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SIR: 22 साल में दोगुने हुए मतदाता… छंटनी के लिए प्री एसआईआर, यहां बढ़े सबसे ज्यादा मतदाता; देखें आंकड़े.

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पिछले 22 साल में मतदाताओं की संख्या देहरादून जिले में आठ लाख से लगभग 16 लाख हो गई है। इसमें सबसे ज्यादा मतदाता नगर निगम देहरादून में बढ़े हैं। इन बढ़े मतदाताओं की कुंडली खंगालने की तैयारी शुरू हो गई है।

फिलहाल बीएलओ ने प्री एसआईआर शुरू कर दिया है। 2003 की मतदाता सूची को इसका आधार बनाया जा रहा है। इसी महीने के अंत तक प्री एसआईआर पूरा करना है ताकि मुख्य एसआईआर के आदेश आएं और उस काम को पूरी गुणवत्ता और समयसीमा में पूरा किया जा सके।

विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) देश के 12 राज्यों में चल रहा है और जल्द ही उत्तराखंड में भी शुरू होने वाला है। इसी कड़ी में प्रशासन ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं।

रोजाना 30 मतदाताओं का मिलान-
बीएलओ प्री एसआईआर के तहत घर-घर जाकर रोजाना 30 मतदाताओं का मिलान कर रहे हैं। मुख्य एसआईआर में राजनीतिक दलों के एजेंटों को भरोसे में लेने के साथ ही उनकी मदद ली जाएगी ताकि एसआईआर निष्पक्ष हो और किसी प्रकार के आरोप न लगें।
वर्तमान मतदाता सूची के साथ होगा मिलान-
सुपरवाइजर से लेकर बीएलओ कार्य में जुट गए हैं। बीएलओ की ओर से 2003 और 2005 की मतदाता सूची के बीच नामों में अंतर को खोजा जाएगा और उसके कारण की समीक्षा की जाएगी। वर्तमान मतदाता सूची के साथ मिलान भी किया जाएगा।
दून में बढ़े सबसे ज्यादा मतदाता-
जिले में सबसे ज्यादा विस्तार देहरादून नगर निगम का हुआ। 2003 में यहां मात्र 45 वार्ड थे। अनुमानित मतदाताओं की संख्या उस समय करीब दो-ढाई लाख रही। उसके बाद शहर का तेजी से विकास हुआ। 45 वार्ड से आज नगर निगम 100 वार्ड तक पहुंच गया।
पूरे जिले में आज करीब 15.56 लाख के करीब मतदाता हैं। इनमें पुरुष मतदाता 8.9 लाख और महिला मतदाता 7.47 लाख के करीब हैं। अकेले देहरादून शहर में मतदाताओं की संख्या 7.71 लाख से ज्यादा है।
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2018 नगर निगम के चुनाव के बाद से ही कुल मतदाताओं में देहरादून शहर में 22 प्रतिशत से ज्यादा वृद्धि हुई। ऐसे में 2003 के सापेक्ष मतदाताओं की संख्या यहां तीन गुना से ज्यादा बढ़ी।

देहरादून में प्री एसआईआर चल रहा है। अभी मुख्य एसआईआर शुरू नहीं हुआ और न ही इसकी तिथि आई है। प्री एसआईआर के तहत प्रति बीएलओ को रोजाना 30 मतदाताओं के घर जाना है। दिसंबर के अंत तक इसके पूरा होने की उम्मीद है। – अभिनव शाह, सीडीओ

Dehradun: बेरोजगार नर्सिंग का प्रदर्शन, सचिवालय कूच करने पहुंचे, समर्थन में पहुंचे कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत

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नर्सिंग एकता मंच के नेतृत्व में सैकड़ों बेराजगार मुख्यमंत्री आवास कूच करने पहुंचे। प्रदर्शन कर रहे बेराजगारों को समर्थन देने कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत भी पहुंचे। कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत ने कहा कि आप प्रदर्शन कर रहे थे उस दिन भी आपको गिरफ्तार किया गया। आप अपनी उम्मीद अपनी मांग को लेकर जिस तरह संघर्ष कर रहे है। लोकतंत्र में जब-जब संघर्ष होता है और एकता होती है उसका नतीजा हमेशा सकारात्मक होता है।

