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उत्तराखंड में 3 दिन के दौरे पर रहेंगे सीएम योगी, पैतृक गांव में करेंगे प्रवास, सुरक्षा कर्मियों की टीम पहुंची.

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Yogi Adityanath Uttarakhand Visit: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दो दिवसीय दौरे पर यमकेश्वर आ सकते हैं। अपने पैतृक गांव पंचूर में भतीजी की शादी के साथ ही वह कुछ और कार्यक्रमों में शामिल हो सकते हैं।उत्तर प्रदेश से सुरक्षा कर्मियों की एक टीम यहां पहुंच चुकी है। स्थानीय पुलिस, प्रशासन भी तैयारी में जुटा है। हालांकि, अभी सीएम योगी के कार्यक्रम का मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम नहीं आया है।

योगी महाविद्यालय में स्टालों का निरीक्षण करने के साथ किसानों को करेंगे सम्मानित-

 

गुरु गोरखनाथ महाविद्यालय बिथ्याणी में पांच और छह फरवरी को पंतनगर विश्वविद्यालय की ओर से कृषि मेला लगाया जाना है। छह फरवरी को मेले का समापन होना है। अब तक चल रही पुलिस और प्रशासनिक तैयारियों के अनुसार सीएम योगी महाविद्यालय में स्टालों का निरीक्षण करने के साथ किसानों को सम्मानित करेंगे।

 

महाविद्यालय में प्रशासन के साथ ही विवि की ओर से भी स्टाल लगाए जा रहे हैं। महाविद्यालय में लगे सौ फीट ऊंचे तिरंगे झंडे का भी वह उद्घाटन करेंगे। सात फरवरी को उनके पैतृक गांव पंचूर में उनकी भतीजी की शादी है। छह फरवरी को रात्रि विश्राम उनका पैतृक गांव पंचूर में होगा। दिन में वह शादी समारोह में शामिल होंगे। इसके साथ ही वह तल्ला बंणास मेंं एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होंगे।

 

उत्तर प्रदेश से एसपी सुरक्षा के नेतृत्व में एक टीम पहुंची-

 

बताया जा रहा है कि वहां उनका करीब दो घंटे का कार्यक्रम है। उसके बाद वह शाम को रवाना हो जाएंगे। वहीं, उत्तर प्रदेश से एसपी सुरक्षा के नेतृत्व में एक टीम पहुंच चुकी है। टीम ने कार्यक्रम स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को परखा। प्रभारी एसएसपी पौड़ी चंद्रमोहन सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का कार्यक्रम प्रस्तावित है। अभी कार्यक्रम नहीं आया है।

 

 

मायाकुंड में 43 लाख की लागत से बनेगा सामुदायिक केंद्र-

 

जागरण संवाददाता, ऋषिकेश: मायाकुंड में नगर निगम सामुदायिक केंद्र बनाएगा। करीब 43 लाख की लागत से निर्माण कार्यों का टेंडर जारी कर दिया गया है। वहीं, निगम ने डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए भी टेंडर जारी किए हैं। जब तक नई कंपनी काम के लिए नहीं आती है, पुरानी कंपनी ही जिम्मा संभालेगी। निगम क्षेत्र के मायाकुंड में पुराना भवन बना है। इस भवन में फिलहाल व्यवस्था ठीक नहीं है। यह जीर्ण-शीर्ण बना हुआ है।

 

 

जिलाधिकारी और नगर निगम के प्रशासक सविन बसंल के जनता दरबार में इसका मुद्दा उठा था। जिलाधिकारी ने नगर निगम के अधिकारियों को सामुदायिक केंद्र बनाने के निर्देश दिए। इसके बाद निगम ने इसके लिए प्रयास शुरू किए। निगम की ओर से 43 लाख की लागत से सामुदायिक केंद्र बनाने के टेंडर जारी किए गए हैं। इसमें हाल, कमरों का निर्माण कराया जाएगा।

 

 

नगर आयुक्त शैलेंद्र नेगी ने बताया कि इसके टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो गई है। वहीं, नगर निगम ने शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए भी टेंडर जारी किए हैं। शहर के चालीस वार्डों में निगम घरों से कूड़ा उठा रहा है। एक एजेंसी के माध्यम से यह काम किया जा रहा है। नगर आयुक्त ने बताया कि जब तक नई एजेंसी नहीं आ जाती तब तक पुरानी कंपनी को ही काम करने को कहा गया है।

बांग्लादेशी-घुसपैठियों का समर्थन और प्रोटेक्शन करती है दिल्ली की ‘आप’ सरकार, CM धामी का हमला.

