 21.8 डिग्री पर रहा, जबकि रात का न्यूनतम तापमान तीन डिग्री की कमी के साथ 5.6 डिग्री रहा। बुधवार के तापमान की बात करें तो दून का अधिकतम तापमान 24 और न्यूनतम तापमान सात डिग्री रहने के आसार है।

Uttarakhand Weather: बदला मौसम का मिजाज, चारों धाम समेत चकराता में भी बर्फबारी, निचले इलाकों में बढ़ी ठंड.

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रविवार दोपहर बाद अचानक बदले मौसम के मिजाज के साथ ही चारों धामों सहित हर्षिल घाटी में सीजन की पहली बर्फबारी हुई है। वहीं, निचले इलाकों में बारिश होने से तापमान गिरने से ठंड बढ़ गई। वहीं, चकराता में भी सीजन की पहली बर्फबारी हुई।

इस साल बारिश और बर्फबारी का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा था। अमूमन नवंबर माह से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी व निचले क्षेत्रों में बारिश का दौर शुरू हो जाता है। लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ, बल्कि इसकी जगह केवल सूखी ठंड पड़ने से बच्चे और बड़े सभी सर्दी, खांसी, जुकाम और बुखार की चपेट में आ रहे थे। वहीं, काश्तकार भी सेब सहित अन्य फसलों के उत्पादन को लेकर चिंता जताने लगे थे। लेकिन रविवार दोपहर बाद मौसम बदलने से स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों के चेहरे खिल उठे।
उधर, केदारनाथ, मद्महेश्वर, तुंगनाथ सहित अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रविवार को दोपहर बाद मौसम बदला और देर शाम को बर्फबारी शुरू हो गई। केदारनाथ में पुनर्निर्माण कार्य में जुटे सेवानिवृत्त कैप्टन सोवन सिंह बिष्ट ने बताया कि धाम में अधिकतम तापमान माइनस 8 और न्यूनतम माइनस 11 डिग्री सेल्सियस चल रहा है।
वहीं, चमोली जनपद में बदरीनाथ के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रविवार को देर शाम बर्फबारी हुई, जबकि निचले इलाकों में बूंदाबांदी होने से कड़ाके की ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। चीन सीमा क्षेत्र के माणा पास, घस्तोली, बाड़ाहोती, सुमना क्षेत्र में देर शाम से बर्फबारी शुरू हो गई थी। यही हाल हेमकुंड साहिब क्षेत्र में भी रहा।

मसूरी में तापमान गिरकर 8 डिग्री तक पहुंचा-

पहाड़ों की रानी मसूरी में रविवार को सुबह चटक धूप के साथ दिन की शुरुआत हुई, लेकिन दोपहर बाद मौसम ने करवट ली और शहर में ठंडी हवा के साथ घने बादल छा गए। इससे शहर में कड़ाके की ठंड हो गई, तापमान में गिरावट दर्ज की गई। शहर में साढ़े चार बजे अधिकतम तापमान 8 डिग्री दर्ज किया गया।

अगले दो दिन बारिश-बर्फबारी का अलर्ट-

मौसम वैज्ञानिकों ने ऊंचाई वाले इलाकों में आठ और नौ दिसंबर को हल्की बारिश के साथ बर्फबारी होने के आसार जताए हैं। इसके चलते प्रदेश में पहाड़ से लेकर मैदान तक तापमान गिरने से ठिठुरन और भी बढ़ सकती है।

हालांकि 10 दिसंबर के बाद प्रदेशभर में फिर मौसम शुष्क हो जाएगा, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ के चलते अधिकतम तापमान में तीन से पांच डिग्री तक की गिरावट दर्ज की जाएगी। इसके चलते पहाड़ से लेकर मैदान तक ठिठुरन बढ़ सकती है।

Kedarnath: केदारनाथ पैदल मार्ग जंगल चट्टी के पास हुआ क्षतिग्रस्त, प्रशासन ने की अपील, यात्री जहां है वहीं रुकें।