हरक सिंह रावत ने कहा कि आवास घेराव करने से पहले मैंने स्वास्थ्य मंत्री को फ़ोन किया तो उन्होंने अपने पश्चिम बंगाल में होने की जानकारी दी। मंच के प्रदेश अध्यक्ष नवल पुंडीर ने कहा कि संगठन पिछले कई दिनों से वर्षवार भर्ती निकालने और आयु सीमा में छूट देने समेत कई मांगों को लेकर धरना दे रहा है। सोमवार को संगठन के सभी बेरोजगारों ने मुख्यमंत्री आवास कूच किया।

इससे पहले भी सैकड़ों बेराजगारों ने मुख्यमंत्री आवास कूच किया। इस दौरान हाथीबड़कला में बेरोजगारों और पुलिस के बीच करीब दो घंटे तक झड़प हुई। एक महिला पुलिसकर्मी पर कूच में शामिल एक महिला के साथ मारपीट करने का भी आरोप लगा है। सोशल मीडिया पर इसका एक वीडियो भी वायरल हो रहा है। बेरोजगारों के इस व्यहार पर प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की।

Uttarakhand: प्रदेश में पहली बार जनजातीय स्कूल के छात्र पढ़ेंगे गीता का पाठ, पाठ्यक्रम में किया गया शामिल.

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प्रदेश में पहली बार जनजातीय स्कूल के छात्र गीता का पाठ पढ़ेंगे। झाझरा स्थित जनजातीय स्कूल में श्रीमद्भागवत गीता के पाठ्यक्रम को शामिल किया गया है। यह प्रदेश का पहला विद्यालय बना है जिसमें यह पाठ्यक्रम का हिस्सा बना है।

झाझरा स्थित जनजातीय विद्यालय दून संस्कृति स्कूल में गणित, हिंदी, अंग्रेजी के साथ अब गीता के पाठ्यक्रम को भी पढ़ाया जाएगा। इसके लिए पौंधा गुरुकुल के आचार्य अंकित आर्य की नियुक्ति की गई है। पूर्व सांसद तरुण विजय ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान और रूस के राष्ट्रपति पुतिन को गीता भेंट करने से प्रेरित होकर विद्यालय ने गीता के पाठ को अनिवार्य करने का निर्णय लिया है।

अब श्रीमद्भागवत गीता को दैनिक पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया गया है। कक्षा चार से 10 तक के विद्यार्थियों के लिए इस पाठ्यक्रम को अनिवार्य किया गया है। पूर्व सांसद तरुण विजय ने इसे राष्ट्रव्यापी आंदोलन बनाने के साथ ही सभी विद्यालयों में नियमित रूप से इसे पढ़ाने की अपील की है। इसमें आर्य समाज मंदिर धामावाला के प्रधान सुधीर गुलाटी का सहयोग रहा।

गणित, हिंदी की तरह लगेगी गीता की क्लास-

जनजातीय स्कूल में अब हिंदी, गणित की तरह गीता के पाठ की भी क्लास लगेगी। हर दिन गीता के पाठ का लेक्चर चलेगा। शनिवार से इस पाठ्यक्रम की शुरुआत हो गई। इस विद्यालय में नागालैंड, मणिपुर समेत उत्तर पूर्वांचल के छात्र-छात्राएं भी पढ़ाई करते हैं।

 

Dehradun: भोजन भत्ता बढ़ा…महिला होमगार्ड को मातृत्व अवकाश, होमगार्ड स्थापना दिवस पर सीएम धामी ने की घोषणाएं.