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Dehradun: दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर चुनावी शोर थम चुका है.  इस बार दिल्ली चुनाव में बीजेपी ने तमाम दिग्गजों को चुनाव प्रचार में उतारा, जिसमें सीएम पुष्कर धामी भी शामिल रहे. उन्होंने चुनाव प्रचार को धार दी. वहीं, दिल्ली में चुनावी प्रचार प्रसार कर देहरादून लौटे सीएम धामी ने बड़ा बयान दिया है. सीएम धामी ने आरोप लगाते हुए कहा कि दिल्ली की आप सरकार एक ओर घुसपैठियों-बांग्लादेशियों का समर्थन और प्रोटेक्शन करती है तो वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश, बिहार और उत्तराखंड के लोगों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है.

 

सीएम धामी ने बांग्लादेशी घुसपैठिए के मामले में आप सरकार को घेरा-

 

 उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिल्ली में प्रचार प्रसार के दौरान बांग्लादेशी घुसपैठियों के मामले को लेकर आप सरकार पर जमकर निशाना साधा था. सीएम धामी ने आरोप लगाते हुए कहा कि जब घुसपैठियों और बांग्लादेशियों की बात आती है तो आम आदमी पार्टी वाले उनका समर्थन करते हैं. साथ ही उनको प्रोटेक्शन करते हैं. जबकि, उत्तर प्रदेश, बिहार और उत्तराखंड के रहने वाले लोगों को अपना नहीं समझते हैं, बल्कि उनको बाहरी समझते हैं. साथ ही इन लोगों के साथ दोगलापन जैसा व्यवहार करते हैं.

 

सीएम धामी- 

 

सीएम धामी ने कहा कि जब बांग्लादेश में नरसंहार हो रहा था. हिंदुओं के साथ अत्याचार और अमानवीय व्यवहार हो रहा था. माताओं-बहनों के साथ हर तरह से अन्याय हो रहा था, उस दौरान इन लोगों ने एक भी आवाज नहीं उठाई. जबकि, ये लोग छोटी-छोटी बातों पर जंतर मंतर में धरना करते हैं. कभी कैंडल मार्च निकालते हैं, लेकिन बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के मामले पर विपक्ष को सांप सूंघ गया था. यही वजह है कि दिल्ली की जनता अब इनसे सवाल कर रही है कि उस दौरान इन्होंने सवाल क्यों नहीं उठाया?

 

जेएनयू की रिपोर्ट से खलबली-

 

 दरअसल, दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के बीच बांग्लादेशी घुसपैठियों का मामला काफी चर्चाओं में रहा. हाल ही में जेएनयू (जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय) ने एक रिपोर्ट भी जारी की है. जिसके अनुसार दिल्ली के 20 इलाकों में बांग्लादेशी घुसपैठियों की आबादी काफी ज्यादा है. अनुमान लगाया जा रहा है कि दिल्ली में करीब बांग्लादेशी घुसपैठियों की आबादी 20 लाख है. यही वजह है कि बीजेपी लगातार इस पूरे मामले पर सवाल उठा रही है. विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी इस मामले को भुनाने की कवायद में भी जुटी हुई है.

 

Live In Relationship: लिव इन में रहने के लिए उत्तराखंड के पहले जोड़े को मिली मंजूरी, अब दूसरे जिले से भी आए आवेदन.

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समान नागरिक संहिता के तहत लिव इन रिलेशनशिप का पंजीकरण कराने के लिए प्राप्त तीन आवेदनों में से एक को कानूनी मान्यता दे दी गई है। लिव इन रिलेशनशिप के लिए पहले जोड़े को पंजीकृत कर लिया गया है। यह युगल देहरादून जिले का बताया जा रहा है, हालांकि दून से प्राप्त दो आवेदनों के अलावा एक आवेदन दूसरे जिले से भी प्राप्त हुआ था।

पहला पंजीकरण देहरादून से ही हुआ है, इस पर अभी जिला प्रशासन ने मुहर नहीं लगाई है, लेकिन सूत्रों के अनुसार पहला पंजीकरण दून क्षेत्र में ही हुआ है। गौरतलब हो कि उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता ने लिव इन रिलेशनशिप को कानूनी मान्यता मिलने के बाद दून में दो जोड़े सबसे पहले पंजीकरण कराने के लिए आगे आए।

