Category Archive : राजनीति

Election: चुनाव प्रचार को धार देने पहुंचे राजनाथ सिंह, जानिये गौचर में जनसभा के दौरान क्या बोले रक्षा मंत्री।

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PM Modi- ये मोदी की मजबूत सरकार है ये आतंकियों को घर में घुस कर मारती है, पीएम ने कांग्रेस पर भी साधा निशाना।

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पीएम नरेंद्र मोदी ने ऋषिकेश में आयोजित जनसभा में कहा कि जब-जब देश में कमजोर और अस्थिर सरकारें रहीं, तब-तब दुश्मनों ने फायदा उठाया। आतंकवाद ने पैर पसारे। आज भारत में मोदी की मजबूत सरकार है, इसलिए आतंकवादियों को घर में घुस कर मारा जाता है। उन्होंने ऐलान किया कि अगले पांच साल तक लोगों को इलाज और राशन मुफ्त मिलता रहेगा। चुनाव में भाजपा की मुख्य प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस पर उन्होंने जमकर निशाने साधे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकारों में सब कुछ लुट जाता था। लेकिन मोदी ने यह लूट बंद कर दी है। इसलिए उनका गुस्सा सातवें आसमान पर है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड ब्रह्म कमल की भूमि है।

ऋषिकेश में हुई पीएम की रैली में गढ़वाल की तीन सीटों हरिद्वार, टिहरी और गढ़वाल लोस सीट की 24 विधानसभा क्षेत्रों से पार्टी कार्यकर्ता पहुंचे थे। प्रधानमंत्री के मंच पर पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उन्हें पहाड़ी वाद्य यंत्र हुडका उपहार स्वरूप दिया। पीएम ने अपने भाषण की शुरुआत हुड़का से की। कहा, उत्तराखंड देवभूमि है और देवभूमि में देवताओं का आह्वान करने की परंपरा है। हुड़का की थाप से देवताओं का आह्वान किया जाता है। मुझे देवता रूपी जनता जनार्दन का आह्वान करने के लिए हुड़का बजाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।

कांग्रेस सरकार होती तो वन रैंक वन पेंशन कभी भी लागू नहीं होता-
मोदी कांग्रेस पर जमकर बरसे। कहा, कांग्रेस की सरकार होती तो वन रैंक वन पेंशन कभी भी लागू नहीं होता। मोदी यह गांरटी दी थी, इसे पूरा किया। कांग्रेस कहती थी कि ओआरपी लागू करक पूर्व सैनिकों को 500 करोड़ रुपये देंगे। हमने पूर्व सैनिकों के बैंक खातों में एक लाख करोड़ रुपये ज्यादा पहुंचा दिए। उत्तराखंड में पूर्व सैनिक परिवारों को 3500 करोड़ रुपये से ज्यादा मिले। कांग्रेस के समय तो जवानों के पास बुलेट प्रूफ जैकेट तक की कमी थी। दुश्मन की गोली से बचाने का पुख्ता इंतजाम नहीं था।

कांग्रेस विकास और विरासत दोनों की है विरोधी-
उन्होंने कांग्रेस को विकास और विरासत विरोधी करार दिया। कहा, कांग्रेस ने राम के अस्तित्व पर सवाल उठाए। यह कांग्रेस ही है जिसने पहले राम मंदिर का विरोध किया। जितने अड़ंगे डाल सकते थे डाले। अदालतों में रुकावट डालने की कोशिश की। लेकिन राम मंदिर बनाने वालों ने कांग्रेस के सारे गुनाह माफ करके उनके घर जा कर निमंत्रण दिया। इनका दिमाग कैसा है, पता नहीं। राम के प्राण प्रतिष्ठा का अवसर था, उन्होंने उसका भी बहिष्कार किया।

कांग्रेस कहती है भ्रष्टाचारियों को बचाओ-
मोदी ने कहा कि कांग्रेसी कुछ भी बोलते जा रहे हैं। जब मैं कहता हूं कि भ्रष्टाचार हटाओ तो वह कह रहे हैं भ्रष्टाचारी बचाओ। उन्होंने भीड़ से प्रश्न किया कि भ्रष्टाचार हमारे देश के लिए विनाशक है कि नहीं है? भ्रष्टाचार खत्म होना चाहिए कि नहीं?
 धामी सरकार अच्छा काम कर रही है-