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होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वार्षिक कैलेंडर का विमोचन किया। इसके साथ मुख्यमंत्री धामी ने अहम घोषणाएं भी की। होमगार्ड जवानों को साल में 12 आकस्मिक अवकाश मिलेंगे। महिला होमगार्ड को मातृत्व अवकाश मिलेगा।

सीएम धामी ने घोषणा की कि 9000 फीट से ऊपर तैनाती पर 200 प्रोत्साहन राशि  पुलिस-एसडीआरएफ की तर्ज पर दिया जाएगा। एसडीआरएफ ट्रेनिंग प्राप्त होमगार्ड को 100 रुपये अतिरिक्त भत्ता दिया जाएगा। इसके अलावा वर्दी भत्ता भी दोबारा शुरू, किया गया  है। भोजन भत्ते में भी 50 फीसदी की बढ़ोतरी होगी। ट्रेनिंग भत्ता 50 रुपये से बढ़ाकर 140 रुपये किया गया।

प्रथम सीडीएस को दी श्रद्धांजलि-
वहीं सीएम धामी ने कनक चौक स्थित पार्क में भारत के प्रथम चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ स्व. जनरल बिपिन रावत की चतुर्थ पुण्यतिथि पर उनकी प्रतिमा पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने जनरल रावत के अदम्य साहस, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र के प्रति उनके सर्वोच्च समर्पण को स्मरण करते हुए उन्हें उत्तराखंड एवं देश का गौरव बताया। उन्होंने कहा कि जनरल बिपिन रावत का जीवन देशभक्ति, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणादायक मिसाल है, जो आने वाली पीढ़ियों को सदैव राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा।

मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों, सैनिकों एवं नागरिकों के साथ दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शहीदों के सम्मान में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

Uttarakhand: वीरान गांवों में फिर आई बहार, 25 से 35 आयु वर्ग के 43% युवाओं ने किया रिवर्स पलायन.

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उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों से हो रहे पलायन के बीच प्रवासियों के गांव व घर वापसी करने में सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। रिवर्स पलायन करने वालों में 25 से 35 आयु वर्ग के 43 प्रतिशत युवा प्रवासी वापस अपने गांव लौटे हैं।

अब कृषि, पशुपालन, पर्यटन, स्वरोजगार अपनाकर गांव की मिट्टी में जड़ें जमा रहे हैं। पलायन निवारण आयोग की रिवर्स पलायन की सर्वे रिपोर्ट के अनुसार गांव से पलायन करने वाले कुल 6282 प्रवासी अपने गांव लौटे हैं। इसमें सबसे अधिक 43% 25 से 35 आयु वर्ग के प्रवासी है।

25 साल से कम आयु वर्ग में 28.66% और 35 साल से अधिक आयु वर्ग में 29.09% प्रवासियों ने गांव वापसी की है। रिवर्स पलायन में पौड़ी जिला पहले स्थान पर है। जबकि दूसरे पर अल्मोड़ा व तीसरे स्थान पर टिहरी जिला है।
गांव लौटे 39% ने कृषि को बनाया व्यवसाय-
रिवर्स पलायन कर प्रवासियों ने गांव में कृषि, पर्यटन, पशुपालन को मुख्य व्यवसाय के रूप में अपनाया। 39 प्रतिशत ने कृषि क्षेत्र में खेती, बागवानी, सब्जी उत्पादन, मसाले की खेती, औषधीय व सगंध फसलों की खेती, मधुमक्खी पालन, पुष्प उत्पादन, जैविक खेती, मशरूम उत्पादन शुरू किया। जबकि 21.5 प्रतिशत ने पर्यटन क्षेत्र में होमस्टे, होटल, रेस्टोरेंट, कैटरिंग व यात्रा सेवा में व्यवसाय शुरू किया। लगभग 18 प्रतिशत ने पशुपालन क्षेत्र में डेयरी, बकरी पालन, भेड़ पालन, पोल्ट्री पालन, मत्स्य पालन का का काम शुरू किया।
जिला लौटे जिला लौटे
पौड़ी 1213 रुद्रप्रयाग 342
अल्मोड़ा 976 चंपावत 324
टिहरी 827 नैनीताल 300
चमोली 760 देहरादून 201
उत्तरकाशी 448 हरिद्वार 141
बागेश्वर 368 यूएसनगर 38
पिथौरागढ़ 344 कुल  6282