दोनों युगलों ने यूसीसी पोर्टल पर आवेदन किया। इसके अलावा राज्य से दूसरे जिले से भी एक जोड़े ने आवेदन किया है। पुलिस आवेदनों की जांच कर रही है। दस्तावेज व दावे सही पाए जाने के बाद पहले जोड़े को लिव इन में रहने के लिए कानूनी तौर पर अनुमति दे दी गई है।
भरना होता है 16 पेज का फॉर्म-

यूसीसी अधिनियम के तहत जो भी जोड़े लिव इन रिलेशनशिप का पंजीकरण कराएंगे, उन्हें 16 पेज का फॉर्म भरना होगा। पंजीकरण शुल्क जमा करना होगा और यह भी बताना होगा कि अगर भविष्य में वह विवाह करना चाहें तो वो इस योग्य हैं या नहीं। जोड़े को पिछले लिव इन संबंधों का विवरण भी देना होगा।I

रेल बजट में उत्तराखंड की झोली में आए 4641 करोड़, चारधाम यात्रा के लिए ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन में आएगी तेजी.

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रेल बजट से उत्तराखंड की झोली में 4641 करोड़ रुपये आए हैं। बजट का यह आकार पड़ोसी राज्य हिमाचल, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली से कहीं अधिक है। राज्य के हिस्से आए बजट से सामरिक और चारधाम यात्रा के महत्व वाली 125 किलोमीटर लंबी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन का निर्माण और तेजी गति से करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा 11 रेलवे स्टेशनों को अमृत स्टेशन के रूप में विकसित करने में भी धन की कोई कमी नहीं होगी।

 

सोमवार को पत्र सूचना कार्यालय में वर्चुअल जुड़े रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पत्रकारों को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2009 से 2014 के बीच राज्य को कुल 187 करोड़ रुपये रेल बजट में मिले थे। इस लिहाज से देखें तो मौजूदा बजट का आकार 25 गुना है।

 

केंद्र सरकार ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन को लेकर गंभीर है। इससे न सिर्फ सामरिक महत्व की पूर्ति होगी, बल्कि चारधाम यात्रा को भी गति मिलेगी। 24 हजार 659 करोड़ रुपये की इस मेगा परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य वर्ष 2026 तय किया गया है। वर्तमान तक 49 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा किया जा चुका है।

 

 

कवच प्रणाली पर होगा काम-

प्रदेश में जिन 11 रेलवे स्टेशनों का विकास अमृत स्टेशन परियोजना में किया जा रहा है। इनके लिए 147 करोड़ रुपये का प्रविधान है। रेलवे में सुरक्षा की दृष्टि से कवच प्रणाली से उत्तराखंड को भी जोड़ा गया है। राज्य में 49 रूट किलोमीटर के लिए कवच प्रणाली की संस्तुति की गई है।

 

अमृत स्टेशन परियोजना वाले स्टेशन: देहरादून, हरिद्वार जंक्शन, हर्रावाला, काशीपुर जंक्शन, काठगोदाम, किच्छा, कोटद्वार, लालकुआं जंक्शन, रामनगर, रुड़की और टनकपुर।

 

रेलवे को बेहतर बनाने के लिए सरकार के प्रयासों को जारी रखा गया: अश्विनी वैष्णव

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को कहा कि बजट में रेलवे को बेहतर बनाने के लिए सरकार के प्रयासों को जारी रखा गया है। इसके लिए 2.52 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं और 17,500 सामान्य कोच, 200 वंदे भारत और 100 अमृत भारत ट्रेनों के निर्माण जैसी परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।

 

वैष्णव ने रेल भवन में संवाददाताओं से कहा कि बजट में 4.6 लाख करोड़ रुपये की नई परियोजनाएं शामिल की गई हैं। इन्हें चार से पांच वर्षों में पूरा किया जाएगा। इनमें नई लाइनें बिछाने, दोहरीकरण, चौगुनीकरण, नए निर्माण, स्टेशन पुनर्विकास, फ्लाईओवर, अंडरपास सहित कई अन्य परियोजनाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अगले दो से तीन वर्षों में 100 अमृत भारत, 50 नमो भारत और 200 वंदे भारत (स्लीपर और चेयर कार) ट्रेनें बनाई जाएंगी। नई अमृत भारत ट्रेनों से हम कई छोटी दूरी के शहरों को जोड़ेंगे।

National Games: उत्तराखंड को वेटलिफ्टिंग में मिला कांस्य पदक, एक गोल्ड समेत 19 पदक जीतकर 19 वें स्थान पर है राज्य.