पीएम ने कहा कि अब आपको राशन और दवा की चिंता करने की जरूरत नहीं रही। आने वाले पांच साल तक मुफ्त राशन और अस्पताल में मुफ्त इलाज मिलता रहेगा। धामी और उनकी सरकार इन सारी बातों के लिए बहुत मेहनत करके शानदार काम कर रही है।

पीएम मोदी का परिवारवाद पर निशाना-
पीएम ने कांग्रेस के परिवारवाद पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पहले दिल्ली का शाही परिवार फिर खुद का परिवार यही सब कुछ कांग्रेस की परंपरा में है। लेकिन मोदी के लिए तो मेरा भारत ही मेरा परिवार है।
उन्होंने कहा, विकसित भारत के संकल्प के लिए विकसित उत्तराखंड हमारी प्राथमिकता है। इस काम के लिए मेरा पल-पल आपके नाम है। मेरा पल-पल देश के नाम है। मेरी गारंटी है 24×7 और 2047 ये मोदी की आपको गारंटी है। उन्होंने लोगों का आह्वान किया कि पांचों सीटों पर पुराने सारे रिकॉर्ड तोड़ दें। उन्हें पोलिंग बूथ को जीतना है।

 पर्यटन को दिया जा रहा बढ़ावा –

पर्यटन और चारधाम यात्रा का उत्तराखंड को विकसित करने में बड़ा योगदान है। इसलिए हम यहां रोडवेज, रेलवे, एयरवेज की लगातार सुविधा दे रहे हैं। यहां ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल लाइन पर तेजी से काम हो रहा है। दिल्ली से देहरादून की दूरी सिमट रही है। उत्तराखंड के सीमावर्ती गांव को कांग्रेस अंतिम गांव कहती थी, हमने उसे पहला गांव बनाकर विकास किया है। आदि कैलाश के लिए हेलीकॉप्टर सेवा शुरू हो गई है। चारधाम यात्रा को भी सुगम बनाने की ओर सरकार काम कर रही है। यह सब इसलिए हो रहा भाजपा की नियत सही है। जब नियत सही होती है तो नतीजे भी सही मिलते हैं। केदारनाथ में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है। बीते वर्ष 55 लाख तीर्थयात्री यहां पहुंचे। मानसखंड में आदि कैलाश और ओम पर्वत की यात्रा पर भी यात्रियों की संख्या बढ़ रही है। पर्यटन बढ़ने का मतलब है रोजगार का बढ़ना। उत्तराखंड में हो रहे विकास में अब पलायन की जड़ों को बीते दिनों बात बताया गया है। उत्तराखंड के नौजवानों ने स्टार्टअप शुरू किए। यहां बेटियां आगे बढ़ रही हैं।

 

PM Modi In Rishikesh: राम मंदिर से लेकर गंगा के अस्तित्व पर सवाल उठा रही कांग्रेस, जानिये क्या कुछ कहा पीएम मोदी ने, पढ़ें भाषण की बड़ी बातें।

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लोकसभा चुनाव प्रचार के सिलसिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज उत्तराखंड पहुंचे। इस दाैरान उन्होंने ऋषिकेश में जनसभा को संबोधित किया। पीएम मोदी की जनसभा में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। इस दाैरान मोदी-मोदी के नारे लगते रहे। यहां पीएम मोदी ने जहां एक तरफ सरकार के काम गिनाए, वहीं, कांग्रेस पर भी जमकर निशाना साधा। साथ ही कहा कि अगर विकसित भारत बनाना है तो कमल खिलाना होगा। वहीं, पीएम ने जनसभा में आए कार्यकर्ताओं से सवाल किया कि मेरा एक पर्सनल काम है, आप करोगे? उन्होंने कहा कि राम नवमी आने वाली है। गांव-गांव जाकर मेरी तरफ से देवता के आगे माथा टेक कर प्रणाम करना है। हर घर जाकर बड़े बुजुर्गों को कहना मोदी जी ऋषिकेश आए थे, उन्होंने आपको राम-राम भेजा है।