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केदारनाथ पैदल मार्ग जंगल चट्टी के पास क्षतिग्रस्त हो गया है। जिस कारण दोनों ओर श्रद्धालुओं को रोक दिया गया है। प्रशासन ने तीर्थयात्रियों ले अपील की है कि वो जहां पर हैं वहीं पर रूके रहें। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ के साथ डीडीआरएफ के जवान वैकल्पिक मार्ग तैयार कर रहे हैं।

 

जंगल चट्टी के पास क्षतिग्रस्त हुआ केदारनाथ पैदल मार्ग-

मिली जानकारी के मुताबिक केदारनाथ पैदल मार्ग पर एक बार फिर भूस्खलन हुआ है। जिस कारण जंगल चट्टी के पास करीब 15 मीटर पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया है। प्रशासन ने फिलहाल यात्रियों से यात्रा ना करने की अपील की है। इसके साथ ही घोड़े-खच्चर के संचालन पर भी रोक लगा दी गई है। बता दें कि एनडीआरएफ, एसडीआरएफ के साथ डीडीआरएफ के जवान वैकल्पिक मार्ग से रास्ता आर-पार करवा रहे हैं।

 

प्रशासन ने की यात्रियों से ये अपील

प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील कि वे जिस स्थान पर हैं वहीं पर सुरक्षित रहकर इंतजार करें। मार्ग सुचारु होने पर केदारनाथ से जंगलचट्टी के बीच दर्शन कर वापस आ रहे श्रद्धालुओं को प्राथमिकता के आधार पर निकाला जाएगा। केदारनाथ धाम के लिए पैदल आने वाले श्रद्धालुओं से फिलहाल यात्रा ना करें.

 

 

Uttarakhand: प्रदेश में लगातार बढ़ रहे हैं डेंगू के मामले, पौड़ी जिले से आये सबसे अधिक मामले सामने।

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प्रदेश में डेंगू के मामले बढ़ रहे हैं। अब तक पांच जिलों में कुल 75 मामले सामने आए हैं। इसमें पौड़ी जिले में सबसे अधिक 59 मरीज मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सभी जिलों के सीएमओ को डेंगू रोकथाम व बचाव के लिए दिशा-निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य महानिदेशालय स्तर पर डेंगू मामलों की निगरानी की जा रही है।

आगामी नवंबर व दिसंबर तक डेंगू संक्रमण के फैलने की आशंका रहती है। हालांकि गत वर्ष की तुलना में इस बार अप्रैल से लेकर 17 सितंबर तक डेंगू के कुल 75 मामले सामने आए हैं। ऋषिकेश में एक डेंगू मरीज की मौत हुई है। मरीज को पहले से कई तरह की बीमारी होने से विभाग मौत के कारणों की वास्तविकता के लिए डेथ ऑडिट करा रहा है।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने कहा कि सभी जिलों के सीएमओ को डेंगू रोकथाम के लिए अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही स्वास्थ्य महानिदेशालय से भी नियमित रूप से मानीटरिंग करने को कहा गया है। आगामी दो माह तक डेंगू संक्रमण की संभावना को देखते हुए एहतियात बरतने की आवश्यकता है।

प्रदेश में अब तक डेंगू मरीजों की संख्या

जिला            डेंगू मरीज

पौड़ी                   59

देहरादून              09

हरिद्वार                03

नैनीताल                03

ऊधमसिंह नगर    01

Uttarakhand: IMD ने भारी बारिश का अलर्ट किया जारी, 7 जिलों में बारिश का अलर्ट, देखें मौसम का लेटेस्ट अपडेट।

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मौसम विभाग ने प्रदेश के सात जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. इसके साथ ही आकाशीय बिजली चमकने की संभावना जताते हुए सावधानी बरतने की अपील की है.

IMD ने जारी किया भारी बारिश का अलर्ट-

मौसम विभाग के निदेशक विक्रम सिंह के अनुसार मंगलवार को देहरादून, हरिद्वार, उत्तरकाशी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिले में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है. जिसे देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया है. जबकि शेष जनपदों में आकाशीय बिजली चमकने के साथ हल्की बारिश की संभावना है.

