Author: Manisha Rana

Uttarakhand Board: दो लाख से ज्यादा परीक्षार्थी होंगे परीक्षा में शामिल, नकल रोकने के लिए तीन स्तरों पर गठित होंगे सचल दल.

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प्रदेश में 21 फरवरी से शुरू हो रही उत्तराखंड बोर्ड की परीक्षा को नकल विहीन बनाने के लिए तीन स्तरों राज्य, मंडल और जिलास्तर पर सचल दल गठित होंगे। 1261 परीक्षा केंद्रों पर दो लाख से ज्यादा छात्र परीक्षा देंगे।

माध्यमिक शिक्षा निदेशक के मुताबिक उत्तराखंड बोर्ड की परीक्षा को लेकर विभाग की ओर से सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के संस्थागत एवं व्यक्तिगत आवेदन पत्रों को ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से प्राप्त कर लिया गया है।

उत्तर पुस्तिकाओं के संकलन के लिए 39 केंद्र बनाए गए हैं। जबकि मूल्यांकन के लिए 29 केंद्र बनाए गए हैं। इसमें 16 गढ़वाल और 13 कुमाऊं मंडल में हैं। हर मूल्यांकन केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था की जाएगी।

चंपावत जिले में सबसे कम 44 परीक्षा केंद्र-

उत्तराखंड बोर्ड परीक्षाओं के लिए 1261 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इसमें 50 एकल और 1211 मिश्रित केंद्र हैं। इन केंद्रों में 156 संवेदनशील और छह अति संवेदनशील हैं। जबकि 24 नए केंद्र हैं। इसमें टिहरी जिले में सबसे अधिक 136 और चंपावत जिले में सबसे कम 44 केंद्र बनाए गए हैं। उत्तराखंड बोर्ड की प्रयोगात्मक परीक्षाएं खत्म हो गई हैं। परीक्षाएं 16 जनवरी से शुरू होगा 15 फरवरी 2026 तक चली।

Uttarakhand Weather: कल से फिर बदलेगा मौसम, कई जिलों में बारिश-बर्फबारी के आसार.

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उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में मंगलवार से फिर मौसम बदलने के आसार हैं। मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार 17 फरवरी को उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिले में हल्की बारिश व बर्फबारी की संभावना है।

खासकर प्रदेश के 3000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो सकती है। इसके अलावा प्रदेश के अन्य हिस्सों में मौसम शुष्क रहेगा। मौसम का मिजाज 18 फरवरी को भी ऐसा ही रहेगा। इसके बाद 19 से 21 फरवरी तक प्रदेशभर में मौसम शुष्क रहेगा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पर्वतीय इलाकों में बदलने वाले मौसम का बहुत अधिक असर तापमान में देखने को नहीं मिलेगा।

उधर रविवार को मैदान से लेकर पहाड़ तक खिली चटक धूप ने गर्मी का अहसास कराया। आंकड़ों पर नजर डाले तो दिन में दून का अधिकतम तापमान सामान्य से चार डिग्री इजाफे के साथ 26.3 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। जबकि रात का न्यूनतम तापमान भी सामान्य से दो डिग्री बढ़ोतरी के साथ 11.2 डिग्री दर्ज किया गया। प्रदेश के अन्य इलाकों भी हाल कुछ ऐसा ही रहा।

उत्तराखंड में बदहाल कानून-व्यवस्था को लेकर कांग्रेस की विशाल रैली, एक साथ जुटे पार्टी के दिग्गज नेता.