पीएम मोदी के भाषण की बड़ी बातें…

  • पीएम ने कहा कि कांग्रेस विकास और विरासत की विरोधी है।
  • कांग्रेस ने राम मंदिर का निमंत्रण अस्वीकार किया। अब ये लोग गंगा के अस्तित्व पर सवाल उठा रहे हैं।
  • तब सीमा पर विकास नहीं हो रहा था, आज सीमाओं पर सड़कें चकाचक बनी हैं
  • ‘मोदी कह रहा भ्रष्टाचार हटाओ, कांग्रेस कह रही भ्रष्टचारी बचाओ’: पीएम मोदी
  • तब सेना के पास अच्छे बूट तक नहीं होते थे, अब हम दुश्मनों को घर में घुसकर जवाब दे रहे।
  • पीएम ने कहा कि मोदी सरकार ना होती तो वन रैंक वन पेंशन कभी लागू ना होता।
  • भाजपा की नीयत सही है। जब नीयत सही होती है तो नतीजे भी सही मिलते हैं।
  • उत्तराखंड में हो रहे विकास में अब पलायन की जड़ें बीते दिनों की बात हो गई है।
  • हमनें देश में लूट को बंद किया। इसलिए उनका गुस्सा सातवें आसमान पर है।
  • पीएम ने कहा कि लोग कुछ भी कहें, मेरा भारत ही मेरा परिवार है।

 

 

Election 2024: उत्तराखंड में होटल और रेस्टोरेंट में ग्राहकों को मिलेगी 20 % की छूट, जानिए क्या है ये प्रस्ताव।

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अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि, प्रदेश में मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए होटल एसोसिएशन ने 20 अप्रैल को होटल और रेस्टोरेंट में आने वाले ग्राहकों को 20 प्रतिशत छूट देने का प्रस्ताव दिया है। जल्द ही एसोसिएशन के साथ वार्ता करने के बाद मानकों के अनुसार इसकी जानकारी जारी की जाएगी।

 सचिवालय में प्रेस ब्रीफिंग के दौरान जोगदंडे ने बताया, राज्य में मतदान प्रतिशत को बढ़ाने के लिए विभिन्न संगठनों का सहयोग किया जा रहा है। उत्तराखंड होटल एसोसिएशन ने आग्रह किया कि मतदाताओं को मतदान के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए ग्राहकों को 20 प्रतिशत छूट दिया जाएगा। मतदान के बाद 20 अप्रैल को होटल व रेस्टोरेंट में आने वाले ग्राहकों को इस छूट का लाभ मिलेगा।

उन्होंने कहा, इस प्रस्ताव पर एसोसिएशन के साथ वार्ता होगी। मानकों के अनुरूप इस पर निर्णय लिया जाएगा। बताया, चुनाव ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों को आपातकालीन स्थिति में मेडिकल इमरजेंसी के लिए राज्य में दो हेलीकॉप्टर तैनात किए जाएंगे। मतदान दलों के प्रस्थान से लेकर मतदान दलों की वापसी तक ये हेलिकॉप्टर उपलब्ध रहेंगे। किसी भी आपातकालीन स्थिति में इनका प्रयोग किया जा सकता है।

बताया, इसके अलावा मतदान से 48 घंटे पूर्व और मतदान समाप्ति तक ड्राई डे घोषित रहेगा। बताया, उत्तराखंड की सीमा से लगे उत्तर प्रदेश के उन जिलों में जहां 19 अप्रैल को मतदान होना है। उन क्षेत्रों में 17 अप्रैल को शाम पांच बजे से लेकर 19 अप्रैल को शाम छह बजे तक ड्राई डे प्रभावी रहेगा। सात मई को उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद में मतदान के चलते पांच मई को शाम छह बजे से सात मई शाम छह बजे तक ऊधमसिंह नगर क्षेत्र में ड्राई डे प्रभावी रहेगा।

इसके अलावा हरियाणा में 25 मई को होने वाले मतदान को देखते हुए 23 मई को शाम छह बजे से 25 मई को शाम छह बजे तक और हिमाचल प्रदेश में एक जून को होने वाले मतदान के चलते 30 मई को शाम छह बजे से एक जून 2024 को शाम छह बजे तक देहरादून के क्षेत्र में ड्राई डे प्रभावी रहेगा। अन्य राज्यों में कई चरणों में होने वाले मतदान के दौरान उनकी सीमा से उत्तराखंड के जो जनपद लगे हैं, उन जनपदों कि किमी की परिधि के भीतर ड्राई डे प्रभावी होगा।