बारिश ने बरपाया कहर-

प्रदेश में पिछले दिनों हुई बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. बदरीनाथ हाईवे पर चटवा पीपल पर भूस्खलन होने के कारण पिछले तीन दिनों में यहां घंटों हाईवे बंद रहा. मंगलवार सुबह भी यहां वाहन फंसने से हाईवे के दोनों ओर छह किलोमीटर लम्बा जाम लग गया. जिसकी वजह से 600 से अधिक वाहन फंसे हुए हैं.

Uttarakhand: 2 धामों के लिए फिर शुरू होंगी हेलिकॉप्टर सेवा, सितंबर के लिए हेली सेवा फुल, अब अक्तूबर के लिए होंगी शुरू।

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बरसात का सीजन खत्म होने के बाद 15 सितंबर से जौलीग्रांट से रुद्राक्ष एविएशन का एमआई 17 हेलिकॉप्टर एक बार फिर अपनी सेवाएं शुरू करेगा। जिसके लिए कंपनी ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। बदरीनाथ और केदारनाथ के लिए जौलीग्रांट से हेलिकॉप्टर की बुकिंग सितंबर माह की फुल हो चुकी हैं। कंपनी ने अक्टूबर माह की बुकिंग भी शुरू कर दी है।

जौलीग्रांट हेलीपैड से बीते 10 मई से दो धामों बदरीनाथ और केदारनाथ के लिए रुद्राक्ष एविएशन ने अपने 18 सीटर एमआई 17 हेलिकॉप्टर से हेली सेवाएं शुरू की थी। लेकिन बरसात को देखते हुए 15 जून को यह सेवाएं बंद कर दी गई थी। इस दौरान करीब 1000 श्रद्धालुओं ने दोनों धामों के दर्शन किए थे। अब फिर से जौलीग्रांट हेलीपैड से हेलिकॉप्टर सेवाएं शुरू करने की तैयारियां की जा रही है।

मौसम ठीक रहने पर हेलिकॉप्टर सुबह करीब साढे छह बजे से दो धामों के लिए उड़ान भरेगा। मौसम साफ रहने पर हेलिकॉप्टर दो धामों के लिए एक से अधिक फेरे लगाएगा। जौलीग्रांट से दो धामों के लिए एक व्यक्ति का किराया सवा लाख के करीब होगा।

फिलहाल ऑनलाइन बुकिंग की कोई सुविधा नही है। जिस कारण श्रद्धालु कंपनी की वेबसाइट पर जाकर फोन से संपर्क कर अपना टिकट बुक करा सकते हैं। कंपनी के अधिकारी 10 सितंबर तक देहरादून पहुंच जाएंगे। वहीं 13 सितंबर तक हेलिकॉप्टर भी श्रद्धालुओं को ले जाने के लिए जौलीग्रांट पहुंच जाएगा।

 

कंपनी ने शुरू कर दी है अक्तूबर माह की बुुकिंग
बदरीनाथ और केदारनाथ के लिए जौलीग्रांट से हेलिकॉप्टर की बुकिंग सितंबर माह की फुल हो चुकी हैं। वहीं अक्तूबर माह की बुकिंग भी कंपनी ने शुरू कर दी है। मौसम ठीक रहा तो जौलीग्रांट से हेलिकॉप्टर प्रत्येक दिन दोनों धामों के लिए उड़ान भरेगा।

बरसात को देखते हुए 15 जून से जौलीग्रांट से दो धामों की हेली सेवाएं बंद कर दी गई थी। अब 15 सितंबर से फिर से हेली सेवाएं शुरू की जाएंगी। किराया पूर्व की तरह सवा लाख प्रति पैसेंजर रखा गया है। सितंबर की बुकिंग फुल हो गई है। आगे की बुकिंग जारी है। – राज शाह, ऑपरेशन मैनेजर रुद्राक्ष एविएशन

 

Uttarakhand: चमोली के पगनो गांव में बारिश का कहर, मलबा आने से 4 मकान क्षतिग्रस्त, कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी.

