Category Archive : राष्ट्रीय खबर

धामी सरकार का भू कानून, अब ये हुए बदलाव !

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देहरादून: उत्तराखंड में सख्त भू कानून को मिली मंजूरी

उत्तराखंड सरकार ने राज्य में भूमि खरीद-बिक्री से संबंधित नियमों को और सख्त बना दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की कैबिनेट ने एक नए भू कानून को मंजूरी दी है, जो राज्य के संसाधनों की सुरक्षा और बाहरी व्यक्तियों द्वारा अनियंत्रित भूमि खरीद को रोकने के लिए बनाया गया है।

क्या हैं नए भू कानून के प्रमुख प्रावधान?

  1. त्रिवेंद्र सरकार के 2018 के सभी प्रावधान निरस्त
    • पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की सरकार द्वारा 2018 में लागू किए गए सभी प्रावधानों को नए कानून में समाप्त कर दिया गया है।
  2. बाहरी व्यक्तियों की भूमि खरीद पर प्रतिबंध
    • हरिद्वार और उधम सिंह नगर को छोड़कर, उत्तराखंड के 11 अन्य जिलों में राज्य के बाहर के व्यक्ति हॉर्टिकल्चर और एग्रीकल्चर की भूमि नहीं खरीद पाएंगे।
  3. पहाड़ों में चकबंदी और बंदोबस्ती
    • पहाड़ी इलाकों में भूमि का सही उपयोग सुनिश्चित करने और अतिक्रमण रोकने के लिए चकबंदी और बंदोबस्ती की जाएगी।
  4. जिलाधिकारियों के अधिकार सीमित
    • अब जिलाधिकारी व्यक्तिगत रूप से भूमि खरीद की अनुमति नहीं दे पाएंगे। सभी मामलों में सरकार द्वारा बनाए गए पोर्टल के माध्यम से प्रक्रिया होगी।
  5. ऑनलाइन पोर्टल से होगी भूमि खरीद की निगरानी
    • प्रदेश में जमीन खरीद के लिए एक पोर्टल बनाया जाएगा, जहां राज्य के बाहर के किसी भी व्यक्ति द्वारा की गई जमीन खरीद को दर्ज किया जाएगा।
  6. शपथ पत्र होगा अनिवार्य
    • राज्य के बाहर के लोगों को जमीन खरीदने के लिए शपथ पत्र देना अनिवार्य होगा, जिससे फर्जीवाड़ा और अनियमितताओं को रोका जा सके।
  7. नियमित रूप से भूमि खरीद की रिपोर्टिंग
    • सभी जिलाधिकारियों को राजस्व परिषद और शासन को नियमित रूप से भूमि खरीद से जुड़ी रिपोर्ट सौंपनी होगी।
  8. नगर निकाय सीमा के भीतर तय भू उपयोग
    • नगर निकाय सीमा के अंतर्गत आने वाली भूमि का उपयोग केवल निर्धारित भू उपयोग के अनुसार ही किया जा सकेगा।
    • यदि किसी व्यक्ति ने नियमों के खिलाफ जमीन का उपयोग किया, तो वह जमीन सरकार में निहित हो जाएगी।

क्या होगा नए कानून का प्रभाव?

  • इस कानून से उत्तराखंड में बाहरी लोगों द्वारा अंधाधुंध भूमि खरीद पर रोक लगेगी।
  • पहाड़ी क्षेत्रों में भूमि का बेहतर प्रबंधन होगा, जिससे राज्य के निवासियों को अधिक लाभ मिलेगा।
  • भूमि की कीमतों में अप्राकृतिक बढ़ोतरी पर नियंत्रण रहेगा और राज्य के मूल निवासियों को भूमि खरीदने में सहूलियत होगी।
  • सरकार को भूमि खरीद-बिक्री पर अधिक नियंत्रण प्राप्त होगा, जिससे अनियमितताओं पर रोक लगेगी।

निष्कर्ष

उत्तराखंड सरकार का यह नया भू कानून राज्य की भौगोलिक और सामाजिक संरचना को बनाए रखने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे राज्य के मूल निवासियों को प्राथमिकता मिलेगी और भूमि से जुड़े विवादों में भी कमी आएगी। हालांकि, इससे निवेश पर कुछ प्रभाव पड़ सकता है, लेकिन सरकार का मानना है कि यह राज्य की दीर्घकालिक सुरक्षा और विकास के लिए आवश्यक कदम है।