Uttarakhand: कांग्रेस को गंगवार दंपति ने दिया झटका, 4 बार जिला पंचायत की कुर्सी पर कब्जा, अब दे दिया इस्तीफा।

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उत्तराखंड में कांग्रेस को एक और बड़ा झटका लगा है। रुदपुर में जिला पंचायत अध्यक्ष रेनू गंगवार और उनके पति ओबीसी विंग के राष्ट्रीय सह समन्वयक सुरेश गंगवार ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने पार्टी पर उपेक्षा का आरोप लगाया है।

उन्होंने कहा कि पार्टी लगातार उनकी उपेक्षा कर रही है। पार्टी प्रत्याशी प्रकाश जोशी के उनके क्षेत्र में रोड शो करने के बावजूद उनको ना सूचना दी गई और ना ही बुलाया गया। प्रत्याशी के नामांकन में भी उनको नहीं बुलाया गया। गंगवार परिवार का चार बार से जिला पंचायत की कुर्सी पर कब्जा है। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले रेनू और सुरेश गंगवार भाजपा से कांग्रेस में आए थे। सुरेश गंगवार ने बताया कि पार्टी अध्यक्ष करन माहरा को इस्तीफा भेज दिया गया है।

 

 

Lok Sabha Election: राजनीति में अब भी बेटियां पराया धन, जानिए उत्तराखंड की राजनीति में क्या है बेटियों की तस्वीर।

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लोकसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस समेत सभी राजनीतिक पार्टियां महिलाओं के अधिक से अधिक वोट लेने को जितने बेताब दिख रहे हैं, उनकी वैसी इच्छा या बेताबी उन्हें टिकट देने में नहीं दिखाई देती है। उत्तराखंड राज्य में कुल मतदाताओं में 48 फीसदी महिला वोटर्स हैं, जो किसी को भी हराने या जिताने का पूरा दमखम रखती हैं, लेकिन राज्य की सभी पांच लोकसभा सीटों पर 55 प्रत्याशियों में से केवल चार ही महिलाएं हैं।

साफ है कि राज्य की महिलाओं को सही मायने में अभी तक अपना हक नहीं मिल पाया है। राज्य की 40 लाख से अधिक महिला मतदाताओं को शायद अभी और इंतजार करना होगा। जहां तक राज्य की महिलाओं की राजनीतिक जागरूकता का मसला है तो यह देखा गया है कि पुरुष मतदाताओं की तरह राज्य की महिलाएं भी मतदान करने के प्रति काफी सजग रही हैं।

सामाजिक और पर्यावरणीय सरोकारों से जुड़े आंदोलनों में उनकी सक्रिय भागीदारी रही। इस कारण वे राजनीतिक मुद्दों की भी समझ रखती हैं। राज्य की 50 फीसदी पंचायतों का प्रतिनिधित्व महिलाओं के हाथों में है और वे कुशलतापूर्वक अपने दायित्व का निर्वहन कर रहीं हैं। लेकिन विधायिका के मोर्चे पर अपनी क्षमताओं और योग्यता के मामले में अभी वे राजनीतिक दलों में भरोसा नहीं बना पाई हैं। यही कारण है कि महिलाओं को बराबरी का हक देने का नारा बुलंद करने वाले राजनीतिक दल भी उन्हें प्रत्याशी बनाने से हिचक रहे हैं। इसकी तस्दीक लोकसभा सीटों पर उतरे प्रत्याशियों से हो रही है।

अब तक तीन महिलाएं ही पहुंचीं लोकसभा-
आपको बता दें कि पहले लोकसभा चुनाव में टिहरी संसदीय सीट से कमलेन्दुमति शाह निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव जीतने में सफल रहीं। इसके बाद नैनीताल सीट से ईला पंत और फिर राज्य गठन के बाद महज एक महिला माला राज्यलक्ष्मी शाह संसद पहुंच पाईं। सालों बाद भी महिलाओं को लोकसभा या राज्य विधानसभा में उनकी आबादी के अनुसार प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाया।