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कांग्रेस की प्रस्तावित रैली में भारी संख्या में भीड़ उमड़ी। लोकभवन घेराव कूच से पहले प्रदेश प्रभारी शैलजा सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता एक साथ मंच पर दिखे। राज्यपाल आवास कूच के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा प्रचार प्रसार सामग्री लगाई गई थी, लेकिन आज सुबह इन्हें हटा दिया गया। कांग्रेस नेताओं ने इसकी निंदा करते हुए कहा कि सरकार आवाज दबाना चाहती है।

 

प्रदेश कांग्रेस कार्यकर्ता आज सोमवार को जन मुद्दों को लेकर लोकभवन का घेराव करने पहुंचे। प्रदर्शन में प्रदेशभर से पार्टी नेता व कार्यकर्ता शामिल हुए। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में कार्यकर्ता प्रदेश में महिला अपराध, बेरोजगारी, महंगाई, कानून व्यवस्था, भ्रष्टाचार, जंगली जानवरों के हमले, पलायन, आपदा प्रभावितों को राहत व मुआवजा, बदहाल स्वास्थ्य सेवाएं, किसानों को फसल का नुकसान होने पर मुआवजा न मिलने समेत अन्य मुद्दों पर लोकभवन का घेराव करने पहुंचे।

 

पार्टी के सभी नेता व कार्यकर्ता परेड ग्राउंड में एकत्रित हुए, जहां से लोकभवन घेराव के लिए कूच करने निकले। रैली में प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व सीएम हरीश रावत, कांग्रेस चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉ.हरक सिंह रावत, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा समेत पार्टी के सभी वरिष्ठ नेता व कार्यकर्ता भाजपा सरकार के खिलाफ हुंकार भरी।

 

 

कांग्रेस की प्रस्तावित रैली के चलते पुलिस ने रूट डायवर्जन प्लान लागू किया है। प्रदेश युवा कांग्रेस प्रभारी व राष्ट्रीय महासचिव सुरभि द्विवेदी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में अराजकता फैलाने व शांति भंग करने वालों के खिलाफ युवा कांग्रेस ढाल बनेगी। युवा कांग्रेस के मोहब्बत के सिपाही अराजक तत्वों से लोगों की सुरक्षा के लिए खड़े रहेंगे।

द्विवेदी ने कहा कि एक समय था जब देश दुनिया में देहरादून को सुरक्षित शहर के रूप में जाना जाता था लेकिन आज प्रदेश में अराजकता फैलाकर भय का माहौल बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बजरंग दल जैसे संगठन धर्म के नाम पर हिंसा फैलाने का प्रयास कर रहे हैं और उन्हें सरकार का संरक्षण मिल रहा है। उन्होंने कहा, बजरंग दल पंजीकृत संगठन नहीं है।

बजरंग बली के नाम पर गुंडागर्दी की जा रही है। उन्होंने सवाल किया कि बजरंग दल वास्तव में हिंदू रक्षक हैं, तो अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में न्याय के लिए आवाज क्यों नहीं उठाई?।

Uttarakhand: उत्तरायणी कौथिक महोत्सव में शामिल हुए CM धामी, कहा- उत्तराखण्ड की लोक संस्कृति के संरक्षण में जुटी है सरकार।

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उत्तरायणी कौथिक महोत्स में लोक कलाकार सम्मनित

देहरादून-  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी परेड ग्राउंड में सेवा संकल्प फाउंडेशन द्वारा आयोजित चार दिवसीय उत्तरायणी कौथिक महोत्सव के समापन कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित लोक कलाकारों, साहित्यकारों, कला प्रेमियों एवं बड़ी संख्या में मौजूद लोगों का स्वागत किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा संकल्प फाउंडेशन द्वारा आयोजित यह महोत्सव उत्तराखंड की समृद्ध लोक-सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत बनाए रखने का सराहनीय प्रयास है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से लोक संस्कृति को एक सूत्र में पिरोकर नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य हो रहा है।