 

बजट सत्र के बीच हुई कैबिनेट बैठक, ऐतिहासिक कदम…सख्त भू-कानून पर लगी मुहर

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उत्तराखंड विधानसभा सत्र के दूसरे दिन आज भू-कानून संशोधन संबंधी विधेयक आ सकता है। कुछ अन्य रिपोर्ट भी सदन पटल पर रखने के प्रस्ताव आने की संभावना है।

 

कैबिनेट में भू कानून पर मुहर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश की जनता की लंबे समय से उठ रही मांग और उनकी भावनाओं का पूरी तरह सम्मान करते हुए आज कैबिनेट ने सख्त भू-कानून को मंजूरी दे दी है। यह ऐतिहासिक कदम राज्य के संसाधनों, सांस्कृतिक धरोहर और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करेगा, साथ ही प्रदेश की मूल पहचान को बनाए रखने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

हमारी सरकार जनता के हितों के प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और हम कभी भी उनके विश्वास को टूटने नहीं देंगे। इस निर्णय से यह स्पष्ट हो जाता है कि हम अपने राज्य और संस्कृति की रक्षा के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे। निश्चित तौर पर यह कानून प्रदेश के मूल स्वरूप को बनाए रखने में भी सहायक सिद्ध होगा।

जनभावना के अनुरूप हर संकल्प पूरा करेंगे

विधानसभा सत्र के दौरान भू-कानून लाए जाने को लेकर बने संशय से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि भाजपा की सरकार वे सभी कार्य करेगी, जो जनभावना के अनुरूप होंगे। चाहे वह भू-कानून हो या कोई अन्य कानून या संकल्प।

सीएम धामी का विपक्ष पर तंज

सीएम धामी ने विपक्ष पर तंज कर कहा कि एक तरफ आप कहते हैं कि सदन की अवधि बढ़ाई जानी चाहिए। वहीं, सदन की जो अवधि रखी गई उसमें भी आप चर्चा नहीं करते हैं। जो समय राज्य के विकास के लिए चर्चा में लगाया जाना चाहिए, उसे हो-हल्ला करके नष्ट करते हैं। राज्य के संसाधन खराब करते हैं।

राज्य सरकार लगातार भू-कानून को और सख्त बनाने पर जोर दे रही है। इसके लिए इसी विधानसभा सत्र में भू-कानून संशोधन संबंधी विधेयक आ सकता है। कैबिनेट की बैठक में इसका प्रस्ताव आ सकता है। इसके अलावा अन्य रिपोर्ट भी सदन पटल पर रखने के प्रस्ताव आने की संभावना है।

Uttarakhand: UCC में लिव-इन संबंधों के पंजीकरण पर HC ने कहा- बिना शादी निर्लज्जता से रह रहे, निजता का हनन कैसे

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नैनीताल हाईकोर्ट ने उत्तराखंड के यूसीसी में लिव-इन संबंधों के अनिवार्य पंजीकरण को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई की। सुनवाई के दौरान टिप्पणी करते हुए कहा कि बिना शादी किए निर्लज्जता के साथ रह रहे हैं तो फिर निजता का हनन कैसे। कहा कि राज्य सरकार ने भी यह नहीं कहा है कि आप साथ नहीं रहते हैं।

याचिका दायर करने वाले देहरादून के जय त्रिपाठी के अधिवक्ता ने तर्क दिया था कि ऐसे संबंधों के पंजीकरण के लिए अनिवार्य प्रावधान कर राज्य सरकार गपशप को संस्थागत रूप दे रही है। याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट के वर्ष 2017 के फैसले का हवाला दे तर्क दिया कि लिव इन अनिवार्य पंजीकरण से निजता का हनन हो रहा है।