राजनीतिक दलों ने किया परहेज-
उत्तराखंड में महिला उम्मीदवारों पर दांव लगाने में प्रमुख दलों ने परहेज किया है। हालांकि महिला अधिकार, सशक्तिकरण और महिलाओं से जुड़ी योजनाओं की बात जोरों से की जाती है लेकिन जब चुनाव मैदान में उतारने की बात आती है तो राजनीतिक दलों की प्राथमिकता बदल जाती है। केवल टिहरी लोकसभा सीट इसका अपवाद है, जहां से प्रमुख राजनीतिक दल भाजपा ने माला राज्यलक्ष्मी शाह पर दांव खेला है।  गढ़वाल सीट से पीपुल्स पार्टी ऑफ इंडिया डेमोक्रेटिक ने सुरेशी देवी, सोशलिस्ट यूनिटी सेंटर ऑफ इंडिया ने  रेशमा और अल्मोड़ा  से उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी ने किरण आर्य को मैदान में उतारा है।

 

Lok Sabha Chunav: उत्तराखंड में इन तीन सीटों पर खिसक सकती है भाजपा की जमीन, जानिए कौन सी है वो 3 सीटें !

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उत्तराखंड में लोकसभा चुनावों का शंखनाद हो चुका है लेकिन इस बार पिछले 2019 की तरह कोई ख़ास तरह का रुझान नहीं देखने को मिल रहा है,,जिससे अंदाजा लगाया जा सके कि किस सीट पर किसका पलड़ा भारी है लेकिन 3 सीट पर मुकाबला बेहद दिलचस्प होता दिखाई दे रहा है। 

Election 2024: महिलाओं के लिए सालाना 1 लाख रुपये, नौकरी की भी गारंटी, कर्जमाफी, MSP पर कानून… कांग्रेस ने जारी किया घोषणापत्र।

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Election: आज तक पहाड़ नहीं चढ़ पाया BSP का हाथी, 25 हजार मतों पर सिमटे प्रत्याशी।

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लोकसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी हमेशा से ही पहाड़ में अपने प्रत्याशी खड़ी करती आई है, लेकिन आज तक हाथी पहाड़ नहीं चढ़ पाया। स्थिति ये रही कि बसपा के वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष भी 2014 के लोकसभा चुनावों में 25 हजारत मतों पर सिमटकर रह गए थे।

वहीं, इस बार चुनाव में पहली बार बसपा ने सीमांत जनपद के दूरस्थ क्षेत्र के प्रत्याशी पर अपना विश्वास जताया है। उत्तराखंड बनने के बाद बसपा लोकसभा हो या विधानसभा चुनाव, प्रदेश में अपनी पैठ बनाने की कोशिश करती रहती है। विधानसभा चुनाव में प्रदेश के मैदानी जिले हरिद्वार से एक बार बसपा को सफलता भी मिली, लेकिन लोकसभा चुनाव में पहाड़ में बसपा के वोट हर बार घटते रहे। बसपा ने वर्ष 2004 में टिहरी लोकसभा से प्रत्याशी मैदान में उतारा, लेकिन उन्होंने नाम वापस ले लिया था।

मुन्ना सिंह चौहान वर्ष 2009 में बसपा के चुनाव चिह्न पर मैदान में उतरे-
इसके बाद वर्ष 2009 में भाजपा से बगावत कर मुन्ना सिंह चौहान वर्ष 2009 में बसपा के चुनाव चिह्न पर मैदान में उतरे। जिन्हें जौनसार पृष्ठभूमि और देहरादून जिले के नाते करीब 90 हजार के आसपास मत मिले। उसके बाद वर्ष 2014 में टिहरी लोकसभा सीट पर बसपा से वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष शीशपाल चौधरी ने चुनाव लड़ा, लेकिन वह 25 हजार मतों पर अटक गए थे।

बसपा ने फिर वर्ष 2019 में तत्कालीन देहरादून के जिलाध्यक्ष सत्यपाल को मैदान में उतारा, जो 15 हजार मत पर अटक गए। अब वर्तमान में बसपा ने मैदानी इलाकों को छोड़ सीमांत जनपद उत्तरकाशी के पुरोला विधानसभा से प्रत्याशी मैदान में उतारा है। अब यह तो मतगणना के दिन ही पता लग पाएगा कि क्या बसपा पहाड़ के प्रत्याशी के नाम पर मतों की संख्या बढ़ा पाएगी या नहीं। संवाद
उत्तराखंड की जनता भाजपा और कांग्रेस के कार्यकाल से परेशान हो गई है, इसलिए बसपा लगातार जनता के बीच आकर इन दोनों की कमियों को उजागर कर रही है।-सतेंद्र खत्री, प्रदेश सचिव बसपा।