महोत्सव के सफल आयोजन के लिए उन्होंने सेवा संकल्प फाउंडेशन, संस्थापक गीता धामी तथा आयोजन समिति को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन राज्य की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करते हैं तथा लोक कलाओं, पारंपरिक वेशभूषा, हस्तशिल्प और कारीगरी को समझने का अवसर देते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जागर, बेड़ा, मांगल, खुदेड़, छोपाटी जैसे लोकगीत और छोलिया, पांडव तथा झोड़ा-छपेली जैसे लोकनृत्य उत्तराखंड की सांस्कृतिक आत्मा हैं, जिनका संरक्षण सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने महोत्सव में लगे स्टॉलों के माध्यम से पारंपरिक हस्तशिल्प, जैविक उत्पादों और उत्तराखंडी व्यंजनों के प्रदर्शन की सराहना की।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘वोकल फॉर लोकल’, ‘मेक इन इंडिया’, ‘मेड इन इंडिया’ और ‘स्टार्टअप इंडिया’ जैसी योजनाओं के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कार्य हो रहा है। इसी क्रम में राज्य सरकार ने ‘एक जनपद, दो उत्पाद’ योजना और ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड के जरिए स्थानीय उत्पादों को पहचान दिलाई है।

इसके अलावा स्टेट मिलेट मिशन, फार्म मशीनरी बैंक, एप्पल मिशन, कीवी मिशन, नई पर्यटन नीति, फिल्म नीति, होम स्टे, वेड इन उत्तराखंड और सौर स्वरोजगार योजना से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पलायन निवारण आयोग की रिपोर्ट के अनुसार राज्य में रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत वृद्धि हुई है।

 

किसानों की आय बढ़ाने में उत्तराखंड देश में प्रथम स्थान पर रहा है और युवाओं को रोजगार देने में भी राज्य अग्रणी बना है। उन्होंने बताया कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में राज्य को ‘अचीवर्स’ तथा स्टार्टअप रैंकिंग में ‘लीडर्स’ श्रेणी प्राप्त हुई है।

नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य सूचकांक 2023-24 में भी उत्तराखंड ने देश में प्रथम स्थान हासिल किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन क्षेत्र में राज्य को बेस्ट वाइल्डलाइफ और बेस्ट एडवेंचर डेस्टिनेशन के राष्ट्रीय पुरस्कार मिले हैं।

 

राष्ट्रीय पर्यटन पुरस्कार 2024 में जाखोल, हर्षिल, गुंजी और सूपी गांवों को सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव घोषित किया गया है। वर्ल्ड रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म अवार्ड में भी राज्य को ‘वन टू वॉच’ सम्मान मिला है। मत्स्य विकास में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए वर्ष 2024 में राज्य को सर्वश्रेष्ठ राज्य का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला तथा अंतरराष्ट्रीय विमानन सम्मेलन में ‘बेस्ट स्टेट फॉर प्रोमोशन ऑफ एविएशन इकोसिस्टम’ सम्मान प्राप्त हुआ।

उन्होंने कहा कि सरकार लोक कलाकारों के संरक्षण के लिए लगातार कार्य कर रही है। कोरोना काल में लगभग 3200 कलाकारों को आर्थिक सहायता दी गई तथा 60 वर्ष से अधिक आयु के लोक कलाकारों को पेंशन दी जा रही है। गुरु-शिष्य परंपरा के तहत प्रशिक्षण कार्यशालाएं भी आयोजित की जा रही हैं।

 

उन्होंने कहा कि सरकार लोक साहित्य के प्रकाशन, आर्ट गैलरी स्थापना तथा स्थानीय भाषाओं और बोलियों के संरक्षण पर विशेष ध्यान दे रही है।
सेवा संकल्प फाउंडेशन की फाउंडर ट्रस्टी गीता धामी ने कहा कि चार दिवसीय महोत्सव के माध्यम से उत्तराखंड की लोक संस्कृति, पारंपरिक उत्पाद और जीवनशैली को एक मंच पर प्रस्तुत किया गया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन पूरे राज्य की सांस्कृतिक झलक प्रस्तुत करता है और युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का प्रयास है।

 

उन्होंने स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की अपील करते हुए कहा कि इससे राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और आत्मनिर्भर उत्तराखंड का लक्ष्य पूरा होगा।
कार्यक्रम में पूर्व राज्यपाल एवं पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड अध्यक्ष प्रसून जोशी, राज्यसभा सांसद कल्पना सैनी, विधायक खजान दास, दुर्गेश्वर लाल, अनिल नौटियाल, भोपाल राम टम्टा, सुरेश गढ़िया सहित अनेक जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग मौजूद रहे।

