Month: June 2024

उत्तराखंड में अगले 2 दिन बिगड़ा रहेगा मौसम, बारिश और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी।

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उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में मौसम बिगड़ा रहेगा। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार पहाड़ी जिलों में आज गर्जना के साथ बारिश और ओलावृष्टि होने के आसार हैं। साथ ही 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।

वहीं, राजधानी दून में अगले दो दिन तक बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग की ओर से इसको लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। बृहस्पतिवार को दून का अधिकतम तापमान 37 डिग्री और न्यूनतम 22 डिग्री सेल्सियस रहा सकता है।

बारिश ने दी गर्मी से राहत-

वहीं, बुधवार देर शाम को चली ठंडी हवाओं के बाद जमकर बारिश हुई। इससे मौसम सुहाना हो गया। ऐसे में गर्मी झेल रहे प्रदेशवासियों ने राहत महसूस की। जिससे तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई।

Uttarakahnd: सहस्त्रताल ट्रैक पर 22 सदस्यीय दल में से 9 ट्रैकर्स की मौत, 10 ट्रैकर्स सुरक्षित, द्रौपदी का डांडा हिमस्खलन के बाद दूसरा बड़ा हादसा।

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उत्तरकाशी-टिहरी जनपद की सीमा पर करीब 14500 फीट की ऊंचाई पर स्थित सहस्त्रताल ट्रैक पर गए 22 सदस्यीय दल में से नौ ट्रैकर्स की मौत हो गई। दस ट्रैकर्स को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है। वर्ष 2022 में हुए निम के द्रौपदी का डांडा हिमस्खलन हादसे के बाद यह दूसरा बड़ा हादसा है।

चार अक्तूबर 2022 को निम के इतिहास में वह तारीख है जिसने निम प्रबंधन को कभी न भूलने वाला गम दिया। हादसे में निम के 34 प्रशिक्षुओं का दल द्रौपदी का डांडा-2 चोटी आरोहण के दौरान हिमस्खलन की चपेट में आ गया था जिसमें कुल 27 लोगों की मौत हो गई थी। वहीं दो लोग अब भी लापता चल रहे हैं।

इनमें उत्तराखंड से नौसेना में नाविक विनय पंवार व हिमाचल निवासी लेफ्टिनेंट कर्नल दीपक वशिष्ट शामिल थे। हालांकि उस दौरान निम के साथ एसडीआरएफ की टीम ने दोनों लापता लोगों की खोजबीन के लिए माइनस 25 डिग्री तापमान में भी विशेष अभियान चलाया।

अब एक और हादसे के खबर उत्तरकाशी-टिहरी जनपद की सीमा पर करीब 14500 फीट की ऊंचाई पर स्थित सहस्त्रताल ट्रैक से आई।
कल मंगलवार को चार ट्रैकर की ठंड लगने से मौत हो गई। वहीं आज पांच ट्रैकर्स की और मौत हो गई। दस ट्रैकर्स को सुरक्षित लाया जा चुका है। मौसम खराब होने के कारण ट्रैकर्स रास्ता भटक गए थे। जिले की ट्रैकिंग एजेंसियों के माध्यम से जिला आपदा प्रबंधन को इसकी सूचना मिली। जिससे विभाग ने रेस्क्यू के लिए कार्रवाई शुरू कर दी है।
 29 मई को एक 22 सदस्यीय दल मल्ला-सिल्ला से कुश कुल्याण बुग्याल होते हुए सहस्त्रताल की ट्रैकिंग के लिए निकला था। दो जून को यह दल सहस्त्रताल के कोखली टॉप बेस कैंप पहुंचा।
तीन जून को वह सहस्त्रताल के लिए रवाना हुए। वहां अचानक मौसम खराब होने, घने कोहरे और बर्फबारी के बीच ट्रैकर फंस गतए। पूरी रात उन्हें ठंड में बितानी पड़ी। ट्रैकर्स में से किसी ने इसकी सूचना दल को ले जाने वाली गढ़वाल माउंटनेरिंग एवं ट्रैकिंग एजेंसी के मालिक को दी। बताया कि ठंड लगने से चार ट्रैकर की मौत हो गई है जबकि सात की तबीयत खराब है और 11 वहां फंसे हुए हैं।

Chardham Yatra 2024: चारधाम यात्रा में लगातार बढ़ रही है श्रद्वालुओं की भीड़, अब तक 15.67 लाख श्रद्धालु कर चुके है दर्शन। 

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Chardham Yatra 2024: आज से शुरू हुए ऑफलाइन पंजीकरण, एक दिन में 3000 लोगों को अनुमति।

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चारधाम यात्रा ट्रांजिट कैंप में काउंटर पर ऑफलाइन पंजीकरण आज एक जून से शुरू हो गए हैं। हरिद्वार में चार धाम यात्रा के पंजीकरण केंद्र पर 12 बजे से पहले ही स्लॉट खत्म होते ही सुबह से खड़े यात्रियों ने जमकर हंगामा कर दिया। हंगामा इस कदर बढ़ गया कि यात्रियों को समझाने के लिए पुलिस को मौके पर आना पड़ा।

धामों में भीड़ बढ़ने से प्रशासन ने 13 मई को ट्रांजिट कैंप में ऑफलाइन पंजीकरण पर रोक लगा दी थी। इसके बाद 15-16 मई को पंजीकरण पर रोक जारी रही। बाद में यह तिथि 19 मई फिर 31 मई तक बढ़ा दी गई। इससे तीर्थयात्रियों को ऋषिकेश स्थित ट्रांजिट कैंप में पंजीकरण के लिए 12-12 दिन इंतजार करना पड़ा। कई तीर्थयात्री अपने घरों को लौट गए थे।

23 मई से प्रशासन ने अस्थायी पंजीकरण की व्यवस्था की है। अस्थायी पंजीकरण का कोटा 1,000 से कई बार में बढ़ाकर वर्तमान में 4,500 है। शुक्रवार को भी तीर्थयात्रियों से अस्थायी पंजीकरण के फॉर्म जमा करवाए गए। उधर, चार धाम यात्रा प्रशासन के ओएसडी नरेंद्र सिंह क्वीरियाल ने बताया, शनिवार से ट्रांजिट कैंप में चारधाम की यात्रा पर जाने वाले तीर्थयात्रियों का काउंटर पर ऑफलाइन पंजीकरण किया जाएगा।

प्रदेश सरकार ने चारधाम यात्रा के लिए ऋषिकेश और हरिद्वार में ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन खोल दिए हैं। शनिवार से एक दिन में 3000 श्रद्धालुओं के ऑफलाइन पंजीकरण होंगे। सरकार ने यह निर्णय गढ़वाल आयुक्त और आईजी गढ़वाल के स्थलीय निरीक्षण के बाद लिया है।
शुरुआत में ऋषिकेश में 1000 और हरिद्वार में 500 श्रद्धालुओं के ऑफलाइन पंजीकरण किए गए। लेकिन धामों पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने से सरकार को ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन पर रोक लगानी पड़ी। रोक की अवधि को 31 मई तक बढ़ाया गया। साथ ही गढ़वाल आयुक्त और आईजी गढ़वाल को निर्देश दिए गए कि वे वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करने के बाद बताएं कि ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन खोले जाएं या नहीं।

Kedarnath: केदारनाथ धाम में अब VVIP और बुजुर्ग कर सकेंगे SUV की सवारी, चिनूक हेलीकॉप्टर से पहुंचा वाहन।

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