मुख्य न्यायाधीश जी नरेंदर व न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की खंडपीठ ने सोमवार को सुनवाई के दौरान कहा कि यूसीसी ऐसे रिश्ते के लिए पंजीकरण करने के लिए कह रही है। ‘क्या रहस्य है? आप दोनों एक साथ रह रहे हैं, आपका पड़ोसी जानता है, समाज जानता है और दुनिया जानती है। फिर आप जिस गोपनीयता की बात कर रहे हैं, वह कहां है? बिना शादी के दो लोग निर्लज्जता के साथ रह रहे हैं तो फिर निजता का हनन कैसे, कहां हुआ।

याचिकाकर्ता ने कहा कि अल्मोड़ा के एक युवक की हत्या अंतर-धार्मिक लिव-इन रिलेशनशिप की वजह से कर दी गई। खंडपीठ ने इस याचिका को अन्य याचिकाओं के साथ संबद्ध करते हुए अगली सुनवाई के लिए पहली अप्रैल की तिथि नियत कर दी है।

प्रधानमंत्री करेंगे विश्व के दूसरे सबसे ऊंचे ट्रेक जनकताल का शिलान्यास

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुखबा और हर्षिल दौरे के दौरान जादूंग घाटी में विश्व के दूसरे ऊंचे ट्रेक जनकताल और नीलापानी घाटी में मुलिंगना पास का शिलान्यास करेंगे। इन दोनों ट्रेक के शुरू होने से 1962 में भारत-चीन युद्ध के बाद बंद इस घाटी में पर्यटन के नए आयाम खुलेंगे।वहीं इसे लद्दाख की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुखबा, हर्षिल घाटी में प्रस्तावित दौरे में जिले के पर्यटन को एक नया आयाम मिलने की उम्मीद जग गई है। 1962 के युद्ध के बाद नेलांग और जादूंग सहित सोनम घाटी छावनी में तब्दील हो गई थी। वहां पर स्थानीय लोगों और पर्यटकों की आवाजाही बंद कर दी गई थी। लेकिन अब भौगोलिक परिस्थिति के आधार पर लद्दाख की तर्ज पर विकसित करने की योजना शुरू कर दी गई हैं।

जिला प्रशासन जादूंग-जनकताल और नीलापानी-मुलिंगना पास पर ट्रेक शुरू करने की तैयारी कर रहा है। डीएम डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट ने बताया कि हमारा प्रयास है कि पीएम नरेंद्र मोदी अपने दौरे में इन दो ट्रेक का शुभारंभ कर नेलांग-जादूंग घाटी में साहसिक पर्यटन को नया आयाम दें। वहीं नेलांग और जादूंग गांव को बसाने के लिए वाइब्रेंट योजना के तहत होम स्टे निर्माण भी शुरू हो गया है।

National Games 2025: राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड का एतिहासिक प्रदर्शन, लगाया पदकों का शतक.

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राष्ट्रीय खेलों में मेजबान उत्तराखंड ने शानदार प्रदर्शन कर नया कीर्तिमान बनाया है। अंतिम दिन एक स्वर्ण और दो रजत पदक मिलने से राज्य ने पदकों का शतक लगाया। इसमें 24 स्वर्ण, 35 रजत और 42 कांस्य पदक शामिल है।

राष्ट्रीय खेलों में कयाकिंग और कैनोइंग के मुकाबलों में उत्तराखंड की सोनिया देवी ने महिला K-1 500 मीटर स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने 02:06.935 सेकंड में रेस पूरी कर दर्शकों को रोमांचित कर दिया। सर्विसेज की जी. पार्वती ने 02:07.800 के साथ रजत पदक हासिल किया, जबकि ओडिशा की ख्वैराकपम धनामंजुरी देवी ने 02:08.466 के समय के साथ कांस्य पदक पर कब्जा जमाया। वहीं, पुरुषों की K-4 500 मीटर स्पर्धा में उत्तराखंड ने रजत पदक जीता।

टीम में आदित्य सैनी, विशाल डांगी, हर्षवर्धन सिंह शेखावत और प्रभात कुमार शामिल रहे। टीम ने 1:28.609 सेकंड का समय निकालते हुए पदक जीता। इससे राष्ट्रीय खेलों की पदक तालिका में पदकों की संख्या 99 हो गई थी। नेटबाल मिक्स टीम में मेजबान राज्य को एक और रजत मिलने से पदकों का शतक बनाकर उत्तराखंड ने नया रिकार्ड बना दिया। नेटबाल टीम में ममता, अंशुल, पुष्पेश, गौरव रावत, मनीष शर्मा, जीतेंद्र कुमार, ललित बिष्ट, अवंतिका कैंतुरा, संतोष, दीक्षा व्यास और चित्रा शामिल रही।