 

Uttarakhand: देहरादून में सड़कों की खुदाई पर डीएम का सख्त एक्शन, 7 एजेंसियों के परमिट हुए रद।

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Dehradun: विकास के नाम पर सड़कों को बेतरतीब ढंग से खोदने और साइट पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी किए जाने पर जिलाधिकारी सविन बंसल का सब्र जवाब दे दिया। जिलाधिकारी बंसल की बार बार की हिदायत को नजरअंदाज किए जाने के बाद प्रशासन ने रोड में लगीं सात एजेंसियों की अनुमति रद्द कर दी है। अब ये एजेंसी फिलहाल आगे सड़कों की खोदाई नहीं कर पाएंगी।

 

दैनिक जागरण ने रविवार के अंक पर सड़कों पर मनमर्जी की खोदाई और उससे नागरिकों को होने वाली परेशानी पर विस्तृत खबर प्रकाशित की थी। जिसमें बताया गया था कि निर्माण एजेंसियां सुधरने को तैयार नहीं हैं। जिलाधिकारी ने खबर का संज्ञान लेकर विभिन्न कार्यों के लिए अधिशासी अभियंता (उत्तर) जल संस्थान, अधीक्षण अभियंता पिटकुल, अधिशासी अभियंता पेयजल निगम (कौलागढ़ रोड), यूयूएसडीए, अधिशासी अभियंता ऊर्जा निगम (दक्षिण), अधिशासी अभियंता जल संस्थान (दक्षिण) और स्मार्ट सिटी को दी गई सभी अनुमति तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी गई।

 

जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि प्रशासन की क्यूआरटी ने समय समय पर निरीक्षण में पाया कि निर्माण स्थलों पर बैरिकेडिंग और अन्य सुरक्षा मानकों का घोर अभाव है। इसके लिए लापरवाह एजेंसियों के विरुद्ध एफआइआर और दंडात्मक कार्रवाई की गई। जब इसके बाद भी सुधार नजर नहीं आया तो रोड कटिंग की अनुमति निरस्त करने के अतिरिक्त कोई अन्य विकल्प नहीं था।

 

लोनिवि और राजमार्ग अधिकारी 10 दिन में सड़क करेंगे दुरुस्त-
रोड कटिंग की सभी अनुमति निरस्त किए जाने के साथ ही जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग, नगर निगम और सड़क निर्माण से जुड़ी अन्य एजेंसियों को निर्देश दिए कि वह 10 दिन के भीतर सड़कों को पूर्व की स्थिति में ले आएं। मरम्मत कार्य में किसी तरह की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

Uttarakhand Weather: आज बदलेगा मौसम, पहाड़ से मैदान तक खिली धूप; कोहरे के साथ बारिश-बर्फबारी के भी आसार।

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उत्तराखंड में पहाड़ से मैदान तक रविवार को माैसम साफ रहा और दिन में धूप खिली रही लेकिन मैदानी इलाकों में सोमवार को कोहरा छाने के साथ पर्वतीय इलाकों में बारिश-बर्फबारी की संभावना बनी हुई है। इसके चलते ठंड बढ़ सकती है।

मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जिले के कुछ हिस्सों में कोहरा छाने का यलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिले के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश के साथ बर्फबारी के आसार हैं। खासकर प्रदेश के 3000 मीटर से अधिक से ऊंचाई वाले हिस्सों में बर्फबारी की संभावना अधिक है। आने वाले दिनों की बात करें तो 11 फरवरी तक प्रदेश में मौसम का मिजाज कुछ ऐसा ही रहेगा।

12 फरवरी से मौसम शुष्क होगा और मैदानी हिस्सों में तेज धूप खिलने से गर्मी का अहसास होगा और तापमान में बढ़ोत्तरी होगी। रविवार को दून में चटख धूप खिलने से यहां का अधिकतम तापमान सामान्य से चार डिग्री इजाफे के साथ 25.4 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। रात का न्यूनतम तापमान भी सामान्य से एक डिग्री बढ़ाेतरी के साथ 9.2 डिग्री दर्ज किया गया। ऐसा ही हाल प्रदेश के सभी हिस्सों में रहा।

Uttarakhand: प्रदेश में प्री एसआईआर के तहत 1 से 15 फरवरी तक विशेष अभियान, दूसरे चरण में इन पर रहेगा फोकस.