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राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड को वेटलिफ्टिंग में कांस्य पदक मिला है। पुरुषों के 109 व इससे अधिक किलोग्राम भार वर्ग में विवेक पांडे ने कांस्य पदक जीता है। इसे मिलाकर अब तक राज्य 19 पदकों के साथ पदक तालिका में 19 वें स्थान पर है।

वेटलिफ्टिंग पुरुष प्लस 109 किलोग्राम में उत्तराखंड के विवेक ने 280 किलोग्राम भार उठाकर राज्य के लिए कांस्य पदक जीता। टनकपुर निवासी विवेक ने दो साल पहले वेटलिफ्टिंग की शुरुआत की थी।

हालांकि 12 साल की उम्र से उनका फिटनेस पर ध्यान था। इससे पहले वर्ष 2022 में उन्होंने छत्तीसगढ़ में आयोजित पावर वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता था। वहीं, बैडमिंटन में दो कांस्य और दो रजत पदक पक्के हैं।

अब तक इन खेलों में जीते इतने पदक-

उत्तराखंड ने अब तक वुशु, बैटमिंटन, वेटलिफ्टिंग, हैंडबॉल और योगासन में अच्छा प्रदर्शन किया है। वुशु में राज्य को सबसे अधिक एक स्वर्ण सहित 12 पदक मिले हैं। जबकि बैडमिंटन में दो रजत, हैंडबॉल में एक रजत और योगासन में एक रजत पदक मिला है। अब बॉक्सिंग, कैनोइंग एंड कयाकिंग, एथलेटिक्स आदि खेलों में राज्य को पदक की उम्मीद है।

विवेक की इस सफलता ने राज्य को वेटलिफ्टिंग क्षेत्र में नई पहचान दी है, उनके इस पदक से प्रेरित होकर उत्तराखंड के और युवा इस खेल की ओर आकर्षित होंगे।
– रेखा आर्या, खेल मंत्री

Uttarakhand News: उत्तराखंड तकनीकी विवि एक्ट होगा संशोधित, जल्द कैबिनेट में लाया जाएगा प्रस्ताव.

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उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय एक्ट संशोधित होगा। इसमें यह संशोधन किया जाएगा कि विश्वविद्यालय में शिक्षकों की नियुक्तियां लोक सेवा आयोग से न कर विश्वविद्यालय स्तर से की जाएंगी। तकनीकी शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा, इस संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।

सर्वे चौक स्थित आईआरडीए सभागार में हुई बैठक में तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा, यूटीयू का जब एक्ट बना तो इसमें शिक्षकों की नियुक्तियों का माध्यम लोक सेवा आयोग हो गया था। कैबिनेट में प्रस्ताव लाकर इसमें बदलाव किया जाएगा। उधर, नरेंद्रनगर में खुलने वाले लॉ कॉलेज के लिए भूमि का चयन कर लिया गया है।

बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि कॉलेज के चयनित भूमि के हस्तांतरण में तेजी लाई जाए। अधिकारियों को इसके लिए कार्यदायी संस्था भी निर्धारित करने के निर्देश दिए गए।लॉ कॉलेज के लिए पद सृजन के संबंध में प्रस्ताव यूटीयू की तरफ से भेजने पर सहमति बनी।

मंत्री ने नरेंद्रनगर इंटीग्रेटेड कॉलेज को जल्द शुरू करने के लिए निदेशक की तैनाती कर इसको अभिनव स्वरूप में शुरू करने का निर्देश दिया। बैठक में यह भी निर्णय लिया कि अवस्थापना सुविधाओं के विकास में सरकार 60:40 के अनुपात में सहयोग करेगी। बैठक में विभागीय सचिव रणजीत सिन्हा, कुलपति ओंकार सिंह आदि मौजूद रहे। 

National Games: उत्तराखंड ने बैडमिंटन में रचा इतिहास.. फाइनल में पहुंचीं महिला और पुरुष टीमें.