कोविड महामारी के बाद रिवर्स पलायन में तेजी आई है। विदेशों, दूसरे राज्यों व प्रदेश के अंदर दूसरे जिलों में पलायन करने वाले लोगों में गांव लौटने की प्रवृत्ति बढ़ रही है। आयोग की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि प्रवासी लौटे 169 हैं विदेशों से विदेशों में अगस्त रह रहे 169 प्रवासी अपने गांव लौटे हैं। इसमें सबसे अधिक टिहरी जिला में 66 प्रवासी शामिल हैं। इसके अलावा देश के अन्य राज्यों में 4769 प्रवासी ने गांव लौटे। राज्य में अंदर ही दूसरे जिलों में पलायन करने वाले 1127 लौटे ने गांव की वापसी की है।

चौखुटिया स्वास्थ्य आंदोलन- कांग्रेस ने पुलिस दमन का किया विरोध. नेता विपक्ष आर्य और विधायक मदन बिष्ट पहुंचे धरना स्थल.

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विकासखण्ड चौखुटिया से स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के विरोध में देहरादून पहुंचे आंदोलनकारियों के साथ पुलिस द्वारा किए गए दमन को हम कड़ा नकारते हैं।

धरना स्थल पर पहुंचे नेता विपक्ष यशपाल आर्य व विधायक मदन बिष्ट ने कहा कि यह कार्रवाई न केवल अत्यंत निंदनीय है, बल्कि लोकतान्त्रिक मूल्यों के सीधा अपमान भी है।

स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधा माँगना कोई अपराध नहीं हो सकता। आंदोलनकारियों को रोकने, डराने और दबाने का प्रयास लोकतंत्र की आत्मा पर चोट है। जनता की आवाज़ को घेराबंदी कर दबाना सरकार के असंवेदनशील और अहंकारी रवैये को दर्शाता है — जो किसी भी नागरिक जगत के लिए स्वीकार्य नहीं।

आज आवश्यकता पुलिस बल की नहीं, योजनाओं, संसाधनों और संवेदनशीलता की है। स्वास्थ्य सुविधाएँ सभी नागरिकों का मूल अधिकार हैं, और इस अधिकार के समर्थन में जनता अकेली नहीं है — हम उनकी आवाज़ सदन से सड़क तक मजबूती से उठाते रहेंगे।

यह सरकार जितना दबाएगी, जनता की आवाज़ उतनी ही ऊँची और सशक्त होकर उठेगी। जनहित के मुद्दों पर समझौता नहीं होगा — यह लड़ाई जनता के हक़ की है और पूरी ताकत से जारी रहेगी।

जनता की आवाज़ को रोका नहीं जा सकता, जनता के अधिकारों को दबाया नहीं जा सकता।

Dehradun: उत्तराखंड विधानसभा में राष्ट्रपति मुर्मू के संबोधन की बड़ी बातें.

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 उत्तराखंड के तीन दिवसीय दौरे के दूसरे दिन यानी आज राष्ट्रपति द्राैपदी मुर्मू ने राज्य विधानसभा के विशेष सत्र को संबोधित किया। सुबह 11 बजे राष्ट्रपति विधानसभा कक्ष में पहुंचीं। विधानसभा अध्यक्ष ने राष्ट्रपति के आगमन पर स्वागत अभिवादन किया। उन्होंने कहा कि ये उत्तराखंड के लिए गर्व की बात है। मंच पर सीएम धामी भी मौजूद रहे।

राष्ट्रपति मुर्मू ने महिलाओं, राज्य आंदोलनकारियों व प्रदेश भर के लोगों का आभार जताया। कहा कि आपके आगमन से नई ऊर्जा मिली। अब तक 500 विधेयक पास हुए। महत्वपूर्ण अवसर पर दलगत राजनीति से ऊपर उठकर संसदीय लोकतंत्र की स्थापाना की। उन्होंने यूसीसी की सराहना की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यब राज्य के लिए गौरवशाली समय है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति का सम्पूर्ण जीवन संकल्प व संघर्षरत रहा है। निजी जीवन में लगातार संघर्ष किया है।

नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने विशेष सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि मेरा सौभाग्य है कि यहां राष्ट्रपति का सम्बोधन हुआ।उत्तराखंड भौगोलिक परिस्थितियों के चलते विभिन्न है हमारे पड़ोसी चीन व नेपाल है। गंगा व जमुना हमारी सभ्यता से जुड़ी हैं।

नेता प्रतिपक्ष नेता ने प्राकृतिक आपदा को सामने रखते हुए कहा कि हमें इन आपदाओं से निपटने के समुचित प्रबंध करना होगा। उन्होंने उत्तराखंड के जल,जंगल व जमीन को बचाने के उपाय सुझाए। उन्होंने प्लेन्स रोजगार, स्वास्थ्य व शिक्षा का विस्तार व सुदृढ़ करने पर बल दिया।

 

उत्तराखण्ड में लागू होगा “ग्रीन सेस” CM धामी ने दे दिए निर्देश; रेवेन्यू में आएगा उछाल.