Uttarakhand Election 2024: भाजपा ने बिछाई सियासी बिसात, चुनावी महाभारत के लिए तैयार किया चक्रव्यूह, जानिये क्या है रणनीति।

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लोकसभा के चुनावी महाभारत के लिए भाजपा ने अपना चक्रव्यूह तैयार कर दिया है। कांग्रेस और विपक्षी दलों के प्रत्याशियों के कड़ी चुनौती पेश करने के लिए पार्टी ने रणनीति के तहत उन चेहरों पार्टी में शामिल कराया, जिन्होंने 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस व निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर ताल ठोकी थी और अच्छे-खासे वोट हासिल किए थे।

लोकसभा चुनाव से ठीक पूर्व विधानसभा चुनाव के दूसरे या तीसरे स्थान पर रहे इन चेहरों के दम पर पार्टी अपनी चुनावी राह को आसान बनाने की कोशिश कर रही है। पार्टी के ज्वाइनिंग अभियान की गति बेशक अभी कुछ धीमी दिखाई दे रही है, लेकिन इसे भी सुनियोजित रणनीति का हिस्सा बताया जा रहा है।

भाजपा ने करीब 12,500 नए लोगों को पार्टी की सदस्यता-
सियासी हलकों में ये चर्चाएं अब खासी गरमा रहीं कि कांग्रेस के कुछ और बड़े चेहरे जिनमें विधायक भी बताए जा रहे हैं, कभी भी भाजपा का दामन थाम सकते हैं। भाजपा का शीर्ष नेतृत्व इस संभावना से इन्कार भी नहीं कर रहा है। गढ़वाल मंडल की तीन लोकसभा सीटों में से दो में सबसे अधिक राजनीतिक चेहरे कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए। कुछ ने घर वापसी की है। लोस चुनाव से पूर्व भाजपा ने करीब 12,500 नए लोगों को पार्टी की सदस्यता दिलाई। 

विरोधी पार्टी से तोड़ने और अपने संग जोड़ने की यह कवायद इसलिए भी अहम मानी जा रही कि बदरीनाथ सीट पर कांग्रेस के टिकट से चुनाव लड़े राजेंद्र भंडारी को पार्टी में शामिल करा दिया। भंडारी ने कांग्रेस से इस्तीफा देकर भाजपा की सदस्यता ले ली।

गढ़वाल लोस सीट से कुछ चेहरे भाजपा में आए-

बदरीनाथ ही नहीं गढ़वाल लोस क्षेत्र के अंतर्गत कुछ और विधानसभा क्षेत्रों से भी कुछ चेहरे भाजपा में शामिल हुए। इनमें केदारनाथ विस से 2022 का चुनाव लड़े कुलदीप रावत ने भाजपा की सदस्यता ली। वह चुनाव में दूसरे स्थान पर थे और उन्होंने 12,323 वोट हासिल किए थे। इसी तरह चौबट्टाखाल से कांग्रेस के प्रत्याशी रहे केसर सिंह नेगी भाजपा में चले गए। उन्हें 1,3497 वोट मिले थे। पौड़ी विस सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी रहे नवल किशोर ने भी भाजपा का दामन थाम लिया। उन्होंने 20,127 वोट हासिल किए थे। यमकेश्वर सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े शैलेंद्र सिंह रावत की भी भाजपा में वापसी हो गई। शैलेंद्र ने 17,980 वोट लिए थे। श्रीनगर गढ़वाल सीट से यूकेडी छोड़ कर आए मोहन काला भी भाजपा के हो गए। काला को विस चुनाव में 4271 वोट मिले थे