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भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत उत्तराखंड में प्री एसआईआर गतिविधियों के अंतर्गत 1 से 15 फरवरी 2026 तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान बीएलओ आउटरीच अभियान के दूसरे चरण में युवा एवं महिला मतदाताओं की मैपिंग पर विशेष फोकस रहेगा।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम के निर्देशन में चल रहे अभियान के पहले चरण में प्रदेश के 75 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग पूरी की जा चुकी है। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि वर्तमान मतदाता सूची की 2003 की मतदाता सूची से मैपिंग की जा रही है।

उन्होंने मतदाताओं से बीएलओ को सहयोग देने की अपील की है। निर्वाचन विभाग ने मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों से शतप्रतिशत बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) नियुक्त करने का भी आग्रह किया है।

Kedarnath Dham: इस बार नई गाइडलाइन जारी, मंदिर परिसर में मोबाइल पर पूरी तरह प्रतिबंध, भारी जुर्माने की तैयारी.

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आगामी केदारनाथ यात्रा को लेकर प्रशासन इस बार नई गाइडलाइन लाने की कवायद में जुटा है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत केदारनाथ धाम के मंदिर परिसर में मोबाइल पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जा सकता है, वहीं नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भी भारी जुर्माना लगाए जाने की संभावना है।

जिला प्रशासन इस योजना को लागू करने के लिए बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर बातचीत कर रहा है। इसके साथ ही मंदिर क्षेत्र में मोबाइल जमा कराने जैसी व्यवस्था पर भी विचार किया जा रहा है, जिसकी जिम्मेदारी मंदिर समिति को सौंपी जा सकती है।

बता दें कि बीते कुछ वर्षों से केदारनाथ क्षेत्र में दर्शन के दौरान मोबाइल के अत्यधिक उपयोग से दर्शन भाव और श्रद्धा भाव में कमी आने को लेकर तीर्थ पुरोहितों, पंडा समाज और बीकेटीसी के बीच लगातार चर्चा होती रही है। पिछली यात्रा में भी मोबाइल फोन प्रतिबंध का मुद्दा उठा था। इसी को ध्यान में रखते हुए ऋषिकेश में हुई चारधाम से जुड़ी अहम बैठक में सभी धामों में मोबाइल बैन पर विचार किया गया।

 

इधर, मंदिर परिसर में मोबाइल बैन को लेकर जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने बताया कि केदारनाथ क्षेत्र में मोबाइल प्रतिबंध को लेकर बीकेटीसी से बातचीत चल रही है। मंदिर परिसर के आसपास चेतावनी बोर्ड लगाने और मोबाइल उपयोग पर जुर्माना लगाने समेत मोबाईल फोन जमा जैसे विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है। 

Uttarakhand: अंकिता भंडारी के माता-पिता से जल्द मुलाकात करेंगे सीएम धामी, जांच को लेकर करेंगे बात.