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राज्य सरकार को करोड़ों का ग्रीन सेस मिलने की उम्मीद

 

Dehradun- उत्तराखण्ड राज्य के गठन के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर राज्य सरकार ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए “ग्रीन सेस” लागू करने की घोषणा की है।
यह सेस अन्य राज्यों से आने वाले वाहनों पर वसूला जाएगा, जिससे प्राप्त धनराशि वायु प्रदूषण नियंत्रण, हरित अवसंरचना और स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन पर खर्च की जाएगी।
ग्रीन सेस फ़ास्ट टैग से कटेगा। राज्य सरकार को 100 करोड़ की आमदनी होने की उम्मीद है।

 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि “उत्तराखण्ड के 25 वर्ष पूरे होने पर यह हमारी प्रतिबद्धता है कि हम राज्य को स्वच्छ, हरित और प्रदूषण-मुक्त बनाएँ। ‘ग्रीन सेस’ से प्राप्त राजस्व का उपयोग वायु गुणवत्ता सुधार, हरित अवसंरचना और स्मार्ट यातायात प्रबंधन में किया जाएगा।”

 

राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UKPCB) के मेंबर सेक्रेटरी डॉ. पराग मधुकर धकाते ने बताया कि बोर्ड के अध्ययन के अनुसार देहरादून में वायु प्रदूषण का सबसे बड़ा स्रोत सड़क की धूल (55%) है, जबकि वाहन उत्सर्जन (7%) भी एक प्रमुख कारण है।
ग्रीन सेस के माध्यम से सड़क धूल नियंत्रण और स्वच्छ वाहन नीति अपनाना शहर की वायु गुणवत्ता सुधारने का सबसे प्रभावी कदम होगा।

 

भारत सरकार के “स्वच्छ वायु सर्वेक्षण –

2024” में उत्तराखण्ड के शहरों ने शानदार प्रदर्शन किया है — ऋषिकेश को 14वाँ और देहरादून को 19वाँ स्थान प्राप्त हुआ है। राज्य सरकार इस उपलब्धि को और सुदृढ़ करने के लिए ग्रीन सेस से मिलने वाली आय का उपयोग करेगी।

मुख्य उद्देश्य
• वायु प्रदूषण में कमी और एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) में सुधार
• पुराने प्रदूषणकारी वाहनों पर नियंत्रण
• स्वच्छ ईंधन आधारित वाहनों को प्रोत्साहन
• सड़क धूल, वृक्षारोपण और वायु निगरानी नेटवर्क में सुधार

 

मुख्य विशेषताएँ

•   बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों से “ग्रीन सेस” वसूला जाएगा
•   इलेक्ट्रिक, हाइड्रोजन, सोलर और बैटरी वाहनों को छूट दी जाएगी
•   इससे राज्य को लगभग ₹100 करोड़ प्रतिवर्ष की आय होने का अनुमान
•   यह राशि वायु निगरानी, रोड डस्ट नियंत्रण, हरित क्षेत्र विस्तार और स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम पर व्यय होगी

राज्य सरकार ने कहा कि यह पहल उत्तराखण्ड को “स्वच्छ वायु – स्वस्थ जीवन” की दिशा में एक नई पहचान देगी।

Uttarakhand: सीएम धामी 30 को बिहार में करेंगे चुनावी रैली, प्रमुख नेताओं को सौंपी गई प्रचार की जिम्मेदारी.