टिहरी लोकसभा सीट में भी लगी कांग्रेस में सेंध

कांग्रेस में सबसे बड़ी सेंध टिहरी लोकसभा क्षेत्र में लगी। यहां पुरोला सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी रहे मालचंद ने भाजपा में वापसी कर ली। मालचंद ने विस में 21,560 वोट लिए थे। गंगोत्री में खांटी कांग्रेसी रहे पूर्व विधायक विजय पाल सजवाण भी भाजपा में शामिल हो गए। गंगोत्री सीट पर दूसरे स्थान पर थे और उन्होंने 21,590 वोट हासिल किए थे। टिहरी लोस सीट पर दूसरे स्थान पर रहे दिनेश धनै भी भाजपा में शामिल हो गए। उन्हें 18,851 वोट मिले थे। इसके अलावा इसी सीट पर कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े धन सिंह नेगी ने भी भाजपा में वापसी कर ली। उन्होंने 6,385 वोट मिले थे। धनोल्टी सीट पर चुनाव लड़े जोत सिंह बिष्ट भी आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए। बिष्ट ने 2022 का चुनाव कांग्रेस के टिकट पर लड़ा था और 18,143 वोट लेकर वह दूसरे स्थान पर थे। इस सीट पर नंबर तीन रहे महावीर सिंह रांगड ने भी भाजपा में घर वापसी कर ली। रांगण ने भी 12,644 वोट हासिल किए थे।

हरिद्वार लोस में कुछ ही प्रत्याशी भाजपा में आए

हरिद्वार संसदीय क्षेत्र में बड़ी संख्या में पंचायत जनप्रतिनिधियों ने भाजपा का दामन थामा, लेकिन विस चुनाव के पूर्व प्रत्याशियों की संख्या गढ़वाल और टिहरी सीट से कम रही। टिहरी से पिता दिनेश धनै के भाजपा में शामिल होने के साथ ऋषिकेश से चुनाव लड़े कनक धनै भी भाजपा के हो गए। कनक ने 2022 के विस चुनाव में 13,080 वोट हासिल किए थे। भगवानपुर सीट पर अपनी भाभी कांग्रेस की ममता राकेश से हारे सुबोध राकेश ने बसपा छोड़कर भाजपा में वापसी कर ली। सुबोध राकेश को 39,997 वोट मिले थे। खानपुर सीट के पूर्व प्रत्याशी सुभाष चौधरी ने भाजपा में जा चुके हैं। उन्हें छह हजार से अधिक वोट मिले थे।

कुमाऊं में बेअसर रहा भाजपा के ज्वाइनिंग अभियान

गढ़वाल मंडल तुलना में भाजपा का ज्वाइनिंग अभियान कुमाऊं मंडल में प्रभावी नहीं रहा। नैनीताल लोस क्षेत्र में कालाढूंगी विस से महेश चंद्र शर्मा ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा। महेश चंद्र को 2022 के चुनाव में 43 हजार से अधिक वोट मिले थे। भीमताल विस सीट पर कांग्रेस से चुनाव लड़े दान सिंह भंडारी ने भी भाजपा में वापसी कर ली। भंडारी को 15 हजार से अधिक वोट मिले थे। किच्छा से प्रत्याशी रहे अजय तिवारी ने भी भाजपा की सदस्यता ली। उन्हें 6,000 से अधिक वोट मिले थे। इनके अलावा कुमाऊं मंडल से कांग्रेस का कोई बड़ा चेहरा भाजपा में शामिल नहीं हुआ।

टिहरी लोस

विस क्षेत्र   पूर्व प्रत्याशी 2022 में मिले वोट
पुरोला मालचंद 21,560
गंगोत्री विजयपाल सिंह सजवाण 21,590
टिहरी दिनेश धनै 18,851
टिहरी धन सिंह नेगी 6,385
धनोल्टी महावीर सिंह रांगड 12,644
धनोल्टी जोत सिंह बिष्ट 18,143

गढ़वाल लोस

बदरीनाथ राजेंद्र भंडारी 32,661
केदारनाथ कुलदीप रावत 13,423
चौबट्टाखाल केसर सिंह नेगी  13,497
पौड़ी नवल किशोर 20,127
यमकेश्वर शैलेंद्र सिंह रावत 17,980
श्रीनगर मोहन काला 4,271

हरिद्वार लोस

ऋषिकेश कनक धनै 13,080
भगवानपुर सुबोध राकेश 39,997
खानपुर सुभाष चौधरी   6,289

नैनीताल लोस

कालाढुंगी महेश चंद्र शर्मा 43,916
भीमताल दान सिंह भंडारी 15,788
किच्छा अजय तिवारी 6,219