 

राष्ट्रीय खेलों में सर्विसेज रहा शीर्ष पर-

उत्तराखंड में हुए 38वें राष्ट्रीय खेलों में सर्विसेज 66 स्वर्ण सहित 117 पदकों के साथ शीर्ष पर रहा। वहीं, दूसरे नंबर पर रहे महाराष्ट्र ने कुल 188 पदक जीते। इसमें 52 स्वर्ण, 68 रजत और 68 कांस्य पदक शामिल हैं। जबकि हरियाणा पदक तालिका में 44 स्वर्ण सहित 145 पदकों के साथ तीसरे नंबर पर रहा।

National Games: गृहमंत्री के आने से पहले सीएम धामी ने किया निरीक्षण, तैयारियों का लिया जायजा; समापन समारोह कल.

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38वें राष्ट्रीय खेल कराने की उपलब्धि और अब 14 फरवरी को समापन समारोह में गृहमंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि। इसी कारण सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम गौलापार का निरीक्षण करने पहुंचे। निरीक्षण के दौरान सीएम धामी ने फेंसिंग के विजेता खिलाड़ियों को मेडल प्रदान किए। इस दौरान खेल मंत्री रेखा आर्या भी मौजूद रही। शुक्रवार को होने वाले समापन समारोह की तैयारी के चलते कलाकार श्वेता माहरा ने भी साथियों के साथ रिहर्सल किया।

1980 कार, 995 बसों और 50 बाइक के लिए बनाए पार्किंग स्थल-

परिवहन विभाग ने नेशनल गेम्स के समापन समारोह में आने वाले लोगों के वाहनों की पार्किंग की पूरी व्यवस्था कर ली गई है। शहर के अंदर 16 पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। इन पर 1980 कारें, 995 बसें और 50 बाइक खड़ी की जा सकेंगी।

परिवहन विभाग ने वीवीआईपी के लिए स्टेडियम के 1.3 किलोमीटर के दायरे में छह पार्किंग स्थल बनाए हैं। इनमें से पहली पार्किंग नंबर एक नवाबखेड़ा में है, जो कार्यक्रम स्थल से 1.30 किलोमीटर दूर है। वहां 250 कार खड़ी होंगी। पार्किंग नंबर दो 850 मीटर दूर देवी मंदिर है, जहां 120 कारें खड़ी होंगी। इसी प्रकार 700 मीटर दूर पार्किंग नंबर तीन (पेट्रोल पंप परिसर) में 350 कारें, 350 मीटर दूर 50-50 मार्ट में 100 कारें, पार्किंग-पांच (जू डायरेक्टर आफिस), जो 70 मीटर दूर है, यहां 80 कारें खड़ी होंगी। पार्किंग नंबर छह 350 मीटर दूर आईएसबीटी पर रहेगी, वहां 250 कारों की क्षमता है।

 

पूर्व सीएम की बेटी से फिल्म में निवेश और रोल दिलाने के नाम पर बड़ी ठगी, मुकदमा दर्ज

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उत्तराखंड के पूर्व सीएम व पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक की बेटी अभिनेत्री और निर्माता अरुषि निशंक से चार करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। ठगी के आरोप में मुंबई के दो फिल्म प्रोड्यूसर, मानसी वरुण बागला और वरुण प्रमोद कुमार बागला के खिलाफ देहरादून के कोतवाली शहर में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों ने अरुषि को फिल्म में मुख्य भूमिका देने और बड़े मुनाफे का लालच देकर करोड़ों रुपये हड़प लिए।

अभिनेत्री अपनी प्रोडक्शन फर्म हिमश्री फिल्म्स के तहत फिल्म निर्माण और एक्टिंग से जुड़ी है। उन्होंने शिकायत में बताया कि मुंबई के प्रोड्यूसर मानसी और वरुण बागला ने उनसे संपर्क किया। उन्होंने खुद को मिनी फिल्म्स प्रा. लि. के डायरेक्टर बताते हुए कहा कि वे आंखों की गुस्ताखियां  फिल्म का निर्माण कर रहे हैं, जिसमें शनाया कपूर और विक्रांत मैसी मुख्य भूमिका में हैं।