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सीएम पुष्कर सिंह धामी जल्द अंकिता के माता-पिता से मिलेंगे। सीएम उनसे बात कर जांच की दिशा किस तरह की रखी जाए और वह सरकार से क्या चाहते हैं, के बारे में उनके विचार जानेंगे। सूत्रों के मुताबिक यह मुलाकात दून में जल्द होगी। इसके लिए प्रशासनिक अधिकारी सक्रिय कर दिए गए हैं।

सीएम ने कहा कि इस संबंध में अंकिता के माता-पिता से मैं स्वयं बात करूंगा, वह न्याय के लिए जो चाहते हैं, सरकार उनकी भावनाओं के आधार पर आगामी निर्णय लेगी। उन्होंने कहा कि एक ऑडियो से प्रदेश में जिस तरह का माहौल बनाया जा रहा है, उससे सबसे ज्यादा अंकिता का परिवार प्रभावित हुआ है। सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो की सत्यता जानने के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। सबूत होने पर कोई भी दोषी कार्रवाई से बच नहीं पाएगा।

पूरी गंभीरता, संवेदनशीलता व पारदर्शिता के साथ कार्य किया: सीएम धामी

अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में पहली बार मुख्यमंत्री धामी ने प्रेसवार्ता में सरकार की मंशा को स्पष्ट किया। कहा कि उत्तराखंड की बेटी अंकिता को न्याय दिलाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। इस दिशा में सरकार ने पूरी गंभीरता, संवेदनशीलता व पारदर्शिता के साथ कार्य किया है। सरकार की सशक्त और प्रभावी पैरवी के कारण ही तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा, इस जघन्य अपराध की निष्पक्ष व गहन जांच के लिए महिला आईपीएस अधिकारी रेणुका देवी की अध्यक्षता में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया था, जिसने मामले के सभी पहलुओं की गहराई से जांच की। एसआईटी की ओर से जांच के दौरान लोगों से साक्ष्य मांगे गए थे। इसके बाद सरकार ने न्यायालय में भी मामले की सशक्त व प्रभावी पैरवी की। एसआईटी की जांच पर निचली अदालत व उच्च न्यायालय, सर्वोच्च न्यायालय ने भी संतोष व्यक्त किया है, जो जांच की निष्पक्षता और मजबूती को दर्शाता है।

अंकिता हत्याकांड की जरूरत पड़ी तो सीबीआई जांच कराई जाएगी : गणेश जोशी

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड की जरूरत पड़ी तो सीबीआई से जांच कराई जाएगी। मंत्री सुबोध उनियाल और सांसद नरेश बंसल ने भी यह बात कही है। उन्होंने कहा कि जब एसआईटी जांच हुई थी तो सभी आरोपियों को पकड़ा गया था, उनको सजा भी हुई। अब जब एसआईटी जांच में ऐसा कुछ नहीं मिला कि घटना में कोई और शामिल है तो माहौल को क्यों गर्म किया जा रहा है। यदि कोई सबूत प्रस्तुत करने की बात सामने आई हो तो जरूरत पड़ी तो सीबीआई जांच भी कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि घटना में कोई भी दोषी होगा तो उसको बख्शा नहीं जाएगा। प्रदेश में चल रहे आंदोलन पर कहा कि लोकतंत्र में बोलने की आजादी है। सरकार लगातार जनहित के कार्य कर रही है लेकिन विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है।

 

मुझे उम्मीद है जनभावना को ध्यान में रखकर सीबीआई जांच का फैसला लेंगे धामी : सौरभ बहुुगुणा 

पशुपालन मंत्री सौरभ बहुुगुणा ने कहा, भाजपा सरकार ने हमेशा जनभावना का सम्मान किया है। मुझे उम्मीद है अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में भी जनभावना को ध्यान में रखकर मुख्यमंत्री धामी सीबीआई जांच का फैसला लेंगे। विधानसभा स्थित सभागार में मीडिया से वार्ता में उन्होंने कहा, अंकिता हम सबकी बेटी और बहन थी, उसके साथ जो हुआ गलत हुआ। न्यायालय से दोषियों को आजीवन कारावास की सजा हो चुकी है। दोषियों को सजा दिलाने में सरकार ने भी मदद की। अब इस प्रकरण में नए तथ्य आए हैं, सरकार ने हमेशा जनभावना को ध्यान रखा। उम्मीद है कि सीएम धामी जो भी फैसला लेंगे, जनभावना का सम्मान करते हुए लेंगे। हाल ही में पेपर लीक मामले को देखें तो जनता का आंदोलन हुआ, सरकार से सीबीआई जांच की मांग की गई। युवाओं का दर्द व जनता की भावना थी प्रकरण की सीबीआई जांच हो। जिस पर सीएम धामी ने बड़ा दिल दिखाया और जनता की मांग को स्वीकार किया। विभागीय मंत्री ने कहा, भाजपा सरकार मातृशक्ति, युवाओं और बुजुर्गों के आशीर्वाद से बनी है। अगर उत्तराखंड की जनता की भावना है अंकिता प्रकरण की सीबीआई जांच हो तो मुझे लगता है सीएम धामी इसकी सीबीआई जांच कराएंगे।