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी 30 अक्तूबर को बिहार में दो चुनावी रैली को संबोधित करेंगे। यह चुनावी जनसभा मोतिहारी जिले के कल्याणपुर और हरसिद्धि विधानसभा क्षेत्र में होगी। बिहार विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा नेतृत्व ने जिन प्रमुख नेताओं को प्रचार की जिम्मेदारी सौंपी है, उसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी शामिल हैं।

समान नागरिक संहिता (यूसीसी) समेत अपने कई निर्णयों के लिए सीएम धामी सुर्खियों में रहे हैं। सीएम धामी बिहार चुनाव में इससे पहले गोरियाकोठी, वारसलीगंज, सिवान विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी प्रत्याशियों के लिए प्रचार कर चुके हैं। एक बार फिर मुख्यमंत्री ने चुनाव जनसभाओं में वोट मांगेंगे।

बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा के कार्यक्रम विभाग संयोजक सुशील चौधरी ने सीएम धामी का प्रस्तावित कार्यक्रम जारी किया है। 30 अक्तूबर को सीएम धामी सुबह 11:15 पर पटना हवाई अड्डे से निजी विमान से कल्याणपुर के लिए प्रस्थान करेंगे।

महात्मा गांधी मिडिल स्कूल ग्राउंड, कल्याणपुर स्थित सभा स्थल पर बारह बजकर पांच मिनट पर प्रस्तावित जनसभा में सीएम धामी भाग लेंगे। इसके बाद अपराह्न 1:55 पर महावीर रामेश्वर इंटर काॅलेज, सोनवर्षा, हरसिद्धि में आयोजित जनसभा में भाग लेंगे।

Uttarakhand: राज्य की डेमोग्राफी बचाने पर CM धामी का जोर, अधिकारियों को चेतावनी; दिए ये निर्देश.

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य की डेमोग्राफी और सांस्कृतिक मूल्यों को किसी भी कीमत पर खराब नहीं होने दिया जाएगा। यहां का मूल बचा रहना चाहिए। डेमोग्राफी चेंज मामले में पहले ही राज्य के सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए जा चुके हैं। जिन अफसरों के कालखंड में डेमोग्राफी चेंज जैसी गतिविधियां हुई हैं। राशन कार्ड बने हों, आधार कार्ड बने हों या फिर बिजली का कनेक्शन दे दिया गया हो वे भी इसके लिए जिम्मेदार होंगे।

मुख्यमंत्री धामी ने पत्रकारों से संक्षिप्त वार्ता की। कहा कि पहले के समय में राज्य की डेमोग्राफी में अंतर हुआ है। काफी चीजें ऐसी हुई हैं जिसमें पहले ध्यान नहीं दिया गया।

 

अब ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। सीएम ने किच्छा के खुरपिया में औद्योगिक फार्म की स्थापना का काम तेजी से करने और वहां 1000 करोड़ की लागत से आधारभूत सुविधाएं जुटाने की बात कही है। दावा किया कि औद्योगिक फार्म की स्थापना प्रदेश में रोजगार सृजन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण साबित होगी। यहां कई बड़े समूह अपने उद्योग स्थापित करेंगे। इससे प्रदेश के युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।

हेली सेवाओं से जुड़े एक सवाल के जवाब में सीएम ने कहा कि पंतनगर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का काम तेजी से शुरू कराया जा रहा है। इसके लिए वह स्वयं केंद्रीय उड्डयन मंत्री से मिल चुके हैं। पंतनगर में अंतरराष्ट्रीय मानकों के मुताबिक हवाई अड्डा तैयार किया जाएगा, जहां से देश के विभिन्न हिस्सों के लिए हवाई सेवाएं शुरू होंगी। इसका लाभ उत्तराखंड के लोगों के अलावा यहां आने वाले सैलानियों को भी मिलेगा।

वन अधिनियम के कारण खेल विश्वविद्यालय की स्थापना पर लगे अड़ंगे के सवाल पर धामी ने कहा कि इस संबंध में केंद्रीय वन मंत्री से वार्ता हुई है। जल्द ही वन भूमि से संबंधित समस्याओं को हल करा दिया जाएगा। वन भूमि का मुद्दा सुलझने के तुरंत बाद खेल विश्वविद्यालय की स्थापना की दिशा में तेजी से काम होगा।