 

सीएम धामी ने लिया था फिल्म के सेट पर उद्घाटन समारोह में भाग
इन प्रोड्यूसर्स ने कहा कि इस फिल्म में एक और मुख्य भूमिका है, जिसे अरुषि को निभाने के लिए ऑफर किया गया। लेकिन इसके लिए शर्त रखी गई कि उन्हें पांच करोड़ रुपये का इन्वेस्टमेंट करना होगा, जिससे उन्हें फिल्म की कमाई में 20% का हिस्सा मिलेगा। उन्होंने वादा किया कि अगर अरुषि को स्क्रिप्ट पसंद नहीं आई या वे संतुष्ट नहीं हुईं तो उनकी रकम 15% ब्याज के साथ लौटा दी जाएगी।

अरुषि ने इन बातों पर भरोसा कर लिया और 9 अक्तूबर 2024 को हिमश्री फिल्म्स और मिनी फिल्म्स के बीच एमओयू साइन हुआ। इसके बाद 10 अक्तूबर 2024 को उन्होंने पहली किश्त के रूप में 2 करोड़ रुपये दिए। लेकिन बाद में अलग-अलग दबाव और बहानों से उनसे 19 नवंबर 2024 को 1 करोड़, 27 अक्तूबर 2024 को 25 लाख, और 30 अक्तूबर 2024 को 75 लाख रुपये और ले लिए गए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने फिल्म के सेट पर उद्घाटन समारोह में भाग लिया था।

महाकुंभ की तरह सबके लिए समान भाव रखता है यूसीसी’

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देश में सबसे पहले उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू करने के बाद महाकुंभ पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यूसीसी भी महाकुंभ की तरह ही लोगों में समान भाव रखता है। कोई भेदभाव नहीं है। अब जहां लोगों को शादी का रजिस्ट्रेशन कराना होगा, वहीं तलाक भी कोर्ट के आदेश पर ही हो सकेगा। महिलाओं को भी समान अधिकार दिए गए हैं,उत्तराखंड देवभूमि है। यहां हर साल करोड़ों श्रद्धालु चारधाम, हरिद्वार, नीम करौली समेत विभिन्न जगहों पर धार्मिक आयोजनों में हिस्सा लेने आते हैं। ऐसे में यह आवश्यक हो जाता है कि यहां की सामाजिक संरचना में कोई भेदभाव या असमानता न हो। यूसीसी लागू करने का कदम समाज में समान अधिकार और कर्तव्यों की भावना को सुदृढ़ करेगा।

 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि महाकुंभ केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है। यह भारतीय संस्कृति, एकता और समरसता का प्रतीक है। करोड़ों लोगों के इस आयोजन में भाग लेने से यह स्पष्ट होता है कि हमारी संस्कृति विविधता में एकता को मान्यता देती है। यूसीसी इस भावना को और मजबूत करेगा। जब एक समान कानून होगा, तो हर व्यक्ति यह महसूस करेगा कि वह इस देश का अभिन्न हिस्सा है और यही भावना महाकुंभ की आत्मा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यूसीसी का उद्देश्य किसी समुदाय की परंपराओं या धर्म में हस्तक्षेप करना नहीं है। बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि सभी नागरिक समान अधिकारों और कर्तव्यों के साथ एक समाज में रहें। महाकुंभ जैसे आयोजन में सभी लोग बिना भेदभाव के एकत्रित हो सकते हैं, तो समाज में भी यह भावना यूसीसी के माध्यम से स्थापित हो सकती है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यूसीसी का उद्देश्य धार्मिक स्वतंत्रता को सीमित करना नहीं, इसे और सुदृढ़ करना है। यह सुनिश्चित करेगा कि हर व्यक्ति को बिना भेदभाव के अधिकार मिले। महाकुंभ की तरह, जहां लोग अपने तरीके से पूजा-अर्चना करता है, यूसीसी भी व्यक्तिगत स्वतंत्रता को बनाए रखते हुए समानता की भावना को बढ़ावा देगा।उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू (यूसीसी) करने पर सीएम पुष्कर सिंह धामी को प्रयागराज के संत समागम में सम्मानित किया गया। धामी ने कहा, संतों की ओर से मेरा सम्मान उत्तराखंड के हर नागरिक का सम्मान है। देवभूमि में किसी भी धर्म या जाति के लिए अब समान कानून हैं। समागम में आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज, स्वामी चिदानंद मुनि महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी बालकानंद गिरी समेत कई संत मौजूद रहे।