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उत्तराखंड बैडमिंटन में शुक्रवार का दिन ऐतिहासिक बन गया, जब राज्य की महिला और पुरुष टीम ने सेमीफाइनल में प्रतिद्वंद्वी टीम को 3-1 से हराकर फाइनल में जगह बना ली। शनिवार को उत्तराखंड की दोनों टीमों की भिड़ंत स्वर्ण के लिए होगी।

उत्तराखंड की पुरुष टीम ने शाम के समय राजस्थान को 3-1 से हराकर शानदार जीत हासिल की और फाइनल में प्रवेश कर लिया। उससे पहले सुबह के मैच में उत्तराखंड की महिला टीम ने असम को 3-1 से हराकर फाइनल में जगह बना ली थी।

पुरुष टीम का फाइनल मुकाबला शनिवार को कर्नाटक से होगा। उत्तरांचल राज्य बैडमिंटन संघ के सचिव बीएस मनकोटी ने बताया कि कर्नाटक से फाइनल मैच को लेकर राज्य टीम का मनोबल इसलिए भी बढ़ा है कि राज्य टीम कर्नाटक को पहले दौर के मैच में हरा चुकी है। फाइनल में महिला टीम का मुकाबला हरियाणा से होगा। मुकाबले सुबह 10 बजे से शुरू हो जाएंगे।

उत्तराखंड की पुरुष टीम में चिराग सेन, चयनित जोशी, ध्रुव नेगी, शाशांक छेत्री व अन्य खिलाड़ियों का प्रदर्शन शानदार रहा। वहीं उत्तराखंड की महिला टीम में अदिति भट्ट, गायत्री रावत, मंशा रावत, ए. मनराल का विजयी प्रदर्शन रहा। 

UKSSSC: युवाओं के लिए खुशखबरी.. सहायक कृषि अधिकारी समेत समूह-ग के 241 पदों पर निकली भर्ती, पढ़ें पूरा शेड्यूल.

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उत्तराखंड के विभिन्न विभागों में सहायक कृषि अधिकारी समेत समूह-ग के 241 पदों पर भर्ती निकली है। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने इसका विज्ञापन जारी कर दिया है। छह से 28 फरवरी के बीच आवेदन होगा। 20 अप्रैल को परीक्षा प्रस्तावित है।

आयोग की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, सहायक कृषि अधिकारी वर्ग-1 (रसायन शाखा) के सात, प्राविधिक सहायक वर्ग-1 (अभियंत्रण शाखा) के तीन, डेयरी विकास विभाग के अंतर्गत वरिष्ठ दुग्ध निरीक्षक के तीन, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अंतर्गत प्रयोगशाला सहायक (रसायन विज्ञान) के छह, खाद्य प्रसंस्करण शाखा वर्ग-3 (पर्यवेक्षक कैनिंग) के 19, पर्यवेक्षक (पाककला/कुकरी) का एक, मशरूम पर्यवेक्षक वर्ग-3 के पांच, प्रयोगशाला सहायक (वनस्पति विज्ञान) के छह, प्रयोगशाला सहायक (उद्यान विज्ञान) के छह, पशुपालन विभाग के अंतर्गत पशुधन प्रसार अधिकारी के 120, प्रयोगशाला सहायक के सात, स्नातक सहायक के दो, कारागार विभाग के अंतर्गत फार्मासिस्ट के 10, जल संस्थान के अंतर्गत कैमिस्ट के 12, विधि विज्ञान प्रयोगशाला के अंतर्गत फोटोग्राफर के तीन, सिंचाई विभाग के अंतर्गत प्रतिरूप सहायक के 25, वैज्ञानिक सहायक के छह रिक्त पदों को मिलाकर कुल 241 पदों पर भर्ती होगी।

इस भर्ती के लिए छह फरवरी से 28 फरवरी तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। जनरल, ओबीसी के लिए आवेदन शुल्क 300 रुपये, एससी, एसटी, ईडब्ल्यूएस व दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए शुल्क 150 रुपये होगा।

यहां करें आवेदन : www.sssc.uk.gov.in

आशुलिपिक-वैयक्तिक सहायक भर्ती का रिजल्ट जारी-

अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने शुक्रवार को आशुलिपिक-वैयक्तिक सहायक भर्ती परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया। इसकी अंतिम संशोधित उत्तर कुंजी भी जारी की गई है। पदों के सापेक्ष चार गुना अभ्यर्थियों के नाम रिजल्ट में शामिल किए गए हैं। अब आशुलिपि और टंकण का टेस्ट होगा, जिसकी सूचना अलग से जारी की जाएगी। आयोग ने अंतिम उत्तर कुंजी में एक सवाल को मूल्यांकन से हटा दिया है। रिजल्ट आयोग की वेबसाइट पर देख सकते हैं।

Uttarakhand Earthquake: उत्तरकाशी में फिर महसूस हुए भूकंप के झटके, दहशत में घरों और दुकानों से बाहर निकले लोग