Uttarakhand Cabinet: कैशलैस इलाज के लिए बढ़ेगा अशंदान, कैबिनेट में आए 11 प्रस्ताव, इन पर लगी मुहर.

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उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक आज संपन्न हुई। इस दौरान बैठक में 11 प्रस्ताव पर मुहर लगी। वहीं, उपनल कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन का मामला मंत्रिमंडल उपसमिति को सौंपा गया है।

ये फैसले हुए-

वित्त: नेचुरल गैस पर वैट की दर 20 से घटाकर 5% करने पर के प्रस्ताव पर मुहर।

कृषि:धराली व आसपास के आपदाग्रस्त क्षेत्र में रॉयल डिलिशियस सेब का 51रुपये, दूसरे रेड डेलिशियस सेब का 45 रुपये प्रति किलो मुल्य।

संस्कृति:  कलाकार व लेखकों को मासिक पेंशन 3000 से बढ़ाकर 6000 रुपये करने का निर्णय लिया गया।

आवास: इज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत केंद्र के निर्देश के तहत निम्न जोखिम वाले भवन या छोटे व्यावसायिक भवन को एम्पनल्ड आर्किटेक्ट द्वारा नक्शा पास करा सकते हैं। पहले ये विचलन से आया था, आज कैबिनेट ने मुहर लगाई है।

औद्योगिक विकास: ग्राउंड कवरेज एमएसएमई यूनिट और इंडस्ट्री यूनिट का बढ़ाया गया। बांस एवं रेशा विकास परिषद के ढांचे में परिवर्तन किया गया है। तकनीकी प्रकृति के स्टाफ को उपनल के बजाय आउटसोर्सिंग से रखने की व्यवस्था। 13 पदों को कॉन्ट्रैक्ट या आउटसोर्सिंग से होंगे।

  • आयुष्मान और अटल आयुष्मान 100% इन्श्योरेंस मोड में संचालित होगा। गोल्डन कार्ड हाइब्रिड मोङ में चलेगा। पांच लाख से कम के क्लेम इन्श्योरेंस से भुगतान होगा। पांच लाख से यूजर वाले क्लेम ट्रस्ट मोड से मिलेंगे। महंगाई दर के हिसाब से कर्मचारियों से लिये जाने वाला अंशदान करीब 250 रुपये से 450 रुपये तक बढ़ेगा।
  • सिंचाई व लोक निर्माण विभाग के वर्क चार्ज एम्प्लाइज को पेंशन मिलेगी।
  • उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा सेवा संशोधन नियमावली को मंजूरी। प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर की उम्र 50 से बढ़ाकर 62 वर्ष, सुपर स्पेशलिटी सर्विसेज के लिए भी विभाग बनाये गए हैं। स्वामी राम कैंसर इंस्टीट्यूट हल्द्वानी के लिए 4 पदों के सृजन को मंजूरी।
  • श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में समान कार्य, समान वेतन मामला…277 कर्मचारियों को मिलना है लाभ। कैबिनेट उपसमिति को भेजा गया।
  •  दुर्गम व अति दुर्गम इलाकों में काम करने वाले विशेषज्ञ डॉक्टरों को 50% अतिरिक्त भत्ता मिलेगा। करीब 300 डॉक्टरों को मिलेगा लाभ।