त्रिवेणी संगम पर सीएम धामी ने मां को लगवाई डुबकी, इच्छा पूरी कर हुए भावुक

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने त्रिवेणी संगम में मां को स्नान कराकर उनकी इच्छा पूरी की। सीएम धामी और उनकी पत्नी गीता धामी दोनों ने मिलकर मां को स्नान कराया। गंगा में डुबकी लगाने के बाद उन्होंने कहा कि यह मेरे जीवन के उन अमूल्य और भावुक क्षणों में से एक है, जिन्हें शब्दों में पिरोना संभव नहीं।

सोमवार को सीएम धामी परिवार के साथ प्रयागराज महाकुंभ पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि त्रिवेणी संगम के पुण्य सलिल में मां को स्नान कराने का सौभाग्य मिला। वेदों, शास्त्रों और पुराणों में उल्लेखित है कि कोई भी जीव माता के ऋण से कभी उऋण नहीं हो सकता क्योंकि माता ही वह प्रथम स्रोत हैं, जिनसे हमारा अस्तित्व जुड़ा हुआ है।

CM Dhami took a dip at Triveni Sangam in Prayagraj Maha Kumbh made his mother take a bath Watch Photos

माता का स्नेह अनंत, उनकी ममता अपरिमेय और उनका आशीर्वाद अक्षुण्ण होता है। इस दिव्य क्षण में अनुभव हुआ कि माँ केवल जन्मदात्री ही नहीं बल्कि सजीव तीर्थ हैं, जिनकी सेवा और सम्मान से जीवन के समस्त पुण्य फलीभूत होते हैं। यह भावपूर्ण क्षण मेरे लिए सनातन संस्कृति, परंपरा और मातृभक्ति का सजीव स्वरूप बनकर हृदयपटल पर सदैव अंकित रहेगा।इससे पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रयागराज में रविवार को आचार्य शिविर में आयोजित समानता के साथ समरसता कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

CM Dhami took a dip at Triveni Sangam in Prayagraj Maha Kumbh made his mother take a bath Watch Photos

 

इस अवसर पर सभी संतों ने उत्तराखंड राज्य में सर्वप्रथम समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने पर मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया। संतो द्वारा पुष्पमाला के साथ मुख्यमंत्री को सम्मानित किया गया।इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी संतों को धन्यवाद अर्पित करते हुए कहा कि त्रिवेणी की पवित्र भूमि और महाकुंभ के शुभ अवसर पर पूज्य संतों का आशीर्वाद मिलना सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विकसित भारत की कल्पना में पूज्य संतों का आशीर्वाद सबसे जरूरी है।न्होंने कहा समान नागरिक संहिता लागू करना, विकसित भारत की ओर कदम बढ़ाना है। मेरा जो सम्मान संतों ने किया है, वो उत्तराखंड के प्रत्येक नागरिक का सम्मान है।

Uttarakhand News: चारधाम के प्रवेश द्वार में श्रद्धालुओं को मिलेगी अब सभी सुविधाएं, जानिए क्या है खास तैयारी.