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उत्तराखंड के उत्तरकाशी जनपद मुख्यालय में आज दोपहर फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप महसूस होते ही लोग दहशत में घरों और दुकानों से बाहर निकल आए। एक सप्ताह में तीन दिन लगातार आए झटकों से लोगों में दहशत का माहौल है।

जानकारी के अनुसार, दोपकर करीब 3:28 बजे भूकंप का झटका महसूस हुआ। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 2.7 मापी गई। इसका केंद्र तहसील भटवाड़ी के ग्राम साल्ड उपरिकोट निसमोर के मध्य वन क्षेत्र में धरती की सतह से पांच किमी नीचे था ।

राज्य में इस महीने पांच बार आ चुका भूकंप-

उत्तरकाशी में शु्क्रवार(24 जनवरी) को तीन बार भूंकप के झटके महसूस किए गए थे। इस महीने राज्य की बात करें तो बागेश्वर जिले में भी भूंकप आ चुका है। पिछले महीने भी राज्य में भूंकप के झटके महसूस किए गए थे।

नेशनल सेंटर फार सिस्मोलॉजी के अनुसार उत्तरकाशी में सुबह 7:41 पर भूकंप आया था। इसकी तीव्रता रिएक्टर स्केल पर 2.7 थी, इसके कुछ देर बात 8:19 पर फिर झटका महसूस किया गया। इस बार तीव्रता 3.5 रिएक्टर स्केल पर महसूस की गई। स्थानीय लोगों के अनुसार पौने ग्यारह बजे भी झटके महसूस किए गए थे। इन झटकों से लोगों में भय व्याप्त हो गया।इस महीने की बात करें तो राज्य में बागेश्वर में 10 जनवरी को रात एक बजे के बाद भूंकप आया था, उसकी तीव्रता 2.2 थी। आज उत्तरकाशी में फिर भूकंप महसूस हुआ।

पिछले महीने भी पांच बार आ चुका भूंकप-

राज्य में पिछले महीने भी कई भूंकप आ चुके हैं। नेशनल सेंटर फार सिस्मोलॉजी ने पिछले महीने आए भूंकप को लेकर रिपोर्ट तैयार की है। उसमें बताया गया कि दिसंबर के महीने में देश में 44 भूंकप आया। इसमें सर्वाधिक मणिपुर में छह और उसके बाद उत्तराखंड और असम में पांच-पांच आए।

क्यों आता है भूकंप?

पृथ्वी के अंदर 7 प्लेट्स हैं, जो लगातार घूमती रहती हैं। जहां ये प्लेट्स ज्यादा टकराती हैं, वह जोन फॉल्ट लाइन कहलाता है। बार-बार टकराने से प्लेट्स के कोने मुड़ते हैं। जब ज्यादा दबाव बनता है तो प्लेट्स टूटने लगती हैं। नीचे की ऊर्जा बाहर आने का रास्ता खोजती हैं और डिस्टर्बेंस के बाद भूकंप आता है।

Uttarakhand: गणतंत्र दिवस परेड में उत्तराखंड की झांकी को मिला देश में तीसरा स्थान, देखे तस्वीरें.

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गणतंत्र दिवस के अवसर पर दिल्ली में कर्तव्य पथ पर सांस्कृतिक विरासत एवं साहसिक खेल पर आधारित उत्तराखंड की झांकी को देश में तीसरा स्थान मिला है। झांकी के अगले भाग में उत्तराखंड की प्रसिद्ध ऐपण कला को बनाते हुए एक पारंपरिक वेशभूषा में महिला को दिखाया गया था। यह ऐपण आर्ट आज विश्वभर में प्रसिद्ध है। ऐपण कला उत्तराखंड की सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व को दर्शाती है। इस कला को उत्तराखंडी महिलाएं पूजा कक्षों, घरों के प्रवेशद्वारों, फर्श और दीवारों पर बनाती हैं। इसे बनाने के लिए चावल का आटा व गेरू का उपयोग किया जाता है।

 

झांकी के ट्रेलर पार्ट में उत्तराखंड के साहसिक खेलों एवं साहसिक पर्यटन को चित्रित किया गया था। जैसे- नैनीताल और मसूरी में हिल साइकिलिंग, फूलों की घाटी और केदारकांठा की ट्रेकिंग, ओली में स्नो स्कीइंग, ऋषिकेश में योगा, बंजी जंपिंग, जिप-लाइनिंग एवं रॉक क्लाइंबिंग की रोमांचकारी गतिविधियों को दर्शाया गया।