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उत्तराखंड के कई जिलों में भारी बारिश का कहर जारी है. चमोली के पगनो गांव में बारिश ने कहर बरपाया हुआ है. गुरुवार देर रात को मूसलाधार बारिश के बाद मलबा आने से 4 मकान और 2 गौशाला क्षतिग्रस्त हो गए. ग्रामीण किसी तरह अपनी जान बचाकर वहां से बाहर निकल आए.

पगनो गांव में मलबा आने से चार मकान क्षतिग्रस्त-

गुरुवार की रात को पगनो गांव में मलबा आने से 2 गौशाला और 4 मकान क्षतिग्रस्त हो गए. किसी तरह ग्रामीण अपनी जान बचाकर इधर-उधर भागे. आपको बता दें कि लगातार पिछले तीन साल से पगनो गांव में भूस्खलन हो रहा है जिससे गांव के 53 परिवार खतरे के साए में जी रहें हैं. गांव के लोगों में दहशत का माहौल है. ग्रामीणों का कहना है कि देर रात बारिश के बाद अचानक घरों में तेजी से मलबा आ घुसा.

दहशत में ग्रामीण-

ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के चलते लगातार मलबा गांव में आ रहा है जिसके कारण खेत और रास्ते मलबे से भरे हुए हैं. लोगों का कहना है कि रात को यदि बारिश होती है तो सभी लोग दहशत में आ जाते हैं.

इन जिलों में अलर्ट जारी-

मौसम निदेशक के अनुसार शुक्रवार को देहरादून, रुद्रप्रयाग, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी, पिथौरागढ़, बागेश्वर, चंपावत और नैनीताल जिले में कहीं-कहीं गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने और बारिश के तीव्र दौर की संभावना है. मौसम वैज्ञानिकों ने इन जिलों के लिए बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है. जबकि उत्तरकाशी, चमोली, अल्मोड़ा, ऊधमसिंह नगर और हरिद्वार जिले में हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान है.

 

मानसून का कहर: केदारघाटी में मलबे में दबने से 4 श्रमिकों की मौत, रेस्क्यू टीम ने बरामद किए शव.

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उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश ने प्रदेश में कहर बरपाया हुआ है. केदारनाथ हाईवे के फाटा के पास भारी बारिश के चलते मलबे में दबने से चार नेपाली मूल के मजदूरों की मौत हो गई. घटना की सूचना पर रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंचकर श्रमिकों के शव बरामद कर लिए हैं.

 

केदारघाटी में मलबे में दबे 4 श्रमिक-

भारी बारिश के कारण प्रदेश के अलग-अलग जिलों से भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही है. प्रशासन की ओर से मिली जानकारी के अनुसार लगातार हो रही भारी बारिश के चलते 22 अगस्त की रात करीब एक बजे के आसपास फाटा में पवनहंस के हैलीपैड के पास खाट गधेरे के किनारे बने डेरे में रह रहे चार लोगों के मलबे में दबे होने की सूचना पुलिस को मिली.

रेस्क्यू टीम ने बरामद किए शव-

सूचना मिलते ही राहत और बचाव कार्य के लिए रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुंची. रेस्क्यू टीमों ने मलबे में दबे हुए लोगों को निकालने का कार्य शुरू किया. कड़ी मशक्कत के बाद के बाद मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला गया है. तब तक चार श्रमिकों की मौत हो चुकी थी.

मौसम विभाग ने जारी किया भारी बारिश का अलर्ट-

मौसम विभाग के निदेशक विक्रम सिंह के अनुसार शुक्रवार को कुमाऊं मंडल के बागेश्वर जिले के भारी बारिश के आसार हैं. जिसे देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि देहरादून, चमोली, नैनीताल और पिथौरागढ़ जिले के कुछ क्षेत्रों में बारिश के साथ-साथ आकाशीय बिजली चमकने का येलो अलर्ट जारी किया है.