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चारधाम यात्रा का प्रवेश द्वार कहे जाने वाले हरिद्वार में ही यात्रियों की सुविधाओं के लिए वृहद प्लान तैयार किया जा रहा है। इसके लिए ऋषिकेश ट्रांजिट कैंप की तर्ज पर एक ही परिसर में तीर्थ यात्रियों को सारी सुविधाएं मिल सकेंगी। वहीं, उनके ठहरने और यात्रा पड़ाव के तौर पर अन्य सुविधाओं को विकसित करने की योजना भी बन रही है। फिलहाल अभी शासन ने नगर निगम प्रशासन को स्थल चिह्नित करने के निर्देश दिए हैं।

 

शासन की मंशा के अनुरूप पर्यटन विभाग नगर निगम से जमीन लेगा। वहीं, प्रवर्तन और पुलिस विभाग इस प्रस्ताव की रूपरेखा में अहम कड़ी के रूप में कार्य करेंगे। यह उसी तरह से व्यवस्था देने के लिए बनाया जाएगा जैसे ऋषिकेश स्थित पंजीकरण कार्यालय एवं ट्रांज़िट कैंप में तीर्थयात्रियों के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। एक ही छत के नीचे सभी सुविधाएं देने का प्रयास किया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि यात्रा सुविधाओं के क्रम में एक ही स्थान पर यात्री को अलग-अलग काउंटर पर पूरी जानकारी दी जा सके इसकी भी व्यवस्था की जानी है। एक विशाल क्षेत्र को चिन्हित करने के निर्देश भी शासन स्तर से मिले हैं। इसके क्रम में नगर निगम प्रशासन के साथ अन्य सहयोगी विभागों ने स्थल चिन्हित करने का कार्य शुरू भी कर दिया है।

हरिद्वार स्नान के बाद चारधाम यात्रा शुरू करने की है परंपरा-

 

यात्रा सीजन में श्रद्धालु मान्यता के अनुसार पहले हरिद्वार में हरकी पैड़ी पर स्नान के बाद यात्रा की शुरुआत करते हैं। इस दृष्टिकोण से हरिद्वार को ही मुख्यत: चारधाम यात्रा का प्रवेश द्वार माना जाता है। ऐसेे मेंं यात्रियों को पंजीकरण कराने की अनिवार्यता से परेशानी होती ही है। आगे की यात्रा के लिए ऋषिकेश जाना पड़ता है। यहां से बस या अन्य संसाधन की सुविधा मिलती है। इस समस्या के निस्तारण के लिए ही हरिद्वार में यात्री सुविधाओं को विकसित करने की योजना बनी है। एक ही परिसर में पंजीकरण और वहीं से यात्रा की शुरुआत हो सकेगी। यात्रियों को निर्धारित शुल्क पर ही यात्रा की सुविधा मिलेगी। कई बार यात्रा सीजन में प्राइवेट टैक्सी चालक ऋषिकेश तक पहुंचाने में यात्रियों से मनचाहा रुपया वसूल करते हैं। इन समस्याओं से भी उन्हें राहत मिल सकेगी। यात्रा की संपूर्ण गतिविधियों पर आरटीओ प्रशासन और पर्यटन विभाग भी निगरानी कर सकेगा।

कुछ इस तरह से मिलेंगी सुविधाएं-

 

– ऑफलाइन पंजीकरण व टोकन सुविधा होगी।

– स्वास्थ्य जांच व अस्पताल, निशुल्क दवाएं मिल सकेंगी।

– बैठने के लिए वातानुकूलित हॉल, कूलर पंखों की सुविधा मिलेगी।

– मनोरंजन के लिए टीवी की सुविधा और समाचार पत्र पत्रिकाओं का स्टॉल होगा।

– यात्रियों के आराम करने के लिए डोरमेट्री की सुविधा होगी।

– स्नानघर व शौचालयों की सुविधा मिलेगी।

– कैंटीन की सुविधा होगी जिसमें शुद्ध सात्विक भोजन मिलेगा।

 

स्थल चिह्नित करने के निर्देश मिले हैं। विभिन्न विभागों के सहयोेग से शहर के राष्ट्रीय राजमार्ग के आसपास उपलब्ध भूमि का चयन किया जा रहा है। इसकी पूरी रिपोर्ट शासन को प्रेषित की जाएगी। अग्रिम कार्रवाई शासन से मिले निर्देश के आधार पर किया जाएगा। फिलहाल भूपतवाला में एक पार्किंग और उसी से जुड़े खसरा नंबर को अभी देखा गया है। जैसे ही इसकी अगली प्रक्रिया को लेकर निर्देश मिलता है तो गति दी जाएगी। -वरुण चौधरी, मुख्य नगर आयुक्त, नगर निगम हरिद्वार